Tuesday, January 23, 2018 - 3:28 AM

स्तम्भ

अद्धयात्म दस्तक-विशेष स्तम्भ

आज ‘धन’ आया था मेरे पास। मैं उसको देखकर प्रसन्न हो गया, दुआ, सलाम के बाद मैंने उससे पूछा कि – कहाँ गायब हो गए थे भई? बहुत ...
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दस्तक-विशेष स्तम्भ

“दरवाजा बंद करो भई, दरवाजा बंद. दरवाजा बंद करो, बीमारी बंद…” अमिताभ बच्चन अपने निराले अंदाज़ में गाते हैं। गाते क्या हैं, देशवासियों को ललकारते हैं कि खुले ...
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दस्तक-विशेष राष्ट्रीय स्तम्भ

मन की सफाई जरूरी, वहां  फैला हुअा है गंदगी का साम्राज्य सफाई की बात इन दिनों इतनी जोर-जोर से देश में चल रही है कि साफ-साफ शक हो ...
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दस्तक-विशेष स्तम्भ

आशुतोष राणा की कलम से… भाईसाहब क़स्बे के सबसे विशाल छायादार दरख़्त को जड़ से उखाड़ फेंकने के भीम कार्य को सम्पन्न करने में व्यस्त थे। वे चिढ़े ...
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सन 2019 के चुनाव तक भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता के प्रयासों को लगातार झटके लग रहे हैं। उधर, नरेंद्र मोदी के नेतृत्त्व में राजग खेमा लगातार मजबूत ...
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दस्तक-विशेष स्तम्भ

सजग होकर ही उड़ना हमेशा होता है आनंददायी  मनुष्य स्वेच्छा से जन्म नहीं लेता। मनुष्य का जन्म तमाम ज्ञात और अज्ञात परिस्थितियों का परिणाम होता है। भारतीय चिंतन ...
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दस्तक-विशेष स्तम्भ

आपातकाल। स्वातंत्र्योत्तर भारतीय इतिहास का संक्रमण काल। एक निरंकुश सत्तालोलुप शासक द्वारा लोकतंत्र पर कुठाराघात और अधिनायकवादी व्यवस्था थोपने का काल। लाखों निरपराध नागरिकों के बिना किसी न्यायिक ...
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दस्तक-विशेष स्तम्भ

आशुतोष राणा की कलम से… उन्होंने अपने खेत पर अंगद का मंदिर बनाया हुआ था। ये पूरे संसार में एक मात्र मंदिर था जिसमें अंगद की पूजा होती ...
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क्रिकेट दस्तक-विशेष राष्ट्रीय स्तम्भ

वैसे तो खेल अौर राजनीति में कोई सीधा रिश्ता होता नहीं है या कहूं कि होना नहीं चाहिए लेकिन हुअा ऐसा कि जिस दिन सरकार ने राष्ट्रपति-पद का ...
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दस्तक-विशेष स्तम्भ

-डॉ़ रहीस सिंह आजकल तीन तलाक (ट्रिपल तलाक) के जरिए समान नागरिक संहिता पर पहुंचने सम्बंधी एक भिन्न माहौल बनता दिख रहा है। इस माहौल के मुख्य रूप ...
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