Thursday, May 24, 2018 - 4:29 PM
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स्तम्भ

फीचर्ड राजनीति स्तम्भ

कर्नाटक से निकला संदेश पूरी राजनीति को बदबूदार बना दिया है। राज्यपाल के विवेक का विवेक के विशेषाधिकार भी मजाक बन गया। सियासत और सत्ता के इस जय ...
Comments Off on साम, दाम और दंड में फंसा लोकतंत्र
अद्धयात्म फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

  प्रत्येक धर्म विश्वास पर बल देता है। धर्म पर ऑख बंद कर विश्वास करने की परंपरा हमने विरासत मे पाई हैं।इस कारण हमारे धार्मिक तर्क प्राय: अधूरे ...
Comments Off on धर्म बातो का विषय नही है- वह तो प्रत्यक्ष अनुभूति का विषय हैं
अद्धयात्म स्तम्भ

धर्म सांसारिक आचार संहिता है। देशकाल के अनुसार परिवर्तनीय है। भूत, भविष्य मनुष्य मन के गढ़े विचार हैं। गतिशील संसार दिक्काल के अधीन है। यहां दिक् और काल ...
Comments Off on ‘आत्मा’ : भारतीय चिंतन का निराला तत्व
दस्तक-विशेष फीचर्ड राष्ट्रीय स्तम्भ

भाईसाहब में ग़ज़ब की मोहिनी थी। आप उनकी पीठ के पीछे भले ही कितना कुछ कहते रहें लेकिन उनके सामने पड़ते ही आपको वही सब कहना पड़ता था ...
Comments Off on आशुतोष राणा की कलम से…मौन मुस्कान की मार
साहित्य स्तम्भ

कर्म इच्छा प्रेरित होते हैं। हम सब के भीतर अनेक अभिलाषाएं हैं। वे कर्म के लिए प्रेरित करती हैं। हम बिना कर्म किए रह नहीं सकते। महाआलसी भी ...
Comments Off on बड़ा प्रश्न, आखिर आत्मज्ञान था क्या?
अजब-गजब साहित्य स्तम्भ

हिन्दी विरोध वस्तुत: भाषा और साहित्य के कारण से नहीं, परन्तु आर्थिक-सामाजिक-राजनैतिक कारणों से होता है। पूर्वांचल में, असम में और बंगाल मारवाड़ी व्यापारियों का विरोध हिन्दी-विरोध का ...
Comments Off on हिन्दी के शत्रु : सत्ता, सम्पत्ति एवं सँस्थाएं : प्रभाकर माचवे
अजब-गजब अन्तर्राष्ट्रीय फीचर्ड स्तम्भ

नई दिल्ली : भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चीन यात्रा इस ओर इशारा कर रही है कि फिर से दो पड़ोसी एक अच्छे दोस्त बनने जा रहे हैं। ...
Comments Off on भारत, चीन की दोस्ती का नया चेहरा
अजब-गजब अद्धयात्म फीचर्ड स्तम्भ

ज्ञान अतृप्ति का अपना आनंद है। उपनिषद् साहित्य में इसीलिए प्रश्न और प्रतिप्रश्न हैं। प्रश्नों की इसी परंपरा के कारण भारत में सृष्टि रहस्यों के प्रति गहन जिज्ञासा ...
Comments Off on ‘प्रारम्भ से ही वैज्ञानिक दृष्टिकोण से युक्त था भारत का समाज’
स्तम्भ

इतिहास प्रायः अपनी राह चलता है लेकिन विचार और संकल्प से समृद्ध महानुभाव इतिहास की गति में हस्तक्षेप भी करते हैं। वे इतिहास की धारा को बदलते हैं। ...
Comments Off on संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा महिमा का संरक्षण संवर्द्धन ही डॉ. आम्बेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि : हृदयनारायण दीक्षित
अजब-गजब फीचर्ड स्तम्भ

चंडीगढ़ से जग मोहन ठाकन चंडीगढ़ : क्या राजनैतिक उद्देश्यों के लिए यानि सत्ता प्राप्ति के लिए एक राजनैतिक पार्टी के कार्यकर्ताओं व नेताओं द्वारा किसी दूसरी विरोधी ...
Comments Off on कितना उचित है मीसा बंदी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को पेंशन देना ?