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स्तम्भ

अन्तर्राष्ट्रीय दस्तक-विशेष रहीस सिंह

नरेन्द्र मोदी के शपथ ग्रहण के साथ ही ‘नेबर्स फस्र्ट’ की नीति की शुरुआत हुयी और इसके बाद क्रमश: ‘हेड-ऑन डिप्लोमैसी’, ‘हार्ट-टू-हार्ट डिप्लोमैसी’, ‘टच थेरेपी बेस्ड डिप्लोमैसी’, ‘डिजिटल ...
Comments Off on पड़ोसियों को संभालना होगी प्रमुख चुनौती
दस्तक-विशेष रहीस सिंह व्यापार

सरकार बनाम आरबीआई  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) तथा केंद्र सरकार के बीच विभिन्न मुद्दों को लेकर जो टकराव चल रहा था, वह उर्जित पटेल के इस्तीफे के साथ ...
Comments Off on तकरार से इकरार  

दुनिया का सबसे बड़ा आध्यत्मिक मेला कुम्भ, इस बार उत्तर प्रदेश की धरती पर संगम नगरी प्रयागराज में आयोजित हो रहा है। यूं तो कुम्भ मेला उप्र, उत्तराखण्ड, ...
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अद्धयात्म दस्तक-विशेष हृदयनारायण दीक्षित

तीर्थ भारत की आस्था है। लेकिन भौतिकवादी विवेचकों के लिए आश्चर्य हैं। वैसे इनमें आधुनिक विज्ञान के तत्व भी खोजे जा सकते हैं। अनेक विद्वान ऐसा करते भी ...
Comments Off on बुद्धि और भाव का संगम है प्रयाग तीर्थराज
जितेंद्र शुक्ल दस्तक-विशेष राजनीति

माफ  कीजिएगा, वन डे क्रिकेट में छक्का स्लॉग ओवरों (अंतिम के दस ओवर) में ही लगता है। ….और चिन्ता मत करिए ऐसे कई और छक्के अभी लगने वाले ...
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दस्तक-विशेष स्तम्भ

फिरोज बख्त अहमद : कुछ समय पूर्व अयोध्या में विश्व हिन्दू परिषद्, शिवसेना, भाजपा, धर्मसंसद आदि के कार्यकर्ता एकत्र हुए कि राम जन्म भूमि पर एक भव्य राम ...
Comments Off on राम मंदिर बनाम राजनीति
दस्तक-विशेष स्तम्भ

फिरोज बख्त अहमद : पढ़ने व सुनने में एवं देखने में आ रहा कि धर्म की तिजारत करने वाली राजनीति की खतरनाक भूमिका रही है। जिन मुस्लिम नेताओं ...
Comments Off on आज भी भारत में साम्प्रदायिकता का जहर समाप्त नहीं हुआ है
दस्तक-विशेष स्तम्भ

नई दिल्ली : आलोक वर्मा की सीबीआई निदेशक पद पर बहाली के उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद साफ था कि सरकार पर तीखे राजनीतिक हमले होंगे और ...
Comments Off on …आखिर विकल्प क्या था
अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

ऋग्वेद से लेकर अथर्ववेद तक गायों की प्रशंसा है। महाकाव्य और पुराण गोयश से भरे पूरे हैं। वेदों में गाय को अबध्य बताया गया है। भारत का प्राचीन ...
Comments Off on प्रकृति प्रेमी है वैदिक समाज, वह सूर्य को नमस्कार करता है, उनसे बुद्धि मांगता है
अद्धयात्म दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

शतपथ ब्राह्मण में प्रश्न है – “मनुष्य को कौन जानता है?” मनुष्य को दूसरा मनुष्य नहीं जान सकता। प्रत्येक मनुष्य अनूठा है। अद्वितीय है। उस जैसा दूसरा मनुष्य ...
Comments Off on ‘बड़ा रहस्यपूर्ण है ‘स्वयं’, सोचता हूं कि क्या मेरा व्यक्तित्व दो ‘स्वयं’ से बना है, एक देखता है, दूसरा दिखाई पड़ता है’