Monday, July 23, 2018 - 5:43 AM
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स्तम्भ

अजब-गजब फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

अस्तित्व पूर्ण है। इसका प्रकट भाग पूर्ण है और अप्रकट भी। प्रकृति इसकी पूर्ण अभिव्यक्ति है। इसलिए पूर्णता का आस्वाद भी आनंददायी होना चाहिए। अभिव्यक्ति के अनेक आयाम ...
Comments Off on जीवन को मुग्ध करती है रूप, रस, गंध और ध्वनि
अजब-गजब अद्धयात्म फीचर्ड स्तम्भ

प्रकृति सुसंगत व्यवस्था है। यह अपनी अव्यवस्था को भी अल्पकाल में पुनर्व्यवस्थित करती है। प्रकृति की गति की एक लय है। हमारी सुखानुभूति प्राकृतिक लय के साथ छन्दबद्धता ...
Comments Off on संसार को मनोरम बनाने का प्रचीन ज्ञान अभिलेख है ‘ऋग्वेद’
फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

होली आई। गई। होली प्रकृति का सौन्दर्य है। साधारण नहीं। अति साधारण। तब प्रकृति अपनी पूरी आभा से खिलती है। यह निरपेक्ष होकर स्वयं को प्रकट करती है। ...
Comments Off on अल्पकाल में ही विदा हो जाती है होली :  हृदयनारायण दीक्षित
फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

पुस्तक समीक्षा ध्येय पथ: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नौ दशक लोकेन्द्र सिंह जनसंचार माध्यमों में जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संबंध में भ्रामक जानकारी आती है, तब सामान्य ...
Comments Off on आरएसएस की अविराम एवं भाव यात्रा का ध्येय पथ
अद्धयात्म दस्तक-विशेष स्तम्भ

आज ‘धन’ आया था मेरे पास। मैं उसको देखकर प्रसन्न हो गया, दुआ, सलाम के बाद मैंने उससे पूछा कि – कहाँ गायब हो गए थे भई? बहुत ...
Comments Off on धन की बात
दस्तक-विशेष स्तम्भ

“दरवाजा बंद करो भई, दरवाजा बंद. दरवाजा बंद करो, बीमारी बंद…” अमिताभ बच्चन अपने निराले अंदाज़ में गाते हैं। गाते क्या हैं, देशवासियों को ललकारते हैं कि खुले ...
Comments Off on टॉयलेट- एक मिशन कथा
दस्तक-विशेष राष्ट्रीय स्तम्भ

मन की सफाई जरूरी, वहां  फैला हुअा है गंदगी का साम्राज्य सफाई की बात इन दिनों इतनी जोर-जोर से देश में चल रही है कि साफ-साफ शक हो ...
Comments Off on गांधी का झाडू
दस्तक-विशेष स्तम्भ

आशुतोष राणा की कलम से… भाईसाहब क़स्बे के सबसे विशाल छायादार दरख़्त को जड़ से उखाड़ फेंकने के भीम कार्य को सम्पन्न करने में व्यस्त थे। वे चिढ़े ...
Comments Off on गंधी वृक्ष

सन 2019 के चुनाव तक भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकता के प्रयासों को लगातार झटके लग रहे हैं। उधर, नरेंद्र मोदी के नेतृत्त्व में राजग खेमा लगातार मजबूत ...
Comments Off on नहीं, विपक्ष का अंत नहीं होगा
दस्तक-विशेष स्तम्भ

सजग होकर ही उड़ना हमेशा होता है आनंददायी  मनुष्य स्वेच्छा से जन्म नहीं लेता। मनुष्य का जन्म तमाम ज्ञात और अज्ञात परिस्थितियों का परिणाम होता है। भारतीय चिंतन ...
Comments Off on उत्कृष्ट जीवन मूल्य ही नहीं, मनुष्य की स्वाभाविक प्यास भी है स्वतंत्रता