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स्तम्भ

लखनऊ स्तम्भ

लखनऊ : भारत के लाखों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपनी कुर्बानियाँ देकर ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 को अपने देश को अंग्रेजों की दासता से मुक्त कराया ...
Comments Off on हम लाये हैं तूफान से किश्ती निकाल के, इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के!
फीचर्ड स्तम्भ

मोदी सरकार को आज चार साल हो चुके हैं और पांचवें में थोड़ा ही समय रहता है। विपक्ष के बहुत से लोग उनसे नाना प्रकार के हिसाब मांग ...
Comments Off on एक हाथ में कुरान हो, एक में कम्प्यूटर : नरेंद्र मोदी
अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ

दर्शन और विज्ञान का जन्म जिज्ञासा से हुआ। ऐसी जिज्ञासा ऋग्वेद में है। ऋग्वेद का रचनाकाल प्राचीन यूनानी दर्शन से भी बहुत प्राचीन है। ऋग्वेद के समय के ...
Comments Off on भारत की संस्कृति को सामाजिक संस्कृति कहते हैं : हृदयनारायण दीक्षित
साहित्य स्तम्भ

जीवन की सांझ आ रही है। श्रम गीत मद्धिम हो रहे हैं। गहन विश्राम की तैयारी है, लेकिन अपने परिजन डाट रहे हैं। भारत के करोड़ों वृद्ध अपने ...
Comments Off on देश में करोड़ों वृद्ध परिजनों से पीड़ित : हृदयनारायण दीक्षित
साहित्य स्तम्भ

उपनिषद् पूर्वाग्रह मुक्त हैं। इनमें पहले से बने बनाए विचारों का गहन विवेचन है। अंधविश्वासी कर्मकाण्ड का विरोध है। ये जिज्ञासा के जन्म और दर्शन के आदि स्रोत ...
Comments Off on भारतीय दर्शन के मूल स्रोत हैं उपनिषद्
साहित्य स्तम्भ

पृथ्वी व्यथित है। इसके अंगभूत जल, वायु, वनस्पति और सभी प्राणी आधुनिक जीवनशैली के हमले के शिकार हैं। पृथ्वी असाधारण संरचना है। “ऋग्वेद के अनुसार वह पर्वतों का ...
Comments Off on व्यथित है पृथ्वी : हृदयनारायण दीक्षित
साहित्य स्तम्भ

  पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया तेजी से पूरे देश में क्रांति की तरह फैल रहा है,सुदूर प्रान्तों में रह रहे लोगों से सम्पर्क के साथ साथ ...
Comments Off on अभिशाप बनते जा रहे हैं सोशल मीडिया पर प्रचलित अफवाह
आशुतोष राणा दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ

आशुतोष राणा वे पूरे संसार के लिए आदरणीय होना चाहते थे किंतु ये बेहद मुश्किल काम था, तो भाईसाहब ने इसका एक तोड़ निकाला और कोर्ट में ऐफिडेविट ...
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दस्तक-विशेष साहित्य स्तम्भ हृदयनारायण दीक्षित

  अभिव्यक्ति हरेक व्यक्ति की स्वाभाविक अभिलाषा है। हम स्वयं को भिन्न-भिन्न आयामों में प्रकट करते हैं। अपने बाल काढ़ने का ढंग, मूंछों को छोटी, बड़ी या सफाचट ...
Comments Off on सोशल मीडिया में सत्य, शिव और सुंदर
दस्तक-विशेष शख्सियत साहित्य सुमन सिंह स्तम्भ

आदरणीया उषा वर्मा जी ब्रिटेन में बसी भारतीय मूल की जानी-मानी साहित्यकार और प्रतिष्ठित भाषा-साहित्य की शिक्षिका हैं। भारत में कुछ वर्ष भागलपुर विश्वविद्यालय में अध्यापन करने के ...
Comments Off on मातृभूमि की तरफ़ वापसी का अब प्रश्न ही नहीं उठता