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स्तम्भ

उत्तर प्रदेश राज्य लखनऊ स्तम्भ

लखनऊ : असहयोग आंदोलन भले ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की अगुवाई में परवान चढ़ा हो, लेकिन राजधानी के फिरंगी महल में इस आंदोलन की इबारत1858 में ही लिखी ...
Comments Off on लखनऊ: 1858 में ही लिखी जा चुकी थी इबारत, फिरंगी महल में ठहरे महात्मा गांधी: जाने इतिहास
उत्तर प्रदेश दिल्ली फीचर्ड राजनीति राष्ट्रीय लखनऊ स्तम्भ

लखनऊ : अटल बिहारी वाजपेयी यानि एक ऐसा नाम जिसने भारतीय राजनीति को अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से इस तरह प्रभावित किया जिसकी मिसाल नहीं मिलती। एक साधारण ...
Comments Off on अटल बिहारी वाजपेयी होने का मतलब
साहित्य स्तम्भ

‘स्वतंत्र’ का अर्थ गहरा है। स्व का अर्थ सुस्पष्ट है। स्व यानी मैं। मेरा अन्तःक्षेत्र। हमारी अपनी अनुभूति। प्रत्येक व्यक्ति का अंतःकरण ‘स्व’ है। प्रत्येक प्राणी आनंद का ...
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लखनऊ साहित्य स्तम्भ

नया शैक्षिक सत्र चरित्र निर्माण का वर्ष हो बच्चों को भौतिक के साथ ही सामाजिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा भी दें : हमारा मानना है कि मनुष्य एक (1) ...
Comments Off on निर्माणों के पावन युग में हम चरित्र निर्माण न भूलें : डाॅ. जगदीश गाँधी
अद्धयात्म फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

‘हमारे पूर्वजों ने धरती को माता और आकाश को पिता बताया’ ‘हम भारत के लोग’ हैं। यही हमारा मूल परिचय है। भारत हमारा कुल, गोत्र, वंश और माता ...
Comments Off on ‘हम भारत के लोग’ : हृदयनारायण दीक्षित
अद्धयात्म फीचर्ड साहित्य स्तम्भ

‘दर्शन’ का मूल उद्देश्य संसार को समझना और विश्व को आनंद से भरना है संसार हमारा आश्रय है। हम संसार का भाग है और संसार में है। इसका ...
Comments Off on अंधविश्वासी नहीं है भारतीय चिंतन
लखनऊ स्तम्भ

लखनऊ : भारत के लाखों स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपनी कुर्बानियाँ देकर ब्रिटिश शासन से 15 अगस्त 1947 को अपने देश को अंग्रेजों की दासता से मुक्त कराया ...
Comments Off on हम लाये हैं तूफान से किश्ती निकाल के, इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के!
फीचर्ड स्तम्भ

मोदी सरकार को आज चार साल हो चुके हैं और पांचवें में थोड़ा ही समय रहता है। विपक्ष के बहुत से लोग उनसे नाना प्रकार के हिसाब मांग ...
Comments Off on एक हाथ में कुरान हो, एक में कम्प्यूटर : नरेंद्र मोदी
अद्धयात्म साहित्य स्तम्भ

दर्शन और विज्ञान का जन्म जिज्ञासा से हुआ। ऐसी जिज्ञासा ऋग्वेद में है। ऋग्वेद का रचनाकाल प्राचीन यूनानी दर्शन से भी बहुत प्राचीन है। ऋग्वेद के समय के ...
Comments Off on भारत की संस्कृति को सामाजिक संस्कृति कहते हैं : हृदयनारायण दीक्षित
साहित्य स्तम्भ

जीवन की सांझ आ रही है। श्रम गीत मद्धिम हो रहे हैं। गहन विश्राम की तैयारी है, लेकिन अपने परिजन डाट रहे हैं। भारत के करोड़ों वृद्ध अपने ...
Comments Off on देश में करोड़ों वृद्ध परिजनों से पीड़ित : हृदयनारायण दीक्षित