CBSE ने पासिंग मार्क्स को लेकर बदला क्राइटेरिया, बच्चों को मिली राहत

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कक्षाओं के पासिंग मार्क्स को लेकर बड़ा बदलाव कर सकता है। वही बोर्ड की ओर से किए गए इस बदलाव के अनुसार 10वीं कक्षा के छात्रों को 2019 में पास होने के लिए ओवरऑल 33 फीसदी अंक लाने होंगे। जिसमें इंटरनल एसेसमेंट और थ्योरी के नंबर शामिल होंगे। जहां अभी तक छात्रों को परीक्षा में पास होने के लिए थ्योरी में अलग से 33 प्रतिशत और प्रैक्टिकल में अलग 33 प्रतिशत अंक लाने होते थे। लेकिन अब थ्योरी प्रैक्टिकल में मिलाकर कुल 33 प्रतिशत नंबर लाने होंगे। वही बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया गया कि अभी तक इस फैसले को फाइनल नहीं किया गया है। लेकिन संभावना जताई जा रही है कि इस फैसले को अगले साल तक लागू कर दिया जाएगा। बतादें की इससे पहले, बोर्ड के चेयरमैन अनीता करवाल ने फरवरी 2018 में कहा था कि ये नियम केवल 2018 साल के छात्रों के लिए है और जो बोर्ड परीक्षा के लिए उपस्थित हुए थे। लेकिन वही उस वक्त में ये नियम लागू नहीं किया गया था। दअरसल सीबीएसई सेकंडरी और हायर एजुकेशन के विकास के लिए काफी ध्यान रख रहा है। जहां देश भर में 18,000 से अधिक स्कूल सीबीएसई के स्कूल हैं। वहीं 10 लाख से अधिक छात्र 2019 में सीबीएसई कक्षा 10 वीं परीक्षा के लिए उपस्थित हो सकते हैं। जहां ऐसी संभावना जताई जाी रही है की यदि ये फैसला लागू होता है तो 10वीं के छात्रों को एक बड़ी राहत मिलेगी।