ITR भरने का आज आखिरी दिन, पहली बार 5 करोड़ से ज्यादा लोगों ने किया फाइल

इनकम टैक्स रिटर्न भरने का आज आखिरी दिन है। इससे पहले गुरुवार को रिटर्न फाइल करने में एक नया रिकॉर्ड बना। आयकर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पहली बार गुरुवार शाम तक 5 करोड़ से अधिक करदाताओं ने अपना रिटर्न फाइल कर दिया था। पिछले वर्ष के मुकाबले यह आंकड़ा 60 फीसदी अधिक है। केवल गुरुवार को ही 20 लाख लोगों ने अपना रिटर्न फाइल किया था।  

1 सितंबर से लगेगा जुर्माना

आज के बाद अगर आप कल यानि 1 सितंबर को रिटर्न फाइल करते हैं तो फिर कम से 1 हजार रुपये और अधिकतम 5 हजार रुपये का जुर्माना देने के लिए तैयार हो जाइये। वहीं 1 जनवरी 2019 से 31 मार्च तक रिटर्न फाइल करने पर लोगों को 10 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा। इसलिए अगर आप जुर्माने से बचना चाहते हैं तो फिर आज ही अपना रिटर्न फाइल कर दिजिएगा। 

अब इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ही होगा स्क्रूटिनी असेसमेंट 

आयकर विभाग द्वारा पारदर्शिता बढ़ाने के साथ ही भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के उद्देश्य से स्क्रूटिनी असेसमेंट की कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक तरीके से (ई-प्रोसिडिंग) की जाएगी। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस आशय का निर्देश पिछले सप्ताह देश के सभी प्रधान मुख्य आयुक्त को भेज दिया है।

सीबीडीटी के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पिछले सप्ताह जारी इस आशय के निर्देश के जरिये बीते 12 फरवरी को जारी निर्देश को सुधारा गया है। अब अधिकारियों को आयकर कानून की धारा 143(3) के तहत होने वाले सभी असेसमेंट की प्रोसिडिंग इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ही करनी होगी।

हालांकि इसमें कुछ अपवाद भी हैं, लेकिन ऐसे मामले बेहद कम होंगे। ई-प्रोसिडिंग शुरू होने से किसी भी आयकरदाता या उनके प्रतिनिधि को व्यक्तिगत रूप से किसी आयकर अधिकारी या इंस्पेक्टर के सामने उपस्थित नहीं होना पड़ेगा।

आयकरदाता से विभाग की तरफ से सभी तरह का संचार इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ही होगा और असेसी की तरफ से भी सभी तरह का जवाब भी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ही दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इसी साल के बजट भाषण में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सबके लिए ई-असेसमेंट शुरू करने की घोषणा की थी।  

असेसी को नहीं चलेगा प्रोसिडिंग का पता 

अधिकारी का कहना है कि आयकर विभाग में भ्रष्टाचार की शिकायतों को दूर करने के लिए सीबीडीटी पहले से ही प्रयासरत है और इसी के तहत पहले भी डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से काफी काम निपटाया जा रहा है। अब जो नया निर्देश जारी किया गया है, उसके तहत वित्त वर्ष 2018-19 में सभी स्क्रूटिनी असेसमेंट का निपटारा ई-प्रोसिडिंग के जरिये ही किया जाएगा।

इस प्रक्रिया में आयकरदाता को यह भी पता नहीं चलता है कि उनके मामले को कौन या कहां तैनात आयकर अधिकारी देख रहा है। इस प्रणाली में हो सकता है कि दिल्ली के किसी आयकरदाता का असेसमेंट चेन्नई में बैठा कोई अधिकारी कर रहा हो। 

पुराने तरीके से इनकी प्रोसिडिंग 

सीबीडीटी के मुताबिक, इसमें भी सात मामलों को अपवाद माना गया है, जिनका काम पुराने तरीके से ही होगा। इनमें वैसे करदाता शामिल होंगे जिनका असेसमेंट आयकर कानून की धारा 153(ए), 153(सी), 147 और 144 के तहत हो रहा है, जिनके पास पैन नहीं है, जिन्होंने पेपर मोड में रिटर्न दायर किया है और उनका ई-फाइलिंग अकाउंट नहीं है, उनकी भी प्रोसिडिंग पुराने तरीके से ही होगी।  

पर्सनल हियरिंग भी होगी 

सीबीडीटी ने स्पष्ट किया है कि कुछ परिस्थितियों में आयकरदाताओं की पर्सनल हियरिंग भी हो सकती है। उदाहरणस्वरूप, जिनके बुक ऑफ अकाउंट में परीक्षा की आवश्यकता हो, मामले में गवाह का परीक्षण जरूरी हो या उनके ऊपर धारा 131 लागू करना हो आदि।