#ME TOO: पूर्व BJP मंत्री संजय कुमार की बढ़ सकती है मुश्किल, SC पहुंची पीड़िता

उत्तराखंड में मीटू प्रकरण में पीड़िता ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अर्जी को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। विवेचना के दौरान पुलिस ने दुष्कर्म की धारा हटा दी थी लेकिन अब पीड़िता को इंसाफ की उम्मीद जग गई है। मीटू प्रकरण में फंसे भाजपा के पूर्व संगठनमंत्री संजय कुमार की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। दस माह से यह मामला शासन, प्रशासन और भाजपा के लिए गले की फांस बना हुआ है। पुलिस ने विवेचना के दौरान दुष्कर्म के आरोप को खारिज कर दिया था।

विवेचक का कहना था कि पीड़िता ने दुष्कर्म की जो तारीख बताई थी उस दिन संजय कुमार की लोकेशन देहरादून से दूर थी। समर्थन में मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज जुटाए थे। विवेचक ने इस साल 15 मई को भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री संजय कुमार के खिलाफ यौन उत्पीड़न की धारा में आरोपपत्र दिया था।

पीड़िता ने पुलिस विवेचना पर सवाल उठाते हुए डीजी कानून व्यवस्था से शिकायत की थी। डीजी के निर्देश पर एसपी सिटी श्वेता चौबे की जांच में भी पुलिस को क्लीन चिट मिल गई थी।
विवेचना से नाराज पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी। पीड़िता ने शनिवार को अमर उजाला को फोन कर दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अर्जी को स्वीकार कर लिया है। अब इस मामले में जल्द सुनवाई शुरू होगी।

यह था मामला
भाजपा की महिला कार्यकर्ता ने नवंबर-2018 में प्रदेश महामंत्री (संगठन) संजय कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाकर प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया था। पीड़िता ने पहले संजय कुमार पर अश्लील मेसेज भेजने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।

इस मामले को अमर उजाला ने ब्रेक किया था। मीडिया की सुर्खियां बनने के बाद भाजपा को संजय कुमार को संगठन मंत्री पद से हटाना पड़ा। एएसपी की जांच के बाद पांच जनवरी को इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ था। विवेचना के दौरान पीड़िता के बयान के आधार पर मुकदमे में दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी थी।