OMG! यहां मरे हुए लोगो से भी वसूला जाता है टैक्स, वजह जानकर रह जाओगे हैरान

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बनारस की तीन चीज़ें पूरे संसार में प्रसिद्ध है। काशी विश्वनाथ मंदिर, बनारसी साड़ी और मणिकर्णिका घाट। हिंदू रीति रिवाजों के मुताबिक सिर्फ दिन में ही दाह संस्कार किया जाता है लेकिन गंगा के तट पर मणिकर्णिका घाट भारत का एक मात्र ऐसा घाट है जहां दिन रात यानि 24 घंटे शवों का दाह संस्कार किया जाता है।

मणिकर्णिका श्मशान घाट के बारे में मान्यता है कि यहां चिता पर लेटने वाले को सीधे मोक्ष मिलता है। यहाँ पर एक दिन में करीब 300 शवों का अंतिम संस्कार होता है।

आप शायद यकीन ना करें पर इस श्मशान घाट पर आने वाले हर मुर्दे को चिता पर लिटाने से पहले बाकायदा टैक्स वसूला जाता है। श्मशान घाट पर लाशों से पैसे वसूलने के पीछे की ये कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार की कीमत चुकाने की परम्परा तकरीबन तीन हजार साल पुरानी है।

मान्यता है कि श्मशान के रख रखाव का जिम्मा तभी से डोम जाति के हाथ था। चूंकि डोम जाति के पास तब रोजगार का कोई और साधन नहीं था लिहाजा दाह संस्कार के मौके पर उन्हें दान देने की परम्परा थी। मगर डोम तब दाह संस्कार की यूं मुंह मांगी कीमत नहीं मांगते थे और ना ही पैसा कमाने के गलत तरीके अपनाते थे।