TDP को बड़ा झटका, 4 सांसदों ने अलग गुट बनाकर भाजपा में किया विलय…

तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को बड़ा झटका लगा है। उनकी पार्टी के चार सांसदों ने टीडीपी का साथ छोड़ भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का एलान कर दिया है। टीडीपी के राज्यसभा सांसद टीजी वेंकटेश, वाईएस चौधरी, जीएम राव और एम रमेश ने आज अपना इस्तीफा उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को सौंपते हुए टीडीपी के विधानमंडल दल का भाजपा में विलय करने का प्रस्ताव पारित किया।

इसके बाद वाईएस चौधरी, सीएम रमेश और टीजी वेंकटेश ने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ली। टीडीपी के चौथे सांसद जीएम राव अस्वस्थ होने के कारण बाद में भाजपा की सदस्यता लेंगे।

नायडू बोले, पार्टी के लिए संकट कोई नई बात नहीं
सांसदों के इस्तीफे पर टीडीपी अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने कहा, ‘हमने भाजपा से लड़ाई केवल राज्य को विशेष दर्जा दिलाने और राज्य के हितों के लिए की। हमने टीडीपी को कमजोर करने के लिए भाजपा के प्रयासों की निंदा करते हुए विशेष दर्जे के लिए हमने केंद्रीय मंत्रियों की बलि दी। पार्टी के लिए संकट कोई नई बात नहीं, नेताओं और कैडर के लिए घबराने की कोई बात नहीं है।’

बता दें कि इस साल हुए लोकसभा चुनाव और राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में टीडीपी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। लोकसभा चुनाव में टीडीपी राज्य की 25 सीटों में से केवल तीन सीटें जीत सकी थी। वहीं, विधानसभा चुनाव में राज्य की 175 सीटों में से महज 23 सीटें टीडीपी के खाते में आई थीं। इसके उलट वाईएसआर कांग्रेस ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए लोकसभा चुनाव में 22 और विधानसभा चुनाव में 151 सीटों पर कब्जा जमाया था।

उच्च सदन में टूटने के कगार पर टीडीपी
राज्यसभा में तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) के चार सदस्यों के अपनी पार्टी से अलग होने के आसार को देखते हुए उच्च सदन में पार्टी टूटने की कगार पर पहुंच गई है। राज्यसभा में छह सदस्यों वाली टीडीपी के चार सदस्य अलग गुट बनाकर भाजपा का समर्थन कर रहे हैं। चार सदस्यों का समर्थन मिलने से उच्च सदन में बहुमत के संकट से जूझ रही भाजपा को राहत मिली है। भाजपा की अगुवाई वाले राजग के पास राज्यसभा में फिलहाल बहुमत नहीं है।

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू की अध्यक्षता वाली टीडीपी के राज्यसभा में छह सदस्य हैं और दलबदल विरोधी कानून के मुतबिक किसी दल से अलग हुए नए गुट को तभी मान्यता मिलेगी जबकि उसके दो तिहाई सदस्य इस गुट में शामिल हों। राज्यसभा की कुल सदस्य संख्या 245 है। उच्च सदन में सर्वाधिक 71 सदस्यों के साथ भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है।