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इन मामलों में भी बाबा को हो सकती है सजा, हत्या से लेकर नपुंसक बनाने के हैं आरोपी

चंडीगढ़. लगभग 15 साल तक कोर्ट में चले साध्वी यौन शोषण मामले में दोषी करार बाबा राम रहीम को 10 साल की सजा सुनाई गई है। यह एक मामला नहीं है। बाबा पर ऐसे कई मामले दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई चल रही हैं। रेप केस के अलावा बाबा पर दो और मामलों की सुनवाई कोर्ट में जारी है। सीबीआई कोर्ट में 16 सितंबर से रणजीत सिंह और पत्रकार रामचंद्र हत्याकांड की सुनवाई होनी है। सूत्रों के मुताबिक, बहस लगभग पूरी हो गई है। 16 सितंबर को इस मामले की अंतिम सुनवाई हो सकती है। वहीं दूसरा केस 400 साधुओं को नपुंसक बनाने का है। इसकी सुनवाई 24 अक्टूबर को हाईकोर्ट में होनी है। 
इन मामलों में भी बाबा को हो सकती है सजा, हत्या से लेकर नपुंसक बनाने के हैं आरोपी– हरियाणा के सिरसा से प्रकाशित एक सांध्य दैनिक समाचार पत्र के संपादक रामचंद्र छत्रपति ने साध्वी के गुमनाम पत्र को प्रकाशित करने पर 24 अक्टूबर 2002 को गोलियां बरसाई थीं।
– आरोप है कि गोली चलाने वाले डेरा सच्चा सौदा के लोग थे। इस मामले में बाबा राम रहीम भी आरोपी है।
– इसके बाद जर्नलिस्ट की उपचार के दौरान 21 नवंबर 2002 को छत्रपति की मौत हो गई थी। इसके बाद हत्या के आरोपी डेरा के दो सेवकों को हिरासत में लिया गया था।
– पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पीड़ित परिवार ने सीबीआई जांच करवाने की गुहार लगाई। सीबीआई ने डेरा प्रमुख के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया।
– सीबीआई की कोर्ट में 12 साल से इस मामले में सुनवाई चल रही है। इसी मामले में 16 सितंबर को कोर्ट फिर सुनवाई करेगा।
– याचिकाकर्ता हंसराज चौहान ने बताया कि पत्रकार छत्रपति की हत्या के आरोपी निर्मल और कुलदीप भी डेरा सच्चा सौदा के नपुंसक साधु हैं।
– हालांकि, बाद में पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपनी मर्जी से नपुंसक बनने की बात की। लेकिन नपुंसक बनाने का मामला भी कोर्ट में विचाराधीन है।
– इसके अलावा बाबा राम रहीम पर ये भी आरोप है कि उन्होंने डेरे के पूर्व प्रबंधन रंजीत सिंह की भी हत्या करवाई है। क्योंकि वो डेरे के कई राज जान चुका था। रंजीत सिंह की 10 जुलाई 2003 को हत्या कर दी गई थी।
– इस मामले में 24 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। कोर्ट ने सीबीआई से कहा हैकि इसकी जांच पूरी करो। सीबीआई 24 को बताएगी की जांच कहा तक पहुंची।
– साध्वी यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी करार दिए जाने के बाद अब उनके खिलाफ चल रहे अन्य केसों में भी तेजी सकती है। 
– इनमें सबसे बड़ा मामला डेरे के 465 लोगों को नपुंसक बनाने का है। 
– इस केस को लेकर लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे माझा एक्स सर्विसमैन ह्यूमन राइट्स फ्रंट के चेयरमैन कर्नल जीएस संधू ने बताया कि इस केस की 24 अक्टूबर 2017 को लगी हुई है। 
– केस में गुरमीत राम रहीम सिंह के खिलाफ केस दर्ज करवाने में उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ी है, लेकिन हमें पूरी उम्मीद है कि इस केस में हमें इंसाफ मिलेगा। 
– गुरुद्वारा साहिब पर कब्जे को लेकर निहंग अजीत सिंह पूहला के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़कर उसे जेल भिजवाने वाले कर्नल संधू ने ही 2005 में पूहला, गुरमीत राम रहीम सिंह, दलजीत सिंह – शिकागो और मान सिंह पेहवा वालों के खिलाफ बलात्कार मामले के आरोप लगाते हुए इन पर केस दर्ज करने की मांग की थी। 
– याद रहे कि उन दिनों में भी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के अनुयायियों ने पूरे चंडीगढ़ को जाम कर दिया था, जिसके खिलाफ कर्नल संधू पंजाब के गवर्नर जनरल एस एफ रोड्रिग्स से मिले थे। 
– कर्नल संधू ने बताया कि जब डेरा प्रमुख के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे थे तो उनके कई चेलों ने हमसे संपर्क किया और कहा कि डेरे में उनको नपुंसक बना दिया गया है। 
– 2012 में हंसराज चौहान नाम के व्यक्ति ने तो हमें अपनी मेडिकल रिपोर्ट भी दी और बताया कि उसके अलावा 465 लोग ऐसे हैं, जिन्हें नपुंसक बना दिया गया है। 
– कर्नल संधू ने बताया कि हंसराज चौहान का केस हमने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर करवाया और हाईकोर्ट ने इसकी एफआईआर दर्ज करवाकर इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी। – सीबीआई ने 17 जनवरी 2015 को डेरा प्रमुख के खिलाफ धारा 120 बी, 326,417 और 506 के अधीन केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 
– 465 लोगों को नपुंसक बनाने का मामला बेहद गंभीर है और मुझे उम्मीद है कि जिस तरह से 15 साल की लड़ाई लड़ने के बाद साध्वी को इंसाफ मिला है। हमें भी इस केस में इंसाफ मिलेगा।
 

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