मुज़फ़्फ़रनगर में तैयार हो रहा था नकली डीईएफ, पुलिस ने चलाया ‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’
पुलिस और कृषि विभाग की सख्ती से नकली डीईएफ कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप।
Muzaffarnagar News: यूरिया की कालाबाजारी के खिलाफ पुलिस और कृषि विभाग की सख्ती से नकली डीईएफ कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप है। पुलिस के ‘ऑपरेशन किसान प्रहरी’ और कृषि विभाग के ‘ऑपरेशन फार्मर्स फ्रेंड्स’ के सक्रिय होते ही वर्षों से चल रहे इस अवैध कारोबार की परतें खुलने लगी हैं।
दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे पर कारोबार
सूत्रों के अनुसार दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे संख्या अट्ठावन पर नई मंडी कोतवाली क्षेत्र की बागोवाली पुलिस चौकी के आसपास संचालित कई डीईएफ प्वाइंट या तो बंद कर दिए गए हैं या फिर उन्हें ढककर छिपाने की कोशिश की जा रही है। कई स्थानों पर बिक्री के नोजल हटा दिए गए हैं। जबकि कुछ जगह टैंक पूरी तरह खाली पाए गए हैं। स्थानीय जानकारों का कहना है कि कार्रवाई के डर से कारोबारी भूमिगत हो गए हैं और अपने-अपने ठिकानों से दूरी बना ली है।
काली पॉलिथीन से ढककर पहचान छिपाने का प्रयास
बताया जा रहा है कि कुछ संदिग्ध प्वाइंट्स को काली पॉलिथीन से ढककर पहचान छिपाने का प्रयास भी किया गया है। इस पूरे मामले में सबसे गंभीर आरोप यह है कि यूरिया का दुरुपयोग कर उसे पानी में मिलाकर नकली डीईएफ तैयार किया जाता था और फिर इसे बाजार में ऊंचे दामों पर बेचा जाता था। डीईएफ का उपयोग बीएस-छह डीजल वाहनों में प्रदूषण नियंत्रण के लिए किया जाता है।सात नवंबर दो हजार चौबीस को शहर कोतवाली पुलिस ने खांजापुर गांव के जंगल में चल रही नकली डीईएफ फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई में कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी, जिसके बाद यह नेटवर्क कुछ समय के लिए दब गया था।
यूरिया की कालाबाजारी से पूरे नेटवर्क पर शिकंजा
यूरिया कालाबाजारी के मामलों के सामने आने के बाद पुलिस और कृषि विभाग ने एक बार फिर इस पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों के लिए सब्सिडी पर उपलब्ध यूरिया के दुरुपयोग की हर स्तर पर जांच की जा रही है। एसपी देहात अक्षय संजय महाडिक ने स्पष्ट कहा है कि किसानों के हितों से जुड़ी सामग्री का अवैध उपयोग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।



