रामराज्य : रामकथा आशुतोष राणा की कलम से..भाग ३

 स्तम्भ: कैकेयी को सुमित्रा के शब्द सुनाई दिए वे कह रही थीं- जीजी, परमात्मा ने महाराज दशरथ और हम सबके भाग्य में संतान सुख नहीं लिखा था। किंतु महाराज दशरथ ने अपनी धर्मपरायणता से परमात्मा को विवश किया की वे अपना विधान बदलते हुए हमें पुत्र सुख प्रदान करें। हम तीनों के बीच इन चारों पुत्रों … Continue reading रामराज्य : रामकथा आशुतोष राणा की कलम से..भाग ३