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	<title>Dastak Desk &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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		<title>‘छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट की दयनीय हालत देखिए’, हत्या के मामले में फैसले पर SC नाराज, जजों की समझ पर उठाए सवाल</title>
		<link>https://dastaktimes.org/look-at-the-pitiful-condition-of-chhattisgarh-high-court-sc-angry-over-the-verdict-in-the-murder-case-questions-raised-on-the-understanding-of-the-judges/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 12:33:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[छत्तीसगढ़]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Supreem-3-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Supreem-3-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Supreem-3-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Supreem-3.jpg 640w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एक फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। हत्या के एक मामले में हाई कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत दर्ज दोषसिद्धि को बदलकर धारा 304 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला बना दिया था। इस फैसले पर सवाल उठाते हुए शीर्ष &#8230;]]></description>
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<p>नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एक फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है। हत्या के एक मामले में हाई कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 के तहत दर्ज दोषसिद्धि को बदलकर धारा 304 के तहत गैर-इरादतन हत्या का मामला बना दिया था। इस फैसले पर सवाल उठाते हुए शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता और छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए उसकी स्थिति को दयनीय बताया।</p>



<h4 class="wp-block-heading">‘जजों को कानून के बुनियादी सिद्धांत तक नहीं पता’</h4>



<p>जस्टिस जेबी पारदीवाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा, “जरा हाई कोर्ट की दयनीय हालत तो देखिए… जजों को यह तक नहीं पता कि IPC की धारा 304 पार्ट I और 304 पार्ट II क्या है। और आप उम्मीद करते हैं कि जज सबूतों को समझेंगे।”</p>



<p>पीठ ने यह भी कहा कि इस तरह का मामला पहली बार उसके सामने नहीं आया है। अदालत के मुताबिक, ये कानून के ऐसे बुनियादी सिद्धांत हैं, जिन्हें कानून की पढ़ाई के शुरुआती वर्ष में ही पढ़ाया जाता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा</h4>



<p>सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, रिकॉर्ड से पता चलता है कि याचिकाकर्ता पर सरायपाली की अतिरिक्त सत्र अदालत में IPC की धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा चलाया गया था। सुनवाई के बाद ट्रायल कोर्ट ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।</p>



<p>इसके बाद दोषी ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में फैसले को चुनौती दी। हाई कोर्ट ने अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए हत्या की दोषसिद्धि को बदल दिया। इसी बदलाव पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाए हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">हत्या की धारा बदलने पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई आपत्ति</h4>



<p>शीर्ष अदालत ने कहा कि हाई कोर्ट ने अपील पर फैसला करते समय कानून के प्रावधानों और मामले से जुड़े तथ्यों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के मुताबिक, ऐसा प्रतीत होता है कि हाई कोर्ट ने चोटों की प्रकृति, इस्तेमाल किए गए हथियार और घटना की शुरुआत जैसे अहम पहलुओं पर उचित विचार नहीं किया।</p>



<p>सुप्रीम कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि याचिकाकर्ता का कहना है कि हाई कोर्ट रिकॉर्ड में मौजूद मौखिक गवाही को सही ढंग से समझने में नाकाम रहा। इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए शीर्ष अदालत ने हाई कोर्ट के फैसले की समीक्षा की जरूरत पर सवाल उठाया है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">याचिकाकर्ता और छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस</h4>



<p>सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को नोटिस जारी कर पूछा है कि हाई कोर्ट के आदेश को रद्द क्यों न किया जाए और हत्या के मामले में दोषसिद्धि तथा उम्रकैद की सजा सुनाने वाले ट्रायल कोर्ट के फैसले को क्यों न बहाल किया जाए।</p>



<p>अदालत अब मामले के तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार करेगी। फिलहाल, हाई कोर्ट के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट की आपत्तियां सामने आई हैं, लेकिन अंतिम निर्णय शीर्ष अदालत की आगे की सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगा।</p>



<p></p>
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		<title>मुंबई-बेंगलुरु हाईवे को बंद दिखाए Google Maps, सरकार ने क्यों दिया निर्देश? किसानों के प्रदर्शन से यातायात प्रभावित</title>
		<link>https://dastaktimes.org/google-maps-show-closure-of-mumbai-bengaluru-highway-why-did-the-government-give-instructions/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 12:31:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Google Maps]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-169-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-169-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-169-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-169.jpg 700w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर किसानों के प्रदर्शन के कारण मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालात को देखते हुए पुलिस ने Google Maps के अधिकारियों को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के प्रभावित हिस्से को बंद दिखाने का अनुरोध किया है। किसानों का प्रदर्शन मंगलवार सुबह से गन्ने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-169-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-169-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-169-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-169.jpg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर किसानों के प्रदर्शन के कारण मुंबई-बेंगलुरु राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। हालात को देखते हुए पुलिस ने Google Maps के अधिकारियों को पत्र लिखकर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के प्रभावित हिस्से को बंद दिखाने का अनुरोध किया है। किसानों का प्रदर्शन मंगलवार सुबह से गन्ने की कीमतों, इथेनॉल की दरों और अन्य मांगों को लेकर जारी है। पुलिस ने यात्रियों को इस मार्ग से बचने और वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">कोगनोली टोल प्लाजा के पास प्रदर्शन से लगा जाम</h4>



<p>महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा के पास कोगनोली टोल प्लाजा पर किसानों के आंदोलन के कारण यातायात बाधित हुआ है। इसका असर महाराष्ट्र के कोल्हापुर और आसपास के इलाकों से कर्नाटक के बेलगावी तथा बेंगलुरु की ओर जाने वाले वाहनों पर पड़ा है। प्रदर्शन के चलते हाईवे पर जाम की स्थिति बनी हुई है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">Google Maps पर प्रभावित हिस्से को बंद दिखाने की अपील</h4>



<p>पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-48 के प्रभावित हिस्से को Google Maps पर बंद दिखाने के लिए अधिकारियों से संपर्क किया है। इसका उद्देश्य यात्रियों को पहले से सतर्क करना है, ताकि वे जाम में फंसने से बच सकें और जरूरत के मुताबिक दूसरे रास्तों का चुनाव कर सकें।</p>



<p>कोल्हापुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रंजन कुमार शर्मा ने भी लोगों से वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्थिति में सुधार होने पर यात्रियों को इसकी जानकारी दी जाएगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">बुधवार सुबह भी हालात सामान्य नहीं हुए</h4>



<p>पुणे रेंज के पुलिस अधीक्षक (राजमार्ग) डॉ. शिवाजी पवार के कार्यालय के मुताबिक, बुधवार सुबह तक स्थिति में कोई खास बदलाव नहीं हुआ था। पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि जब तक जरूरी न हो, राष्ट्रीय राजमार्ग-48 पर सफर करने से बचें।</p>



<p>प्रदर्शन के कारण यातायात सामान्य होने में समय लग सकता है। ऐसे में इस मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले रास्ते की स्थिति की जानकारी लेने और वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी गई है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">ट्रैफिक सामान्य होने पर हटाई जाएगी सलाह</h4>



<p>पुलिस महानिरीक्षक रंजन कुमार शर्मा के मुताबिक, जब हाईवे पर वाहनों की आवाजाही सामान्य हो जाएगी, तब पुलिस Google Maps को इसकी जानकारी देगी। इसके बाद सड़क बंद होने से संबंधित सलाह वापस लेने की प्रक्रिया की जा सकेगी।</p>



<p>फिलहाल, किसानों का प्रदर्शन और उससे प्रभावित यातायात यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। पुलिस स्थिति पर नजर रख रही है और लोगों से अपील कर रही है कि वे अनावश्यक रूप से प्रभावित मार्ग पर जाने से बचें।</p>



<p></p>
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			</item>
		<item>
		<title>रूस का यूक्रेन पर बड़ा हमला, 39 मिसाइलें और 120 से ज्यादा ड्रोन दागे; 6 लाख लोग अंधेरे में</title>
		<link>https://dastaktimes.org/russias-big-attack-on-ukraine-39-missiles-and-more-than-120-drones-fired/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 12:27:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[120 ड्रोन हमला]]></category>
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		<category><![CDATA[रूस यूक्रेन युद्ध]]></category>
		<category><![CDATA[वोलोदिमिर जेलेंस्की]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="173" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0146-300x173.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0146-300x173.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0146.jpg 598w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। 13 अक्टूबर की रात रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला किया। इस दौरान 39 बैलिस्टिक मिसाइलों और 120 से ज्यादा हमलावर ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। हमले का मुख्य निशाना कीव, कीव क्षेत्र और खार्किव की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="173" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0146-300x173.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0146-300x173.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0146.jpg 598w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। 13 अक्टूबर की रात रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला किया। इस दौरान 39 बैलिस्टिक मिसाइलों और 120 से ज्यादा हमलावर ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया। हमले का मुख्य निशाना कीव, कीव क्षेत्र और खार्किव की ऊर्जा तथा अन्य महत्वपूर्ण सुविधाएं रहीं। हमले के कारण कम से कम 6 लाख लोग बिजली से वंचित हो गए हैं। बिजली व्यवस्था के साथ रेलवे को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।</p>



<p>रूस ने इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया। बैलिस्टिक मिसाइलें बेहद तेज गति से लक्ष्य की ओर बढ़ती हैं, जिससे उन्हें रोकना चुनौतीपूर्ण होता है। वहीं, हमलावर ड्रोन हवा में रहकर अपने लक्ष्य को निशाना बना सकते हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को जानबूझकर की गई कार्रवाई बताया है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">ऊर्जा सुविधाओं को बनाया गया निशाना</h4>



<p>यूक्रेन के मुताबिक, हमले में उन बिजली सुविधाओं को भी निशाना बनाया गया, जिनके संबंध में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम की घोषणा की थी। यूक्रेनी पक्ष ने रूस की कार्रवाई को अमेरिका की घोषणा की अनदेखी बताते हुए कहा कि इससे तनाव कम करने की कोशिशों को झटका लगा है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">बिजली व्यवस्था की 26 और तेल-गैस क्षेत्र की 4 सुविधाएं क्षतिग्रस्त</h4>



<p>हमले में बिजली व्यवस्था से जुड़ी 26 सुविधाओं और तेल-गैस क्षेत्र की चार सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं। मरम्मत के लिए ऊर्जा क्षेत्र के कर्मचारी और आपात सेवा दल लगातार काम कर रहे हैं।</p>



<p>इस हमले में लोगों की जान जाने और कई के घायल होने की भी खबर है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में मृतकों और घायलों की सटीक संख्या नहीं बताई गई है।</p>



<p>बिजली आपूर्ति बाधित होने से कम से कम 6 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। यह संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई गई है। सर्दियों के करीब आने के बीच बिजली की कमी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। इससे घरों में ठंड बढ़ने के साथ पानी की आपूर्ति, अस्पतालों और अन्य जरूरी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">जेलेंस्की ने अमेरिका और दुनिया से सख्त कदम उठाने की अपील की</h4>



<p>यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से रूस के हमले का कड़ा जवाब देने की अपील की है। उनका कहना है कि रूस ने तनाव कम करने का अवसर गंवा दिया है और युद्ध जारी रखने का रास्ता चुना है।</p>



<p>जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग की है। इसके साथ ही यूक्रेन के लिए पैट्रियट वायु रक्षा प्रणाली की मिसाइलों की अतिरिक्त खेप भेजने की अपील भी की गई है। इन मिसाइलों का इस्तेमाल दुश्मन की ओर से दागी गई मिसाइलों को हवा में ही रोकने के लिए किया जाता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">रूस पर प्रतिबंध और यूक्रेन को हथियार देने पर जोर</h4>



<p>यूक्रेन का कहना है कि रूस जैसे हमलावर का सामना करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है। यूक्रेनी पक्ष के मुताबिक, रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए प्रतिबंध और देश की रक्षा मजबूत करने के लिए अतिरिक्त हथियार अहम हैं।</p>



<p>हमले के बाद अब अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की अगली रणनीति पर नजर है। रूस के खिलाफ संभावित प्रतिबंधों और यूक्रेन को मिलने वाली सैन्य सहायता से युद्ध की दिशा पर असर पड़ सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">बिजली ठप होने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका</h4>



<p>यूक्रेन की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले का असर केवल सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से घरों, स्कूलों, अस्पतालों और दूसरी जरूरी सेवाओं के संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं। क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत में समय और संसाधन लगेंगे, जिससे प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।</p>



<p>सर्दियों से पहले ऊर्जा ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण आम नागरिकों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। इस हमले ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता फिर बढ़ा दी है। अब यह देखना अहम होगा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश इस घटनाक्रम पर क्या कदम उठाते हैं।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>CJI सूर्यकांत पर कांग्रेस की पोस्ट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, राहुल गांधी-अखिलेश यादव समेत कई नेता प्रतिवादी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/cji-petition-in-supreme-court-against-congresss-post-on-suryakant-many-leaders-including-rahul-gandhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 12:25:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/cji-1-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/cji-1-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/cji-1-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/cji-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को लेकर केरल कांग्रेस की सोशल मीडिया पोस्ट का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस पोस्ट को लेकर दाखिल याचिका में कांग्रेस पार्टी और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है। साथ ही, न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीश से जुड़े &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/cji-1-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/cji-1-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/cji-1-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/cji-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को लेकर केरल कांग्रेस की सोशल मीडिया पोस्ट का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। इस पोस्ट को लेकर दाखिल याचिका में कांग्रेस पार्टी और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है। साथ ही, न्यायाधीशों और मुख्य न्यायाधीश से जुड़े लंबित मामलों पर राजनीतिक दलों की ओर से सार्वजनिक अभियान चलाने के संबंध में दिशा-निर्देश बनाने का अनुरोध किया गया है।</p>



<p>बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, यह याचिका केरल कांग्रेस के आधिकारिक एक्स खाते से 12 अक्टूबर को किए गए एक पोस्ट के बाद दाखिल की गई। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि इस पोस्ट के जरिए पद पर रहते हुए मुख्य न्यायाधीश पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।</p>



<h4 class="wp-block-heading">केरल कांग्रेस ने पोस्ट में क्या लिखा था?</h4>



<p>केरल कांग्रेस के आधिकारिक एक्स खाते से 12 अक्टूबर को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत को संबोधित करते हुए लिखा गया था, “प्रिय सूर्यकांत, अगर कानून-व्यवस्था आपका विषय नहीं है, तो अभी इस्तीफा दे दीजिए। हम आपका विकल्प ढूंढ लेंगे, जो इसे संभाल सके।”</p>



<p>याचिका में इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि मुख्य न्यायाधीश को उनके संवैधानिक पद की गरिमा के अनुरूप संबोधित नहीं किया गया। याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, पोस्ट में उनके नाम के साथ इस्तीफे की मांग करना न्यायपालिका की स्वतंत्रता और संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़ा गंभीर मामला है।</p>



<p>याचिका में यह भी दावा किया गया है कि मुख्य न्यायाधीश ने अदालत के बाहर न्यायिक विचाराधीन मामलों पर चर्चा करने से इनकार किया था। इसके बावजूद सोशल मीडिया पर ऐसी टिप्पणी कर उन पर दबाव बनाने की कोशिश की गई।</p>



<h4 class="wp-block-heading">महुआ मोइत्रा की पोस्ट का भी किया गया जिक्र</h4>



<p>याचिका में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की सोशल मीडिया पोस्ट का भी हवाला दिया गया है। उन्होंने उसी शाम लिखा था, “सूर्यकांत स्पष्ट रूप से ऐसा नहीं कर सकते। इसलिए हम करेंगे।”</p>



<p>इस मामले में केंद्र सरकार, कांग्रेस पार्टी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी, महुआ मोइत्रा और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को प्रतिवादी बनाया गया है।</p>



<p>हालांकि, किसी व्यक्ति को याचिका में प्रतिवादी बनाए जाने का अर्थ यह नहीं है कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित हो गए हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">संविधान के अनुच्छेद 121 और 124(4) का दिया हवाला</h4>



<p>याचिकाकर्ताओं ने अपनी दलीलों में संविधान के अनुच्छेद 121 और अनुच्छेद 124(4) का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि न्यायाधीशों के आचरण पर संसद में चर्चा और उन्हें पद से हटाने की प्रक्रिया संवैधानिक प्रावधानों के तहत नियंत्रित होती है।</p>



<p>याचिका में तर्क दिया गया है कि मुख्य न्यायाधीश से सार्वजनिक रूप से इस्तीफा मांगना उन पर दबाव बनाने की कोशिश है। इसमें यह भी कहा गया है कि किसी राजनीतिक दल की ओर से मुख्य न्यायाधीश का विकल्प तलाशने की बात करना न्यायाधीशों की नियुक्ति से जुड़ी संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप नहीं है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">बार एसोसिएशन के प्रस्तावों का भी उल्लेख</h4>



<p>याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन के उन प्रस्तावों का भी हवाला दिया है, जिनमें मुख्य न्यायाधीश से इस्तीफा मांगने वाली अपीलों की निंदा की गई थी।</p>



<p>याचिका में मांग की गई है कि संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करके उनका पक्ष सुना जाए और इसके बाद उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया जाए। इसके अलावा, न्यायपालिका से जुड़े लंबित मामलों पर राजनीतिक दलों की सार्वजनिक टिप्पणियों और अभियानों को लेकर दिशा-निर्देश बनाने का अनुरोध भी किया गया है।</p>



<p>यह याचिका अधिवक्ता दिगंत मिश्रा, दिव्यांश बिष्ट, आशीष गोपाल गर्ग और श्वेता गर्ग ने दाखिल की है। उनकी ओर से अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड उत्कर्ष जायसवाल ने इसे प्रस्तुत किया।</p>



<p>फिलहाल, याचिका में लगाए गए आरोप और की गई मांगें याचिकाकर्ताओं का पक्ष हैं। मामले में आगे की न्यायिक कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट का रुख महत्वपूर्ण होगा।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>रुपए की गिरावट पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सफाई, बोलीं- बाजार में स्थिरता के लिए कदम उठाता रहेगा RBI</title>
		<link>https://dastaktimes.org/finance-minister-nirmala-sitharamans-clarification-on-the-fall-of-rupee-said-that-rbi-will-continue-to-take-steps-for-stability-in-the-market/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 12:21:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[Bloomberg New Economy Forum]]></category>
		<category><![CDATA[Nirmala Sitharaman]]></category>
		<category><![CDATA[RBI Currency Policy]]></category>
		<category><![CDATA[RBI के कदम]]></category>
		<category><![CDATA[Rupee vs Dollar]]></category>
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		<category><![CDATA[निर्मला सीतारमण]]></category>
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		<category><![CDATA[राजकोषीय अनुशासन]]></category>
		<category><![CDATA[रुपए में गिरावट]]></category>
		<category><![CDATA[विदेशी मुद्रा बाजार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nirmala-sitaraman-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nirmala-sitaraman-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nirmala-sitaraman-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: भारतीय रुपए में गिरावट और विदेशी मुद्रा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का मकसद रुपए को किसी खास विनिमय दर पर बनाए रखना नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार में व्यवस्थित कारोबार सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nirmala-sitaraman-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nirmala-sitaraman-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nirmala-sitaraman-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: भारतीय रुपए में गिरावट और विदेशी मुद्रा बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) का मकसद रुपए को किसी खास विनिमय दर पर बनाए रखना नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार में व्यवस्थित कारोबार सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों से रुपए पर पड़ रहे दबाव को कम करने और बाजार में अनावश्यक उतार-चढ़ाव रोकने के लिए केंद्रीय बैंक आगे भी जरूरी कदम उठाता रहेगा।</p>



<p>दिल्ली में मंगलवार को आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में वित्त मंत्री ने कहा कि RBI नियामक उपायों के जरिए रुपए में स्थिरता बनाए रखने और विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को कम करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब रुपए में हालिया गिरावट के बाद केंद्रीय बैंक ने बाजार को संभालने के लिए कई कदम उठाए हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">RBI ने रुपए को सहारा देने के लिए उठाए कई कदम</h4>



<p>रुपए पर दबाव कम करने के लिए RBI ने अक्टूबर में कई महत्वपूर्ण उपाय किए। इनमें सरकारी तेल विपणन कंपनियों के लिए डॉलर की उपलब्धता बढ़ाने को विशेष सुविधा शुरू करना, रद्द किए गए विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव अनुबंधों की दोबारा बुकिंग के नियम सख्त करना और वास्तविक अंतर्निहित जोखिम के बिना किए जाने वाले कुछ डेरिवेटिव सौदों की सीमा घटाना शामिल है।</p>



<p>केंद्रीय बैंक ने ऐसे कुछ लेनदेन की सीमा 10 करोड़ डॉलर से घटाकर 50 लाख डॉलर कर दी थी। इन कदमों का उद्देश्य विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी को सीमित करना और रुपए में जरूरत से ज्यादा उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण रखना था।</p>



<h4 class="wp-block-heading">डॉलर के मुकाबले रुपए में दर्ज हुई मजबूती</h4>



<p>रिपोर्ट के मुताबिक, RBI के उपायों से विदेशी मुद्रा बाजार को सहारा मिला और रुपया मजबूत होकर 94.50 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, मंगलवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 77 पैसे मजबूत होकर 95.05 प्रति डॉलर पर पहुंचा।</p>



<p>रुपए की चाल पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और विदेशी मुद्रा बाजार में होने वाले बदलावों का असर बना हुआ है। ऐसे में केंद्रीय बैंक के कदमों को बाजार में अत्यधिक अस्थिरता कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">राजकोषीय अनुशासन और विदेशी मुद्रा भंडार पर सरकार का जोर</h4>



<p>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार और नीति-निर्माताओं का ध्यान अर्थव्यवस्था के मजबूत व्यापक आर्थिक आधार को बनाए रखने पर है। इसके लिए राजकोषीय अनुशासन और पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार पर जोर दिया जा रहा है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि रुपए में हालिया कमजोरी के पीछे ऐसे कई कारण हैं, जो भारत के सीधे नियंत्रण में नहीं हैं। वैश्विक आर्थिक हालात और बाहरी चुनौतियों का असर घरेलू मुद्रा पर पड़ रहा है।</p>



<p>सीतारमण के मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में रुपए के मूल्य में काफी गिरावट आई है। इसे नियंत्रित करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं, लेकिन मुद्रा की चाल को प्रभावित करने वाले ज्यादातर कारक देश के बाहर से जुड़े हुए हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">रुपए के लिए कोई निश्चित स्तर तय करना RBI का लक्ष्य नहीं</h4>



<p>वित्त मंत्री के बयान से संकेत मिलता है कि RBI की रणनीति रुपए को किसी निर्धारित विनिमय दर पर बनाए रखने के बजाय विदेशी मुद्रा बाजार में व्यवस्थित कारोबार सुनिश्चित करने और अत्यधिक अस्थिरता को कम करने पर केंद्रित है।</p>



<p>केंद्रीय बैंक जरूरत के मुताबिक नियामक कदम उठाता रहेगा, ताकि बाजार में अनावश्यक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जा सके। आने वाले समय में रुपए की चाल पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के साथ-साथ RBI के नीतिगत फैसलों का भी असर पड़ सकता है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>दिवाली से पहले किसानों के खाते में आएंगे 5,000 रुपये, महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित अन्नदाताओं को दी राहत</title>
		<link>https://dastaktimes.org/rs-5000-will-come-to-farmers-accounts-before-diwali-maharashtra-government-gives-relief-to-drought-affected-farmers/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 12:06:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[265 तालुकों में सूखा]]></category>
		<category><![CDATA[6000 करोड़ रुपये]]></category>
		<category><![CDATA[एकनाथ शिंदे]]></category>
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		<category><![CDATA[किसानों को 5000 रुपये]]></category>
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		<category><![CDATA[देवेंद्र फडणवीस]]></category>
		<category><![CDATA[पंचनामा]]></category>
		<category><![CDATA[फसल नुकसान]]></category>
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		<category><![CDATA[महाराष्ट्र सरकार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-176-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-176-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-176-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-176.jpg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />मुंबई: महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले बड़ी आर्थिक राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के बैंक खातों में 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता राशि जमा करने का फैसला किया है। इसके तहत करीब एक से सवा करोड़ किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है। इस योजना पर &#8230;]]></description>
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<p>मुंबई: महाराष्ट्र में सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले बड़ी आर्थिक राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किसानों के बैंक खातों में 5,000 रुपये की अग्रिम सहायता राशि जमा करने का फैसला किया है। इसके तहत करीब एक से सवा करोड़ किसानों को लाभ मिलने का अनुमान है। इस योजना पर लगभग 6,000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि सरकार किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">पंचनामे पूरे होने पर किसानों को मिलेगी सहायता</h4>



<p>राज्य सरकार के मुताबिक, दिवाली से पहले उन किसानों को सहायता दी जाएगी, जिनकी फसल को नुकसान हुआ है और जिनके पंचनामे पूरे हो चुके हैं। राहत राशि के लिए फसल का नुकसान और पंचनामे का पूरा होना प्रमुख आधार होंगे।</p>



<p>सूत्रों के अनुसार, एक दिन पहले तक राज्य में 81 प्रतिशत पंचनामे पूरे हो चुके थे। सरकार की कोशिश है कि दिवाली से पहले बाकी पंचनामे भी पूरे कर लिए जाएं, ताकि पात्र किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।</p>



<p>सरकार का दावा है कि महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार सूखा प्रभावित किसानों को अग्रिम सहायता दी जा रही है। इससे पहले अंतिम सहायता के रूप में न्यूनतम 1,000 रुपये दिए जाते थे, जबकि अब न्यूनतम सहायता राशि 5,000 रुपये तय की गई है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">एकनाथ शिंदे बोले- किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देंगे</h4>



<p>महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि सरकार ने किसानों की दिवाली फीकी नहीं होने देने का वादा किया था। इसी वादे को पूरा करने के लिए दिवाली से पहले उनके बैंक खातों में 5,000 रुपये जमा करने का निर्णय लिया गया है।</p>



<p>उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को आगे भी आर्थिक सहायता दी जाएगी, लेकिन त्योहार से पहले राहत पहुंचाने के लिए फिलहाल 5,000 रुपये देने का फैसला किया गया है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">आचार संहिता को लेकर अधिकारियों पर नाराज हुए फडणवीस</h4>



<p>सूखे से निपटने के उपायों को लेकर हुई बैठक में आचार संहिता का मुद्दा भी उठा। कुछ मंत्रियों ने शिकायत की कि आचार संहिता लागू होने के कारण अधिकारी बैठकों में शामिल नहीं हो रहे हैं और चुनाव आयोग की अनुमति का हवाला दे रहे हैं।</p>



<p>इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी आचार संहिता का कारण बताकर सूखे से जुड़ी बैठक में शामिल नहीं हो रहा है, तो उसका नाम बताया जाए। उन्होंने ऐसे अधिकारियों को निलंबित करने की बात भी कही।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सूखे से निपटने के उपायों पर आचार संहिता लागू नहीं होती। मंत्रियों को अपने अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहिए और सूखे पर बैठक करने या राहत के उपाय लागू करने के लिए चुनाव आयोग की अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">महाराष्ट्र के 265 तालुकों में घोषित हुआ सूखा</h4>



<p>राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के 265 तालुकों में सूखा घोषित किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इसके दायरे में राज्य का करीब 75 प्रतिशत हिस्सा आया है। ऐसे में प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाना सरकार के सामने बड़ी चुनौती है।</p>



<p>दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अग्रिम मदद देने का फैसला इसी राहत प्रयास का हिस्सा है। अब सरकार की कोशिश है कि पात्र किसानों के पंचनामे समय पर पूरे हों और सहायता राशि उनके खातों में जमा की जा सके।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जुबीन गर्ग मौत मामले में बड़ा घटनाक्रम, एक साल बाद जेल से बाहर आईं अमृतप्रभा महंत; जमानत पाने वाली पहली आरोपी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/big-development-in-zubeen-garg-death-case-amritprabha-mahant-came-out-of-jail-after-a-year/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 12:02:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Amritprabha Mahanta]]></category>
		<category><![CDATA[Zubeen Garg]]></category>
		<category><![CDATA[अमृतप्रभा महंत]]></category>
		<category><![CDATA[अमृतप्रभा महंत जमानत]]></category>
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		<category><![CDATA[गुवाहाटी हाईकोर्ट]]></category>
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		<category><![CDATA[जुबीन गर्ग मौत मामला]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-100-e1791963178229-300x169.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-100-e1791963178229-300x169.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-100-e1791963178229-390x220.png 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-100-e1791963178229.png 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में आरोपी अमृतप्रभा महंत को बड़ी राहत मिली है। करीब एक साल जेल में रहने के बाद मंगलवार को उन्हें रिहा कर दिया गया। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। अदालत के आदेश के चार दिन बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-100-e1791963178229-300x169.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-100-e1791963178229-300x169.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-100-e1791963178229-390x220.png 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-100-e1791963178229.png 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: असम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में आरोपी अमृतप्रभा महंत को बड़ी राहत मिली है। करीब एक साल जेल में रहने के बाद मंगलवार को उन्हें रिहा कर दिया गया। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी। अदालत के आदेश के चार दिन बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने पर वह हाफलोंग सब-जेल से बाहर आईं। इस मामले में मुख्य केस में जमानत पाने वाली वह पहली आरोपी बताई जा रही हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद हुई रिहाई</h4>



<p>अमृतप्रभा महंत पिछले करीब एक साल से जेल में बंद थीं। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने उन्हें बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया था। इसके बाद जेल प्रशासन ने निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी की और मंगलवार को उन्हें रिहा कर दिया गया।</p>



<p>उनकी रिहाई को जुबीन गर्ग की मौत से जुड़े मामले में एक अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। अब इस मामले में आगे होने वाली जांच और न्यायिक कार्यवाही पर नजर बनी हुई है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">जुबीन गर्ग की मौत ने संगीत जगत को झकझोर दिया था</h4>



<p>जुबीन गर्ग असम के लोकप्रिय गायकों में शामिल थे। उनकी मौत की खबर से संगीत जगत के साथ-साथ उनके प्रशंसकों को भी गहरा झटका लगा था। उनकी मौत से जुड़ा मामला लगातार जांच और कानूनी कार्यवाही के कारण चर्चा में रहा है।</p>



<p>इस प्रकरण में अमृतप्रभा महंत को आरोपी बनाया गया था और उन्हें जेल में रहना पड़ा। अब हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई हुई है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">जमानत का मतलब आरोपों से बरी होना नहीं</h4>



<p>अमृतप्रभा महंत को जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि उन्हें मामले में पूरी तरह बरी कर दिया गया है। जमानत पर रिहा होने के बाद भी आरोपी को अदालत की ओर से तय शर्तों का पालन करना होता है। मामले से जुड़ी जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे जारी रह सकती है।</p>



<p>प्रकरण में अंतिम स्थिति अदालत में होने वाली सुनवाई और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">आगे की कानूनी कार्यवाही पर टिकी नजरें</h4>



<p>जुबीन गर्ग के प्रशंसक और असम के लोग उनकी मौत से जुड़े मामले में जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अमृतप्रभा महंत को जमानत मिलने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और जांच से जुड़े घटनाक्रम इस मामले की दिशा के लिहाज से अहम रहेंगे.</p>



<p></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी से भड़के CM धामी, बोले- देवभूमि के लाल का अपमान बर्दाश्त नहीं</title>
		<link>https://dastaktimes.org/enraged-by-rahul-gandhis-comment-on-ajit-doval-cm-dhami-said-that-insult-to-the-son-of-devbhoomi-cannot-be-tolerated/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 08:39:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/23_05_2025-ukcm__23944543_m-1791-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/23_05_2025-ukcm__23944543_m-1791-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/23_05_2025-ukcm__23944543_m-1791-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/23_05_2025-ukcm__23944543_m-1791.webp 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />देहरादून: अजीत डोभाल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख रणनीतिक स्तंभ हैं और उनके पद और भूमिका की गरिमा का संरक्षण न केवल उत्तराखंड बल्कि समूचे भारत का विषय है। ऐसा मानना है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का। दरअसल , राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/23_05_2025-ukcm__23944543_m-1791-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/23_05_2025-ukcm__23944543_m-1791-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/23_05_2025-ukcm__23944543_m-1791-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/23_05_2025-ukcm__23944543_m-1791.webp 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>देहरादून: </strong>अजीत डोभाल भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रमुख रणनीतिक स्तंभ हैं और उनके पद और भूमिका की गरिमा का संरक्षण न केवल उत्तराखंड बल्कि समूचे भारत का विषय है। ऐसा मानना है उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का। दरअसल , राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की टिप्पणियों पर उत्तराखंड में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इन टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि देवभूमि के लाल का अपमान राज्यवासी किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं करेंगे। साथ ही इस मामले में उत्तराखंड कांग्रेस से अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने सवाल किया कि प्रदेश कांग्रेस के नेता अपने शीर्ष नेतृत्व से इस संबंध में सवाल करेंगे या फिर राहुल गांधी के बयानों का समर्थन करते रहेंगे।</p>



<p>धामी इस बात को समझते हैं कि सरकार में जिन लोगों की क्रेडिबिलिटी पर कोई सवाल खड़े होने की बात ही नहीं आती , यदि उनकी भूमिकाओं को संदेह के दायरे में लाने का प्रयास राहुल गांधी जैसे लोगों द्वारा किया जाता है, तो ये एक सोची समझी चाल है। यह ट्रस्ट डेफिसिट पैदा करने का प्रयास है जिससे सरकार अथवा बीजेपी के उन अहम नेताओं जो निष्पक्ष भूमिका के लिए जाने जाते हैं, उनको भी कटघरे में खड़ा कर दिया जाय, जिससे हर छोटे बड़े स्तर के नेता के खिलाफ जब मन में आए तब आसानी से आरोप लगाएं जा सकें।</p>



<figure class="wp-block-image size-full"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pushkar_dhami1_2.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" width="999" height="640" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pushkar_dhami1_2.jpg" alt="" class="wp-image-881395" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pushkar_dhami1_2.jpg 999w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pushkar_dhami1_2-300x192.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pushkar_dhami1_2-768x492.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 999px) 100vw, 999px" /></a></figure>



<p>मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एनएसए डोभाल ने देश की सुरक्षा और सामरिक हितों के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक टिप्पणी करते समय नेताओं को अपनी भाषा और तथ्यों की गंभीरता का ध्यान रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि डोभाल को बार-बार निशाना बनाने के मामले में उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं को अपना पक्ष सार्वजनिक करना चाहिए।</p>



<p>उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से सवाल किया कि क्या वे अपने शीर्ष नेतृत्व से राहुल गांधी की टिप्पणियों के संबंध में सवाल पूछेंगे। क्या वे उत्तराखंड के सपूत अजीत डोभाल के प्रति अपना सम्मान सार्वजनिक रूप से व्यक्त करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह प्रदेश के गौरव के साथ खड़ी है या राहुल गांधी के बयानों के समर्थन में।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर चर्चा तथ्यात्मक और जिम्मेदारीपूर्ण होनी चाहिए। सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखना सभी नेताओं का दायित्व है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने राष्ट्रसेवा, सैन्य पराक्रम और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले अनेक सपूत देश को दिए हैं। प्रदेश को उनकी उपलब्धियों पर गर्व है। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड अपने सपूतों के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं करेगी।</p>



<p><strong><em>क्या हैं राहुल गांधी के आरोप</em> :</strong></p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/india.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" width="640" height="359" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/india.jpg" alt="" class="wp-image-919399" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/india.jpg 640w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/india-300x168.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/india-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 640px) 100vw, 640px" /></a></figure>
</div>


<p>कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल पर देश के नागरिकों की डिजिटल निगरानी और फोन टैपिंग से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं। राहुल गांधी ने एक वीडियो बयान में आरोप लगाया कि अजित डोभाल के पास देश के लोगों के फोन, व्हाट्सएप और फेसबुक की जानकारियां रहती हैं और फोन टैप कराए जाते हैं, जिसकी जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह तक पहुंचाई जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी ने अजित डोभाल को देश का &#8216;विलेन&#8217; (खलनायक) भी करार दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में भारी विवाद खड़ा हो गया है। इस बयान के बाद भाजपा और कई पूर्व सैन्य अधिकारियों ने राहुल गांधी की कड़ी आलोचना की है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी समेत कई नेताओं ने इसे देवभूमि उत्तराखंड और देश के सैनिकों के सम्मान के खिलाफ बताया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ज्ञानेश कुमार को मिली कानूनी छूट पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, क्या चुनाव आयुक्तों के खिलाफ भी हो सकेगी कार्रवाई?</title>
		<link>https://dastaktimes.org/hearing-in-the-supreme-court-on-the-legal-exemption-given-to-gyanesh-kumar-will-action-be-taken-against-the-election-commissioners-also/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 07:25:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/EC-2-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/EC-2-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/EC-2-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/EC-2.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से संरक्षण देने वाले कानून के एक प्रावधान की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई करने की सहमति दी है। अदालत ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/EC-2-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/EC-2-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/EC-2-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/EC-2.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों को कानूनी कार्रवाई से संरक्षण देने वाले कानून के एक प्रावधान की संवैधानिक वैधता पर सुनवाई करने की सहमति दी है। अदालत ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त अधिनियम, 2023 की धारा 16 को चुनौती दी गई है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">किस कानून को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती?</h4>



<p>यह मामला मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 16 से जुड़ा है। इस प्रावधान के तहत मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और निर्वाचन आयुक्तों को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किए गए कुछ कार्यों और दिए गए बयानों के संबंध में कानूनी कार्रवाई से संरक्षण मिलता है।</p>



<p>गैर सरकारी संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने इस प्रावधान की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए हैं। संगठन ने अदालत से धारा 16 को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने जारी किया नोटिस</h4>



<p>मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग से इस मामले में अपना पक्ष रखने को कहा है।</p>



<p>फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने धारा 16 की संवैधानिक वैधता पर कोई अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। आगे की सुनवाई में इस प्रावधान से जुड़े कानूनी सवालों पर विचार किया जाएगा।</p>



<h4 class="wp-block-heading">धारा 16 में क्या है प्रावधान?</h4>



<p>अधिनियम की धारा 16 के अनुसार, किसी अन्य लागू कानून में कुछ भी प्रावधान होने के बावजूद अदालत ऐसे व्यक्ति के खिलाफ दीवानी या आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं करेगी या जारी नहीं रखेगी, जो मुख्य निर्वाचन आयुक्त या निर्वाचन आयुक्त है अथवा रह चुका है।</p>



<p>यह संरक्षण उन कार्यों और बयानों पर लागू होता है, जिन्हें संबंधित अधिकारी ने अपने आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान किया हो या कर्तव्यों के निर्वहन के तहत किए जाने का दावा किया हो।</p>



<p>याचिका में इसी कानूनी संरक्षण की सीमा और संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाए गए हैं। अदालत को यह तय करना होगा कि धारा 16 संविधान के प्रावधानों के अनुरूप है या नहीं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">दूसरी लंबित याचिका के साथ जोड़ा गया मामला</h4>



<p>सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने ADR की याचिका को इसी तरह के मुद्दे से जुड़ी एक अन्य लंबित याचिका के साथ जोड़ दिया है। इससे दोनों मामलों में उठाए गए कानूनी सवालों पर एक साथ विचार किया जा सकेगा।</p>



<p>अदालत के सामने फिलहाल इस प्रावधान की संवैधानिक वैधता का सवाल है। केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग का जवाब मिलने के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">क्या ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खुलेगा?</h4>



<p>धारा 16 को चुनौती दिए जाने से यह तय नहीं हो जाता कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किसी विशेष मामले में कार्रवाई की जा सकती है या नहीं। इस संबंध में स्थिति सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले और संबंधित मामले के तथ्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।</p>



<p>यह मामला निर्वाचन आयोग के शीर्ष अधिकारियों को आधिकारिक कामकाज के दौरान मिलने वाले कानूनी संरक्षण और उसकी संवैधानिक सीमाओं से जुड़ा है। अदालत का फैसला इस प्रावधान के दायरे को लेकर महत्वपूर्ण हो सकता है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन का बड़ा आरोप, भारत में मोदी विरोधी ताकतों को मिल रही विदेशी फंडिंग; CJP संस्थापक अभिजीत दीपके पर उठाए सवाल</title>
		<link>https://dastaktimes.org/american-singer-mary-milbens-big-allegation-that-anti-modi-forces-in-india-are-getting-foreign-funding-questions-raised-on-cjp-founder-abhijit-deepke/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 14 Oct 2026 07:21:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Abhijit Deepke]]></category>
		<category><![CDATA[CEC]]></category>
		<category><![CDATA[CJP]]></category>
		<category><![CDATA[Mary Millben]]></category>
		<category><![CDATA[SIR]]></category>
		<category><![CDATA[अभिजीत दीपके]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिकी डोनर]]></category>
		<category><![CDATA[कॉकरोच जनता पार्टी]]></category>
		<category><![CDATA[ज्ञानेश कुमार]]></category>
		<category><![CDATA[नरेंद्र मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[मैरी मिलबेन]]></category>
		<category><![CDATA[मोदी विरोधी प्रदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[विदेशी फंडिंग]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0144-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0144-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0144-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0144.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के कुछ डोनर भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने वाली ताकतों को आर्थिक मदद दे रहे हैं। मैरी मिलबेन ने देश के युवाओं से इस मुद्दे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0144-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0144-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0144-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/0144.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: अमेरिकी सिंगर मैरी मिलबेन ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका के कुछ डोनर भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने वाली ताकतों को आर्थिक मदद दे रहे हैं। मैरी मिलबेन ने देश के युवाओं से इस मुद्दे पर आवाज उठाने और अभिजीत दीपके की पार्टी के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट करने की अपील की है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">मैरी मिलबेन ने अमेरिकी डोनर पर लगाए आरोप</h4>



<p>मैरी मिलबेन के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करने वाले कुछ अमेरिकी डोनर अभिजीत दीपके और उनसे जुड़े समूह को फंडिंग दे रहे हैं। उनका दावा है कि इस तरह की आर्थिक मदद के जरिए भारत की व्यवस्था को कमजोर करने और देश के विकास में बाधा डालने की कोशिश की जा रही है।</p>



<p>सिंगर ने युवाओं को आगाह करते हुए आरोप लगाया कि भारत में सक्रिय मोदी विरोधी कार्यकर्ताओं को अमेरिकी डोनर के माध्यम से आर्थिक सहायता मिल रही है। हालांकि, ये आरोप हैं और खबर में इनके समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण नहीं दिया गया है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है CJP</h4>



<p>कॉकरोच जनता पार्टी इन दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन कर रही है। पार्टी चुनावी प्रक्रिया और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है।</p>



<p>इसी राजनीतिक गतिविधि के बीच मैरी मिलबेन की टिप्पणी सामने आई है। उन्होंने CJP और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की भूमिका पर सवाल उठाते हुए युवाओं से इस मामले में अपना पक्ष रखने की अपील की है।</p>



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