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	<title>अन्तर्राष्ट्रीय &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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	<title>अन्तर्राष्ट्रीय &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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		<title>पश्चिम एशिया में तनाव के बीच रूसी विदेश मंत्री लावरोव पहुंचे चीन, द्विपक्षीय मुद्दों पर होगी बात</title>
		<link>https://dastaktimes.org/russian-foreign-minister-lavrov-arrives-in-china-amid-tension-in-west-asia-bilateral-issues-will-be-discussed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 09:45:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/142-300x168.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/142-300x168.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/142-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/142.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मंगलवार को आधिकारिक दौरे पर चीन (China) पहुंचे। रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि लावरोव 14 से 15 अप्रैल तक चीन में रहेंगे। रूसी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में घोषणा की, ’14-15 अप्रैल को विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव &#8230;]]></description>
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<p>नई दिल्ली : रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव मंगलवार को आधिकारिक दौरे पर चीन (China) पहुंचे। रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि लावरोव 14 से 15 अप्रैल तक चीन में रहेंगे। रूसी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक्स पर एक पोस्ट में घोषणा की, ’14-15 अप्रैल को विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव चीन की आधिकारिक यात्रा पर जाएंगे। यहांं वह चीनी विदेश मंत्री वांग यी से बातचीत करेंगे। उनसे द्विपक्षीय मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ-साथ महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मामलों पर चर्चा करने की उम्मीद है।’</p>



<p>इससे पहले, रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ फोन पर हुई बातचीत के दौरान, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी थी कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा की गई उत्तेजक कार्रवाइयों के वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरनाक परिणाम हो सकते हैं। बातचीत के दौरान, अराघची ने युद्धविराम की घोषणा और उसके बाद इस्लामाबाद में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता (11-12 अप्रैल) के बाद के नवीनतम क्षेत्रीय घटनाक्रमों की समीक्षा की। सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उन्होंने ‘फारस की खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका की उकसाने वाली कार्रवाइयों के क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए खतरनाक परिणामों की चेतावनी दी।</p>



<p>12 अप्रैल को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने पश्चिम एशिया में हो रहे नवीनतम घटनाक्रमों पर चर्चा की। पेजेश्कियन ने 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में हुई ईरान-अमेरिका वार्ता का अपना आकलन साझा किया और स्थिति को शांत करने के उद्देश्य से अंतरराष्ट्रीय मंचों सहित विभिन्न मंचों पर रूस के सैद्धांतिक रुख की सराहना की। व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिम एशिया में न्यायपूर्ण और स्थायी शांति स्थापित करने के हित में संघर्ष के राजनीतिक और राजनयिक समाधान को सुविधाजनक बनाने और मध्यस्थता प्रयासों को जारी रखने के लिए रूस की तत्परता की पुष्टि की।</p>



<p>इस बीच, चीनी प्रधानमंत्री ली कियांग ने सोमवार को कहा कि चीन खाड़ी क्षेत्र में शांति और स्थिरता की बहाली में भूमिका निभाने और योगदान देने के लिए तैयार है। ली ने बीजिंग में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात के दौरान ये टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि ईरान में संघर्ष शुरू होने के बाद से चीन संबंधित पक्षों के साथ लगातार संपर्क में है और शांति को बढ़ावा देने और युद्ध को समाप्त करने के लिए सक्रिय रूप से प्रतिबद्ध है।</p>
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		<title>ईरान की तरफ से 5 साल तक परमाणु प्रोजेक्ट रोकने का प्रस्ताव, अमेरिका 20 साल के लिए अड़ा</title>
		<link>https://dastaktimes.org/irans-proposal-to-stop-nuclear-project-for-5-years-america-is-adamant-for-20-years/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 09:43:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/crude-oil-768x576-1-300x225.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/crude-oil-768x576-1-300x225.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/crude-oil-768x576-1.jpg 768w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : पाक‍िस्‍तान में अमेर‍िका (US) और ईरान (Iran) के बीच हुई बातचीत में क‍िसी तरह का हल नहीं न‍िकलने के दूसरे द‍िन क्रूड ऑयल (Crude Oil) के दाम में ग‍िरावट देखी जा रही है. दोनों देशों के बीच हुई बातचीत फेल होने के बाद क्रूड के दाम में जबरदस्‍त तेजी देखी गई थी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/crude-oil-768x576-1-300x225.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/crude-oil-768x576-1-300x225.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/crude-oil-768x576-1.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली : पाक&#x200d;िस्&#x200d;तान में अमेर&#x200d;िका (US) और ईरान (Iran) के बीच हुई बातचीत में क&#x200d;िसी तरह का हल नहीं न&#x200d;िकलने के दूसरे द&#x200d;िन क्रूड ऑयल (Crude Oil) के दाम में ग&#x200d;िरावट देखी जा रही है. दोनों देशों के बीच हुई बातचीत फेल होने के बाद क्रूड के दाम में जबरदस्&#x200d;त तेजी देखी गई थी और दाम चढ़कर 100 डॉलर प्रत&#x200d;ि बैरल के लेक&#x200d;िन अब इसमें ग&#x200d;िरावट देखी जा रही है. क्रूड के दाम में ग&#x200d;िरावट ईरान की तरफ से 5 साल के ल&#x200d;िए परमाणु प्रोजेक्ट रोकने के प्रस्&#x200d;ताव के बाद देखी जा रही है. हालांकि अमेरिका की तरफ से इसे नहीं माना जा रहा और 20 साल रोक की मांग पर जोर दिया जा रहा है.</p>



<p>डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री नाकाबंदी शुरू कर दी है. ट्रंप की तरफ से दी गई चेतावनी में साफ कहा गया है क&#x200d;ि कोई भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के पास आया तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा. इससे भी तेल को लेकर बन रही अन&#x200d;िश्&#x200d;च&#x200d;ितता में व&#x200d;िराम लगा है. पाकिस्तान में प&#x200d;िछले द&#x200d;िनों हुई बातचीत के दौरान ईरान की परमाणु गतिविधियों को रोकने के लिए अमेरिका और ईरान की तरफ से एक-दूसरे को प्रस्ताव द&#x200d;िये गए थे. न्यूयॉर्क टाइम्स में प्रकाशित र&#x200d;िपोर्ट के अनुसार ईरान ने 5 साल तक अपने परमाणु प्रोजेक्ट को रोकने का प्रस्ताव दिया था. लेक&#x200d;िन अमेरिका की तरफ से इसे नहीं माना गया और 20 साल रोक की मांग पर जोर दिया गया.</p>
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		<item>
		<title>पश्चिम एशिया तनाव के बीच उत्तर कोरिया का सैन्य प्रदर्शन, नए युद्धपोत से मिसाइल परीक्षण</title>
		<link>https://dastaktimes.org/north-koreas-military-demonstration-amid-west-asia-tension-missile-test-from-new-warship/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 09:41:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="245" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kim--300x245.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kim--300x245.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kim-.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />सियोल : पश्चिम एशिया (west asia) में जारी तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर खतरनाक मिसाइल परीक्षण किया है। देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन (kim jong un) ने सप्ताहांत में नए युद्धपोत से किए गए इस परीक्षण का स्वयं निरीक्षण किया और नौसेना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="245" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kim--300x245.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kim--300x245.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kim-.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>सियोल : पश्चिम एशिया (west asia) में जारी तनाव के बीच उत्तर कोरिया ने अपनी सैन्य ताकत का प्रदर्शन करते हुए एक बार फिर खतरनाक मिसाइल परीक्षण किया है। देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन (kim jong un) ने सप्ताहांत में नए युद्धपोत से किए गए इस परीक्षण का स्वयं निरीक्षण किया और नौसेना की शक्ति बढ़ाने का ऐलान किया।</p>



<p>सरकारी मीडिया के मुताबिक, रविवार को 5,000 टन वजनी विध्वंसक जहाज ‘चोए ह्योन’ से दो सामरिक क्रूज मिसाइलों और तीन जहाज-रोधी मिसाइलों का सफल प्रक्षेपण किया गया। यह आधुनिक युद्धपोत पहली बार अप्रैल 2025 में दुनिया के सामने लाया गया था।</p>



<p>रिपोर्ट के अनुसार, क्रूज मिसाइलों ने दो घंटे से अधिक समय तक उड़ान भरते हुए तय लक्ष्यों को भेदा, जबकि जहाज-रोधी मिसाइलें करीब 30 मिनट तक पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में अपने निर्धारित निशानों पर सटीक वार करती रहीं। कोरियाई सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी द्वारा जारी तस्वीरों में किम और वरिष्ठ अधिकारी समुद्र तट से इस परीक्षण का अवलोकन करते नजर आए।</p>



<p>किम जोंग उन ने परीक्षण के बाद साफ संकेत दिए कि उनका प्रशासन परमाणु हथियारों के विस्तार की नीति पर और तेज़ी से आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि देश की परमाणु हमले और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नए रणनीतिक फैसले लिए जा रहे हैं। इससे पहले भी पिछले महीने किम ने इसी युद्धपोत से किए गए परीक्षणों का निरीक्षण किया था और नौसेना में परमाणु क्षमता को तेजी से बढ़ाने की बात कही थी।</p>



<p>रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि उत्तर कोरिया अपने तीसरे और चौथे विध्वंसक युद्धपोतों के लिए उन्नत हथियार प्रणालियों की योजना पर काम कर रहा है। इन जहाजों को एंटी-एयर, एंटी-शिप और परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक व क्रूज मिसाइलों से लैस करने की तैयारी है। दक्षिण कोरिया के विशेषज्ञों का मानना है कि इन युद्धपोतों के निर्माण में रूस की तकनीकी मदद मिल सकती है, हालांकि उनकी पूर्ण संचालन क्षमता को लेकर अभी भी संदेह बना हुआ है।</p>



<p>पिछले वर्ष मई में इसी श्रेणी के दूसरे विध्वंसक ‘कांग कोन’ का अनावरण किया गया था, जो प्रारंभिक परीक्षण के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। बाद में मरम्मत के बाद इसे फिर से लॉन्च किया गया, लेकिन इसकी कार्यक्षमता पर सवाल उठते रहे हैं। सरकारी जानकारी के अनुसार, पश्चिमी तट स्थित नैम्पो शिपयार्ड में निर्माणाधीन तीसरे युद्धपोत को अक्टूबर में वर्कर्स पार्टी की स्थापना की वर्षगांठ तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>होर्मुज नाकाबंदी तोड़ी तो समंदर में उड़ा देंगे जहाज, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी डेडलाइन खत्म होने के बाद दी चेतावनी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/if-hormuz-blockade-is-broken-ships-will-be-blown-into-the-sea/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 08:55:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/trump-khamnai-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/trump-khamnai-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/trump-khamnai-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/trump-khamnai.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की तय की गई डेडलाइन (deadline) अब खत्म हो चुकी है. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी है. इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने आक्रामक चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि इस नाकेबंदी को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/trump-khamnai-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/trump-khamnai-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/trump-khamnai-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/trump-khamnai.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली : होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की तय की गई डेडलाइन (deadline) अब खत्म हो चुकी है. अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी शुरू कर दी है. इसी बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने आक्रामक चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि इस नाकेबंदी को जो भी जहाज तोड़ने की कोशिश करेगा उसे समंदर में ही उड़ा दिया जाएगा.</p>



<p>राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ”नाकाबंदी तोड़ने वाले जहाजों को वैसे ही उड़ाया जाएगा, जैसे हम ड्रग्स तस्करों के जहाज को नष्ट करते हैं.” इसके साथ ही पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिकी नाकेबंदी के खिलाफ ईरान कैसी प्रतिक्रिया देने वाला है. इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता की विफलता के बाद हालात तेजी से बिगड़े हैं. पाकिस्तान की कोशिशों के बावजूद दोनों देशों के बीच बात नहीं बनी है. ट्रंप ने साफ चेतावनी दी थी कि यदि होर्मुज नहीं खुला, तो अमेरिका किसी भी जहाज को ईरान की ओर आने-जाने नहीं देगा. भारतीय समय के अनुसार शाम साढ़े सात बजे ये डेडलाइन पूरी हो गई. इस ऐलान ने पहले ही समुद्री गतिविधियों को प्रभावित कर दिया है.</p>



<p>ईरान ने ट्रंप की धमकी के जवाब में अपना रुख सख्त कर लिया है. ईरानी सुरक्षा बलों ने कहा है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब दिया जाएगा और उनके पास अभी भी कई सीक्रेट हथियार मौजूद हैं. ईरान ने अमेरिकी नाकेबंदी को गैरकानूनी बताते हुए होर्मुज स्ट्रेट पर अपने स्थायी नियंत्रण की बात कही है. इसके साथ चेतावनी भी दी है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबफ ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए पेट्रोल कीमतों में भारी उछाल का इशारा किया. उन्होंने कहा कि नाकेबंदी के बाद दुनिया को मौजूदा कीमतें भी सस्ती लगेंगी. इस बढ़ते टकराव के बीच चीन ने सभी से संयम बरतने की अपील की है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपना स्टैंड साफ कर दिया है.</p>



<p>उन्होंने कहा कि ब्रिटेन युद्ध में शामिल नहीं होगा. उधर पोप लियो ने युद्ध के खिलाफ अपनी अपील दोहराई, लेकिन ट्रंप के तेवर नरम पड़ते नहीं दिख रहे. तनाव के बीच ट्रंप का आक्रामक रवैया लगातार चर्चा में है. उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी एक AI तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वह खुद को ईसा मसीह जैसी छवि में दिखाते नजर आए. इस कदम ने उनके रवैये को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या ट्रंप अब किसी भी दबाव या आलोचना की परवाह नहीं कर रहे? होर्मुज पहले से ही रणनीतिक हथियार बन चुका है. ईरान के मुताबिक, उसने इस समुद्री क्षेत्र में माइन्स बिछा रखी हैं. उसने बिना अनुमति गुजरने वाले जहाजों पर भीषण हमले की चेतावनी दी है.</p>



<p>हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान की सैन्य ताकत कमजोर हो चुकी है. उसकी नौसेना प्रभावी नहीं रही. अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा दी है. उसके विध्वंसक युद्धपोत पहले से तैनात हैं. इसके अलावा परमाणु पनडुब्बी भी क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमेरिका ने कहा कि वो समुद्री माइन्स हटाने की कार्रवाई करेगा.</p>



<p>इस बीच इज़राइल ने भी अपनी सैन्य तैयारी तेज कर दी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेन गुरियन एयरपोर्ट पर अमेरिकी KC-135 रिफ्यूलिंग विमान तैनात किए गए हैं. लेबनान में हिज्बुल्लाह के साथ संघर्ष भी जारी है, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने चेतावनी दी है कि वेस्ट एशिया संकट अर्थव्यवस्था के लिए खतरा है.</p>



<p>तेल सप्लाई और समुद्री व्यापार पर असर पड़ने से दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है. होर्मुज सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की धड़कन है. यहां टकराव का मतलब है तेल, व्यापार और कूटनीति पर असर पड़ना तय है. ट्रंप की सख्त नीति और ईरान की चुनौती ने हालात को विस्फोटक बना दिया है.</p>
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		<item>
		<title>वार्ता फेल होने के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारी तनाव, ट्रंप के आदेश पर US नेवी ने तैनात किए 15 युद्धपोत</title>
		<link>https://dastaktimes.org/heavy-tension-in-the-strait-of-hormuz-after-talks-fail-us-navy-deploys-15-warships-on-trumps-orders/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 08:24:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/7-8-300x200.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/7-8-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/7-8.webp 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर समुद्री नाकेबंदी की डेडलाइन समाप्त होने के बाद अमेरिकी सेना ने यहां से गुजरने वाले ईरानी जहाजों की निगरानी और रोकथाम शुरू कर दी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/7-8-300x200.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/7-8-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/7-8.webp 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>तेहरान: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर समुद्री नाकेबंदी की डेडलाइन समाप्त होने के बाद अमेरिकी सेना ने यहां से गुजरने वाले ईरानी जहाजों की निगरानी और रोकथाम शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के तहत अमेरिकी नौसेना के लगभग 15 युद्धपोत जलडमरूमध्य के पूर्वी हिस्से में तैनात किए गए हैं।</p>



<p>राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी नौसेना ईरान से तेल लेकर निकलने वाले टैंकरों को रोकेगी। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान पर होर्मुज जलडमरूमध्य में ट्रैफिक बाधित कर “आर्थिक आतंकवाद” फैलाने का आरोप लगाया है। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि अगर ईरान ऐसी गतिविधियां जारी रखता है, तो अमेरिका यह सुनिश्चित करेगा कि उसका कोई भी जहाज बाहर न निकल सके।</p>



<p>नाकेबंदी के बीच ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी निगरानी में एक दिन में 34 जहाज होर्मुज से गुजरे, जो हालिया तनाव के बाद सबसे बड़ी संख्या है। उन्होंने ईरान द्वारा जलडमरूमध्य को बाधित करने की कोशिश को “बेवकूफी भरा कदम” बताया। इस बीच, ईरान ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह की नाकेबंदी का असर केवल तेल आपूर्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका व्यापक प्रभाव वैश्विक बाजारों पर पड़ेगा।</p>
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		<title>21 को खत्म होगा सीजफायर, इससे पहले एक और स्थायी शांति की कोशिश; अमेरिका-ईरान के बीच फिर हो सकती है बातचीत</title>
		<link>https://dastaktimes.org/ceasefire-will-end-on-21st-before-this-another-attempt-for-permanent-peace/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 07:41:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-6-300x200.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-6-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-6.webp 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) की समय सीमा 21 अप्रैल तक तय की गई है। इस बीच, दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में शनिवार को करीब 21 घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही। सीजफायर की डेडलाइन खत्म होने से पहले एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने बातचीत की संभावना तलाश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-6-300x200.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-6-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-6.webp 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम (सीजफायर) की समय सीमा 21 अप्रैल तक तय की गई है। इस बीच, दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में शनिवार को करीब 21 घंटे तक चली वार्ता बेनतीजा रही।</p>



<p>सीजफायर की डेडलाइन खत्म होने से पहले एक बार फिर दोनों पक्ष आमने-सामने बातचीत की संभावना तलाश रहे हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार्ता फिर से शुरू करने की इच्छा जताई है, बशर्ते उन्हें लगे कि ईरान उनकी शर्तों पर विचार करने को तैयार है।</p>



<p>समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस (एपी) के मुताबिक, वॉशिंगटन और तेहरान 21 अप्रैल की समय सीमा से पहले अपने छह सप्ताह लंबे संघर्ष को समाप्त करने के लिए नई वार्ता पर विचार कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, बातचीत का अगला दौर गुरुवार को आयोजित हो सकता है।</p>



<p>रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मध्यस्थ देशों में से एक के राजनयिक ने संकेत दिया है कि दोनों पक्ष वार्ता को लेकर सहमत हो चुके हैं, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। संभावित बैठक इस्लामाबाद या जिनेवा में हो सकती है।</p>



<p>दोनों देशों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं, लेकिन राजनयिक स्तर पर समाधान की कोशिशें तेज हो गई हैं।</p>



<p>इस बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वार्ता के दौरान कुछ प्रगति हुई है और ईरान ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। फॉक्स न्यूज से बातचीत में वेंस ने कहा, “हम यह नहीं कहेंगे कि सब कुछ गलत हुआ। कई मामलों में प्रगति भी हुई है।”</p>



<p>गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि ईरान की ओर से समझौते की इच्छा जताई गई है। अब आगे की वार्ता में ठोस नतीजा निकलने की संभावना पर नजर बनी हुई है।</p>
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		<title>होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी फेल, मेथेनॉल की खेप लेकर बड़े आराम से निकला चीन का मालवाहक जहाज</title>
		<link>https://dastaktimes.org/american-blockade-in-hormuz-failed-chinese-cargo-ship-carrying-a-consignment-of-methanol-passed-smoothly/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 14 Apr 2026 07:40:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/USA-2-300x200.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/USA-2-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/USA-2.webp 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: अमेरिका की कोशिशों के बावजूद होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नाकाबंदी 24 घंटे के भीतर ही विफल हो गई, जब ईरान की अनुमति से चीन का एक मालवाहक जहाज़ बिना किसी परेशानी के उस रास्ते से गुजर गया। इस जहाज़ पर लदी मेथेनॉल की खेप, जिसे अमेरिका ने पहले ही प्रतिबंधित किया था, को रोकने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/USA-2-300x200.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/USA-2-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/USA-2.webp 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: अमेरिका की कोशिशों के बावजूद होर्मुज़ जलडमरूमध्य में नाकाबंदी 24 घंटे के भीतर ही विफल हो गई, जब ईरान की अनुमति से चीन का एक मालवाहक जहाज़ बिना किसी परेशानी के उस रास्ते से गुजर गया। इस जहाज़ पर लदी मेथेनॉल की खेप, जिसे अमेरिका ने पहले ही प्रतिबंधित किया था, को रोकने में अमेरिका नाकाम रहा।</p>



<p>सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार (13 अप्रैल) को चीनी टैंकर “रिच स्टारी” केशम द्वीप के पास से होकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य में प्रवेश करने में सफल रहा। पहले इसे कुछ समय के लिए रोका गया था, लेकिन इसके बाद इसे आसानी से पार कर लिया गया और मंगलवार को यह ओमान की खाड़ी में देखा गया। यह जहाज़ फारस की खाड़ी से होकर अपने गंतव्य चीन के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था। मरीन ट्रैफिक के मुताबिक, इस टैंकर का नाम पहले “फुल स्टार” था और यह हांगकांग का झंडा लेकर चल रहा था, लेकिन अब इस पर चीन का ध्वज लहराता है।</p>



<p>चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने पहले ही अमेरिका को चेतावनी दी थी कि वह होर्मुज़ मामले में दखल न दे। चीन ने स्पष्ट किया था कि ईरान के साथ उसके व्यापारिक और ऊर्जा संबंध हैं और होर्मुज़ जलडमरूमध्य उनके लिए खुला होना चाहिए। अमेरिका ने अरब सागर और ओमान की खाड़ी में युद्धपोत तैनात कर रखे हैं और होर्मुज़ से गुजरने वाले जहाज़ों पर हमले की धमकी दी थी। इसके माध्यम से अमेरिका का उद्देश्य ईरान पर दबाव बनाकर उसे परमाणु हथियारों के निर्माण से रोकना है और आर्थिक नुकसान पहुंचाना है।</p>
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		<item>
		<title>ईरान तनाव के बीच चीन की नई चाल, PoK के पास बनाई नई काउंटी; भारत ने फिर जताया कड़ा विरोध</title>
		<link>https://dastaktimes.org/amid-iran-tension-chinas-new-move-created-a-new-county-near-pok/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 11:31:32 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="208" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pok-300x208.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pok-300x208.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pok-768x532.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pok.jpg 945w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : एक ओर दुनिया ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर नजरें टिकाए हुए है, वहीं दूसरी ओर चीन ने सीमावर्ती क्षेत्र में बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। चीन ने पाकिस्तान (China and Pakistan) अधिकृत कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान की सीमा से सटे अपने शिनजियांग क्षेत्र में एक नई प्रशासनिक इकाई (काउंटी) &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="208" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pok-300x208.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pok-300x208.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pok-768x532.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pok.jpg 945w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली : एक ओर दुनिया ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर नजरें टिकाए हुए है, वहीं दूसरी ओर चीन ने सीमावर्ती क्षेत्र में बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। चीन ने पाकिस्तान (China and Pakistan) अधिकृत कश्मीर (PoK) और अफगानिस्तान की सीमा से सटे अपने शिनजियांग क्षेत्र में एक नई प्रशासनिक इकाई (काउंटी) स्थापित कर दी है, जिससे क्षेत्रीय समीकरण फिर गरमा गए हैं।</p>



<p>रिपोर्ट्स के मुताबिक, “सेनलिंग” नाम की यह नई काउंटी काराकोरम पर्वतमाला के पास स्थित है और PoK के बेहद करीब मानी जा रही है। इस कदम को चीन की सुरक्षा रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है, खासकर वाखान कॉरिडोर की निगरानी और उइगर गतिविधियों पर नियंत्रण के संदर्भ में।</p>



<p>चीन इससे पहले भी शिनजियांग में “हेआन” और “हेकांग” नाम की दो नई काउंटियों का गठन कर चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि सीमावर्ती इलाकों में लगातार प्रशासनिक ढांचा मजबूत करना चीन की दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है।</p>



<p>भारत पहले ही इन कदमों का विरोध कर चुका है। भारत का साफ कहना है कि इन नई काउंटियों के कुछ हिस्से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के अंतर्गत आते हैं। खास तौर पर अक्साई चिन को लेकर भारत ने अपनी संप्रभुता दोहराई है और ऐसे किसी भी बदलाव को अस्वीकार्य बताया है।</p>



<p>जानकारी के अनुसार, सेनलिंग काउंटी को काशगर प्रशासन के तहत रखा जाएगा। काशगर ऐतिहासिक रूप से पुराने सिल्क रूट का अहम केंद्र रहा है और यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) की शुरुआत का भी प्रमुख बिंदु है, जो PoK से होकर गुजरता है।</p>



<p>विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कदम केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि सीमा क्षेत्रों पर पकड़ मजबूत करने की रणनीति है। वाखान कॉरिडोर-करीब 74 किमी लंबी यह संकरी पट्टी—चीन के लिए बेहद संवेदनशील मानी जाती है, क्योंकि यह ताजिकिस्तान और PoK के बीच स्थित है।</p>



<p>चीन को लंबे समय से आशंका रही है कि ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट से जुड़े उइगर लड़ाके इस रास्ते का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसे में नई काउंटी बनाकर चीन स्थानीय प्रशासन, सुरक्षा और निगरानी तंत्र को और मजबूत करना चाहता है।</p>



<p>विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत की चेतावनी के बावजूद उठाया गया यह कदम आने वाले समय में सीमा विवाद को और जटिल बना सकता है। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर भारत की नजर बनी हुई है और कूटनीतिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया जारी है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>युगांडा आर्मी चीफ का विवादित बयान: ‘तुर्किये की सबसे खूबसूरत महिला से कराऊं शादी’, मांग पूरी न हुई तो रिश्ते तोड़ने की धमकी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/controversial-statement-of-uganda-army-chief-i-will-marry-the-most-beautiful-woman-of-turkey/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 13 Apr 2026 04:53:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Africa Political News]]></category>
		<category><![CDATA[international news Hindi]]></category>
		<category><![CDATA[Muhoozi Kainerugaba Controversy]]></category>
		<category><![CDATA[Muhoozi Viral Statement]]></category>
		<category><![CDATA[Turkey Uganda Conflict]]></category>
		<category><![CDATA[Turkish Airlines Ban Threat]]></category>
		<category><![CDATA[Uganda Army Chief Statement]]></category>
		<category><![CDATA[Uganda News]]></category>
		<category><![CDATA[Uganda Turkey Relations]]></category>
		<category><![CDATA[अंतरराष्ट्रीय राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[तुर्किये विवाद]]></category>
		<category><![CDATA[मुहूजी कैनेरुगाबा बयान]]></category>
		<category><![CDATA[युगांडा खबर]]></category>
		<category><![CDATA[विवादित बयान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="227" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/66423908-511a-4d5a-ad32-b9efcb0ca509-300x227.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/66423908-511a-4d5a-ad32-b9efcb0ca509-300x227.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/66423908-511a-4d5a-ad32-b9efcb0ca509-768x581.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/66423908-511a-4d5a-ad32-b9efcb0ca509.jpg 1000w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />कम्पाला। युगांडा के आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के बेटे Muhoozi Kainerugaba एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने तुर्किये से अजीबोगरीब मांग रखते हुए कहा है कि उन्हें देश की ‘सबसे खूबसूरत महिला’ से शादी कराई जाए, वरना कूटनीतिक संबंध तोड़ दिए जाएंगे। 1 अरब डॉलर और शादी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="227" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/66423908-511a-4d5a-ad32-b9efcb0ca509-300x227.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/66423908-511a-4d5a-ad32-b9efcb0ca509-300x227.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/66423908-511a-4d5a-ad32-b9efcb0ca509-768x581.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/66423908-511a-4d5a-ad32-b9efcb0ca509.jpg 1000w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>कम्पाला। युगांडा के आर्मी चीफ और राष्ट्रपति के बेटे Muhoozi Kainerugaba एक बार फिर अपने विवादित बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने तुर्किये से अजीबोगरीब मांग रखते हुए कहा है कि उन्हें देश की ‘सबसे खूबसूरत महिला’ से शादी कराई जाए, वरना कूटनीतिक संबंध तोड़ दिए जाएंगे।</p>



<p><strong>1 अरब डॉलर और शादी की मांग, 30 दिन का अल्टीमेटम</strong><br>मुहूजी कैनेरुगाबा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए तुर्किये से 1 अरब डॉलर (करीब 9000 करोड़ रुपये) की मांग भी रखी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 30 दिनों के भीतर उनकी शर्तें पूरी नहीं हुईं, तो युगांडा तुर्किये से अपने कूटनीतिक रिश्ते समाप्त कर सकता है।</p>



<p><strong>तुर्किश एयरलाइंस पर बैन और दूतावास बंद करने की धमकी</strong><br>उन्होंने आगे कहा कि मांगें न माने जाने पर Turkish Airlines पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है और तुर्किये का दूतावास भी बंद कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने युगांडा के नागरिकों को तुर्किये की यात्रा से बचने की सलाह दी।</p>



<p><strong>इजराइल के समर्थन में सैनिक भेजने की पेशकश</strong><br>कैनेरुगाबा ने एक और बयान में इजराइल के समर्थन में एक लाख सैनिक भेजने की पेशकश भी की। हालांकि उनके इन बयानों पर तुर्किये की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।</p>



<p><strong>सोमालिया को लेकर तुर्किये पर लगाए आरोप</strong><br>उन्होंने तुर्किये पर आरोप लगाया कि उसने सोमालिया में इंफ्रास्ट्रक्चर, पोर्ट और एयरपोर्ट प्रोजेक्ट्स से आर्थिक लाभ कमाया, जबकि युगांडा ने अल-शबाब जैसे आतंकी संगठनों से लड़ाई का बोझ उठाया। इसी आधार पर उन्होंने 1 अरब डॉलर की मांग को जायज ठहराया।</p>



<p><strong>पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान</strong><br>यह पहला मौका नहीं है जब कैनेरुगाबा विवादों में आए हों। इससे पहले वह विपक्षी नेता बॉबी वाइन को लेकर धमकी भरे बयान दे चुके हैं। वर्ष 2022 में उन्होंने Giorgia Meloni से शादी के बदले 100 गाय देने का प्रस्ताव भी दिया था और प्रस्ताव ठुकराने पर रोम पर कब्जा करने जैसी बात कही थी। उस समय उनके पिता और राष्ट्रपति Yoweri Museveni को माफी मांगनी पड़ी थी।</p>



<p><strong>राजनीतिक महत्वाकांक्षा से जोड़कर देखे जा रहे बयान</strong><br>50 वर्षीय कैनेरुगाबा को राष्ट्रपति मुसेवेनी का संभावित उत्तराधिकारी माना जाता है, हालांकि इस पर आधिकारिक तौर पर इनकार किया गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयानों के जरिए वह खुद को राजनीति में मजबूत पहचान दिलाने की कोशिश कर रहे हैं।</p>



<p><br></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>‘असफल देश है ईरान’, पाकिस्तान में शांति वार्ता के बीच ट्रंप ने उड़ाया मजाक</title>
		<link>https://dastaktimes.org/iran-is-a-failed-country-trump-mocks-amid-peace-talks-in-pakistan/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Apr 2026 05:46:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/26-585x390-1-300x200.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/26-585x390-1-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/26-585x390-1.webp 585w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि बातचीत प्रारंभ हो चुकी है और आने वाले समय में हालात में बदलाव देखने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/26-585x390-1-300x200.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/26-585x390-1-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/26-585x390-1.webp 585w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि बातचीत प्रारंभ हो चुकी है और आने वाले समय में हालात में बदलाव देखने को मिल सकता है।</p>



<p>एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान को ‘असफल देश’ करार दिया, लेकिन साथ ही यह भी संकेत दिया कि यदि वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ती है, तो स्थिति में सुधार संभव है। उन्होंने खास तौर पर Strait of Hormuz का जिक्र करते हुए कहा कि यह अहम जलडमरूमध्य जल्द दोबारा खुल सकता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>



<p>परोक्ष बातचीत का दौर जारी<br>रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच सीधे तौर पर वार्ता नहीं हो रही है। पाकिस्तान के जरिए दोनों देशों के बीच बैक-चैनल संवाद चल रहा है। ट्रंप ने कहा कि बातचीत जारी है और जल्द ही यह स्पष्ट हो जाएगा कि ईरान इस प्रक्रिया को लेकर कितना गंभीर है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोतों पर भी विचार किया जा रहा है।</p>



<p>सख्त रुख के संकेत<br>ट्रंप ने अपने बयान में चेतावनी भरे लहजे का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि यदि यह वार्ता सफल नहीं होती है, तो अमेरिका ‘रीसेट’ के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके इस बयान को ईरान के लिए एक स्पष्ट संदेश माना जा रहा है कि बातचीत में प्रगति नहीं होने की स्थिति में अमेरिका कड़े कदम उठा सकता है।</p>
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