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	<title>जीवनशैली &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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	<title>जीवनशैली &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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		<title>नृसिंह जयंती आज, ऐसे करें भगवान नृसिंह की आराधना, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत पारण समय</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:47:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अद्धयात्म]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p1-27-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p1-27-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p1-27-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p1-27.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्‍ली : आज नृसिंह भगवान की जयंती मनाई जा रही है. भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए हर युग में अवतार लेते रहे हैं और धर्म की स्थापना करते आए हैं. भगवान विष्णु का एक अत्यंत उग्र और शक्तिशाली अवतार है नृसिंह भगवान, जिनका प्राकट्य भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए हुआ था. &#8230;]]></description>
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<p>नई दिल्&#x200d;ली : आज नृसिंह भगवान की जयंती मनाई जा रही है. भगवान अपने भक्तों की रक्षा के लिए हर युग में अवतार लेते रहे हैं और धर्म की स्थापना करते आए हैं. भगवान विष्णु का एक अत्यंत उग्र और शक्तिशाली अवतार है नृसिंह भगवान, जिनका प्राकट्य भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए हुआ था. आधा सिंह और आधा मनुष्य स्वरूप में प्रकट होकर उन्होंने अधर्म का नाश किया और भक्त की रक्षा की.</p>



<p>नृसिंह चतुर्दशी की तिथि 29 अप्रैल की शाम 7 बजकर 51 मिनट पर शुरू हो चुकी है और तिथि का समापन 30 अप्रैल यानी आज रात 9 बजकर 12 मिनट पर होगा.<br>नृसिंह जयंती मध्याह्न संकल्प का समय- सुबह 10 बजकर 59 मिनट से दोपहर 1 बजकर 38 मिनट तक रहेगा.<br>सायंकाल पूजा का समय शाम 4 बजकर 17 मिनट से शुरू होकर शाम 6 बजकर 56 मिनट तक रहेगा.<br>नृसिंह जयंती पारण समय 1 मई को सुबह 5 बजकर 41 मिनट पर होगा.</p>



<p>नृसिंह चतुर्दशी वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. मान्यता है कि इसी दिन गोधूली वेला में खंभे से प्रकट होकर भगवान नृसिंह ने हिरण्यकश्यप का वध किया था. यह दिन विशेष रूप से भक्तों की रक्षा, शत्रुओं के नाश और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है.</p>



<p>भगवान नृसिंह को उग्र और रक्षक स्वरूप में पूजा जाता है. मान्यता है कि उनकी नियमित उपासना करने से जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं. भक्तों के शत्रु और विरोधी शांत होते हैं, कोर्ट-कचहरी और विवादों से राहत मिलती है, तंत्र-मंत्र और नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा मिलती है. साथ ही भय, दुर्घटनाओं और अनहोनी से भी रक्षा होती है, जिससे व्यक्ति को मानसिक शांति और आत्मविश्वास प्राप्त होता है.</p>



<p>नृसिंह चतुर्दशी के दिन प्रातःकाल उठकर सबसे पहले घर की साफ-सफाई करें और स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण करें. भगवान नृसिंह का प्राकट्य गोधूली वेला में हुआ था, इसलिए सूर्यास्त के समय उनकी पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है. इस समय भगवान की प्रतिमा या चित्र के सामने घी का दीपक जलाएं, लाल फूल और प्रसाद अर्पित करें तथा अपनी मनोकामना व्यक्त करते हुए श्रद्धा से मंत्र जाप करें.</p>



<p>इस दिन व्रत रखने वाले भक्त जलाहार या फलाहार ग्रहण करते हैं और संयम का पालन करते हैं. अगले दिन जरूरतमंदों को अन्न और वस्त्र का दान देकर व्रत का पारण किया जाता है. जो लोग व्रत नहीं रखते, वे भी श्रद्धा और भक्ति से भगवान नृसिंह की पूजा कर सकते हैं और सात्विक जीवनशैली अपनाकर इस दिन का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं.</p>



<p>यदि कोई व्यक्ति शत्रु, विरोध या मुकदमे की समस्या से परेशान है, तो इस दिन भगवान नृसिंह को लाल फूल अर्पित करें और एक लाल रेशमी धागा उनके चरणों में चढ़ाएं. इसके बाद घी का चौमुखी दीपक जलाकर ‘ऊं नृसिंहाय शत्रु भुजबल विधराय स्वाहा’ मंत्र का 3, 5 या 11 माला जाप करें. पूजा के पश्चात उस लाल धागे को दाहिने हाथ में बांध लें, ऐसा करने से शत्रु बाधाएं शांत होती हैं.</p>
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		<title>कम उम्र में बुड़ापा ला देती है झुर्रियां, इन टिप्‍स की मदद से दूर हो जाएगी समस्‍या</title>
		<link>https://dastaktimes.org/wrinkles-bring-old-age-at-an-early-age-with-the-help-of-these-tips-the-problem-will-go-away/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:44:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-92-300x225.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-92-300x225.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-92.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्‍ली : उम्र बढ़ने के साथ ही हमारे शरीर और त्वचा पर बढ़ती उम्र के इफेक्ट दिखाई देने लगते हैं। इनमें झुर्रियां भी होती हैं, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि कम उम्र में ही हमारे चेहरे पर झुरियां दिखाई देती हैं। महिलाएं अपने कामों में इतनी उलझी रहती हैं कि सुंदरता &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-92-300x225.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-92-300x225.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-92.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्&#x200d;ली : उम्र बढ़ने के साथ ही हमारे शरीर और त्वचा पर बढ़ती उम्र के इफेक्ट दिखाई देने लगते हैं। इनमें झुर्रियां भी होती हैं, लेकिन कई बार ऐसा भी होता है कि कम उम्र में ही हमारे चेहरे पर झुरियां दिखाई देती हैं। महिलाएं अपने कामों में इतनी उलझी रहती हैं कि सुंदरता से उन्हें फर्क ही नहीं पड़ता. लेकिन, आप जब अपने लिए तरह-तरह के उबटन और क्रीम वगैरह लगा सकती हैं तो मम्मी के लिए एंटी-एजिंग और झुर्रियां दूर करने वाला फेस मास्क भी तैयार कर ही सकती हैं. इसी बहाने आप एकदूसरे की ब्यूटी पार्टनर भी बन जाएंगी.</p>



<p>ताजा और शुद्ध शहद चेहरे पर एजिंग के निशान छुपाने के साथ ही स्किन को मॉइश्चराइज भी करता है. इसे लगाने पर चेहरे पर चांद सी चमक आ जाएगी. 2 चम्मच शहद लें और उसमें 2-3 छल्ले केसर के डाल दें. अब अच्छे से मिलाकर मम्मी और अपने चेहरे पर लगाएं. चेहरे पर हल्की मसाज करें और 15-20 मिनट लगाए रखने के बाद चेहरा धो लें.</p>



<p>इस फेस पैक को बनाने के लिए 8 से 10 बादाम लें और उन्हें रात के समय दूध में भिगो कर रख दें. अब अगले दिन भीगे हुए बादाम पीस लें और इसी दूध में मिलाकर पेस्ट चेहरे पर लगाने लायक पतला कर लें. इस पेस्ट को लगभग 15 मिनट चेहरे पर लगाए रखने के बाद धो लें. दूध और बादाम का यह फेस पैक लटकी हुई स्किन को टाइट करने का काम करता है और झुर्रियों पर कमाल का असर दिखाता है.</p>



<p>सेब (Apple) विटामिन से भरपूर होता है और चेहरे को रिंकल फ्री (Wrinkle Free) यानी झुर्रियों से मुक्त बनाता है. चेहरे पर लगाने के लिए एक सेब लें और उसे उबाल लें. जब सेब पक जाए तो उसे ठंडा करके अच्छे से मसल लें. अब एक चम्मच मिल्क पाउडर और एक चम्मच भरकर शहद को सेब के गूदे में मिलाएं. 15 से 20 मिनट चेहरे पर लगाए रखने के बाद इस मिश्रण को धो लें.</p>



<p>हल्दी के हीलिंग गुण और दही में मौजूद लैक्टिक एसिड एक बेहतरीन और प्राकृतिक एंटी एजिंग फेस मास्क की तरह काम करते हैं. इस फेस मास्क को तैयार करने के लिए एक चम्मच भरकर दही लें और उसमें चुटकीभर हल्दी मिलाकर चेहरे पर लगाएं. 15 मिनट बाद चेहरे को अच्छी तरह धो लें.</p>



<p>आप चेहरे से झुर्रियां दूर करने और चमक बनाए रखने के लिए खीरे के रस को भी चेहरे पर लगा सकते हैं. खीरे का टोनर भी स्किन केयर में इस्तेमाल किया जा सकता है. वहीं, नारियल तेल (Coconut Oil) भी स्किन केयर में शामिल करने पर अच्छा असर दिखाता है.</p>
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		<title>भोजन की थाली में करें बदलाव, दिल-दिमाग-सेहत सब रहेगा दुरुस्त</title>
		<link>https://dastaktimes.org/make-changes-in-your-food-plate-heart/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:43:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/change-plate-300x225.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/change-plate-300x225.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/change-plate.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्‍ली : हमारे पूरे शरीर का संचालन दिमाग करता है। और उसमें चिंता, तनाव व अवसाद सरीखी समस्याएं रहने लगें तो भला क्या होगा? यकीनन, नतीजे अच्छे नहीं होंगे। तो बेहतर होगा कि इस ओर गौर किया जाए। अपने अन्न यानी खानपान में कुछ पोषक तत्वों को जोड़कर काफी हद तक मानसिक सेहत को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/change-plate-300x225.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/change-plate-300x225.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/change-plate.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्&#x200d;ली : हमारे पूरे शरीर का संचालन दिमाग करता है। और उसमें चिंता, तनाव व अवसाद सरीखी समस्याएं रहने लगें तो भला क्या होगा? यकीनन, नतीजे अच्छे नहीं होंगे। तो बेहतर होगा कि इस ओर गौर किया जाए। अपने अन्न यानी खानपान में कुछ पोषक तत्वों को जोड़कर काफी हद तक मानसिक सेहत को दुरुस्त रखा जा सकता है। आहार सलाहकार डॉ. भारती दीक्षित कहती हैं कि खाना केवल शारीरिक सेहत के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक सेहत के लिए भी जरूरी है। अच्छे मानसिक सेहत के लिए अपनी थाली में मैग्नीशियम, ओमेगा -थ्री, ओमेगा-सिक्स फैटी एसिड्स, फाइबर और कैल्शियम आदि युक्त खाद्य पदार्थों को जगह दें।</p>



<p>हम खाना सिर्फ मुंह से नहीं खाते, बल्कि आंखों और मन से भी खाते हैं। अगर खाना आंखों को भाएगा तो मन अपने आप ही खुश हो जाएगा। नतीजा, आपके मानसिक तनाव में काफी हद तक कमी आएगी। इस बाबत डॉ. भारती कहती हैं कि अपने खाने में सतरंगी आहार को शामिल कीजिए। यानी ढेर सारे रंग वाले फलों, सब्जियों, बीजों और अनाजों का सेवन नियमित रूप से करें। ये न सिर्फ खाने के स्वाद में, बल्कि पोषण में भी इजाफा करेंगे। जब शरीर सेहतमंद रहेगा, तो मन भी खुश रहेगा।</p>



<p>विटामिन -बी को अपनी खुराक में भरपूर मात्रा में लेने से चिंता और तनाव काफी हद तक तक नियंत्रित रहेंगे। विभिन्न अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग अवसाद, पैनिक डिसऑर्डर आदि की समस्या से ग्रसित हैं उन्हें प्रतिदिन 18 ग्राम विटामिन-बी लेने से राहत मिलती है। विटामिन-बी के स्रोत जैसे मछली, अंडे और सब्जियां आदि तनाव व चिंता को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं।</p>



<p>मैग्नीशियम और कैल्शियम जैसे मिनरल्स हमारे तंत्रिका तंत्र को पोषण देते हैं, जिससे बेचैनी, तनाव, डर, गुस्सा सरीखे तमाम भावों में कमी आती है। साथ ही मैग्नीशियम दिल और धमनियों की सेहत की भी हिफाजत करता है। मैग्नीशियम और कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन रात में सोने से पहले करने से अच्छी नींद भी आती है। मैग्नीशियम के लिए आप हरी सब्जियां, बादाम, काजू, सोयाबीन, तिल, केला और टोफू आदि को खुराक में शामिल कर सकती हैं। अगर आप मांसाहारी हैं तो आप मछली का सेवन करें।</p>



<p>आमेगा-थ्री और ओमेगा-सिक्स सिक्स फैटी एसिड हमारी याददाश्त को भी दुरुस्त रखते हैं। इनको खुराक में शामिल करना इसलिए भी जरूरी हो जाता है क्योंकि हमारा शरीर इन पोषक तत्वों का निर्माण नहीं कर पाता। अगर आप मांसाहारी हैं, तो सी-फूड इसका सबसे अच्छा स्रोत है। शाकाहारी हैं तो इसके लिए साबुत अनाज, लहसुन, अलसी, सोयाबीन, टोफू आदि को अपनी खुराक में शामिल कीजिए।</p>



<p>बेरी स्वाद में अच्छी होने के साथ ही आपको दिमाग को तनाव से दूर रखने में भी मददगार होती हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सिडेंट्स होते हैं, जो अवसाद से उबरने में मदद करते हैं। साथ यह फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होती है जो तनाव के लिए शरीर की प्रतिक्रिया को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। एंटीऑक्सिडेंट युक्त भोजन जैसे कि जामुन, खट्टे फल और विटामिन-सी को डाइट में शामिल करना मस्तिष्क को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाता है। जामुन और अन्य विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे नीबू, अमरूद, आंवला, शिमला मिर्च और संतरा आदि रक्त से तनाव हार्मोन कोर्टिसोल को साफ करने में मदद करते हैं। मेवे, बीन्स, अखरोट, हरी सब्जियां आदि को भी अपनी खुराक में जगह दीजिए।</p>



<p>बीज चाहे कद्दू के हों या फिर सूरजमुखी के…ये आपके तनाव के स्तर को कम करने में कारगर रहेंगे। इनमें मैग्नीशियम और विटामिन-ई होते हैं, जो अवसाद, थकान और चिड़चिड़ापन को दूर करने में मदद करते हैं। अधिकांश बीजों में ओमेगा -3 फैटी एसिड मौजूद होता है। इनका एंटी-इंफ्लामेट्री गुण तनाव हार्मोन के नकारात्मक प्रभावों का मुकाबला करने में मदद करता है। अपने आहार में अलसी के बीज, मछली और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थों को शामिल भी खामिल करें।</p>



<p>यह सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि आपके तनाव के लिए भी अच्छी होती है। शोध में पाया गया है कि डार्क चॉकलेट का एक छोटा टुकड़ा खाने से मन शांत होता है। डार्क चॉकलेट में मौजूद फ्लैवनॉइड तनाव को कम करने में मदद करता है। सर्दी में चाय की चुस्कियां भला किसे नहीं भातीं। ऐसे में कैमोमाइल चाय को आजमाने का मौका बहुत अच्छा है। यह आपके तनाव के स्तर को कम करने में प्रभावी साबित होगा। इसकी एंटी-ऑक्सीडेंट्स और एंटी- इंफ्लामेट्री खूबियों के चलते यह तनाव को शांत करने में मददगार होती है। रात के खाने के बाद कैमोमाइल चाय का एक प्याला आपकी मानसिक सेहत को बेहतर रखेगा।</p>



<p>हल्दी और दूध आपकी मानसिक सेहत के लिए रामबाण साबित हो सकता है। दूध में मौजूद विटामिन-डी और प्रोटीन तनाव को शांत करता है। यह रक्तचाप और कोर्टिसोल के स्तर को कम करता है। साथ में हल्दी। जिसमें करक्यूमिन होती है, जिसके एंटीइंफ्लामेट्री गुण आपको ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाएंगे। यानी आपको दोहरा फायदा मिलेगा। अगर आप एंग्जाइटी से परेशान हैं तो नियमित रूप से दही का सेवन करें। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स यानी अच्छे बैक्टीरिया पाचन तंत्र को ठीक रखने के साथ आपकी मानसिक सेहत को भी दुरुस्त रखने में मददगार होंगे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>इन चीजों का सेवन करना पड़ेगा भारी, दांत को करता है खराब</title>
		<link>https://dastaktimes.org/you-will-have-to-consume-these-things-heavily-it-spoils-your-teeth/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 12:40:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-284-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-284-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-284-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : आप जो भी खाते-पीते हैं, उसका असर आपके दांतों और मसूड़ों पर पड़ता है। खाने की कुछ चीजें दांतों को मजबूत करती हैं वहीं, कुछ चीजें दातों को तेजी से खराब करती हैं। आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में जो दांतों की खूबसूरती खराब करने का काम करती हैं। सोडा, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-284-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-284-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-284-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली : आप जो भी खाते-पीते हैं, उसका असर आपके दांतों और मसूड़ों पर पड़ता है। खाने की कुछ चीजें दांतों को मजबूत करती हैं वहीं, कुछ चीजें दातों को तेजी से खराब करती हैं। आइए जानते हैं इन चीजों के बारे में जो दांतों की खूबसूरती खराब करने का काम करती हैं। सोडा, कॉफी, स्वीट या कोई भी एनर्जी ड्रिंक दांतों की सेहत के लिए अच्छी नहीं मानी जाती है। ये चीजें कार्डियोवास्कुलर डिजीज, मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी चीजों को बढ़ावा देती हैं। इन ड्रिंक्स में पाया जाने वाले एसिड दांतों में कैविटी की समस्या पैदा करते हैं और इसकी वजह से बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं। ये टूथ एनामेल यानी दांत के बाहरी परत को भी नुकसान पहुंचाते हैं। इन ड्रिंक्स के एसिड शरीर के अंदर भी एसिड मात्रा को बढ़ाते हैं।</p>



<p>रिसर्च से पता चलता है कि सॉफ्ट और शुगर ड्रिंक्स दांतों के लिए बेहद हानिकारक हैं। खासतौर से कोल्ड ड्रिंक्स में सिट्रिक एसिड होता है जो टूथ एनामेल को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचाते हैं। ये दांतों से कैल्शियम भी खींच लेते हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि कोल्ड ड्रिंक्स (cold drinks) को मुंह में रोक कर रखने से दिक्कत और बढ़ सकती है। एक्सपर्ट्स एसिड वाले ड्रिंक्स पीने के तुरंत बाद ब्रश करने की सलाह देते हैं।</p>



<p>शुगर की वजह से मुंह में हानिकारक बैक्टीरिया पैदा होते हैं। किसी भी खाने में ऊपर से शुगर डालना सेहत के साथ-साथ दांतों को भी नुकसान पहुंचाता है। फूड और डेयरी प्रोडक्ट में नेचुरल तौर पर मौजूद मिठास में फाइबर और मिनरल्स होते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। वहीं हाई फ्रुक्टोज कॉर्न सिरप या टेबल शुगर कैविटी के साथ मुंह की गंदगी भी बढ़ाने का काम करते हैं। जो लोग बहुत ज्यादा मीठा खाते हैं, अक्सर उनमें मसूड़ों की बीमारी पाई जाती है। कैंडीज, लॉलीपॉप में भी बहुत ज्यादा शुगर होता जिससे बच्चों के दांत कमजोर हो जाते हैं।</p>



<p>बहुत से लोग अपने दिन की शुरुआत एक कटोरी मीठे साबुत अनाज के साथ करते हैं। मीठे अनाज में प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है। इनमें शुगर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जो दांतों के लिए अच्छा नहीं होता है। बेक्ड मिठाईयां भी दांतों को कमजोर करती हैं और मसूड़ों की बीमारियां बढ़ाती हैं। सुबह-सुबह केक-पेस्ट्री जैसी चीजें खाने से बचें। अगर आप नाश्ते में ओट्स या कॉर्नफ्लेक्स(cornflakes) खाते हैं तो इसमें शुगर की मात्रा बहुत ही कम रखें।</p>



<p>रिफाइंड कार्ब्स और स्टार्च वाले फूड जैसे सफेद ब्रेड, सफेद चावल और आलू के चिप्स मुंह की सेहत को खराब कर सकते हैं। व्हाइट ब्रेड और चिप्स में पाए जाने वाले कार्ब मुंह के बैक्टीरिया और कैविटी को तेजी से बढ़ाते हैं। 2011 की एक स्टडी के मुताबिक, आलू के चिप्स बच्चों में कैविटी का खतरा तेजी से बढ़ाते हैं। स्टार्च वाले फूड अक्सर दांतों में चिपक जाते हैं जिससे ये दांतों को लंबे समय तक नुकसान पहुंचाते हैं। इनकी जगह ताजे फल खाने की कोशिश करें।</p>



<p>फ्रूट जूस 100% पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं लेकिन बहुत ज्यादा मात्रा में पीने से ये दांतों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। फ्रूट जूस में भी कुछ मात्रा में एसिड होता है जो टूथ एनामेल के लिए हानिकारक हो सकते हैं। खासतौर से अंगूर, संतरे, सेब और लेमन जूस एसिड की मात्रा ज्यादा होती है। इसलिए इसे हर दिन पीने से बचना चाहिए।</p>



<p>शुगर वाले अल्कोहलिक ड्रिंक दांतों के लिए अच्छे नहीं हैं। इनकी वजह से ओरल कैंसर होने का खतरा भी होता है। अल्कोहल की वजह से मुंह सूखने लगता है और मुंह में बैक्टीरिया बनने लगते हैं। ज्यादा एल्कोहल की वजह से दांतों की देखभाल भी ज्यादा करनी पड़ती है। अगर आप एल्कोहल (alcohol) का सेवन करते हैं तो इसकी मात्रा सीमित कर दें।</p>
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			</item>
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		<title>ब्रेकफास्ट में प्रोटीन से भरपूर इन दो चीजों का सेवन, बीमारियां रहेंगी कोसो दूर</title>
		<link>https://dastaktimes.org/consuming-these-two-protein-rich-things-in-breakfast-will-keep-diseases-away/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 11:16:16 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="213" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-121-300x213.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-121-300x213.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-121.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्‍ली : शरीर को स्वस्थ( रखने के लिए हेल्दी नाश्ता बेहद जरूरी होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दिनभर एक्टिव रखने के लिए आपको ब्रेकफास्ट में प्रोटीन से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए, क्योंकि सुबह का नाश्ता आपको दिन भर एनर्जी देता रहता है. इससे आप सिरदर्द और थकावट जैसी समस्याओं से &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="213" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-121-300x213.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-121-300x213.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/a-121.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्&#x200d;ली : शरीर को स्वस्थ( रखने के लिए हेल्दी नाश्ता बेहद जरूरी होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि दिनभर एक्टिव रखने के लिए आपको ब्रेकफास्ट में प्रोटीन से भरपूर चीजों का सेवन करना चाहिए, क्योंकि सुबह का नाश्ता आपको दिन भर एनर्जी देता रहता है. इससे आप सिरदर्द और थकावट जैसी समस्याओं से बच सकते हैं.</p>



<p>किस समय करें नाश्ता<br>हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सुबह उठकर आपको नाश्ते के समय का खास ध्यान रखना चाहिए. सही समय पर किया गया हेल्दी नाश्ता आपको दिनभर के लिए ऊर्जा देगा. आप सुबह 8 से 10 बजे के बीच आपको नियमित तौर पर नाश्&#x200d;ता कर लें. सुबह उठने के दो घंटे के अंदर नाश्&#x200d;ता कर लेना चाहिए. इसलिए अगर आप सुबह 5 बजे उठते हैं तो आपको 7 बजे से पहले नाश्ता कर लेना चाहिए.</p>



<p>खाली पेट क्या खाना चाहिए<br>पाचन को ठीक रखने और वजन कम करने के लिए आप सुबह उठकर गुनगुना पानी पीएं. इसमें आप शहद मिला सकते हैं. नाश्ते में विटामिन, प्रोटीन, फाइबर और ओमेगा 3 फैटी एसिड (Omega-3 Fatty Acid) वाले फूड खाने चाहिए.</p>



<p>नाश्ते में कौन से फल खाना चाहिए<br>सुबह के नाश्ते में फलों को शामिल करना जरूरी होता है. फल में सेब, संतरा, पपीता, तरबूज खाना ज्यादा फायदेमंद होता है. ठीक से किया गया पौष्टिक नाश्ता आपके शरीर को दिनभर के लिए उर्जा देता है.</p>



<ol class="wp-block-list">
<li>ओट्स (Oats)<br>ओट्स को जौ से तैयार किया जाता है, यह बाजार में कई तरह के फ्लेवर में मिलता है. नाश्ते में रोजाना आप अगर 30 से 40 ग्राम ओट्स का सेवन करते हैं तो इससे आपके शरीर को कई तरह के फायदे होते हैं. इसमें पाया जाने वाला विशेष प्रकार का फाइबर ‘बीटा ग्लूकैन’ शरीर को खूब फायदा पहुंचाता है. यह आपके लिए पूरे दिन एक्टिव रखता है.</li>



<li>अंडा (Eggs)<br>नाश्ते में अंडा खाने से सेहत के लिए जबरदस्त लाभ मिलते हैं. उबले हुए अंडे में सेलेनियम और जिंक जैसे तत्व भी पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट का काम करते हैं और शरीर से टॉक्सिन पदार्थों को बाहर निकालते हैं. अंडा हड्डियों के लिए मजबूत बनाता है. अंडे से पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन मिलता है, इसलिए नाश्ते में एक उबला अंडा खाना काफी फायदेमंद साबित हो सकता है.</li>
</ol>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>महिलाओ की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है ये चीजें, डाइट मे जरूर करें शामिल</title>
		<link>https://dastaktimes.org/these-things-are-very-beneficial-for-womens-health-definitely-include-them-in-your-diet/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Apr 2026 11:07:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="201" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000000000000000000000-5-300x201.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000000000000000000000-5-300x201.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000000000000000000000-5.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : महिला घर के काम में इतना व्‍यस्‍त रहती है कि परिवार का ध्‍यान रखते रखतें वह अपने स्‍वस्‍थ्‍य का ध्‍यान रखना भूल जाती है । इसके अलावा महिलाओं (Women) के शरीर में कई तरह के बदलाव होते रहते हैं। बदलते खानपान और दिनचर्या के कारण शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति &#8230;]]></description>
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<p>नई दिल्ली : महिला घर के काम में इतना व्&#x200d;यस्&#x200d;त रहती है कि परिवार का ध्&#x200d;यान रखते रखतें वह अपने स्&#x200d;वस्&#x200d;थ्&#x200d;य का ध्&#x200d;यान रखना भूल जाती है । इसके अलावा महिलाओं (Women) के शरीर में कई तरह के बदलाव होते रहते हैं। बदलते खानपान और दिनचर्या के कारण शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति नहीं हो पाती। महिलाएं (Women) घर के कामों और परिवार में इतनी व्यस्त होती हैं कि वे खुद के शरीर का सही ढंग से ख्याल ही नहीं रख पाती हैं। शरीर के लिए जरूरी विटामिन्स को लेकर भी महिलाएं अक्सर जागरूक नहीं रहती हैं। उन्हें पता ही नहीं होता है कि उन्हें किस विटामिन (Vitamins) की कितनी आवश्यकता है और किन चीजों से उन्हें ये पोषक तत्व प्राप्त हो सकते हैं।</p>



<p>हडि्डयों की मजबूती के लिए विटामिन-डी बेहद जरूरी है। रजोनिवृति के बाद महिलाओं में और वृद्धों को अक्सर ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डी का रोग) की समस्या होती है। विटामिन-डी (vitamin D) शरीर में फास्फोरस और कैल्शियम के स्तर का बनाए रखता है। जो इस तरह की बीमारियों को दूर करने में मददगार है। ये पालक, भिंडी, सोयाबीन, अंडे की जर्दी और मशरूम में पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह हृदय, मांसपेशियों और नसों को ठीक से प्रकार से कार्य करने और रक्त के जमे हुए थक्कों को गांठ खोलने में कैल्शियम की आवश्यकता होती है। कैल्शियम की कमी के कारण ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही गिरने पर अस्थिभंग होने का भी खतरा रहता है। कैल्शियम बीज, पनीर, दही, फली, दाल और पत्तेदार सब्जियों में पाया जाता है।</p>



<p>ये शरीर में तंत्रिका कोशिकाओं को सुचारू रूप से कार्य करने में मदद करता है। यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण भी करता है। यह शरीर में ऊर्जा बनाएं रखने के साथ ही याद्दाश्त बढ़ाने और हृदय सम्बंधी समस्याओं को दूर करता है। यह अनाज और खमीर द्वारा प्राप्त होता है। विटामीन- बी-12 का यदि पर्याप्त मात्रा में सेवन किया जाए तो दिल की बीमारियां दूर ही रहती हैं।<br>यह शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है। ये त्वचा, नाखून और बालों को स्वस्थ बनाए रखता है। गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को बायोटिन की आवश्यकता अधिक होती है। ये अंडा, बादाम, गोभी, पनीर, मशरूम व शकरकंद में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। बायोटिन की कमी का असर सीधा त्वचा पर दिखाई पड़ता है।</p>



<p>आयरन शरीर के लिए बेहद आवश्यक खनिज है। शरीर में पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण लिए इसकी आवश्यकता होती है। लाल रक्त कोशिकाएं शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने के साथ ही ऊर्जा बनाए रखती हैं। महावारी के कारण कई महिलाओं में आयरन की कमी हो जाती है यदि वे पर्याप्त मात्रा में इसका सेवन नहीं करती हैं। पालक, फलियां, कद्दू के बीज, क्विनोआ आदि में पर्याप्त मात्रा में आयरन पाया जाता है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>इस साल 13 माह का रहेगा हिन्दू वर्ष, दो बार आएगा ज्येष्ठ, जानें कब से शुरू होगा अधिकमास?</title>
		<link>https://dastaktimes.org/this-year-hindu-year-will-be-of-13-months-jyeshtha-will-come-twice/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:20:14 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अद्धयात्म]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
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<p>नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 2026 यानी विक्रम संवत 2083 (Vikram Samvat 2083) खास रहने वाला है, क्योंकि इस बार पूरे साल में 12 नहीं बल्कि 13 महीने होंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि ज्येष्ठ मास (Jyeshtha month) इस साल दो बार आएगा. यही अतिरिक्त महीना ‘अधिक मास’ (Adhik Maas 2026) कहलाता है, जिसे पुरुषोत्तम मास (Purushottam month) भी कहा जाता है. मान्यता है कि इस महीने के स्वामी भगवान विष्णु हैं, इसलिए इस समय उनकी पूजा का विशेष महत्व होता है।</p>



<p>पंचांग के अनुसार, साल 2026 में अधिकमास ज्येष्ठ महीने में पड़ेगा. इसकी शुरुआत 17 मई 2026 से होगी और समापन 15 जून 2026 को होगा। इस अतिरिक्त महीने की वजह से आगे आने वाले कई बड़े त्योहारों की तारीखें भी आगे खिसक जाएंगी. जैसे- रक्षाबंधन, जो आमतौर पर अगस्त के मध्य में आता है, 2026 में 28 अगस्त को मनाया जाएगा. दीपावली भी इस बार 8 नवंबर को पड़ेगी।</p>



<p>अधिकमास का सीधा संबंध सूर्य और चंद्र कैलेंडर के अंतर से है. एक सौर वर्ष लगभग 365 दिन का होता है. वहीं चंद्र वर्ष करीब 354 दिन का। हर साल करीब 11 दिनों का फर्क रह जाता है. यही अंतर जब 3 साल में बढ़कर लगभग 32-33 दिन हो जाता है, तब उसे संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है. इसी को अधिक मास कहा जाता है।</p>



<p>अधिकमास को भक्ति और साधना का विशेष समय माना जाता है. इस दौरान रोजाना भगवान विष्णु की पूजा करना और उनके मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है. साथ ही जप, तप और दान-पुण्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए. जरूरतमंद लोगों की मदद करना और अन्न दान करना भी इस महीने में बहुत पुण्यदायी होता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस समय श्रीमद्भगवद गीता का पाठ करने से भी विशेष फल प्राप्त होता है।</p>



<p>अधिक मास में कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है. इस दौरान शादी, गृह प्रवेश, नामकरण और मुंडन जैसे मांगलिक कार्य नहीं करने चाहिए. नए बिजनेस या किसी बड़े शुभ काम की शुरुआत भी टालना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा मांसाहार और शराब का सेवन करने से बचना चाहिए और किसी गरीब या कमजोर व्यक्ति का अपमान नहीं करना चाहिए।</p>



<p>अधिकमास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, क्योंकि इसे भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है. मान्यता है कि इस महीने में की गई पूजा और भक्ति का फल कई गुना बढ़कर मिलता है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है।</p>
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		<item>
		<title>ज्येष्ठ महीने के रविवार का आध्यात्मिक महत्व, सूर्य पूजा से मिलती है ऊर्जा, शक्ति और सकारात्मकता..</title>
		<link>https://dastaktimes.org/spiritual-significance-of-sunday-of-jyeshtha-month-sun-worship-provides-energy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:19:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अद्धयात्म]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="201" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/4-8-300x201.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/4-8-300x201.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/4-8.png 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : ज्येष्ठ माह को हिंदू पंचांग में अत्यंत विशेष माना जाता है, क्योंकि इस समय सूर्य (Sun) अपनी तीव्र ऊर्जा के साथ आकाश में विद्यमान रहते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में की गई सूर्य उपासना व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है और शारीरिक तथा मानसिक शक्ति को बढ़ाती &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="201" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/4-8-300x201.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/4-8-300x201.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/4-8.png 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली : ज्येष्ठ माह को हिंदू पंचांग में अत्यंत विशेष माना जाता है, क्योंकि इस समय सूर्य (Sun) अपनी तीव्र ऊर्जा के साथ आकाश में विद्यमान रहते हैं। माना जाता है कि इस अवधि में की गई सूर्य उपासना व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाती है और शारीरिक तथा मानसिक शक्ति को बढ़ाती है। इसी कारण ज्येष्ठ माह के प्रत्येक रविवार (Sunday) को सूर्यदेव की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है।</p>



<p>इस परंपरा के अनुसार, रविवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। इसके बाद सूर्योदय के समय सूर्यदेव को अर्घ्य देने की विधि अपनाई जाती है। तांबे के पात्र में जल लेकर उसमें पुष्प, चंदन और अक्षत मिलाकर सूर्य की ओर अर्पित किया जाता है। ऐसा करते समय मन को शांत और एकाग्र रखना आवश्यक माना जाता है।</p>



<p>धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य को अर्घ्य देते समय मंत्रों का जाप करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है। इस क्रिया को आत्मबल बढ़ाने, रोगों से मुक्ति और जीवन में स्थिरता लाने वाला बताया गया है। ऐसा भी विश्वास है कि नियमित सूर्य उपासना से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और व्यक्ति दीर्घायु प्राप्त करता है।</p>



<p>ज्येष्ठ माह के रविवार को व्रत रखने की भी परंपरा बताई गई है। इस दिन साधक हल्का भोजन या फलाहार ग्रहण करते हैं और नमक से परहेज करते हैं। यह व्रत शरीर को शुद्ध रखने और मानसिक अनुशासन बढ़ाने का प्रतीक माना जाता है। अगले दिन व्रत का समापन करने की परंपरा भी प्रचलित है।</p>



<p>इसके अलावा इस माह में दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंदों को भोजन, वस्त्र या आवश्यक सामग्री देने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है। साथ ही पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करना और सूर्य के सामने ध्यान करना भी इस अवधि में महत्वपूर्ण माना जाता है।</p>



<p>समग्र रूप से ज्येष्ठ माह की सूर्य उपासना को एक ऐसी परंपरा के रूप में देखा जाता है, जो व्यक्ति को प्रकृति से जोड़ती है और जीवन में संतुलन, ऊर्जा और सकारात्मकता बनाए रखने का संदेश देती है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>हैदराबाद का “वीजा मंदिर”,चिलकुर बालाजी धाम में मानी जाती है विदेश जाने की राह आसान होने की शक्ति</title>
		<link>https://dastaktimes.org/chilkur-balaji-dham-the-visa-temple-of-hyderabad/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:17:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अद्धयात्म]]></category>
		<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="176" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-7-300x176.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-7-300x176.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-7.png 587w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : हैदराबाद के पास स्थित एक छोटा सा गांव चिलकुर (Chilkur) आज एक ऐसी धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता है, जिसने इसे देशभर में खास पहचान दिलाई है। यहां स्थित चिलकुर बालाजी मंदिर को श्रद्धालु “वीजा मंदिर” के नाम से भी जानते हैं। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है और यहां &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="176" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-7-300x176.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-7-300x176.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/5-7.png 587w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली : हैदराबाद के पास स्थित एक छोटा सा गांव चिलकुर (Chilkur) आज एक ऐसी धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता है, जिसने इसे देशभर में खास पहचान दिलाई है। यहां स्थित चिलकुर बालाजी मंदिर को श्रद्धालु “वीजा मंदिर” के नाम से भी जानते हैं। यह मंदिर भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित है और यहां आने वाले भक्तों की गहरी मान्यता है कि उनकी विदेश यात्रा से जुड़ी बाधाएं यहां आकर दूर हो जाती हैं।</p>



<p>भक्तों का विश्वास है कि इस मंदिर में सच्चे मन से दर्शन करने पर वीजा से जुड़ी परेशानियां समाप्त हो जाती हैं और विदेश जाने के रास्ते आसान हो जाते हैं। पढ़ाई, नौकरी या किसी अन्य कारण से विदेश यात्रा की इच्छा रखने वाले लोग यहां आकर भगवान से प्रार्थना करते हैं। समय के साथ यह विश्वास लोगों की आस्था का मजबूत आधार बन गया है।</p>



<p>इस मंदिर से जुड़ी एक पुरानी कथा भी प्रचलित है। कहा जाता है कि एक समय एक भक्त भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन की गहरी इच्छा रखता था और उसकी भक्ति इतनी सच्ची थी कि भगवान उसी स्थान पर प्रकट हो गए जहां वह भक्त उपस्थित था। माना जाता है कि उसी दिव्य घटना के कारण यह स्थान आज एक पवित्र मंदिर के रूप में स्थापित है।</p>



<p>यहां आने वाले श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं के साथ विशेष प्रकार की परिक्रमा करते हैं। वे मंदिर के गर्भगृह के चारों ओर श्रद्धापूर्वक घूमते हैं और भगवान से अपनी इच्छाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि शुरुआत में 11 परिक्रमा की जाती है और जब मनोकामना पूर्ण हो जाती है, तो भक्त 108 परिक्रमा करके आभार प्रकट करते हैं।</p>



<p>समय के साथ यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं रहा, बल्कि लाखों लोगों की उम्मीदों और विश्वास का केंद्र बन गया है। यहां आने वाले श्रद्धालु इसे जीवन में नए अवसरों और विदेश यात्रा के सपनों को साकार करने से जोड़कर देखते हैं।</p>
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		<title>सेहत ही नही सौंदर्य के लिए भी फयदेमंद है नींबू पानी, स्किन प्रोब्लम्स को करता है दूर</title>
		<link>https://dastaktimes.org/lemon-water-is-beneficial-not-only-for-health-but-also-for-beauty-lemon-water-removes-skin-problems/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:15:20 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
		<category><![CDATA[स्वास्थ्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="192" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000000000000-9-300x192.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000000000000-9-300x192.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000000000000-9.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्‍ली : नींबू पानी स्किन प्रोब्लम्स को दूर करने में मददगार है इस बात से शायद ही कोई इत्तेफाक न रखे. स्किन के लिए नींबू पानी के फायदे कमाल हैं. यह न सिर्फ स्किन को जवां रखने में कारगर माना जाता है बल्कि ग्लोइंग स्किन के लिए भी नींबू पानी का इस्तेमाल किसी रामबाण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="192" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000000000000-9-300x192.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000000000000-9-300x192.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000000000000-9.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्&#x200d;ली : नींबू पानी स्किन प्रोब्लम्स को दूर करने में मददगार है इस बात से शायद ही कोई इत्तेफाक न रखे. स्किन के लिए नींबू पानी के फायदे कमाल हैं. यह न सिर्फ स्किन को जवां रखने में कारगर माना जाता है बल्कि ग्लोइंग स्किन के लिए भी नींबू पानी का इस्तेमाल किसी रामबाण से कम नहीं है. यह न सिर्फ स्किन के लिए फायदेमंद है बल्कि नींबू पानी बालों को शायनी बनाने के साथ डैंड्रफ की छुट्टी करने में असरदार माना जाता है. नींबू प्राकृतिक बालों को चमकाने की क्षमताओं को तेज करता है. विटामिन सी और साइट्रिक एसिड (citric acid) के एक समृद्ध स्रोत के रूप में नींबू अपने डिटॉक्सिफाइंग प्रभाव के लिए जाना जाता है. खासकर जब आप अपने पीने के पानी में कुछ ताजा नींबू का रस मिलाते हैं. नींबू खाने के स्वास्थ्य लाभ के कारण, उम्र बढ़ने के लक्षण और मुंहासे जैसी त्वचा की स्थिति को रोकने के लिए प्राकृतिक उपचार के रूप में नींबू का उपयोग करने की बढ़ती लोकप्रियता है.</p>



<p>स्किन के लिए नींबू पानी के फाय</p>



<ol class="wp-block-list">
<li>मुंहासे की करता है छुट्टी<br>नींबू के रस में इसके अम्लीय स्तर के कारण कसैले गुण होते हैं. नींबू जैसे हाई पीएच लेवल वाले अवयव सूजन और तेल को कम करने में मदद कर सकते हैं जो मुंहासे के गठन को रोकने में योगदान कर सकते हैं. इसके अलावा, साइट्रिक एसिड, अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (alpha hydroxy acid) का एक प्रकार, मृत त्वचा कोशिकाओं को तोड़ने में मदद कर सकता है जो ब्लैकहेड्स की तरह मुंहासे के नॉनफ्लेमेटरी रूपों को जन्म देती हैं.</li>



<li>मॉइस्चराइजर क्लियरिंग<br>नींबू में मजबूत जीवाणुरोधी गुण होते हैं, जो उन्हें ब्रेकआउट पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए एकदम सही बनाता है. आप DIY करने के लिए, नींबू के रस की कुछ बूंदों के साथ नारियल पानी की कुछ बूंदों को मिला सकते हैं. नारियल (Coconut) आपकी त्वचा को हाइड्रेट करेगा, और नींबू इसे साफ और साफ करेगा. नोट: यदि आपके पास संवेदनशील त्वचा है, तो पहले अपनी त्वचा पर एक पैच परीक्षण करें.</li>



<li>ब्लैकहैड का घरेलू इलाज<br>नींबू आपके ब्लैकहेड्स का इलाज करने में भी मदद कर सकता है. ऐसा इसलिए है क्योंकि उनमें साइट्रिक एसिड होता है, जो अल्फा हाइड्रॉक्सी एसिड (एएचए) का एक प्राकृतिक रूप है. ब्लैकहेड-रेज़्ड स्पॉट्स पर नींबू का एक टुकड़ा रगड़ें और कुछ दिन बाद खुद ही रिजल्ट देखें.</li>



<li>रोगाणुरोधी प्रभाव<br>नींबू में रोगाणुरोधी प्रभाव भी होता है, जो कि प्रोपियोबैक्टीरियम एक्ने बैक्टीरिया को दूर करने में मदद कर सकता है जो इंप्लेमेटीर मुंहासे पैदा करते हैं. इसी समय, नींबू में एंटिफंगल प्रभाव भी होता है, जो कैंडिडा चकत्ते के साथ-साथ स्कैल्प कवक के इलाज में मदद कर सकता है जो कभी-कभी सेबोरहाइक जिल्द की सूजन के साथ होता है.</li>



<li>कोलेजन में वृद्धि<br>खट्टे फल आपके चेहरे में कोलेजन बढ़ाने की एक प्राकृतिक विधि है. कोलेजन स्वयं एक प्रोटीन है जो स्वाभाविक रूप से उम्र के साथ टूट जाता है, जिसके परिणामस्वरूप ठीक रेखाएं और झुर्रियां हो सकती हैं. एंटीऑक्सिडेंट के रूप में, विटामिन सी मुक्त कणों को रोकने में मदद कर सकता है जो कोलेजन को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जिससे आप चिकनी त्वचा के साथ छोड़ सकते हैं.</li>
</ol>



<p>नींबू पानी पीने का सबसे बेस्ट टाइम<br>अगर सुबह पहले चीज के रूप में इसका सेवन किया जाए तो नींबू पानी सबसे प्रभावी है. गर्म पानी में नींबू का रस मिलाने की सलाह दी जाती है क्योंकि यह नींबू और उसके छिलके से विटामिन सी और पॉलीफेनोल निकालने में मदद करता है. इसके अलावा, आप रोजाना कितना नींबू पानी पीते हैं, यह महत्वपूर्ण है.</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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