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	<title>राष्ट्रीय &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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	<title>राष्ट्रीय &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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		<title>दिल्ली में नीतीश का नया ठिकाना, मिला टाइप-8 बंगला, ये नेता होंगे पड़ोसी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/nitishs-new-residence-found-in-delhi-is-type-8-bungalow-this-leader-will-be-his-neighbor/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:34:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/nitish-kumar-2-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/nitish-kumar-2-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/nitish-kumar-2-1.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिल्ली में नया बंगला आवंटित हो गया है. नए बंगले के लिहाज से वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पड़ोसी बन गए हैं. साथ ही नई व्यवस्था के तहत नीतीश कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उन्हें CRPF की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/nitish-kumar-2-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/nitish-kumar-2-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/nitish-kumar-2-1.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिल्ली में नया बंगला आवंटित हो गया है. नए बंगले के लिहाज से वह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पड़ोसी बन गए हैं. साथ ही नई व्यवस्था के तहत नीतीश कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और उन्हें CRPF की Z+ श्रेणी की सुरक्षा दी गई है.</p>



<p>पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार अब दिल्ली में 9 सुनहरी बाग स्थित टाइप-8 श्रेणी के बंगले में रहेंगे. उन्हें यहीं आलीशान बंगला आवंटित किया गया है. यह क्षेत्र देश के शीर्ष नेताओं के लिहाज से वीआईपी जोन माना जाता है. एक बंगला उन्हें पटना में भी दिया गया है. पटना में वह 7 सर्कुलर बंगले पर रहेंगे. मुख्यमंत्री आवास 1 अणे मार्ग से नीतीश का अधिकांश सामान 7 सर्कुलर रोड स्थित नए आवास में शिफ्ट कर दिया गया है.</p>



<p>यह आवास 10 सर्कुलर रोड के पास है, जहां प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का परिवार रहता है. नीतीश के नए 7 सर्कुलर बंगले पर ही जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने अगले हफ्ते सोमवार (20 अप्रैल) को पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई है. इस बैठक में जेडीयू के विधायक दल का नेता चुना जाएगा.</p>



<p>बताया जा रहा है कि दिल्ली के टाइप 8 के बंगले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी रहते हैं. 9 सुनहरी बाग स्थित बंगले में आने पर नीतीश कुमार अब बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन के पड़ोसी बन जाएंगे. वे 8 नंबर वाले बंगले में रहते हैं. पूर्व मुख्यमंत्री को आवंटित आवास यह बंगला करीब 3 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ हाई लेवल की सिक्योरिटी व्यवस्था भी है. इस बंगले में 5 बेडरूम, लिविंग रूम, डाइनिंग एरिया और स्टडी रूम के अलावा 6 स्टाफ क्वार्टर भी हैं.</p>
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		<title>13 राज्यों में बारिश का अलर्ट, 4 प्रदेशों में हीटवेव की चेतावनी; जानिए आज का मौसम</title>
		<link>https://dastaktimes.org/rain-alert-in-13-states-heat-wave-warning-in-4-states/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:33:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39.jpg 999w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज देश के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। देश के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के लिए यह अनुमान लगाया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों के लिए लू का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौमस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_39.jpg 999w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली : भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज देश के कई राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। देश के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश के लिए यह अनुमान लगाया गया है। वहीं, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित छह राज्यों के लिए लू का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौमस एजेंसी का कहना है कि पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम और मेघालय में आज अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अलावा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश में आज ओलावृष्टि की संभावना है। इसके अलावा, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में बिजली कड़कने के साथ हल्की बारिश हो सकती है।</p>



<p>मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और कर्नाटक अलग-अलग हिस्सों में आज लू चलने की बहुत संभावना है। आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, गुजरात, केरल, कोंकण और गोवा, ओडिशा और तमिलनाडु में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहेगा। आपको बता दें कि कल देश का सबसे अधिक तापमान उत्तर प्रदेश के बांदा में 44.4°C दर्ज किया गया । विदर्भ, मराठवाड़ा और दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में तापमान 40°C से 44°C के बीच रहा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान उत्तर प्रदेश के सरसावा में 14.0°C दर्ज किया गया।</p>



<p>मौसम विभाग के कहना है कि अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में व्यापक बारिश की संभावना है। गुजरात और प्रायद्वीपीय भारत के पश्चिमी हिस्सों में छिटपुट बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के बागवानों को फलदार पेड़ों को बचाने के लिए ओला-नेट का उपयोग करने की सलाह दी गई है।</p>
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		<item>
		<title>हरिवंश चुने गए राज्यसभा के उपसभापति, PM मोदी भी रहे मौजूद</title>
		<link>https://dastaktimes.org/harivansh-elected-deputy-chairman-of-rajya-sabha-pm-modi-was-also-present/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 10:00:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_99-1-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_99-1-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_99-1-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_99-1-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_99-1.jpg 999w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह चुने गई हैं. इतिहास में यह पहली बार है जब किसी को भी लगातार तीसरी बार बिना किसी विरोध के राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी खुद मौजूद थे. राजनीति में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब सत्ता और विपक्ष के &#8230;]]></description>
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<p>नई दिल्ली : राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह चुने गई हैं. इतिहास में यह पहली बार है जब किसी को भी लगातार तीसरी बार बिना किसी विरोध के राज्यसभा का उपसभापति चुना गया है. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी खुद मौजूद थे. राजनीति में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव की जगह सहमति नजर आती है. राज्यसभा के उपसभापति पद का चुनाव ऐसा ही एक पल लेकर आया, जहां बिना किसी मुकाबले के फैसला हो गया. हरिवंश नारायण सिंह का लगातार तीसरी बार इस पद पर चुना जाना सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सदन की कार्यशैली और राजनीतिक समीकरणों का संकेत भी है. दिलचस्प यह रहा कि इस अहम मौके पर नरेंद्र मोदी खुद सदन में मौजूद रहे, जिससे इस चुनाव की अहमियत और बढ़ गई।</p>



<p>बिना विपक्षी उम्मीदवार के चुनाव जीतना किसी भी संसदीय प्रक्रिया में एक खास स्थिति होती है. यह या तो राजनीतिक रणनीति का हिस्सा होता है या फिर सहमति की मजबूरी. इस बार भी ऐसा ही देखने को मिला, जब विपक्ष ने कोई नामांकन दाखिल नहीं किया और राज्यसभा में उपसभापति का चुनाव लगभग तय हो गया. इससे यह भी साफ हुआ कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में सत्ता पक्ष की पकड़ मजबूत बनी हुई है।</p>



<p>तीसरी बार उपसभापति बने हरिवंश, विपक्ष ने नहीं उतारा उम्मीदवार</p>



<p>हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा का उपसभापति तीसरी बार चुना गया है. उन्हें इस बार निर्विरोध चुना गया, क्योंकि विपक्ष की ओर से कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं उतरा. निर्धारित समय सीमा तक कोई नामांकन नहीं आने के कारण उनका चयन लगभग तय हो गया था।</p>



<p>इस चुनाव के लिए कुल पांच प्रस्ताव दाखिल किए गए थे. इनमें जगत प्रकाश नड्डा, निर्मला सीतारमण और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने उनका नाम आगे बढ़ाया. यह प्रस्ताव विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा समर्थित थे, जिससे उनकी उम्मीदवारी को व्यापक समर्थन मिला।</p>



<p>संसदीय परंपरा के अनुसार, इन प्रस्तावों को सदन में पेश किया जाएगा और वॉइस वोट के जरिए मंजूरी दी जाएगी. एक प्रस्ताव के पारित होते ही बाकी प्रस्ताव स्वतः समाप्त हो जाते हैं. ऐसे में यह प्रक्रिया औपचारिकता भर रह जाती है, लेकिन इसकी राजनीतिक अहमियत कम नहीं होती। इससे पहले हरिवंश नारायण सिंह को 2018 में पहली बार इस पद के लिए चुना गया था और 2020 में उन्हें दूसरी बार मौका मिला. अब तीसरी बार इस पद पर उनकी वापसी उनके अनुभव और स्वीकार्यता को दर्शाती है।</p>



<p>हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर राज्यसभा के सदस्य बने हैं. शुक्रवार को उन्होंने बतौर राज्यसभा सांसद शपथ ली. बीते कई वर्षों से हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा के उपसभापति रहे हैं. उनका कार्यकाल पूरा होने पर उन्हे राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी कर इसकी जानकारी दी थी।</p>



<p>मनोनीत किए जाने के उपरांत शुक्रवार को उन्होंने राज्यसभा सदस्य के तौर पर शपथ ली. राज्यसभा में यह उनका तीसरा कार्यकाल है. प्रख्यात पत्रकार रहे हरिवंश का यह नया कार्यकाल वर्ष 2032 तक चलेगा. शुक्रवार को सामने आई अधिसूचना में बताया गया था कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (3) के साथ पठित खंड (1) के उपखंड (क) के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए राष्ट्रपति ने हरिवंश को राज्यसभा के लिए नामित किया है. पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के राज्यसभा से हाल ही में रिटायर होने के बाद संसद के उच्च सदन में यह एक सीट खाली हो हुई थी।</p>



<p>गौरतलब है कि संविधान के अनुसार राष्ट्रपति राज्&#x200d;यसभा में 12 सदस्यों को नामित या मनोनीत कर सकती हैं. राज्यसभा के ये सदस्&#x200d;य साहित्&#x200d;य, विज्ञान, कला और समाज सेवा जैसे क्षेत्रों में विशेष ज्ञान या अनुभव के आधार पर मनोनीत किए जाते हैं. इससे पहले नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) ने हरिवंश नारायण सिंह राज्यसभा सांसद बनाया था. लेकिन इस बार जेडीयू ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया और हरिवंश को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा राज्यसभा सांसद मनोनीत किया गया।</p>



<p>राज्यसभा में हरिवंश का कार्यकाल 9 अप्रैल को खत्म हो चुका था. 10 अप्रैल से उनका नया कार्यकाल शुरू हुआ है. हरिवंश को पहली बार जेडीयू ने अप्रैल 2014 में बिहार से पहली बार राज्यसभा में भेजा था. 9 अगस्त 2018 को उन्हें राज्यसभा का उपसभापति बनाया गया. गौरतलब है कि शुक्रवार को ही नीतीश कुमार ने भी राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली. नई दिल्ली में राज्यसभा के सभापति व उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने उन्हें राज्यसभा सांसद के तौर पर शपथ दिलाई।</p>



<p>इस मौके पर राज्यसभा में नेता सदन व केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन, कांग्रेस के जयराम रमेश, जेडीयू व भाजपा नेता मौजूद रहे. नीतीश कुमार के इस शपथग्रहण के साथ ही बिहार की सियासत में भी एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत हो गई है।</p>



<p>गौरतलब है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्य विधान परिषद के सदस्य थे. लेकिन राज्यसभा के लिए निर्वाचन के बाद उन्होंने 30 मार्च को विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. नीतीश कुमार बीते मार्च महीने में संसद के उच्च सदन के लिए बिहार से निर्वाचित हुए थे।</p>



<p>यह दिखाता है कि सदन में उनके प्रति व्यापक स्वीकार्यता है. जब विपक्ष उम्मीदवार नहीं उतारता, तो इसका मतलब होता है कि या तो वह मुकाबले की स्थिति में नहीं है या फिर वह इस पद को लेकर सहमति बनाना चाहता है. यह राजनीतिक रणनीति का हिस्सा भी हो सकता है, जहां विपक्ष किसी बड़े मुद्दे पर फोकस रखना चाहता है. और लगातार तीसरी बार चुना जाना अपने आप में इतिहास है।</p>



<p>राज्यसभा के उपसभापति का पद बेहद अहम होता है. यह व्यक्ति सभापति की अनुपस्थिति में सदन की कार्यवाही चलाता है. सदन में अनुशासन बनाए रखना, बहस को सुचारु रूप से आगे बढ़ाना और नियमों का पालन सुनिश्चित करना इसकी जिम्मेदारी होती है. इसलिए इस पद पर अनुभवी और संतुलित व्यक्ति का होना जरूरी माना जाता है।</p>



<p>हां, यह चुनाव कई संकेत देता है. एक तरफ यह सत्ता पक्ष की मजबूती को दिखाता है, तो दूसरी तरफ विपक्ष की रणनीति को भी उजागर करता है. बिना मुकाबले के चुनाव होना यह भी दर्शाता है कि फिलहाल इस मुद्दे पर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने के बजाय दूरी बनाए रखना चाहता है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>संसद में महा-बहस के दौरान आधी रात को महिला आरक्षण कानून 2023 लागू, नोटिफिकेशन जारी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/notification-issued-on-implementation-of-womens-reservation-act-2023-at-midnight-during-the-grand-debate-in-parliament/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 09:57:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_10-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_10-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_10-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_10-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/17_A_10.jpg 999w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : सरकार ने गुरुवार से 2023 का नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम देशभर में लागू कर दिया। सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया है, जब इस पर संसद में बहस जारी है इस अधिनियम में बदलाव के लिए कल यानी गुरुवार को ही लोकसभा में बिल आया और देर रात करीब 1.20 &#8230;]]></description>
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<p>नई दिल्ली : सरकार ने गुरुवार से 2023 का नारी शक्ति अभिनंदन अधिनियम देशभर में लागू कर दिया। सरकार ने यह फैसला ऐसे वक्त में लिया है, जब इस पर संसद में बहस जारी है इस अधिनियम में बदलाव के लिए कल यानी गुरुवार को ही लोकसभा में बिल आया और देर रात करीब 1.20 बजे तक चर्चा चली। आज भी इस पर दिनभर चर्चा होगी और शाम में करीब 4 बजे इस पर वोटिंग होगी। वहीं कहा गया है कि केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा 16 अप्रैल को पेश किए गए प्रस्ताव पर आगे विचार करते हुए, निम्नलिखित विधेयक लोकसभा में पारित करने के लिए पेश किए जाएंगे।</p>



<p>महिला आरक्षण विधेयक को लेकर गुरुवार की देर रात तक संसद में बहस चली। नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर लोकसभा में बहस जारी है और इस बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था करने वाला महिला आरक्षण अधिनियम 2023 को 16 अप्रैल बृहस्पतिवार से लागू कर दिया है।</p>



<p>केंद्रीय विधि मंत्रालय द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन यानी अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है। हालांकि, यह तुरंत पता नहीं चल पाया है कि संसद में इस महिला आरक्षण कानून में संशोधन करने और इसे 2029 में लागू करने पर जारी चर्चा के बीच 2023 के अधिनियम को 16 अप्रैल से प्रभावी क्यों अधिसूचित किया गया है?</p>



<p>एक सरकारी अधिकारी ने इसे ‘तकनीकी कारणों&#8217; से जुड़ा मामला बताया, लेकिन इस पर विस्तृत जानकारी नहीं दी. अधिकारी ने स्पष्ट किया कि कानून के लागू हो जाने के बावजूद मौजूदा लोकसभा में महिला आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता. अधिकारी के अनुसार, महिलाओं के लिए आरक्षण केवल जनगणना के बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लागू किया जा सकेगा।</p>



<p>इससे पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक पर शुक्रवार शाम 4 बजे सदन में वोटिंग होगी. संसद में महिला आरक्षण और डिलिमिटेशन पर चल रही चर्चा को लेकर रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी से इसका समर्थन करने की अपील की है. इसके बाद किसी तरह के भ्रम की गुंजाइश नहीं है।</p>



<p>गृह मंत्री अमित शाह ने भी दक्षिण भारत में फैल रही आशंकाओं को आंकड़ों के जरिए दूर किया है. इसके बावजूद अगर कोई विरोध करता है तो वह इस मुद्दे पर राजनीति कर रहा है. संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है और सरकार इसका श्रेय लेना नहीं चाहती।</p>



<p>विपक्ष के दावों पर सवाल उठाते हुए रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों के नेताओं से बातचीत की है. कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे को तीन बार पत्र लिखे गए, जबकि टीएमसी, डीएमके और सपा के नेताओं से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर समर्थन की अपील की गई।</p>



<p>संसद में महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पर जोरदार बहस हुई थी. पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में विपक्ष को आइना दिखाते हुए कहा, &#8216;चुनाव में महिलाओं को मिलने वाले इस अधिकार का जिस जिसने विरोध किया, उसका हाल बुरा हुआ है. मैं अपील करने आया हूं कि इसको राजनीतिक तराजू से मत तौलिए. आज का यह अवसर एक साथ बैठकर एक दिशा में सोचकर विकसित भारत बनाने में खुले मन से स्वीकार करने का अवसर है. पूरा देश विशेषकर नारी शक्ति हमारे निर्णय तो देखेगी, लेकिन उससे ज्यादा हमारी नीयत को देखेगी, इसलिए हमारी नीयत की खोट देश की नारी शक्ति कभी माफ नहीं करेगी।</p>



<p>वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा, महिला आरक्षण पर मैंने इसका प्रारूप पढ़ा है. सबसे पहले इसमें लिखा है कि महिला आरक्षण 2029 तक लागू हो, हम सहमत हैं. दूसरा है कि सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाई जाएगी. इसके लिए परिसीमन आयोग बनाया जाएगा जो 2011 की जनगणना को आधार बनाएगा. इसकी गहराई में जाएं तो इसमें राजनीति की बू आती है. 2023 के बिल में दो चीजें थी जो इसमें नहीं है. उसमें लिखा था कि नई जनगणना कराई जाएगी।</p>



<p>प्रियंका ने कहा कि वे कह रहे हैं कि उन्हें इसका श्रेय नहीं चाहिए. बार-बार बहकाने वाले पुरुषों को महिलाएं पहचान लेती हैं. सावधान हो जाइए नहीं तो पकड़े जाएंगे. 2023 में मोदी सरकार ने जब यह बिल पास किया तो हमने उसका समर्थन किया. आज भी उसमें कोई शक नहीं होना चाहिए कि कांग्रेस इसका समर्थन नहीं करेगी. हम डटकर खड़े हैं।</p>



<p>कानून मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, &#8216;संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि नियुक्त करती है, जिस दिन उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे।</p>



<p>गौरतलब है कि सितंबर 2023 में संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम&#8217; पारित किया था, जिसे महिला आरक्षण कानून के नाम से जाना जाता है. यह कानून लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने का प्रावधान करता है।</p>



<p>हालांकि, 2023 के कानून के अनुसार यह आरक्षण 2027 की जनगणना के बाद होने वाले परिसीमन से जुड़ा होने के कारण 2034 से पहले लागू नहीं हो सकता था. लोकसभा में वर्तमान में जिन तीन विधेयकों पर चर्चा हो रही है, उन्हें सरकार ने इसी उद्देश्य से पेश किया है कि महिला आरक्षण को 2029 से लागू किया जा सके।</p>



<p>अधिसूचना के अनुसार, संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम, 2023 की धारा 1 की उपधारा (2) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केंद्र सरकार 16 अप्रैल, 2026 को वह तिथि घोषित करती है जिस दिन से उक्त अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे। इस अधिनियम में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई सीट आरक्षित करने का प्रावधान किया गया है। 2023 के कानून के तहत आरक्षण 2034 से पहले लागू नहीं हो पाता, क्योंकि यह 2027 की जनगणना के बाद परिसीमन प्रक्रिया के पूरा होने से जुड़ा हुआ है।</p>
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		<title>मोकामा के लिए सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की मांग: सीएम सम्राट चौधरी से मिले अनंत सिंह, राजनीति छोड़ने के संकेत भी दिए</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 09:33:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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<p>पटना: बिहार की सियासत में शुक्रवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई जब मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद अनंत सिंह ने न सिर्फ अपने क्षेत्र के विकास से जुड़ी बड़ी मांग रखी, बल्कि अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर भी अहम संकेत दिए।</p>



<p>मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अनंत सिंह ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पदभार संभालने की बधाई दी और मोकामा क्षेत्र के लिए एक बड़े और आधुनिक अस्पताल की मांग उठाई। उनका कहना था कि इलाके के लोगों को इलाज के लिए बार-बार पटना आना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ और परेशानियां बढ़ती हैं।</p>



<p><strong>मोकामा में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उठाई मांग</strong></p>



<p>अनंत सिंह ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से स्पष्ट रूप से आग्रह किया कि मोकामा में ऐसा अस्पताल बनाया जाए, जिससे स्थानीय लोगों को बेहतर इलाज अपने ही क्षेत्र में मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि पटना आने-जाने में लोगों का किराया खर्च होता है और समय की भी बर्बादी होती है। मुख्यमंत्री ने उन्हें इस दिशा में सकारात्मक आश्वासन दिया है।</p>



<p><strong>राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा बयान</strong></p>



<p>इस दौरान अनंत सिंह ने अपने चुनावी भविष्य को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह अब आगे चुनाव नहीं लड़ेंगे और पिछला चुनाव ही उनका आखिरी चुनाव था। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उनका बेटा राजनीति में आ सकता है, लेकिन यह पूरी तरह उसकी इच्छा पर निर्भर करेगा।</p>



<p><strong>निशांत कुमार और तेजस्वी यादव पर टिप्पणी</strong></p>



<p>नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर पूछे गए सवाल पर अनंत सिंह ने कहा कि संभवतः वह पहले राजनीति सीखना चाहते हैं, जबकि जनता चाहती थी कि उन्हें कोई जिम्मेदारी दी जाए। वहीं तेजस्वी यादव पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उनका नाम लेने का कोई विशेष फायदा नहीं है और लोग उनके बारे में सिर्फ इसलिए बात करते हैं क्योंकि वह लालू यादव के बेटे हैं।</p>



<p><strong>शराबबंदी नीति पर उठाए सवाल</strong></p>



<p>अनंत सिंह ने बिहार में लागू शराबबंदी कानून पर भी खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि राज्य में शराबबंदी खत्म होनी चाहिए और खुले तौर पर शराब बिक्री की अनुमति दी जानी चाहिए। उनका तर्क था कि लोग चोरी-छिपे शराब पी रहे हैं, जिससे व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।</p>



<p><strong>नेतृत्व परिवर्तन का पहले ही कर चुके हैं समर्थन</strong></p>



<p>गौरतलब है कि इससे पहले भी अनंत सिंह बिहार में हुए नेतृत्व परिवर्तन का समर्थन कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि नए नेतृत्व में अच्छा काम होगा और जो भी निर्देश दिए जाएंगे, उनका पालन किया जाएगा। हाल ही में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर नई राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी और राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ली थी।</p>



<p></p>
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		<title>वैशाख अमावस्या पर शुक्रवार का विशेष संयोग, लक्ष्मी-विष्णु और शुक्र देव की कृपा पाने के करें ये उपाय</title>
		<link>https://dastaktimes.org/special-coincidence-of-friday-on-vaishakh-amavasya-do-these-measures-to-get-the-blessings-of-lakshmi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:40:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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<p>नई दिल्ली : वैशाख अमावस्या का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बार यह तिथि आज 17 अप्रैल को शुक्रवार के दिन पड़ रही है, जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। मान्यता है कि अमावस्या पर व्रत, दान और पूजा करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। वहीं शुक्रवार का दिन धन, वैभव और समृद्धि के कारक ग्रह शुक्र देव को समर्पित माना जाता है। इसी कारण इस दिन मां लक्ष्मी और शुक्र देव की उपासना विशेष फलदायी मानी गई है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस योग में पूजा करने से सुख-सुविधाओं में वृद्धि होती है और कुंडली में शुक्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है।</p>



<p>अमावस्या की सुबह स्नान कर पूजा स्थान को स्वच्छ करने की सलाह दी जाती है। इसके बाद गणेश जी के साथ शुक्र देव की प्रतिमा या चित्र की स्थापना कर पूजा प्रारंभ करने का विधान बताया गया है। यदि शुक्र देव का चित्र उपलब्ध न हो, तो शिवलिंग की पूजा भी की जा सकती है।</p>



<p>पूजा के दौरान गणेश जी को हल्दी, कुमकुम, अक्षत और रोली अर्पित करने के बाद शुक्र देव का ध्यान कर सफेद फूल, अक्षत आदि चढ़ाने की परंपरा है। साथ ही ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ या ‘द्रां द्रीं द्रौं सः शुक्राय नमः’ मंत्र का जाप करने का उल्लेख मिलता है। पूजा में दूध और सफेद मिठाई का भोग लगाने की भी मान्यता है। शिवलिंग पूजन की स्थिति में जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प और चंदन अर्पित करने का विधान बताया गया है। अंत में पूजा में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा प्रार्थना करने की परंपरा है।</p>



<p>मान्यता के अनुसार, शुक्र ग्रह से जुड़े दोष होने पर जीवन में आर्थिक समस्याएं और वैवाहिक जीवन में असंतुलन देखा जा सकता है। ऐसे में अमावस्या के दिन सफेद वस्तुओं जैसे चावल, दूध, मिश्री, इत्र आदि का दान करने की सलाह दी जाती है। इस दिन पीपल के पेड़ में जल अर्पित कर परिक्रमा करने और सुबह-शाम दीपक जलाने का भी महत्व बताया गया है। साथ ही पितरों की शांति के लिए जरूरतमंदों को भोजन, अनाज, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करने की परंपरा का उल्लेख किया गया है।</p>
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		<title>MP-UP समेत इन राज्यों में गर्मी दिखा रही रौद्र रूप, लोगों का घर से बाहर निकलना हुआ मुश्किल</title>
		<link>https://dastaktimes.org/heat-is-showing-fierce-form-in-these-states-including-mp-up-it-is-difficult-for-people-to-come-out-of-their-houses/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:33:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/People-will-get-relief-from-heat-till-May-7-even-heat-wave-will-not-bother-Meteorological-Department-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/People-will-get-relief-from-heat-till-May-7-even-heat-wave-will-not-bother-Meteorological-Department-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/People-will-get-relief-from-heat-till-May-7-even-heat-wave-will-not-bother-Meteorological-Department.jpg 750w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : अप्रैल के तीसरे हफ्ते में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के राज्यों में दोपहर के समय हालात ऐसे हैं कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में तेज तेज धूप पड़ रही &#8230;]]></description>
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<p>नई दिल्ली : अप्रैल के तीसरे हफ्ते में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत के राज्यों में दोपहर के समय हालात ऐसे हैं कि लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और हरियाणा, पंजाब जैसे राज्यों में तेज तेज धूप पड़ रही है। सुबह 10 बजे के बाद ही मौसम में तेज गर्माहट आनी शुरू हो जाती है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार को उत्तर भारत के तमाम जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री के ऊपर रहने की संभावना है। आन वाले कुछ दिनों में लू की आशंका भी बनी हुई है।</p>



<p>मौसम विभाग द्वारा जारी किए गए अनुमान के मुताबिक उत्तर भारत जहां गर्मी से परेशान रहेगा, तो वही पहाड़ी क्षेत्र और पूर्वोत्तर भारत अभी भी बारिश और ठंडक से घिरा हुआ रहेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख तेज गरज और बिजली के साथ बर्फबारी और बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवाएं करीब 45 से 55 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकती हैं। इसके अलावा हिमाचल में भी बादल छाए रहने और हल्की बूंदा-बांदी की संभावना है।</p>



<p>पाकिस्तान की सीमा से सटे पंजाब और राजस्थान के क्षेत्रों में गर्मी अपने चरम पर होगी। लेकिन जम्मू-कश्मीर और नीचे पंजाब की तरफ आने वाले सीमाई इलाकों में हल्की गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी शुक्रवार को हल्की बारिश हो सकती है।</p>



<p>दूसरी तरफ उत्तर भारत की तरह मध्य भारत भी धूप से जूझता रहेगा। हालांकि, 19 और 20 अप्रैल को पश्चिमी मध्य प्रदेश में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा महाराष्ट्र के विदर्भ और छत्तीशगढ़ में तापमान क्रमिक रूप से बढ़ता रहेगा। 20 अप्रैल के बाद इन क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है।</p>



<p>उत्तर भारत जहां गर्मी से जूझ रहा है, तो वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत बारिश की संभावना से घिरा हुआ है। पश्चिम बंगाल, सिक्किम में शुक्रवार यानी 17 अप्रैल को हल्की बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा बिहार के पूर्वी इलाके, ओडिशाग और बंगाल के मैदानी इलाकों में 17 से लेकर 22 अप्रैल तक धीमी और मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा सिक्किम में भी 17-18 अप्रैल को तेज बारिश होने की संभावना है।</p>



<p>मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक शुक्रवार 17 अप्रैल को भी दक्षिण भारत का मौसम पिछले दिनों के जैसा ही रहेगा। तटीय इलाकों में हल्की बारिश होने की संभावना है। बाकी जगहों पर तेज धूप और ह्यूमिडिटी की वजह से उमस वाली गर्मी पड़ेगी। तेज धूप की वजह से इन राज्यों का अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री के आसपास रहेगा।</p>
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		<title>TCS धर्म परिवर्तन मामले में जांच का दायरा बढ़ा, फरार HR मैनेजर निदा खान की तलाश तेज</title>
		<link>https://dastaktimes.org/scope-of-investigation-increased-in-tcs-religious-conversion-case-search-for-absconding-hr-manager-nida-khan-intensified/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:24:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="189" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000-9-300x189.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000-9-300x189.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000-9-768x485.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000-9.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नासिक : टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन मामले में जांच का दायरा अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए गठित विशेष जांच दल ने अब राज्य खुफिया विभाग (एसआईडी), आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस)और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से तकनीकी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="189" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000-9-300x189.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000-9-300x189.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000-9-768x485.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/0000-9.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नासिक : टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में यौन उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन मामले में जांच का दायरा अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। मामले की गंभीरता और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय संबंधों को देखते हुए गठित विशेष जांच दल ने अब राज्य खुफिया विभाग (एसआईडी), आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस)और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से तकनीकी सहायता मांगी है। उधर, जांच एजेंसियों ने फरार एचआर मैनेजर निदा खान की तलाश तेज कर दी है।</p>



<p>पुलिस आयुक्त संदीप कार्णिक ने बताया कि आरोपियों के संपर्कों और गतिविधियों की गहन छानबीन के लिए जांच एजेंसियों को पत्र लिखकर सभी विवरण सौंप दिए गए हैं। अब तक कर्मचारियों की शिकायतों के आधार पर नौ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें यौन उत्पीड़न, धमकी देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाने और जबरन धर्म परिवर्तन कराने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। पुलिस ने मामले में अब तक छह कर्मचारियों और यूनिट ऑपरेशन मैनेजर अश्विनी चैनानी को गिरफ्तार किया है, जो 28 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में हैं। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता एचआर मैनेजर निदा खान अभी भी फरार है।</p>



<p>मामले के तूल पकड़ने के बाद टीसीएस ने नासिक कार्यालय में बिजनेस प्रोसेसिंग आउटसोर्सिंग (बीपीओ) का परिचालन अस्थाई रूप से बंद कर दिया है। कंपनी ने सभी कर्मचारियों को अगले आदेश तक घर से काम करने के निर्देश दिए हैं। कंपनी सूत्रों का कहना है कि यह निर्णय कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
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		<title>ईरान संकट का असर: केले के दाम धराशायी, 2 रुपये किलो तक पहुंचे, महाराष्ट्र के किसान संकट में</title>
		<link>https://dastaktimes.org/effect-of-iran-crisis-banana-prices-fell-to-rs-2-per-kg/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:18:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/banana-300x168.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/banana-300x168.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/banana-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/banana.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />मुंबई : पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत के कृषि व्यापार पर भी साफ दिखने लगा है। खासतौर पर ईरान से जुड़े हालात और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संकट ने महाराष्ट्र के केला उत्पादक किसानों की कमर तोड़ दी है। निर्यात ठप होने से बाजार में सप्लाई बढ़ गई है और कीमतें &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/banana-300x168.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/banana-300x168.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/banana-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/banana.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>मुंबई : पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर अब भारत के कृषि व्यापार पर भी साफ दिखने लगा है। खासतौर पर ईरान से जुड़े हालात और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते संकट ने महाराष्ट्र के केला उत्पादक किसानों की कमर तोड़ दी है। निर्यात ठप होने से बाजार में सप्लाई बढ़ गई है और कीमतें गिरकर बेहद निचले स्तर पर पहुंच गई हैं।</p>



<p>महाराष्ट्र के प्रमुख केला उत्पादक जिले जलगांव और सोलापुर इस समय सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। बेहतर मौसम और अच्छी बारिश के कारण इस बार उत्पादन अच्छा हुआ था, लेकिन खाड़ी देशों में जारी संकट के चलते निर्यात लगभग ठप पड़ गया। कोल्ड स्टोरेज में बड़ी मात्रा में केले फंसे हुए हैं और शिपमेंट रुकने से किसानों को मजबूरन माल घरेलू बाजार में उतारना पड़ रहा है।</p>



<p>कीमतों में भारी गिरावट</p>



<p>फरवरी तक केले के दाम 18 से 22 रुपये प्रति किलो के बीच थे, लेकिन हालात तेजी से बिगड़े।<br>मार्च में कीमतें घटकर 8–10 रुपये प्रति किलो रह गईं<br>अप्रैल के पहले हफ्ते में ये गिरकर सिर्फ 2–3 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गईं<br>कीमतों में यह गिरावट तब और तेज हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव बढ़ा और आपूर्ति शृंखला प्रभावित हुई।</p>



<p>किसानों को भारी नुकसान<br>सोलापुर जिले के करमाला क्षेत्र के एक किसान के मुताबिक, उन्होंने 10 एकड़ में केले की खेती पर करीब 20 लाख रुपये का निवेश किया था। फरवरी में जहां उन्हें 22 रुपये प्रति किलो तक भाव मिला, वहीं अब कीमतें 2–3 रुपये पर आ गई हैं। ऐसे में उन्हें कुल मिलाकर सिर्फ 2.5 से 3 लाख रुपये मिलने की उम्मीद है, यानी 17 लाख रुपये से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ सकता है।</p>



<p>सालभर की फसल, जोखिम भी बड़ा<br>केले की खेती अन्य फसलों की तरह मौसमी नहीं होती, बल्कि इसमें सालभर निवेश करना पड़ता है। ऐसे में कीमतों में अचानक गिरावट किसानों के लिए भारी संकट खड़ा कर देती है। लागत निकलना भी मुश्किल हो जाता है।</p>



<p>सरकार से मदद की मांग<br>निर्यात पर निर्भर किसान अब सरकार से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि</p>



<p>मुआवजा दिया जाए<br>नए निर्यात बाजार तलाशे जाएं<br>खाड़ी देशों के विकल्प विकसित किए जाएं</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<title>सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: पत्नी का अफेयर पति के आत्महत्या के लिए ‘उकसावा’ नहीं, हाईकोर्ट का आदेश पलटा</title>
		<link>https://dastaktimes.org/big-decision-of-the-supreme-court-wifes-affair-is-not-a-provocation-for-husbands-suicide-high-courts-order-overturned/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Apr 2026 08:14:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/photo8-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/photo8-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/photo8-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/photo8.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसले में स्पष्ट किया कि केवल पत्नी या पति के विवाहेतर संबंध (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) से उत्पन्न तनाव के आधार पर किसी व्यक्ति पर आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC की धारा 306) का मामला नहीं बनता। जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अतुल चंदुरकर की पीठ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/photo8-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/photo8-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/photo8-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/photo8.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक अहम फैसले में स्पष्ट किया कि केवल पत्नी या पति के विवाहेतर संबंध (एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर) से उत्पन्न तनाव के आधार पर किसी व्यक्ति पर आत्महत्या के लिए उकसाने (IPC की धारा 306) का मामला नहीं बनता। जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस अतुल चंदुरकर की पीठ ने कहा कि आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप तभी टिकते हैं, जब यह साबित हो कि आरोपी ने प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से स्पष्ट आपराधिक मंशा के साथ मृतक को आत्महत्या के लिए मजबूर किया हो। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि “उकसाने” के लिए किसी ठोस और सक्रिय कृत्य का होना जरूरी है, जिससे यह साबित हो कि पीड़ित के पास आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प न बचा हो।</p>



<p>सुप्रीम कोर्ट ने उस व्यक्ति के खिलाफ चल रहे मामले को रद्द कर दिया, जिस पर मृतक की पत्नी के साथ संबंध होने का आरोप था। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भले ही कथित तौर पर विवाहेतर संबंध मान भी लिया जाए, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि आरोपी की ओर से आत्महत्या के लिए उकसाने की कोई आपराधिक मंशा थी। अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने किसी तरह का सक्रिय कृत्य किया हो या मृतक को आत्महत्या के लिए बाध्य किया हो।</p>



<p>इस फैसले के साथ सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें केवल तनाव और कथित संबंध के आधार पर ट्रायल की अनुमति दी गई थी। अभियोजन पक्ष ने दलील दी थी कि पत्नी के प्रेमी की मौजूदगी में मृतक का मानसिक तनाव उकसावे के बराबर है, लेकिन शीर्ष अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया।</p>



<p>हालांकि यह राहत केवल अपील करने वाले सह-आरोपी को मिली है, जबकि पत्नी के खिलाफ मामला जारी रहेगा क्योंकि उसने अपने खिलाफ ट्रायल को चुनौती नहीं दी थी। अदालत ने अंत में कहा कि आत्महत्या के मामलों में उकसावे का आरोप तभी टिक सकता है जब घटना के समय के करीब कोई स्पष्ट और प्रत्यक्ष भूमिका साबित हो, केवल वैवाहिक तनाव को आधार बनाकर आपराधिक जिम्मेदारी नहीं थोपी जा सकती।</p>
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