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	<title>राष्ट्रीय &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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	<title>राष्ट्रीय &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<item>
		<title>PNB के करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ के नकली नोट पहुंचाने के मामले में NIA ने की कार्यवाही</title>
		<link>https://dastaktimes.org/nia-took-action-in-the-case-of-delivery-of-fake-notes-worth-rs-17-crore-in-pnbs-currency-chest/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Vivek Ojha]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2026 16:49:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[#NIA]]></category>
		<category><![CDATA[#जाली मुद्रा अपराध]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="167" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/IMG_4c318083-93c4-4317-a02d-cee849e1b824-300x167.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/IMG_4c318083-93c4-4317-a02d-cee849e1b824-300x167.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/IMG_4c318083-93c4-4317-a02d-cee849e1b824.jpg 743w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : राष्ट्रीय जांच एजेंसी भारत में आतंकवाद और संगठित अपराधों से निपटने के लिए शीर्षस्थ संस्था है । फेक करेंसी के गिरोहों से निपटने का अधिकार NIA को 2019 मिला था और उन्हीं शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने आज (22 अक्टूबर को) हिमाचल प्रदेश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="167" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/IMG_4c318083-93c4-4317-a02d-cee849e1b824-300x167.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/IMG_4c318083-93c4-4317-a02d-cee849e1b824-300x167.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/IMG_4c318083-93c4-4317-a02d-cee849e1b824.jpg 743w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : </strong>राष्ट्रीय जांच एजेंसी भारत में आतंकवाद और संगठित अपराधों से निपटने के लिए शीर्षस्थ संस्था है । फेक करेंसी के गिरोहों से निपटने का अधिकार NIA को 2019 मिला था और उन्हीं शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए  नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने आज (22 अक्टूबर को) हिमाचल प्रदेश के मनाली से हरीश रौंटा को गिरफ्तार किया है। </p>



<p>इससे पहले, NIA ने बीते 16 अक्टूबर को हरियाणा के अंबाला से अजय कुमार को भी पकड़ा था। जान लें कि अजय कुमार और हरीश रौंटा कथित रूप से भारी मात्रा में नकली भारतीय करेंसी नोटों को अवैध तरीके से छापने और उनकी सप्लाई करने की साजिश के मुख्य सूत्रधार हैं।</p>



<p>NIA के मुताबिक, ये नकली नोट अन्य आरोपियों के माध्यम से पंजाब नेशनल बैंक, सहारनपुर के करेंसी चेस्ट तक पहुंच गए थे। अजय कुमार और हरीश रौंटा, दोनों आदेश चौधरी के करीबी हैं जो इस साजिश में शामिल अन्य गिरफ्तार आरोपियों में से एक है। बता दें कि ये मामला उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सिविल लाइन्स स्थित पंजाब नेशनल बैंक के करेंसी चेस्ट में नकली भारतीय करेंसी नोट पहुंचाने से जुड़ा है, जिसकी जांच NIA केस नंबर RC-02/2026/NIA/LKW के तहत कर रही है।</p>



<p><strong>ऐसे खुली नकली नोटों से जुड़े कांड की पोल :</strong></p>



<p>जान लें कि 29 अगस्त 2026 को, उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सदर बाजार पुलिस स्टेशन को एक स्पेशल इनपुट मिला था कि पंजाब नेशनल बैंक, सहारनपुर के करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये के नकली भारतीय नोट बरामद हुए हैं। जांच में बैंक के 3 कर्मचारियों के शामिल होने की बात सामने आई थी, जिसके बाद बैंक ने उन्हें सस्पेंड कर दिया था। इस केस में शुरुआत में 29 अगस्त 2026 को यूपी के सहारनपुर जिले के सदर बाजार पुलिस स्टेशन में BNS, 2023 की धारा 178 के तहत 3 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। बाद में, 3 सितंबर 2026 को NIA ने इस मामले को फिर से दर्ज किया था।</p>



<p>इससे पहले, 7, 15, 20 और 22 सितंबर 2026 को, NIA ने FIR में नामजद आरोपी अमित कुमार और मुख्य आरोपियों- आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू को अरेस्ट किया था। पूरी साजिश का खुलासा करने और बाकी सह-आरोपियों व संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए जांच चल रही है।</p>



<p></p>
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		<title>2029 तक बनकर तैयार हो जाएगा अगली पीढ़ी का ब्रह्मोस : डॉ. जयतीर्थ जोशी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/next-generation-brahmos-will-be-ready-by-2029-dr-jayatirtha-joshi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Vivek Ojha]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:26:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[#डिफेंस]]></category>
		<category><![CDATA[#डॉ जयतीर्थ जोशी]]></category>
		<category><![CDATA[#दक्षिण पूर्व एशिया]]></category>
		<category><![CDATA[#प्रतिरक्षा]]></category>
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		<category><![CDATA[#रक्षा निर्यात]]></category>
		<category><![CDATA[#सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल]]></category>
		<category><![CDATA[#सैन्य निर्यात रणनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/156385444-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/156385444-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/156385444-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/156385444.webp 400w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : ब्रह्मोस प्रणाली भारत के रक्षा निर्यात का भी एक आधार स्तंभ है, जो 62.7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ 38,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के CEO और MD डॉ. जयतीर्थ जोशी ने जानकारी दी, &#8220;हमें उम्मीद है कि हम 2029 तक इसका पहला मॉडल तैयार &#8230;]]></description>
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<p>नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : ब्रह्मोस प्रणाली भारत के रक्षा निर्यात का भी एक आधार स्तंभ है, जो 62.7 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ 38,400 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ब्रह्मोस एयरोस्पेस के CEO और MD डॉ. जयतीर्थ जोशी ने जानकारी दी, &#8220;हमें उम्मीद है कि हम 2029 तक इसका पहला मॉडल तैयार कर लेंगे। इस नए सिस्टम में स्वदेशी पुर्जों की मात्रा अधिक होगी और इसमें कई नई तकनीकें और उन्नत सामग्री भी शामिल होंगी। इसके लिए हमें बड़े पैमाने पर अनुसंधान और विकास कार्य करने की आवश्यकता है, जिसे हमने पहले ही शुरू कर दिया है। हमने अपनी योजनाएं तैयार कर ली हैं और लगातार उनकी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।&#8221;</p>



<p>ब्रह्मोस अब सिर्फ एक मिसाइल नहीं है, यह एक आत्मविश्वास से भरे, आत्मनिर्भर नए भारत की शक्ति, सटीकता और गर्व है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने पहली बार इस हथियार प्रणाली को सक्रिय युद्ध में तैनात किया था। नूर खान जैसे प्रमुख पाकिस्तानी हवाई अड्डों सहित महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर हमला करके सशस्त्र बलों ने इस हथियार प्रणाली की ताकत का प्रदर्शन किया था।</p>



<p>ब्रह्मोस की सफलता पर बोलते हुए ब्रह्मोस एयरोस्पेस के सीईओ और एमडी डॉ. जयतीर्थ जोशी ने कहा, ब्रह्मोस की निर्यात मोर्चे पर सफलता की कहानी 2025 में युद्ध-परीक्षण से पहले ही शुरू हो गई थी। 2022 में हमें अपना पहला ऐतिहासिक निर्यात ऑर्डर मिला, और उस बहु-मिलियन डॉलर के सौदे ने वैश्विक क्षेत्र में भारत की रक्षा निर्यात आकांक्षाओं को आगे बढ़ाया। आज, ब्रह्मोस भारत की सैन्य निर्यात रणनीति में सबसे आगे है।</p>



<p>एक प्रमुख उत्पाद के रूप में, सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ने अपने निर्यात दायरे को लगातार बढ़ाया है, खासकर मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी बेदाग क्षमताओं को स्थापित करने और युद्ध-सिद्ध प्रणाली बनने के बाद। हमने इस साल फिलीपींस के साथ अपने पहले निर्यात सौदे के बाद दक्षिण पूर्व एशिया के दो और देशों के साथ सौदे किए हैं। इसलिए, हम आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती से स्थित हैं, और अपने निर्यात आधार को और बढ़ाने के लिए तत्पर हैं।</p>



<p>डॉ . जोशी ने कहा कि ब्रह्मोस बढ़ती मांग और क्षमता को पूरा करने के लिए आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूत करने पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा, निकट और दीर्घकालिक प्राथमिकताएं हमारे सशस्त्र बलों से अब तक प्राप्त सभी ऑर्डरों को पूरा करना है। हैदराबाद, नागपुर, पिलानी और लखनऊ में हमारी सभी उत्पादन इकाइयां इस दिशा में पूरी गति से काम कर रही हैं। हम अगली पीढ़ी के ब्रह्मोस को विकसित करने और परीक्षण करने के लिए आवश्यक विशिष्ट प्रौद्योगिकियों के लिए टेक-ब्रिक्स स्थापित करके अपने अनुसंधान एवं विकास कार्य में तेजी लाने का भी इरादा रखते हैं। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना और किसी भी स्थिति में क्षमता बढ़ाना। प्रत्येक सिस्टम और सब-सिस्टम के पहले के 1-2 उद्योग भागीदारों से हम 4-5 स्रोत विकसित करने के इच्छुक हैं। इससे गुणवत्ता और कीमत के मामले में प्रतिस्पर्धा लाने में भी मदद मिलेगी।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नेहा बोरा मामले में दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई जारी, ₹10 हजार के बॉन्ड और शांति बनाए रखने के नोटिस को दी चुनौती</title>
		<link>https://dastaktimes.org/hearing-continues-in-delhi-high-court-in-neha-bora-case-challenge-to-%e2%82%b9-10-thousand-bond-and-notice-to-maintain-peace/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:15:41 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[10 हजार रुपये बॉन्ड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-229-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-229-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-229-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-229.jpg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। जस्टिस सुब्रह्मण्यम प्रसाद की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। नेहा बोरा ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की ओर से जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 10 हजार रुपये का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-229-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-229-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-229-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-1-copy-229.jpg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा की याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई जारी है। जस्टिस सुब्रह्मण्यम प्रसाद की पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है। नेहा बोरा ने स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की ओर से जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उन्हें 10 हजार रुपये का बॉन्ड भरने और शांति बनाए रखने का निर्देश दिया गया था। उनकी ओर से अधिवक्ता गोपाल शंकर नारायण अदालत में पैरवी कर रहे हैं, जबकि दिल्ली पुलिस की तरफ से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने याचिका की सुनवाई योग्य होने पर सवाल उठाए हैं।</p>



<p><strong>BNSS की धाराओं के तहत जारी नोटिस पर सवाल</strong></p>



<p>नेहा बोरा के वकील गोपाल शंकर नारायण ने अदालत में दलील दी कि मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126 और 130 के तहत जारी नोटिस से संबंधित है। उन्होंने कहा कि नेहा बोरा AISA की सक्रिय नेता हैं और सरकार की नीतियों में सुधार की मांग करती रही हैं।</p>



<p>वकील के मुताबिक, नेहा बोरा ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों से विरोध प्रदर्शनों में शामिल होने की अपील की थी, लेकिन उन्होंने कहीं भी हिंसा के लिए उकसाने की बात नहीं कही। उन्होंने अदालत में यह भी दलील दी कि नेहा बोरा के प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे हैं।</p>



<p><strong>जंतर-मंतर को डीनोटिफाई किए जाने के विरोध का मामला</strong></p>



<p>गोपाल शंकर नारायण ने अदालत को बताया कि 15 अक्टूबर को प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी। इसके अगले दिन, 16 अक्टूबर को शाम चार बजे सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की गई, जिसमें जंतर-मंतर को अचानक डीनोटिफाई किए जाने पर नाराजगी जताई गई थी। पोस्ट में लोगों से मंडी हाउस में मिलने की बात कही गई थी।</p>



<p>नेहा बोरा के वकील ने दलील दी कि इस पोस्ट में लोगों को हिंसा भड़काने, कानून तोड़ने, शांति भंग करने, सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने या कोई अपराध करने के लिए एकत्र होने का आह्वान नहीं किया गया था। उनके अनुसार, विरोध प्रदर्शन की अपील को इन गतिविधियों से जोड़ना उचित नहीं है।</p>



<p><strong>मंडी हाउस पहुंचने के कुछ देर बाद हिरासत में लेने का दावा</strong></p>



<p>नेहा बोरा के वकील ने अदालत में कहा कि 16 अक्टूबर की शाम को जब उन्होंने विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया और मंडी हाउस इलाके में पहुंचीं, तो उन्हें 10 से 15 मिनट के भीतर हिरासत में ले लिया गया। वकील के मुताबिक, उस समय नेहा बोरा ने कोई अपराध नहीं किया था और केवल कुछ नारे लगाए थे।</p>



<p><strong>हिरासत की प्रक्रिया पर भी उठाए सवाल</strong></p>



<p>गोपाल शंकर नारायण ने पुलिस की कार्रवाई को गैरकानूनी हिरासत बताते हुए आरोप लगाया कि नेहा बोरा को रात में आर.के. पुरम थाने ले जाया गया। उनके वकील के अनुसार, सुबह तक किसी को यह जानकारी नहीं थी कि नेहा बोरा को कहां रखा गया है।</p>



<p>मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से याचिका की सुनवाई योग्य होने पर आपत्ति उठाई गई है। हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान नेहा बोरा की ओर से मजिस्ट्रेट के नोटिस और हिरासत की परिस्थितियों को लेकर दलीलें पेश की जा रही हैं।</p>



<p></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>&#8216;अगले 30 साल तक आपको कुछ नहीं मिलने वाला&#8217;, वोट चोरी के आरोपों पर राहुल गांधी को अमित शाह का जवाब, केजरीवाल पर भी साधा निशाना</title>
		<link>https://dastaktimes.org/you-will-not-get-anything-for-the-next-30-years-amit-shahs-reply-to-rahul-gandhi-on-the-allegations-of-vote-theft-also-targeted-kejriwal/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:08:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Amit Shah Delhi News]]></category>
		<category><![CDATA[Amit Shah Rahul Gandhi]]></category>
		<category><![CDATA[Rahul Gandhi Vote Theft Row]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="248" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/amit-shah-gwalior-300x248.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/amit-shah-gwalior-300x248.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/amit-shah-gwalior.jpg 335w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली के द्वारका में यमुना पुनरुद्धार से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में गंदे पानी के शोधन, सीवेज प्रबंधन और पेयजल से संबंधित कार्य शामिल हैं। इस दौरान शाह ने मई 2029 से पहले यमुना को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="248" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/amit-shah-gwalior-300x248.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/amit-shah-gwalior-300x248.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/amit-shah-gwalior.jpg 335w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को दिल्ली के द्वारका में यमुना पुनरुद्धार से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में गंदे पानी के शोधन, सीवेज प्रबंधन और पेयजल से संबंधित कार्य शामिल हैं। इस दौरान शाह ने मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की पिछली सरकारों पर नदी की सफाई को लेकर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। साथ ही राहुल गांधी के वोट चोरी संबंधी आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस को अगले 30 साल तक सत्ता हासिल नहीं होने वाली है।</p>



<p><strong>मई 2029 से पहले यमुना को स्वच्छ बनाने का लक्ष्य</strong></p>



<p>अमित शाह ने कहा कि यमुना में उत्तर प्रदेश और हरियाणा से भी गंदा पानी आता था। अब तीनों राज्यों में भाजपा की सरकार होने के कारण दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लिए नदी की सफाई का समयबद्ध रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि यमुना को स्वच्छ बनाने की दिशा में 40 प्रतिशत से अधिक काम आगे बढ़ चुका है।</p>



<p>गृह मंत्री के मुताबिक, दिल्ली में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही महीने में एक अहम बैठक की थी। इसमें उन्होंने दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय के सामने यमुना की सफाई को लेकर अपना दृष्टिकोण रखा था। शाह ने कहा कि सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है और मई 2029 से पहले स्वच्छ यमुना का परिणाम जनता के सामने होगा।</p>



<p><strong>कांग्रेस और केजरीवाल की सरकारों पर लगाए गंभीर आरोप</strong></p>



<p>यमुना की बदहाली को लेकर अमित शाह ने कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पिछली सरकारों को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सरकारों के कार्यकाल में रोजाना करीब दो हजार टन गोबर यमुना में डाला जाता था। शाह ने कहा कि जो काम पिछले 30 वर्षों में नहीं हो सका, उसे अब पूरा करके दिखाया जाएगा।</p>



<p>दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए शाह ने कहा कि पहले कूड़े के पहाड़ों को लेकर राजनीति की जाती थी, जबकि भाजपा सरकार उन्हें कम करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही कूड़े के पहाड़ों की जगह बगीचे दिखाई देंगे।</p>



<p>शाह ने यमुना के शुद्धिकरण को लेकर पिछली सरकार के कामकाज पर सवाल उठाते हुए सराय काले खां, आईटीओ और वासुदेव घाट का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यमुना की सफाई के लिए भाजपा सरकार ने काम किया है और केवल बहाने बनाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।</p>



<p><strong>वोट चोरी के आरोपों पर राहुल गांधी को घेरा</strong></p>



<p>अमित शाह ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस तथा राहुल गांधी की ओर से लगाए जा रहे आरोपों पर भी तीखा पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनके सहयोगी घुसपैठियों के वोट बचाने के लिए वोट चोरी का मुद्दा उठा रहे हैं।</p>



<p>शाह ने गुजरात, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और असम में कांग्रेस की चुनावी स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि कई राज्यों में लंबे समय से पार्टी सत्ता से बाहर है। उन्होंने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिन राज्यों में कांग्रेस चुनाव जीतती है, वहां वह मतदाता सूची और चुनाव आयोग की व्यवस्था पर सवाल नहीं उठाती।</p>



<p>उन्होंने तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की जीत का जिक्र करते हुए कहा कि तमिलनाडु में भी पार्टी सहयोगी के रूप में राजनीतिक भूमिका निभा रही है। शाह का कहना था कि चुनावी नतीजों के आधार पर चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाना उचित नहीं है।</p>



<p><strong>&#8216;अमित शाह यहीं पैदा हुआ और यहीं रहता है&#8217;</strong></p>



<p>राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि जब वह अगले 30 वर्षों तक भाजपा की सरकार रहने की बात करते हैं, तो कांग्रेस इसे वोट चोरी से जोड़ने लगती है। शाह ने तंज कसते हुए कहा कि वह यहीं पैदा हुए और यहीं रहते हैं, जबकि राहुल गांधी पर उन्होंने बार-बार विदेश जाने को लेकर कटाक्ष किया।</p>



<p>शाह ने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ रही है। उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि वह विदेश में क्यों रहते हैं, हालांकि इसे उनका निजी मामला भी बताया। इसके बाद उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस को अगले 30 वर्षों तक सत्ता हासिल नहीं होने वाली। शाह ने यह भी कहा कि लंबे समय तक सरकार में रहने के बावजूद कांग्रेस ने यमुना की सफाई के लिए पर्याप्त काम नहीं किया।</p>



<p><strong>पंजाब में भी कांग्रेस पर अमित शाह का हमला</strong></p>



<p>गृह मंत्री ने पंजाब की राजनीति को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन करने से समस्याओं का समाधान नहीं होता। विपक्षी दलों को उन क्षेत्रों में विकास योजनाएं लानी चाहिए, जहां से उनके प्रतिनिधि चुनकर आते हैं।</p>



<p>शाह ने दावा किया कि पंजाब की जनता ने वहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनाने का मन बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस दिल्ली में हारने के बाद पंजाब में सक्रिय है और वहां के मुख्यमंत्री को काम नहीं करने दे रही है।</p>



<p>उन्होंने पंजाब से कांग्रेस का राजनीतिक सफाया होने का दावा करते हुए कहा कि वहां नशे के कारोबार को बंद करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। शाह के इन बयानों के साथ दिल्ली में यमुना की सफाई और विपक्ष के चुनावी आरोपों को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है।</p>



<p></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत का लक्ष्य वर्ष 2040 तक रसायन क्षेत्र का एक ट्रिलियन डॉलर का बाजार विकसित करना:  जे. पी. नड्डा</title>
		<link>https://dastaktimes.org/india-aims-to-develop-a-trillion-dollar-market-in-the-chemical-sector-by-2040-jp-nadda/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Vivek Ojha]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2026 12:02:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[#अनुप्रिया पटेल]]></category>
		<category><![CDATA[#इंडिया केम 2026]]></category>
		<category><![CDATA[#जे पी नड्डा]]></category>
		<category><![CDATA[#देवेंद्र फडणवीस]]></category>
		<category><![CDATA[#पेट्रोरसायन क्षेत्र]]></category>
		<category><![CDATA[#बॉम्बे एक्जिबिशन सेंटर]]></category>
		<category><![CDATA[#भव्य रसायन योजना]]></category>
		<category><![CDATA[#मोहन चरण माझी]]></category>
		<category><![CDATA[#मोहन यादव]]></category>
		<category><![CDATA[#रसायन क्षेत्र का 1 ट्रिलियन डॉलर का बाजार]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="186" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nadddaaaaa-300x186.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nadddaaaaa-300x186.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nadddaaaaa-768x476.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/nadddaaaaa.jpg 964w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : रसायन और उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा ने कहा है कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2040 तक रसायन क्षेत्र का एक ट्रिलियन डॉलर का बाजार विकसित करना है। श्री नड्डा ने आज मुंबई के बॉम्बे एक्जिबिशन सेंटर में इंडिया केम 2026 के 14वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा &#8230;]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) </strong>: रसायन और उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा ने कहा है कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2040 तक रसायन क्षेत्र का एक ट्रिलियन डॉलर का बाजार विकसित करना है। श्री नड्डा ने आज मुंबई के बॉम्बे एक्जिबिशन सेंटर में इंडिया केम 2026 के 14वें संस्करण का उद्घाटन करते हुए कहा कि देश में रसायन और पेट्रोरसायन क्षेत्र के विकास के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है। उन्होंने कहा कि स्पष्ट नीतियों, सरकार के सहयोग और उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी से इस क्षेत्र में निवेश और विकास के नए अवसर खुल रहे हैं।</p>



<p>नड्डा ने बताया कि सरकार की प्रस्तावित ‘भव्य रसायन’ योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार प्रत्येक केमिकल पार्क के लिए एक हजार करोड़ रुपये देगी, जबकि संबंधित राज्य को कम से कम पांच सौ करोड़ रुपये का योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि इन पार्कों के चयन और सफलता के लिए बंदरगाहों, रेल, हवाई और सड़क संपर्क सहित विश्वस्तरीय बुनियादी सुविधाओं का विकास महत्वपूर्ण होगा।</p>



<p>वहीं, रसायन और उर्वरक राज्&#x200d;य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार नीतिग&#x200d;त समर्थन और बुनियादी ढांचे के विकास के माध्&#x200d;यम से रसायन तथा पेट्रोरसायन क्षेत्र के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।</p>



<p>इस अवसर पर महाराष्&#x200d;ट्र के मुख्&#x200d;यमंत्री देवेन्&#x200d;द्र फडण्&#x200d;नवीस, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्र तथा राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>दिल्ली-वाराणसी से मुंबई-पुणे तक दौड़ सकती है बुलेट ट्रेन, 7 नए हाई-स्पीड रूट्स का प्लान चर्चा में</title>
		<link>https://dastaktimes.org/bullet-train-can-run-from-delhi-varanasi-to-mumbai-pune-plan-of-7-new-high-speed-routes-in-discussion/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2026 08:13:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[7 नए बुलेट ट्रेन रूट]]></category>
		<category><![CDATA[Bullet Train India]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Varanasi Bullet Train]]></category>
		<category><![CDATA[Indian Railways]]></category>
		<category><![CDATA[Mumbai Pune High Speed Rail]]></category>
		<category><![CDATA[चेन्नई बेंगलुरु रेल मार्ग]]></category>
		<category><![CDATA[दिल्ली वाराणसी बुलेट ट्रेन]]></category>
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		<category><![CDATA[भारतीय रेलवे]]></category>
		<category><![CDATA[मुंबई पुणे हाई स्पीड रेल]]></category>
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		<category><![CDATA[हाई स्पीड रेल परियोजना]]></category>
		<category><![CDATA[हैदराबाद बेंगलुरु बुलेट ट्रेन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/21A_241-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/21A_241-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/21A_241-768x433.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/21A_241-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/21A_241.jpg 999w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम जारी है। इसी बीच देश में सात और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना का जिक्र किया गया है। खबर के मुताबिक, इन प्रस्तावित कॉरिडोरों की कुल लंबाई करीब 4,000 किलोमीटर और अनुमानित निवेश लगभग 16 लाख करोड़ रुपये बताया गया है। इन योजनाओं के अमल &#8230;]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली:</strong> मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पर काम जारी है। इसी बीच देश में सात और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना का जिक्र किया गया है। खबर के मुताबिक, इन प्रस्तावित कॉरिडोरों की कुल लंबाई करीब 4,000 किलोमीटर और अनुमानित निवेश लगभग 16 लाख करोड़ रुपये बताया गया है। इन योजनाओं के अमल में आने पर बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय घटाने और व्यापार, रोजगार तथा पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इन सातों मार्गों को प्रस्तावित योजना के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>दिल्ली-वाराणसी का सफर करीब 3 घंटे 50 मिनट में</strong></h4>



<p>प्रस्तावित मार्गों में दिल्ली से वाराणसी के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर शामिल है। खबर के अनुसार, इस रूट पर बुलेट ट्रेन चलने से दोनों शहरों के बीच यात्रा लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरी हो सकेगी। इससे उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्से के साथ बिहार और पश्चिम बंगाल के यात्रियों को भी बेहतर संपर्क का लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। धार्मिक पर्यटन और राजधानी तक आवागमन के लिहाज से भी इस मार्ग को अहम माना जा रहा है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>मुंबई-पुणे के बीच 48 मिनट में पहुंचने की योजना</strong></h4>



<p>मुंबई और पुणे के बीच भी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित है। खबर में अनुमान जताया गया है कि इस मार्ग पर यात्रा का समय घटकर करीब 48 मिनट रह सकता है। इससे दोनों शहरों के बीच रोजाना आने-जाने वाले कर्मचारियों, कारोबारियों और विद्यार्थियों को सुविधा मिल सकती है। मुंबई और पुणे के आर्थिक तथा औद्योगिक संबंधों को देखते हुए यह मार्ग महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>पुणे-हैदराबाद के बीच भी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी</strong></h4>



<p>प्रस्तावित योजनाओं में पुणे से हैदराबाद तक बुलेट ट्रेन चलाने का मार्ग भी शामिल है। खबर के मुताबिक, इस कॉरिडोर पर दोनों शहरों के बीच यात्रा में करीब 1 घंटा 55 मिनट लगने का अनुमान है। इससे महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच आवागमन आसान हो सकता है और कारोबार तथा रोजगार से जुड़े लोगों को फायदा मिलने की संभावना है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>हैदराबाद-बेंगलुरु का सफर दो घंटे से कम करने का लक्ष्य</strong></h4>



<p>हैदराबाद और बेंगलुरु के बीच भी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की योजना बताई गई है। खबर के अनुसार, इस मार्ग पर बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा दो घंटे से कम समय में पूरी हो सकती है। दोनों शहर सूचना प्रौद्योगिकी, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के प्रमुख केंद्र हैं। ऐसे में तेज रेल संपर्क से कारोबार और कामकाज के सिलसिले में यात्रा करने वाले लोगों को सुविधा मिल सकती है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>हैदराबाद-चेन्नई के बीच 2 घंटे 55 मिनट का अनुमान</strong></h4>



<p>प्रस्तावित सात मार्गों में हैदराबाद और चेन्नई के बीच हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भी शामिल है। खबर में इस दूरी को करीब 2 घंटे 55 मिनट में पूरा करने का अनुमान दिया गया है। इस संपर्क से रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और उच्च शिक्षा के लिए दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। इसके अलावा, दक्षिण भारत के अन्य क्षेत्रों को भी बेहतर संपर्क मिल सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>चेन्नई-बेंगलुरु के बीच सिर्फ 1 घंटा 13 मिनट का सफर</strong></h4>



<p>चेन्नई और बेंगलुरु के बीच बुलेट ट्रेन कॉरिडोर की योजना भी सामने आई है। खबर के मुताबिक, इस मार्ग पर यात्रा का समय घटकर करीब 1 घंटा 13 मिनट रह सकता है। चेन्नई के बंदरगाहों और विनिर्माण क्षेत्र को बेंगलुरु के सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रों से जोड़ने में यह मार्ग अहम भूमिका निभा सकता है। इससे दोनों शहरों के बीच व्यापारिक गतिविधियों और यात्रियों की आवाजाही को गति मिलने की उम्मीद है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>वाराणसी-सिलीगुड़ी मार्ग से पूर्वी भारत को जोड़ने की तैयारी</strong></h4>



<p>पूर्वी भारत में वाराणसी से सिलीगुड़ी के बीच भी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रस्तावित है। खबर के अनुसार, यह मार्ग पटना से होकर गुजर सकता है और इस पर यात्रा का अनुमानित समय करीब 2 घंटे 55 मिनट बताया गया है। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। व्यापार, कृषि और क्षेत्रीय आवागमन के लिहाज से भी यह मार्ग उपयोगी हो सकता है।</p>



<h4 class="wp-block-heading"><strong>रेल नेटवर्क के विस्तार पर सरकार का जोर</strong></h4>



<p>मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन देश की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना है। इसके साथ ही वंदे भारत और वंदे भारत स्लीपर जैसी रेल सेवाओं के विस्तार के बीच प्रस्तावित नए कॉरिडोर देश में तेज रेल संपर्क विकसित करने की व्यापक योजना का हिस्सा बताए जा रहे हैं।</p>



<p>हालांकि, सातों नए कॉरिडोरों की घोषणा, मंजूरी, निर्माण की समयसीमा और वास्तविक यात्रा समय की आधिकारिक स्थिति अलग-अलग हो सकती है। इसलिए प्रस्तावित मार्गों और उनमें बताए गए यात्रा समय को फिलहाल योजना संबंधी जानकारी के रूप में ही देखा जाना चाहिए।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा एक्शन, दिल्ली से 4 और गिरफ्तार; कुणाल-सुमित समेत राधा और बबिता पर शिकंजा</title>
		<link>https://dastaktimes.org/big-action-in-tiger-shroff-firing-case-4-more-arrested-from-delhi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 22 Oct 2026 05:16:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[bollywood news]]></category>
		<category><![CDATA[Tiger Shroff Firing Case]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Photo-4-20-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Photo-4-20-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Photo-4-20-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Photo-4-20.webp 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली से चार और लोगों को पकड़ा गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुणाल, सुमित, राधा और बबिता को गिरफ्तार कर मुंबई पुलिस की एंटी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Photo-4-20-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Photo-4-20-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Photo-4-20-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Photo-4-20.webp 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>मुंबई:</strong> बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। राजस्थान के कोटा से तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब दिल्ली से चार और लोगों को पकड़ा गया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुणाल, सुमित, राधा और बबिता को गिरफ्तार कर मुंबई पुलिस की एंटी एक्सटॉर्शन सेल के हवाले कर दिया। चारों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई लाया गया है। पुलिस अब कोटा और दिल्ली से पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की अलग-अलग कड़ियां जोड़ने में जुटी है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">कुणाल 21, सुमित 19 और दोनों महिलाएं 23 साल की</h4>



<p>दिल्ली से गिरफ्तार आरोपियों में कुणाल की उम्र 21 साल और सुमित की उम्र 19 साल है। वहीं, राधा और बबिता दोनों 23-23 साल की हैं। चारों आरोपी 21 अक्टूबर की देर रात करीब एक बजे मुंबई पहुंचे। यहां उन्हें शुरुआती पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल के कार्यालय ले जाया गया।</p>



<p>पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फायरिंग की घटना में चारों में से किसकी क्या भूमिका रही और उनके बीच किस तरह का संबंध है। पूछताछ के जरिए आरोपियों के आपसी संपर्क और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">महिला आरोपियों को आजाद मैदान थाने के लॉकअप में रखा</h4>



<p>मुंबई पहुंचने के बाद दोनों महिला आरोपियों राधा और बबिता को रात करीब दो बजे दक्षिण मुंबई स्थित आजाद मैदान पुलिस स्टेशन के महिला लॉकअप में रखा गया। उनकी निगरानी महिला पुलिसकर्मियों को सौंपी गई है। वहीं, दोनों पुरुष आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।</p>



<p>पुलिस चारों आरोपियों को अदालत में पेश करने की तैयारी कर रही है। पूछताछ के लिए एंटी एक्सटॉर्शन सेल उनकी पुलिस हिरासत की मांग भी कर सकती है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">कोटा से गिरफ्तार तीन आरोपी पहले से पुलिस हिरासत में</h4>



<p>इस मामले में राजस्थान के कोटा से भी तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने उन्हें 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कोटा और दिल्ली से गिरफ्तार किए गए आरोपियों के बीच क्या संबंध है।</p>



<p>पुलिस दोनों जगहों से पकड़े गए आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। इसके जरिए उनकी भूमिका, आपसी संपर्क और फायरिंग के पीछे की वजह का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">फायरिंग की साजिश के पीछे किसका हाथ? जांच जारी</h4>



<p>मामले में अभी कई अहम सवालों के जवाब सामने आने बाकी हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फायरिंग की कथित साजिश में किसकी क्या भूमिका थी, दिल्ली और कोटा से गिरफ्तार आरोपियों के बीच किस तरह संपर्क था और इस घटना के पीछे असल मकसद क्या था। फिलहाल, इन सवालों के जवाब पुलिस की पूछताछ और जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>CJP नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की बढ़ीं मुश्किलें, दो मामलों की जांच करेगी क्राइम ब्रांच; हिरासत को भी दी चुनौती</title>
		<link>https://dastaktimes.org/problems-increased-for-cjp-leaders-saurabh-das-and-ashutosh-ranka-crime-branch-will-investigate-two-cases-and-also-challenged-the-custody/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Oct 2026 07:30:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Ashutosh Ranka]]></category>
		<category><![CDATA[CJP नेता]]></category>
		<category><![CDATA[CJP प्रदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[Delhi Crime Branch]]></category>
		<category><![CDATA[Saurabh Das]]></category>
		<category><![CDATA[अभिजीत दीपके बयान]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="159" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/sourab-300x159.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/sourab-300x159.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/sourab.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: जेल में बंद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को दोनों के खिलाफ दर्ज एक और मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। इससे पहले जंतर-मंतर पर कथित तौर पर जबरन पहुंचने से जुड़े एक मामले की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="159" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/sourab-300x159.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/sourab-300x159.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/sourab.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>नई दिल्ली: जेल में बंद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका की कानूनी मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को दोनों के खिलाफ दर्ज एक और मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया। इससे पहले जंतर-मंतर पर कथित तौर पर जबरन पहुंचने से जुड़े एक मामले की जांच भी क्राइम ब्रांच को दी गई थी। अब दोनों मामलों की जांच इसी शाखा के जिम्मे होगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">जंतर-मंतर पहुंचने के मामले में दर्ज हुई थीं दो एफआईआर</h4>



<p>दिल्ली पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर को सौरभ दास, आशुतोष रांका, अजिंक्य शिंदे और सीजेपी के 11 अन्य सदस्य कथित तौर पर निजी परिसरों से होकर जंतर-मंतर पहुंच गए थे। वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके बाद सभी 14 लोगों को हिरासत में ले लिया गया।</p>



<p>इस घटना के संबंध में पुलिस ने दो प्राथमिकी दर्ज की थीं। पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर को अब आधिकारिक तौर पर विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं है। इसी प्रकरण से जुड़े मामलों की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">हिरासत बढ़ाने के आदेश को हाईकोर्ट में दी चुनौती</h4>



<p>शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बॉन्ड का उल्लंघन करने के आरोप में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने 14 अक्टूबर को सौरभ दास और आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था। सोमवार को उनकी हिरासत की अवधि दो दिन और बढ़ा दी गई।</p>



<p>दोनों नेताओं ने हिरासत बढ़ाने के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है। उनकी कानूनी टीम ने याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की है। दशहरे के कारण इस सप्ताह हाईकोर्ट बंद है। ऐसे में दोनों पक्षों की ओर से बुधवार को सुनवाई का अनुरोध किए जाने की बात कही गई है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">अभिजीत दीपके ने दास और रांका की भूमिका पर क्या कहा?</h4>



<p>इस बीच, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पार्टी के विरोध-प्रदर्शनों को लेकर जारी एक वीडियो संदेश में सौरभ दास और आशुतोष रांका की भूमिका का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आंदोलन को आगे बढ़ाने और अहम फैसले लेने में दोनों नेताओं की प्रमुख भूमिका रही थी।</p>



<p>दशहरे के अवसर पर जारी करीब 16 मिनट के वीडियो संदेश में दीपके ने दास और रांका को अपना परिवार बताया। उनके मुताबिक, दोनों उन्हें अगले दिन होने वाले कार्यक्रमों और गतिविधियों के बारे में जानकारी देते थे और वह उनके निर्देशों का पालन करते थे।</p>



<h4 class="wp-block-heading">बोले- जेल में बंद करने से डरने वाले नहीं</h4>



<p>वीडियो संदेश में अभिजीत दीपके ने यह भी कहा कि यदि किसी को लगता है कि सौरभ दास और आशुतोष रांका को जेल में रखने से वे डर जाएंगे या उनका हौसला टूट जाएगा, तो ऐसा नहीं होगा।</p>



<p>क्राइम ब्रांच को एक और मामला सौंपे जाने के बाद अब जांच का दायरा बढ़ गया है। वहीं, हिरासत बढ़ाने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दिए जाने से दोनों नेताओं की कानूनी लड़ाई भी जारी है। मामलों में आगे क्या कार्रवाई होती है, यह जांच और अदालत की सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा।</p>



<p></p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, अमृतसर से जुटाए हथियार, ट्रेन से मुंबई पहुंचाई पिस्तौल; लॉरेंस गैंग के कथित नेटवर्क पर शिकंजा</title>
		<link>https://dastaktimes.org/big-revelation-in-the-case-of-firing-on-tiger-shroffs-car-weapons-collected-from-amritsar-pistol-taken-to-mumbai-by-train-alleged-network-of-lawrence-gang/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Oct 2026 07:28:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Lawrence Bishnoi Gang]]></category>
		<category><![CDATA[Tiger Shroff Firing Case]]></category>
		<category><![CDATA[अमृतसर से मुंबई हथियार]]></category>
		<category><![CDATA[कुणाल सुमित गिरफ्तार]]></category>
		<category><![CDATA[टाइगर श्रॉफ BMW]]></category>
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		<category><![CDATA[टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस]]></category>
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		<category><![CDATA[मुंबई क्राइम न्यूज]]></category>
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		<category><![CDATA[लॉरेंस बिश्नोई गैंग]]></category>
		<category><![CDATA[हथियार सप्लाई नेटवर्क]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-149-e1792563099765-300x169.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-149-e1792563099765-300x169.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-149-e1792563099765-390x220.png 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/Untitled-149-e1792563099765.png 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की बीएमडब्ल्यू कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच एजेंसियों ने हथियारों की आपूर्ति से जुड़े कथित नेटवर्क का पता लगाते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में दो युवक और दो महिलाएं &#8230;]]></description>
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<p>नई दिल्ली: मुंबई के जुहू इलाके में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की बीएमडब्ल्यू कार पर हुई फायरिंग के मामले में जांच एजेंसियों ने हथियारों की आपूर्ति से जुड़े कथित नेटवर्क का पता लगाते हुए चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के मुताबिक, गिरफ्तार लोगों में दो युवक और दो महिलाएं शामिल हैं। पुलिस का आरोप है कि दोनों महिलाएं हथियारों को ट्रेन से मुंबई लेकर पहुंची थीं और इस काम में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में पहले तीन संदिग्ध पकड़े जा चुके थे। नई गिरफ्तारियों के बाद कुल सात आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं।</p>



<h4 class="wp-block-heading">चार नए आरोपियों की पहचान, हरियाणा और यूपी से जुड़े तार</h4>



<p>पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कुणाल, सुमित, राधा और बबिता के रूप में हुई है। कुणाल की उम्र 21 साल और सुमित की 19 साल बताई गई है। दोनों हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। वहीं, 23 वर्षीय राधा उत्तर प्रदेश के सीतापुर और 23 वर्षीय बबिता आजमगढ़ की निवासी है।</p>



<p>जांच एजेंसियों के अनुसार, हथियार जुटाने में कुणाल की अहम भूमिका सामने आई है। वह हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। पुलिस का कहना है कि एक दोस्त के जरिए उसकी पहचान अनिल पंडित से हुई थी। इसके बाद दोनों कथित तौर पर एक एन्क्रिप्टेड ऐप के माध्यम से संपर्क में रहने लगे।</p>



<h4 class="wp-block-heading">अमृतसर से पिस्तौल और 20 कारतूस जुटाने का आरोप</h4>



<p>पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, अनिल पंडित के निर्देश पर कुणाल अमृतसर गया था। वहां से उसने कथित तौर पर एक पिस्तौल और 20 कारतूस हासिल किए। इसके बाद हथियार को मुंबई पहुंचाने की व्यवस्था की गई।</p>



<p>जांचकर्ताओं का आरोप है कि कुणाल ने राधा को पिस्तौल लेकर मुंबई जाने के लिए तैयार किया था। दोनों की मुलाकात करीब दो महीने पहले हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हथियार जुटाने के पीछे किसका निर्देश था और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।</p>



<h4 class="wp-block-heading">दिल्ली से ट्रेन में बैठीं दोनों महिलाएं, बैग में रखी थी पिस्तौल</h4>



<p>पुलिस के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को कुणाल दोनों महिलाओं को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन लेकर पहुंचा। इसके बाद राधा और बबिता ट्रेन से मुंबई के लिए रवाना हुईं। आरोप है कि पिस्तौल राधा के बैग में रखी गई थी। यात्रा के दौरान कुणाल एन्क्रिप्टेड ऐप के जरिए दोनों के संपर्क में बना रहा।</p>



<p>जांच के अनुसार, 17 अक्टूबर को दोनों महिलाएं मुंबई के दादर स्टेशन पहुंचीं और एक होटल में ठहरीं। उसी दिन सुबह करीब 11 बजे एक नाबालिग लड़का होटल के पास आया और राधा से बैग लेकर चला गया। पुलिस को आशंका है कि उस बैग में पिस्तौल थी।</p>



<h4 class="wp-block-heading">नाबालिग के हाथ में बैग, अब हथियार की तलाश</h4>



<p>पुलिस अब उस नाबालिग की गतिविधियों और उसके संपर्कों की जांच कर रही है, जिसने कथित तौर पर होटल के पास से बैग लिया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि बैग उसके पास किसके निर्देश पर पहुंचा और इसके बाद हथियार किसे सौंपा गया।</p>



<p>फिलहाल, पुलिस के मुताबिक, फायरिंग में इस्तेमाल की गई पिस्तौल बरामद नहीं हुई है। हथियार की बरामदगी से मामले की कई अहम कड़ियां स्पष्ट होने की उम्मीद है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">18 अक्टूबर को टाइगर श्रॉफ की कार पर चली थीं गोलियां</h4>



<p>जांच के मुताबिक, 18 अक्टूबर की शाम मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की बीएमडब्ल्यू कार पर कई राउंड फायरिंग की गई थी। बताया गया कि अभिनेता फुटबॉल खेलने के बाद लौट रहे थे, तभी उनकी कार को निशाना बनाया गया। टाइगर श्रॉफ सुरक्षित रहे, जबकि उनके ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के घायल होने की जानकारी सामने आई।</p>



<p>घटना के बाद सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से एक पोस्ट भी सामने आई थी। हालांकि, उस पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में गैंग की कथित भूमिका और फायरिंग के पीछे की वजह को लेकर जांच जारी है।</p>



<h4 class="wp-block-heading">पहले कोटा से पकड़े गए थे तीन संदिग्ध</h4>



<p>इस मामले में इससे पहले राजस्थान के कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़ा गया था। इनमें रेहान उर्फ सुक्का, ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन और एक नाबालिग शामिल बताए गए थे। पुलिस की शुरुआती आशंका थी कि फायरिंग का मकसद अभिनेता को डराना हो सकता है, लेकिन वारदात के पीछे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।</p>



<p>चार और गिरफ्तारियों के बाद पुलिस अब हथियार जुटाने, उसे मुंबई पहुंचाने, फायरिंग करने और आरोपियों को शहर से बाहर निकालने की कथित योजना की कड़ियों को जोड़ रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के बीच संपर्क कैसे हुआ और पूरी साजिश में किसकी क्या भूमिका थी।</p>



<p></p>



<p></p>
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		<title>क्या कभी आत्मदैन्य से मुक्त हो सकेंगे हम?</title>
		<link>https://dastaktimes.org/will-we-ever-be-free-from-self-pity/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DN VERMA]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Oct 2026 07:27:30 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="170" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-300x170.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-300x170.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-1024x581.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-768x436.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-390x220.jpeg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />भारत का भारत से परिचय कराएं &#8211;प्रो. संजय द्विवेदी कोई भी राष्ट्र जिस स्थिति में होता है, उसके लिए वह खुद जिम्मेदार होता है। जापानी जैसे हैं ,उनका देश वैसा ही है। इसी तरह की बात इजरायल, चीन और ईरान या किसी भी देश के बारे में हो सकती है। भारत भी वैसा ही है, &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="170" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-300x170.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-300x170.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-1024x581.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-768x436.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM-390x220.jpeg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/WhatsApp-Image-2026-10-18-at-5.55.53-PM.jpeg 1536w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<h3 class="wp-block-heading">भारत का भारत से परिचय कराएं</h3>



<p>&#8211;<strong>प्रो. संजय द्विवेदी</strong></p>



<p>कोई भी राष्ट्र जिस स्थिति में होता है, उसके लिए वह खुद जिम्मेदार होता है। जापानी जैसे हैं ,उनका देश वैसा ही है। इसी तरह की बात इजरायल, चीन और ईरान या किसी भी देश के बारे में हो सकती है। भारत भी वैसा ही है, जैसे हम हैं! ऐसे में कभी विदेशी आक्रांताओं,कभी मैकाले और कभी अपनी आजादी के बाद सत्ता में आए नायकों को कोसते हुए हम अपने कर्तव्यबोध से मुक्त हो जाते हैं। कोई भी राष्ट्र अपने नागरिकों की सामूहिक चेतना के आधार पर विकसित होता है। उसका इतिहासबोध, संस्कृतिबोध, मित्रबोध और शत्रुबोध मिलकर उसका निर्माण करते हैं। इनसे ही राष्ट्रीय मानस या राष्ट्रीय भाव बनता है।</p>



<p>लंबे समय की गुलामी ने हमें आत्मदैन्य और आत्महीनता की ओर ढकेल दिया। भारतीय समाज के अपने पारंपरिक मूल्यों को छोड़कर हम शासक वर्गों द्वारा थोपी जा रही संस्कृति का अनुगमन करने लगे। हमें लगा हमारे अंग्रेज शासक, उनकी भाषा, पहनावा और उनकी संस्कृति-पंथ सबकुछ हमसे बेहतर है। उनके अनुयायी बनकर ही हमारी मुक्ति है। तत्कालीन समाज के श्रेष्ठ जन भी ब्रिटिश शासन में अंग्रेजी शिक्षा प्राप्त कर भारत लौटते थे और खुद को आधा-अधूरा अंग्रेज साबित करने में जुट जाते थे। ऐसे में शेष समाज अपने श्रेष्ठ वर्ग का आचरण देख वैसा ही बनने का प्रयास करने लगा। देश में तमाम सर, रायबहादुर और साहेब बहादुर हमारे आदर्श बन गए। स्वामी विवेकानंद, लोकमान्य तिलक, महर्षि अरविन्द, महर्षि दयानंद, महात्मा गांधी, भारतेंदु हरिश्चंद्र, जयशंकर प्रसाद, बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय,रवीन्द्र नाथ टैगोर के बहुत गहरे भारतबोध की प्रज्ञा ने हमें संभाला ,वरना हमारी दास्तां भी न होती दास्तानों में। हमारी हस्ती मिटने से कोई रोक नहीं सकता था।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-full is-resized"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2025/09/sanjay-dwivedi.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" width="237" height="288" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2025/09/sanjay-dwivedi.jpeg" alt="" class="wp-image-861981" style="aspect-ratio:0.8229243203526818;width:522px;height:auto" /></a></figure>
</div>


<p>औसत भारतीय का आचरण अंग्रेजी शासनकाल में कैसा था, कहने की जरूरत नहीं है। हम कोहिनूर को छोड़कर कांच की ओर दौड़ रहे थे। अंग्रेजी भाषा और संस्कृति श्रेष्ठता की परिचायक बन गई। जब तक अपना कोई व्यक्ति या कार्य पश्चिम में स्थापित न हो जाए, उसे हम श्रेष्ठ मानने को तैयार नहीं थे। अंग्रेजी शासन और उसके बाद के आजादी के साल भी आत्मगौरव के अभाव में गुजरे साल बनकर रह गए। सत्ता के आतंक और सत्ता से जुड़े रहने के आकर्षण से हमने &#8216;अपने जीवन मूल्यों का सनातन सिद्ध राजमार्ग&#8217; छोड़कर &#8216;अंग्रेजियत की पगडंडियों&#8217; पर चलना प्रारंभ कर दिया, जो हमारा देखा-परखा रास्ता नहीं था। जाहिर है इस मार्ग पर हम नेतृत्वकर्ता नहीं, अनुगामी ही बन सकते थे। हमारे एकत्व को चोटिल करने के सचेतन प्रयास प्रारंभ हुए। भारतीय शिक्षा पद्धति को अंग्रेजी राज में कैसे नष्ट किया गया, इसे धर्मपाल जी को पढ़कर ही समझ में आएगा। &#8216;स्व&#8217; के स्थान पर &#8216;परकीय&#8217; विचारों की स्थापना के प्रयास खूब चले। हम एक &#8216;राष्ट्र&#8217; नहीं हैं, बताया गया। अनेक स्थानीयताओं को राष्ट्रीयता के बरक्स स्थापित करने के अकादमिक प्रयास भी खूब चले, सफल भी हुए। कैसे और कितने विभाजन गढ़े जा सकते हैं, सारा जोर इसी पर था। भारतीय ज्ञान परंपरा पर चल रहे लोगों के आत्मविश्वास को समाप्त कर इस पूरे विचार को ही पोंगापंथ और पिछड़ेपन के रुप में आरोपित किया जाना फैशन बन गया।</p>



<p>राजनीतिक परिवर्तन के कारण लंबे समय के बाद भारत फिर से खुद को खोज रहा है। अपनी जड़ों की तरफ वापसी करना चाहता है। जिसे &#8216;विचारों की घर वापसी&#8217; कहकर संबोधित किया गया। जरूरी है कि भारत प्रेमी बौद्धिक वर्ग सत्य के सूर्य की स्थापना करने के लिए अध्यवसाय में जुट जाए। सिर्फ भावनात्मक प्रवचनों, कार्यक्रमों से आगे बढ़कर भ्रमों के निवारण का जतन करे। ऐसे कुशल बौद्धिक योद्धा ही अपनी ज्ञान परंपरा को सामने लाकर तथ्य, प्रमाणों के साथ उनकी युगानुकुल व्याख्या करेंगे। इसके लिए हमें लोकसंग्रही और विनम्र बनना पहली शर्त है। परंपरा,जीवन पद्धति और परिवार पर छाए संकटों के बीच ये प्रयत्न ही हमें आत्मशक्ति देंगे। दुनिया भर में चल रहे सभ्यतागत संघर्ष के बीच भारत को अपनी वृहत्तर भूमिका का निर्वहन करना है, क्योंकि हमारे पास दुनिया को देने के लिए समावेशी विचार है। जहां साझापन सौंदर्य की तरह है, विविधता और बहुलता का यहां उत्सव मनाया जाता है। हम पूजा में भी अनेक देवताओं की पूजा करते हैं। बहुलतावादी समाज होने कारण हमने मतभिन्नता का सदैव स्वागत किया। इसका उदाहरण हमारी &#8216;शास्त्रार्थ&#8217; परंपरा है। इसलिए &#8220;एक किताब,एक विचार, एक देवता &#8221; को मानने और दूसरे विचार को समाप्त करने को आतुर विचार भारत को नहीं समझ सकते। जहां दुनिया के हर पंथ के लोग नैसर्गिक सहजता से सांस ले सकते हैं। यहां कोई श्रेष्ठ और निकृष्ट नहीं है। सब समान रूप से इस धरती मां की संतानें हैं। ऐसे में भारत केंद्रित विमर्श ही विश्व शांति का मार्ग है। &#8216;स्वत्व&#8217; ही मार्ग है, जिस पर चलने के लिए हमें महात्मा गांधी, धर्मपाल, सीताराम गोयल, दीनदयाल उपाध्याय, वासुदेव शरण अग्रवाल, निर्मल वर्मा, विद्यानिवास मिश्र का अध्ययन मदद कर सकता है। इससे भारत के मूल विचार को समझने तथा भारत का मौलिक चिंतन स्थापित करने में मदद मिलती है। इससे ही ग़लत बातों का खंडन करते हुए हम सही विमर्श की स्थापना में सफल हो पाएंगे।</p>



<p>भारतीय उदात्त जीवन मूल्यों के आधार पर संपूर्ण विश्व के लिए हमें ही वैश्विक बौद्धिक नेतृत्व देना होगा। जिसकी एक झलक हमें स्वामी विवेकानंद में दिखती है। ऐसे में ‘स्वबोध‘ का जागरण ही विकल्प है। पहले हमारे अपने विचार को भारत तो स्वीकार करे। वह आत्मदैन्य से मुक्त होकर &#8216;भारत&#8217; को &#8216;भारत'(इंडिया नहीं) की नजर से देखना प्रारंभ करे। वैचारिक साम्राज्यवाद से मुक्ति के लिए कई स्तरों पर कार्य करने की आवश्यकता है। इसे इस तरह से समझिए कि गोरा बनाना और अंग्रेजी सिखाना आज भी हिंदुस्तान में दो सबसे बड़े व्यापार हैं। यही उपनिवेशवादी मानसिकता है। इसके चलते ही हमारे गांव उजड़ते चले गए और संयुक्त परिवार बिखर गए। आज एकल परिवारों के नाते अलग तरह के सामाजिक- सांस्कृतिक संकट हमारे सामने हैं। जाति, भाषा, क्षेत्र,पंथ की लड़ाइयों को छोड़कर भी बहुत सी विभाजनकारी बातें हर दिन आज भी खोजी जाती हैं , फिर आख्यान (नरेटिव) गढ़े जाते हैं। भारत जिसे कभी &#8216;इंडिया&#8217; बनाने की कोशिशें हुईं, उसे भारत बनाए रखने के लिए हमें ही आगे आना होगा। क्योंकि भारत का नष्ट होना,उस विचार का मिट जाना होगा,जिसने हमें &#8220;वसुधैव कुटुम्बकम्&#8221; का संदेश दिया। जिसने हमें राम, कृष्ण,शिव, बुद्ध, महावीर, गुरु नानक देव जैसे नायक दिए। जिसने &#8220;सर्वे भवन्तु सुखिन:&#8221; में अपनी मुक्ति देखी और लोक-मंगल जिसका मूलमंत्र रहा।</p>



<p><strong>(लेखक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष हैं।)</strong></p>
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