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	<title>राष्ट्रीय &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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		<title>नेशनल शूटर दमयंती सेन अचानक लापता, हावड़ा स्टेशन पर आखिरी बार दिखी 15 साल की खिलाड़ी; परिवार ने दर्ज कराया केस</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 11:57:39 +0000</pubDate>
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<p><strong>कोलकाता:</strong> पश्चिम बंगाल में 15 साल की नेशनल लेवल की शूटर दमयंती सेन के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। सेंट्रल हावड़ा की रहने वाली दमयंती गुरुवार को घर से सामान खरीदने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस अब दमयंती की तलाश में जुटी हुई है।</p>



<p>दमयंती सेन शूटिंग खेल में सक्रिय खिलाड़ी है और स्टेट लेवल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है। वह नेशनल लेवल टीम ट्रायल के लिए भी चयनित हुई थी और आगामी प्रतियोगिता की तैयारी में जुटी हुई थी। परिवार के मुताबिक, दमयंती अपनी तैयारी को लेकर काफी गंभीर थी और रोजाना एक तय दिनचर्या के अनुसार अभ्यास करती थी।</p>



<p><strong>घर से सामान लेने निकली थी, फिर नहीं लौटी</strong></p>



<p>जानकारी के अनुसार, दमयंती गुरुवार को घर का सामान खरीदने के लिए बाहर गई थी। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह घर नहीं पहुंची तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों ने उसके दोस्तों, शूटिंग से जुड़े साथियों और रिश्तेदारों से भी संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी।</p>



<p>इसके बाद परिवार पुलिस के पास पहुंचा और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।</p>



<p><strong>हावड़ा स्टेशन पर आखिरी बार दिखी दमयंती</strong></p>



<p>पुलिस जांच के दौरान एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें दमयंती हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच के बीच घूमती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह उसकी आखिरी लोकेशन सामने आई है। अब जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इसके बाद दमयंती कहां गई।</p>



<p>पुलिस के अनुसार, घर से निकलते समय दमयंती के पास उसका मोबाइल फोन मौजूद था। उसकी तलाश के लिए अलग-अलग स्तर पर जांच की जा रही है।</p>



<p><strong>परिवार ने झगड़े या मनमुटाव से किया इनकार</strong></p>



<p>दमयंती के परिजनों ने किसी भी तरह के विवाद या घर में मनमुटाव की बात से इनकार किया है। परिवार का कहना है कि वह अपने खेल और भविष्य को लेकर काफी मेहनत कर रही थी।</p>



<p>दमयंती की मां ने सोशल मीडिया पर भी बेटी की तलाश को लेकर अपील की है। उन्होंने बताया कि दमयंती गुरुवार सुबह करीब 10 बजे हावड़ा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर चार और पांच पर दिखाई दी थी। उस समय उसने गुलाबी रंग की हाफ टी-शर्ट और हाफ पैंट पहन रखी थी।</p>



<p>परिवार ने लोगों से अपील की है कि अगर किसी को दमयंती के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत उनसे संपर्क करें।</p>



<p><strong>अचानक गायब होने से परिवार और साथियों में चिंता</strong></p>



<p>शुक्रवार सुबह तक भी दमयंती के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी थी। परिवार के सदस्यों के साथ-साथ पड़ोसी और शूटिंग से जुड़े साथी खिलाड़ी भी उसके अचानक गायब होने से चिंतित हैं। पुलिस का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और दमयंती की तलाश के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।</p>



<p></p>
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		<title>भारत के अंतरिक्ष इतिहास में नया अध्याय, प्राइवेट कंपनी का पहला ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ लॉन्च; जानें मिशन की पूरी कहानी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/new-chapter-in-indias-space-history-private-companys-first-orbital-rocket-vikram-1-launched-know-the-full-story-of-the-mission/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 11:51:10 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111-300x168.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111-300x168.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111-768x430.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111.jpg 999w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />श्रीहरिकोटा: भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। देश का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ शनिवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। मिशन ‘आगमन’ के तहत भेजे गए इस रॉकेट ने तकनीकी पेलोड और विशेष संदेशों के साथ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111-300x168.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111-300x168.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111-768x430.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A111.jpg 999w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>श्रीहरिकोटा:</strong> भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। देश का पहला निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’ शनिवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। मिशन ‘आगमन’ के तहत भेजे गए इस रॉकेट ने तकनीकी पेलोड और विशेष संदेशों के साथ उड़ान भरी। यह रॉकेट पृथ्वी की निचली कक्षा में करीब 450 किलोमीटर तक पहुंचने के लिए तैयार किया गया है।</p>



<p>इस ऐतिहासिक लॉन्च के दौरान इसरो के वैज्ञानिक भी मौजूद रहे। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने विक्रम-1 के प्रक्षेपण का सीधा प्रसारण देखा। लॉन्चिंग से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मिशन से जुड़े वैज्ञानिकों और टीम को शुभकामनाएं दी थीं।</p>



<p><strong>भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए बड़ा कदम</strong></p>



<p>विक्रम-1 की लॉन्चिंग को भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी भागीदारी के नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। यह पहली बार है जब किसी भारतीय निजी कंपनी द्वारा विकसित ऑर्बिटल श्रेणी के रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजा गया है।</p>



<p>इस मिशन के जरिए भारत सरकारी अंतरिक्ष अभियानों से आगे बढ़कर निजी कंपनियों के नेतृत्व वाले अंतरिक्ष अभियानों की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में भारतीय अंतरिक्ष नीति जारी की थी, जबकि 2024 से अंतरिक्ष क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी गई थी। सरकार के अनुसार, पिछले एक दशक में अंतरिक्ष क्षेत्र में 300 से अधिक स्टार्टअप शुरू हुए हैं।</p>



<p><strong>क्या है विक्रम-1 की खासियत</strong></p>



<p>विक्रम-1 भारत का पहला निजी वाणिज्यिक प्रक्षेपण यान है। इसका नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ. विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है। इसे छोटे उपग्रहों को पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थापित करने के लिए तैयार किया गया है।</p>



<p>यह रॉकेट करीब 24 मीटर लंबा है और इसे हल्के कार्बन कॉम्पोजिट ढांचे से बनाया गया है। इसमें तीन ठोस ईंधन चरण और एक तरल ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल लगाया गया है। यह करीब 350 किलोग्राम तक के पेलोड को 450 किलोमीटर की पृथ्वी की निचली कक्षा में पहुंचाने की क्षमता रखता है।</p>



<p>इस मिशन के साथ प्रयोगशाला में तैयार ‘डायमंड लोटस’ पेलोड भी भेजा गया है। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हाथ से लिखा ‘वंदे मातरम’ संदेश वाला पोस्टकार्ड भी विक्रम-1 के साथ अंतरिक्ष में भेजा गया है।</p>



<p><strong>सब-ऑर्बिटल और ऑर्बिटल रॉकेट में क्या है अंतर</strong></p>



<p>सब-ऑर्बिटल रॉकेट अंतरिक्ष की सीमा तक पहुंचने के बाद वापस लौट आते हैं, जबकि ऑर्बिटल रॉकेट इतनी तेज गति प्रदान करते हैं कि उपग्रह पृथ्वी की कक्षा में लगातार घूमता रहता है।</p>



<p>विक्रम-1 की सफलता के बाद पहली बार किसी भारतीय निजी कंपनी का रॉकेट उपग्रहों को कक्षा में स्थापित करने की क्षमता साबित करेगा। इससे भारत वैश्विक निजी कक्षीय प्रक्षेपण बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा सकेगा।</p>



<p><strong>चार चरणों में काम करता है विक्रम-1</strong></p>



<p>विक्रम-1 चार चरणों वाला रॉकेट है। इसके शुरुआती तीन चरणों में ठोस ईंधन का इस्तेमाल किया गया है, जबकि चौथे चरण में तरल ईंधन इंजन लगाया गया है। इस इंजन को जरूरत पड़ने पर दोबारा शुरू किया जा सकता है, जिससे उपग्रह को उसकी निर्धारित कक्षा में अधिक सटीक तरीके से पहुंचाने में मदद मिलती है।</p>



<p>रॉकेट का ऑर्बिटल एडजस्टमेंट मॉड्यूल पूरी तरह 3डी प्रिंटेड तरल इंजन से संचालित होता है। भारतीय ऑर्बिटल लॉन्च व्हीकल में इस तरह के इंजन का इस्तेमाल पहली बार किया गया है।</p>



<p><strong>विक्रम-1 को तैयार करने में लगी 1000 वैज्ञानिकों की टीम</strong></p>



<p>भारत के पहले निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 को तैयार करने में करीब 1000 वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की टीम ने काम किया। कई महीनों की मेहनत के बाद तैयार हुए इस रॉकेट को अंतरिक्ष में भेजा गया है।</p>



<p>इससे पहले स्काईरूट एयरोस्पेस ने 18 नवंबर 2022 को विक्रम-एस नाम का सब-ऑर्बिटल रॉकेट लॉन्च किया था। यह परीक्षण रॉकेट 301.4 सेकंड की उड़ान के बाद 88.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक पहुंचा था। इसी सफलता के बाद कंपनी ने तीन साल के भीतर विक्रम-1 तैयार किया।</p>



<p><strong>स्काईरूट एयरोस्पेस ने कैसे शुरू किया सफर</strong></p>



<p>स्काईरूट एयरोस्पेस की शुरुआत वर्ष 2018 में इसरो के पूर्व इंजीनियर पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका ने की थी। दोनों ने अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी कंपनी बनाने के उद्देश्य से अपनी नौकरियां छोड़ीं और भारतीय स्टार्टअप को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने की दिशा में काम शुरू किया।</p>



<p>वर्ष 2020 में अंतरिक्ष क्षेत्र निजी कंपनियों के लिए खुलने के बाद स्काईरूट ने ऑर्बिटल रॉकेट बनाने पर तेजी से काम किया। विक्रम-1 इसी लंबे प्रयास का सबसे बड़ा परिणाम माना जा रहा है।</p>



<p><strong>भारत के वाणिज्यिक अंतरिक्ष मिशनों को मिलेगी नई रफ्तार</strong></p>



<p>विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण भारत के निजी अंतरिक्ष उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे भविष्य में भारत से अधिक संख्या में वाणिज्यिक उपग्रहों के प्रक्षेपण की संभावनाएं बढ़ेंगी।</p>



<p>स्काईरूट एयरोस्पेस के अनुसार, यह मिशन भारतीय निजी अंतरिक्ष कंपनियों की तकनीकी क्षमता को दुनिया के सामने पेश करेगा और अंतरराष्ट्रीय उपग्रह प्रक्षेपण बाजार में नए अवसर पैदा करेगा।</p>



<p></p>
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		<title>जंतर-मंतर कार्रवाई पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, बोली- शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का हो रहा दमन</title>
		<link>https://dastaktimes.org/congress-launches-sharp-attack-on-central-government-on-jantar-mantar-action-says-right-to-peaceful-protest-is-being-suppressed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 10:13:24 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/pawan-kheda-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/pawan-kheda-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/pawan-kheda-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान पुलिस कार्रवाई और अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को लोकतांत्रिक अधिकार के बजाय कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानकर दबाने की कोशिश &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/pawan-kheda-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/pawan-kheda-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/pawan-kheda-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के जंतर-मंतर पर चल रहे अनिश्चितकालीन अनशन के दौरान पुलिस कार्रवाई और अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि सरकार शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों को लोकतांत्रिक अधिकार के बजाय कानून-व्यवस्था का मुद्दा मानकर दबाने की कोशिश कर रही है।</p>



<p><strong>कांग्रेस ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल</strong></p>



<p>कांग्रेस ने शनिवार को जारी बयान में कहा कि जंतर-मंतर पर हुई पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी का कहना है कि संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार देता है, लेकिन सरकार इस अधिकार को सीमित करने की दिशा में काम कर रही है।</p>



<p><strong>पवन खेड़ा ने गृह मंत्रालय को घेरा</strong></p>



<p>कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि नई नियुक्ति के बाद पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ होती है, तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं के लिए चिंताजनक संदेश है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि संविधान असहमति व्यक्त करने के अधिकार की गारंटी देता है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में राजनीतिक प्राथमिकताओं को संवैधानिक दायित्वों से ऊपर रखा जा रहा है।</p>



<p><strong>भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप</strong></p>



<p>कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का रवैया पहले भी कई आंदोलनों और प्रदर्शनकारियों के प्रति कठोर रहा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि महिला पहलवानों से लेकर पूर्व सैनिकों तक विभिन्न वर्गों के शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं रहा।</p>



<p>कांग्रेस ने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उसे कानून-व्यवस्था की समस्या मानकर दबाने की कोशिश की जानी चाहिए।</p>



<p><strong>सोनम वांगचुक की बिगड़ी थी तबीयत</strong></p>



<p>सोनम वांगचुक को अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद शनिवार तड़के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस कार्रवाई के पीछे चिकित्सकीय सलाह और दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों का हवाला दिया है।</p>



<p><strong>सहयोगी कार्यकर्ता ने लगाए मारपीट के आरोप</strong></p>



<p>वांगचुक के सहयोगी दिपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने उनके साथ मारपीट की और कुछ समय के लिए हिरासत में रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि वह अपने एक मित्र के घर गए थे, जहां पुलिस ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। साथ ही उन्होंने इस कार्रवाई के विरोध में देशभर में प्रदर्शन करने की अपील की।</p>



<p><strong>28 जून से जारी है अनशन</strong></p>



<p>जानकारी के अनुसार, एनईटी परीक्षा में कथित अनियमितताओं और छात्रों की कथित मौतों के विरोध में सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन के समर्थन में सोनम वांगचुक और एआईएसए के तीन कार्यकर्ता 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। पिछले तीन सप्ताह के दौरान उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।</p>



<p></p>



<p></p>
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		<title>कलकत्ता हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी: जमीन के कागजात से साबित नहीं होगी नागरिकता, डिपोर्टेशन केस में मांगे ठोस सबूत</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 06:47:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/calcutta-high-court-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/calcutta-high-court-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/calcutta-high-court.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />कोलकाता: पश्चिम बंगाल में नागरिकता और मतदाता सूची से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के नाम पर जमीन होना या भूमि संबंधी दस्तावेज होना भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि विदेशी नागरिक भी भारत में &#8230;]]></description>
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<p><strong>कोलकाता:</strong> पश्चिम बंगाल में नागरिकता और मतदाता सूची से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के नाम पर जमीन होना या भूमि संबंधी दस्तावेज होना भारतीय नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि विदेशी नागरिक भी भारत में संपत्ति खरीद सकते हैं, इसलिए केवल भूमि रिकॉर्ड के आधार पर किसी व्यक्ति को भारतीय नागरिक नहीं माना जा सकता।</p>



<p>यह टिप्पणी मुर्शिदाबाद निवासी नासिर मोल्ला से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सामने आई। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान नासिर का नाम मतदाता सूची से हट गया था। इसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया और उन पर बांग्लादेशी नागरिक होने का संदेह जताते हुए डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू की गई।</p>



<p><strong>18 जून से हिरासत में हैं नासिर</strong></p>



<p>सरकारी पक्ष के अनुसार, नासिर मोल्ला को 18 जून को हिरासत में लिया गया था। अधिकारियों का दावा है कि वह अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और फिलहाल उन्हें लालगोला होल्डिंग सेंटर में रखा गया है। दूसरी ओर, उनके परिवार का कहना है कि नासिर जन्म से भारतीय नागरिक हैं और उन्हें गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है। इसी आधार पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।</p>



<p><strong>नागरिकता साबित करने के लिए मांगे वैध दस्तावेज</strong></p>



<p>जस्टिस देबांगसु बसाक और जस्टिस एम.डी. शब्बार रशीदी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान नासिर के परिजनों से ऐसे दस्तावेज पेश करने को कहा, जिनसे उनकी भारतीय नागरिकता स्पष्ट रूप से साबित हो सके। जवाब में परिवार की ओर से नासिर के नाम दर्ज जमीन की रजिस्ट्री और भूमि रिकॉर्ड अदालत में पेश किए गए।</p>



<p>इन दस्तावेजों पर टिप्पणी करते हुए अदालत ने कहा कि भूमि संबंधी रिकॉर्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं हैं। मौखिक टिप्पणी में अदालत ने कहा कि भारत में संपत्ति खरीद लेने मात्र से कोई व्यक्ति स्वतः भारतीय नागरिक नहीं बन जाता।</p>



<p><strong>परिवार को दिया गया एक और मौका</strong></p>



<p>हालांकि हाईकोर्ट ने परिवार को राहत देते हुए अंतिम अवसर भी दिया है। अदालत ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक शपथपत्र के साथ ऐसे ठोस और वैधानिक दस्तावेज पेश किए जाएं, जिनसे नासिर की भारतीय नागरिकता सिद्ध हो सके। इसके लिए अदालत ने 20 जुलाई तक का समय दिया है।</p>



<p><strong>सरकार और परिवार के दावे आमने-सामने</strong></p>



<p>सुनवाई के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने अदालत में अपनी रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट के अनुसार, पूछताछ में नासिर ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उनका जन्म बांग्लादेश के रोहिमपुर में हुआ था और वह करीब 14 से 15 वर्ष पहले अवैध रूप से भारत आए थे।</p>



<p>वहीं, नासिर के परिवार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया। परिवार का कहना है कि उनके पास आधार कार्ड, पैन कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। उनका यह भी कहना है कि नासिर पहले कई चुनावों में मतदान कर चुके हैं और एसआईआर प्रक्रिया के दौरान उनका नाम मतदाता सूची से हटाया गया।</p>



<p><strong>वकील ने बताई मतदाता सूची से नाम हटने की वजह</strong></p>



<p>नासिर के वकील ने अदालत को बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान नासिर रोजगार के सिलसिले में केरल में थे। बाद में उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम दोबारा जोड़ने के लिए आवेदन किया, लेकिन प्रारूप मतदाता सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया। इस फैसले के खिलाफ उन्होंने अपीलीय प्राधिकरण में अपील भी की है, जो अभी लंबित है।</p>



<p><strong>पासपोर्ट और नागरिकता पर भी जारी है बहस</strong></p>



<p>यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब नागरिकता और पहचान संबंधी दस्तावेजों को लेकर देशभर में चर्चा चल रही है। हाल ही में केंद्र सरकार ने भी स्पष्ट किया था कि पासपोर्ट अपने आप में भारतीय नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं है।</p>



<p>इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटने के बाद पासपोर्ट नवीनीकरण से जुड़े कई मामले भी अदालत पहुंचे हैं। कलकत्ता हाईकोर्ट की जलपाईगुड़ी पीठ ने भी हाल में कहा था कि नागरिकता की पुष्टि के बिना पासपोर्ट जारी करने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।</p>



<p><strong>सुप्रीम कोर्ट भी दे चुका है अहम टिप्पणी</strong></p>



<p>सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से किसी व्यक्ति का नाम हट जाने का अर्थ यह नहीं है कि उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग का अधिकार केवल मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन करने तक सीमित है, जबकि किसी व्यक्ति की नागरिकता पर अंतिम निर्णय नागरिकता कानून के तहत केंद्र सरकार का गृह मंत्रालय करता है।</p>



<p></p>
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		<title>तिरुवनंतपुरम के होटल की लिफ्ट में 15 मिनट तक फंसे शशि थरूर, फायर टीम ने रेस्क्यू कर सुरक्षित निकाला</title>
		<link>https://dastaktimes.org/shashi-tharoor-who-was-stuck-in-the-lift-of-thiruvananthapuram-hotel-for-15-minutes/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 05:29:01 +0000</pubDate>
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<p><strong>तिरुवनंतपुरम:</strong> कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर शुक्रवार शाम केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के एक निजी होटल की लिफ्ट में करीब 15 मिनट तक फंस गए। वह यहां ‘रोटरी क्लब ऑफ त्रिवेंद्रम ईस्ट’ के स्थापना समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। घटना की सूचना मिलते ही बचाव अभियान शुरू किया गया और अग्निशमन एवं बचाव सेवा की टीम ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया।</p>



<p>होटल में सांसद के लिफ्ट में फंसने की खबर मिलते ही कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची फायर एंड रेस्क्यू सर्विसेज की टीम ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। शशि थरूर के साथ लिफ्ट में मौजूद अन्य लोगों को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।</p>



<p><strong>तकनीकी खराबी बनी वजह</strong></p>



<p>अग्निशमन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, शाम 7:37 बजे सूचना मिली कि सांसद होटल की लिफ्ट में फंस गए हैं। इसके बाद रेस्क्यू टीम तुरंत मौके पर पहुंची। शुरुआती प्रयास में होटल कर्मचारियों और अन्य लोगों ने लोहे की रॉड की मदद से लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।</p>



<p>जांच में पता चला कि तकनीकी खराबी के कारण लिफ्ट निर्धारित मंजिल तक नहीं पहुंच सकी थी। इसी वजह से उसका ऑटोमैटिक डोर लॉक सक्रिय हो गया। लिफ्ट मैकेनिक ने भी दरवाजा खोलने का प्रयास किया, लेकिन वह भी सफल नहीं हो सके।</p>



<p><strong>हाइड्रोलिक उपकरण से खोला गया दरवाजा</strong></p>



<p>मौके पर पहुंची फायर टीम ने आधुनिक हाइड्रोलिक स्प्रेडर का इस्तेमाल करते हुए कुछ ही मिनटों में लिफ्ट का दरवाजा खोल दिया। शाम 7:51 बजे रेस्क्यू ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा हुआ और शशि थरूर सहित सभी लोग सुरक्षित बाहर आ गए।</p>



<p><strong>बाहर आते ही बचाव दल का जताया आभार</strong></p>



<p>लिफ्ट से बाहर निकलने के बाद शशि थरूर ने मुस्कुराते हुए राहत की सांस ली और बचाव दल की सराहना करते हुए कहा, “आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। वेल डन! आपने शानदार काम किया है।” अधिकारियों द्वारा हालचाल पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि लिफ्ट में मौजूद सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं।</p>



<p>घटना के बाद शशि थरूर ने बचाव दल के सदस्यों को चाय पीने का निमंत्रण भी दिया, लेकिन अधिकारियों ने अपनी ड्यूटी का हवाला देते हुए विनम्रतापूर्वक इसे स्वीकार नहीं किया। बाद में सांसद ने त्वरित और सफल रेस्क्यू अभियान के लिए अग्निशमन कर्मियों को सम्मानित भी किया।</p>



<p></p>
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		<title>मंदिर ले जाने का बहाना, रास्ते में रची मौत की साजिश! प्रेमी संग पति की हत्या कर फरार हुई हसिनी, CCTV ने खोला पूरा राज</title>
		<link>https://dastaktimes.org/on-the-pretext-of-taking-her-to-the-temple-a-conspiracy-of-death-was-hatched-on-the-way-hasini-escaped-after-killing-her-husband-with-her-lover-cctv-revealed-the-whole-secret/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 05:19:53 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="103" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-115-768x264-1-300x103.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-115-768x264-1-300x103.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-115-768x264-1.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />चित्तूर: आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। यहां 19 वर्षीय महिला हसिनी ने अपने पति को मंदिर में भगवान का आशीर्वाद दिलाने के बहाने बुलाया और फिर अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या करवा दी। महिला ने पति से कहा था कि उनके बच्चे &#8230;]]></description>
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<p><strong>चित्तूर:</strong> आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में दिल दहला देने वाला हत्याकांड सामने आया है। यहां 19 वर्षीय महिला हसिनी ने अपने पति को मंदिर में भगवान का आशीर्वाद दिलाने के बहाने बुलाया और फिर अपने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से हत्या करवा दी। महिला ने पति से कहा था कि उनके बच्चे के लिए मंदिर में पूजा करनी है, लेकिन उसे इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी हत्या की पूरी साजिश पहले ही रची जा चुकी है।</p>



<p>मृतक की पहचान 23 वर्षीय रमेश के रूप में हुई है, जो तमिलनाडु का निवासी था और होसुर की एक निजी कंपनी में काम करता था। रमेश और हसिनी की शादी दो साल पहले हुई थी तथा उनकी एक छोटी बेटी भी है। पुलिस अब उन स्थानीय दावों की भी जांच कर रही है, जिनमें कहा गया है कि शादी के समय हसिनी नाबालिग थी। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो मामले में बाल विवाह से जुड़े कानूनी उल्लंघन की धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।</p>



<p><strong>बचपन के दोस्त से था प्रेम संबंध</strong></p>



<p>पुलिस जांच में सामने आया कि बाहर से सामान्य दिखने वाले इस परिवार के भीतर लंबे समय से तनाव चल रहा था। जांच के दौरान पता चला कि हसिनी का अपने बचपन के दोस्त 20 वर्षीय युगंधर के साथ प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर रमेश को रास्ते से हटाने की साजिश तैयार की। धार्मिक यात्रा का बहाना बनाकर हसिनी ने रमेश को अपनी बेटी के साथ मल्लप्पा कोंडा पहाड़ियों पर स्थित श्री मल्लेश्वर स्वामी मंदिर चलने के लिए राजी कर लिया।</p>



<p><strong>पहाड़ी रास्ते पर रचा गया खौफनाक जाल</strong></p>



<p>पुलिस के अनुसार, जब रमेश मोटरसाइकिल से पहाड़ी मार्ग पर मंदिर की ओर जा रहा था, तब हसिनी लगातार अपने मोबाइल से युगंधर को उनकी वास्तविक लोकेशन भेज रही थी। इसी जानकारी के आधार पर युगंधर और उसके साथी आगे बढ़ते रहे और तीसरे हेयरपिन मोड़ के पास घात लगाकर बैठ गए।</p>



<p>बताया गया कि पति को बाइक रोकने के लिए हसिनी ने जानबूझकर अपना हैंडबैग सड़क पर फेंक दिया। जैसे ही रमेश बैग उठाने के लिए नीचे उतरा, अंधेरे में छिपे हमलावर बाहर आ गए और उस पर हमला कर दिया।</p>



<p><strong>भागने की कोशिश भी नहीं बचा सकी जान</strong></p>



<p>हमले के दौरान रमेश ने अपनी जान बचाने के लिए जंगल की ओर दौड़ लगाई और करीब 100 मीटर तक भागा, लेकिन आरोपी उसके पीछे लगे रहे। आखिरकार धारदार हथियारों से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि घटना के समय दंपति की छोटी बेटी भी आसपास मौजूद थी।</p>



<p>रात तक घर नहीं लौटने पर हसिनी की मां को चिंता हुई। इसके बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई।</p>



<p><strong>सीसीटीवी और तकनीकी जांच से खुला पूरा राज</strong></p>



<p>मंदिर मार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बनी। शुरुआती फुटेज में रमेश अपनी पत्नी और बेटी के साथ मंदिर की ओर जाता दिखाई दिया, जबकि बाद की फुटेज में हसिनी अपने पति के बिना दो अन्य युवकों के साथ उसी मोटरसाइकिल पर जाती नजर आई।</p>



<p>इसके बाद पुलिस ने मोबाइल फोन रिकॉर्ड, जीपीएस लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से जंगल से रमेश का शव बरामद किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने हसिनी, उसके प्रेमी युगंधर और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर लिया।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पर रेल मंत्री का बड़ा बयान, बोले- पीएम मोदी के नेतृत्व में मिली ऐतिहासिक तकनीकी सफलता</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 12:03:02 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="149" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/2026_7image_13_19_234242940ashwini-ll-300x149.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/2026_7image_13_19_234242940ashwini-ll-300x149.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/2026_7image_13_19_234242940ashwini-ll-768x382.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/2026_7image_13_19_234242940ashwini-ll.jpg 914w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरियाणा के जींद में भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन के शुभारंभ को देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक के दम पर भारत ने हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक विकसित कर दुनिया के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="149" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/2026_7image_13_19_234242940ashwini-ll-300x149.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/2026_7image_13_19_234242940ashwini-ll-300x149.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/2026_7image_13_19_234242940ashwini-ll-768x382.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/2026_7image_13_19_234242940ashwini-ll.jpg 914w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हरियाणा के जींद में भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन के शुभारंभ को देश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि स्वदेशी तकनीक के दम पर भारत ने हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक विकसित कर दुनिया के चुनिंदा देशों में अपनी जगह बनाई है।</p>



<p>रेल मंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक नई ट्रेन के संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारतीय रेलवे की तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भरता और नवाचार की दिशा में बड़ा कदम है। उनके अनुसार देश ने हाइड्रोजन तकनीक विकसित कर एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल की है और अब भारत उन देशों में शामिल हो गया है जिनके पास हाइड्रोजन संचालित ट्रेन तैयार करने की पूरी क्षमता मौजूद है।</p>



<p><strong>रेल मंत्री बोले- आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम</strong></p>



<p>अश्विनी वैष्णव ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन का सफल विकास इस बात का प्रमाण है कि भारतीय रेलवे आधुनिक तकनीकों को अपनाने के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने इसे देश की तकनीकी क्षमता और भविष्य की हरित परिवहन व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।</p>



<p><strong>मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया ऐतिहासिक पल</strong></p>



<p>कार्यक्रम में मौजूद हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन राज्य और देश दोनों के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इसे विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और हरित ऊर्जा के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का अवसर नहीं, बल्कि देश की विकास यात्रा में एक नया अध्याय जुड़ने का ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और हरित ऊर्जा के प्रति प्रतिबद्धता के कारण हरियाणा को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की मेजबानी का अवसर मिला है।</p>



<p><strong>हरित ऊर्जा और आधुनिक रेलवे को मिलेगा बढ़ावा</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाली पीढ़ियां इस दिन को देश के तकनीकी विकास के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में याद रखेंगी। उनके अनुसार प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत केवल विकास की योजनाएं नहीं बना रहा, बल्कि उन्हें धरातल पर उतारकर भविष्य की मजबूत नींव तैयार कर रहा है।</p>



<p><strong>भविष्य की रेल व्यवस्था की मजबूत नींव बनेगी हाइड्रोजन ट्रेन</strong></p>



<p>इस परियोजना को भविष्य में हाइड्रोजन आधारित रेल सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। इसके माध्यम से आवश्यक प्रणाली, आधारभूत ढांचा और संस्थागत क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही संचालन, रखरखाव और तकनीकी प्रक्रियाओं का परीक्षण भी संभव होगा। यह पहल हरित हाइड्रोजन मिशन और शून्य कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को गति देने के साथ भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।</p>



<p></p>
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			</item>
		<item>
		<title>भारत ने रचा इतिहास! पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन पटरी पर दौड़ी, बिना डीजल और ओवरहेड तारों के करेगी सफर</title>
		<link>https://dastaktimes.org/india-creates-history-first-indigenous-hydrogen-train-runs-on-tracks/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 11:47:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17.jpg 1000w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: भारत ने हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद जंक्शन से सोनीपत के लिए इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन बिना डीजल और बिजली के ओवरहेड तारों के संचालित होगी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/28-17.jpg 1000w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> भारत ने हरित परिवहन की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अपनी पहली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन की शुरुआत कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जींद जंक्शन से सोनीपत के लिए इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन बिना डीजल और बिजली के ओवरहेड तारों के संचालित होगी और हाइड्रोजन ईंधन तकनीक के जरिए सफर तय करेगी।</p>



<p><strong>89 किलोमीटर के रूट पर चलेगी ट्रेन</strong></p>



<p>देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन फिलहाल जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर लंबे मार्ग पर संचालित होगी। यह दूरी करीब दो घंटे में पूरी करेगी। यात्रा के दौरान ट्रेन 12 स्टेशनों पर रुकेगी और इसकी अधिकतम गति 75 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। 10 डिब्बों वाली इस ट्रेन में एक साथ लगभग 2600 यात्री सफर कर सकेंगे।</p>



<p><strong>हाइड्रोजन से बनेगी बिजली, निकलेगी सिर्फ जलवाष्प</strong></p>



<p>रेल मंत्रालय के अनुसार यह ट्रेन हाइड्रोजन और ऑक्सीजन की रासायनिक प्रक्रिया से स्वयं बिजली उत्पन्न करती है। इसके संचालन में डीजल या बाहरी बिजली की आवश्यकता नहीं होती। इस प्रक्रिया के दौरान केवल जलवाष्प का उत्सर्जन होता है, जिससे यह पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणाली मानी जा रही है। यह पहल देश के नेट-जीरो उत्सर्जन लक्ष्य और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।</p>



<p>कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 26,800 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, शिलान्यास और लोकार्पण भी किया, जिनमें रेलवे, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासत और हरित परिवहन से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।</p>



<p><strong>दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हुआ भारत</strong></p>



<p>हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के साथ भारत इस अत्याधुनिक तकनीक को अपनाने वाले दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। रेलवे के अनुसार ट्रेन का इंजन पारंपरिक इंजन की तरह ही है, लेकिन इसमें ऊर्जा का स्रोत हाइड्रोजन है। रासायनिक प्रक्रिया से उत्पन्न बिजली के जरिए ट्रेन संचालित होती है और प्रदूषण नगण्य रहता है।</p>



<p><strong>इन स्टेशनों पर होगा ठहराव</strong></p>



<p>यह ट्रेन जींद से रवाना होकर जींद सिटी, पांडु पिंडारा, ललित खेड़ा, भांभेवा, इसापुर खेड़ी, बुटाना, खंडराई, राबरा, लाठ, मोहाना, गोहाना होते हुए सोनीपत पहुंचेगी। ट्रेन प्रतिदिन दो राउंड ट्रिप करेगी और एक दिन में लगभग 356 किलोमीटर का सफर तय करेगी।</p>



<p><strong>5 रुपये से शुरू होगा किराया</strong></p>



<p>रेलवे के अनुसार इस ट्रेन का किराया 5 रुपये से शुरू होकर अधिकतम 25 रुपये तक रखा गया है। एक बार हाइड्रोजन भरने पर ट्रेन लगभग 250 किलोमीटर तक चल सकती है। सुरक्षा के लिए इसमें मल्टी-लेयर सेफ्टी सिस्टम लगाए गए हैं। हाइड्रोजन रिसाव की स्थिति में ट्रेन स्वतः रुक जाएगी। इसके अलावा फायर डिटेक्शन और लगातार निगरानी करने वाली आधुनिक सुरक्षा प्रणाली भी इसमें उपलब्ध कराई गई है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>तमिलनाडु में हिरासत में दिव्यांग कैदी की मौत पर सियासी संग्राम, दो महीने पुरानी विजय सरकार विपक्ष के निशाने पर</title>
		<link>https://dastaktimes.org/political-battle-over-death-of-disabled-prisoner-in-custody-in-tamil-nadu-two-months-old-vijay-government-on-target-of-opposition/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 11:40:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[BJP Tamil Nadu]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="165" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/16A_141-300x165.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/16A_141-300x165.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/16A_141-768x422.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/16A_141.jpg 999w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />चेन्नई: तमिलनाडु में मई में सत्ता में आई टीवीके सरकार एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर आ गई है। नागरकोइल में न्यायिक हिरासत के दौरान एक दिव्यांग कैदी की मौत के मामले ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था &#8230;]]></description>
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<p><strong>चेन्नई:</strong> तमिलनाडु में मई में सत्ता में आई टीवीके सरकार एक बार फिर विपक्ष के निशाने पर आ गई है। नागरकोइल में न्यायिक हिरासत के दौरान एक दिव्यांग कैदी की मौत के मामले ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार की कार्यशैली और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री थलपति विजय से जवाब मांगा है।</p>



<p><strong>गुटखा बेचने के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी</strong></p>



<p>पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार नागरकोइल के एथनकाडु निवासी 35 वर्षीय एस. सबरी वर्मन को 9 जुलाई को थेंथमराईकुलम पुलिस ने प्रतिबंधित गुटखा बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि उसकी दुकान से करीब 200 ग्राम प्रतिबंधित तंबाकू उत्पाद बरामद किए गए थे। बाद में न्यायिक हिरासत के दौरान उसकी मौत हो गई।</p>



<p><strong>पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद</strong></p>



<p>शुरुआत में मामले को सामान्य मौत बताया गया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद गहरा गया। रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर कोहनी, घुटनों, हाथों और पैरों सहित 19 स्थानों पर चोट के निशान मिलने की बात सामने आई, जिसके बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया।</p>



<p><strong>जेल कर्मचारियों पर कार्रवाई</strong></p>



<p>जानकारी के अनुसार 13 जुलाई की रात सबरी वर्मन और अन्य कैदियों के बीच मारपीट हुई थी। आरोप है कि बीच-बचाव के दौरान जेल स्टाफ ने भी उसके साथ मारपीट की। मामले की जांच के बाद सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर एक मुख्य वार्डन समेत तीन जेल कर्मचारियों को निलंबित कर गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा आठ अन्य कैदियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।</p>



<p><strong>विपक्ष ने सरकार को घेरा</strong></p>



<p>घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। डीएमके सांसद कनिमोझी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और सरकार पर मामले को लेकर पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि घटना के कई दिन बाद भी मुख्यमंत्री की ओर से कोई सार्वजनिक बयान नहीं आया और न ही सरकार का कोई मंत्री पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचा।</p>



<p><strong>सीबीआई जांच की उठी मांग</strong></p>



<p>भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने घटना को गंभीर बताते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए और सरकार से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की। वहीं पीएमके नेता डॉ. अंबुमणि रामदास ने पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराने की मांग की है।</p>



<p></p>



<p></p>
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		<item>
		<title>MP High Court ने 350 करोड़ के स्कूल यूनिफॉर्म टेंडर पर लगाई रोक, राज्य सरकार से एक हफ्ते में मांगा जवाब</title>
		<link>https://dastaktimes.org/mp-high-court-put-a-stay-on-school-uniform-tender-worth-350-crores-and-sought-reply-from-the-state-government-within-a-week/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Jul 2026 05:41:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="203" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-10-300x203.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-10-300x203.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-10-768x520.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-10-220x150.jpg 220w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-10.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>भोपाल:</strong> मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों के 52 लाख से अधिक विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म आपूर्ति से जुड़े करीब 350 करोड़ रुपये के टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह फैसला निविदा प्रक्रिया में तय योग्यता शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान लिया गया। अदालत ने राज्य सरकार को एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।</p>



<p>कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति विनय सराफ की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक संबंधित टेंडर को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा।</p>



<p><strong>स्थानीय उद्योगों को बाहर करने का आरोप</strong></p>



<p>यह याचिका जबलपुर अपैरल इनोवेशन एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (JAIMA) की ओर से दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने टेंडर दस्तावेज में शामिल योग्यता संबंधी शर्तों को प्रतिबंधात्मक बताते हुए अदालत में चुनौती दी।</p>



<p>एसोसिएशन की ओर से पेश अधिवक्ता विमल कांत जैन ने अदालत को बताया कि मध्य प्रदेश टेक्स्टबुक कॉर्पोरेशन द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंड ऐसे हैं, जिनके कारण राज्य के स्थानीय उद्योग निविदा प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।</p>



<p><strong>इन शर्तों पर उठाए सवाल</strong></p>



<p>याचिका में कहा गया है कि टेंडर में स्पिनिंग मिलों के लिए 700 करोड़ रुपये और गारमेंट निर्माताओं के लिए 233 करोड़ रुपये का वार्षिक कारोबार, हर वर्ष 50 लाख यूनिफॉर्म तैयार करने की क्षमता तथा पिछले तीन वर्षों में 105 करोड़ रुपये के समान कार्य का अनुभव जैसी शर्तें रखी गई हैं।</p>



<p>याचिकाकर्ता का दावा है कि इन मानकों के कारण सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, पावरलूम इकाइयां, बुनकर, महिला स्व-सहायता समूह और छोटे उद्योग इस प्रक्रिया से बाहर हो रहे हैं।</p>



<p><strong>MSME नियमों के उल्लंघन का आरोप</strong></p>



<p>JAIMA के सचिव अजीत मोदी ने कहा कि यह शर्तें मध्य प्रदेश स्टोर परचेज एंड सर्विस प्रोक्योरमेंट रूल्स, 2023 की भावना के विपरीत हैं। उनका आरोप है कि ये नियम स्थानीय उद्योगों और MSME इकाइयों को समान अवसर देने के लिए बनाए गए थे, लेकिन मौजूदा शर्तों से राज्य के बाहर की कुछ बड़ी कंपनियों को लाभ मिलने की आशंका है।</p>



<p><strong>MSME मंत्री ने भी जताया था संज्ञान लेने का भरोसा</strong></p>



<p>इससे पहले MSME मंत्री चेतन कश्यप ने कहा था कि केंद्रीकृत खरीद प्रणाली का उद्देश्य उद्योगों और MSME कारोबारियों को सहयोग देना है। उन्होंने यह भी कहा था कि MSME व्यापारियों की ओर से उठाई गई चिंताओं पर सरकार विचार करेगी।</p>



<p><strong>स्व-सहायता समूहों ने जताई थी चिंता</strong></p>



<p>स्व-सहायता समूहों और MSME गारमेंट इकाइयों से जुड़े लोगों ने भी दावा किया था कि यूनिफॉर्म निर्माण का काम उनसे वापस लिए जाने से राज्यभर में हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।</p>



<p>वहीं, स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह का कहना था कि नई केंद्रीकृत व्यवस्था का उद्देश्य सभी विद्यार्थियों को एक समान गुणवत्ता की यूनिफॉर्म समय पर उपलब्ध कराना है। उनके अनुसार, पहले महिला समूहों को समय पर आपूर्ति करने और कपड़े की गुणवत्ता बनाए रखने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।</p>



<p>गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में 1.4 लाख से अधिक महिला स्व-सहायता समूह सदस्यों को यूनिफॉर्म की सिलाई और आपूर्ति प्रबंधन का प्रशिक्षण भारतीय प्रबंधन संस्थान, इंदौर द्वारा दिया गया था। इस पहल की शुरुआत वर्ष 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में की गई थी।</p>



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