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कविता

कोरोना वारियर्स
कविता साहित्य

वो कर्मयोगी निष्ठा प्रतीक, कर्तव्य की राहों पर निर्भीक।अमर अजर अविनाशी है, वह धड़कन हिन्दुस्तानी है। जग में जब गूंजा हाहाकार, प्रचंड प्रलय लाया विकार।कोरोना से रक्षा हेतु, ...
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सौंदर्य
कविता साहित्य

कजरा है नैनों में जैसे, मन मेरा ही समाया है। खुली रेशमी जुल्फों में, काले बदरा का साया है। शायद आपके होठों से, ये दिल मेरा मुस्काया है।देख ...
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कविता 2020 : जो मेरे चावल खा जाए, ऐसा मित्र कहाँ से लाऊँ
कविता फीचर्ड साहित्य

कहाँ कहाँ खोजूँ मैं उसकोकिसके दरवाज़े पर जाऊँजो मेरे चावल खा जाएऐसा मित्र कहाँ से लाऊँ। जीवन की इस कठिन डगर मेंदोस्त हज़ारों मिल जाते हैंजो मतलब पूरा ...
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कविता साहित्य

सूर्य कांत शर्मा काश कि अब दो जीवन होते एक का ताना-बाना बुनते मन में पैठी तरुणाई से।एक का ताना-बाना बुनते मस्तिष्क में बैठी गहराई से।अब भी देखते ...
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