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	<title>राज्य &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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	<title>राज्य &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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		<title>सोशल मीडिया पर विधानसभा को लेकर गलत टिप्पणी पड़ेगी भारी, सचिवालय ने जारी किया सख्त आदेश; एफआईआर की भी चेतावनी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 13:15:26 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-346-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-346-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-346-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-346.jpg 700w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सोशल मीडिया पर विधानसभा, उसके अधिकारियों, कर्मचारियों और विधानसभा अध्यक्ष के बारे में अनर्गल, असत्य या निराधार टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से जारी नोटिस में ऐसी सामग्री को गलत और गैरकानूनी बताते हुए &#8230;]]></description>
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<p><strong>लखनऊ:</strong> उत्तर प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सोशल मीडिया पर विधानसभा, उसके अधिकारियों, कर्मचारियों और विधानसभा अध्यक्ष के बारे में अनर्गल, असत्य या निराधार टिप्पणी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। विधानसभा के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे की ओर से जारी नोटिस में ऐसी सामग्री को गलत और गैरकानूनी बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।</p>



<p><strong>आपत्तिजनक और निराधार पोस्ट पर होगी कार्रवाई</strong></p>



<p>नोटिस में कहा गया है कि सोशल मीडिया के अलग-अलग मंचों पर विधानसभा, उसके अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ विधानसभा अध्यक्ष के संदर्भ में आपत्तिजनक, अवांछनीय और निराधार टिप्पणियां की जा रही हैं। सचिवालय ने ऐसी सामग्री को गलत और गैरकानूनी माना है। नोटिस के मुताबिक, विधानसभा एक संवैधानिक संस्था है और उसके बारे में झूठी या बेबुनियाद जानकारी प्रसारित करना अनुचित होने के साथ कानूनी रूप से दंडनीय भी हो सकता है।</p>



<p><strong>सूचना निदेशालय को दिए गए निर्देश</strong></p>



<p>प्रमुख सचिव विधानसभा ने सूचना निदेशालय को निर्देश दिया है कि इस आदेश की जानकारी सोशल मीडिया मंचों के संचालकों और संबंधित लोगों तक पहुंचाई जाए। नोटिस में कहा गया है कि यदि कोई व्यक्ति विधानसभा, उसके अधिकारियों, कर्मचारियों या अध्यक्ष के बारे में आपत्तिजनक, असत्य अथवा अनर्गल सामग्री पोस्ट करता है, तो उसके खिलाफ संबंधित नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।</p>



<p><strong>बिना सत्यापन पोस्ट करने पर भी सख्ती</strong></p>



<p>सचिवालय की ओर से जारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि तथ्यों की जांच और प्रमाणीकरण के बिना सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई किसी सामग्री या टिप्पणी को अविधिक और अनधिकृत माना जाएगा। यानी विधानसभा से संबंधित जानकारी साझा करने से पहले उसके तथ्यों की पुष्टि करने पर जोर दिया गया है।</p>



<p><strong>भारतीय न्याय संहिता के तहत एफआईआर की चेतावनी</strong></p>



<p>नोटिस में कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी भी दर्ज की जा सकती है। सचिवालय के इस आदेश के बाद विधानसभा और उससे जुड़े अधिकारियों के बारे में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक या बिना सत्यापन की सामग्री पोस्ट करने वालों पर कानूनी कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।</p>



<p><strong>पुलिस और प्रशासन को भी भेजी गई आदेश की प्रति</strong></p>



<p>इस आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश शासन के अपर मुख्य सचिव, सूचना एवं गृह विभाग संजय प्रसाद और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को भी भेजी गई है। इसके जरिए प्रशासन और पुलिस स्तर पर भी आवश्यक निगरानी और कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।</p>



<p><strong>संवैधानिक संस्था की गरिमा का हवाला</strong></p>



<p>विधानसभा सचिवालय की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब सोशल मीडिया पर संवैधानिक संस्थाओं और उनके पदाधिकारियों से जुड़ी सूचनाएं तेजी से प्रसारित होती हैं। सचिवालय का कहना है कि गलत और निराधार सामग्री से संस्था की गरिमा प्रभावित होने के साथ लोगों के बीच गलत धारणा भी बन सकती है। इसी को देखते हुए सोशल मीडिया पर विधानसभा से संबंधित सामग्री को लेकर सख्ती का संदेश दिया गया है।</p>



<p></p>
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		<title>‘उपेंद्र कुशवाहा अपना कुनबा संभालें’, JDU का पलटवार; नीतीश की विरासत पर NDA में बढ़ी सियासी खींचतान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:59:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बिहार]]></category>
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<p><strong>पटना:</strong> बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर एनडीए के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की ओर से नीतीश कुमार की विरासत आगे बढ़ाने की इच्छा जताए जाने के बाद जनता दल यूनाइटेड ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने उपेंद्र कुशवाहा को अपना राजनीतिक कुनबा संभालने की नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें दिन में सपने नहीं देखने चाहिए।</p>



<p><strong>जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने उपेंद्र कुशवाहा पर साधा निशाना</strong></p>



<p>उमेश सिंह कुशवाहा ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए उपेंद्र कुशवाहा पर निशाना साधा। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि व्यक्ति को अपनी क्षमता और स्थिति के मुताबिक ही कदम बढ़ाने चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ अतिमहत्वाकांक्षी लोग खाली बैठे ख्याली पुलाव पकाते हैं और ऐसे सपने देखते हैं, जो पूरे नहीं हो सकते। जदयू प्रदेश अध्यक्ष ने सलाह दी कि जदयू की चिंता करने के बजाय पहले अपने संगठन और राजनीतिक कुनबे की चिंता करनी चाहिए।</p>



<p>उन्होंने अपने बयान में उपेंद्र कुशवाहा के संगठन की तुलना ऐसे वाहन से की, जो समय-समय पर अपना संतुलन खो देता है। इसी के साथ उन्होंने आरोप लगाया कि कुशवाहा की बेचैनी की असली वजह कुछ और है।</p>



<p><strong>निशांत कुमार की लोकप्रियता का किया दावा</strong></p>



<p>उमेश सिंह कुशवाहा ने दावा किया कि नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बिहार के भविष्य के रूप में देखा जा रहा है। उनके मुताबिक, निशांत की बढ़ती लोकप्रियता और जनस्वीकार्यता कुछ लोगों को स्वीकार नहीं हो रही है। इसी वजह से वे नीतीश कुमार की विरासत को लेकर बयान दे रहे हैं।</p>



<p><strong>उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा था</strong></p>



<p>दरअसल, उपेंद्र कुशवाहा ने नालंदा जिले के राजगीर में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार बिहार की राजनीति से अलग हो चुके हैं और मुख्यमंत्री के तौर पर उन्होंने राज्य की बेहतर सेवा की। कुशवाहा ने कहा कि बिहार और देश के एक बड़े वर्ग के बीच यह चिंता है कि नीतीश की विरासत को आगे कौन बढ़ाएगा।</p>



<p>उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि नीतीश कुमार की विरासत आगे बढ़ाने का दावा कई लोग करेंगे, लेकिन राष्ट्रीय लोक मोर्चा का मानना है कि यह जिम्मेदारी उसे संभालनी चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया था कि बिहार की एक बड़ी जमात भी ऐसा चाहती है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी इस जिम्मेदारी को निभाने में कितनी सफल होगी, यह वह नहीं जानते, लेकिन वह नीतीश की विरासत आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।</p>



<p><strong>नीतीश के करीबी रहे हैं उपेंद्र कुशवाहा</strong></p>



<p>उपेंद्र कुशवाहा और नीतीश कुमार के बीच लंबे समय से राजनीतिक रिश्ते रहे हैं। दोनों के बीच कई बार नजदीकियां बढ़ीं और फिर राजनीतिक मतभेद भी सामने आए। 1990 के दशक में नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में लव-कुश समीकरण को मजबूत किया था। उस दौर में उपेंद्र कुशवाहा उनके साथ रहे। नीतीश कुमार कुर्मी समुदाय और उपेंद्र कुशवाहा कोइरी समुदाय के प्रमुख नेताओं के तौर पर उभरे।</p>



<p><strong>अलग पार्टी बनाई, फिर JDU में लौटे</strong></p>



<p>राजनीतिक मतभेदों के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने जदयू से अलग होकर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का गठन किया। वर्ष 2014 में उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन किया और नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री बने। इसके बाद 2021 में नीतीश कुमार और उपेंद्र कुशवाहा के बीच रिश्तों में फिर सुधार हुआ। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी का जदयू में विलय हो गया और उपेंद्र कुशवाहा को जदयू संसदीय बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया।</p>



<p>हालांकि, यह राजनीतिक साथ ज्यादा समय तक नहीं चला। वर्ष 2023 में दोनों नेताओं के बीच फिर मतभेद सामने आए। उपेंद्र कुशवाहा ने जदयू छोड़कर राष्ट्रीय लोक मोर्चा का गठन कर लिया। वर्तमान में जदयू और राष्ट्रीय लोक मोर्चा दोनों एनडीए का हिस्सा हैं। ऐसे में नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को लेकर दोनों सहयोगी दलों के बीच शुरू हुई बयानबाजी ने बिहार की सियासत में नई चर्चा छेड़ दी है।</p>



<p></p>
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		<title>माइनिंग रोकने की कोशिश पर हेमंत सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका, धनबाद में जारी रहेगी BCCL की खुदाई</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:57:04 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3-300x225.avif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3-300x225.avif 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3-1024x768.avif 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3-768x576.avif 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3.avif 1200w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />धनबाद: धनबाद के जामाडीह मौजा में 141.50 एकड़ जमीन को संरक्षित वन भूमि बताते हुए माइनिंग पर रोक लगाने के मामले में झारखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें नवंबर 2024 के झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3-300x225.avif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3-300x225.avif 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3-1024x768.avif 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3-768x576.avif 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hemant_soren_government_1787367140949_1787367141093_a7fa3bc2-f6a1-4836-958a-00b1b1629be3.avif 1200w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>धनबाद:</strong> धनबाद के जामाडीह मौजा में 141.50 एकड़ जमीन को संरक्षित वन भूमि बताते हुए माइनिंग पर रोक लगाने के मामले में झारखंड सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें नवंबर 2024 के झारखंड हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने भारत कोकिंग कोल लिमिटेड यानी बीसीसीएल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए माइनिंग रोकने से जुड़े राज्य सरकार के दोनों आदेश रद्द कर दिए थे।</p>



<p><strong>सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की याचिका खारिज की</strong></p>



<p>सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने मामले की सुनवाई की। पीठ ने राज्य सरकार की याचिका में कोई मेरिट नहीं पाया और उसे खारिज कर दिया। इसके साथ ही जामाडीह मौजा की विवादित जमीन पर बीसीसीएल की माइनिंग गतिविधियों को लेकर हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने की राज्य सरकार की कोशिश को झटका लगा है।</p>



<p><strong>2010 में शुरू हुआ था विवाद</strong></p>



<p>इस मामले को लेकर झारखंड सरकार और बीसीसीएल के बीच कानूनी विवाद वर्ष 2010 में शुरू हुआ था। राज्य सरकार ने 25 अगस्त 2010 को आदेश जारी कर जामाडीह मौजा की 141.50 एकड़ जमीन पर माइनिंग बंद करने का निर्देश दिया था। सरकार का तर्क था कि यह जमीन संरक्षित वन भूमि है और आवश्यक अनुमति के बिना यहां माइनिंग की जा रही है।</p>



<p>इसके बाद राज्य सरकार ने 17 अगस्त 2016 को संशोधित आदेश जारी किया। इस आदेश में प्लॉट नंबर 437, 230 और 419 को वन भूमि के दायरे से बाहर कर दिया गया था। बीसीसीएल ने दोनों आदेशों को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं।</p>



<p><strong>बीसीसीएल ने कहा- पहले से हो रही थी माइनिंग</strong></p>



<p>बीसीसीएल की ओर से हाईकोर्ट में दलील दी गई थी कि विवादित जमीन पहले बंगाल कोल कंपनी के अधीन थी। कोयला उद्योग के राष्ट्रीयकरण के बाद यह जमीन केंद्र सरकार और कोयला मंत्रालय के अधीन आ गई। कंपनी के मुताबिक, इस जमीन पर पहले से ही माइनिंग गतिविधियां चल रही थीं और वर्तमान में बीसीसीएल यहां खनन कर रही है।</p>



<p>कंपनी ने तर्क दिया था कि जिस जमीन पर पहले से माइनिंग होती रही है, उसे अचानक संरक्षित वन भूमि बताते हुए खनन रोकने का आदेश देना उचित नहीं है। इसी आधार पर बीसीसीएल ने राज्य सरकार के दोनों आदेशों को चुनौती दी थी।</p>



<p><strong>राज्य सरकार ने वन कानून का दिया था हवाला</strong></p>



<p>वहीं झारखंड सरकार ने भारतीय वन अधिनियम, 1927 की धारा 29(3) का हवाला देते हुए कहा था कि संबंधित जमीन को संरक्षित वन के रूप में घोषित किया गया है। सरकार का पक्ष था कि आवश्यक अनुमति के बिना वहां माइनिंग करना कानून के खिलाफ है। राज्य सरकार की ओर से बीसीसीएल के प्रबंध निदेशक के खिलाफ कार्रवाई के लिए कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था।</p>



<p><strong>हाईकोर्ट ने बीसीसीएल के पक्ष में दिया था फैसला</strong></p>



<p>नवंबर 2024 में झारखंड हाईकोर्ट ने बीसीसीएल के पक्ष में फैसला सुनाया था। अदालत ने राज्य सरकार की ओर से माइनिंग रोकने के संबंध में जारी दोनों आदेशों को रद्द कर दिया था। राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन अब शीर्ष अदालत ने उसकी याचिका खारिज कर दी है। इससे जामाडीह मौजा में बीसीसीएल की माइनिंग गतिविधियां जारी रहने का रास्ता साफ हो गया है।</p>



<p></p>
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			</item>
		<item>
		<title>उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास बड़ा बुलडोजर एक्शन, चिकन सेंटर-होटल समेत 16 इमारतें ढहाईं; भारी पुलिस बल तैनात</title>
		<link>https://dastaktimes.org/big-bulldozer-action-near-mahakal-temple-in-ujjain-demolished-16-buildings-including-chicken-center-hotel-heavy-police-force-deployed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 12:51:27 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/PTI08-22-2026-000024B-0_1787380540348_1787380546449_635dd8ad-10fe-442a-9b15-8e5a69191e80-300x225.avif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/PTI08-22-2026-000024B-0_1787380540348_1787380546449_635dd8ad-10fe-442a-9b15-8e5a69191e80-300x225.avif 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/PTI08-22-2026-000024B-0_1787380540348_1787380546449_635dd8ad-10fe-442a-9b15-8e5a69191e80-1024x768.avif 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/PTI08-22-2026-000024B-0_1787380540348_1787380546449_635dd8ad-10fe-442a-9b15-8e5a69191e80-768x576.avif 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/PTI08-22-2026-000024B-0_1787380540348_1787380546449_635dd8ad-10fe-442a-9b15-8e5a69191e80.avif 1200w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>उज्जैन:</strong> मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल मंदिर के पास बेगमबाग इलाके में शनिवार सुबह एक बार फिर बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने यहां 16 इमारतों को हटाने की कार्रवाई की। इन इमारतों में होटल, रेस्टोरेंट, चिकन सेंटर, डेयरी, गेस्टहाउस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आई है। कार्रवाई के दौरान उज्जैन विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही। भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच कार्रवाई शुरू की गई और किसी तरह के विरोध की सूचना नहीं है।</p>



<p><strong>स्टे हटने के बाद शुरू हुई कार्रवाई</strong></p>



<p>बताया गया कि निचली अदालत और हाई कोर्ट से कार्रवाई पर लगा स्थगन हटने के बाद उज्जैन विकास प्राधिकरण ने यह कदम उठाया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित भवनों का उपयोग लीज की शर्तों के विपरीत व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा कई भूखंडों की लीज अवधि करीब 15 वर्ष पहले समाप्त हो चुकी थी और उनका नवीनीकरण भी नहीं कराया गया था।</p>



<p><strong>50 से ज्यादा कर्मचारी और भारी मशीनरी तैनात</strong></p>



<p>कार्रवाई के दौरान उज्जैन विकास प्राधिकरण, नगर निगम और पुलिस के 50 से अधिक कर्मचारी मौके पर तैनात रहे। इमारतों को हटाने के लिए 7 पोकलेन, 4 जेसीबी और अन्य मशीनों का इस्तेमाल किया गया। प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में एक के बाद एक निर्माण हटाने की कार्रवाई की गई।</p>



<p><strong>महाकाल मंदिर मार्ग पर व्यावसायिक इस्तेमाल का आरोप</strong></p>



<p>अधिकारियों के मुताबिक, महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग पर उज्जैन विकास प्राधिकरण के आवासीय भूखंडों को आवासीय उपयोग के लिए लीज पर दिया गया था। आरोप है कि लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इन भूखंडों का व्यावसायिक इस्तेमाल शुरू कर दिया गया। प्राधिकरण के अनुसार 48 आवासीय भूखंडों को नियमों के विपरीत करीब 106 हिस्सों में बांटकर व्यावसायिक निर्माण किए गए।</p>



<p><strong>ब्रिज और टनल निर्माण में बन रहे थे बाधा</strong></p>



<p>प्राधिकरण के अनुसार, हटाए जा रहे निर्माण हरिफाटक ब्रिज के चौड़ीकरण और महाकाल मंदिर के लिए प्रस्तावित टनल के रास्ते में बाधा बन रहे थे। इस क्षेत्र में ब्रिज निर्माण भी प्रस्तावित है। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के मद्देनजर इन निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस क्षेत्र में सड़क और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े काम प्रस्तावित हैं।</p>



<p><strong>45 भूखंडों पर खड़े किए गए थे कई निर्माण</strong></p>



<p>मिली जानकारी के अनुसार, विकास प्राधिकरण ने महाकाल मंदिर मार्ग स्थित बेगमबाग क्षेत्र में करीब 45 भूखंड 2400 वर्गफीट क्षेत्रफल के हिसाब से 30 साल की लीज पर आवासीय उपयोग के लिए दिए थे। आरोप है कि लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए भूखंडों का व्यावसायिक इस्तेमाल किया गया। प्राधिकरण के अनुसार, इन भूखंडों को छोटे हिस्सों में बांटकर बड़ी संख्या में निर्माण किए गए। शनिवार को एक दर्जन से अधिक लोगों से जुड़े निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।</p>



<p><strong>मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मार्ग में बदलाव</strong></p>



<p>महाकाल थाना प्रभारी गगन बादल के मुताबिक, शनिवार सुबह कार्रवाई शुरू की गई और तीन थानों का पुलिस बल मौके पर लगाया गया। उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध सामने नहीं आया। मंदिर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए मार्ग में बदलाव किया गया है। इस क्षेत्र में फोरलेन सड़क प्रस्तावित है और सिंहस्थ को देखते हुए कार्रवाई की जा रही है।</p>



<p><strong>पहले 72 मकान और दुकानें हटाई जा चुकीं</strong></p>



<p>उज्जैन विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी के अनुसार, महाकाल मंदिर मार्ग स्थित बेगमबाग कॉलोनी की जमीन विकास प्राधिकरण ने लीज पर दी थी। उनका कहना है कि कुछ लीजधारकों ने आवासीय भूखंडों को व्यावसायिक रूप दे दिया और एक ही भूखंड पर कई होटल और रेस्टोरेंट बना लिए। लीज नवीनीकरण को लेकर संबंधित लोगों को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन नवीनीकरण नहीं कराया गया। इसके बाद कुछ लोग अदालत चले गए थे। कोर्ट से स्थगन हटने के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इससे पहले 72 मकान और दुकानें हटाई जा चुकी हैं। प्राधिकरण के मुताबिक, आगे बचे हुए निर्माणों को भी हटाने की कार्रवाई की जाएगी।</p>



<p></p>
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		<item>
		<title>NCRTC ने नमो भारत कॉरिडोर के पास पतंग उड़ाने और चाइनीज मांझे के संबंध में जारी की एडवाइजरी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/ncrtc-issued-advisory-regarding-kite-flying-and-chinese-manjha-near-namo-bharat-corridor/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[KP Tripathi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 09:33:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मेरठ]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Namo Bharat Corridor]]></category>
		<category><![CDATA[NCRTC]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553-1024x682.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553-768x512.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />Ghaziabad News: एनसीआरटीसी ने लोगों से अपील की है कि नमो भारत कॉरिडोर और इसकी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के आसपास पतंग न उड़ाएं। नमो भारत कॉरिडोर घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है तथा इसके आसपास पतंग उड़ाने से हाई-वोल्टेज विद्युत प्रणाली की मौजूदगी के कारण सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं। नमो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553-1024x682.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553-768x512.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/6073633564357497553.jpg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>Ghaziabad News: </strong>एनसीआरटीसी ने लोगों से अपील की है कि नमो भारत कॉरिडोर और इसकी विद्युत आपूर्ति व्यवस्था के आसपास पतंग न उड़ाएं। नमो भारत कॉरिडोर घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है तथा इसके आसपास पतंग उड़ाने से हाई-वोल्टेज विद्युत प्रणाली की मौजूदगी के कारण सुरक्षा संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं। नमो भारत ट्रेनें 25केवी एसी ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) के माध्यम से संचालित होती हैं, जिसमें हर समय बिजली का प्रवाह रहता है।<br>ट्रेन सेवाएं बाधित हो सकती हैं।<br><strong>ट्रेन के पैंटोग्राफ के संपर्क में आ सकता है</strong><br>पतंग की डोर, विशेष रूप से धातु मिश्रित या चाइनीज मांझा, ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) में उलझ सकता है या ट्रेन के पैंटोग्राफ के संपर्क में आ सकता है। पैंटोग्राफ वह उपकरण है, जो ओवरहेड सिस्टम से ट्रेन के संचालन के लिए बिजली प्राप्त करता है। ऐसी घटनाओं से ओएचई या पैंटोग्राफ को नुकसान पहुंच सकता है और ट्रेन सेवाएं बाधित हो सकती हैं। इन हाई-वोल्टेज OHE के संपर्क में आने से आसपास पतंग उड़ाने वाले लोगों के लिए गंभीर और संभावित रूप से जानलेवा खतरा पैदा हो सकता है।<br><strong>रुकावट पर विशेष सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए</strong><br>सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और नमो भारत सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए एनसीआरटीसी ने पूरे कॉरिडोर पर आवश्यक सुरक्षा और निगरानी के इंतजाम किए हैं। पतंग से जुड़ी घटनाओं की आशंका वाले क्षेत्रों में विशेष टीमें लगातार सतर्क रहती हैं। वहीं, ट्रेन ऑपरेटरों और स्टेशन स्टाफ को भी पटरियों और OHE के आसपास पतंग की डोर तथा अन्य किसी भी तरह की रुकावट पर विशेष सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।<br><strong>त्योहारों पर एनसीआरटीसी ने की जनता से अपील<br></strong>एनसीआरटीसी जनता से अपील करता है कि वे त्योहारों का जश्न पूरी जिम्मेदारी के साथ मनाएँ और नमो भारत कॉरिडोर को सुरक्षित रखने में सहयोग करें, ताकि सार्वजनिक सुरक्षा के साथ-साथ नमो भारत ट्रेनों का निर्बाध और सुगम संचालन भी सुनिश्चित किया जा सके।</p>
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		<item>
		<title>एसएसपी ने &#8216;छत पे सोया था बहनोई&#8217;… गाने पर किसान नेताओं से कराया डांस</title>
		<link>https://dastaktimes.org/ssp-had-brother-in-law-sleeping-on-the-roof-made-farmer-leaders-dance-on-the-song/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[KP Tripathi]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 08:53:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अपराध]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[मेरठ]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Meerut Digvijay Bhati case]]></category>
		<category><![CDATA[meerut police]]></category>
		<category><![CDATA[Meerut SSP Avinash Pandey]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-1024x576.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-1536x864.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1.jpg 1920w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />Meerut News: मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे पर किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने दोनों को &#8216;छत पे सोया था बहनोई&#8217;…गाने पर डांस कराया। इसके बाद दोनों की जमकर पिटाई की। वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ पर यातनाएं देने के आरोप लगाए हैं। एडीजी के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-1024x576.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-1536x864.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Add-a-heading-1.jpg 1920w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>Meerut News: </strong>मेरठ के तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडे पर किसान नेता दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव पर आरोप लगे हैं कि उन्होंने दोनों को &#8216;छत पे सोया था बहनोई&#8217;…गाने पर डांस कराया। इसके बाद दोनों की जमकर पिटाई की। वहीं सिविल लाइन थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ पर यातनाएं देने के आरोप लगाए हैं। एडीजी के आदेश पर सहारनपुर डीआईजी ने जांच शुरू की है।<br>सपा विधायक अतुल प्रधान के आवास पर हुई पत्रकार वार्ता में शरीर पर पिटाई के निशान दिखाते हुए भाकियू (बीआर आंबेडकर) के अध्यक्ष डॉ.दिग्विजय भाटी और मोहित जाटव फूट-फूटकर रोये। दोनों किसान नेताओं ने एसएसपी कार्यालय में हुए पुलिस के अमानवीय बर्ताव की जानकारी दी। बताया कि तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय और इंस्पेक्टर सिविल लाइन अखिलेश गौड़ ने बेरहमी से पीटा। बर्बरता की हद पार करते हुए आंखों पर प्रहार किया। इससे आंख पर गंभीर चोटें आई और दांत तक टूट गए हैं।<br><strong>ललिता गौतम मामले में मिलने पहुंचे थे नेता<br></strong>दिग्विजय भाटी ने बताया कि 19 अगस्त को वह अपने जिलाध्यक्ष मोहित जाटव के साथ एसएसपी अविनाश पांडेय से मिलने पहुंचे। दोनों नेता ललिता गौतम हत्याकांड से जुड़े विरोध-प्रदर्शन मामले में अपनी तरफ से सफाई देने गए थे। जब दोनों नेता एसएसपी से मिले तो वे भड़क गए। एसएसपी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि तुम तो बहुत बड़े नेता हो, तांडव मचा रखा है,गाली देने लगे। जब हमने गाली देने का विरोध किया तो एसएसपी अपने चैंबर में खींचकर ले गए और लात-घूंसे, बेल्ट, जूतों से पिटाई करने लगे। वह हमें पीटते और फिर सोफे पर बैठ जाते।<br><strong>दोनों के हाथ-पैर बांधकर डंडों से पिटाई की गई!</strong><br>एसएसपी ने सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ को बुलाया और फिर इंस्पेक्टर हमें एसओजी दफ्तर ले गए। बंद कमरे में दोनों के हाथ-पैर बांधकर डंडों से पिटाई की गई। इतना ही नहीं, पुलिस वाले पीट-पीटकर खलनायक फिल्म के गाने-चोली के पीछे क्या है… पर बार-बार नाचने के लिए मजबूर करते रहे। दिग्विजय का दावा है कि एसएसपी उनके एनकाउंटर की योजना बना चुके थे। एसएसपी ने पुलिसवालों से कहा था कि एक गोली मुझे मारो और फिर इनका एनकाउंटर कर दो। मैं सब देख लूंगा। दोनों ने बताया कि उनको जैसे-तैसे सरधना विधायक अतुल प्रधान छुड़ाकर अपने साथ ले गए।<br><strong>फिल्मी गाने पर कराया डांस<br></strong>दिग्विजय भाटी ने बताया कि दोनों से एक-दूसरे के हाथ-पैर बंधवाए। बुरी तरह पीटने के बाद कहा कि अब डांस करना है। फिर इंस्पेक्टर अखिलेश गौ़ड़ ने मोबाइल पर खलनायक फिल्म का गाना-चोली के पीछे क्या है बजाया और पहले भाटी को नचवाया। इसके बाद मोहित जाटव से कहा कि दोनों गाना गाओ और नाचो। मोहित ने बताया कि बुरी तरह पीटे जाने के बाद वह दोनों सिर्फ हाथ भर हिला पा रहे थे। कुछ देर बाद वह बोले कि उन्हें नींद की झपकी लग गई थी। अब दोबारा नाचो। वह उन पर सिर पर कपड़ा डालकर नाचने का भी दबाव बना रहे थे। इस बार छत पर सोया था बहनोई… गाना चलवाया और नाचने के लिए कहा। इसके बाद उनकी फिर से फट्टे से पिटाई की।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बेतिया में छठियार पार्टी के दौरान बड़ा हादसा, तेज रफ्तार बस ने 10 लोगों को रौंदा; 5 की मौत</title>
		<link>https://dastaktimes.org/major-accident-during-chhathiyaar-party-in-bettiah-speeding-bus-crushed-10-people/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 07:12:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[बिहार]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[आर्केस्ट्रा कार्यक्रम हादसा]]></category>
		<category><![CDATA[छठियार पार्टी हादसा]]></category>
		<category><![CDATA[तेज रफ्तार बस]]></category>
		<category><![CDATA[बिहार सड़क हादसा]]></category>
		<category><![CDATA[बेतिया न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[बेतिया बस हादसा]]></category>
		<category><![CDATA[बेतिया सड़क दुर्घटना]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="193" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0000000000-17-300x193.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0000000000-17-300x193.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0000000000-17-768x494.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0000000000-17.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />बेतिया। बिहार के बेतिया में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। हादसा एनएच-727 के बेतिया मार्ग पर बसवरिया पराउटोला बनकटवा मध्य विद्यालय के सामने हुआ। यहां एक नवजात के छठियार समारोह में लोग भोज के साथ आयोजित आर्केस्ट्रा कार्यक्रम देख रहे थे। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="193" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0000000000-17-300x193.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0000000000-17-300x193.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0000000000-17-768x494.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0000000000-17.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>बेतिया।</strong> बिहार के बेतिया में शुक्रवार रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। हादसा एनएच-727 के बेतिया मार्ग पर बसवरिया पराउटोला बनकटवा मध्य विद्यालय के सामने हुआ। यहां एक नवजात के छठियार समारोह में लोग भोज के साथ आयोजित आर्केस्ट्रा कार्यक्रम देख रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर भीड़ में घुस गई और करीब 10 लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।</p>



<p><strong>गैस सिलेंडर लदे ट्रक से बचने के दौरान भीड़ में घुसी बस</strong></p>



<p>जानकारी के मुताबिक लौरिया के बसवरिया निवासी शत्रुघ्न दुबे के घर नवजात के छठियार समारोह का आयोजन किया गया था। उनका घर सड़क किनारे स्थित है। समारोह में भोज-भात के साथ आर्केस्ट्रा का कार्यक्रम भी रखा गया था। आमंत्रित लोग और स्थानीय ग्रामीण कार्यक्रम देख रहे थे।</p>



<p>इसी दौरान बेतिया की ओर से गैस सिलेंडर लदा ट्रक आ रहा था, जबकि लौरिया की तरफ से शाही ट्रेवेल्स की बस जा रही थी। दोनों वाहनों के आमने-सामने आने के बाद टक्कर की स्थिति बन गई। बताया जा रहा है कि बस चालक ने टक्कर से बचने के लिए बस की दिशा बदल दी। तेज रफ्तार बस सड़क किनारे आर्केस्ट्रा देख रही भीड़ में जा घुसी और कई लोगों को कुचल दिया।</p>



<p><strong>हादसे के बाद मची चीख-पुकार, 5 लोगों की मौत</strong></p>



<p>बस की चपेट में आने से कम से कम 10 लोग घायल हुए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। दो लोगों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि तीन अन्य की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पांच घायलों का इलाज जारी है। वहीं दो-तीन घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।</p>



<p><strong>इन पांच लोगों की हुई मौत</strong></p>



<p>हादसे में देवेन्द्र दुबे, बहादुर महतो, संजय महतो, छांगुर राम और भोला दुबे की मौत हुई है। मृतकों की उम्र क्रमश: 35, 45, 28, 65 और 35 वर्ष बताई गई है। सभी मृतक बनकटवा गांव के वार्ड नंबर 10 के निवासी थे और घटना के समय छठियार समारोह में आयोजित आर्केस्ट्रा कार्यक्रम देख रहे थे।</p>



<p><strong>पांच घायलों का अस्पताल में इलाज जारी</strong></p>



<p>हादसे में श्यामबाबू कुमार, नरेश राम, अजीत कुमार, मोतीचंद महतो और फखरुद्दीन मियां घायल हुए हैं। घायलों की उम्र 17 से 60 वर्ष के बीच बताई गई है। इनमें बसवरिया, बनकटवा, पराउटोला और बगहा पुलिस जिला क्षेत्र के निवासी शामिल हैं।</p>



<p><strong>हादसे के बाद लोगों का हंगामा, दोनों वाहनों में तोड़फोड़</strong></p>



<p>घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने सड़क पर हंगामा किया और दोनों वाहनों में जमकर तोड़फोड़ की। मौके पर पहुंची पुलिस को भी लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। हादसे के बाद बस और ट्रक के चालक दोनों वाहन छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।</p>



<p><strong>मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की मांग</strong></p>



<p>स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के आश्रितों के लिए मुआवजे की मांग की है। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है और मृतकों के परिवारों में शोक का माहौल है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>खरगोन में नर्सिंग छात्रों का फूटा गुस्सा, बैरिकेडिंग तोड़ सांसद कार्यालय पहुंचे; 6 दिन से जारी है प्रदर्शन</title>
		<link>https://dastaktimes.org/nursing-students-anger-erupted-in-khargone-they-broke-the-barricades-and-reached-the-mps-office-protest-continues-for-6-days/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 06:49:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[खरगोन नर्सिंग छात्र प्रदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[खरगोन सांसद कार्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[गजेंद्र सिंह पटेल]]></category>
		<category><![CDATA[नर्सिंग छात्रों का आंदोलन]]></category>
		<category><![CDATA[नर्सिंग डिग्री विवाद]]></category>
		<category><![CDATA[नर्सिंग परीक्षा लंबित]]></category>
		<category><![CDATA[मध्य प्रदेश नर्सिंग छात्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="192" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/00000-16-1-300x192.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/00000-16-1-300x192.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/00000-16-1-768x492.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/00000-16-1.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन में लंबित परीक्षाएं कराने और नर्सिंग की डिग्री पूरी कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। करीब छह दिन से धरने पर बैठे सैकड़ों विद्यार्थियों ने बिस्टान रोड से लगभग दो किलोमीटर तक रैली निकाली और सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के कार्यालय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="192" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/00000-16-1-300x192.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/00000-16-1-300x192.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/00000-16-1-768x492.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/00000-16-1.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>खरगोन: मध्य प्रदेश के खरगोन में लंबित परीक्षाएं कराने और नर्सिंग की डिग्री पूरी कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का शुक्रवार को गुस्सा फूट पड़ा। करीब छह दिन से धरने पर बैठे सैकड़ों विद्यार्थियों ने बिस्टान रोड से लगभग दो किलोमीटर तक रैली निकाली और सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के कार्यालय पहुंच गए। इस दौरान छात्रों ने पुलिस की बैरिकेडिंग हटा दी और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की भी हुई।</p>



<p><strong>छह साल में भी पूरी नहीं हुई चार साल की डिग्री</strong></p>



<p>प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि नर्सिंग की चार साल में पूरी होने वाली डिग्री छह साल बीतने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। परीक्षाएं लंबित होने के कारण उनकी पढ़ाई और करियर प्रभावित हो रहा है। छात्रों का कहना है कि वे पिछले छह दिनों से अपनी मांगों को लेकर लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।</p>



<p>शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर बिस्टान रोड से निकले। इस दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर सांसद कार्यालय की ओर कूच किया।</p>



<p><strong>बैरिकेडिंग हटाकर सांसद कार्यालय पहुंचे छात्र</strong></p>



<p>छात्र सांसद गजेंद्र सिंह पटेल से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखना चाहते थे। एसडीएम कार्यालय के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी। हालांकि छात्रों ने बैरिकेडिंग हटा दी और आगे बढ़ गए। इस दौरान पुलिस जवानों के साथ उनकी धक्का-मुक्की भी हुई।</p>



<p>इसके बाद प्रदर्शनकारी सांसद कार्यालय के बाहर पहुंच गए और वहीं धरने पर बैठ गए। स्थिति को देखते हुए मौके पर कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई, तहसीलदार समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।</p>



<p><strong>सांसद से मुलाकात नहीं होने पर नाराजगी</strong></p>



<p>प्रदर्शनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि गुरुवार को सांसद गजेंद्र सिंह पटेल खरगोन में मौजूद थे, लेकिन उन्होंने विद्यार्थियों से मुलाकात नहीं की। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, इसके बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है।</p>



<p>करीब एक घंटे तक सांसद कार्यालय के बाहर छात्रों का धरना जारी रहा। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने सांसद के नाम अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन उनकी निजी सहायक को सौंपा। ज्ञापन देने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।</p>



<p><strong>लंबित परीक्षाएं कराने और डिग्री पूरी कराने की मांग</strong></p>



<p>छात्रों ने मांग की है कि नर्सिंग की लंबित परीक्षाएं जल्द कराई जाएं और उनकी डिग्री पूरी कराने की प्रक्रिया पूरी की जाए। विद्यार्थियों का कहना है कि परीक्षाओं और डिग्री में लगातार हो रही देरी से उनका महत्वपूर्ण समय बर्बाद हो रहा है और भविष्य की योजनाएं भी प्रभावित हो रही हैं।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>लखनऊ ट्रिपल मर्डर: कोर्ट से लौटने के बाद बेचैन हो गया था मानस, 48 घंटे में रची खौफनाक साजिश; क्या 18 अगस्त की सुनवाई बनी वजह?</title>
		<link>https://dastaktimes.org/manas-became-restless-after-returning-from-lucknow-triple-murder-court-a-dreadful-conspiracy-was-hatched-in-48-hours-was-the-hearing-of-august-18-the-reason/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 06:47:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[Court Hearing Trigger]]></category>
		<category><![CDATA[lucknow crime news]]></category>
		<category><![CDATA[Lucknow Latest News]]></category>
		<category><![CDATA[Lucknow murder case]]></category>
		<category><![CDATA[Lucknow Triple Murder]]></category>
		<category><![CDATA[Lucknow Triple Murder Case]]></category>
		<category><![CDATA[Manas Bajpai]]></category>
		<category><![CDATA[Uttar Pradesh Crime]]></category>
		<category><![CDATA[तूलिका बाजपेयी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="163" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Manas_divya-1787377195656_v-300x163.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Manas_divya-1787377195656_v-300x163.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Manas_divya-1787377195656_v.webp 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />लखनऊ: बैंक अधिकारी मानस बाजपेयी ने पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका बाजपेयी की हत्या करने के बाद खुदकुशी क्यों की, इसका स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आया है। हालांकि, जांच के दौरान 18 अगस्त की कोर्ट सुनवाई से जुड़ा घटनाक्रम अहम कड़ी के तौर पर सामने आया है। उस दिन मानस अदालत पहुंचा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="163" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Manas_divya-1787377195656_v-300x163.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Manas_divya-1787377195656_v-300x163.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Manas_divya-1787377195656_v.webp 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>लखनऊ:</strong> बैंक अधिकारी मानस बाजपेयी ने पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका बाजपेयी की हत्या करने के बाद खुदकुशी क्यों की, इसका स्पष्ट जवाब अब तक सामने नहीं आया है। हालांकि, जांच के दौरान 18 अगस्त की कोर्ट सुनवाई से जुड़ा घटनाक्रम अहम कड़ी के तौर पर सामने आया है। उस दिन मानस अदालत पहुंचा था, लेकिन दिव्या सुनवाई में नहीं आईं। इसके बाद अगली तारीख तय कर दी गई। बताया जा रहा है कि दिव्या के अदालत न पहुंचने की वजह जानने के बाद मानस को ऐसी जानकारी मिली, जिससे वह बेहद परेशान हो गया था।<br>दोस्तों के मुताबिक, कोर्ट से लौटने के बाद मानस के व्यवहार में अचानक बदलाव आया। वह काफी बेचैन नजर आ रहा था। करीब 48 घंटे के भीतर उसने उस वारदात को अंजाम दे दिया, जिसमें पत्नी और बहन की हत्या के बाद उसने खुद को भी गोली मार ली।<br><strong>18 अगस्त के बाद बदल गया मानस का व्यवहार</strong><br>मानस और दिव्या के बीच विवाद लंबे समय से चल रहा था। बहन तूलिका को साथ रखने को लेकर दोनों के बीच मतभेद थे। इसके अलावा तलाक और मुआवजे से जुड़ी अर्जी तथा दिव्या को लेकर मानस के संदेह की बातें भी सामने आई हैं। लेकिन ये विवाद पहले से चले आ रहे थे। ऐसे में 18 अगस्त की कोर्ट सुनवाई के बाद क्या हुआ, यह जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गया है।<br>कोर्ट के भीतर और उसके बाहर मानस को क्या जानकारी मिली, इसकी पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है। हालांकि, उसके करीबियों का कहना है कि उस दिन की सुनवाई के बाद वह पहले की तुलना में काफी परेशान दिखाई दे रहा था।<br><strong>बहन को साथ रखने को लेकर था बड़ा विवाद</strong><br>मानस के मामा अवधेश शुक्ला के अनुसार, दोनों के बीच अक्सर आपसी अहम को लेकर कहासुनी होती थी। विवाद की सबसे बड़ी वजह तूलिका को साथ रखने का मुद्दा था। दिव्या चाहती थीं कि मानस अपनी बहन को अपने साथ न रखे, जबकि मानस अपनी बहन को छोड़ने के लिए तैयार नहीं था।<br>शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद दोनों परिवारों के सदस्य भी मौजूद रहे। दिव्या का पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद उनके जीजा भरत यादव और ममेरे भाई मयंक दीक्षित शव लेकर रवाना हुए। वहीं मानस और तूलिका के शव उनके मामा अपने साथ ले गए।<br><strong>दिव्या के परिवार ने लगाए गंभीर आरोप</strong><br>दिव्या के पिता सतीश चंद्र मिश्रा ने मानस पर बेटी को परेशान करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मानस के व्यवहार से दिव्या काफी परेशान रहती थीं। परिवार की ओर से दोनों के बीच समझौता कराने और रिश्ता बचाने की कोशिश भी की गई, लेकिन विवाद खत्म नहीं हो सका।<br>दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने भी मानस पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टमाटर मंगाने जैसी छोटी बातों को लेकर भी मानस विवाद करता था। प्रज्ञा के मुताबिक, दिव्या मानस को छोड़ना चाहती थीं। उन्होंने मानस पर अपनी मां की हत्या करने का भी आरोप लगाया है।<br><strong>मानस की मानसिक स्थिति को लेकर भी उठे सवाल</strong><br>दिव्या के परिवार की ओर से मानस पर गंभीर आरोप लगाए जाने के बाद उसके मामा अखिलेश शुक्ला ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर मानस मानसिक रूप से अस्वस्थ होता तो भारतीय स्टेट बैंक में अधिकारी के पद तक नहीं पहुंचता। उनके मुताबिक, दोनों के बीच मुख्य समस्या आपसी अहम का टकराव थी।<br>शुक्रवार को केजीएमयू के पोस्टमार्टम हाउस में मानस, दिव्या और तूलिका के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। हालांकि, हत्याकांड के पीछे 18 अगस्त की घटना की वास्तविक भूमिका क्या थी और मानस ने आखिर इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।</p>



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		<title>टीकमगढ़ में CM मोहन यादव के कार्यक्रम के बाहर हड़कंप, किसान ने खाया जहरीला पदार्थ; दूसरे ने आत्मदाह की कोशिश की</title>
		<link>https://dastaktimes.org/panic-outside-cm-mohan-yadavs-program-in-tikamgarh-farmer-consumed-poisonous-substance-another-tried-to-commit-suicide/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 22 Aug 2026 06:47:07 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[CM मोहन यादव कार्यक्रम]]></category>
		<category><![CDATA[आत्मदाह की कोशिश]]></category>
		<category><![CDATA[किसान ने खाया जहर]]></category>
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		<category><![CDATA[सत्येंद्र कुशवाहा]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="220" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/000000-16-300x220.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/000000-16-300x220.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/000000-16-768x563.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/000000-16.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन विश्वास कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अपनी जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे एक किसान ने नगर पालिका परिषद भवन के बाहर जहरीला पदार्थ खा लिया। इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति ने कथित तौर पर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="220" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/000000-16-300x220.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/000000-16-300x220.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/000000-16-768x563.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/000000-16.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>टीकमगढ़।</strong> मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के जन विश्वास कार्यक्रम के दौरान शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब अपनी जमीन पर कथित कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचे एक किसान ने नगर पालिका परिषद भवन के बाहर जहरीला पदार्थ खा लिया। इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को आग लगाने की कोशिश की। दोनों घटनाओं के बाद मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।</p>



<p><strong>जमीन पर कब्जे की शिकायत लेकर पहुंचा था किसान</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव टीकमगढ़ पहुंचने के बाद सबसे पहले जिला अस्पताल गए और वहां व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इसके बाद वह ताखा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचे, जहां ग्रामीणों ने उनके सामने स्थानीय समस्याएं रखीं। इनमें पानी की समस्या प्रमुख रूप से सामने आई।</p>



<p>इसके बाद मुख्यमंत्री नगर पालिका परिषद पहुंचे, जहां जन विश्वास कार्यक्रम के तहत लोगों की शिकायतें और समस्याएं सुनी जा रही थीं। इसी दौरान टीकमगढ़ निवासी सत्येंद्र कुशवाहा अपनी पत्नी और बेटी के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे थे।</p>



<p>बताया जा रहा है कि सत्येंद्र अपनी जमीन पर कथित तौर पर दबंगों द्वारा किए गए कब्जे की शिकायत मुख्यमंत्री के सामने रखना चाहते थे। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें मुख्यमंत्री से मिलने नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने नगर पालिका परिषद भवन के बाहर कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया।</p>



<p><strong>जहर खाने के बाद अस्पताल में कराया गया भर्ती</strong></p>



<p>जहरीला पदार्थ खाने के बाद सत्येंद्र की तबीयत बिगड़ने लगी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी उन्हें रिक्शे की मदद से तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। घटना के बाद उनके परिजन तनाव में नजर आए।</p>



<p>फिलहाल सत्येंद्र का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनकी हालत को लेकर पुलिस और प्रशासन की ओर से विस्तृत जानकारी का इंतजार है।</p>



<p><strong>दूसरे व्यक्ति ने आग लगाने की कोशिश की</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान ही एक अन्य घटना सामने आई। टीकमगढ़ निवासी गंगू नाम के व्यक्ति ने कथित तौर पर खुद को आग लगाने की कोशिश की। जानकारी के अनुसार, उसने अपने ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का प्रयास किया।</p>



<p>हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल उसे पकड़ लिया और ज्वलनशील पदार्थ को हटाकर स्थिति पर काबू पा लिया। पुलिस की तत्परता से बड़ा हादसा होने से टल गया।</p>



<p><strong>गंगू ने क्यों उठाया कदम, जांच में जुटी पुलिस</strong></p>



<p>गंगू ने आखिर किस समस्या को लेकर आत्मदाह की कोशिश की, इसकी तत्काल स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।</p>



<p>दोनों घटनाओं के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनाओं की जानकारी जुटाने में लगे हुए हैं।</p>



<p><strong>CM के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री के जन विश्वास कार्यक्रम के दौरान एक के बाद एक दो लोगों के कथित आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय मुख्यमंत्री लोगों की समस्याएं सुन रहे थे, उसी दौरान हुई इन घटनाओं से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।</p>



<p>फिलहाल एक व्यक्ति का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि दूसरे को पुलिस ने हिरासत में लिया है। दोनों मामलों में पुलिस और प्रशासन की विस्तृत जांच जारी है।</p>



<p></p>
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