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	<title>उत्तर प्रदेश &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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		<title>एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए किसान रजिस्ट्री अनिवार्य, लखनऊ में 32 हजार किसान फंसे, बिना पंजीकरण नहीं मिलेगी सरकारी खरीद</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 10:33:14 +0000</pubDate>
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<p>उत्तर प्रदेश में गेहूं खरीद को लेकर बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। अब न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसान रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। बिना पंजीकरण वाले किसानों से सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं की जाएगी। इस फैसले का असर राजधानी लखनऊ में साफ दिख रहा है, जहां हजारों किसान अब भी रजिस्ट्री पूरी न होने के कारण मुश्किल में हैं।</p>



<p><strong>मुख्य सचिव के आदेश के बाद सख्ती</strong></p>



<p>मुख्य सचिव एसपी गोयल ने खाद्य एवं रसद और कृषि विभाग को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि एमएसपी पर होने वाली सभी खरीद में किसान पहचान पत्र अनिवार्य होगा। यानी अब केवल उन्हीं किसानों से गेहूं खरीदा जाएगा, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है।</p>



<p><strong>लखनऊ में 32 हजार से ज्यादा किसान अभी भी बाहर</strong></p>



<p>राजधानी में कुल 2,04,287 किसानों में से अब तक 1,72,000 किसानों ने अपनी रजिस्ट्री पूरी कर ली है, जबकि 32,287 किसान अभी भी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। ऐसे में इन किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों पर गेहूं बेचने और एमएसपी का लाभ लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।</p>



<p><strong>विभाग चला रहा अभियान, फिर भी पीछे रह गए किसान</strong></p>



<p>जिला कृषि अधिकारी टीबी सिंह के मुताबिक शासन के निर्देश के बाद रजिस्ट्री अनिवार्य कर दी गई है। विभाग की ओर से लगातार कैंप लगाकर और गांव-गांव जाकर किसानों को पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए हैं।</p>



<p><strong>तकनीकी दिक्कतें और जानकारी की कमी बनी वजह</strong></p>



<p>किसानों का कहना है कि ऑनलाइन रजिस्ट्री के दौरान बार-बार सर्वर डाउन होने और सही जानकारी के अभाव में उन्हें परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरोजनीनगर के किसान रामनरेश यादव ने बताया कि कई बार प्रयास के बावजूद रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हो पा रहा है, जिससे वे एमएसपी का लाभ लेने से वंचित हो सकते हैं।</p>



<p><strong>मौसम की मार से फसलें भी प्रभावित</strong></p>



<p>इधर मौसम में अचानक बदलाव और असमय बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। फसलों को हुए नुकसान का आकलन करने के लिए कृषि विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। जिला कृषि अधिकारी ने मोहनलालगंज और गोसाईगंज समेत कई इलाकों का दौरा कर खेतों की स्थिति का जायजा लिया।</p>



<p><strong>किसानों को दिए गए जरूरी सुझाव</strong></p>



<p>निरीक्षण के दौरान किसानों से बातचीत में सामने आया कि तेज हवाओं और बारिश से गेहूं और सब्जी की फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करें और जरूरत के अनुसार कीटनाशकों का उपयोग करें, ताकि फसल को और नुकसान से बचाया जा सके।</p>



<p></p>
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		<title>हरदोई-कन्नौज के बीच गंगा पर बनेगा नया पुल, 288 करोड़ की परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी, 4 लाख लोगों की राह होगी आसान</title>
		<link>https://dastaktimes.org/a-new-bridge-will-be-built-on-the-ganga-between-hardoi-and-kannauj-cabinets-approval-to-the-project-worth-rs-288-crore-will-make-the-path-of-4-lakh-people-easier/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 10:24:00 +0000</pubDate>
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<p>हरदोई और कन्नौज के बीच लंबे समय से पुल की मांग अब पूरी होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गंगा नदी पर चियासर घाट के पास नए पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने से कटियारी क्षेत्र समेत आसपास के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और आवागमन की बड़ी समस्या खत्म होगी।</p>



<p><strong>ईपीसी मॉडल पर होगा निर्माण, 288 करोड़ से ज्यादा खर्च</strong></p>



<p>हरपालपुर क्षेत्र के जीवनपुरवा मजरा देहलिया गांव के पास चियासर घाट पर बनने वाले इस पुल का निर्माण ईपीसी मॉडल पर कराया जाएगा। परियोजना की कुल लागत 288 करोड़ 99 लाख 22 हजार रुपये तय की गई है। इस पुल की मांग क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार उठाई जा रही थी, जिसके बाद इसे स्वीकृति मिली है।</p>



<p><strong>नाव ही था सहारा, बरसात में पूरी तरह कट जाता था संपर्क</strong></p>



<p>अब तक इस इलाके में गंगा पार करने के लिए केवल नाव ही एकमात्र साधन था। बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर यह व्यवस्था भी ठप हो जाती थी, जिससे दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता था। किसानों, व्यापारियों और आम लोगों को इससे भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।</p>



<p><strong>चार लाख आबादी को मिलेगा सीधा लाभ</strong></p>



<p>पुल के निर्माण से हरदोई और कन्नौज की करीब चार लाख आबादी को सीधा फायदा होगा। इसके साथ ही कटियारी क्षेत्र का संपर्क छिबरामऊ, गुरसहायगंज, कन्नौज, कानपुर और फर्रुखाबाद जैसे प्रमुख शहरों से बेहतर हो जाएगा। यह क्षेत्र राष्ट्रीय राजमार्ग-34 और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से भी जुड़ जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।</p>



<p><strong>दूरी होगी कम, समय और खर्च दोनों की बचत</strong></p>



<p>अभी तक कन्नौज पहुंचने के लिए लोगों को करीब 80 किलोमीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ता था, जबकि सीधी दूरी महज 30 किलोमीटर है। पुल बनने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी, जिससे समय और परिवहन लागत दोनों में कमी आएगी।</p>



<p><strong>पहले पैंटून पुल भी नहीं दे पाया राहत</strong></p>



<p>करीब दो साल पहले चियासर घाट पर पैंटून पुल के निर्माण को मंजूरी मिली थी, लेकिन वह स्थायी समाधान साबित नहीं हो सका। गंगा के जलस्तर में बदलाव और नदी के कई धाराओं में बंट जाने के कारण नाव संचालन भी कई बार बंद हो जाता था, जिससे देहलिया, सुलखामऊ, जीवनपुरवा, निकामदपुर, बेहटा लाखी, रामनगर, आलमपुर और हरपालपुर समेत कई गांवों के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।</p>



<p></p>
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		<title>बेमौसम बारिश से तबाह फसलों पर सख्त हुए सीएम योगी, नुकसान का आकलन कर तुरंत मुआवजा देने के निर्देश</title>
		<link>https://dastaktimes.org/cm-yogi-became-strict-on-the-crops-destroyed-by-unseasonal-rains-and-gave-instructions-to-assess-the-loss-and-give-immediate-compensation/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 10:21:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/download-6-300x169.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/download-6-300x169.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/download-6-390x220.png 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/download-6.png 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>प्रदेश में लगातार हो रही बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से बिगड़े हालात पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीर रुख अपनाया है। पिछले सात दिनों से जारी बारिश ने जनजीवन के साथ-साथ किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने अन्नदाताओं की परेशानी का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।</p>



<p><strong>सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों पर प्राथमिकता</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में पहले कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि जिन जिलों में फसलें ज्यादा प्रभावित हुई हैं, वहां नुकसान का त्वरित आकलन किया जाए और राहत कार्यों में किसी तरह की देरी न हो।</p>



<p><strong>पीलीभीत और रामपुर में भारी नुकसान</strong></p>



<p>प्रदेश के कई जिलों में फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिनमें पीलीभीत और रामपुर प्रमुख हैं। यहां बारिश और ओलावृष्टि के कारण किसानों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है। मुख्यमंत्री ने इन क्षेत्रों में विशेष रूप से ध्यान देने और हर प्रभावित किसान तक मदद पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।</p>



<p><strong>हर किसान को मिलेगा उचित मुआवजा</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सभी प्रभावित किसानों और बटाईदारों के नुकसान का निष्पक्ष और सटीक आकलन किया जाए। उन्होंने कहा कि हर पात्र किसान को समयबद्ध तरीके से उचित मुआवजा मिलना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।</p>



<p><strong>राज्य आपदा राहत कोष से मिलेगा सहयोग</strong></p>



<p>राजस्व विभाग को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपदा राहत कोष से सभी जिलों को पर्याप्त धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाए। जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि सहायता पारदर्शी तरीके से और बिना देरी के किसानों तक पहुंचे।</p>



<p><strong>राहत शिविर और मंडियों को भी सक्रिय करने के निर्देश</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने जरूरत पड़ने पर राहत शिविर स्थापित करने और मंडी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि किसानों को हर स्तर पर सहयोग मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार इस कठिन समय में पूरी मजबूती के साथ किसानों के साथ खड़ी है।</p>



<p></p>
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		<title>मन्नत से मंच तक : जब जसपिंदर के सुर बने हनुमत चरणों का अर्पण</title>
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		<dc:creator><![CDATA[DN VERMA]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 09:44:57 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="135" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-300x135.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-300x135.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1024x461.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-768x346.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1536x692.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1.jpg 1698w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />काशी की आध्यात्मिक वायुमंडल में जब जसपिंदर नरूला के कंठ से भक्ति के स्वर फूटे, तो यह केवल एक संगीत प्रस्तुति नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी मन्नत के पूर्ण होने का भावुक क्षण बन गया। संकट मोचन संगीत समारोह के मंच पर उन्होंने जिस श्रद्धा और समर्पण के साथ “राम आएंगे” और “भज ले राम” जैसे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="135" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-300x135.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-300x135.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1024x461.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-768x346.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1536x692.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1.jpg 1698w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong><em>काशी की आध्यात्मिक वायुमंडल में जब जसपिंदर नरूला के कंठ से भक्ति के स्वर फूटे, तो यह केवल एक संगीत प्रस्तुति नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी मन्नत के पूर्ण होने का भावुक क्षण बन गया। संकट मोचन संगीत समारोह के मंच पर उन्होंने जिस श्रद्धा और समर्पण के साथ “राम आएंगे” और “भज ले राम” जैसे भजन प्रस्तुत किए, उसमें उनकी पूरी साधना और जीवन-दर्शन समाहित दिखा। कुछ वर्ष पूर्व काशी आगमन के दौरान हनुमत दरबार में की गई प्रार्थना आज साकार हुई, और यही अनुभूति उनकी आंखों की नमी और स्वर की गहराई में स्पष्ट झलकी। अपने पचास वर्षों के संगीत सफर को वह तपस्या मानती हैं, एक ऐसी यात्रा, जिसमें सिद्धांत, परिश्रम और ईश्वर में अटूट विश्वास ही उनके मार्गदर्शक रहे। युवाओं को संदेश देते हुए उनका सरल किंतु प्रभावी वाक्य गूंजता है, “सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता।” जसपिंदर नरूला के लिए संगीत केवल पेशा नहीं, बल्कि साधना है, और यही कारण है कि उनके सुर सीधे हृदय से निकलकर श्रोताओं की आत्मा को स्पर्श करते हैं।</em></strong></p>



<p>&#8211;<strong>सुरेश गांधी</strong></p>



<p>वाराणसी की आध्यात्मिक धड़कनों के बीच, जहां हर गली में इतिहास सांस लेता है और हर मंदिर में भक्ति गूंजती है, वहीं संकट मोचन संगीत समारोह की एक भावभीनी रात साक्षी बनी, संगीत, साधना और समर्पण के अद्भुत संगम की। इस पावन अवसर पर पचास वर्षों की तपस्या, पंजाब की सूफियाना मिट्टी, काशी की भक्ति और जीवन-दर्शन, पद्मश्री गायिका जसपिंदर नरूला ने न केवल अपनी प्रस्तुति से वातावरण को राममय किया, बल्कि अपने जीवन के अनुभवों और संगीत यात्रा के रहस्यों को वरिष्ठ पत्रकार सुरेश गांधी के साथ साझा किया। यह संवाद केवल प्रश्नोत्तर नहीं, बल्कि एक कलाकार की आत्मा से निकली वह यात्रा है, जिसमें संघर्ष है, श्रद्धा है, और अंततः एक गहरा संतोष भी, सुरों की साधना ने उन्हें वहां पहुंचाया, जहां संगीत ईश्वर का माध्यम बन जाता है। प्रस्तुत है उनसे हुए बातचीत के कुछ प्रमुख अंशः-</p>



<p><strong>सुरेश गांधी : संकट मोचन के इस पावन मंच पर गाने का अनुभव कैसा रहा?<br>जसपिंदर नरूला : </strong>काशी में गाना अपने आप में एक अनूठा अनुभव है, एक जीवंत आध्यात्मिक ऊर्जा है। लेकिन जब बात संकट मोचन मंदिर की हो, तो यह अनुभव और भी गहरा हो जाता है। यहां गाना केवल प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक अर्पण है। मुझे ऐसा लगा जैसे मैं नहीं गा रही, बल्कि मुझसे गवाया जा रहा है। यहां हर सुर सीधे हनुमान जी तक पहुंचता है। आज मैंने जो भी गाया, वह मेरी ओर से एक विनम्र भेंट थी। कुछ वर्ष पहले जब मैं गंगा महोत्सव में आई थी, तब मैंने हनुमान जी के दरबार में माथा टेका था और मन ही मन एक मन्नत मांगी थी, एक दिन मुझे यहां भजन गाने का अवसर मिले। आज वह मन्नत पूरी हुई है। यह मेरे लिए अत्यंत भावुक क्षण है… ये खुशी के आंसू हैं।</p>



<p><strong>प्रश्न : आपकी गायकी में सूफी, भक्ति और शास्त्रीय संगीत का अद्भुत संगम दिखाई देता है। यह संतुलन कैसे संभव हुआ?<br>उत्तर :</strong> मैं पंजाब की मिट्टी से हूं, जहां सूफी संतों की परंपरा गहराई से जुड़ी हुई है। वहां का संगीत अपने आप में इबादत है। बचपन से ही मैंने यह सीखा कि संगीत केवल कला नहीं, बल्कि आत्मा की भाषा है। मैंने हमेशा अपनी मौलिकता को बनाए रखने की कोशिश की है। चाहे फिल्मी गीत गाऊं या भजन, मेरे लिए हर सुर एक साधना है। शायद यही कारण है कि मेरी गायकी में सूफियाना रंग भी है और भक्ति की गहराई भी।</p>



<p><strong>प्रश्न : आपने फिल्मी दुनिया में अपार सफलता हासिल की, फिर भी भक्ति और शास्त्रीय संगीत से जुड़ी रहीं। इसका क्या कारण रहा?<br>उत्तर : </strong>लोकप्रियता क्षणिक हो सकती है, लेकिन जड़ों से जुड़ाव स्थायी होता है। मैंने कभी अपने मूल को नहीं छोड़ा। शास्त्रीय संगीत मेरी नींव है और भक्ति मेरी आत्मा। फिल्मों में गाना मेरे करियर का हिस्सा है, लेकिन जब मैं भजन गाती हूं, तो वह मेरे भीतर की सच्ची अभिव्यक्ति होती है। यही मुझे संतुलित रखता है।</p>



<p><strong>प्रश्न : “प्यार तो होना ही था” गीत ने आपके करियर को नई ऊंचाई दी। उस दौर को कैसे याद करती हैं?<br>उत्तर :</strong> प्यार तो होना ही था का वह गीत मेरे जीवन का टर्निंग प्वाइंट था. रेमो फर्नांडीज के साथ गाया गया यह गीत आज भी लोगों के दिलों में बसा हुआ है। जब यह गीत आया, तो मुझे इतनी लोकप्रियता मिली, मैं खुद भी हैरान थी। लेकिन मैंने इसे सिर पर चढ़ने नहीं दिया, क्योंकि मुझे पता था कि असली यात्रा अभी बाकी है।</p>



<p><strong>प्रश्न : आपके संगीत सफर की शुरुआत कैसे हुई?<br>उत्तर :</strong> मेरा संगीत से रिश्ता बचपन से ही है। मेरे पिता केसर सिंह नरूला स्वयं संगीतकार थे। उन्होंने ही मुझे संगीत की पहली शिक्षा दी। घर का माहौल ऐसा था कि हर दिन रियाज़ होता था। आगे चलकर मैंने उस्ताद गुलाम सादिक खान से प्रशिक्षण लिया। शास्त्रीय संगीत ने मेरी आवाज़ को आधार दिया। यही आधार आज तक मेरे साथ है।</p>



<p><strong>प्रश्न : आपने अपने करियर में कई बड़े संगीतकारों के साथ काम किया। उस अनुभव को कैसे देखती हैं?<br>उत्तर :</strong> मैं खुद को भाग्यशाली मानती हूं कि मुझे कल्याणजी जैसे महान संगीतकार का मार्गदर्शन मिला। उन्होंने मुझे इंडस्ट्री में आने का रास्ता दिखाया। इसके बाद विजू शाह और अन्य कई संगीत निर्देशकों के साथ काम करने का अवसर मिला। हर अनुभव ने मुझे कुछ नया सिखाया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="461" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1-1024x461.jpg" alt="" class="wp-image-882087" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1-1024x461.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1-300x135.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1-768x346.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1-1536x692.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/jaspndar-narula1-1.jpg 1698w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p><strong>प्रश्न : संकट मोचन में आपकी प्रस्तुति के दौरान “राम आएंगे” और “भज ले राम” जैसे भजनों ने लोगों को भाव-विभोर कर दिया। उस क्षण आपकी अनुभूति क्या थी?<br>उत्तर : </strong>जब मैं “राम आएंगे…” गा रही थी, तो मुझे लगा जैसे पूरा वातावरण राममय हो गया है। लोग झूम रहे थे, आंखें बंद कर प्रार्थना कर रहे थे, वह दृश्य शब्दों में नहीं कहा जा सकता। “मनवा रे जीवन है संग्राम, भज ले राम…” यह केवल गीत नहीं, जीवन का सार है। जब हम कठिनाइयों में होते हैं, तो भक्ति ही हमें संभालती है। प्रभु हर दिल में हैं। यह केवल एक गीत नहीं, बल्कि विश्वास है, जब हम सच्चे मन से पुकारते हैं, तो भगवान जरूर आते हैं। उस समय मैं खुद भी एक श्रोता बन जाती हूं और संगीत मुझे भीतर से छूता है।</p>



<p><strong>प्रश्न : आपने युवाओं को मेहनत और ईश्वर में विश्वास का संदेश दिया। आज के समय में यह कितना जरूरी है?<br>उत्तर : </strong>आज की दुनिया बहुत तेज हो गई है। हर कोई जल्दी सफलता चाहता है, धैर्य की कमी दिखती है। लेकिन मैं यही कहना चाहूंगी कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मैंने 50 वर्षों तक लगातार मेहनत की है। यह कोई एक दिन की उपलब्धि नहीं है। अगर आप ईश्वर में विश्वास रखते हैं और अपने काम के प्रति ईमानदार हैं, तो सफलता जरूर मिलती है। मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। जो लोग साधना से नहीं गुजरते, वे सफलता को टिकाकर नहीं रख पाते।</p>



<p><strong>प्रश्न : काशी और यहां के श्रोताओं के बारे में आपका क्या अनुभव रहा?<br>उत्तर : </strong>काशी के श्रोता बहुत विशेष होते हैं। वे केवल सुनते नहीं, बल्कि महसूस करते हैं। यहां संगीत आत्मा से जुड़ जाता है। जब मैंने देखा कि लोग छतों पर, बाहर स्क्रीन के सामने खड़े होकर भी सुन रहे हैं, तो मुझे लगा कि यह केवल मेरा नहीं, बल्कि संगीत का सम्मान है।</p>



<p><strong>प्रश्न : मंदिर के महंत से मुलाकात और काशी की पौराणिकता के बारे में जानकर आपकी क्या प्रतिक्रिया रही?<br>उत्तर : </strong>कार्यक्रम के बाद मेरी मुलाकात पंडित विश्वंभरनाथ मिश्र से हुई। उन्होंने मुझे काशी की परंपरा, गोस्वामी तुलसीदास और मंदिर की स्थापना की कथा सुनाई। उसे सुनकर मैं सच में भावुक हो गई। काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक जीवंत आध्यात्मिक अनुभव है। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे यहां गाने का अवसर मिला।</p>



<p>फिलहाल, यह संवाद केवल एक साक्षात्कार नहीं, बल्कि एक साधिका की आत्मकथा का अंश है। उनका जीवन-दर्शन सामने आया, जहां संगीत, भक्ति और संघर्ष एक-दूसरे के पूरक बन जाते हैं। जसपिंदर नरूला की आवाज़ में जो गूंज है, वह केवल सुरों की नहीं, बल्कि वर्षों की तपस्या, विश्वास और समर्पण की है। काशी की इस पावन भूमि पर उन्होंने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया, जब संगीत साधना बन जाता है, तो वह केवल सुना नहीं जाता… वह जिया जाता है। समारोह में उनकी प्रस्तुति ने यह साबित कर दिया कि उनकी आवाज़ में आज भी वही ऊर्जा और भावनात्मक गहराई है। “भज ले राम… राम… राम…” जैसे भजनों की गूंज ने पूरे मंदिर परिसर को भक्तिमय बना दिया। श्रोता झूम उठे, और हर सुर के साथ आस्था का प्रवाह और प्रगाढ़ होता गया। उनकी गायकी में भाव, ऊर्जा और आध्यात्मिकता का ऐसा संगम देखने को मिला, जिसने श्रोताओं को भीतर तक स्पर्श किया। यह केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि एक साधना थी, एक ऐसी साधना, जिसमें सुर ईश्वर को समर्पित हो जाते हैं।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जब काशी ने ओढ़ी सुरों की चादर : जाग उठा संगीत का आत्मलोक</title>
		<link>https://dastaktimes.org/when-kashi-covered-itself-with-the-sheet-of-tunes-the-soul-world-of-music-woke-up/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DN VERMA]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 09:39:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[वाराणसी]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="144" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-300x144.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-300x144.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-1024x492.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-768x369.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-1536x738.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1.jpg 1806w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />स्वरों की नींव पर सजा रागों का महल, सुर, साधना और समरसता की रात, काशी में गूंजा रागों का अनंत संसार &#8211;सुरेश गांधी वाराणसी : काशी की आध्यात्मिक वेला में जब रात अपने चरम पर होती है, तब संकट मोचन संगीत समारोह केवल एक आयोजन नहीं रह जाता, बल्कि वह साधना, समर्पण और सुरों का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="144" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-300x144.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-300x144.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-1024x492.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-768x369.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1-1536x738.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-shiromani1.jpg 1806w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<h3 class="wp-block-heading">स्वरों की नींव पर सजा रागों का महल, सुर, साधना और समरसता की रात, काशी में गूंजा रागों का अनंत संसार</h3>



<p>&#8211;<strong>सुरेश गांधी</strong></p>



<p><strong>वाराणसी :</strong> काशी की आध्यात्मिक वेला में जब रात अपने चरम पर होती है, तब संकट मोचन संगीत समारोह केवल एक आयोजन नहीं रह जाता, बल्कि वह साधना, समर्पण और सुरों का जीवंत महाकुंभ बन जाता है। 103वें समारोह की दूसरी निशा भी कुछ ऐसी ही रही, जहां थकान का अस्तित्व संगीत की तरंगों में विलीन हो गया और हर श्रोता सुरों की धारा में डूबता चला गया. दिनभर की व्यस्तता और रात्रि जागरण के बावजूद जैसे ही शाम ढली, मंदिर परिसर में संगीत प्रेमियों का सैलाब उमड़ पड़ा। यह वही काशी है, जहां संगीत केवल सुना नहीं जाता, बल्कि जिया जाता है। और जब मंच सजा, तो लगा मानो स्वरों की नींव पर रागों का एक विराट महल खड़ा हो रहा हो।</p>



<p><strong>ड्रम, धुन और दैवीय स्पंदन : पहली प्रस्तुति ने बांधा समां<br></strong>डिड-डिग-डिग, तुम-टी-तुम, शुवे…ईप… की अनुगूंज के साथ शुरू हुई पहली प्रस्तुति ने पारंपरिक संगीत की सीमाओं को तोड़ते हुए एक नए प्रयोग का द्वार खोल दिया। मंच पर जब ड्रम, बाल्टी, थाली, घंट और परात जैसे सामान्य प्रतीत होने वाले वस्त्र वाद्य बनकर सजे, तो श्रोताओं ने एक अद्भुत संगीत प्रयोग का साक्षात्कार किया। इस प्रस्तुति के केंद्र में थे विख्यात पर्कशनिस्ट पंडित शिवमणि, जिनकी उंगलियां किसी यांत्रिक गति से वाद्यों पर थिरक रही थीं। उनके साथ मेंडोलिन पर यू. राजेश और पखावज पर विश्वंभर नाथ मिश्र की संगत ने इस प्रस्तुति को शास्त्रीयता और आध्यात्मिकता के अद्भुत संगम में बदल दिया। “रघुपति राघव राजाराम” और “गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो” जैसे भजनों को साउथ इंडो-वेस्टर्न शैली में प्रस्तुत कर कलाकारों ने यह सिद्ध कर दिया कि भक्ति का स्वर किसी एक शैली का मोहताज नहीं होता। श्रोताओं के कदम स्वतः थिरक उठेकृकहीं कोई बैठा नहीं रहा, हर कोई इस लय का हिस्सा बन गया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pamdit-shiromanaiii.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="517" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pamdit-shiromanaiii-1024x517.jpg" alt="" class="wp-image-882082" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pamdit-shiromanaiii-1024x517.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pamdit-shiromanaiii-300x151.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pamdit-shiromanaiii-768x388.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pamdit-shiromanaiii.jpg 1347w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p><strong>मोहन वीणा और सात्विक वीणाः शांति का राग, आत्मा का संवाद<br></strong>दूसरी प्रस्तुति में ग्रैमी सम्मानित पंडित विश्व मोहन भट्ट और उनके सुपुत्र सलिल भट्ट ने मोहन वीणा और सात्विक वीणा की जुगलबंदी से वातावरण को दिव्यता से भर दिया। राग विश्वरंजनी में आलाप, जोड़ और झाला के क्रम ने जैसे श्रोताओं को ध्यान की अवस्था में पहुंचा दिया। मध्य लय और द्रुत लय की गतकारी के साथ तीन ताल की प्रस्तुति में दोनों वाद्यों के बीच संवाद ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो दो साधक आत्मा के स्तर पर एक-दूसरे से संवाद कर रहे हों। रामधुन के साथ इस प्रस्तुति का समापन हुआ, जिसने पूरे वातावरण को भक्ति में रंग दिया। तबले पर पं. रामकुमार मिश्र और कौशिक कुंवर की संगत ने इस जुगलबंदी को और प्रभावशाली बना दिया।</p>



<p><strong>तबला जुगलबंदी : लय के भीतर संवाद का सौंदर्य</strong><br>तीसरी प्रस्तुति में अजराड़ा घराना के जरगाम अकरम खां और दिल्ली घराना के खुर्रम अली नियाजी ने तबले की जुगलबंदी प्रस्तुत कर श्रोताओं को लय की गहराइयों से परिचित कराया। तीनताल में पेशकार, कायदा, टुकड़ा और रेला की प्रस्तुति के दौरान दोनों कलाकारों के बीच सवाल-जवाब का क्रम अत्यंत रोचक रहा। हर तिहाई के साथ श्रोताओं की वाहवाही गूंज उठती। संवादिनी पर मोहित साहनी और सारंगी पर अमान खां की संगत ने इस प्रस्तुति में मधुरता का स्पर्श जोड़ा, जिससे पूरी प्रस्तुति एक संतुलित संगीत अनुभव बन गई।</p>



<p><strong>गायन में रागों की गरिमा : उस्ताद गुलाम अब्बास खां का प्रभाव</strong><br>चौथी प्रस्तुति में रामपुर घराना के गुलाम अब्बास खां ने अपने गायन से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राग बिहाग में विलंबित ख्याल से शुरुआत करते हुए उन्होंने स्वर विस्तार की ऐसी बुनावट रची कि वातावरण पूरी तरह रसमय हो उठा। इसके बाद द्रुत लय में छोटा ख्याल और राग सोहनी की बंदिश “ऐसो कन्हाई मानत नाहीं” ने प्रस्तुति को चरम पर पहुंचा दिया। तबले पर उस्ताद अकरम खां, संवादिनी पर पं. धर्मनाथ मिश्र और सारंगी पर विनायक सहाय की संगत ने इस प्रस्तुति को और अधिक प्रभावशाली बना दिया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-vishvmohan1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="479" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-vishvmohan1-1024x479.jpg" alt="" class="wp-image-882083" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-vishvmohan1-1024x479.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-vishvmohan1-300x140.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-vishvmohan1-768x359.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-vishvmohan1-1536x718.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/pandit-vishvmohan1.jpg 1915w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p><strong>बनारस घराने की थाप : जब इतिहास ने ली ताल में सांस</strong><br>पांचवीं प्रस्तुति में पं. शुभ महाराज ने तबले की थाप से जैसे संकट मोचन मंदिर की ईंट-ईंट में इतिहास की गूंज भर दी। तीनताल और धमार की जटिल संरचनाओं के बीच उन्होंने 16 और 14 मात्राओं की ऐसी कड़ियां स्थापित कीं, जिनमें बनारस घराने की परंपरा सजीव हो उठी। सारंगी पर विनायक सहाय और संवादिनी पर मोहित साहनी की संगत ने इस ऐतिहासिक प्रस्तुति को और भी रंगीन बना दिया।</p>



<p><strong>सितार की साधना : राग परमेश्वरी में डूबा परिसर</strong><br>छठवीं प्रस्तुति में कोलकाता से आए विख्यात सितार वादक पं. कुशल दास ने राग परमेश्वरी में आलापचारी से शुरुआत की। उनके सितार के सुर जैसे मंदिर परिसर में एक अदृश्य धारा की तरह बहने लगे। इसके बाद तीनताल में गतकारी और राग ललित के स्पर्श ने इस प्रस्तुति को आध्यात्मिक ऊंचाई प्रदान की। तबले पर पं. संजू सहाय की संगत ने इस प्रस्तुति को और भी सजीव बना दिया। श्रोता इस दौरान पूर्णतः ध्यानमग्न दिखाई दिए।</p>



<p><strong>अंतिम प्रस्तुति : भैरव के साथ भोर की आहट<br></strong>दूसरी निशा की अंतिम प्रस्तुति में पं. जसराज के शिष्य पं. रतन मोहन शर्मा ने अपने पुत्र स्वर शर्मा के साथ गायन प्रस्तुत किया। राग भैरव की गंभीरता और प्रातःकालीन रागों की मधुरता ने इस प्रस्तुति को एक अद्भुत समापन प्रदान किया। ऐसा लगा मानो संगीत स्वयं भोर का स्वागत कर रहा हो। तबले पर पं. रामकुमार मिश्र और संवादिनी पर पं. धर्मनाथ मिश्र की संगत ने इस प्रस्तुति को पूर्णता प्रदान की।</p>



<p><strong>संगीत बना साधना, काशी बनी साक्षी</strong><br>इस प्रकार संकट मोचन की दूसरी निशा केवल प्रस्तुतियों का क्रम नहीं रही, बल्कि यह एक आध्यात्मिक यात्रा बन गईकृजहां हर राग एक प्रार्थना था, हर ताल एक ध्यान। काशी ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि यहां संगीत केवल कला नहीं, बल्कि साधना है, और जो इस साधना में डूब गया, वह स्वयं को पा गया।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को जान से मारने की धमकी, अतीक अहमद जैसा हाल करने का मिला ऑडियो मैसेज</title>
		<link>https://dastaktimes.org/shankaracharya-avimukteshwarananda-received-audio-message-threatening-to-kill-him-and-make-him-suffer-like-atiq-ahmed/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 07:46:09 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p4-8-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p4-8-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p4-8-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p4-8.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />वाराणसी : ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को जान से मारने की धमकी मिलने से उनके अनुयायियों में हड़कंप मच गया है। मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि ज्योतिर्मठ (Jyotirmath) के आधिकारिक नंबर पर धमकी भरे मैसेज और ऑडियो भेजे गए हैं। इससे पहले भी शंकराचार्य को जान से मारने की चेतावनी मिल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p4-8-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p4-8-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p4-8-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/p4-8.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>वाराणसी : ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को जान से मारने की धमकी मिलने से उनके अनुयायियों में हड़कंप मच गया है। मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि ज्योतिर्मठ (Jyotirmath) के आधिकारिक नंबर पर धमकी भरे मैसेज और ऑडियो भेजे गए हैं। इससे पहले भी शंकराचार्य को जान से मारने की चेतावनी मिल चुकी है।</p>



<p>मीडिया प्रभारी के अनुसार, शंकराचार्य ‘गौ माता-राष्ट्रमाता’ अभियान चला रहे हैं, जिसका उद्देश्य भारत में गौ हत्या को रोकना है। 3 मई से उत्तर प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में उनकी गविष्ठी यात्रा तय है। इस यात्रा के दौरान वह लोगों को गौ रक्षा के लिए प्रेरित करेंगे और हर विधानसभा क्षेत्र में रामा गौ धाम निर्माण की पहल करेंगे।</p>



<p>संजय पांडेय ने कहा कि यही अभियान सनातन विरोधियों को पसंद नहीं आया। 1 अप्रैल को ज्योतिर्मठ के नंबर पर लगातार धमकी भरे मैसेज भेजे गए। नंबर ब्लॉक करने पर 6 अप्रैल को दो ऑडियो संदेश वॉइस मेल के माध्यम से भेजे गए, जिसमें शंकराचार्य को अतीक अहमद जैसी मारने की धमकी दी गई। मामले में जल्दी ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।</p>



<p>इससे पहले, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (मथुरा) के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी को भी जान से मारने की धमकी मिली थी। उनके और उनके अधिवक्ता को बम से उड़ाने की चेतावनी दी गई थी। पुलिस जांच में धमकी भेजने वाला मोबाइल नंबर पाकिस्तान का पाया गया, जिससे यह मामला अंतरराष्ट्रीय साजिश और सुरक्षा में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है।</p>



<p>यह धमकी मामला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े कानूनी विवाद से शुरू हुआ। आशुतोष ब्रह्मचारी ने उच्च न्यायालय द्वारा उन्हें दी गई अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। आशुतोष के अनुसार, 25 मार्च को सुप्रीम कोर्ट में पैरवी तेज करने के बाद धमकियों का सिलसिला शुरू हो गया।</p>
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		<title>कानपुर में ‘मिनी जामताड़ा’ का भंडाफोड़, ड्रोन से घेराबंदी कर पुलिस ने 19 साइबर ठग दबोचे</title>
		<link>https://dastaktimes.org/mini-jamtara-busted-in-kanpur-police-caught-19-cyber-thugs-by-siege-with-drone/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 05:45:25 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-1024x576.webp 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-768x432.webp 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398.webp 1200w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />कानपुर में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने हाईटेक और फिल्मी अंदाज में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पूरे गांव में चल रहे ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। रेउना इलाके के इस गांव को ‘मिनी जामताड़ा’ बनाकर साइबर ठगी का धंधा चलाया जा रहा था, जिसे पुलिस ने ड्रोन निगरानी और चारों तरफ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-1024x576.webp 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-768x432.webp 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/kanpur-cyber-crime-arrest-1775658398.webp 1200w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>कानपुर में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने हाईटेक और फिल्मी अंदाज में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पूरे गांव में चल रहे ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। रेउना इलाके के इस गांव को ‘मिनी जामताड़ा’ बनाकर साइबर ठगी का धंधा चलाया जा रहा था, जिसे पुलिस ने ड्रोन निगरानी और चारों तरफ से घेराबंदी कर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।</p>



<p><strong>सरकारी योजनाओं के नाम पर ठगी का जाल</strong><br>जांच में सामने आया कि यह गिरोह लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के नाम पर फोन करता था। आरोपी खुद को अधिकारी बताकर लोगों से उनके बैंक खाते की जानकारी और ओटीपी हासिल करते थे और फिर खातों से पैसे निकाल लेते थे। इस नेटवर्क ने कानपुर समेत कई जिलों और अन्य राज्यों के सैकड़ों लोगों को अपना शिकार बनाया।</p>



<p><strong>ड्रोन से रेकी, फिर पूरे गांव की घेराबंदी</strong><br>पुलिस को जैसे ही इस गिरोह की सूचना मिली, एक विशेष रणनीति तैयार की गई। सबसे पहले ड्रोन कैमरों से पूरे गांव की निगरानी की गई। हर गली और हर घर पर नजर रखी गई। इसके बाद भारी पुलिस बल के साथ गांव को चारों तरफ से घेर लिया गया और सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। कार्रवाई के दौरान 19 साइबर ठगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।</p>



<p><strong>मोबाइल, सिम कार्ड और फर्जी दस्तावेज बरामद</strong><br>गिरफ्तार आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सबूत बरामद हुए हैं। इनमें दर्जनों मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी बैंक खातों की डिटेल, नकली पहचान पत्र, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और इसके तार अन्य बड़े साइबर नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं।</p>



<p><strong>सैकड़ों शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई</strong><br>एडीसीपी क्राइम सुमित रामटेके के अनुसार, इस गिरोह के खिलाफ सैकड़ों शिकायतें सामने आई थीं। शुरुआती पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी पीएम किसान, आयुष्मान भारत और उज्ज्वला योजना जैसी योजनाओं के नाम पर लोगों को झांसा देते थे।</p>



<p><strong>हाईटेक ऑपरेशन से नहीं बच सके आरोपी</strong><br>पुलिस की इस कार्रवाई में आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया गया। ड्रोन निगरानी की वजह से आरोपियों की हर गतिविधि पर नजर रखी गई, जिससे कोई भी फरार नहीं हो सका। यह ऑपरेशन इस बात का संकेत है कि अब साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिस भी तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार है।</p>



<p><strong>प्रदेशभर में चर्चा में ‘ऑपरेशन जामताड़ा’</strong><br>कानपुर पुलिस की इस कार्रवाई ने पूरे प्रदेश में हलचल मचा दी है। ‘ऑपरेशन जामताड़ा’ के जरिए न केवल एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क को खत्म किया गया, बल्कि अपराधियों को कड़ा संदेश भी दिया गया है कि तकनीक का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।</p>



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		<title>प्रयागराज में सनसनीखेज हत्या, अतीक अहमद के भाई के पूर्व गनर को बीच सड़क पर मारी गोली</title>
		<link>https://dastaktimes.org/sensational-murder-in-prayagraj-former-gunner-of-atiq-ahmeds-brother-shot-in-the-middle-of-the-road/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 05:45:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Atiq Ahmed associate killed]]></category>
		<category><![CDATA[Irfan Gaddi murder]]></category>
		<category><![CDATA[Kareli shooting case]]></category>
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		<category><![CDATA[अतीक अहमद गैंग खबर]]></category>
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		<category><![CDATA[प्रयागराज हत्या]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी क्राइम न्यूज]]></category>
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<p>प्रयागराज में एक बार फिर दिनदहाड़े गोलीकांड से दहशत फैल गई है। करेली थाना क्षेत्र के गौस नगर में माफिया अतीक अहमद के भाई अशरफ के पूर्व गनर रहे इरफान गद्दी की बीच सड़क पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस वारदात के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।</p>



<p><strong>सीने में गोली लगते ही सड़क पर गिरा, अस्पताल में मौत</strong><br>जानकारी के मुताबिक, हमलावरों ने इरफान गद्दी को निशाना बनाते हुए सीने में गोली मारी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिरकर तड़पने लगा। काफी देर बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।</p>



<p><strong>मौके पर पहुंची पुलिस, जांच शुरू</strong><br>घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी। डीसीपी सिटी मनीष कुमार शांडिल और एडिशनल डीसीपी राजकुमार मीणा ने घटनास्थल का जायजा लिया। शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है।</p>



<p><strong>अशरफ का गनर रह चुका था मृतक</strong><br>मृतक इरफान गद्दी को लेकर बताया जा रहा है कि वह अतीक अहमद के भाई अशरफ के साथ सुरक्षा में तैनात रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उसकी चकिया इलाके के आशिफ दुर्रानी से पुरानी दुश्मनी चल रही थी। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने आशिफ दुर्रानी समेत एक अन्य आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।</p>



<p><strong>हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस</strong><br>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। कई अहम सुराग हाथ लगे हैं और जल्द ही पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया जाएगा।</p>



<p><strong>2023 में अतीक और अशरफ की हुई थी हत्या</strong><br>गौरतलब है कि अतीक अहमद और उनके भाई अशरफ की 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दोनों को मेडिकल जांच के लिए ले जाते समय कॉल्विन अस्पताल के पास हमलावरों ने निशाना बनाया था। यह घटना उस समय लाइव कैमरों में भी कैद हुई थी।</p>



<p></p>
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		<title>यूपी में 70 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत की तैयारी, प्रीपेड मीटर फिर हो सकते हैं पोस्टपेड</title>
		<link>https://dastaktimes.org/preparation-of-relief-to-70-lakh-electricity-consumers-in-up-prepaid-meters-can-again-become-postpaid/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 05:44:34 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[electricity bill system UP]]></category>
		<category><![CDATA[electricity consumers relief UP]]></category>
		<category><![CDATA[prepaid to postpaid meter India]]></category>
		<category><![CDATA[smart meter postpaid UP]]></category>
		<category><![CDATA[UP power corporation news]]></category>
		<category><![CDATA[UP prepaid meter news]]></category>
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		<category><![CDATA[Uttar Pradesh smart meter update]]></category>
		<category><![CDATA[पावर कारपोरेशन अपडेट]]></category>
		<category><![CDATA[बिजली उपभोक्ता राहत यूपी]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी प्रीपेड मीटर खबर]]></category>
		<category><![CDATA[स्मार्ट मीटर पोस्टपेड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/UPPCL-smart-meter-1775700230038_v-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/UPPCL-smart-meter-1775700230038_v-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/UPPCL-smart-meter-1775700230038_v-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/UPPCL-smart-meter-1775700230038_v.webp 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />लखनऊ में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म करने की अधिसूचना जारी होने के बाद अब उत्तर प्रदेश में लाखों उपभोक्ताओं के मीटर दोबारा पोस्टपेड मोड में किए जाने की मांग तेज हो गई है। उपभोक्ता परिषद ने नियामक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/UPPCL-smart-meter-1775700230038_v-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/UPPCL-smart-meter-1775700230038_v-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/UPPCL-smart-meter-1775700230038_v-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/UPPCL-smart-meter-1775700230038_v.webp 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>लखनऊ में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने की तैयारी शुरू हो गई है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म करने की अधिसूचना जारी होने के बाद अब उत्तर प्रदेश में लाखों उपभोक्ताओं के मीटर दोबारा पोस्टपेड मोड में किए जाने की मांग तेज हो गई है।</p>



<p><strong>उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाया</strong><br>उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस मुद्दे को लेकर विद्युत नियामक आयोग में प्रस्ताव दाखिल किया है। परिषद ने मांग की है कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना प्रीपेड किए गए 70 लाख से अधिक स्मार्ट मीटरों को तत्काल प्रभाव से पोस्टपेड मोड में बदला जाए।</p>



<p><strong>पावर कारपोरेशन और केस्को से सात दिन में जवाब तलब</strong><br>इस बीच आयोग ने विद्युत अधिनियम 2003 के उल्लंघन के मामले में पावर कारपोरेशन और केस्को से सात दिन के भीतर जवाब मांगा है। यह कार्रवाई परिषद द्वारा कानपुर में बिजली दर जनसुनवाई के दौरान दाखिल अवमानना याचिका के आधार पर की गई है।</p>



<p><strong>अधिसूचना के बाद भी लागू है प्रीपेड व्यवस्था</strong><br>परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा का कहना है कि केंद्रीय अधिसूचना जारी होने के बावजूद प्रदेश में अब तक प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त नहीं की गई है। नए कनेक्शनों में भी प्रीपेड मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो केंद्र सरकार के निर्देशों की अवहेलना है।</p>



<p><strong>70 लाख से ज्यादा मीटर पोस्टपेड करने की मांग</strong><br>परिषद ने आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार से मुलाकात कर स्पष्ट मांग रखी है कि जिन उपभोक्ताओं के मीटर उनकी सहमति के बिना प्रीपेड किए गए हैं, उन्हें तत्काल पोस्टपेड मोड में बदला जाए। इससे करीब 70 लाख उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।</p>



<p><strong>उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन का आरोप</strong><br>परिषद का कहना है कि उपभोक्ताओं की सहमति के बिना मीटर को प्रीपेड में बदलना उनके अधिकारों का उल्लंघन है। ऐसे में बिजली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके और नियमों का पालन सुनिश्चित हो।</p>



<p></p>
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		<title>UP RO/ARO चयनित अभ्यर्थियों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का शेड्यूल जारी, 15 अप्रैल को होगा सत्यापन</title>
		<link>https://dastaktimes.org/up-roaro-document-verification-schedule-released-for-selected-candidates-verification-will-take-place-on-april-15/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 09 Apr 2026 05:43:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[करिअर]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[government job verification]]></category>
		<category><![CDATA[RO ARO DV date 15 April]]></category>
		<category><![CDATA[RO ARO result 2023]]></category>
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		<category><![CDATA[UPPSC Prayagraj news]]></category>
		<category><![CDATA[UPPSC RO ARO document verification 2023]]></category>
		<category><![CDATA[आरओ एआरओ डीवी डेट]]></category>
		<category><![CDATA[यूपी सरकारी नौकरी खबर]]></category>
		<category><![CDATA[यूपीपीएससी आरओ एआरओ दस्तावेज सत्यापन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/sanskrit-school-UP-2026-04-09T085105.923-1775704873131_v-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/sanskrit-school-UP-2026-04-09T085105.923-1775704873131_v-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/sanskrit-school-UP-2026-04-09T085105.923-1775704873131_v-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/sanskrit-school-UP-2026-04-09T085105.923-1775704873131_v.webp 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) परीक्षा-2023 में चयनित अभ्यर्थियों के लिए अभिलेख सत्यापन की तिथि घोषित कर दी है। आयोग के अनुसार, सभी चयनित उम्मीदवारों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 15 अप्रैल को कराया जाएगा। प्रयागराज मुख्यालय में होगा अभिलेख सत्यापनआयोग की ओर से जारी सूचना के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/sanskrit-school-UP-2026-04-09T085105.923-1775704873131_v-300x169.webp" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/sanskrit-school-UP-2026-04-09T085105.923-1775704873131_v-300x169.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/sanskrit-school-UP-2026-04-09T085105.923-1775704873131_v-390x220.webp 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/04/sanskrit-school-UP-2026-04-09T085105.923-1775704873131_v.webp 640w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p>प्रयागराज में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने समीक्षा अधिकारी और सहायक समीक्षा अधिकारी (आरओ/एआरओ) परीक्षा-2023 में चयनित अभ्यर्थियों के लिए अभिलेख सत्यापन की तिथि घोषित कर दी है। आयोग के अनुसार, सभी चयनित उम्मीदवारों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 15 अप्रैल को कराया जाएगा।</p>



<p><strong>प्रयागराज मुख्यालय में होगा अभिलेख सत्यापन</strong><br>आयोग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक, अभिलेख सत्यापन प्रयागराज स्थित मुख्यालय के संस्कृत भवन में आयोजित किया जाएगा। अभ्यर्थियों को निर्धारित तिथि और समय पर उपस्थित होना अनिवार्य होगा। बता दें कि आरओ/एआरओ परीक्षा-2023 का परिणाम 5 अप्रैल को घोषित किया गया था, जिसमें कुल 419 पदों पर चयन किया गया है।</p>



<p><strong>पद और क्रमांक के अनुसार तय किया गया समय</strong><br>उप सचिव वीरेंद्र मणि त्रिपाठी के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों को उनके पद और चयन क्रमांक के आधार पर अलग-अलग समय पर बुलाया गया है। इससे सत्यापन प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकेगा।</p>



<p><strong>सुबह और दोपहर दो शिफ्ट में बुलाए गए अभ्यर्थी</strong><br>समीक्षा अधिकारी, उत्तर प्रदेश सचिवालय पद के लिए सबसे अधिक 210 अभ्यर्थियों को सुबह 9:30 बजे से बुलाया गया है। वहीं, इसी पद के अन्य 112 अभ्यर्थियों को दोपहर 1:30 बजे से उपस्थित होना होगा।<br>इसके अलावा सहायक समीक्षा अधिकारी, सचिवालय के चयन क्रमांक 1 से 40 तक के अभ्यर्थियों को भी दोपहर 1:30 बजे बुलाया गया है। अन्य विभागों जैसे राजस्व परिषद, लोक सेवा आयोग और लेखा शाखा के पदों के लिए भी अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है।</p>



<p><strong>ऑनलाइन डाउनलोड करें आवेदन पत्र</strong><br>अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने ओटीआर नंबर और पासवर्ड की मदद से लॉगिन कर अभिलेख सत्यापन हेतु पूर्ण आवेदन पत्र डाउनलोड कर उसका प्रिंट लेना होगा।</p>



<p><strong>इन दस्तावेजों को साथ लाना अनिवार्य</strong><br>डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के दौरान अभ्यर्थियों को दो सेट स्वप्रमाणित शैक्षिक प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, आरक्षण से जुड़े दस्तावेज, दो राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित फोटो और तीन स्वप्रमाणित पासपोर्ट साइज फोटो साथ लाना अनिवार्य किया गया है।</p>



<p></p>
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