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		<title>जानिए फ्लू और स्वाइन फ्लू को : डॉ.सूर्यकान्त</title>
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		<dc:creator><![CDATA[DN VERMA]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:33:12 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-1024x576.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-1536x864.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue.jpg 1600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />लखनऊ : बदलते मौसम के साथ सामान्य सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, फ्लू और स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहें हैं। ऐसे में लोगों के लिए इन बीमारियों के लक्षणों और इनके बीच अंतर को समझना बेहद जरूरी है। सामान्य सर्दी-जुकाम प्रायः हल्का होता है, जबकि फ्लू अचानक तेज लक्षणों के साथ शुरू हो सकता है और &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-1024x576.jpg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-1536x864.jpg 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/swin-flue.jpg 1600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>लखनऊ :</strong> बदलते मौसम के साथ सामान्य सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, फ्लू और स्वाइन फ्लू के मामले बढ़ रहें हैं। ऐसे में लोगों के लिए इन बीमारियों के लक्षणों और इनके बीच अंतर को समझना बेहद जरूरी है। सामान्य सर्दी-जुकाम प्रायः हल्का होता है, जबकि फ्लू अचानक तेज लक्षणों के साथ शुरू हो सकता है और कुछ मरीजों में गंभीर रूप भी ले सकता है। स्वाइन फ्लू भी इन्फ्लुएंजा वायरस से होने वाला श्वसन संक्रमण है। समय पर पहचान, उचित चिकित्सकीय सलाह, पर्याप्त आराम और आवश्यकतानुसार उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचाव किया जा सकता है।</p>



<p>यह जानकारी डॉ. सूर्यकान्त, विभागाध्यक्ष, रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग, किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय, लखनऊ ने दी। उन्होंने बताया कि आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाने वाला एच1एन1 इन्फ्लुएंजा-ए वायरस से होने वाला संक्रमण है। वर्ष 2009 में एच1एन1 वायरस के कारण विश्व स्तर पर बड़ी महामारी सामने आई थी। इसके बाद एच1एन1 मौसमी इन्फ्लुएंजा वायरस के रूप में भी प्रसारित होता रहा है। फ्लू के वायरस में समय-समय पर आनुवंशिक परिवर्तन होते रहते हैं, जिसके कारण संक्रमण और बीमारी की गंभीरता पर प्रभाव पड़ सकता है।</p>



<p><strong>सर्दी-जुकाम, फ्लू और स्वाइन फ्लू में अंतर</strong><br>डॉ. सूर्यकान्त ने बताया कि साधारण सर्दी-जुकाम में बुखार सामान्यतः नहीं होता या हल्का रहता है। सिरदर्द भी हल्का हो सकता है और शरीर में दर्द बहुत कम या कभी-कभार ही होता है। कमजोरी सामान्यतः हल्की रहती है। गले में खराश या गला खराब होना सामान्य लक्षण है, जबकि छाती में तकलीफ प्रायः हल्की होती है। अधिकांश मामलों में इसके लक्षण धीरे-धीरे शुरू होते हैं और बीमारी अपेक्षाकृत हल्की रहती है</p>



<p>मौसमी फ्लू (इन्फ्लुएंजा) में बुखार सामान्य सर्दी-जुकाम की तुलना में अधिक तेज हो सकता है। सिरदर्द काफी अधिक, शरीर में दर्द अक्सर और कई बार तेज होता है। मरीज को उल्लेखनीय कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है, जो बीमारी ठीक होने के बाद भी कुछ समय तक बनी रह सकती है। गले में खराश कभी-कभी होती है, जबकि खांसी और छाती में तकलीफ फ्लू में सामान्य रूप से देखी जा सकती है। फ्लू अक्सर अचानक शुरू होता है और इसके लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम की अपेक्षा अधिक तीव्र होते हैं।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large is-resized"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dr-surykanat-1.jpeg"><img decoding="async" width="1001" height="1024" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dr-surykanat-1-1001x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-903332" style="aspect-ratio:0.9775434130375489;width:505px;height:auto" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dr-surykanat-1-1001x1024.jpeg 1001w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dr-surykanat-1-293x300.jpeg 293w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dr-surykanat-1-768x786.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dr-surykanat-1.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 1001px) 100vw, 1001px" /></a></figure>
</div>


<p>स्वाइन फ्लू (एच1एन1) मौसमी फ्लू यानी इन्फ्लुएंजा-ए संक्रमण का ही एक प्रकार है। इसके लक्षण सामान्य मौसमी फ्लू जैसे ही हो सकते हैं, जिनमें तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द, खांसी, गले में खराश, अत्यधिक कमजोरी और थकान प्रमुख हैं। कुछ मरीजों में लक्षण अधिक गंभीर हो सकते हैं और सांस लेने में परेशानी, निमोनिया तथा अन्य जटिलताओं का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए स्वाइन फ्लू को लेकर विशेष रूप से उच्च जोखिम वाले मरीजों में समय पर चिकित्सकीय सलाह और उचित उपचार आवश्यक है। हालांकि, केवल लक्षणों की तीव्रता के आधार पर स्वाइन फ्लू और अन्य मौसमी फ्लू में निश्चित अंतर करना संभव नहीं होता; आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय जांच से इसकी पुष्टि की जाती है।</p>



<p><strong>कौन लोग अधिक जोखिम में हैं?</strong><br>छोटे बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं, अस्थमा एवं सीओपीडी के मरीज, डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति, हृदय, फेफड़े या अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोग तथा कमजोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्ति फ्लू की गंभीर बीमारी के अधिक जोखिम में हो सकते हैं। ऐसे लोगों में फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।</p>



<p><strong>फ्लू कैसे फैलता है?</strong><br>फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने अथवा बात करने के दौरान निकलने वाली श्वसन बूंदों से फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के निकट संपर्क में रहने तथा संक्रमित हाथों से आंख, नाक या मुंह को छूने से भी संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसलिए हाथों की स्वच्छता और खांसते-छींकते समय सावधानी बेहद जरूरी है।</p>


<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.59.13-PM.jpeg"><img decoding="async" width="766" height="1024" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.59.13-PM-766x1024.jpeg" alt="" class="wp-image-903334" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.59.13-PM-766x1024.jpeg 766w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.59.13-PM-224x300.jpeg 224w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.59.13-PM-768x1027.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.59.13-PM.jpeg 1057w" sizes="(max-width: 766px) 100vw, 766px" /></a></figure>
</div>


<p><strong>क्या करें</strong><br>• खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को रूमाल या टिश्यू से ढकें।<br>• नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोएं।<br>• बीमारी की स्थिति में घर पर आराम करें और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लें।<br>• जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से संपर्क करें।<br>• फ्लू के लक्षण होने पर दूसरों से उचित दूरी बनाए रखें, ताकि संक्रमण फैलने का खतरा कम हो।<br>• इस्तेमाल किए गए टिश्यू को तुरंत ढक्कन वाले कूड़ेदान में डालें और उसके बाद हाथ धोएं।<br>• घर, कार्यालय एवं अन्य स्थानों पर हवादार वातावरण बनाए रखें।<br>• चिकित्सकीय सलाह के अनुसार मौसमी इन्फ्लुएंजा का टीकाकरण कराया जा सकता है।</p>



<p><strong>क्या न करें</strong><br>• फ्लू के लक्षणों को सामान्य सर्दी-जुकाम समझकर नजरअंदाज न करें।<br>• बिना हाथ धोए आंख, नाक और मुंह को न छुएं।<br>• बीमारी के दौरान दूसरों के बहुत करीब न जाएं।<br>• डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें।<br>• बीमारी के दौरान स्कूल, कार्यालय या भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।<br>• अपनी दवाएं दूसरे व्यक्ति को न दें और न ही किसी दूसरे की दवा स्वयं लें।<br>• फ्लू के लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें।<br>• संक्रमित व्यक्ति के साथ अनावश्यक निकट संपर्क से बचें।<br>• फ्लू के लक्षण गंभीर होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें।</p>



<p><strong>टीकाकरण से बचाव</strong><br>मौसमी इन्फ्लुएंजा वैक्सीन फ्लू से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है। विशेष रूप से गंभीर बीमारी के उच्च जोखिम वाले लोगों को अपने चिकित्सक से परामर्श लेकर टीकाकरण के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। वैक्सीन फ्लू के सभी संक्रमणों को पूरी तरह रोकने की गारंटी नहीं देती, लेकिन गंभीर बीमारी और जटिलताओं के जोखिम को कम करने में मदद कर सकती है।</p>



<p>ज्ञात रहे कि डॉ. सूर्यकान्त ने वर्ष 2009 में स्वाइन फ्लू के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हिंदी में ‘जानिए स्वाइन फ्लू को’ पुस्तक का लेखन किया था। इस पुस्तक का द्वितीय संस्करण वर्ष 2010 में प्रकाशित हुआ। पुस्तक में स्वाइन फ्लू के कारण, लक्षण, संक्रमण के प्रसार, जोखिम समूह, संभावित जटिलताओं, उपचार एवं बचाव के उपायों सहित रोग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी को सरल एवं विस्तार में दी गयी है।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>बदलते कार्य परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार करने को किया प्रेरित</title>
		<link>https://dastaktimes.org/inspired-to-prepare-oneself-for-the-changing-work-environment/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[DN VERMA]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 14:23:45 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="135" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM-300x135.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM-300x135.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM-1024x460.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM-768x345.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />RSMT में नवप्रवेशी एमबीए एवं एमसीए छात्रों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन वाराणसी : राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (आरएसएमटी) में नवप्रवेशी एमबीए एवं एमसीए छात्रों के लिए आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन समारोह उत्साह पूर्वक संपन्न हुआ। अतिथियों का स्वागत निदेशक प्रभारी प्रो.अमन गुप्ता ने किया। समारोह में विशिष्ठ अतिथि गौरव रापेल, मानव &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="135" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM-300x135.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM-300x135.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM-1024x460.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM-768x345.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.34-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>RSMT में नवप्रवेशी एमबीए एवं एमसीए छात्रों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन</strong></p>



<p><strong>वाराणसी :</strong> राजर्षि स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी (आरएसएमटी) में नवप्रवेशी एमबीए एवं एमसीए छात्रों के लिए आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रम का समापन समारोह उत्साह पूर्वक संपन्न हुआ। अतिथियों का स्वागत निदेशक प्रभारी प्रो.अमन गुप्ता ने किया। समारोह में विशिष्ठ अतिथि गौरव रापेल, मानव संसाधन प्रमुख, खुदरा बैंकिंग, उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए बैंकिंग एवं व्यावसायिक क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों, आवश्यक कौशल तथा उद्योग की अपेक्षाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, व्यावसायिक दक्षताओं को विकसित करने तथा बदलते कार्य परिवेश के अनुरूप स्वयं को तैयार करने के लिए प्रेरित किया।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.32-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="542" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.32-PM-1024x542.jpeg" alt="" class="wp-image-903320" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.32-PM-1024x542.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.32-PM-300x159.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.32-PM-768x406.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.07.32-PM.jpeg 1085w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p>इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो. के.एस. जायसवाल, वाणिज्य एवं प्रबंधन अध्ययन विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं व्यावसायिक विकास के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर प्रयास करने तथा ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने का संदेश दिया। इस अवसर पर पूर्व छात्र श्री अंकित सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक, ताज होटल, गोवा ने भी अपने विचार साझा किए। सत्र का संयोजन डॉ. गरिमा आनंद ने किया।</p>



<p>समापन समारोह के अवसर पर पौधरोपण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। पौधरोपण कार्यक्रम का संयोजन सुजीत सिंह एवं अनुराग सिंह ने किया। कार्यक्रम के दौरान आयोजित विभिन्न सत्रों एवं गतिविधियों की कार्यक्रम प्रतिवेदन के माध्यम से जानकारी डॉ. विनिता कालरा ने प्रस्तुत की। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. संजय कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया।</p>
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			</item>
		<item>
		<title>राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर संकट, इंदौर स्टेडियम की अनुमति को लेकर कांग्रेस-नगर निगम आमने-सामने</title>
		<link>https://dastaktimes.org/crisis-on-rahul-gandhis-chhatra-ki-goonj-program-congress-municipal-corporation-face-to-face-regarding-permission-for-indore-stadium/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:56:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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		<category><![CDATA[राहुल गांधी]]></category>
		<category><![CDATA[शिक्षा व्यवस्था]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="229" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/rahul-gandhi-8-300x229-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />इंदौर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 12 सितंबर को इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम फिलहाल अनुमति के पेंच में फंसता नजर आ रहा है। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और नगर निगम के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। इस बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="229" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/rahul-gandhi-8-300x229-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p><strong>इंदौर:</strong> कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 12 सितंबर को इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम फिलहाल अनुमति के पेंच में फंसता नजर आ रहा है। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और नगर निगम के बीच विवाद की स्थिति बन गई है।</p>



<p>इस बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।</p>



<p><strong>पटवारी ने कार्यक्रम को बताया जनसंवाद</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी का प्रस्तावित कार्यक्रम कोई सामान्य राजनीतिक आयोजन नहीं है। उनके मुताबिक यह देश के भविष्य, युवाओं के सपनों, शिक्षा के अधिकार और शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित जनसंवाद है।</p>



<p>कांग्रेस की ओर से स्टेडियम उपलब्ध कराने की मांग ऐसे समय की गई है, जब 12 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में अब सबकी नजर प्रशासन और नगर निगम के अगले कदम पर है।</p>



<p><strong>राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर बढ़ी हलचल</strong></p>



<p>‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने रखने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम का केंद्र शिक्षा और युवाओं से जुड़े विषय होंगे। वहीं, स्टेडियम की अनुमति को लेकर बने गतिरोध ने कार्यक्रम की तैयारियों के बीच सस्पेंस बढ़ा दिया है।</p>



<p></p>
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		<title>MP सरकार को बड़ा झटका, दिल्ली HC ने वकील को 78.65 लाख रुपये देने का दिया आदेश; 9% ब्याज भी चुकाना होगा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:49:36 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="187" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000-300x187.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000-300x187.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000-768x478.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: दिल्ली हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी को 78 लाख 65 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह रकम सुप्रीम कोर्ट में एक मामले में उनकी ओर से की गई पैरवी के बदले देय फीस के तौर पर चुकानी होगी। इसके अलावा इस राशि &#8230;]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली:</strong> दिल्ली हाई कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप जॉर्ज चौधरी को 78 लाख 65 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है। यह रकम सुप्रीम कोर्ट में एक मामले में उनकी ओर से की गई पैरवी के बदले देय फीस के तौर पर चुकानी होगी। इसके अलावा इस राशि पर 9 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज भी देना होगा। अदालत ने राज्य सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि वरिष्ठ अधिवक्ता मामले में केवल दो बार पेश हुए थे।</p>



<p><strong>अदालत ने पेशी के रिकॉर्ड को माना निर्णायक</strong><br>जस्टिस सचिन दत्ता की पीठ ने इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाम मनोहरलाल व अन्य मामले में वर्ष 2020 में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ की ओर से दिए गए आदेश का हवाला दिया। पीठ ने मामले की कार्यवाही में दर्ज वरिष्ठ अधिवक्ता की पेशी का रिकॉर्ड देखा।<br>अदालत ने कहा कि कार्यवाही के रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि अनूप जॉर्ज चौधरी मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश हुए थे। ऐसे में उनकी पेशी को लेकर कोई संदेह नहीं रह जाता। पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायिक कार्यवाही में दर्ज पेशी के रिकॉर्ड के महत्व को कम करके नहीं आंका जा सकता।</p>



<p><strong>सुप्रीम कोर्ट में पेशी के लिए नियम क्या कहते हैं</strong><br>दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में किसी वरिष्ठ अधिवक्ता की पेशी दर्ज होना कोई अनौपचारिक प्रक्रिया नहीं है। सुप्रीम कोर्ट नियम, 2013 के आदेश IV नियम 1(बी) के अनुसार किसी पक्ष के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के अलावा कोई अन्य अधिवक्ता अदालत के समक्ष पेश नहीं हो सकता, बहस नहीं कर सकता या अदालत को संबोधित नहीं कर सकता, जब तक एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड की ओर से उसे निर्देश न दिया गया हो या अदालत ने इसकी अनुमति न दी हो।</p>



<p><strong>वरिष्ठ अधिवक्ता अपनी मर्जी से नहीं कर सकता पेशी</strong><br>पीठ ने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता किसी पक्षकार पर अपनी पेशी नहीं थोप सकता। सुप्रीम कोर्ट में उसकी पेशी संबंधित पक्ष के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के माध्यम से और उनके निर्देश पर ही दर्ज की जा सकती है।<br>अदालत ने पाया कि अनूप जॉर्ज चौधरी की पेशी राज्य के स्थायी वकील और राज्य के एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड के साथ कुल 14 तारीखों पर दर्ज हुई थी। इस आधार पर पीठ ने माना कि इन सभी तारीखों पर उनकी पेशी राज्य के अधिकृत प्रतिनिधियों के माध्यम से कराई गई थी।</p>



<p><strong>राज्य सरकार की दो पेशियों वाली दलील नहीं चली</strong><br>मध्य प्रदेश सरकार ने दावा किया था कि वरिष्ठ अधिवक्ता वास्तव में केवल दो बार पेश हुए थे। हालांकि, अदालत ने उपलब्ध न्यायिक रिकॉर्ड के आधार पर इस दलील को स्वीकार नहीं किया। पीठ के आदेश के बाद राज्य सरकार को वरिष्ठ अधिवक्ता को 78 लाख 65 हजार रुपये की फीस और उस पर 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान करना होगा।<br></p>
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		<title>CGPSC Scam: छत्तीसगढ़ में ED की बड़ी कार्रवाई, पूर्व CM भूपेश बघेल के PA के घर समेत 7 ठिकानों पर छापेमारी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/cgpsc-scam-big-action-of-ed-in-chhattisgarh-raids-on-7-places-including-the-house-of-former-cm-bhupesh-baghels-father/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:46:58 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="181" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000-300x181.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000-300x181.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000-768x464.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000-780x470.jpg 780w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा में कथित घोटाले और पेपर लीक मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को राज्यभर में एक साथ सात ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की कार्रवाई में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निजी सहायक केके चंद्राकर का घर भी शामिल है। यह जांच वर्ष &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="181" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000-300x181.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000-300x181.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000-768x464.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000-780x470.jpg 780w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/00000000000000000000000.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>रायपुर:</strong> छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षा में कथित घोटाले और पेपर लीक मामले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय ने बुधवार को राज्यभर में एक साथ सात ठिकानों पर छापेमारी की। ईडी की कार्रवाई में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निजी सहायक केके चंद्राकर का घर भी शामिल है। यह जांच वर्ष 2020 और 2021 में आयोजित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी के आरोपों से जुड़ी है।</p>



<p>अधिकारियों के मुताबिक, ईडी के रायपुर क्षेत्रीय कार्यालय को कुछ संदिग्धों के ठिकानों से संबंधित जानकारी मिली थी। इसी आधार पर बुधवार सुबह कई स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस की भी मदद ली जा रही है।</p>



<p><strong>तमन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी के बाद बड़ी कार्रवाई</strong></p>



<p>ईडी की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष तमन सिंह सोनवानी की गिरफ्तारी के करीब एक महीने बाद हुई है। ईडी ने 25 जुलाई को कथित परीक्षा पेपर लीक से जुड़े धनशोधन मामले में सोनवानी को गिरफ्तार किया था।</p>



<p>ईडी अधिकारियों ने उनकी गिरफ्तारी के समय आरोप लगाया था कि पूछताछ के दौरान तमन सिंह सोनवानी कई सवालों के जवाब देने में टालमटोल कर रहे थे। इससे पहले केंद्रीय जांच ब्यूरो भी इस मामले में सोनवानी को गिरफ्तार कर चुकी है।</p>



<p><strong>2024 में सीबीआई ने दर्ज की थी एफआईआर</strong></p>



<p>ईडी की धनशोधन जांच का आधार सीबीआई की ओर से वर्ष 2024 में दर्ज की गई एफआईआर है। सीबीआई की कार्रवाई छत्तीसगढ़ पुलिस की उस शिकायत के बाद शुरू हुई थी, जो नवंबर 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन के दौरान दर्ज की गई थी।</p>



<p>सीबीआई ने मामले की जांच के दौरान वर्ष 2024 में तमन सिंह सोनवानी को भी गिरफ्तार किया था। अब इसी मामले से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों को लेकर ईडी की जांच आगे बढ़ रही है।</p>



<p><strong>सोनवानी पर रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने का आरोप</strong></p>



<p>ईडी का आरोप है कि तमन सिंह सोनवानी ने कथित तौर पर गैरकानूनी लाभ के बदले परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कराने और चयन प्रक्रिया में हेरफेर करने में मदद की। एजेंसी के मुताबिक, इससे उनके रिश्तेदारों और कथित तौर पर रिश्वत देने वाले उम्मीदवारों को फायदा पहुंचा।</p>



<p>जांच एजेंसी का दावा है कि वर्ष 2021 में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की भर्ती के नियमों में बदलाव किया गया था। इसमें परिवार के सदस्यों की परिभाषा से ‘भतीजे’ शब्द हटा दिया गया। ईडी का आरोप है कि इस बदलाव का उद्देश्य सोनवानी के रिश्तेदारों के सरकारी पदों पर चयन का रास्ता आसान करना था।</p>



<p><strong>सीएसआर के नाम पर कथित रिश्वत का आरोप</strong></p>



<p>ईडी ने रिश्वत की रकम के लेन-देन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। एजेंसी के अनुसार, कथित रिश्वत का एक हिस्सा नकद लिया गया, जबकि बाकी रकम एक परिवार के नियंत्रण वाली समिति के माध्यम से एक कॉलेज को कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व के तहत दान के रूप में दी गई। ईडी का आरोप है कि जिस कॉलेज के नाम पर यह रकम ली गई, उसका वास्तव में अस्तित्व ही नहीं था।</p>



<p>जांच एजेंसी के दावे के मुताबिक, एक निजी कंपनी ने उप जिलाधिकारी के पद पर दो उम्मीदवारों के चयन को कथित तौर पर प्रभावित करने के बदले इस माध्यम से करीब 45 लाख रुपये का लेन-देन किया। फिलहाल ईडी की सात ठिकानों पर छापेमारी के दौरान दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की जांच की जा रही है।</p>



<p></p>
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		<item>
		<title>भागलपुर में गंगा का रौद्र रूप, मंदिर के बाद पुराने रेलवे बांध पर खतरा; DM-SP ने संभाला मोर्चा</title>
		<link>https://dastaktimes.org/after-the-fierce-form-of-ganga-in-bhagalpur-temple-dm-sp-takes-charge-of-the-threat-to-the-old-railway-dam/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:45:21 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/ganga-rvier-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/ganga-rvier-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/ganga-rvier-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/ganga-rvier.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>भागलपुर/नवगछिया:</strong> बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी का कटाव लगातार गंभीर होता जा रहा है। नवगछिया के खरीक प्रखंड में राघोपुर-नरकटिया तटबंध को बचाने के लिए चल रहे बाढ़ बचाव अभियान के बीच नदी की कटाव की रफ्तार और तेज हो गई है। नरकटिया बांध का एन नोज पूरी तरह गंगा में समा चुका है। वहीं, शंकरपुर में पुरानी रेलवे लाइन के पास करीब 30 साल पुराना दुर्गा मंदिर भी गंगा की तेज धारा में विलीन हो गया।</p>



<p>मंदिर के गंगा में समाने के बाद अब <strong>पुरानी रेलवे लाइन वाले बांध पर भी खतरा मंडरा रहा है</strong>। हालात की गंभीरता को देखते हुए भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा मौके पर कैंप कर रहे हैं। प्रशासन की टीमें संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।</p>



<p><strong>कटाव रोकने की कोशिशों के बीच बढ़ा गंगा का दबाव</strong></p>



<p>गंगा के कटाव से तटबंध को सुरक्षित रखने के लिए पिछले कई दिनों से बाढ़ बचाव का काम तेज किया गया था। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें संवेदनशील हिस्सों में कटाव रोकने के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं।</p>



<p>हालांकि, बचाव कार्य के बीच गंगा की धारा का दबाव लगातार बढ़ता गया। तेज कटाव की चपेट में शंकरपुर का करीब तीन दशक पुराना दुर्गा मंदिर आ गया और देखते ही देखते वह गंगा में समा गया।</p>



<p>मंदिर के बाद अब आसपास के इलाकों और पुराने रेलवे लाइन वाले बांध की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।</p>



<p><strong>DM और SP मौके पर, संवेदनशील इलाकों को कराया जा रहा खाली</strong></p>



<p>स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और एसपी वैभव शर्मा लगातार मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन की टीमें तटबंध और उसके आसपास के संवेदनशील हिस्सों की स्थिति पर नजर रख रही हैं।</p>



<p>खतरे की आशंका वाले स्थानों को खाली कराया जा रहा है। लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है। वहीं, तटबंध को बचाने के लिए बाढ़ बचाव का काम तेज गति से जारी है।</p>



<p><strong>गंगा की धारा को पुराने रास्ते की ओर मोड़ने की योजना</strong></p>



<p>जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने बताया कि गंगा के पुराने बहाव क्षेत्र को लेकर एक योजना पर काम किया जाएगा। इसके तहत पुराने बहाव वाले रास्ते में ड्रेजिंग कराने की तैयारी है, ताकि संभव होने पर गंगा की धारा को उसके पुराने मार्ग की ओर मोड़ा जा सके।</p>



<p>प्रशासन का मानना है कि इससे मौजूदा तटबंध पर नदी के दबाव को कम करने में मदद मिल सकती है। गंगा में लंबे समय से जमा गाद को हटाने के संबंध में सरकार के स्तर पर भी निर्णय लिया जाना है।</p>



<p><strong>पुराने रेलवे लाइन बांध की सुरक्षा बनी बड़ी चुनौती</strong></p>



<p>गंगा के कटाव की मौजूदा रफ्तार को देखते हुए शंकरपुर के पुराने रेलवे लाइन वाले बांध की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। यदि नदी का कटाव इसी गति से जारी रहा तो बांध के इस हिस्से को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।</p>



<p>प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं। संवेदनशील स्थानों पर बचाव कार्य जारी है और नदी के बढ़ते दबाव को देखते हुए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।</p>



<p>स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में गंगा का कटाव पहले भी परेशानी का कारण रहा है, लेकिन इस बार नदी के कटाव की रफ्तार काफी तेज है। करीब 30 साल पुराने दुर्गा मंदिर के गंगा में समाने के बाद इलाके में लोगों की चिंता और बढ़ गई है।</p>



<p></p>
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		<title>मसूरी गोलीकांड के अमर शहीदों को खजान दास ने दी श्रद्धांजलि, बोले- शहीदों के सपनों का उत्तराखंड बनाना संकल्प</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:41:34 +0000</pubDate>
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		<category><![CDATA[मसूरी शहीद स्थल]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM-300x200.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM-300x200.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM-1024x683.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM-768x512.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />देहरादून: देहरादून स्थित शहीद स्थल पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने मसूरी गोलीकांड के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि सभी को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं और उनके सपनों के अनुरूप एकजुट होकर राज्य को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM-300x200.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM-300x200.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM-1024x683.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM-768x512.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.58-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>देहरादून:</strong> देहरादून स्थित शहीद स्थल पर कैबिनेट मंत्री खजान दास ने मसूरी गोलीकांड के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राज्य निर्माण के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीदों को नमन करते हुए कहा कि सभी को उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं और उनके सपनों के अनुरूप एकजुट होकर राज्य को सशक्त और समृद्ध बनाने का संकल्प लेना चाहिए।</p>



<p><strong>2 सितंबर 1994 को हुआ था मसूरी गोलीकांड</strong></p>



<p>खजान दास ने कहा कि 2 सितंबर का दिन सभी के लिए बेहद भावुक और गौरवशाली है। इसी दिन 1994 में खटीमा गोलीकांड के विरोध में मसूरी में राज्य आंदोलनकारी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान निहत्थे मातृशक्ति और आंदोलनकारियों पर तत्कालीन समाजवादी सरकार के इशारे पर पुलिस ने गोलियां चलाईं। इस गोलीकांड में श्रीमती बेलमती चौहान, श्रीमती हंसा धनाई, बलबीर सिंह नेगी, धनपत सिंह, मदन मोहन ममगाईं और राय सिंह बंगारी शहीद हो गए थे।</p>



<p><strong>आंदोलनकारियों को बचाने में पुलिस उपाधीक्षक भी हुए शहीद</strong></p>



<p>मंत्री ने कहा कि आंदोलनकारियों को बचाने के प्रयास में पुलिस उपाधीक्षक उमाकांत त्रिपाठी भी शहीद हो गए थे। उन्होंने कहा कि शहीदों की स्मृति में श्रद्धांजलि देना केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि आज जिस स्वतंत्र उत्तराखंड राज्य में हम सांस ले रहे हैं, वह राज्य आंदोलनकारियों के बलिदान का परिणाम है। राज्य की बुनियाद शहीदों के खून से सींची गई है।</p>



<p><strong>शहीदों का बलिदान देता है एकजुट रहने की सीख</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.59-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.59-PM-1024x683.jpeg" alt="" class="wp-image-903299" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.59-PM-1024x683.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.59-PM-300x200.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.59-PM-768x512.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-4.54.59-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p>खजान दास ने कहा कि इन वीर शहीदों का बलिदान हमें एकजुट रहने और राज्य के विकास के लिए लगातार काम करने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति, जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहना ही शहीदों के प्रति सच्ची पुष्पांजलि और श्रद्धांजलि होगी।</p>



<p><strong>पूर्व विधायक रणजीत सिंह वर्मा को भी किया याद</strong></p>



<p>इस दौरान कैबिनेट मंत्री खजान दास ने उत्तराखंड राज्य निर्माण में अहम भूमिका निभाने वाले राज्य आंदोलनकारी एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय रणजीत सिंह वर्मा को भी याद किया और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।</p>



<p><strong>कई गणमान्य लोग रहे मौजूद</strong></p>



<p>कार्यक्रम में अनेक राज्य आंदोलनकारियों के साथ जीएमवीएन के निदेशक विशाल गुप्ता, पार्षद रोहन चंदेल, मंडल महामंत्री राहुल पंवार, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल शर्मा, सोनी रावत, सुखबीर सिंह, अशोक राठौर, सत्यम शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>26 मदरसों को CM धामी ने दिए मान्यता प्रमाण-पत्र, बोले- आधुनिक शिक्षा और AI से ही बनेगा बच्चों का भविष्य</title>
		<link>https://dastaktimes.org/cm-dhami-gave-recognition-certificates-to-26-madrasas-said-that-the-future-of-children-will-be-shaped-only-by-modern-education-and-ai/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:39:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[26 मदरसों को मान्यता]]></category>
		<category><![CDATA[Dehradun News]]></category>
		<category><![CDATA[Dhami Madrasa News]]></category>
		<category><![CDATA[Madrasa Recognition]]></category>
		<category><![CDATA[Minority Education Authority]]></category>
		<category><![CDATA[Pushkar Singh Dhami]]></category>
		<category><![CDATA[Uttarakhand Madrasa Recognition]]></category>
		<category><![CDATA[uttarakhand news]]></category>
		<category><![CDATA[अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[उत्तराखंड मदरसा मान्यता]]></category>
		<category><![CDATA[देहरादून न्यूज]]></category>
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		<category><![CDATA[पुष्कर सिंह धामी]]></category>
		<category><![CDATA[मदरसा मान्यता प्रमाण पत्र]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="188" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-300x188.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-300x188.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-1024x643.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-768x482.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईआरडीटी सभागार, देहरादून में आयोजित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मान्यता प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों (मदरसों) को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम की थीम “नई पहचान, नया सम्मान। आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य” रही। आधुनिक शिक्षा को लेकर सीएम धामी का संदेश मुख्यमंत्री ने कहा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="188" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-300x188.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-300x188.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-1024x643.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-768x482.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>देहरादून:</strong> मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईआरडीटी सभागार, देहरादून में आयोजित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मान्यता प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों (मदरसों) को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम की थीम “नई पहचान, नया सम्मान। आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य” रही।</p>



<p><strong>आधुनिक शिक्षा को लेकर सीएम धामी का संदेश</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से 26 शिक्षण संस्थानों को मान्यता दिया जाना इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण और सकारात्मक शुरुआत है। राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने मान्यता प्राप्त करने वाले सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में काम करना समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी है।</p>



<p><strong>परंपराओं के साथ विज्ञान और तकनीक अपनाने पर जोर</strong></p>



<p>सीएम धामी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन का मूल उद्देश्य सभी बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि परंपराओं का अपना महत्व है, लेकिन मौजूदा दौर ज्ञान-विज्ञान, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। दुनिया तेजी से बदल रही है, ऐसे में बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे बदलती दुनिया की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर सकें।</p>



<p><strong>किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और रोजगारपरक शिक्षा जरूरी</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए, जिससे उनका व्यक्तित्व विकसित हो और उनकी प्रतिभा सामने आए। शिक्षा के माध्यम से कोई बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, लेखक या वैज्ञानिक बन सकता है। कृषि के क्षेत्र में जाने वाले बच्चों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में शोध और नवाचार हो रहा है, इसलिए बच्चों में नई तकनीकों और शोध को समझने, सीखने और व्यवहार में उतारने की क्षमता विकसित करना जरूरी है। केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक, आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा भी जरूरी है।</p>



<p><strong>सरकार का उद्देश्य किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और फैसलों का उद्देश्य किसी व्यक्ति या वर्ग को निशाना बनाना नहीं है। समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे किसी वर्ग को लक्ष्य बनाने के लिए लागू नहीं किया गया है। इसी तरह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण भी किसी वर्ग को निशाना बनाने के लिए नहीं बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना और हर बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर देना है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="716" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM-1024x716.jpeg" alt="" class="wp-image-903293" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM-1024x716.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM-300x210.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM-768x537.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p><strong>अवैध अतिक्रमण पर भी बोले सीएम धामी</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी गरीब व्यक्ति को परेशान करना सरकार का उद्देश्य नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के पास विधिवत खरीदी गई जमीन, वैध दस्तावेज, रजिस्ट्री और स्वीकृत मानचित्र है तो उसे परेशान करने का कोई उद्देश्य नहीं है।</p>



<p><strong>युवाओं और बेटियों को आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर</strong></p>



<p>सीएम धामी ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों को हुनर और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। युवाओं को ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे लोगों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं, जिन्होंने कभी कल्पना नहीं की होगी कि उन्हें इतनी महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी।</p>



<p><strong>समान नागरिक संहिता पर सकारात्मक सोच की अपील</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में भी यूसीसी लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक समाज के कुछ वर्गों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिले और उन्हें अच्छी शिक्षा से वंचित रखा गया। अब इस सोच को बदलने और शिक्षा तथा विकास के माध्यम से समाज को आगे ले जाने की आवश्यकता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-903295" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM-1024x682.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM-300x200.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM-768x512.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p><strong>बिना भेदभाव पात्र लोगों तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव पहुंच रहा है। गरीबों को राशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ देते समय जाति, वर्ग या समुदाय नहीं देखा जाता, बल्कि पात्रता को आधार बनाया जाता है।</p>



<p><strong>नई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहयोग जरूरी</strong></p>



<p>सीएम धामी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में आज एक नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है। इसे मजबूत करने की जिम्मेदारी सरकार और शिक्षण संस्थानों दोनों की है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपसी सहयोग और विश्वास आवश्यक है। सरकार अपनी ओर से सहयोग करेगी और शिक्षण संस्थानों को भी सकारात्मक भूमिका निभाते हुए इस व्यवस्था को मजबूत करना होगा।</p>



<p><strong>कृषि का उदाहरण देकर समझाई आधुनिक तकनीक की जरूरत</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने शिक्षा को बच्चों के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। समय के साथ शिक्षा और काम करने के तरीकों में बदलाव जरूरी है। कृषि का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले खेतों में हल के माध्यम से काम किया जाता था, जबकि आज आधुनिक मशीनों और तकनीकों ने कृषि को काफी आसान और प्रभावी बना दिया है।</p>



<p><strong>नई पीढ़ी की प्रतिभा पहचानने पर जोर</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 14-15 वर्ष की उम्र के बच्चे ऐसी तकनीकी और डिजिटल जानकारी रखते हैं, जिसके बारे में कई बार बड़े लोग भी नहीं जानते। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की क्षमताओं को स्वीकार करते हुए उन्हें सही दिशा और अच्छे संस्कार देने की जरूरत है। प्रत्येक बच्चे में प्रतिभा, योग्यता और क्षमता होती है और समाज तथा शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि इन क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें।</p>



<p><strong>बच्चों की बात सुनना और उनकी भावनाएं समझना जरूरी</strong></p>



<p>सीएम धामी ने बच्चों की बात सुनने और उनकी भावनाओं को समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे अपने हैं और उनके भविष्य को बेहतर बनाना सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों को अच्छे संस्कार देने के साथ उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को विकसित करने के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।</p>



<p><strong>शिक्षा और विकास को प्राथमिकता देने की अपील</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="648" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM-1024x648.jpeg" alt="" class="wp-image-903296" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM-1024x648.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM-300x190.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM-768x486.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को ऐसी सोच से बाहर निकलना होगा जिसमें लोगों से केवल राजनीतिक समर्थन, नारे या किसी विशेष उद्देश्य के लिए इस्तेमाल होने की अपेक्षा की जाती रही हो, जबकि उनकी शिक्षा और भविष्य की चिंता नहीं की जाती थी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस सोच में बदलाव लाया जाए और बच्चों के भविष्य को केंद्र में रखते हुए शिक्षा तथा विकास को प्राथमिकता दी जाए।</p>



<p><strong>शिक्षक और शिक्षण संस्थान भविष्य निर्माण की अहम कड़ी</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को समाज का महत्वपूर्ण वर्ग बताया। उन्होंने कहा कि व्यापार, उद्योग और अन्य व्यवसाय अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में काम करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि शिक्षक और शिक्षण संस्थान बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं। इनके माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को दिशा मिलती है और समाज का भविष्य तैयार होता है।</p>



<p><strong>गांव-गांव और घर-घर पहुंचे आधुनिक शिक्षा का संदेश</strong></p>



<p>सीएम धामी ने मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से अपेक्षा की कि उनके माध्यम से आधुनिक शिक्षा का संदेश गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई पहल का वास्तविक परिणाम आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा, उनकी प्रतिभा और उनके भविष्य में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय धरातल पर वास्तविक परिवर्तन दिखाई देना चाहिए।</p>



<p><strong>अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को नई पहचान की उम्मीद</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज विभिन्न क्षेत्रों में देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। राज्य में किए जा रहे अनेक नवाचार और बनाए जा रहे नियम-कानून अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में शुरू हुई यह पहल भी आगे चलकर देश के लिए एक उदाहरण बने और उत्तराखंड को इस क्षेत्र में नई पहचान दिलाए।</p>



<p><strong>भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने पर जोर</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विशेषता आपसी भाईचारा और मिल-जुलकर रहने की रही है। यहां लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में खड़े होते हैं और सामाजिक सौहार्द की भावना के साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में शुरू हुई पहल केवल भाषणों और बातों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव शिक्षण संस्थानों के कामकाज, बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य में दिखाई देना चाहिए।</p>



<p><strong>26 संस्थानों को मिला मान्यता प्रमाण-पत्र</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून जनपद के छह शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इनमें मदरसा जामिया इस्लामिया, जूनियर हाईस्कूल, डॉटरगंज, विकासनगर; जामिया दारूल उलूम रमजानिया, ढकरानी, विकासनगर; जामिया सबीलुर्रशाद, जूनियर हाईस्कूल, उस्मानपुर, ढ़ाकी, सहसपुर; जामिया सय्यिदा फातिमातुज्जाहरा, जूनियर हाईस्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-सहसपुर (जोल बस्ती); जामिया रहीमिया प्राईमरी स्कूल, जाटोवाला, पोस्ट-सभावाला, विकासनगर तथा मदरसा अरबिया तालीमुल कुरआन, प्राथमिक विद्यालय, लक्खनवाला, विकासनगर शामिल हैं।</p>



<p>हरिद्वार जनपद के 19 संस्थानों को भी मान्यता प्रमाण-पत्र दिए गए। इनमें मदरसा इमामिया, पठानपुरा; मदरसा अरबिया रहमानिया, हाईस्कूल, रुड़की; पैरामाउन्ट कॉन्वेन्ट, हाईस्कूल, सुल्तानपुर, लक्सर; गोल्डन फ्युचर, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम-छापुर शेरपुर, अफगानपुर; मदरसा तमन्ना-ए-तालीम, सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक लक्सर; मदरसा गुलशन-ए-तालीम, ग्राम-नेहन्दपुर सुठारी, पोस्ट-सुल्तानपुर, ब्लॉक लक्सर; मदरसा जन्नतुन निशा, जूनियर हाई स्कूल, नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर, लक्सर; मदरसा नुर साबरी, जूनियर हाईस्कूल, सुल्तानपुर आदमपुर, लक्सर; मदरसा के. जी. एन. पब्लिक स्कूल, ग्राम जसौदरपुर, ब्लॉक बहादराबाद; मदरसा रशीदिया, जूनियर हाई स्कूल, मोहम्मदपुर कुन्हारी, ब्लॉक बहादराबाद; एम. टी. यू. जूनियर हाईस्कूल, नगर पंचायत-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सर; मदरसा बहार-ए-चमन, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-तिलकपुरी भोगपुर, ब्लॉक-लक्सर; एम. आई. टी., जूनियर हाईस्कूल, नगर पंचायत-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सर; मदरसा तालीम-ए-जदीद, जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-जसौदरपुर, पोस्ट-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-बहादराबाद, तहसील एवं जिला हरिद्वार; मॉर्डन आदर्श पब्लिक, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम-सिकरौढ़ा, विकासखण्ड भगवानपुर; मदरसा फैज-ए-हिदायत, ग्राम एवं पोस्ट-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सर; आरजू पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-सलेमपुर महदूद, विकासखण्ड बहादराबाद; ड्रीम पैराडाइज पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-धीरमजरा, डाक-हल्लूमजरा, ब्लॉक एवं तहसील-भगवानपुर तथा राव असगर अली मैमोरियल, पब्लिक जूनियर हाई स्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-खेड़ीशिकोहपुर, भगवानपुर शामिल हैं।</p>



<p>इसी क्रम में ऊधमसिंहनगर जनपद के एम. जी. एन. पब्लिक स्कूल, केलाखेड़ा को नवीन मान्यता प्रदान की गई। इस प्रकार प्रदेश के कुल 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।</p>



<p><strong>समारोह में ये लोग रहे मौजूद</strong></p>



<p>कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री खजान दास, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>



<p></p>
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		<title>दिशा सालियान केस में 6 साल बाद बड़ा मोड़, बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को सौंपी जांच; FIR के आदेश से बढ़ी हलचल</title>
		<link>https://dastaktimes.org/big-twist-in-disha-salian-case-after-6-years-bombay-high-court-handed-over-investigation-to-cbi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:37:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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<p><strong>मुंबई:</strong> दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के करीब छह साल बाद मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार, 2 सितंबर को दिशा सालियान की मौत की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने का आदेश दिया। अदालत ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने और जांच CBI को स्थानांतरित करने का निर्देश दिया है।</p>



<p>दिशा के पिता सतीश सालियान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर बेटी की मौत की स्वतंत्र जांच CBI से कराने और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी। याचिका में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे समेत अन्य लोगों को लेकर भी आरोप लगाए गए थे। हालांकि, अदालत के आदेश का मतलब यह नहीं है कि आदित्य ठाकरे या किसी अन्य व्यक्ति को दोषी मान लिया गया है। जांच में ठोस सबूत सामने आने के बाद ही किसी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकेगी।</p>



<p><strong>CBI को क्या-क्या करना होगा?</strong></p>



<p>सतीश सालियान की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता नीलेश ओझा ने फैसले के बाद बताया कि हाईकोर्ट ने CBI को सतीश सालियान का बयान दर्ज करने और प्राथमिकी दर्ज कर जांच आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ति भी की जाएगी।</p>



<p>अदालत ने मालवणी पुलिस थाने को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड CBI को सौंपने का निर्देश दिया है। अधिवक्ता के मुताबिक, जांच के दौरान जिस व्यक्ति के खिलाफ सबूत मिलेगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, केवल किसी व्यक्ति का नाम सामने आने या आरोप लगाए जाने के आधार पर उसे आरोपी नहीं बनाया जाएगा।</p>



<p>अगर CBI जांच के बाद मामले में नकारात्मक रिपोर्ट दाखिल करती है तो सतीश सालियान को उस रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराने और विरोध याचिका दाखिल करने का अधिकार रहेगा।</p>



<p><strong>छह साल पुराने मामले में क्यों आया नया मोड़?</strong></p>



<p>दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। मुंबई पुलिस ने शुरुआत में मामले को दुर्घटनावश हुई मौत की रिपोर्ट के तौर पर दर्ज किया था। बाद की जांच में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया।</p>



<p>इसके बाद महाराष्ट्र सरकार ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था। पुलिस और विशेष जांच दल की ओर से अदालत में पहले कहा गया था कि जांच में आपराधिक साजिश या किसी तरह की संदिग्ध भूमिका का प्रमाण नहीं मिला। वर्ष 2025 में पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट को यह भी बताया था कि पोस्टमॉर्टम और अन्य जांच में यौन या शारीरिक हमले के संकेत नहीं मिले।</p>



<p>हालांकि, दिशा के पिता सतीश सालियान ने बाद में बेटी की मौत की परिस्थितियों पर गंभीर सवाल उठाते हुए नए सिरे से जांच और प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी बेटी के साथ बलात्कार और हत्या हुई तथा प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए जांच प्रभावित की गई। ये आरोप फिलहाल आरोप मात्र हैं और CBI की जांच के अधीन होंगे।</p>



<p><strong>हाईकोर्ट ने पुलिस जांच की प्रक्रिया पर उठाए थे सवाल</strong></p>



<p>अगस्त में हुई सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुलिस की जांच प्रक्रिया को लेकर कई सवाल उठाए थे। अदालत ने पूछा था कि जब परिवार ने मौत की परिस्थितियों पर संदेह जताया था तो प्राथमिकी दर्ज करने में क्या बाधा थी। अदालत ने यह भी जानना चाहा था कि 14वीं मंजिल से गिरने के मामले में चिकित्सकीय रिपोर्ट और चोटों से जुड़े पहलुओं की पर्याप्त जांच की गई थी या नहीं।</p>



<p>28 अगस्त की सुनवाई में अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 174 के तहत हुई लंबी जांच की कानूनी स्थिति पर भी सवाल उठाए थे। अदालत ने कहा था कि इस तरह की जांच किसी व्यक्ति को आपराधिक मामले में क्लीन चिट देने का विकल्प नहीं हो सकती। मामले को उचित कानूनी प्रक्रिया के तहत अंतिम रूप दिया जाना जरूरी है। इसके बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और अब 2 सितंबर को CBI जांच का आदेश दिया है।</p>



<p><strong>बिना सबूत किसी को आरोपी नहीं माना जाएगा</strong></p>



<p>हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच में ठोस सबूत सामने आने तक किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जाना चाहिए। अदालत के निर्देश के मुताबिक, अगर जांच में गंभीर संज्ञेय अपराध बनता है तो जल्द से जल्द आरोपपत्र दाखिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जानी चाहिए। वहीं, अगर कोई गंभीर अपराध नहीं बनता तो जांच अधिकारी को सक्षम अदालत के समक्ष मामला बंद करने की उचित प्रक्रिया शुरू करनी होगी। अदालत ने दिशा के पिता को CBI की जांच के बाद दाखिल की जाने वाली रिपोर्ट पर विरोध याचिका दायर करने का अधिकार भी दिया है।</p>



<p><strong>वरिष्ठ अधिकारी संभालेंगे CBI की जांच</strong></p>



<p>हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब संबंधित प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और CBI मामले की जांच आगे बढ़ाएगी। अदालत ने विशेष रूप से निर्देश दिया है कि जांच के लिए वरिष्ठ और अनुभवी अधिकारी की नियुक्ति की जाए, ताकि मामले की जांच प्रभावी और निष्पक्ष तरीके से हो सके।</p>



<p>CBI जांच के दौरान उपलब्ध रिकॉर्ड, बयानों, जांच से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की जाएगी। दिशा के पिता के आरोपों और उनकी बेटी की मौत से जुड़ी परिस्थितियों की भी जांच होगी।</p>



<p><strong>दिशा के पिता का बयान भी दर्ज होगा</strong></p>



<p>जांच के दौरान CBI सतीश सालियान का बयान दर्ज करेगी। उनके लगाए गए आरोपों और उन परिस्थितियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली जाएगी, जिनके आधार पर उन्होंने नए सिरे से जांच की मांग की है।</p>



<p>हाईकोर्ट ने पहले ही यह स्पष्ट किया था कि किसी भी मामले में कानूनी रूप से उचित जांच और निर्धारित प्रक्रिया का पालन जरूरी है, ताकि परिवार को न्यायिक रूप से स्वीकार्य तरीके से मामले का अंतिम परिणाम मिल सके।</p>



<p><strong>आदित्य ठाकरे को लेकर भी कोर्ट का रुख स्पष्ट</strong></p>



<p>मामले में शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे का नाम लंबे समय से राजनीतिक और कानूनी बहस के दौरान सामने आता रहा है। हालांकि, CBI जांच का आदेश दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि आदित्य ठाकरे या किसी अन्य व्यक्ति को आरोपी घोषित कर दिया गया है।</p>



<p>जांच एजेंसी उपलब्ध साक्ष्यों, बयानों, रिकॉर्ड और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी। केवल आरोप या राजनीतिक दावों के आधार पर किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं माना जा सकता। ठाकरे की ओर से पहले भी उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को खारिज किया गया है। उनके वकील ने अदालत में याचिका को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए आरोपों का विरोध किया था।</p>



<p><strong>फैसले के बाद भावुक हुए दिशा के पिता</strong></p>



<p>हाईकोर्ट के फैसले के बाद दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान भावुक हो गए। उन्होंने अदालत के आदेश के लिए धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि अब उनकी बेटी की मौत से जुड़े सवालों की निष्पक्ष तरीके से जांच होगी।</p>



<p>दिशा सालियान की मौत के बाद से ही मामले में अलग-अलग दावे और जांच को लेकर सवाल उठते रहे हैं। मुंबई पुलिस पहले आपराधिक साजिश से इनकार कर चुकी है, जबकि दिशा के परिवार ने बाद में गंभीर संदेह जताते हुए नए सिरे से जांच की मांग की थी। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI इस मामले की जांच करेगी।</p>



<p></p>
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		<title>CM धामी ने किया नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का स्वागत, बोले- उत्तराखंड की संस्कृति से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं</title>
		<link>https://dastaktimes.org/cm-dhami-welcomed-the-newly-appointed-national-vice-president-and-said-that-playing-with-the-culture-of-uttarakhand-will-not-be-tolerated/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:17:17 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="216" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/243b5dd8-99e3-4da9-875a-f1b22b3649e6-300x216.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/243b5dd8-99e3-4da9-875a-f1b22b3649e6-300x216.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/243b5dd8-99e3-4da9-875a-f1b22b3649e6-768x553.png 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/243b5dd8-99e3-4da9-875a-f1b22b3649e6.png 1024w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />विकसित भारत-विकसित उत्तराखंड के जरूरी है मोदी और धामी देहरादून: राजधानी देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुधवार को पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रावत का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="216" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/243b5dd8-99e3-4da9-875a-f1b22b3649e6-300x216.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/243b5dd8-99e3-4da9-875a-f1b22b3649e6-300x216.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/243b5dd8-99e3-4da9-875a-f1b22b3649e6-768x553.png 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/243b5dd8-99e3-4da9-875a-f1b22b3649e6.png 1024w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p class="has-medium-font-size"><strong>विकसित भारत-विकसित उत्तराखंड के जरूरी है मोदी और धामी</strong></p>



<p><strong>देहरादून: </strong>राजधानी देहरादून स्थित प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुधवार को पार्टी के नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रावत का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जाना पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। राष्ट्रीय संगठन में उन्हें महत्वपूर्ण दायित्व मिलने से प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि तीरथ सिंह रावत जी सादगी, सौम्यता और सहजता की प्रतिमूर्ति हैं। उन्होंने संगठन के विभिन्न दायित्वों का पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निर्वहन करते हुए पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह जिम्मेदारी उनके लंबे संगठनात्मक अनुभव और पार्टी के प्रति समर्पण का सम्मान है। निश्चित रूप से उनके अनुभव का लाभ भारतीय जनता पार्टी को राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगा।</p>



<p>कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड जैसे शांत और सामाजिक समरसता वाले प्रदेश को जातियों के नाम पर बांटने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के पास विकास और जनहित के मुद्दों पर बोलने के लिए कुछ नहीं है, इसलिए वह समाज में विभाजन पैदा करने की राजनीति कर रही है। उत्तराखंड की जनता को जातियों में बांटकर राजनीतिक लाभ लेने की कांग्रेस की कोशिश कभी सफल नहीं होगी।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2e5c606c-454e-4bab-9b19-bb395ce9ac30.webp"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2e5c606c-454e-4bab-9b19-bb395ce9ac30-1024x683.webp" alt="" class="wp-image-903286" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2e5c606c-454e-4bab-9b19-bb395ce9ac30-1024x683.webp 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2e5c606c-454e-4bab-9b19-bb395ce9ac30-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2e5c606c-454e-4bab-9b19-bb395ce9ac30-768x512.webp 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2e5c606c-454e-4bab-9b19-bb395ce9ac30-1536x1025.webp 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2e5c606c-454e-4bab-9b19-bb395ce9ac30.webp 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p>हल्द्वानी प्रकरण पर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में जिस प्रकार आपत्तिजनक और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले नारे लगाए गए तथा मूत्र से भरी बोतलें फेंकने जैसा घृणित कृत्य किया गया, वह किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकता। इसके बाद संबंधित स्थान का शुद्धिकरण किया गया, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को इस पर भी राजनीति दिखाई दी।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को देश और प्रदेश की जनता को जवाब देना चाहिए कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले इस घृणित कृत्य के खिलाफ उन्होंने आवाज क्यों नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों पर राजनीति करने के बजाय कांग्रेस को स्पष्ट रूप से इसकी निंदा करनी चाहिए थी। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस के लिए धार्मिक भावनाओं का अपमान भी राजनीतिक चश्मे से देखने का विषय है?</p>



<p>मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उत्तराखंड में तुष्टीकरण की राजनीति और धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। देवभूमि की शांति, संस्कृति और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के साथ कानून पूरी कठोरता से अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं को भड़काने, माहौल खराब करने अथवा कानून-व्यवस्था को चुनौती देने का प्रयास करेगा, उसके लिए उत्तराखंड में सिर्फ जेल की जगह है। सरकार किसी के दबाव में नहीं आएगी और कानून सभी के लिए समान रूप से लागू होगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/1980a0fb-096d-4364-91df-f52445d39486.webp"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="776" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/1980a0fb-096d-4364-91df-f52445d39486-1024x776.webp" alt="" class="wp-image-903287" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/1980a0fb-096d-4364-91df-f52445d39486-1024x776.webp 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/1980a0fb-096d-4364-91df-f52445d39486-300x227.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/1980a0fb-096d-4364-91df-f52445d39486-768x582.webp 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/1980a0fb-096d-4364-91df-f52445d39486-1536x1163.webp 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/1980a0fb-096d-4364-91df-f52445d39486.webp 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तराखंड भी प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार ने अनेक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए देवभूमि की विशिष्ट पहचान, संस्कृति और मूल स्वरूप को मजबूत करने का कार्य किया है।</p>



<p>कार्यक्रम में भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत जी ने स्वागत एवं अभिनंदन के लिए पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पूरी ताकत के साथ जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने विकसित भारत का जो संकल्प लिया है, उसे साकार करने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में उत्तराखंड में अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं और आगामी विधानसभा चुनाव भी धामी जी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/cdf9dd00-2992-480d-a2da-aefe64e88162.webp"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="683" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/cdf9dd00-2992-480d-a2da-aefe64e88162-1024x683.webp" alt="" class="wp-image-903288" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/cdf9dd00-2992-480d-a2da-aefe64e88162-1024x683.webp 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/cdf9dd00-2992-480d-a2da-aefe64e88162-300x200.webp 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/cdf9dd00-2992-480d-a2da-aefe64e88162-768x512.webp 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/cdf9dd00-2992-480d-a2da-aefe64e88162-1536x1025.webp 1536w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/cdf9dd00-2992-480d-a2da-aefe64e88162.webp 2048w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p>रावत ने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी जनता तक पहुंचाने तथा बूथ स्तर पर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसका कार्यकर्ता है। संगठन कार्यकर्ताओं के परिश्रम और समर्पण से खड़ा होता है और भाजपा में पद से बड़ा कार्यकर्ता होता है। उन्होंने प्रत्येक कार्यकर्ता से आगामी विधानसभा चुनाव में पूरी निष्ठा और एकजुटता के साथ जुटने का आह्वान किया।</p>



<p>इस अवसर पर माननीय राज्यसभा सांसद एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जी, माननीय कैबिनेट मंत्री खजान दास जी, माननीय सांसद नरेश बंसल जी, प्रदेश महामंत्री तरुण बंसल, श्रीमती दीप्ति रावत भारद्वाज समेत कई पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।</p>
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