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	<title>कलश स्थापना के दौरान गलती से भी न करें ये काम &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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		<title>कलश स्थापना के दौरान गलती से भी न करें ये काम, वरना परिवार आ जायेगा खतरे में..</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 07 Oct 2018 12:55:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अद्धयात्म]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="193" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/10/nn3-300x193.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्री का आरंभ होने जा रहा हैं| नवरात्रि हिन्दू धर्म के प्रमुख त्यौहारों में से एक होता है। यह त्यौहार नौ दिनों तक चलता हैं| जिसमें माँ दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। माँ दुर्गा की पूजा अपने शत्रुओं पर विजय पाने के लिए की जाती है| शारदीय नवरात्री में लोग व्रत रखते है और माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना करते है| नवरात्री में देवी माँ दुर्गा की पूजा विशेष फलदायक होता है| इस समय यह तय करना बहुत जरुरी होता है कि व्रत के सभी कार्य विधि-विधान पूर्वक की जाए और इसमें किसी प्रकार की कोई गलती ना की जाए| जिससे की देवी माँ दुर्गा का आशीर्वाद आपके ऊपर सदैव बना रहे। आइए आज हम आपको नवरात्री में कौन-कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए ताकि यह नवरात्रि आपके लिए फलदायी साबित हो सके| (1) भगवान शिव की निंदा भूलकर भी ना करे शिवपुराण के मुताबिक दुर्गा माँ भगवान शिव की अर्धांगिनी है और यह बात सभी को ज्ञात हैं कि कोई भी पत्नी अपने पति की किसी प्रकार की बुराई सुनना पसंद नहीं करती हैं| ठीक वैसे ही माँ दुर्गा भी अपने पति यानि भगवान शिव की बुराई या निंदा नहीं सुनना पसंद करती हैं| माँ दुर्गा का भक्त भगवान शिव का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष से भी अपमान नहीं कर सकता है। ऐसा माना जाता हैं कि नवरात्री में भगवान शिव की निंदा करने वाले जातक को पाप लगता है। (2) महिला का अपमान शास्त्रो में स्त्री को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता हैं| इस कारण स्त्रियों में देवियों का वास माना जाता हैं| इसके साथ ही स्त्रियों के त्यागपूर्ण व्यवहार की वजह से उन्हें हमेशा ही सर्वोपरि माना जाता है। जिस भी घर में महिलाओं का अपमान होता हैं या फिर उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया जाता हैं| ऐसे घर में कभी भी देवी माँ अपनी कृपा नहीं बरसाती हैं| इसके अलावा जो महिलाओं के साथ हो रहे हिंसाओं को देखते हैं उन्हें भी देवी माँ माफ नहीं करती हैं| इसलिए हमेशा महिलाओं का सम्मान करे| (3) छल का मिलेगा दंड शारदीय नवरात्रि के व्रत में इस बात का खास ध्यान रखें कि आप प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से किसी कोके साथ छल-कपट ना करे| यदि आप इन दिनों में किसी के साथ धोखा करेंगे तो आपको माँ दुर्गा जरूर दंडित करेंगी| (4) सट्टा भूलकर भी नहीं खेले यदि आप शारदीय नवरात्री का व्रत कर रहे हैं तो इस दौरान आप भूलकर जुआँ ना खेले| वरना आपको माँ के क्रोध का कोप भाजन बनना पड़ेगा और आपके घर में कभी भी माँ लक्ष्मी निवास नहीं करेंगी| (5) तामसिक भोजन न करें नवरात्रि में माँ दुर्गा अपने भक्तो के घरों में वास करती हैं| इसलिए इस बात का खास ध्यान दें की इस समय आपके परिवार का कोई भी सदस्य मांस-मदिरा, प्याज-लहसुन और बैंगन भूल से भी ना खाये| वरना माँ दुर्गा आपसे रुष्ट हो जाएंगी| नवरात्री में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 10 अक्टूबर शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त सुबह 7:45 मिनट तक ही है। लेकिन सुबह 11:36 मिनट से दोपहर 12:24 मिनट तक भी पूजा व कलश स्थापना की जा सकती है।" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/10/nn3-300x193.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/10/nn3.jpg 700w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्री का आरंभ होने जा रहा हैं&#124; नवरात्रि हिन्दू धर्म के प्रमुख त्यौहारों में से एक होता है। यह त्यौहार नौ दिनों तक चलता हैं&#124; जिसमें माँ दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। माँ दुर्गा की पूजा अपने शत्रुओं पर विजय पाने के लिए की जाती है&#124; &#8230;]]></description>
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<p>इस समय यह तय करना बहुत जरुरी होता है कि व्रत के सभी कार्य विधि-विधान पूर्वक की जाए और इसमें किसी प्रकार की कोई गलती ना की जाए| जिससे की देवी माँ दुर्गा का आशीर्वाद आपके ऊपर सदैव बना रहे। आइए आज हम आपको नवरात्री में कौन-कौन सी गलतियां करने से बचना चाहिए ताकि यह नवरात्रि आपके लिए फलदायी साबित हो सके|</p>
<h2>(1) भगवान शिव की निंदा भूलकर भी ना करे</h2>
<p>शिवपुराण के मुताबिक दुर्गा माँ भगवान शिव की अर्धांगिनी है और यह बात सभी को ज्ञात हैं कि कोई भी पत्नी अपने पति की किसी प्रकार की बुराई सुनना पसंद नहीं करती हैं| ठीक वैसे ही माँ दुर्गा भी अपने पति यानि भगवान शिव की बुराई या निंदा नहीं सुनना पसंद करती हैं| माँ दुर्गा का भक्त भगवान शिव का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष से भी अपमान नहीं कर सकता है। ऐसा माना जाता हैं कि नवरात्री में भगवान शिव की निंदा करने वाले जातक को पाप लगता है।</p>
<h2>(2) महिला का अपमान</h2>
<p>शास्त्रो में स्त्री को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता हैं| इस कारण स्त्रियों में देवियों का वास माना जाता हैं| इसके साथ ही स्त्रियों के त्यागपूर्ण व्यवहार की वजह से उन्हें हमेशा ही सर्वोपरि माना जाता है। जिस भी घर में महिलाओं का अपमान होता हैं या फिर उसके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया जाता हैं| ऐसे घर में कभी भी देवी माँ अपनी कृपा नहीं बरसाती हैं| इसके अलावा जो महिलाओं के साथ हो रहे हिंसाओं को देखते हैं उन्हें भी देवी माँ माफ नहीं करती हैं| इसलिए हमेशा महिलाओं का सम्मान करे|</p>
<h2>(3) छल का मिलेगा दंड</h2>
<p>शारदीय नवरात्रि के व्रत में इस बात का खास ध्यान रखें कि आप प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रुप से किसी कोके साथ छल-कपट ना करे| यदि आप इन दिनों में किसी के साथ धोखा करेंगे तो आपको माँ दुर्गा जरूर दंडित करेंगी|</p>
<h2>(4) सट्टा भूलकर भी नहीं खेले</h2>
<p>यदि आप शारदीय नवरात्री का व्रत कर रहे हैं तो इस दौरान आप भूलकर जुआँ ना खेले| वरना आपको माँ के क्रोध का कोप भाजन बनना पड़ेगा और आपके घर में कभी भी माँ लक्ष्मी निवास नहीं करेंगी|</p>
<h2>(5) तामसिक भोजन न करें</h2>
<p>नवरात्रि में माँ दुर्गा अपने भक्तो के घरों में वास करती हैं| इसलिए इस बात का खास ध्यान दें की इस समय आपके परिवार का कोई भी सदस्य मांस-मदिरा, प्याज-लहसुन और बैंगन भूल से भी ना खाये| वरना माँ दुर्गा आपसे रुष्ट हो जाएंगी|</p>
<h2>नवरात्री में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त</h2>
<p>आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 10 अक्टूबर शारदीय नवरात्रि में कलश स्थापित करने का शुभ मुहूर्त सुबह 7:45 मिनट तक ही है। लेकिन सुबह 11:36 मिनट से दोपहर 12:24 मिनट तक भी पूजा व कलश स्थापना की जा सकती है।</p>
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