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	<title>गुर्दे की सफाई &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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		<title>किडनी में गड़बड़ी को नजरअंदाज न करें! थकान से लेकर सूजन तक ये लक्षण दे सकते हैं संकेत, ऐसे रखें गुर्दों को स्वस्थ</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 08 Oct 2026 06:25:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[जीवनशैली]]></category>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="197" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/vaccine-6-300x197.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/vaccine-6-300x197.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/10/vaccine-6.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> किडनी हमारे शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है। शरीर में मौजूद दो गुर्दे खून को फिल्टर करने, अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालने का काम करते हैं। इसके अलावा लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में भी किडनी की अहम भूमिका होती है। किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर इसका सीधा असर पूरे स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।</p>



<p>किडनी को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित खानपान और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना जरूरी माना जाता है। वहीं, अस्वस्थ भोजन, पर्याप्त पानी न पीना और कुछ विषाक्त पदार्थों के संपर्क में रहना गुर्दों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।</p>



<p><strong>किडनी फ्लश क्या होता है?</strong></p>



<p>किडनी फ्लश का मतलब गुर्दों की सफाई या उन्हें क्लिंज करना बताया जाता है। इसे एक तरह के डिटॉक्स आहार के तौर पर देखा जाता है, जिसमें किडनी को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करने वाले खाद्य पदार्थों और तरल पदार्थों को शामिल किया जाता है।</p>



<p>हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि अभी तक वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं कि किसी खास भोजन या तरीके से किडनी की सफाई की जा सकती है। इसके बावजूद स्वस्थ खानपान और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थों का सेवन किडनी को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है।</p>



<p><strong>किडनी में समस्या होने पर दिख सकते हैं ये लक्षण</strong></p>



<p>किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर में कई तरह के बदलाव नजर आ सकते हैं। इनमें शामिल हैं:</p>



<ul class="wp-block-list">
<li>लगातार थकान महसूस होना</li>



<li>जी मिचलाना</li>



<li>त्वचा में खुजली और रूखापन</li>



<li>एड़ियों में सूजन</li>



<li>ब्रेन फॉग</li>



<li>पैरों में दर्द</li>



<li>बार-बार किडनी स्टोन होना</li>



<li>यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन</li>



<li>मुंह का स्वाद खराब होना</li>



<li>बार-बार पेशाब आना या पेशाब के रंग में बदलाव</li>
</ul>



<p>इनमें से किसी लक्षण के लगातार बने रहने पर इसे नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।</p>



<p><strong>पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी</strong></p>



<p>किडनी के सही तरीके से काम करने के लिए शरीर में पर्याप्त पानी होना जरूरी है। किडनी खून को फिल्टर करने और पेशाब बनाने का काम करती है, जिसके जरिए शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकलते हैं।</p>



<p>शरीर में पानी की कमी होने पर पेशाब की मात्रा कम हो सकती है और इसका संबंध किडनी की कार्यक्षमता में समस्या तथा गुर्दे में पथरी बनने से भी जोड़ा जाता है। स्रोत के अनुसार, रोजाना करीब 3 लीटर पानी पीने की सलाह दी गई है। हालांकि, हर व्यक्ति की पानी की जरूरत अलग हो सकती है।</p>



<p><strong>बेरीज को डाइट में करें शामिल</strong></p>



<p>ब्लूबेरी और क्रैनबेरी जैसे बेरीज फलों में एंटीऑक्सीडेंट और अन्य वनस्पति यौगिक पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं।</p>



<p>क्रैनबेरी को यूरिनरी ट्रैक्ट के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है, जबकि ब्लूबेरी में पोटैशियम, सोडियम और फॉस्फोरस की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। हालांकि, किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को किसी भी खाद्य पदार्थ की मात्रा तय करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।</p>



<p><strong>ओमेगा-3 फैटी एसिड भी फायदेमंद</strong></p>



<p>ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थों को भी संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। यह शरीर में ओमेगा-6 फैटी एसिड के संतुलन में मदद करता है।</p>



<p>स्रोत के अनुसार, ओमेगा-3 का सेवन पेशाब के जरिए प्रोटीन निकलने के जोखिम को कम करने में भी मदद कर सकता है। पेशाब में जरूरत से ज्यादा प्रोटीन निकलने की स्थिति को प्रोटीन्यूरिया कहा जाता है।</p>



<p><strong>तरबूज और अनार खाते समय रखें ध्यान</strong></p>



<p>तरबूज में पानी और फाइबर के साथ कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें लाइकोपीन नामक यौगिक भी मौजूद होता है, जो शरीर में सूजन से जुड़े प्रभावों को कम करने में मदद कर सकता है। तरबूज में मौजूद पानी की मात्रा भी शरीर में तरल पदार्थों की जरूरत पूरी करने में योगदान देती है।</p>



<p>अनार में पोटैशियम पाया जाता है और इसे भी संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि, किडनी की कार्यक्षमता में कमी होने पर शरीर के लिए अतिरिक्त पोटैशियम को बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है। इसलिए किडनी की बीमारी वाले लोगों को तरबूज, अनार या पोटैशियम से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।</p>



<p><strong>किडनी की सफाई के नाम पर न करें मनमानी</strong></p>



<p>किडनी को स्वस्थ रखने के लिए किसी खास डिटॉक्स या क्लिंजिंग डाइट पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित खानपान, पर्याप्त तरल पदार्थ और स्वस्थ जीवनशैली पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है। अगर पेशाब में बदलाव, शरीर में सूजन, लगातार थकान या किडनी स्टोन जैसी समस्या बार-बार हो रही है, तो खुद से इलाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।</p>



<p></p>
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