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	<title>जब पोते-पोती के साथ दुकान में पहुंचे राष्ट्रपति &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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		<title>जब पोते-पोती के साथ दुकान में पहुंचे राष्ट्रपति, बिल देते वक़्त हुआ कुछ ऐसा&#8230;</title>
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		<pubDate>Tue, 07 Aug 2018 10:38:33 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="208" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/2-665-300x208-300x208.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद इस समय 6 दिन के शिमला दौरे पर हैं. जहां पर देश के सबसे सम्मानित पद पर कार्यरत कोविंद जी आम आदमी की तरह घूमने निकले थे. उनके साथ उनकी पत्नी सरिता और उनकी फैमिली के कुछ सदस्य भी थे. पहले वे अपने पोते के साथ एक बुक शॉप में गए और कुछ किताबें देखने लगे, फिर बिल देते हुए उन्होंने कुछ ऐसा काम किया जो सराहने के काबिल है और देश के राष्ट्रपति होने के नाते उनका ऐसा करना गर्व की बात है. पोते-पोती के साथ दुकान में पहुंचे देश के राष्ट्रपति, उन्होंने ऐसा क्या काम किया कि दुकानदार को अपने देश के राष्ट्रपति पर गर्व महसूस हुआ. चलिए बताते हैं आपको शिमला में हुए राष्ट्रपति दौरे के दौरान क्या-क्या वाक्या हुआ भारत देश के महान नागरिक राष्ट्रपति को जो सुख-सुविधाएं और भत्ते मिलते हैं उनके बल पर श्री रामनाथ कोविंद कुछ भी कर सकते हैं और अपनी पावर का कोई भी इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन उन्होंने ऐसा ना करके साबित किया कि वे देश का सच में सम्मान करते हैं. शिमला में कोविंद जी एक बुक स्टॉल में पहुंचे और अपने पोते के लिए कुछ किताबें खरीदी. उस दुकान में जाने का उनका कोई प्लान नहीं था इसलिए जब वे अचानक वहां पहुंचे तो दुकानदार देखता रह गया और खुद को भाग्यशाली समझने लगा. उसने माननीय राष्ट्रपति के लिए कुछ खास चीजें करना चाहा लेकिन कोविंद जी ने मना किया और अपने पोते के साथ खुद दुकान में किताबें ढूंढीं, इसके बाद अपने निजी क्रेडिट कार्ड से बिल भी दिया. इसके लिए उन्होंने अपनी पावर का यूज ना करते हुए देश को एक सकारात्मक संदेश दिया कि राष्ट्रपति भी एक आम नागरिक ही होता है. उन्हें आम आदमी को तकलीफ देने का अधिकार नहीं होता है और ऐसा होना भी नहीं चाहिए. दुकानदार ने बताया कि आमतौर पर सरकारी सुविधाओं का लोग फायदा उठाते हैं लेकिन राष्ट्रपति का ऐसा सामान्य व्यवहार पहली बार देखने को मिल रहा है. कुछ अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि पीटरहॉफ से लौटते हुए राष्ट्रपति अपनी पत्नी और फैमिली मेंबर्स के साथ आशियाना रेस्टोरेंट पहुंचे. रेस्टोरेंट के मैनेजर ने बताया कि मेहमान के तौर पर राष्ट्रपति का हमारी इस जगह पर आना किसी सम्मान से कम नहीं है. वहां कोविंद जी ने अपने परिवार के साथ चाय की चुस्की ली और कुछ खास स्नैक्स का आनंद भी उठाया. इस जानकारी को पाते ही उस रेस्टोरेंट के आस-पास लोगों राष्ट्रपति को देखने का जमावड़ा लग गया. कोविंद जी रेस्टोरेंट से बाहर आए और उन्होंने लोगों को निराश ना करते हुए उनका अभिवादन किया. लोगों ने भी उनका तालियों से सम्मान किया फिर राष्ट्रपति की जितनी भी गाड़ियां रिंग रोड पर खड़ी थी उनमें से उन्होंने सिर्फ 4 को आने को कहा. इसके पीछे की वजह अधिकारियों ने बताई कि कोविंद जी ने कहलवाया था कि अगर 17 गाड़ियां माल रोड पर आ जाएंगी तो आम लोगों को आने जाने में परेशानी होगी इसलिए सिर्फ 4 गाड़ियां आएं उन्हें लेने के लिए." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद इस समय 6 दिन के शिमला दौरे पर हैं. जहां पर देश के सबसे सम्मानित पद पर कार्यरत कोविंद जी आम आदमी की तरह घूमने निकले थे. उनके साथ उनकी पत्नी सरिता और उनकी फैमिली के कुछ सदस्य भी थे. पहले वे अपने पोते के साथ एक बुक शॉप &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="208" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/2-665-300x208-300x208.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद इस समय 6 दिन के शिमला दौरे पर हैं. जहां पर देश के सबसे सम्मानित पद पर कार्यरत कोविंद जी आम आदमी की तरह घूमने निकले थे. उनके साथ उनकी पत्नी सरिता और उनकी फैमिली के कुछ सदस्य भी थे. पहले वे अपने पोते के साथ एक बुक शॉप में गए और कुछ किताबें देखने लगे, फिर बिल देते हुए उन्होंने कुछ ऐसा काम किया जो सराहने के काबिल है और देश के राष्ट्रपति होने के नाते उनका ऐसा करना गर्व की बात है. पोते-पोती के साथ दुकान में पहुंचे देश के राष्ट्रपति, उन्होंने ऐसा क्या काम किया कि दुकानदार को अपने देश के राष्ट्रपति पर गर्व महसूस हुआ. चलिए बताते हैं आपको शिमला में हुए राष्ट्रपति दौरे के दौरान क्या-क्या वाक्या हुआ भारत देश के महान नागरिक राष्ट्रपति को जो सुख-सुविधाएं और भत्ते मिलते हैं उनके बल पर श्री रामनाथ कोविंद कुछ भी कर सकते हैं और अपनी पावर का कोई भी इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन उन्होंने ऐसा ना करके साबित किया कि वे देश का सच में सम्मान करते हैं. शिमला में कोविंद जी एक बुक स्टॉल में पहुंचे और अपने पोते के लिए कुछ किताबें खरीदी. उस दुकान में जाने का उनका कोई प्लान नहीं था इसलिए जब वे अचानक वहां पहुंचे तो दुकानदार देखता रह गया और खुद को भाग्यशाली समझने लगा. उसने माननीय राष्ट्रपति के लिए कुछ खास चीजें करना चाहा लेकिन कोविंद जी ने मना किया और अपने पोते के साथ खुद दुकान में किताबें ढूंढीं, इसके बाद अपने निजी क्रेडिट कार्ड से बिल भी दिया. इसके लिए उन्होंने अपनी पावर का यूज ना करते हुए देश को एक सकारात्मक संदेश दिया कि राष्ट्रपति भी एक आम नागरिक ही होता है. उन्हें आम आदमी को तकलीफ देने का अधिकार नहीं होता है और ऐसा होना भी नहीं चाहिए. दुकानदार ने बताया कि आमतौर पर सरकारी सुविधाओं का लोग फायदा उठाते हैं लेकिन राष्ट्रपति का ऐसा सामान्य व्यवहार पहली बार देखने को मिल रहा है. कुछ अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि पीटरहॉफ से लौटते हुए राष्ट्रपति अपनी पत्नी और फैमिली मेंबर्स के साथ आशियाना रेस्टोरेंट पहुंचे. रेस्टोरेंट के मैनेजर ने बताया कि मेहमान के तौर पर राष्ट्रपति का हमारी इस जगह पर आना किसी सम्मान से कम नहीं है. वहां कोविंद जी ने अपने परिवार के साथ चाय की चुस्की ली और कुछ खास स्नैक्स का आनंद भी उठाया. इस जानकारी को पाते ही उस रेस्टोरेंट के आस-पास लोगों राष्ट्रपति को देखने का जमावड़ा लग गया. कोविंद जी रेस्टोरेंट से बाहर आए और उन्होंने लोगों को निराश ना करते हुए उनका अभिवादन किया. लोगों ने भी उनका तालियों से सम्मान किया फिर राष्ट्रपति की जितनी भी गाड़ियां रिंग रोड पर खड़ी थी उनमें से उन्होंने सिर्फ 4 को आने को कहा. इसके पीछे की वजह अधिकारियों ने बताई कि कोविंद जी ने कहलवाया था कि अगर 17 गाड़ियां माल रोड पर आ जाएंगी तो आम लोगों को आने जाने में परेशानी होगी इसलिए सिर्फ 4 गाड़ियां आएं उन्हें लेने के लिए." style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><strong>भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद इस समय 6 दिन के शिमला दौरे पर हैं. जहां पर देश के सबसे सम्मानित पद पर कार्यरत कोविंद जी आम आदमी की तरह घूमने निकले थे. उनके साथ उनकी पत्नी सरिता और उनकी फैमिली के कुछ सदस्य भी थे. पहले वे अपने पोते के साथ एक बुक शॉप में गए और कुछ किताबें देखने लगे, फिर बिल देते हुए उन्होंने कुछ ऐसा काम किया जो सराहने के काबिल है और देश के राष्ट्रपति होने के नाते उनका ऐसा करना गर्व की बात है. पोते-पोती के साथ दुकान में पहुंचे देश के राष्ट्रपति, उन्होंने ऐसा क्या काम किया कि दुकानदार को अपने देश के राष्ट्रपति पर गर्व महसूस हुआ. चलिए बताते हैं आपको शिमला में हुए राष्ट्रपति दौरे के दौरान क्या-क्या वाक्या हुआ</strong><br />
<strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/2-665-300x208.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-246837" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/2-665-300x208.jpg" alt="" width="460" height="319" /></a></strong><br />
<strong>भारत देश के महान नागरिक राष्ट्रपति को जो सुख-सुविधाएं और भत्ते मिलते हैं उनके बल पर श्री रामनाथ कोविंद कुछ भी कर सकते हैं और अपनी पावर का कोई भी इस्तेमाल कर सकते हैं लेकिन उन्होंने ऐसा ना करके साबित किया कि वे देश का सच में सम्मान करते हैं. शिमला में कोविंद जी एक बुक स्टॉल में पहुंचे और अपने पोते के लिए कुछ किताबें खरीदी. उस दुकान में जाने का उनका कोई प्लान नहीं था इसलिए जब वे अचानक वहां पहुंचे तो दुकानदार देखता रह गया और खुद को भाग्यशाली समझने लगा.</strong><br />
<strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/3-637-300x211.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-246838" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/3-637-300x211.jpg" alt="" width="442" height="311" /></a></strong><br />
<strong>उसने माननीय राष्ट्रपति के लिए कुछ खास चीजें करना चाहा लेकिन कोविंद जी ने मना किया और अपने पोते के साथ खुद दुकान में किताबें ढूंढीं, इसके बाद अपने निजी क्रेडिट कार्ड से बिल भी दिया. इसके लिए उन्होंने अपनी पावर का यूज ना करते हुए देश को एक सकारात्मक संदेश दिया कि राष्ट्रपति भी एक आम नागरिक ही होता है. उन्हें आम आदमी को तकलीफ देने का अधिकार नहीं होता है और ऐसा होना भी नहीं चाहिए. दुकानदार ने बताया कि आमतौर पर सरकारी सुविधाओं का लोग फायदा उठाते हैं लेकिन राष्ट्रपति का ऐसा सामान्य व्यवहार पहली बार देखने को मिल रहा है.</strong><br />
<strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/4-556-300x169.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-246839" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/4-556-300x169.jpg" alt="" width="454" height="256" /></a></strong><br />
<strong>कुछ अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि पीटरहॉफ से लौटते हुए राष्ट्रपति अपनी पत्नी और फैमिली मेंबर्स के साथ आशियाना रेस्टोरेंट पहुंचे. रेस्टोरेंट के मैनेजर ने बताया कि मेहमान के तौर पर राष्ट्रपति का हमारी इस जगह पर आना किसी सम्मान से कम नहीं है. वहां कोविंद जी ने अपने परिवार के साथ चाय की चुस्की ली और कुछ खास स्नैक्स का आनंद भी उठाया. इस जानकारी को पाते ही उस रेस्टोरेंट के आस-पास लोगों राष्ट्रपति को देखने का जमावड़ा लग गया.</strong><br />
<strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/5-387-300x208.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter  wp-image-246840" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2018/08/5-387-300x208.jpg" alt="" width="484" height="335" /></a></strong><br />
<strong>कोविंद जी रेस्टोरेंट से बाहर आए और उन्होंने लोगों को निराश ना करते हुए उनका अभिवादन किया. लोगों ने भी उनका तालियों से सम्मान किया फिर राष्ट्रपति की जितनी भी गाड़ियां रिंग रोड पर खड़ी थी उनमें से उन्होंने सिर्फ 4 को आने को कहा. इसके पीछे की वजह अधिकारियों ने बताई कि कोविंद जी ने कहलवाया था कि अगर 17 गाड़ियां माल रोड पर आ जाएंगी तो आम लोगों को आने जाने में परेशानी होगी इसलिए सिर्फ 4 गाड़ियां आएं उन्हें लेने के लिए.</strong></p>
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