<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>तेल आपूर्ति संकट &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<atom:link href="https://dastaktimes.org/tag/%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
	<lastBuildDate>Wed, 19 Aug 2026 05:51:48 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.7</generator>

<image>
	<url>https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2024/01/cropped-DT-ICon-copy.png</url>
	<title>तेल आपूर्ति संकट &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>US-Iran War: होर्मुज में कमजोर पड़ रहा ईरान का दबदबा? 80% जहाजों ने बदला रास्ता, ओमान रूट बना नया विकल्प</title>
		<link>https://dastaktimes.org/us-iran-war-irans-influence-in-hormuz-is-weakening-80-ships-changed-the-route/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 19 Aug 2026 05:51:46 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[Donald Trump Iran]]></category>
		<category><![CDATA[Gulf Oil Shipping]]></category>
		<category><![CDATA[Hormuz Shipping Route]]></category>
		<category><![CDATA[Iran Hormuz Control]]></category>
		<category><![CDATA[Iran Oman Talks]]></category>
		<category><![CDATA[Kpler Shipping Data]]></category>
		<category><![CDATA[Strait of Hormuz]]></category>
		<category><![CDATA[US Iran War]]></category>
		<category><![CDATA[US Navy Hormuz]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका ईरान युद्ध]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान तेल टैंकर]]></category>
		<category><![CDATA[ओमान रूट]]></category>
		<category><![CDATA[कच्चा तेल संकट]]></category>
		<category><![CDATA[तेल आपूर्ति संकट]]></category>
		<category><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=900395</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hormuz-2-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hormuz-2-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hormuz-2-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hormuz-2.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />वाशिंगटन: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच दबदबे की जंग जारी है। हालांकि, शिपिंग डेटा के मुताबिक इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर ईरान का नियंत्रण कमजोर होता दिखाई दे रहा है। ट्रैकिंग फर्म केपलर के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में होर्मुज से गुजरने वाले 80 फीसदी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hormuz-2-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hormuz-2-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hormuz-2-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Hormuz-2.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>वाशिंगटन:</strong> अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच दबदबे की जंग जारी है। हालांकि, शिपिंग डेटा के मुताबिक इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर ईरान का नियंत्रण कमजोर होता दिखाई दे रहा है। ट्रैकिंग फर्म केपलर के आंकड़ों के अनुसार, पिछले दो हफ्तों में होर्मुज से गुजरने वाले 80 फीसदी से ज्यादा वाणिज्यिक जहाजों ने ईरान की ओर वाले मार्ग से दूरी बनाकर ओमान की तरफ के समुद्री रास्ते का इस्तेमाल किया है।</p>



<p>इस बदलाव के पीछे अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी और जहाजों को सुरक्षा मिलने का भरोसा प्रमुख वजह बताया जा रहा है। जहाज ईरानी हमलों के जोखिम के बावजूद ओमान के तटवर्ती मार्ग से आवाजाही कर रहे हैं। इससे संकेत मिल रहा है कि रणनीतिक जलमार्ग पर तेहरान का दबदबा कम से कम आंशिक रूप से कमजोर हुआ है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ओमान रूट पर तेजी से बढ़ी जहाजों की आवाजाही</h2>



<p>केपलर के क्रूड ऑयल विश्लेषण प्रमुख हुमायूं फलकशाही के अनुसार, उपलब्ध आंकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि ईरान ने होर्मुज पर कम से कम आंशिक नियंत्रण खोया है। करीब एक महीने पहले तक ओमान की ओर वाले मार्ग पर समुद्री गतिविधि बेहद कम थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में जहाज इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं।</p>



<p>ईरान इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से पारगमन शुल्क वसूलने की कोशिश कर रहा था। लेकिन जहाजों के ईरानी मार्ग से बचने के कारण तेहरान के लिए इस तरह का शुल्क लागू करना मुश्किल हो गया है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ज्यादातर पक्ष ईरान को टोल देने के खिलाफ</h2>



<p>पिकरिंग एनर्जी पार्टनर्स के संस्थापक और मुख्य निवेश अधिकारी डैन पिकरिंग के मुताबिक मध्य पूर्व में ज्यादातर लोग या पक्ष ईरान को पारगमन शुल्क नहीं देना चाहते और न ही ऐसा कर रहे हैं। हालांकि, ईरान के पास अब भी जहाजों को धमकाने और समुद्री परिवहन बाधित करने की क्षमता मौजूद है।</p>



<p>इसके बावजूद अमेरिकी नौसेना की मौजूदगी ने वाणिज्यिक जहाजों के लिए एक वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराया है, जिसे अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जा रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">VLCC के जरिए तेल की आवाजाही में बदलाव</h2>



<p>युद्ध के बीच खाड़ी देशों के तेल उत्पादकों ने भी कच्चे तेल की ढुलाई का तरीका बदल दिया है। कुवैत, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने फारस की खाड़ी से होर्मुज के रास्ते तेल बाहर निकालने के लिए बहुत बड़े कच्चा तेल वाहक जहाज किराए पर लिए हैं।</p>



<p>इसके बाद कच्चे तेल को ओमान की खाड़ी में खतरे वाले क्षेत्र से बाहर दूसरे टैंकरों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इस व्यवस्था का उद्देश्य युद्ध क्षेत्र से बाहर तेल की आवाजाही को जारी रखना है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रांसपोंडर बंद कर रहे कई तेल टैंकर</h2>



<p>ईरानी हमलों के खतरे से बचने के लिए कई तेल टैंकरों ने अपने पहचान संकेत यानी ट्रांसपोंडर बंद कर दिए हैं। इससे समुद्र में ऐसी आवाजाही बढ़ रही है जिसे पारंपरिक शिपिंग निगरानी प्रणालियों के जरिए ट्रैक करना मुश्किल है।</p>



<p>ट्रांसपोंडर बंद होने के कारण तेल की वास्तविक आवाजाही का सटीक आकलन चुनौतीपूर्ण हो गया है। हालांकि, उपग्रह तस्वीरों की मदद से कुछ जहाजों की गतिविधियों का पता लगाया जा सकता है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप का दावा, अमेरिका के पास पूरा नियंत्रण</h2>



<p>अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिकी नौसेना के संचालन के चलते होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण है। ट्रंप ने होर्मुज का नक्शा साझा करते हुए इसे नया अमेरिकी क्षेत्र घोषित करने की इच्छा भी जताई है।</p>



<p>वहीं, अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट के मुताबिक, एक सप्ताह में होर्मुज और बदले हुए समुद्री मार्गों के जरिए तेल की ढुलाई करीब 1.5 करोड़ बैरल प्रतिदिन रही। यह युद्ध से पहले के करीब 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन के स्तर से कम है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">न अमेरिका का पूरा कब्जा, न ईरान की पूरी पकड़</h2>



<p>मौजूदा हालात दोनों देशों के दावों से अलग तस्वीर पेश करते हैं। ईरान की ओर से लगातार हमलों का खतरा बना हुआ है और तेल की आवाजाही युद्ध से पहले के स्तर तक नहीं पहुंची है। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिका का भी इस जलमार्ग पर पूरी तरह निर्बाध नियंत्रण नहीं है।</p>



<p>दूसरी ओर, बड़ी संख्या में जहाजों का ईरानी मार्ग छोड़कर ओमान की तरफ जाना बताता है कि ईरान भी अपनी शर्तों के मुताबिक समुद्री यातायात संचालित कराने में मुश्किल का सामना कर रहा है।</p>



<h2 class="wp-block-heading">ईरान-ओमान की बातचीत से अमेरिका नाखुश</h2>



<p>तनाव के बीच ईरान और ओमान के बीच समुद्री आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल करने को लेकर सीधी बातचीत भी चल रही है। दोनों देशों की सीमा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ती है। यह बातचीत अमेरिकी भागीदारी के बिना हो रही है, जिससे डोनाल्ड ट्रंप के नाराज होने की बात सामने आई है।</p>



<p>मौजूदा शिपिंग आंकड़ों से फिलहाल यही संकेत मिलता है कि होर्मुज पर न तो ईरान और न ही अमेरिका पूरी तरह अपना नियंत्रण स्थापित कर पाया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होर्मुज स्ट्रेट पर गहराया संकट! US-ईरान तनाव से थमा समुद्री ट्रैफिक, तेल-गैस सप्लाई पर मंडराया बड़ा खतरा</title>
		<link>https://dastaktimes.org/crisis-deepens-on-the-strait-of-hormuz-us-marine-traffic-halted-due-to-iran-tension-big-threat-looms-on-oil-gas-supply/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 06:19:43 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[crude oil prices]]></category>
		<category><![CDATA[Energy News]]></category>
		<category><![CDATA[Energy Supply]]></category>
		<category><![CDATA[Global Oil Market]]></category>
		<category><![CDATA[Gulf Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Hormuz Shipping]]></category>
		<category><![CDATA[Hormuz Strait]]></category>
		<category><![CDATA[Iran News]]></category>
		<category><![CDATA[LNG Supply]]></category>
		<category><![CDATA[Maritime Traffic]]></category>
		<category><![CDATA[Oil News]]></category>
		<category><![CDATA[Oil Supply Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[Strait of Hormuz News]]></category>
		<category><![CDATA[US Air Strike Iran]]></category>
		<category><![CDATA[US Iran conflict]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका ईरान तनाव]]></category>
		<category><![CDATA[अमेरिका हमला]]></category>
		<category><![CDATA[ईरान समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[कच्चा तेल]]></category>
		<category><![CDATA[कच्चे तेल की कीमत]]></category>
		<category><![CDATA[खाड़ी संकट]]></category>
		<category><![CDATA[तेल आपूर्ति संकट]]></category>
		<category><![CDATA[प्राकृतिक गैस सप्लाई]]></category>
		<category><![CDATA[वैश्विक अर्थव्यवस्था]]></category>
		<category><![CDATA[वैश्विक ऊर्जा संकट]]></category>
		<category><![CDATA[शिपिंग न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[समुद्री ट्रैफिक]]></category>
		<category><![CDATA[होर्मुज जलडमरूमध्य]]></category>
		<category><![CDATA[होर्मुज स्ट्रेट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=893959</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="181" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164-300x181.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164-300x181.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164-768x463.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164-780x470.jpg 780w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164.jpg 999w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिकी सेना द्वारा लगातार दूसरे दिन ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले समुद्री जहाजों की आवाजाही बेहद धीमी पड़ गई है। भारत समेत दुनिया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="181" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164-300x181.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164-300x181.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164-768x463.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164-780x470.jpg 780w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/9A_164.jpg 999w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी दिखाई देने लगा है। अमेरिकी सेना द्वारा लगातार दूसरे दिन ईरान के कई ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले समुद्री जहाजों की आवाजाही बेहद धीमी पड़ गई है। भारत समेत दुनिया के कई देशों को कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति इसी रणनीतिक समुद्री मार्ग से होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।</p>



<p><strong>उत्तरी समुद्री मार्ग तक सीमित हुई जहाजों की आवाजाही</strong></p>



<p>रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाला समुद्री ट्रैफिक लगभग ठहर गया है। फिलहाल अधिकांश जहाज केवल उस उत्तरी समुद्री मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जिसे ईरान की मंजूरी प्राप्त है। वहीं ओमान और अमेरिका के समर्थन वाले दक्षिणी कॉरिडोर में जहाजों की आवाजाही बेहद सीमित हो गई है। हाल के घंटों में केवल एक अमेरिकी मंजूरी प्राप्त सुपरटैंकर और एक ईरानी कंटेनर जहाज के इस जलमार्ग से गुजरने की जानकारी सामने आई है।</p>



<p><strong>सैन्य तनाव बढ़ते ही तेजी से घटी जहाजों की संख्या</strong></p>



<p>डेटा फर्म केप्लर के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम समझौते के बाद पिछले तीन सप्ताह में प्रतिदिन औसतन 34 कमोडिटी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे थे। 24 जून को यह संख्या बढ़कर 59 तक पहुंच गई थी। हालांकि ताजा सैन्य टकराव के बाद जहाजों की संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की गई और अधिकांश दिनों में 20 से भी कम जहाज इस रास्ते से गुजर सके।</p>



<p><strong>होर्मुज पर नियंत्रण को रणनीतिक ताकत मानता है ईरान</strong></p>



<p>अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार, सैन्य और रक्षा मामलों के विशेषज्ञ एलेक्स अलफिराज शीर्स का कहना है कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने के लिए बड़े संघर्ष का जोखिम उठाने को भी तैयार है। उनके मुताबिक, ईरान इस जलमार्ग को अपनी सबसे अहम रणनीतिक ताकत मानता है और भविष्य की किसी भी वार्ता में इसे दबाव बनाने के प्रमुख साधन के रूप में इस्तेमाल करना चाहता है।</p>



<p>विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अमेरिका और खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों पर यह सुनिश्चित करने का दबाव है कि होर्मुज पूरी तरह ईरान के नियंत्रण वाला समुद्री क्षेत्र न बन जाए। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम समझौता अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन मौजूदा हालात में वह बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है।</p>



<p><strong>ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम उल्लंघन का लगाया आरोप</strong></p>



<p>ईरान ने अमेरिका पर युद्धविराम समझौते और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उल्लंघन का आरोप लगाया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि अमेरिका ने दो रेलवे पुलों समेत कई ठिकानों को निशाना बनाया और इन हमलों को होर्मुज में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब के रूप में पेश करना महज एक बहाना है। ईरान का दावा है कि अमेरिकी हमलों में कम से कम 14 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।</p>



<p><strong>कतर, कुवैत और बहरीन तक पहुंचा संघर्ष</strong></p>



<p>अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने कतर, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। वहीं होर्मुज क्षेत्र के आसपास स्थित बुशेहर, चाबहार, बंदर अब्बास, सीरिक, जास्क और अबू मूसा द्वीप सहित कई इलाकों में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।</p>



<p>विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव जल्द कम नहीं हुआ तो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग पर इसका लंबा असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव कच्चे तेल की कीमतों, प्राकृतिक गैस की आपूर्ति, समुद्री परिवहन लागत और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर देखने को मिल सकता है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: dastaktimes.org @ 2026-08-24 17:34:26 by W3 Total Cache
-->