पुष्कर सिंह धामी – Dastak Times | दस्तक टाइम्स https://dastaktimes.org By Dastak Times Hindi News Network Sun, 25 Oct 2026 04:45:46 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2024/01/cropped-DT-ICon-copy.png पुष्कर सिंह धामी – Dastak Times | दस्तक टाइम्स https://dastaktimes.org 32 32 खटीमा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सुनीं जनता की समस्याएं, अधिकारियों को दिए समयबद्ध समाधान के सख्त निर्देश https://dastaktimes.org/in-khatima-chief-minister-pushkar-singh-dhami-listened-to-the-problems-of-the-people-and-gave-strict-instructions-to-the-officials-for-time-bound-solution/ Sun, 25 Oct 2026 04:45:44 +0000 https://dastaktimes.org/?p=920840 खटीमा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को खटीमा स्थित अपने निजी आवास नगला तराई और लोहियाहेड हेलीपैड पर आम लोगों तथा जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनशिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट …]]>

खटीमा: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को खटीमा स्थित अपने निजी आवास नगला तराई और लोहियाहेड हेलीपैड पर आम लोगों तथा जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनशिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि लोगों को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों को संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और तत्परता के साथ काम करना होगा। उन्होंने जनसमस्याओं के निस्तारण में अनावश्यक देरी से बचने और लोगों को उनकी शिकायतों पर संतोषजनक कार्रवाई उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि सरकार का मूल मंत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार सरलीकरण, समाधान और संतुष्टि के मूल मंत्र के साथ काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाना, आम लोगों की शिकायतों का प्रभावी समाधान करना और सरकारी व्यवस्था के प्रति नागरिकों का भरोसा मजबूत करना है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन की जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए उचित सहायता मिल सके। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जनशिकायतों पर केवल औपचारिक कार्रवाई न हो, बल्कि उनका वास्तविक और संतोषजनक समाधान भी किया जाए।

विकास कार्यों और स्थानीय जरूरतों पर भी हुई चर्चा

जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों और स्थानीय आवश्यकताओं पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने जनहित से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देने और प्रशासनिक स्तर पर बेहतर समन्वय के साथ काम करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जनसमस्याओं के समय पर समाधान और विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, दर्जा राज्यमंत्री कैप्टन (सेवानिवृत्त) गंभीर सिंह धामी, सुरेश कोली, रणजीत सिंह नामधारी, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, खटीमा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, सतीश भट्ट, रनदीप पोखरिया, वरुण अग्रवाल, अमित पांडे और भवानी भंडारी मौजूद रहे।

इसके अलावा जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, पुलिस अधीक्षक (अपराध) अनुषा बडोला और अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

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पहाड़ों में सड़क निर्माण होगा आसान, अब एक ही मंजूरी में होंगे कटान और सुरक्षा के काम; धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला https://dastaktimes.org/road-construction-will-be-easy-in-the-mountains-now-the-work-of-cutting-and-security-will-be-done-in-one-approval/ Fri, 23 Oct 2026 06:57:14 +0000 https://dastaktimes.org/?p=920601 देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में सड़क निर्माण की प्रक्रिया अब पहले से आसान और तेज होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग के एक नियम में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सड़क बनाने के लिए पहाड़ों की कटाई …]]>

देहरादून: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में सड़क निर्माण की प्रक्रिया अब पहले से आसान और तेज होने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लोक निर्माण विभाग के एक नियम में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके तहत सड़क बनाने के लिए पहाड़ों की कटाई और उसके बाद सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए अलग-अलग अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। अब दोनों कामों की मंजूरी एक साथ मिल सकेगी। इसके अलावा कैबिनेट ने स्टांप से जुड़े लंबित मामलों के निपटारे, निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना और शिक्षा संस्थानों के ढांचे में बदलाव सहित कई अन्य प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी।

सड़क निर्माण में दोहरी मंजूरी से मिलेगी राहत

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण के लिए अब तक दो चरणों में अनुमति लेनी पड़ती थी। परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद पहले चरण में पहाड़ की कटाई की अनुमति दी जाती थी। इसके बाद सुरक्षा दीवार, पुलिया और नालियों जैसे जरूरी निर्माण कार्यों के लिए अलग से स्वीकृति लेनी पड़ती थी।

इस प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगता था और सड़क निर्माण की गति प्रभावित होती थी। कैबिनेट के नए फैसले के बाद पहाड़ की कटाई और उससे जुड़े सुरक्षात्मक कार्यों की अनुमति एक साथ मिल सकेगी। इससे परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है।

स्टांप के 3,600 लंबित मामलों के लिए एकमुश्त समाधान योजना

राज्य में स्टांप से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण के लिए सरकार एकमुश्त समाधान यानी वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू करेगी। कैबिनेट ने वित्त विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

वर्तमान में राज्य के विभिन्न न्यायालयों में स्टांप से संबंधित करीब 3,600 मामले लंबित हैं। सरकार को उम्मीद है कि इस योजना के जरिए इन मामलों का समाधान हो सकेगा और राज्य को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो सकता है। साथ ही, मामलों में शामिल पक्षकारों को भी राहत मिलने की संभावना है।

निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना की प्रक्रिया होगी आसान

उत्तराखंड सरकार विधानसभा में उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने जा रही है। इसके साथ ही कैबिनेट ने रुड़की के आरोग्यम विश्वविद्यालय और बीएसएम विश्वविद्यालय को निजी विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता देने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी।

इसके अलावा उत्तरकाशी के मंजीरा देवी विश्वविद्यालय और देहरादून के आईएमएस यूनिसन विश्वविद्यालय के संचालन से संबंधित नियमावली के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

राज्य के सभी 13 डायट के ढांचे में बदलाव

धामी कैबिनेट ने राज्य के सभी 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) के नए ढांचे को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रत्येक संस्थान में पदों की संख्या 48 से घटाकर 44 कर दी जाएगी।

नए ढांचे में पदों की संख्या कम की गई है, लेकिन प्रत्येक डायट में उप प्राचार्य की तैनाती का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का यह फैसला शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में केंद्रीकृत रसोई से बनेगा मध्याह्न भोजन

प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर जिले में केंद्रीकृत रसोई स्थापित करने के लिए अन्नामृता फाउंडेशन को भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

फिलहाल इन क्षेत्रों में भोजनमाताएं बच्चों के लिए खाना तैयार करती हैं। केंद्रीकृत रसोई की व्यवस्था लागू होने के बाद भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में बदलाव होगा।

धामी कैबिनेट के अन्य अहम फैसले

कैबिनेट बैठक में कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें प्रमुख फैसले इस प्रकार हैं:

  • सिविल विधि संशोधन विधेयक के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक रिपोर्ट को स्वीकृति दी गई।
  • माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश को विधेयक के रूप में प्रतिस्थापित करने की मंजूरी दी गई।
  • ऊधम सिंह नगर के आश्रम पद्धति बालिका आवासीय विद्यालय के उच्चीकरण को मंजूरी मिली।
  • वित्तीय डाटा केंद्र के तकनीकी संवर्ग के पुनर्गठन को स्वीकृति दी गई।
  • विभागीय लेखा निदेशालय में कनिष्ठ सहायक के पांच नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ‘ग’ और ‘घ’ के कर्मचारियों की सेवा नियमावली को मंजूरी मिली।
  • उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी (उरेडा) के कनिष्ठ अभियंताओं का वेतनमान बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

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धामी कैबिनेट के 26 फैसले: SC-ST छात्रों की फ्री कोचिंग के लिए आय सीमा 8 लाख, दिव्यांगों को भी राहत https://dastaktimes.org/26-decisions-of-dhami-cabinet-income-limit-for-free-coaching-of-sc-st-students-is-8-lakhs/ Fri, 23 Oct 2026 05:31:32 +0000 https://dastaktimes.org/?p=920540 देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों को राहत देने सहित 26 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 7,400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को भी स्वीकृति दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके …]]>

देहरादून: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) के विद्यार्थियों और दिव्यांगजनों को राहत देने सहित 26 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में करीब 7,400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को भी स्वीकृति दिए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क बढ़ाने, शिक्षा और विकास कार्यों को गति देने से जुड़े फैसले भी लिए गए।

SC-ST छात्रों को फ्री कोचिंग के लिए बड़ी राहत

कैबिनेट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क कोचिंग योजना के तहत परिवार की वार्षिक आय सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पहले यह सीमा दो लाख रुपये सालाना थी, जिसे बढ़ाकर आठ लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया। इससे अधिक परिवारों के विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग योजना का लाभ मिल सकेगा। इस आय सीमा का निर्धारण वर्ष 2009 में किया गया था।

दिव्यांग विद्यार्थियों को परीक्षा में 5 प्रतिशत अंकों की छूट

राज्य परिषदीय परीक्षाओं में दिव्यांग विद्यार्थियों को उत्तीर्ण होने के लिए पांच प्रतिशत अंकों की छूट देने का फैसला किया गया है। यह राहत बौद्धिक अक्षमता, मानसिक बीमारी, ऑटिज्म स्पेक्ट्रम, सेरेब्रल पाल्सी और स्पेशल लर्निंग डिसेबिलिटी से प्रभावित दिव्यांगजनों को मिलेगी। इन श्रेणियों के विद्यार्थियों को 28 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर उत्तीर्ण घोषित करने का प्रावधान भी मंजूर किया गया है।

सड़क से वंचित गांवों तक पहुंचेगी कनेक्टिविटी

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क संपर्क से छूटे गांवों तक मार्ग पहुंचाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (PWD) को सौंपने का निर्णय लिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने और दूरस्थ गांवों को सड़क नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

7,400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी

मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गुरुवार शाम सचिवालय में हुई बैठक में कुल 26 बिंदुओं पर निर्णय लिए गए। विधानसभा सत्र आहूत होने के कारण कैबिनेट के फैसलों की आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, बैठक में लगभग 7,400 करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट को मंजूरी दी गई है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बजट के माध्यम से विकास कार्यों को गति देने की तैयारी है।

कैबिनेट के अन्य अहम फैसले

बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी मुहर लगाई गई। इनमें समान नागरिक संहिता (UCC) की नियमावली में संशोधन कर नाम बदलने का अवसर देने, सड़क और पुल निर्माण की स्वीकृति प्रक्रिया सरल बनाने तथा पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों को निगम की बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देने से जुड़े निर्णय शामिल हैं।

इसके अलावा उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड के गठन, प्रदेश के 13 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIET) के पुनर्गठन और लंबित स्टांप वादों के निपटारे के लिए वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

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दलेर मेहंदी विवाद सुलझाने आगे आए सीएम धामी, मीका सिंह से फोन पर की बात; गायक ने जताया आभार https://dastaktimes.org/singer-expressed-gratitude-over-phone-to-cm-dhami-mika-singh-who-came-forward-to-resolve-daler-mehndi-dispute/ Fri, 23 Oct 2026 05:30:47 +0000 https://dastaktimes.org/?p=920539 देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद को खत्म करने की पहल की है। मुख्यमंत्री ने गायक मीका सिंह से फोन पर बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। धामी की इस पहल का स्वागत करते हुए मीका सिंह ने सोशल …]]>

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गायक दलेर मेहंदी और कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल के बीच हुए विवाद को खत्म करने की पहल की है। मुख्यमंत्री ने गायक मीका सिंह से फोन पर बातचीत कर मामले को सुलझाने का प्रयास किया। धामी की इस पहल का स्वागत करते हुए मीका सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर उनका आभार जताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी तरह की गलतफहमी को आपसी संवाद और सौहार्द के जरिए दूर किया जाना चाहिए। देवभूमि उत्तराखंड अतिथि देवो भव: की परंपरा का पालन करता है और यहां सभी कलाकारों का हमेशा दिल से स्वागत किया जाता है। उन्होंने इस विवाद को अब समाप्त करने की अपील भी की।

गलतफहमी के कारण हुआ विवाद: धामी

भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल उस समय जनता के दबाव में थे। उन्हें दलेर मेहंदी की खराब तबीयत की जानकारी नहीं थी, जिसके कारण गलतफहमी पैदा हुई।

धामी के अनुसार, सुबोध उनियाल ने भी खेद व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया है कि उन्हें गायक की तबीयत खराब होने के बारे में पता नहीं था। मुख्यमंत्री ने कहा कि दलेर मेहंदी और उनके भाई मीका सिंह उनके अच्छे मित्र हैं। ऐसे में इस मामले को यहीं खत्म कर देना चाहिए।

कुंजापुरी मेले में मंच पर हुआ था विवाद

यह पूरा मामला रविवार रात नई टिहरी क्षेत्र के नरेंद्रनगर में आयोजित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का है। उत्तराखंड सरकार की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में दलेर मेहंदी प्रस्तुति दे रहे थे। इसी दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और गायक की प्रस्तुति पर नाराजगी जताई।

घटना के बाद विवाद बढ़ गया और कई कलाकार दलेर मेहंदी के समर्थन में सामने आए। मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इसके बाद मुख्यमंत्री धामी ने बातचीत के जरिए विवाद खत्म करने की पहल की।

सुनंदा शर्मा की तबीयत बिगड़ने के बाद प्रस्तुति के लिए तैयार हुए थे दलेर

मीका सिंह ने गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर घटना को लेकर अपनी बात रखी थी। उन्होंने कहा था कि गायिका सुनंदा शर्मा की तबीयत खराब होने के बाद दलेर मेहंदी ने कार्यक्रम में प्रस्तुति देने पर सहमति जताई थी।

मीका ने मंच पर दलेर मेहंदी पर नशे में होने का आरोप लगाए जाने को दुखद बताया था। उन्होंने कहा था कि यदि किसी से गलती हुई है, तो उसे अपनी गलती स्वीकार करते हुए दलेर मेहंदी से माफी मांगनी चाहिए।

सुबोध उनियाल ने क्या सफाई दी थी?

मंत्री सुबोध उनियाल ने अपने पक्ष में कहा था कि दलेर मेहंदी एक बड़े कलाकार हैं और इसी वजह से उन्हें कुंजापुरी मेले में आमंत्रित किया गया था। प्रस्तुति के दौरान उन्हें ऐसा लगा कि गायक केवल होंठ हिला रहे हैं। आयोजन समिति से जुड़े होने के कारण उन्हें उन लोगों के दबाव का भी सामना करना पड़ रहा था, जो इस पर सवाल उठा रहे थे।

मंत्री ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्हें दलेर मेहंदी की खराब तबीयत के बारे में जानकारी नहीं थी। अब मुख्यमंत्री की पहल के बाद विवाद को समाप्त करने और आपसी संबंध सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।

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उत्तराखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: पदक विजेता खिलाड़ियों को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर, 14 मुख्य कोच भी होंगे तैनात https://dastaktimes.org/big-decision-of-uttarakhand-cabinet-free-travel-in-roadways-buses-to-medal-winning-players/ Fri, 23 Oct 2026 05:22:10 +0000 https://dastaktimes.org/?p=920538 देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए अहम निर्णय लिया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ी उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के …]]>

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए अहम निर्णय लिया गया है। इसके तहत राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर पुरस्कार प्राप्त करने वाले खिलाड़ी उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए दूसरे शहरों और राज्यों तक आने-जाने में सुविधा देना है। इसके साथ ही बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था विकसित करने के लिए ‘एक जिला एक खेल’ योजना के तहत 14 मुख्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है।

सरकार का मानना है कि इन फैसलों से खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने और अपनी प्रतिभा निखारने में मदद मिलेगी। मुफ्त बस यात्रा की सुविधा से खिलाड़ियों के आवागमन का खर्च कम होगा, वहीं प्रशिक्षकों की नियुक्ति से खेल प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।

‘एक जिला एक खेल’ योजना में 14 मुख्य प्रशिक्षकों की नियुक्ति

कैबिनेट ने प्रदेश में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देने के लिए 14 मुख्य प्रशिक्षकों की तैनाती को मंजूरी दी है। योजना के तहत प्रत्येक जिले में एक मुख्य प्रशिक्षक और खेल निदेशालय में एक प्रशिक्षक नियुक्त किया जाएगा।

इनकी नियुक्ति भारतीय खेल प्राधिकरण की ओर से निर्धारित योग्यता और अनुभव के मानकों के आधार पर की जाएगी। मुख्य प्रशिक्षकों को 1.45 लाख रुपये का नियत मानदेय दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि अनुभवी प्रशिक्षकों की मदद से खिलाड़ियों को व्यवस्थित प्रशिक्षण मिलेगा और खेलों में बेहतर प्रदर्शन के अवसर बढ़ेंगे।

उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन का होगा गठन

कैबिनेट ने प्रदेश में साहसिक और पर्यावरणीय पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ इसे सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड एडवेंचर टूरिज्म कॉरपोरेशन के गठन का भी फैसला लिया है। इसके लिए उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड और उत्तराखंड निवेश एवं अवस्थापना विकास बोर्ड के संयुक्त उपक्रम के रूप में कंपनी गठित की जाएगी।

इस पहल का उद्देश्य राज्य में एडवेंचर टूरिज्म को व्यवस्थित रूप से विकसित करना और पर्यटकों के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

कैबिनेट के अन्य अहम फैसले

बैठक में कई अन्य प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनमें उत्तराखंड सिविल विधि संशोधन विधेयक, 2026 को स्वीकृति देना शामिल है। इसके अलावा उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग की वर्ष 2019 से 2022 तक की वार्षिक रिपोर्ट को सदन के पटल पर रखने की मंजूरी दी गई।

वित्तीय डाटा सेंटर के तकनीकी संवर्ग के पुनर्गठन के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली। इसके तहत तीन साल के लिए आउटसोर्स के माध्यम से कार्मिक रखे जाएंगे। विभागीय लेखा निदेशालय में कनिष्ठ सहायक के पांच नए पद सृजित किए जाएंगे। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के समूह ग और घ के कर्मचारियों की सेवा नियमावली को भी मंजूरी दी गई।

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उत्तराखंड के 35 हजार पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत! फिर बनवा सकेंगे गोल्डन कार्ड, जानें दोबारा जुड़ने के लिए क्या करना होगा https://dastaktimes.org/big-relief-for-35-thousand-pensioners-of-uttarakhand-they-will-be-able-to-get-golden-cards-again/ Wed, 21 Oct 2026 11:02:01 +0000 https://dastaktimes.org/?p=920298 देहरादून: उत्तराखंड के करीब 35 हजार पेंशनर्स को राज्य स्वास्थ्य योजना यानी गोल्डन कार्ड से दोबारा जुड़ने का मौका मिल सकता है। राज्य सरकार ने पेंशनर्स की मांग को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को इस संबंध में आवश्यक विकल्प उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गोल्डन कार्ड योजना से बाहर होने के बाद इलाज …]]>

देहरादून: उत्तराखंड के करीब 35 हजार पेंशनर्स को राज्य स्वास्थ्य योजना यानी गोल्डन कार्ड से दोबारा जुड़ने का मौका मिल सकता है। राज्य सरकार ने पेंशनर्स की मांग को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को इस संबंध में आवश्यक विकल्प उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। गोल्डन कार्ड योजना से बाहर होने के बाद इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति में आ रही परेशानियों को देखते हुए पेंशनर्स ने सरकार से दोबारा योजना में शामिल करने की मांग की थी। अब सरकार के इस कदम से उन्हें फिर से स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलने की उम्मीद जगी है।

इलाज में परेशानी के बाद योजना से बाहर हुए थे पेंशनर्स

राज्य स्वास्थ्य योजना के तहत पर्याप्त उपचार सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायतों के बाद करीब 35 हजार पेंशनर्स ने गोल्डन कार्ड योजना से बाहर होने का विकल्प चुना था। इसके बाद राज्य सरकार ने उनके लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति की व्यवस्था लागू की थी। हालांकि, इलाज के दौरान इस व्यवस्था के तहत भुगतान और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर पेंशनर्स को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

इन समस्याओं को देखते हुए कई पेंशनर्स ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल और राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों से संपर्क किया। उन्होंने दोबारा गोल्डन कार्ड योजना में शामिल होने का अवसर देने की मांग की। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, पेंशनर्स की मांग पर विचार करते हुए प्राधिकरण को जरूरी निर्देश दिए गए हैं।

गोल्डन कार्ड के लिए पेंशनर्स को करना होगा आवेदन

राज्य स्वास्थ्य योजना में दोबारा शामिल होने के इच्छुक पेंशनर्स को आवेदन करना होगा। आवेदन मिलने के बाद संबंधित पेंशनर्स के मूल विभाग से योजना के प्रीमियम की राशि राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण को प्राप्त होगी। इसके बाद उन्हें योजना के दायरे में शामिल किया जाएगा।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि जो पेंशनर्स राज्य स्वास्थ्य योजना से बाहर हो चुके हैं, उन्हें दोबारा इसमें शामिल होने का अवसर दिया जा सकता है। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि राज्य के सभी कर्मचारी और पेंशनर्स गोल्डन कार्ड योजना का लाभ उठा सकें।

हालांकि, अधिकारियों के अनुसार, एक बार दोबारा योजना में शामिल होने के बाद पेंशनर्स को फिर इससे बाहर निकलने का विकल्प नहीं मिलेगा। ऐसे में आवेदन करने से पहले पेंशनर्स को योजना की शर्तों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेना जरूरी होगा।

सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी बढ़ेंगी सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं

उत्तराखंड सरकार राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाओं का विस्तार करने की तैयारी कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज में कुछ सुपर स्पेशलिटी सेवाएं शुरू की जा चुकी हैं। अब हल्द्वानी, श्रीनगर, हरिद्वार और अल्मोड़ा के मेडिकल कॉलेजों में भी इन सुविधाओं का विस्तार करने की योजना है।

सरकार का लक्ष्य है कि मरीजों को राज्य के मेडिकल कॉलेजों में ही हृदय रोग, गुर्दे से संबंधित बीमारियों और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी समस्याओं का बेहतर उपचार मिल सके। इसके लिए जरूरी चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

सुपर स्पेशलिटी में पीजी सीटें बढ़ाने पर भी जोर

मेडिकल कॉलेजों में बेहतर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ सरकार सुपर स्पेशलिटी विषयों में स्नातकोत्तर यानी पीजी सीटों की संख्या बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है। इससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

गोल्डन कार्ड से दोबारा जुड़ने का अवसर और मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के विस्तार की योजना राज्य के पेंशनर्स तथा अन्य मरीजों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, पेंशनर्स को दोबारा योजना में शामिल होने के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी और संबंधित विभाग से प्रीमियम जमा होने के बाद ही उन्हें योजना के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।

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उत्तराखंड के मदरसों में अब जुमे की छुट्टी पर लगेगा ब्रेक? रविवार को अवकाश करने की तैयारी, धामी सरकार लेगी फैसला https://dastaktimes.org/madrasas-of-uttarakhand-will-now-have-a-break-on-friday-dhami-government-is-preparing-to-take-holiday-on-sunday-government-will-take-the-decision/ Wed, 21 Oct 2026 10:56:27 +0000 https://dastaktimes.org/?p=920260 देहरादून: उत्तराखंड के मदरसों में शुक्रवार यानी जुमे के दिन मिलने वाली साप्ताहिक छुट्टी को बदलकर रविवार करने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है। अब शिक्षा विभाग की ओर से इस पर आदेश जारी किया जाना है। प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह …]]>

देहरादून: उत्तराखंड के मदरसों में शुक्रवार यानी जुमे के दिन मिलने वाली साप्ताहिक छुट्टी को बदलकर रविवार करने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है। अब शिक्षा विभाग की ओर से इस पर आदेश जारी किया जाना है। प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है। यदि इस प्रस्ताव पर फैसला होता है, तो प्रदेश के मदरसों में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था बदल सकती है।

सीएम धामी बोले- सभी शिक्षण संस्थानों के लिए नियम एक जैसे

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मदरसों में शुक्रवार के बजाय रविवार को छुट्टी किए जाने की तैयारी पर कहा कि मदरसे अब शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। ऐसे में उन पर भी वही नियम लागू होने चाहिए, जो अन्य स्कूलों के लिए निर्धारित हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तुष्टीकरण वाली शिक्षा नीति नहीं चाहती। सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए नीति और नियम बनाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें प्रदेश में संचालित नहीं होने दिया जाएगा।

मदरसा बोर्ड भंग होने के बाद बनाया गया अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण

प्रदेश में एक जुलाई से मदरसा बोर्ड भंग होने के बाद अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में पहले 452 मदरसे संचालित थे। इनमें से आधे से अधिक मदरसा संचालकों ने अपने संस्थान स्वयं बंद कर लिए हैं।

वर्तमान में 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिली है, जबकि 100 से अधिक मदरसों के मान्यता संबंधी आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा 35 मदरसों ने प्राधिकरण से धार्मिक शिक्षा की मान्यता प्राप्त की है। ऐसे में प्रदेश में मदरसों की मान्यता और संचालन व्यवस्था में बदलाव का दौर जारी है।

मदरसों में बच्चों को मिड-डे मील और किताबों का इंतजार

मदरसों में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था बदलने की तैयारी के बीच विद्यार्थियों को भोजन और पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल समेत प्रदेश के कई जिलों के मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को इन सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी इस मामले में शिक्षा निदेशालय को पत्र लिख चुके हैं। मदरसों में विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रशासन के सामने उठाया गया है।

पीएम पोषण योजना और एनसीईआरटी की किताबों को लेकर उठे सवाल

केबीएन एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी के सचिव निजाम अख्तर ने आरोप लगाया है कि मदरसों को पीएम पोषण योजना के तहत भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त एनसीईआरटी की किताबें भी नहीं मिल पाई हैं।

निजाम अख्तर ने इस मामले में अल्पसंख्यक आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। ऐसे में मदरसों में साप्ताहिक अवकाश बदलने के प्रस्ताव के साथ-साथ बच्चों को भोजन और पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।

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उत्तराखंड में 5 साल में 35 हजार से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी, सीएम धामी ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां https://dastaktimes.org/more-than-35-thousand-youth-got-government-jobs-in-uttarakhand-in-5-years-cm-dhami-enumerated-the-achievements-of-the-government/ Tue, 20 Oct 2026 11:32:51 +0000 https://dastaktimes.org/?p=920066 देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में HNN न्यूज चैनल की ओर से आईएसबीटी के पास एक होटल में आयोजित ‘उत्तराखंड उदय कॉन्क्लेव’ में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए और राज्य सरकार के फैसलों, उपलब्धियों तथा प्रदेश के विकास के लिए …]]>

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून में HNN न्यूज चैनल की ओर से आईएसबीटी के पास एक होटल में आयोजित ‘उत्तराखंड उदय कॉन्क्लेव’ में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न मुद्दों पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए और राज्य सरकार के फैसलों, उपलब्धियों तथा प्रदेश के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।

भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, युवाओं को रोजगार पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने और उनके लिए रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है। प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू करके भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को उनकी योग्यता और मेहनत के आधार पर रोजगार के अवसर मिलें।

समान नागरिक संहिता लागू करने वाला पहला राज्य बना उत्तराखंड

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड समान नागरिक संहिता लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। इसे महिला सशक्तीकरण और समान अधिकारों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे महिलाओं के अधिकारों को कानूनी मजबूती मिली है। राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी काम कर रही है। इसके तहत महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उनकी आजीविका बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, शिकायत के लिए हेल्पलाइन 1064

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 उपलब्ध कराया गया है। इसके जरिए नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शासन और प्रशासन में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है और भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

चारधाम यात्रा में 59 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

चारधाम यात्रा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष अब तक 59 लाख से अधिक श्रद्धालु यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या उत्तराखंड के प्रति लोगों की आस्था और विश्वास को दर्शाती है। सरकार यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसके लिए यात्रा मार्गों पर सड़क, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। साथ ही, दूसरे धार्मिक और पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देकर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।

पीएम मोदी के मार्गदर्शन में विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रहा प्रदेश

सीएम धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूल मंत्र के अनुरूप समाज के हर वर्ग तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना देश की एकता, अखंडता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करती है। उत्तराखंड भी अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।

युवाओं, महिलाओं और पर्यटन क्षेत्र पर सरकार का विशेष ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इसके लिए युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य तथा बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और सामूहिक प्रयासों के जरिए उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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CM धामी के बड़े ऐलान: सेलाकुई बनेगी नगर पालिका, उत्तराखंड को मिलेगा पहला सरकारी डेंटल कॉलेज https://dastaktimes.org/cm-dhamis-big-announcement-selaqui-will-become-a-municipality/ Tue, 20 Oct 2026 07:49:00 +0000 https://dastaktimes.org/?p=920054 देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेलाकुई में विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने सेलाकुई को जल्द नगर पालिका का दर्जा देने का ऐलान किया। इसके साथ ही प्रदेश का पहला सरकारी डेंटल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने …]]>

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेलाकुई में विकास और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को लेकर कई अहम घोषणाएं की हैं। उन्होंने सेलाकुई को जल्द नगर पालिका का दर्जा देने का ऐलान किया। इसके साथ ही प्रदेश का पहला सरकारी डेंटल कॉलेज स्थापित करने की तैयारी भी की जा रही है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को एचएनबी चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के सेलाकुई परिसर में 20.55 करोड़ रुपये की पांच योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इन योजनाओं से चिकित्सा शिक्षा, आधारभूत ढांचे और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं का विस्तार होगा।

20.55 करोड़ की पांच योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण

मुख्यमंत्री धामी ने सेलाकुई स्थित विश्वविद्यालय परिसर में 20.55 करोड़ रुपये की लागत वाली पांच योजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें 34 लाख रुपये की लागत से तैयार मुख्य द्वार और दंत चिकित्सालय का लोकार्पण भी शामिल है।

परिसर में 20.21 करोड़ रुपये की लागत से प्रशासनिक भवन, एम्फीथिएटर और नक्षत्र वाटिका विकसित की जाएगी। नए प्रशासनिक भवन में मेडिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े काम किए जाएंगे। भविष्य में यहां सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

प्रदेश का पहला सरकारी डेंटल कॉलेज बनाने की तैयारी

सेलाकुई परिसर में संचालित दंत चिकित्सालय को डेंटल कॉलेज के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके तैयार होने पर उत्तराखंड को अपना पहला सरकारी डेंटल कॉलेज मिल सकता है। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. भानु दुग्गल के मुताबिक, इसके लिए भवन और जरूरी सुविधाएं जुटाने के साथ विभिन्न पदों को स्वीकृति दिलाने का प्रयास किया जाएगा।

फिलहाल प्रदेश में दो निजी डेंटल कॉलेज हैं। संबद्धता की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक पोर्टल तैयार करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

विदेश में रोजगार के लिए युवाओं को मिल रहा प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विदेशी भाषाओं के प्रशिक्षण का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में 60 अभ्यर्थियों को जापान और वर्ष 2025 में 13 अभ्यर्थियों को जर्मनी में नौकरी मिली।

जर्मनी में रोजगार पाने वाली सपना राणा का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवा अपने कौशल के दम पर पहचान बना रहे हैं। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों की जिम्मेदारी पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी सेवा, समर्पण तथा संवेदनशीलता के साथ लोगों का जीवन बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

नकल विरोधी कानून का जिक्र, 35 हजार युवाओं को नौकरी देने का दावा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने नशे और नकल माफिया को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा कि जिनकी सरकारों में नकल माफिया को बढ़ावा मिला, वही आज युवाओं को भ्रमित कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनकी सरकार ने भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के जरिए 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

कार्यक्रम में कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने मां सरस्वती की पूजा की और हेमवती नंदन बहुगुणा की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल, विधायक सहदेव सिंह पुंडीर, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. भानु दुग्गल, यूकॉस्ट के महानिदेशक प्रो. दुर्गेश पंत, सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी, चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना, डॉ. संजय गौड़, डॉ. विजय जुयाल और डॉ. गीता जैन सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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उत्तराखंड के 1 लाख करोड़ के निवेश पर सियासी संग्राम, राहुल गांधी के आरोपों के बाद सोशल मीडिया पोस्ट पर केस दर्ज; भाजपा ने किया पलटवार https://dastaktimes.org/political-fight-over-investment-of-rs-1-lakh-crore-in-uttarakhand-case-registered-on-social-media-post-after-rahul-gandhis-allegations/ Mon, 19 Oct 2026 06:44:05 +0000 https://dastaktimes.org/?p=919925 देहरादून: उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत हुए निवेश को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य की भाजपा सरकार पर निवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है। वहीं, समिट को लेकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले में पुलिस …]]>

देहरादून: उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के तहत हुए निवेश को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य की भाजपा सरकार पर निवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया है। वहीं, समिट को लेकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भ्रामक जानकारी फैलाने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उद्योग निदेशालय की शिकायत पर राजपुर थाने में रविवार को सूचना प्रौद्योगिकी कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। दूसरी ओर, भाजपा ने राहुल गांधी के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए सरकार के निवेश संबंधी आंकड़ों का बचाव किया है।

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर सोशल मीडिया पोस्ट पर केस

उत्तराखंड में निवेश को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वर्ष 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की गई थी। अब इसी समिट को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री विवाद की वजह बन गई है। उद्योग निदेशालय के अपर निदेशक मृत्युंजय सिंह ने इस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल को लिखित शिकायत भेजी थी।

शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक्स समेत कुछ अन्य सोशल मीडिया मंचों पर कामरान नाम के व्यक्ति सहित कई लोग समिट को लेकर कथित तौर पर झूठी, भ्रामक और निराधार सामग्री प्रसारित कर रहे हैं। उद्योग निदेशालय का कहना है कि इस तरह के प्रचार से निवेशकों के बीच अविश्वास पैदा हो सकता है और राज्य में निवेश की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।

शिकायत के आधार पर राजपुर पुलिस ने सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की साइबर और तकनीकी जांच की जिम्मेदारी नेहरू कॉलोनी के इंस्पेक्टर देवेंद्र चौहान को सौंपी गई है।

सरकार का दावा- 1.01 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतरा

निवेश को लेकर उठ रहे सवालों के बीच उत्तराखंड सरकार ने अपने आंकड़े सामने रखे हैं। उद्योग विभाग के सचिव विनय शंकर पांडेय के मुताबिक, वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान मिले प्रस्तावों में से अब तक 1.01 लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों को भ्रामक बताते हुए कहा कि राज्य में निवेश से संबंधित आंकड़े पारदर्शी हैं और सरकारी पोर्टल पर उपलब्ध हैं। सरकार का कहना है कि निवेश की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक आंकड़ों के आधार पर ही आकलन किया जाना चाहिए।

राहुल गांधी ने निवेश के आंकड़ों पर उठाए सवाल

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर निवेश के नाम पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाया। उन्होंने इसे भाजपा के डबल इंजन मॉडल का एक और उदाहरण बताया।

राहुल गांधी के मुताबिक, ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान 3.56 लाख करोड़ रुपये के 1,779 समझौता ज्ञापन होने का दावा किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि रोड शो पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए और बाद में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश लागू होने की बात कही गई।

राहुल ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए दावा किया कि निवेशकों की सूची में आटा चक्कियों, खाद-बीज की दुकानों और छोटे क्लीनिकों को भी शामिल किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सूची में 35,279 करोड़ रुपये सरकारी बिजली कंपनियों से संबंधित हैं। इसके अलावा, उन्होंने 1,200 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े एक निवेशक की कमाई चार साल से शून्य रहने और उसके रिकॉर्ड में एक भी कर्मचारी नहीं होने का दावा किया।

राहुल गांधी ने राज्य सरकार से 3,300 निवेशकों की पूरी सूची सार्वजनिक करने की मांग भी की है। उनके इन आरोपों पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

भाजपा का पलटवार- कांग्रेस शासित राज्यों को भी देखें राहुल गांधी

राहुल गांधी के आरोपों पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने पलटवार किया। उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि राहुल जिस डिजिटल मीडिया रिपोर्ट का हवाला दे रहे हैं, उसके संबंध में उत्तराखंड सरकार पहले ही कानूनी कार्रवाई कर चुकी है।

भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौते हुए थे। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

उन्होंने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा कि छोटे उद्योगों और कारोबारियों के निवेश को नजरअंदाज करना उनके परिश्रम का अपमान है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने राहुल गांधी से उत्तराखंड पर सवाल उठाने से पहले कांग्रेस शासित राज्यों की स्थिति पर भी ध्यान देने को कहा।

निवेश के मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

उत्तराखंड में निवेश के आंकड़ों को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। कांग्रेस जहां निवेश प्रस्तावों के वास्तविक क्रियान्वयन और निवेशकों की सूची पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा सरकार के आंकड़ों का हवाला देकर आरोपों को खारिज कर रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक सामग्री के प्रसार को लेकर दर्ज मुकदमे ने विवाद को नया मोड़ दे दिया है।

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