<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>ममता बनर्जी &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<atom:link href="https://dastaktimes.org/tag/%E0%A4%AE%E0%A4%AE%E0%A4%A4%E0%A4%BE-%E0%A4%AC%E0%A4%A8%E0%A4%B0%E0%A5%8D%E0%A4%9C%E0%A5%80/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
	<lastBuildDate>Fri, 18 Sep 2026 12:28:42 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.10</generator>

<image>
	<url>https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2024/01/cropped-DT-ICon-copy.png</url>
	<title>ममता बनर्जी &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद ममता गुट की नंदीग्राम उम्मीदवार ने नामांकन वापस लिया, उपचुनाव से पहले बड़ा सियासी घटनाक्रम</title>
		<link>https://dastaktimes.org/mamta-factions-nandigram-candidate-withdrew-nomination-after-meeting-shubhendu-adhikari-big-political-development-before-the-by-election/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 18 Sep 2026 12:28:40 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata All India Trinamool Congress]]></category>
		<category><![CDATA[Nandigram Bypoll 2026]]></category>
		<category><![CDATA[Nandigram Election]]></category>
		<category><![CDATA[Sanchita Pradhan Dey]]></category>
		<category><![CDATA[TMC]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Symbol]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal Bypoll]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[नंदीग्राम उपचुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[रेजीनगर उपचुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[शुभेंदु अधिकारी]]></category>
		<category><![CDATA[संचिता प्रधान डे]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=908104</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-194-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-194-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-194-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-194.jpg 700w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />कोलकाता: पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के कुछ घंटे बाद यह फैसला लिया। नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-194-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-194-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-194-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-194.jpg 700w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>कोलकाता:</strong> पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव से पहले बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। ममता बनर्जी गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के कुछ घंटे बाद यह फैसला लिया। नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है।</p>



<p><strong>शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद लिया फैसला</strong></p>



<p>संचिता प्रधान डे ममता बनर्जी गुट की ओर से नंदीग्राम सीट पर उम्मीदवार थीं। शुक्रवार को उन्होंने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की और इसके बाद अपना नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर है। उनके इस फैसले के बाद ममता गुट नंदीग्राम में अपने उम्मीदवार के बिना रह गया है।</p>



<p>हालांकि, संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस लेने की वजह सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की है। शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात और उसके तुरंत बाद नामांकन वापस लिए जाने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।</p>



<p><strong>चुनाव आयोग ने दोनों टीएमसी गुटों को दिए अलग नाम और चुनाव चिह्न</strong></p>



<p>यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों के लिए अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और फुटबॉल खिलाड़ी वाला चुनाव चिह्न दिया गया है। दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न मिला है।</p>



<p><strong>ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी पर लगाए आरोप</strong></p>



<p>संचिता के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और एसआईआर को लेकर बीजेपी पर कई आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने दावा किया कि एसआईआर के जरिए बड़ी संख्या में नाम मतदाता सूची से हटाए गए और इस प्रक्रिया में एआई के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने इसे लोकतंत्र के इतिहास का काला दिन बताया।</p>



<p>ममता बनर्जी ने महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी और एनसीपी से जुड़े घटनाक्रमों का भी जिक्र किया। उन्होंने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामलों और कथित हिंसा को लेकर भी आरोप लगाए। ये सभी दावे ममता बनर्जी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किए।</p>



<p><strong>नंदीग्राम क्यों है अहम?</strong></p>



<p>नंदीग्राम का नाम पश्चिम बंगाल की राजनीति में खास महत्व रखता है। 2021 के विधानसभा चुनाव में इसी सीट से ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच मुकाबला हुआ था। उस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था। बाद में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ दी, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। 6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों विधानसभा सीटों पर मतदान होगा, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को निर्धारित है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ममता बनर्जी के लिए ऋतब्रत बनर्जी का बड़ा एलान, उपचुनाव लड़ेंगी तो वापस ले लेंगे अपना उम्मीदवार; बोले- विधानसभा में देखना चाहते हैं</title>
		<link>https://dastaktimes.org/ritabrata-banerjees-big-announcement-for-mamata-banerjee-if-she-contests-the-by-election/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 12 Sep 2026 13:02:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[by election]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[Nandigram]]></category>
		<category><![CDATA[Rithabrata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[TMC]]></category>
		<category><![CDATA[TMC dispute]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal Politics]]></category>
		<category><![CDATA[उपचुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[ऋतब्रत बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव चिन्ह]]></category>
		<category><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[नंदीग्राम]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[विधानसभा चुनाव]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=907477</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-125-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-125-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-125-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-125.jpg 700w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने शनिवार को ममता बनर्जी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी उपचुनाव लड़ने का फैसला करती हैं, तो उनका गुट अपना उम्मीदवार वापस ले लेगा। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वे चाहते हैं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-125-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-125-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-125-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-125.jpg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> तृणमूल कांग्रेस के बागी गुट के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने शनिवार को ममता बनर्जी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर ममता बनर्जी उपचुनाव लड़ने का फैसला करती हैं, तो उनका गुट अपना उम्मीदवार वापस ले लेगा। ऋतब्रत बनर्जी ने कहा कि वे चाहते हैं कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोबारा विधानसभा में लौटें।</p>



<p>ऋतब्रत बनर्जी ने बताया कि उनके गुट ने उपचुनाव के लिए अपने उम्मीदवार का नाम लगभग तय कर लिया है। हालांकि, अगर ममता बनर्जी निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भी चुनाव मैदान में उतरने का फैसला करती हैं, तो वे अपना उम्मीदवार वापस ले लेंगे।</p>



<p><strong>‘हम चाहते हैं कि ममता बनर्जी विधानसभा में आएं’</strong></p>



<p>ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, “हम चाहते हैं कि डॉ. ममता बनर्जी विधानसभा में आएं। बेहतर होगा अगर वह नंदीग्राम से आएं।” उन्होंने नंदीग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि इसी सीट से ममता बनर्जी 2021 के विधानसभा चुनाव में हार गई थीं।</p>



<p>उन्होंने साफ किया कि ममता बनर्जी अगर उपचुनाव लड़ने का निर्णय लेती हैं, तो उनका गुट उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगा और अपने प्रत्याशी को वापस ले लेगा।</p>



<p><strong>पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद</strong></p>



<p>ऋतब्रत बनर्जी का यह बयान ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और उनके गुट के बीच जारी विवाद के बीच आया है। दोनों पक्षों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर विवाद चल रहा है। इसी राजनीतिक टकराव के बीच ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी के विधानसभा में लौटने के समर्थन में यह बड़ा एलान किया है।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>नंदीग्राम में ममता बनर्जी को बागी गुट की खुली चुनौती, कहा- ‘आप लड़िए, हम उम्मीदवार नहीं उतारेंगे’</title>
		<link>https://dastaktimes.org/rebel-group-openly-challenged-mamata-banerjee-in-nandigram-you-fight/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 10 Sep 2026 05:41:06 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[Nandigram Assembly Seat]]></category>
		<category><![CDATA[Nandigram By Election]]></category>
		<category><![CDATA[Suvendu Adhikari]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Party Symbol]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Rebel Faction]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal By Election]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी बागी गुट]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी विवाद]]></category>
		<category><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[नंदीग्राम उपचुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[नंदीग्राम विधानसभा सीट]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल उपचुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[शुभेंदु अधिकारी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=907116</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Photo-3-7-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Photo-3-7-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Photo-3-7-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Photo-3-7.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर दो खेमों के बीच जारी टकराव अब नंदीग्राम उपचुनाव तक पहुंच गया है। पार्टी के बागी गुट ने बुधवार को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। गुट ने साफ किया कि अगर ममता बनर्जी इस &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Photo-3-7-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Photo-3-7-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Photo-3-7-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Photo-3-7.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर दो खेमों के बीच जारी टकराव अब नंदीग्राम उपचुनाव तक पहुंच गया है। पार्टी के बागी गुट ने बुधवार को टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। गुट ने साफ किया कि अगर ममता बनर्जी इस सीट से मैदान में उतरती हैं तो उनके खिलाफ कोई उम्मीदवार नहीं उतारा जाएगा।</p>



<p>बागी टीएमसी के प्रवक्ता रिजु दत्ता ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के बाहर कहा कि उनका गुट चाहता है कि ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ें, जीत हासिल करें और दोबारा विधानसभा में लौटें। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में बागी खेमे की ओर से ममता के खिलाफ प्रत्याशी नहीं उतारा जाएगा।</p>



<p><strong>भाजपा विरोधी वोटों के बंटवारे का दिया तर्क</strong></p>



<p>बागी विधायक मदन मित्रा ने ममता बनर्जी के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारने के फैसले को भाजपा विरोधी वोटों के विभाजन से जोड़कर बताया। उन्होंने कहा कि अगर उनका गुट भाजपा की ‘बी टीम’ के रूप में काम कर रहा होता तो विपक्षी वोटों को बांटने के लिए दो नहीं, बल्कि तीन-चार उम्मीदवार मैदान में उतारे जा सकते थे।</p>



<p>मदन मित्रा ने दावा किया कि नंदीग्राम में ममता बनर्जी को वॉकओवर देने का फैसला यह संदेश देगा कि उनका गुट भाजपा के इशारे पर काम नहीं कर रहा है।</p>



<p><strong>2021 में शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ हारी थीं ममता</strong></p>



<p>नंदीग्राम ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर की महत्वपूर्ण सीट रही है। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने तत्कालीन करीबी सहयोगी और भाजपा उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था। हालांकि, इस चुनाव में ममता को हार का सामना करना पड़ा था।</p>



<p>2026 के विधानसभा चुनाव में भी शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर जीत दर्ज की। इसके अलावा उन्होंने ममता बनर्जी के गृह क्षेत्र भवानीपुर में भी उन्हें शिकस्त दी। चुनाव के बाद शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट खाली कर दी। इसी वजह से अब नंदीग्राम में उपचुनाव कराया जा रहा है।</p>



<p><strong>टीएमसी के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर भी विवाद</strong></p>



<p>बागी गुट का यह ऐलान ऐसे वक्त हुआ है, जब तृणमूल कांग्रेस के दोनों धड़ों के बीच पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अधिकार को लेकर विवाद जारी है। चुनाव आयोग ने अभी यह तय नहीं किया है कि टीएमसी के आधिकारिक नाम और चुनाव चिन्ह पर किस गुट का अधिकार होगा।</p>



<p>रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला बागी गुट पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह पर अपना दावा कर रहा है। गुट का कहना है कि अगर चुनाव आयोग नामांकन की अंतिम तारीख से पहले उसके पक्ष में फैसला नहीं करता है तो वह निर्दलीय उम्मीदवारों के तौर पर चुनाव लड़ने की तैयारी भी कर रहा है।</p>



<p><strong>6 अक्टूबर को नंदीग्राम में होगा उपचुनाव</strong></p>



<p>नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव कराया जाएगा। इसके लिए बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। उम्मीदवार 16 सितंबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 19 सितंबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। दोनों सीटों के नतीजे 9 अक्टूबर को मतगणना के बाद सामने आएंगे।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>‘चोर-चोर’ के नारों से गूंजा कोलकाता, ममता बनर्जी के कार्यक्रम में फिर विरोध; TMC-BJP आमने-सामने</title>
		<link>https://dastaktimes.org/kolkata-echoed-with-slogans-of-chor-chor-protest-again-in-mamata-banerjees-program-tmc-bjp-face-to-face/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 07:08:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
		<category><![CDATA[Kolkata Protest]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[Netaji Subhash Chandra Bose]]></category>
		<category><![CDATA[Shyambazar]]></category>
		<category><![CDATA[TMC]]></category>
		<category><![CDATA[Trinamool Congress]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal Politics]]></category>
		<category><![CDATA[कोलकाता विरोध प्रदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[चोर चोर नारे]]></category>
		<category><![CDATA[नागेंद्र राय]]></category>
		<category><![CDATA[नेताजी सुभाष चंद्र बोस]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[श्यामबाजार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=898549</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e-300x225.avif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e-300x225.avif 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e-1024x769.avif 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e-768x576.avif 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e.avif 1199w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मंगलवार को राजधानी कोलकाता में एक बार फिर विरोध का सामना करना पड़ा। उत्तर कोलकाता के श्यामबाजार पांचमाथा चौराहे पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर भाजपा सांसद नागेंद्र &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="225" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e-300x225.avif" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e-300x225.avif 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e-1024x769.avif 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e-768x576.avif 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Mamata_banerjee_1786497751488_1786497751624_03d5e4a1-d817-459c-aa9f-098ed0614e9e.avif 1199w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>कोलकाता:</strong> पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मंगलवार को राजधानी कोलकाता में एक बार फिर विरोध का सामना करना पड़ा। उत्तर कोलकाता के श्यामबाजार पांचमाथा चौराहे पर तृणमूल कांग्रेस के कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर भाजपा सांसद नागेंद्र राय की कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। विरोध के कारण कुछ देर के लिए कार्यक्रम में व्यवधान की स्थिति बन गई।</p>



<p>ममता बनर्जी श्यामबाजार पहुंचीं और स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस का चित्र अपने हाथ में लेकर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। तृणमूल कांग्रेस ने यह आयोजन भाजपा सांसद की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में किया था।</p>



<p><strong>भाजपा सांसद की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद</strong></p>



<p>विवाद भाजपा के राज्यसभा सदस्य नागेंद्र राय की कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ। अनंत महाराज के नाम से पहचाने जाने वाले राय ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को कथित तौर पर ‘युद्ध अपराधी’ बताया था। उन्होंने नेताजी के नेतृत्व पर सवाल उठाने के साथ आजाद हिंद फौज की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका पर भी संदेह जताया था।</p>



<p>पश्चिम बंगाल भाजपा ने सांसद के बयान से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि नागेंद्र राय की टिप्पणी उनकी निजी राय है और भाजपा न तो इसका समर्थन करती है और न ही इसे पार्टी का आधिकारिक रुख माना जाना चाहिए।</p>



<p><strong>नेताजी के मुद्दे पर TMC ने भाजपा को घेरा</strong></p>



<p>तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा सांसद की टिप्पणी को बंगाल की राष्ट्रवादी विरासत और नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान से जोड़ दिया है। पार्टी का आरोप है कि नेताजी के प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी के जरिए बंगाल के गौरव को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई।</p>



<p>ममता बनर्जी ने कार्यक्रम के दौरान अपना ध्यान स्वतंत्रता आंदोलन और उसके नायकों पर केंद्रित रखा। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी और मातंगिनी हाजरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी केवल दिखावे के लिए कार्यक्रम नहीं करती, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान दिल से करती है।</p>



<p><strong>हालीशहर के दो दिन बाद फिर लगे ‘चोर-चोर’ के नारे</strong></p>



<p>श्यामबाजार की घटना से महज दो दिन पहले उत्तर 24 परगना जिले के हालीशहर में भी ममता बनर्जी के काफिले को प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया था। वह तृणमूल कांग्रेस के उस कार्यकर्ता के परिवार से मिलने पहुंची थीं, जिसकी पुलिस हिरासत में मौत हुई थी। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कीचड़ और चप्पलें भी फेंकी थीं।</p>



<p>पुलिसकर्मियों ने ममता बनर्जी के वाहन के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाकर उन्हें वहां से निकाला था। इस घटना के बाद भी भाजपा ने अपनी भूमिका से इनकार किया था।</p>



<p><strong>TMC का भाजपा समर्थकों पर आरोप</strong></p>



<p>तृणमूल कांग्रेस ने श्यामबाजार में हुए विरोध को भाजपा समर्थित लोगों की सुनियोजित कार्रवाई बताया है। पार्टी का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने जानबूझकर कार्यक्रम में बाधा डालने और ममता बनर्जी का अपमान करने की कोशिश की।</p>



<p><strong>भाजपा बोली- जनता के गुस्से का नतीजा</strong></p>



<p>भाजपा ने हालीशहर की घटना में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। पार्टी नेताओं ने विरोध प्रदर्शनों को ममता बनर्जी के खिलाफ जनता के गुस्से की अभिव्यक्ति बताया। भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी घटना में पार्टी की संलिप्तता से इनकार करते हुए इसे लोगों का आक्रोश बताया था।</p>



<p><strong>लगातार विरोध से बढ़ी सियासी गर्मी</strong></p>



<p>कुछ ही दिनों के अंतराल में हालीशहर और फिर कोलकाता में ममता बनर्जी के खिलाफ नारेबाजी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में टकराव बढ़ा दिया है। तृणमूल कांग्रेस इन घटनाओं को ममता बनर्जी के कार्यक्रमों को बाधित करने और उनकी छवि खराब करने की राजनीतिक कोशिश बता रही है, जबकि भाजपा इसे जनता की नाराजगी के तौर पर पेश कर रही है। वहीं, नेताजी को लेकर भाजपा सांसद की टिप्पणी ने दोनों दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>श्यामबाजार में ममता बनर्जी के खिलाफ लगे ‘चोर-चोर’ के नारे, नेताजी विवाद पर TMC के कार्यक्रम में बढ़ा सियासी घमासान</title>
		<link>https://dastaktimes.org/chor-chor-slogans-raised-against-mamata-banerjee-in-shyambazar-political-turmoil-increases-in-tmc-program-on-netaji-controversy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 05:43:54 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[Nagendra Roy]]></category>
		<category><![CDATA[Netaji Subhash Chandra Bose]]></category>
		<category><![CDATA[Shyambazar Protest]]></category>
		<category><![CDATA[TMC BJP Clash]]></category>
		<category><![CDATA[TMC बीजेपी विवाद]]></category>
		<category><![CDATA[नागेंद्र रॉय]]></category>
		<category><![CDATA[नेताजी सुभाष चंद्र बोस]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी चोर नारे]]></category>
		<category><![CDATA[शुभेंदु अधिकारी]]></category>
		<category><![CDATA[श्यामबाजार प्रदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[श्यामबाजार ममता विरोध]]></category>
		<category><![CDATA[हालीशहर ममता विरोध]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=898455</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/mamta-banerjee-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/mamta-banerjee-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/mamta-banerjee.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मंगलवार को कोलकाता के श्यामबाजार इलाके में विरोध का सामना करना पड़ा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय की कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने ममता बनर्जी के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/mamta-banerjee-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/mamta-banerjee-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/mamta-banerjee.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>कोलकाता:</strong> पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को मंगलवार को कोलकाता के श्यामबाजार इलाके में विरोध का सामना करना पड़ा। नेताजी सुभाष चंद्र बोस को लेकर बीजेपी के राज्यसभा सांसद नागेंद्र रॉय की कथित विवादित टिप्पणी के विरोध में तृणमूल कांग्रेस की ओर से आयोजित कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे लगाए। विरोध के कारण कुछ समय के लिए कार्यक्रम में व्यवधान की स्थिति बनी।</p>



<p>ममता बनर्जी उत्तर कोलकाता के श्यामबाजार फाइव-पॉइंट क्रॉसिंग पहुंचीं। उनके हाथ में स्वतंत्रता सेनानी खुदीराम बोस का चित्र था। यहां उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित की। तृणमूल कांग्रेस ने यह कार्यक्रम बीजेपी सांसद नागेंद्र रॉय की नेताजी को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में आयोजित किया था।</p>



<p><strong>नागेंद्र रॉय की टिप्पणी को लेकर सियासी घमासान</strong><br>नागेंद्र रॉय ने कथित तौर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को ‘युद्ध अपराधी’ बताया था। उन्होंने नेताजी के नेतृत्व पर सवाल उठाने के साथ आजाद हिंद फौज की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े किए थे।</p>



<p>हालांकि, पश्चिम बंगाल बीजेपी ने सांसद के बयान से खुद को अलग कर लिया है। पार्टी नेताओं के मुताबिक नागेंद्र रॉय की टिप्पणी उनकी निजी राय है। बीजेपी ने कहा है कि वह इस बयान का समर्थन नहीं करती और इसे पार्टी की विचारधारा या आधिकारिक रुख नहीं माना जाना चाहिए।</p>



<p>तृणमूल कांग्रेस ने इस टिप्पणी को बंगाल की राष्ट्रवादी विरासत और नेताजी के सम्मान से जोड़ते हुए बीजेपी पर निशाना साधा है। पार्टी का आरोप है कि श्यामबाजार में कुछ बीजेपी समर्थित लोगों ने जानबूझकर कार्यक्रम में व्यवधान पैदा करने और ममता बनर्जी का अपमान करने के लिए विरोध किया।</p>



<p><strong>हालीशहर के बाद श्यामबाजार में फिर ममता का विरोध</strong><br>श्यामबाजार की घटना से दो दिन पहले रविवार को हालीशहर में भी ममता बनर्जी को विरोध का सामना करना पड़ा था। वह एक TMC कार्यकर्ता की कथित पुलिस हिरासत में मौत के बाद उसके परिवार से मिलने पहुंची थीं। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों ने उनकी गाड़ी को घेरकर ‘चोर’ के नारे लगाए थे। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों की ओर से मिट्टी और चप्पलें भी फेंकी गईं। पुलिसकर्मियों ने सुरक्षा घेरा बनाकर ममता बनर्जी की गाड़ी को वहां से बाहर निकाला था।</p>



<p>बीजेपी ने हालीशहर की घटना में अपनी भूमिका से इनकार किया था। पार्टी ने इसे ममता बनर्जी के खिलाफ जनता के गुस्से का प्रदर्शन बताया। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने भी घटना में बीजेपी की भूमिका से इनकार करते हुए कहा था कि लोगों ने ममता बनर्जी के खिलाफ ‘चोर’ के नारे इसलिए लगाए, क्योंकि उनके मुताबिक उन्होंने बहुत चोरी की है।</p>



<p><strong>ममता बनर्जी ने स्वतंत्रता सेनानियों का किया जिक्र</strong><br>मंगलवार को विरोध के बीच ममता बनर्जी ने अपना ध्यान स्वतंत्रता आंदोलन और उसके नायकों पर केंद्रित रखा। उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी और मातंगिनी हाजरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी पार्टी केवल दिखावे के लिए कार्यक्रम आयोजित नहीं करती, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों का दिल से सम्मान करती है।</p>



<p>श्यामबाजार में हुए विरोध के बाद बीजेपी और TMC के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। नेताजी को लेकर सांसद की कथित टिप्पणी और ममता बनर्जी के विरोध की घटनाओं ने पश्चिम बंगाल की सियासत में टकराव को और बढ़ा दिया है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ममता की करीबी से मोदी सरकार की समर्थक तक, सायोनी घोष का बड़ा राजनीतिक यू-टर्न; पहली बार NDA बैठक में हुईं शामिल</title>
		<link>https://dastaktimes.org/sayoni-ghoshs-big-political-u-turn-from-close-to-mamata-to-supporter-of-modi-government-attended-nda-meeting-for-the-first-time/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 29 Jul 2026 05:33:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[amit shah]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[NDA Meeting]]></category>
		<category><![CDATA[pm modi]]></category>
		<category><![CDATA[Saayoni Ghosh]]></category>
		<category><![CDATA[Saayoni Ghosh NDA]]></category>
		<category><![CDATA[Saayoni Ghosh News]]></category>
		<category><![CDATA[TMC News]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अमित शाह]]></category>
		<category><![CDATA[एनडीए बैठक]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[सायोनी घोष]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=896049</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="193" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-15-300x193.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-15-300x193.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-15-768x494.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-15.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में कभी तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सांसद सायोनी घोष अब बदले हुए राजनीतिक तेवर के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के मंच पर नजर आईं। टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल होने के बाद उन्होंने मंगलवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="193" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-15-300x193.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-15-300x193.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-15-768x494.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/000000-15.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> पश्चिम बंगाल की राजनीति में कभी तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली सांसद सायोनी घोष अब बदले हुए राजनीतिक तेवर के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के मंच पर नजर आईं। टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल होने के बाद उन्होंने मंगलवार को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया। बैठक के बाद सायोनी घोष ने अपने अनुभव साझा किए, जिनकी राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।</p>



<p><strong>पहली बार एनडीए संसदीय दल की बैठक में हुईं शामिल</strong></p>



<p>संसद भवन परिसर स्थित लाइब्रेरी भवन में मंगलवार सुबह एनडीए संसदीय दल की बैठक आयोजित की गई, जिसे &#8216;मंगल मिलन&#8217; नाम दिया गया। इस बैठक में टीएमसी छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए सांसदों ने भी भाग लिया। सायोनी घोष के साथ काकोली घोष और शताब्दी रॉय भी बैठक में मौजूद रहीं।</p>



<p><strong>बैठक को बताया ज्ञानवर्धक और उपयोगी</strong></p>



<p>बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सायोनी घोष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में हुई यह बैठक उनके लिए ज्ञानवर्धक और जानकारी से भरपूर रही। उन्होंने कहा कि बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई और नए सांसदों के लिए यह अनुभव काफी उपयोगी रहा।</p>



<p><strong>एफटीए और ब्लू इकॉनमी पर हुई चर्चा</strong></p>



<p>सायोनी घोष के अनुसार, बैठक में मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए), ब्लू इकॉनमी और आगामी विधायी एजेंडे पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृह मंत्री और अन्य वरिष्ठ मंत्रियों ने विभिन्न नीतियों की जानकारी दी, जिससे देश की विकास दिशा को करीब से समझने का अवसर मिला।</p>



<p><strong>बदला राजनीतिक रुख बना चर्चा का विषय</strong></p>



<p>वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में सायोनी घोष तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर जादवपुर सीट से सांसद चुनी गई थीं। उस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी की मुखर आलोचक मानी जाती थीं। हालांकि, टीएमसी से अलग होने और एनसीपीआई में शामिल होने के बाद उनके राजनीतिक रुख में बदलाव देखने को मिला है।</p>



<p><strong>एंटी-पेपर लीक बिल का किया समर्थन</strong></p>



<p>सायोनी घोष ने सार्वजनिक परीक्षा विधेयक (एंटी-पेपर लीक बिल) का समर्थन करते हुए केंद्र सरकार की पहल की सराहना की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी से अलग होने के बाद वह राष्ट्रीय राजनीति में नई भूमिका के साथ अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं।</p>



<p><strong>&#8216;पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं मिला&#8217;</strong></p>



<p>सायोनी घोष ने कहा कि एनडीए की बैठक में देश की प्रगति, एफटीए, किसानों से जुड़े मुद्दों और आगामी विधेयकों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बैठक की व्यवस्था की भी सराहना करते हुए कहा कि इस तरह का अनुभव उन्हें पहले कभी नहीं मिला था और इससे उन्हें संसदीय कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिला।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>TMC को हाईकोर्ट से बड़ा झटका! ईडी ने फ्रीज किए 3 बैंक खाते, 440 करोड़ रुपये पर फिलहाल नहीं मिलेगी राहत</title>
		<link>https://dastaktimes.org/big-blow-to-tmc-from-high-court-ed-freezes-3-bank-accounts-worth-rs-440-crore/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Jul 2026 05:16:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[440 Crore]]></category>
		<category><![CDATA[AgustaWestland 109SP]]></category>
		<category><![CDATA[Calcutta High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Carewell Aviation India]]></category>
		<category><![CDATA[ED Action]]></category>
		<category><![CDATA[ED Freeze Accounts]]></category>
		<category><![CDATA[ED Investigation]]></category>
		<category><![CDATA[Embraer Legacy 600]]></category>
		<category><![CDATA[financial irregularities]]></category>
		<category><![CDATA[Kolkata High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee news]]></category>
		<category><![CDATA[money laundering]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Bank Accounts]]></category>
		<category><![CDATA[TMC News]]></category>
		<category><![CDATA[Trinamool Congress]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal news]]></category>
		<category><![CDATA[ईडी कार्रवाई]]></category>
		<category><![CDATA[ईडी जांच]]></category>
		<category><![CDATA[कोलकाता हाईकोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[बैंक खाते फ्रीज]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीतिक खबर]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=895019</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/photo4-20-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/photo4-20-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/photo4-20-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/photo4-20.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कोलकाता हाईकोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा फ्रीज किए गए पार्टी के तीन बैंक खातों को अस्थायी रूप से संचालित करने की अनुमति देने की मांग खारिज कर दी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल तीनों बैंक खाते फ्रीज ही रहेंगे। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/photo4-20-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/photo4-20-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/photo4-20-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/photo4-20.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कोलकाता हाईकोर्ट से बड़ी राहत नहीं मिली है। अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा फ्रीज किए गए पार्टी के तीन बैंक खातों को अस्थायी रूप से संचालित करने की अनुमति देने की मांग खारिज कर दी। हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल तीनों बैंक खाते फ्रीज ही रहेंगे। इस निर्णय को पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।</p>



<p>ईडी ने तृणमूल कांग्रेस के तीन बैंक खातों को फ्रीज किया है, जिनमें कुल 440.42 करोड़ रुपये जमा बताए गए हैं। जांच एजेंसी ने यह कार्रवाई राज्य पुलिस की एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच के तहत की है। मामले में कथित वित्तीय अनियमितताओं, अवैध तरीके से धन जुटाने और बैंक खातों के जरिए हुए संदिग्ध लेनदेन की जांच की जा रही है।</p>



<p><strong>हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने से किया इनकार</strong></p>



<p>मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने 13 जुलाई को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए तृणमूल कांग्रेस को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया और स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक बैंक खाते फिलहाल फ्रीज ही रहेंगे।</p>



<p><strong>ईडी की जांच में सामने आए बड़े वित्तीय लेनदेन के दावे</strong></p>



<p>मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी की शुरुआती जांच में दावा किया गया है कि अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से करीब 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उससे जुड़ी एक अन्य कंपनी को ट्रांसफर किए गए।</p>



<p>जांच एजेंसी का आरोप है कि संबंधित कंपनी ने वर्ष 2023 से 2026 के बीच 82.96 करोड़ रुपये एक अन्य नई कंपनी को भेजे। अधिकारियों के मुताबिक, इस कंपनी के माध्यम से बड़ी राशि का लेनदेन किया गया, जिसकी वैधता और धन के स्रोत की जांच की जा रही है।</p>



<p><strong>बिजनेस जेट और हेलीकॉप्टर खरीद की भी जांच</strong></p>



<p>ईडी का यह भी दावा है कि जांच के दौरान सामने आया कि करीब 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एम्ब्रेयर लेगेसी 600 बिजनेस जेट और अगस्तावेस्टलैंड 109SP हेलीकॉप्टर की खरीद में किया गया। एजेंसी इन लेनदेन की वैधता, धन के स्रोत और पूरे वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है।</p>



<p>फिलहाल मामले की जांच जारी है। आगामी सुनवाई में अदालत के समक्ष ईडी और संबंधित पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश करेंगे, जिसके बाद मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बंगाल में TMC के फ्रीज बैंक खातों पर सियासी संग्राम, हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा बागी गुट</title>
		<link>https://dastaktimes.org/political-battle-on-freezing-bank-accounts-of-tmc-in-bengal-rebel-group-will-challenge-the-high-court-order-in-the-supreme-court/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 10 Jul 2026 05:14:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Bengal political news]]></category>
		<category><![CDATA[ED Investigation]]></category>
		<category><![CDATA[Kolkata High Court]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[Ritabrata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[supreme court]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Bank Account Case]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Bank Accounts Freeze]]></category>
		<category><![CDATA[TMC News]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal Politics]]></category>
		<category><![CDATA[ईडी जांच]]></category>
		<category><![CDATA[कोलकाता हाईकोर्ट]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी खाते फ्रीज]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी बैंक खाते]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी विवाद]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[बंगाल ताजा खबर]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीतिक समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[रितब्रत बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[सुप्रीम कोर्ट]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=893924</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="177" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/00000000-5-300x177.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/00000000-5-300x177.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/00000000-5-768x452.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/00000000-5.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की तैयारी में है। पार्टी के बैंक खाते फ्रीज होने के मामले में नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी ने घोषणा की है कि उनका गुट कोलकाता हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा, जिसमें टीएमसी को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="177" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/00000000-5-300x177.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/00000000-5-300x177.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/00000000-5-768x452.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/00000000-5.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>कोलकाता:</strong> पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों को लेकर विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की तैयारी में है। पार्टी के बैंक खाते फ्रीज होने के मामले में नेता प्रतिपक्ष रितब्रत बनर्जी ने घोषणा की है कि उनका गुट कोलकाता हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगा, जिसमें टीएमसी को अपने तीन फ्रीज बैंक खातों का सीमित उपयोग करने की अनुमति दी गई है। रितब्रत बनर्जी ने पार्टी फंड में करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप भी लगाया है।</p>



<p><strong>हाईकोर्ट ने सीमित उपयोग की दी थी अनुमति</strong></p>



<p>कोलकाता हाईकोर्ट ने टीएमसी के तीन फ्रीज बैंक खातों से रोजमर्रा के खर्चों के संचालन के लिए एक विशेष अधिकारी नियुक्त किया है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कलकत्ता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार को 30 सितंबर 2026 तक विशेष अधिकारी नियुक्त करते हुए पार्टी के नियमित प्रशासनिक खर्चों के प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी है।</p>



<p><strong>शिकायत के बाद फ्रीज हुए थे खाते</strong></p>



<p>रितब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट ने 18 जून को बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय के साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक निजी बैंक में मौजूद पार्टी के तीन खातों में जमा राशि अपराध से अर्जित धन है। शिकायत दर्ज होने के अगले दिन 19 जून को इन खातों पर डेबिट फ्रीज लगा दिया गया, जिसके बाद इनसे वित्तीय लेनदेन पर रोक लगा दी गई।</p>



<p><strong>विशेष अधिकारी की निगरानी में होगा खर्च</strong></p>



<p>अदालत ने आदेश दिया कि तीनों बैंक खातों के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता विशेष अधिकारी के समक्ष चेक प्रस्तुत करेंगे। विशेष अधिकारी की मंजूरी के बाद ही बैंक से राशि निकाली जा सकेगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि खाते से केवल पार्टी के नियमित संचालन और दैनिक खर्चों के लिए ही धनराशि निकाली जा सकेगी।</p>



<p><strong>सुप्रीम कोर्ट में दायर होगी विशेष अनुमति याचिका</strong></p>



<p>रितब्रत बनर्जी ने कहा कि उनका गुट इस मामले में विशेष अनुमति याचिका दायर करेगा। उन्होंने बताया कि कानूनी सलाह लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट जाने का फैसला किया गया है। उनका कहना है कि हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय इस मामले का पक्षकार नहीं था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में दायर होने वाली याचिका में प्रवर्तन निदेशालय भी पक्षकार बनेगा।</p>



<p><strong>160 करोड़ रुपये की हेराफेरी का लगाया आरोप</strong></p>



<p>रितब्रत बनर्जी ने पार्टी फंड में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप लगाए। उनका दावा है कि एक कंपनी ने पार्टी फंड का उपयोग कर संपत्तियां खरीदीं और बाद में उन्हीं संपत्तियों का किराया पार्टी द्वारा उसी कंपनी को दिया गया। उन्होंने इस पूरे मामले को मनी लॉन्ड्रिंग का उदाहरण बताते हुए 160 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का आरोप लगाया।</p>



<p><strong>टीएमसी ने बताया राजनीतिक कार्रवाई</strong></p>



<p>दूसरी ओर ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी के तीन बैंक खातों में जमा 440.42 करोड़ रुपये फ्रीज किए जाने के फैसले का विरोध किया है। पार्टी ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।</p>



<p><strong>पूर्व सांसदों के भाजपा में जाने पर भी दिया बयान</strong></p>



<p>टीएमसी के पूर्व राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव, प्रकाश चिक बड़ाईक और सुखेंदु शेखर रॉय के भाजपा में शामिल होने पर रितब्रत बनर्जी ने कहा कि राजनीतिक मतभेदों का असर निजी संबंधों पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राजनीतिक पसंद का निर्णय लेने का अधिकार है और व्यक्तिगत रिश्ते राजनीतिक विचारधाराओं से अलग होते हैं।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पश्चिम बंगाल में TMC का सियासी संग्राम तेज! पार्टी दफ्तर पर ऋतब्रत गुट का कब्जे का दावा, ताला लगाकर अपने साथ ले गए चाबी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/tmcs-political-struggle-intensifies-in-west-bengal-ritabrata-faction-claims-to-have-possession-of-the-party-office-locked-it-and-took-the-key-with-itself/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 04 Jul 2026 05:23:36 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[Arup Roy]]></category>
		<category><![CDATA[Election Commission]]></category>
		<category><![CDATA[Joora Phool Symbol]]></category>
		<category><![CDATA[Kalyan Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[kolkata News]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[Ritabrata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[Sandipan Saha]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Crisis]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Internal Conflict]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Office Kolkata]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Split]]></category>
		<category><![CDATA[Trinamool Congress]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal Politics]]></category>
		<category><![CDATA[अरूप रॉय]]></category>
		<category><![CDATA[ऋतब्रत बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[कल्याण बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[कोलकाता]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[जोड़ा फूल]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी कार्यालय]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी विवाद]]></category>
		<category><![CDATA[तृणमूल कांग्रेस]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल]]></category>
		<category><![CDATA[पार्टी विभाजन]]></category>
		<category><![CDATA[बंगाल राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=893166</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/041-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/041-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/041-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/041.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी संघर्ष शुक्रवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। टीएमसी के ऋतब्रत बनर्जी गुट ने कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय पर अपना दावा जताते हुए वहां बैठक की, नए पोस्टर लगाए और बाद में कार्यालय पर ताला लगाकर उसकी चाबी अपने पास ले जाने का &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/041-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/041-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/041-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/041.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>कोलकाता:</strong> पश्चिम बंगाल की सियासत में तृणमूल कांग्रेस के भीतर जारी अंदरूनी संघर्ष शुक्रवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। टीएमसी के ऋतब्रत बनर्जी गुट ने कोलकाता स्थित पार्टी कार्यालय पर अपना दावा जताते हुए वहां बैठक की, नए पोस्टर लगाए और बाद में कार्यालय पर ताला लगाकर उसकी चाबी अपने पास ले जाने का दावा किया। गुट के नेताओं ने खुद को &#8220;असली तृणमूल कांग्रेस&#8221; बताते हुए कहा कि पार्टी कार्यालय पर उनका अधिकार है।</p>



<p>शुक्रवार दोपहर ऋतब्रत बनर्जी, फिरहाद हकीम, संदीपन साहा, जावेद खान, अख्रुज्जमां समेत कई नेता मेट्रोपॉलिटन ईएम बाईपास स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यालय के प्रवेश द्वार पर ममता बनर्जी और अरूप रॉय की तस्वीर वाला नया पोस्टर लगाया गया। इस गुट का दावा है कि ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटाकर अरूप रॉय को नया अध्यक्ष चुना गया है, जबकि ममता बनर्जी को पार्टी का सलाहकार बनाया गया है।</p>



<p><strong>&#8216;हम ही असली तृणमूल&#8217;, गुट ने किया दावा</strong></p>



<p>बैठक के बाद पार्टी कार्यालय पर ताला लगाया गया। मीडिया से बातचीत में गुट के नेता अख्रुज्जमां ने कहा कि यही असली तृणमूल कांग्रेस है और पार्टी का चुनाव चिह्न &#8216;जोड़ा फूल&#8217; भी उनका ही है। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यालय उनकी इकाई का है और इसकी चाबी अब उनके पास रहेगी।</p>



<p>कार्यालय से निकलते समय ऋतब्रत बनर्जी ने भी कहा कि वे अपने ही पार्टी कार्यालय में आए थे और उनकी सलाहकार ममता बनर्जी हैं। जब पत्रकारों ने ताला लगाने वाले व्यक्ति से इस कदम के बारे में पूछा तो उसने दरवाजे पर लगे नए पोस्टर की ओर इशारा करते हुए कहा कि सभी जानकारी वहीं लिखी हुई है।</p>



<p><strong>चुनाव आयोग में बैठक के बाद बढ़ा विवाद</strong></p>



<p>ऋतब्रत गुट के नेताओं का कहना है कि यह कदम चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक के बाद उठाया गया। उल्लेखनीय है कि गुरुवार को ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में चुनाव आयोग से मिला था। बैठक के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया कि पार्टी में किए गए संगठनात्मक बदलावों से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज आयोग को सौंप दिए गए हैं।</p>



<p>उन्होंने बताया कि 22 जून को आयोजित अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के विशेष सत्र में अरूप रॉय को पार्टी अध्यक्ष चुना गया और नई राष्ट्रीय कार्य समिति का गठन किया गया। इसके बाद 23 जून को नियमों के अनुसार इसकी जानकारी चुनाव आयोग को दे दी गई।</p>



<p>ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी दावा किया कि चुनाव आयोग की पूर्ण पीठ ने उनकी बात विस्तार से सुनी और मामले की जांच कर जल्द फैसला देने का आश्वासन दिया है। वहीं, ऋतब्रत गुट के नेता संदीपन साहा ने दावा किया कि पार्टी के अधिकांश विधायक उनके समर्थन में हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि चुनाव आयोग तृणमूल कांग्रेस का नाम और चुनाव चिह्न किस गुट को सौंपता है।</p>



<p><strong>ममता गुट ने दावों को किया खारिज</strong></p>



<p>दूसरी ओर, ममता बनर्जी गुट के नेता और सांसद कल्याण बनर्जी ने ऋतब्रत गुट के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यदि कुछ लोग मिलकर अलग समूह बना लें तो उसे तृणमूल कांग्रेस नहीं माना जा सकता। उन्होंने गुट के दावों को पूरी तरह निराधार बताया।</p>



<p>पार्टी कार्यालय में हुए घटनाक्रम के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कोलकाता पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बंगाल विधानसभा में आज UCC पर महासंग्राम! शुभेंदु सरकार पेश करेगी बिल, TMC के दोनों गुटों ने तैयार की रणनीति</title>
		<link>https://dastaktimes.org/mahasangram-shubhendu-government-will-present-bill-on-ucc-in-bengal-assembly-today-both-factions-of-tmc-prepared-strategy/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 29 Jun 2026 05:09:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Bengal Assembly Session]]></category>
		<category><![CDATA[Bengal Legislative Assembly]]></category>
		<category><![CDATA[BJP government Bengal]]></category>
		<category><![CDATA[Mamata Banerjee news]]></category>
		<category><![CDATA[Political News West Bengal]]></category>
		<category><![CDATA[Ritabrata Banerjee]]></category>
		<category><![CDATA[Suvendu Adhikari UCC]]></category>
		<category><![CDATA[TMC Faction Clash]]></category>
		<category><![CDATA[UCC Bill West Bengal Assembly]]></category>
		<category><![CDATA[UCC Debate]]></category>
		<category><![CDATA[Uniform Civil Code Bengal]]></category>
		<category><![CDATA[Uniform Civil Code News]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal Breaking News]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal Politics]]></category>
		<category><![CDATA[West Bengal UCC Bill]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी गुटबाजी]]></category>
		<category><![CDATA[टीएमसी विवाद]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल यूसीसी बिल]]></category>
		<category><![CDATA[पश्चिम बंगाल राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[बंगाल ब्रेकिंग न्यूज]]></category>
		<category><![CDATA[बंगाल विधानसभा]]></category>
		<category><![CDATA[बंगाल सरकार]]></category>
		<category><![CDATA[ममता बनर्जी]]></category>
		<category><![CDATA[यूनिफॉर्म सिविल कोड]]></category>
		<category><![CDATA[यूसीसी बहस]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीतिक टकराव]]></category>
		<category><![CDATA[विधानसभा सत्र]]></category>
		<category><![CDATA[शुभेंदु अधिकारी]]></category>
		<category><![CDATA[समान नागरिक संहिता]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=892301</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Suvendu-Adhikari-768x512-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Suvendu-Adhikari-768x512-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Suvendu-Adhikari-768x512-1.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार आज विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश करने जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पहले ही धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून और राज्य में यूसीसी लागू करने की मंशा जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में विधानसभा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Suvendu-Adhikari-768x512-1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Suvendu-Adhikari-768x512-1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Suvendu-Adhikari-768x512-1.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>कोलकाता:</strong> पश्चिम बंगाल की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। राज्य सरकार आज विधानसभा में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पेश करने जा रही है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी पहले ही धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून और राज्य में यूसीसी लागू करने की मंशा जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में विधानसभा का सत्र राजनीतिक रूप से बेहद गर्म रहने के आसार हैं।</p>



<p><strong>सत्ता पक्ष बनाम विपक्ष ही नहीं, TMC के दो गुटों की भी होगी परीक्षा</strong></p>



<p>यूसीसी विधेयक पर होने वाली बहस केवल सरकार और विपक्ष तक सीमित नहीं रहने वाली है। राजनीतिक गलियारों में सबसे ज्यादा नजरें तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि दोनों गुट इस मुद्दे पर अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने और पार्टी की असली विचारधारा का प्रतिनिधि साबित करने की कोशिश करेंगे।</p>



<p><strong>यूसीसी बिल पर दोनों गुटों का विरोध तय</strong></p>



<p>सूत्रों के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों ने प्रस्तावित यूसीसी विधेयक का विरोध करने की रणनीति तैयार कर ली है। दोनों पक्ष अलग-अलग नेताओं और तर्कों के जरिए सदन में अपनी बात रखेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बहस पार्टी के भीतर नेतृत्व और प्रभाव की लड़ाई का भी मंच बन सकती है।</p>



<p><strong>क्या है सरकार का प्रस्तावित UCC मॉडल?</strong></p>



<p>सरकार की ओर से प्रस्तावित समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, तलाक, गोद लेने और उत्तराधिकार जैसे नागरिक मामलों के लिए सभी धर्मों पर समान रूप से लागू होने वाला एक साझा कानूनी ढांचा तैयार करना बताया जा रहा है। विधानसभा सूत्रों के अनुसार, सोमवार की कार्यवाही के दूसरे चरण में इस विधेयक पर विस्तृत चर्चा होगी।</p>



<p><strong>मुख्यमंत्री समेत कई वरिष्ठ नेता लेंगे हिस्सा</strong></p>



<p>सदन में प्रस्तावित चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी, विपक्ष के नेता और कई वरिष्ठ विधायक अपने-अपने पक्ष रखेंगे। राजनीतिक दृष्टि से यह बहस राज्य की भविष्य की राजनीति पर भी असर डाल सकती है।</p>



<p><strong>बहुमत के दम पर सरकार को मिल सकती है आसानी</strong></p>



<p>विधानसभा में सरकार के पास स्पष्ट बहुमत होने के कारण विधेयक के पारित होने को लेकर ज्यादा बाधाएं नहीं मानी जा रहीं। हालांकि राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर होने वाली बहस को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह मुद्दा लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र रहा है।</p>



<p><strong>ममता बनर्जी गुट ने विरोध के दिए संकेत</strong></p>



<p>पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने सहयोगियों को विधानसभा के भीतर और बाहर विधेयक का विरोध करने के निर्देश दिए हैं। उनका मानना है कि यह विषय केवल कानून तक सीमित नहीं है, बल्कि संवैधानिक मूल्यों, सामाजिक सहमति और भारत की बहुलतावादी पहचान से भी जुड़ा हुआ है।</p>



<p>ममता गुट के नेताओं का आरोप है कि यूसीसी को कानूनी सुधार के बजाय राजनीतिक ध्रुवीकरण के औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस मुद्दे पर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सदन में अपनी बात रख सकते हैं।</p>



<p><strong>ऋतब्रत गुट ने भी उठाए सवाल</strong></p>



<p>दूसरी ओर ऋतब्रत बनर्जी का गुट भी सरकार की मंशा और प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। उनका कहना है कि यूसीसी जैसे संवेदनशील और व्यापक प्रभाव वाले विषय पर जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। इस तरह के विधेयक पर सभी पक्षों से व्यापक परामर्श और विस्तृत चर्चा आवश्यक है।</p>



<p><strong>आज की बहस पर टिकी राजनीतिक निगाहें</strong></p>



<p>राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यूसीसी विधेयक पर होने वाली बहस केवल एक कानून तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह राज्य की बदलती राजनीतिक तस्वीर और विपक्षी राजनीति की दिशा को भी प्रभावित कर सकती है। ऐसे में विधानसभा के भीतर होने वाली चर्चा पर पूरे राज्य की निगाहें टिकी हुई हैं।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: dastaktimes.org @ 2026-10-07 01:24:18 by W3 Total Cache
-->