<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>मुलायम &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<atom:link href="https://dastaktimes.org/tag/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%ae/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
	<lastBuildDate>Thu, 12 Oct 2017 09:22:25 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2024/01/cropped-DT-ICon-copy.png</url>
	<title>मुलायम &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>लोहिया की पुण्य तिथि पर बोले मुलायम, रोज-रोज आशीर्वाद नही दिया जाता है</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8b/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 12 Oct 2017 09:21:48 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[आशीर्वाद]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<category><![CDATA[रोज-रोज आशीर्वाद नही दिया जाता है]]></category>
		<category><![CDATA[लोहिया की पुण्य तिथि]]></category>
		<category><![CDATA[लोहिया की पुण्य तिथि पर बोले मुलायम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=186319</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="139" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655-300x139.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655-300x139.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655-768x357.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655.jpeg 841w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />डॉ राम मनोहर लोहिया के 51वें स्मृति दिवस के मौके पर गुरुवार को लखनऊ के राम मनोहर लोहिया पार्क में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने पहुंचकर राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर अखिलेश और मुलायम खेमे के कई वरिष्ठ नेता मौके पर मौजूद रहे। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="139" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655-300x139.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655-300x139.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655-768x357.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655.jpeg 841w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><div class="desc">
<div><strong>डॉ राम मनोहर लोहिया के 51वें स्मृति दिवस के मौके पर गुरुवार को लखनऊ के राम मनोहर लोहिया पार्क में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने पहुंचकर राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।</strong></div>
<div class="desc">
<p><strong>इस मौके पर अखिलेश और मुलायम खेमे के कई वरिष्ठ नेता मौके पर मौजूद रहे। अखिलेश ने पिता मुलायम के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। किसी कार्यक्रम में दोनों की मौजूदगी से एक बात तो स्पष्ट हो रही है कि अब दोनों में सुलह हो चुकी है।</strong></p>
<p><strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655.jpeg"><img decoding="async" class="aligncenter wp-image-186320" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655.jpeg" alt="" width="657" height="306" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655.jpeg 841w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655-300x139.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/1507786655-768x357.jpeg 768w" sizes="(max-width: 657px) 100vw, 657px" /></a>हालांकि चाचा शिवपाल इस मौके पर मौजूद नहीं रहे, लेकिन सपा नेताओं में उनके आने की चर्चा होती रही। शिवपाल ने लोहिया ट्रस्ट में राम मनोहर लो‌हिया के चित्र पर माल्यापर्ण किया। लोहिया ट्रस्&#x200d;ट में राम मनोहर लोहिया की पुण्य तिथ‌ि के मौके पर बैठक का आयोजन किया गया है। राम मनोहर लोहिया पार्क से मुलायम और अखिलेश भी वहां पहुंचे जहां, शिवपाल यादव  ने सभी का स्वागत किया।</strong></p>
<p><strong>कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने सभी को आशीर्वाद दिया है। लंबे समय से पिता और पुत्र के बीच जारी जंग के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि पारिवारिक में थोड़ी बहुत अनबन हर जगह होती है। पिता मुलायम ने ही पहली बार चुनाव लड़ने का मौका अपनी सीट छोड़कर दिया ‌था।</strong></p>
<p><strong>वहीं मुलायम ने भी परिवार में जारी कलह के सुलझ जाने के संकेत दिये। उन्होंने कहा कि परिवार में कोई भेद नहीं है, सब एक है। अखिलेश को आशीर्वाद पर बोले, अखिलेश के साथ पूरा आशीर्वाद है, रोज-रोज आशीर्वाद थोड़े ही दिया जाता है।</strong></p>
</div>
</div>
<div class="mrgB20 vdoiframe"><strong> </strong></div>
<div class="mrgB20 oh clr"><strong> </strong></div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अखिलेश की ताजपोशी के लिए ‌निकले थे मुलायम, जानिए क्यों? एयरपोर्ट से ही लौट आए ‌वापस</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%85%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e2%80%8c/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 05 Oct 2017 13:16:08 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[अखिलेश की ताजपोशी]]></category>
		<category><![CDATA[अखिलेश की ताजपोशी के लिए ‌निकले थे मुलायम]]></category>
		<category><![CDATA[जानिए क्यों? एयरपोर्ट से ही लौट आए ‌वापस]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=184976</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="250" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190-300x250.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190-300x250.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190.jpeg 552w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />समाजवादी पार्टी के आगरा में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन में मुलायम सिंह यादव के शामिल होने ना होने को लेकर अटकलें लगती रहीं। लगता है कि मुलायम खुद भी इसी कशमकश में रहे। मिली जानकारी के अनुसार मुलायम आगरा जाने के लिए लखनऊ एयरपोर्ट तक तो पहुंचे लेकिन फिर वापस लौट आए। बता दें कि बुधवार को हुई पार्टी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="250" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190-300x250.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190-300x250.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190.jpeg 552w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><div><strong>समाजवादी पार्टी के आगरा में हुए राष्ट्रीय अधिवेशन में मुलायम सिंह यादव के शामिल होने ना होने को लेकर अटकलें लगती रहीं। लगता है कि मुलायम खुद भी इसी कशमकश में रहे। मिली जानकारी के अनुसार मुलायम आगरा जाने के लिए लखनऊ एयरपोर्ट तक तो पहुंचे लेकिन फिर वापस लौट आए। बता दें कि बुधवार को हुई पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में मुलायम के शामिल होने को लेकर उम्मीदें जताई गई थीं।</strong></p>
<p><strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-184977" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190.jpeg" alt="" width="552" height="460" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190.jpeg 552w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/10/mulayam-singh-yadav_1484598190-300x250.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 552px) 100vw, 552px" /></a>वहीं, पार्टी का अध्यक्ष चुने जाने पर अखिलेश यादव ने कहा कि नेताजी (मुलायम) का आशीर्वाद हमेशा मेरे साथ है। अधिवेशन में सर्वसम्मति से अखिलेश को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया। शिवपाल सिंह यादव ने ट्वीट कर अखिलेश को बधाई दी। शिवपाल आज (बृहस्पतिवार को) सुबह मुलायम से मिले थे। शिवपाल के ट्वीट के बाद परिवार में सबकुछ ठीक होने की बातें कही जा रही हैं।</strong></p>
<p><strong>वहीं, मुलायम ने 25 सितंबर को लोहिया ट्रस्ट में हुई प्रेस कांफ्रेंस में कहा था मेरा आशीर्वाद अखिलेश के साथ है पर उनके कुछ फैसलों से मैं सहमत नहीं हूं। ये पूछे जाने पर कि कौन से फैसलों से सहमत नहीं हैं। मुलायम ने कहा था कि वक्त आने पर बताऊंगा।</strong></div>
<div class="btm-rtarticle"><strong> </strong></p>
<div><strong>आगरा में हुए सपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश यादव को फिर से पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। खास बात ये है कि पहले अध्यक्ष पद का कार्यकाल तीन साल के लिए होता था, लेकिन इस बार अखिलेश को पांच साल के लिए चुना गया है। इसके लिए पार्टी के संविधान में संशोधन किया गया है।</strong></div>
<div class="btm-rtarticle"><strong> </strong></p>
<div><strong>इससे पहले हुए राज्य स्तरीय सम्मेलन में सपा का प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल को चुना गया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही सपा की कमान पूरी तरह अखिलेश के हा‌थों में आ गई है, जबकि प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल भी अखिलेश खेमे के ही हैं।</strong></div>
<div class="btm-rtarticle"><strong> </strong></p>
<div><strong>अखिलेश को एक जनवरी 2017 को सपा संस्&#x200d;थापक मुलायम सिंह यादव को पद से हटाकर अध्यक्ष बनाया गया था। हालांकि, इस बार भी मुलायम मौजूद नहीं थे लेकिन अखिलेश ने अपने भाषण में जिक्र किया कि नेताजी (मुलायम) का आशीर्वाद हमेशा हमारे साथ है।</strong></div>
<div class="btm-rtarticle"><strong> </strong></div>
</div>
</div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बड़ी खबर: आज मुलायम कर सकते हैं नई पार्टी का ऐलान, शिवपाल होंगे सारथी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%ac%e0%a5%9c%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a5%87-%e0%a4%b9/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 25 Sep 2017 06:13:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर: आज मुलायम कर सकते हैं नई पार्टी का ऐलान]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<category><![CDATA[शिवपाल होंगे सारथी]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=183181</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347-300x168.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347-300x168.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347.jpeg 618w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />मुलायम सिंह यादव ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसके बाद समाजवादी पार्टी को लेकर उठ रहे कई सवालों का अंत हो जाएगा. बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई पार्टी का ऐलान भी कर सकते हैं. मुलायम सिंह ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लखनऊ के लोहिया ट्रस्ट में बुलाई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="168" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347-300x168.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347-300x168.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347.jpeg 618w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p><strong>मुलायम सिंह यादव ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई है, जिसके बाद समाजवादी पार्टी को लेकर उठ रहे कई सवालों का अंत हो जाएगा. बताया जा रहा है कि मुलायम सिंह यादव प्रेस कॉन्फ्रेंस में नई पार्टी का ऐलान भी कर सकते हैं. मुलायम सिंह ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस लखनऊ के लोहिया ट्रस्ट में बुलाई है और इसमें प्रदेश भर से मुलायम सिंह के समर्थक जमा होंगे. पहले ही ऐलान कर दिया गया था कि 25 सितंबर को मुलायम सिंह की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी और कॉन्फ्रेंस में कई सवाल के जवाब मिल जाएंगे.</strong></p>
<p><strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-183188" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347.jpeg" alt="" width="618" height="347" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347.jpeg 618w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/09/mulayam_shivpal_1506311063_618x347-300x168.jpeg 300w" sizes="auto, (max-width: 618px) 100vw, 618px" /></a>हालांकि मुलायम सिंह की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या अलग पार्टी बनेगी? कोई अलग मंच होगा? या कोई मोर्चा होगा? इन सभी सवालों का जवाब आज मुलायम सिंह यादव देंगे. बताया जा रहा है कि नई पार्टी की घोषणा होगी और इसमें पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से नाराज लोगों को शामिल किया जाएगा.</strong></p>
<h3 class="entry-title"><a title="अगर अमेरिका ने परमाणु बम फेका तो एक बार में एक नही मारे जाएंगे पूरे 12 लाख कोरियाई" href="http://dastaktimes.org/archives/183147" target="_blank" rel="bookmark noopener">अगर अमेरिका ने परमाणु बम फेका तो एक बार में एक नही मारे जाएंगे पूरे 12 लाख कोरियाई</a></h3>
<p><strong>सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने लोहिया ट्रस्ट की बैठक बुलाई थी,  लेकिन समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके समर्थकों ने बैठक का बहिष्कार कर दिया  था. बैठक में अखिलेश यादव, रामगोपाल यादव, आजम खान, धर्मेंद्र यादव और बलराम यादव इस बैठक में नहीं शामिल हुए थे. जिसके बाद मुलायम  सिंह यादव ने अपने भाई रामगोपाल यादव को लोहिया ट्रस्ट के सचिव पद से बर्खास्त कर दिया था और उनकी जगह  शिवपाल यादव को सचिव बना दिया था.</strong></p>
<p><strong>इसी साल अगस्त में मुलायम ने लोहिया ट्रस्ट की बैठक ली थी, अखिलेश और राम गोपाल उस बैठक में शामिल नहीं हुए थे. सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने पिछले दिनों लोहिया ट्रस्ट कार्यालय में हुई बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए अखिलेश के करीबी चार सदस्यों को ट्रस्ट से बेदखल कर दिया था. नतेाजी द्वारा हटाए गए सदस्यों में राम गोविंद चौधरी, ऊषा वर्मा, अशोक शाक्य और अहमद हसन थे. ये सभी सदस्य अखिलेश यादव के करीबी हैं. सपा संरक्षक मुलायम सिंह ने इन चार सदस्यों की जगह शिवपाल के चार करीबियों को सदस्य बनाया. इनमें  दीपक मिश्रा,राम नरेश यादव,राम सेवक यादव और राजेश यादव सदस्य बनाये गए.</strong></p>
<p><strong>वहीं अखिलेश यादव का फिर से समाजवादी पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना लगभग तय है और 5 अक्टूबर को आगरा के राष्ट्रीय अधिवेशन उन्हें दोबारा राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया जाएगा. इसबार अखिलेश यादव के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की मुहर राष्ट्रीय अधिवेशन में लगेगी.</strong></p>
<p><strong>हाल ही में मुलायम सिंह को लेकर अखिलेश ने कहा था कि मुलायम उनके पिता हैं लेकिन रही बात राजनीति की तो फिलहाल दोनों की लाइन अलग है. बहरहाल मुलायम सिंह हमेशा उम्मीदों के विपरीत फैसला लेने वाले माने जाते रहे हैं, ऐसे में अध्यक्ष पद दोबारा नहीं मिलने पर मुलायम क्या फैसला लेते हैं इसपर सबकी नजर रहेगी.</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बड़ा खुलासा: BJP नेता ने खोला राज, PM मोदी के कान में मुलायम बोले यह बात&#8230;</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%ac%e0%a5%9c%e0%a4%be-%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%be-bjp-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 21 Mar 2017 05:42:50 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[BJP नेता]]></category>
		<category><![CDATA[PM मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[PM मोदी के कान में मुलायम बोले यह बात...]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ा खुलासा]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ा खुलासा: BJP नेता ने खोला राज]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=150260</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="193" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात...-300x193.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात...-300x193.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात....jpg 630w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शपथ ग्रहण समारोह में एक तस्वीर पर सबका ध्यान गया। वह तस्वीर थी मुलायम सिंह यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की। उस तस्वीर में मुलायम सिंह को मोदी के कान में कुछ कहते हुए देखा गया था। उसके बाद मुलायम ने अपने बेटे अखिलेश यादव को भी नरेंद्र &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="193" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात...-300x193.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात...-300x193.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात....jpg 630w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p><strong>उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शपथ ग्रहण समारोह में एक तस्वीर पर सबका ध्यान गया। वह तस्वीर थी मुलायम सिंह यादव और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की। उस तस्वीर में मुलायम सिंह को मोदी के कान में कुछ कहते हुए देखा गया था। उसके बाद मुलायम ने अपने बेटे अखिलेश यादव को भी नरेंद्र मोदी से मिलवाया। सबके मन में यह सवाल आ रहा था कि मुलायम ने मोदी के कान में क्या कहा था। तब से लेकर अबतक इस बात के लिए बस कयास ही लगाए जा रहे थे।</strong></p>
<p><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात....jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-150261 size-full" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात....jpg" alt="बड़ा खुलासा: BJP नेता ने खोला राज, PM मोदी के कान में मुलायम बोले यह बात..." width="630" height="406" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात....jpg 630w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/बड़ा-खुलासा-BJP-नेता-ने-खोला-राज-PM-मोदी-के-कान-में-मुलायम-बोले-यह-बात...-300x193.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 630px) 100vw, 630px" /></a></p>
<p><strong> लेकिन अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ ने दावा किया है कि उसको किसी सीनियर नेता ने दोनों शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत के बारे में बताया है। अखबार की खबर का दावा है कि मुलायम ने पहले मोदी के कान में कहा था, ‘थोड़ा अखिलेश का ख्याल रखिए।’ इसके बाद वह अखिलेश को मोदी के पास लेकर आए। फिर उन्होंने दोनों का हाथ मिलवाकर कहा, ‘इनको सिखाइए।’ इसपर मोदी ने भी सहमति देते हुए अपना सिर हिला दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने अखिलेश की पीठ भी थपथपाई थी।</strong></p>
<p><strong> बता दें कि उत्तर प्रदेश विधान चुनाव 2017 की वोटिंग से पहले मोदी और अखिलेश दोनों ने ही काफी जनसभाएं की। दोनों ने एक दूसरे पर जमकर निशाना भी साधा था। एक रैली में मोदी ने सपा पर विज्ञापन पर काफी सारा पैसे खर्च करने का आरोप लगाया था। जिसका जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा था कि गुजरात के तो गधों का भी विज्ञापन होता है। उन्होंने एक विज्ञापन का जिक्र किया था जिसमें अमिताभ बच्चन गुजरात के गधों के बारे में बता रहे थे। उसके बाद तो गधे पर विवाद बढ़ता ही गया। फिर मोदी ने कहा कि गधा मेहनती होता है। फिर नेताओं के भी उस मुद्दे पर काफी बयान आए थे।</strong></p>
<p>&nbsp;</p>
<p><strong> यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस से गठबंधन किया था। मोदी ने उसपर भी चुटकी लेते हुए राहुल को अखिलेश का ‘नया यार’ कहा था। चुनाव से पहले सपा में फूट पड़ गई थी। जिस वजह से मुलायम ने पूरे चुनाव में बस दो रैलियों को संबोधित किया। जिसमें एक शिवपाल के लिए और दूसरी उनकी बहू अपर्णा यादव के लिए थी। शिवपाल तो चुनाव जीत गए लेकिन अपर्णा चुनाव हार गई थीं।</strong></p>
<p><strong>योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव दोनों ही पहुंचे थे। अखिलेश यादव जब शपथ से पहले मंच पर पहुंचे थे तो सभी विधायकों से मुलाकात की थी। लेकिन यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा प्रमुख मायावती नहीं पहुंची। इनके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी और यूपी के पूर्व सीएम नारायण दत्त तिवारी सहित पार्टी के कई नेता मौजूद थे।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जानें, पीएम मोदी के कान में क्या कह गये मुलायम&#8230;</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Mar 2017 06:12:44 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[जानें]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम मोदी]]></category>
		<category><![CDATA[पीएम मोदी के कान में क्या कह गये मुलायम...]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=150120</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="185" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम.....-300x185.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम.....-300x185.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम......jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />लखनऊ में हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कई नजारे देखने को मिले। लखनऊ। शपथ ग्रहण समारोह के बाद बधाइयों के दौर में मानो सारी चुनावी कड़वाहटें बह गईं। योगी के बुलावे पर समारोह में पहुंचे सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से बगलगीर हो बधाई दी तो उन्होंने &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="185" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम.....-300x185.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम.....-300x185.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम......jpg 650w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><h3 class="article-summery" style="text-align: center;"><strong>लखनऊ में हुए सीएम योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान कई नजारे देखने को मिले।</strong></h3>
<p><strong>लखनऊ। शपथ ग्रहण समारोह के बाद बधाइयों के दौर में मानो सारी चुनावी कड़वाहटें बह गईं। योगी के बुलावे पर समारोह में पहुंचे सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव ने प्रधानमंत्री मोदी से बगलगीर हो बधाई दी तो उन्होंने भी अपनी ओर से गर्मजोशी दिखाई। </strong><strong>मुलायम सिंह का कुछ बुदबुदाना और प्रधानमंत्री द्वारा अखिलेश व मुलायम के हाथों को गर्मजोशी से पकड़ कुछ समझाना, यह वह नजारा रहा, जो अमूमन धुर विरोधी दल के मंच पर नहीं दिखता। मुलायम ने मोदी के कान में क्या कहा, इसे कोई समझ तो नहीं पाया लेकिन प्रधानमंत्री ने जब उन्हें सिर हिलाते हुए आश्वस्त किया तो लगा ही नहीं कि दोनों में कोई सियासी विरोध है।</strong></p>
<p><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम......jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-150121 size-full" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम......jpg" alt="जानें, पीएम मोदी के कान में क्या कह गये मुलायम....." width="650" height="400" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम......jpg 650w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/03/जानें-पीएम-मोदी-के-कान-में-क्या-कह-गये-मुलायम.....-300x185.jpg 300w" sizes="auto, (max-width: 650px) 100vw, 650px" /></a></p>
<p><strong>लगभग 47 मिनट चले योगी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री ने भले ही संबोधन नहीं किया हो लेकिन मंच पर एक से दूसरे सिरे तक चहलकदमी में बिन बोले बहुत कुछ संदेश दे दिया। मोदी मंच पर मौजूद सभी नेताओं से न केवल खुले अंदाज से मिले वरन पीछे कतार में बैठे बुजुर्ग नेता नारायणदत्त तिवारी के पास पहुंचे और उनका हालचाल जाना। पूरे समारोह में शपथ लेने वाले मंत्रियों को मोदी ने अपने पैर छूने से रोका लेकिन अपनी कुर्सी से उठ कर प्रत्येक मंत्री का अभिवादन स्वीकार करने में जरा आलस्य नहीं किया। मुलायम ने प्रधानमंत्री के कान में कुछ कहा तो उसी वक्त अखिलेश भी आ गए। मोदी ने पिता पुत्र के हाथों को पकड़ते हुए अखिलेश से कुछ कहा, जवाब में अखिलेश भी सहमति से सिर हिलाते दिखे। इतना नहीं प्रधानमंत्री ने अखिलेश की पीठ भी थपथपाई।</strong></p>
<p><strong>समारोह के समापन पर प्रधानमंत्री मंच से रुख्सत होने लगे तो भाजपा अध्यक्ष अमित शाह मुलायम का हाथ पकड़ कर उन्हें मोदी के पास लाये। नेताजी पर नजर पड़ते ही मोदी ने गर्मजोशी से उनका हाथ थाम लिया। पीछे से अखिलेश भी आ पहुंचे। उन्होंने भी प्रधानमंत्री से शालीनता के साथ हाथ मिलाया। सियासत के परस्पर विरोधी ध्रुवों के मिलन से भावनाओं का जो ज्वार उमड़ा, उससे अभिभूत भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी गगनभेदी नारा लगाया। मानो ढाई महीने चले इस उत्सव के समापन पर लोकतंत्र के मर्म से उनका साक्षात्कार हुआ हो। मंच पर मुलायम व मोदी एक बार नहीं बल्कि तीन बार मिले। प्रधानमंत्री मंचासीन प्रमुख नेताओं की कुशलक्षेम लेने के बाद मंच से उतरने से पहले नवनियुक्त मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को हिदायत देना नहीं भूले।</strong></p>
<h3><strong><span style="color: #ff0000;">नजर नहीं आए बसपा व कांग्रेस नेता</span></strong></h3>
<p><strong>नयी सरकार के मंत्रियों के शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस, बसपा जैसे दलों के किसी वरिष्ठ नेता उपस्थित नहीं होना भी लोगों को अखरा। लोगों का कहना था कि यदि इन दोनों दलों के नेता यदि आज यहां उपस्थिति होते तो गौरवशाली राजनीतिक परंपरा का एक उदाहरण युवाओं को देखने को मिलता।</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>ऐसी ही विदाई के हकदार थे मुलायम!</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%90%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a4%95%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a5%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 20 Feb 2017 08:42:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[दस्तक-विशेष]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=145186</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="253" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1-300x253.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1-300x253.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1.jpg 315w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />अनिल जैन समाजवादी पार्टी और उसके संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार में करीब तीन महीने तक चला निकृष्टतम सत्ता-संघर्ष किसी तयशुदा पटकथा पर आधारित नाटक था या वास्तविक, यह साफ होने में थोड़ा समय लगेगा लेकिन फिलहाल यह पूरी तरह साफ हो गया है कि &#8216;धरतीपुत्र’ मुलायम सिंह के राजनीतिक जीवन का लगभग पूरी &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="253" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1-300x253.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1-300x253.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1.jpg 315w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p><span style="color: #ff0000"><strong>अनिल जैन</strong></span><br />
<strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/anil-jain-2.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft size-full wp-image-145187" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/anil-jain-2.jpg" alt="" width="131" height="152" /></a>समाजवादी पार्टी और उसके संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार में करीब तीन महीने तक चला निकृष्टतम सत्ता-संघर्ष किसी तयशुदा पटकथा पर आधारित नाटक था या वास्तविक, यह साफ होने में थोड़ा समय लगेगा लेकिन फिलहाल यह पूरी तरह साफ हो गया है कि &#8216;धरतीपुत्र’ मुलायम सिंह के राजनीतिक जीवन का लगभग पूरी तरह अवसान हो चुका है। वैसे राजनीतिक जीवन का अवसान तो कमोबेश हर राजनेता का होता है लेकिन जितने नाटकीय और फूहड़ तरीके से मुलायम सिंह का हुआ है, वह अपने आप में एक मिसाल है। </strong><strong>&#8216;जिसका जलवा कायम है, उसका नाम मुलायम है’, लगभग ढाई दशक तक उत्तर प्रदेश के हर इलाके में गूंजता रहा यह नारा अब किसी की जुबान पर नहीं है। अब न तो मुलायम सिंह का जलवा बचा है और न ही उनकी वह &#8216;धर्मनिरपेक्ष धमक’ जिसके चलते उन्होंने देश भर में समान रूप से शोहरत और नफरत दोनों बटोरी। ढाई दशक पहले समाजवादी पार्टी की बुनियाद रखने वाले इस खांटी नेता ने भले ही अपनी मेहनत और हिकमत से उत्तर प्रदेश का राजनीति का व्याकरण बदल कर न सिर्फ बडे़-बडे़ सियासी सूरमाओं को चारों खाने चित कर दिया हो बल्कि चार मर्तबा अपनी पार्टी को सत्ता भी दिलाई हो, लेकिन अब हकीकत यह है कि सूबे की सियासत में मुलायम सिंह की कोई भूमिका नहीं है। किसी से हार न मानने वाले इस नेता को अंदाजा भी नहीं रहा होगा कि जिस बेटे को उन्होंने न सिर्फ सियासत का ककहरा सिखाया बल्कि देश के सबसे बडे़ सूबे का सबसे युवा मुख्यमंत्री होने का गौरव दिलाया उसी बेटे के हाथों उन्हें इस तरह शिकस्त खानी पडे़गी या इस तरह का नाटक रचना पड़ेगा। </strong><br />
<strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft size-medium wp-image-145188" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1-300x253.jpg" alt="" width="300" height="253" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1-300x253.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1.jpg 315w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a>मुलायम सिंह आज निपट अकेले हैं। जिस पार्टी के वे एकछत्र &#8216;नेताजी’ और सर्वेसर्वा होते थे, वह पूरी पार्टी अब अखिलेश यादव के ताबे में है। दरअसल, मुलायम आज जिस स्थिति में है उसके लिए कोई और नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ वे खुद जिम्मेदार हैं। मुलायम सिंह के साथ उनके जीवन के संध्याकाल में वही सब हुआ और हो रहा है जो जीवन भर वे दूसरों के साथ करते रहे। </strong><strong>इटावा जिले के सैफई गांव में एक किसान परिवार में जन्मे मुलायम सिंह के राजनीतिक जीवन की शुरुआत सोशलिस्ट पार्टी से हुई। पचास के दशक में उत्तर प्रदेश में सिंचाई दरों में असामान्य वृद्धि के खिलाफ डॉ. राममनोहर लोहिया के आह्वान पर हुए नहर रेट आंदोलन में 17 वर्षीय मुलायम सिंह भी समाजवादी नेता अर्जुनसिंह भदौरिया और नत्थू सिंह के नेतृत्व में जेल गए थे। पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने कुछ वर्षों तक अध्यापन कार्य भी किया और फिर 1967 के चुनाव में सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर सबसे कम उम्र के विधायक बनने का गौरव भी हासिल किया। यहां से शुरू हुए अपने सत्ता-कामी संसदीय जीवन में मुलायम सिंह ने फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। तब से अब तक वे लगभग एक दर्जन मर्तबा विधानसभा और विधान परिषद के लिए तथा छह मर्तबा लोकसभा के लिए चुने जा चुके हैं। पहली बार सत्ता का स्वाद उन्होंने 1977 में चखा जब रामनरेश यादव की सरकार में वे मंत्री बने। उसके बाद तीन बार प्रदेश के मुख्यमंत्री और इतनी ही बार विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। इसी दौरान उन्होंने दो प्रधानमंत्रियों के साथ रक्षा मंत्री का दायित्व भी संभाला। </strong><br />
<strong>मुलायम सिंह भले ही अपने को देश के समाजवादी आंदोलन की विरासत का वाहक मानते रहे हो लेकिन उन्होंने अपने इस दावे को विश्वसनीयता प्रदान करने जैसा कोई काम न तो सत्ता में रहते हुए किया और न ही सत्ता से बाहर रहते हुए। अपने शुरुआती राजनीतिक जीवन और कुछ हद तक पहले मुख्यमंत्रित्व काल में उन्होंने जरूर समाजवादी आदर्शों के प्रति अपने रुझान की थोड़ी सी झलक दिखाई लेकिन जनता दल से अलग होकर अपनी नई समाजवादी पार्टी बनाने के बाद अवसरवाद, परिवारवाद, जातिवाद, भोगवाद और भ्रष्टाचार में रची-बसी उनकी राजनीति में समाजवादी मूल्यों और आदर्शों की कोई जगह नहीं बची। </strong><strong>अपने पूरे राजनीतिक सफर में मुलायम सिंह ने किसी को भी धोखा देने से परहेज नहीं किया, वह चाहे उनको राजनीति में लाने वाले कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया हों या फिर विश्वनाथ प्रताप सिंह, जार्ज फर्नांडीस, कांशीराम, सोनिया गांधी, ममता बनर्जी या अजित सिंह हो। और तो और उन शरद यादव को भी धोखा देने में मुलायम सिंह ने कोई संकोच नहीं किया जिन्होंने 1989 में उन्हें पहली बार मुख्यमंत्री बनवाने में महत्वपूर्ण और निर्णायक भूमिका निभाई थी। </strong><strong>यह उनका अवसरवाद ही था कि जिन शोषित और पिछड़े वर्गों के समर्थन के बूते उनकी महत्वाकांक्षा परवान चढ़ी थी उन्हीं तबकों को मंडल आयोग की सिफारिशों के आधार पर आरक्षण देने वाली अपनी ही पार्टी की केंद्र सरकार को गिराने के काम में सहभागी बनने में उन्होंने कोई संकोच नहीं किया। इसके पीछे उनका एक ही मकसद था उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बचाना जो कि भाजपा के बाहरी समर्थन से बनी थी। अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद को ढहाने के इरादे से जुटे विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं पर गोलीबारी की घटना के बाद भाजपा ने समर्थन वापस लेकर मुलायम सिंह की सरकार को अल्पमत में ला दिया था। मुलायम सिंह ने चंद्रशेखर के साथ मिलकर विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार गिराने में कांग्रेस की मदद की। बाद में कांग्रेस की मदद से चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने और उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह की सरकार को भी कांग्रेस ने ही सहारा दिया। हालांकि यह समर्थन अल्पकालिक ही रहा। कांग्रेस ने जल्द ही चंद्रशेखर और मुलायम सिंह की सरकारों को गिरा दिया। </strong><br />
<strong>मुलायम सत्ता से जरूर बाहर हो गए थे लेकिन अयोध्या में बाबरी मस्जिद को बचाने के लिए विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं पर कराए गए गोली चालन ने उन्हें उत्तर प्रदेश के मुसलमानों का निर्विवाद नेता बना दिया था। पिछड़ी और किसान जातियों के समर्थन के रूप में चौधरी चरण सिंह के लोकदल की विरासत भी एक तरह से उनके ही साथ थी। सत्ता से बाहर होने के थोडे़ समय बाद ही उन्होंने चंद्रशेखर की समाजवादी जनता पार्टी से नाता तोड़कर अलग रास्ता पकड़ने का फैसला किया। अक्टूबर, 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन करते हुए मुलायम सिंह ने दावा किया था कि वे इस पार्टी के माध्यम से देश में समाजवादी आंदोलन को पुनर्जीवित करेंगे, लेकिन पार्टी बनाने के बाद उनका हर काम समाजवादी विचारों और आदर्शों के उलट रहा। जनेश्वर मिश्र, मोहन सिंह और कपिलदेव सिंह जैसे जो कुछेक नेता समाजवादी पार्टी में शामिल हुए थे उनकी पार्टी के नीति-निर्धारण में कोई भूमिका नहीं थी। वहां जो मुलायम सिंह कहते थे वही पार्टी की नीति और जो कुछ वे करते थे वही पार्टी की रीति मानी जाती थी। उनके सामने एक ही लक्ष्य था किसी भी तरह सत्ता में वापसी करना।</strong><br />
<strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_2.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="size-medium wp-image-145189 alignright" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_2-300x176.jpg" alt="" width="300" height="176" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_2-300x176.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_2.jpg 394w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /></a>मुलायम के नई पार्टी बनाने के दो महीने बाद ही देश के सांप्रदायिक सौहार्द को खंडित करने वाली वह घटना घट गई, जिसे मुलायम ने मुख्यमंत्री रहते नहीं घटने दिया था। अयोध्या में कारसेवा के नाम पर भारी तादाद में जुटे विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने बाबरी मस्जिद को ध्वस्त कर दिया। उस समय सूबे में कल्याण सिंह के नेतृत्व में भाजपा की सरकार थी, जिसे केंद्र सरकार ने बाबरी मस्जिद की हिफाजत करने के संवैधानिक दायित्व को पूरा न करने के आरोप में बर्खास्त कर सूबे में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया था। </strong><strong>इस पूरे घटनाक्रम ने मुलायम सिंह की उम्मीदें हरी कर दी। सत्ता में वापसी का समीकरण साधने की गरज से उन्होंने सूबे में नया सामाजिक गठजोड (दलित-पिछड़ा-अल्पसंख्यक) बनाने की पहलकदमी की। इस सिलसिले में उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के संस्थापक कांसीराम से दोस्ती गांठी। उन्हीं दिनों उनके गृह जिले इटावा की लोकसभा सीट के लिए उपचुनाव होना था, जिसके लिए कांशीराम ने भी अपनी उम्मीदवारी का परचा दाखिल किया था। मुलायम ने कांशीराम की भरपूर मदद की। कांशीराम चुनाव जीत गए। उत्तर प्रदेश की राजनीति में दलित-पिछड़ा गठजोड़ के रूप में एक नए सामाजिक समीकरण का अंकुरण हुआ। कुछ महीनों बाद विधानसभा के चुनाव हुए। सपा और बसपा का गठबंधन चुनाव मैदान में उतरा। दलितों और ताकतवर पिछड़ी जातियों के बीच हिंसक टकराव के लिए कुख्यात उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक प्रयोग था। सपा-बसपा गठजोड़ ने चुनाव में बहुमत हासिल किया। मुलायम सिंह की अगुवाई में गठबंधन की सरकार बनी। लेकिन यह सरकार लंबे समय तक नहीं चल पाई। गलतियां दोनों ही ओर से हुईं, फिर भी एक शानदार वैचारिक आंदोलन से निकले अनुभवी नेता होने के नाते मुलायम की जिम्मेदारी ज्यादा थी। अगर उन्होंने वैचारिक ईमानदारी दिखाई होती और अपने राजनीतिक पुरखों से मिली सीख को ध्यान में रखा होता तो न सिर्फ उनकी सरकार भी टिकी रहती बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीतिक जमीन से उपजा यह प्रयोग उत्तर भारत के अन्य राज्यों तक भी फैल सकता था और उस विस्तारित प्रयोग के नेता भी निस्संदेह मुलायम सिंह ही होते। लेकिन उनकी तंगदिली और सत्ता की सर्वग्रासी भूख के चलते इस ऐतिहासिक सामाजिक-राजनीतिक प्रयोग की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों पार्टियों के रास्ते पूरी तरह जुदा हो गए। </strong><br />
<strong>सूबे में राजपाट छिन जाने के मुलायम सिंह राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय हो गए। वे एचडी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल के नेतृत्व में बनी संयुक्त मोर्चा की सरकारों में रक्षा मंत्री भी रहे लेकिन तब तक समाजवादी विचार की राजनीति से उनका नाता पूरी तरह टूट चुका था और अमर सिंह जैसे लोगों से उनकी सोहबत हो गई थी। पिछड़ों और वंचितों की पार्टी अमर सिंह के &#8216;सौजन्य’ से अंबानी, सहारा और बच्चन परिवार समेत अन्य फिल्मी सितारों की पार्टी में तब्दील हो गई। हालांकि इतने पतन के बावजूद मुलायम सिंह 2003 में एक बार फिर जोड-तोड़ के जरिए उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने में कामयाब हो गए और केंद्र में गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के परोक्ष सहयोग से सरकार चलाते रहे। भाजपा के साथ उनका यह अघोषित तालमेल पूरे चार साल तक चला। इस बेमेल तालमेल का खामियाजा उन्हें अगले चुनाव में भुगतना पड़ा। मायावती की बसपा को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता हासिल हुई। लेकिन पांच साल बाद हुए चुनाव में मुलायम सिंह ने फिर धमाकेदार वापसी की। पूर्ण बहुमत के साथ हुई इस वापसी ने उनमें इतना आत्मविश्वास भर दिया कि उन्हें लगने लगा कि दिल्ली अब दूर नहीं है। सूबे का राजपाट बेटे अखिलेश के हवाले कर वे दिल्ली के सिंहासन पर बैठने का सपना बुनने लगे। वे यह मान बैठे थे कि लोकसभा चुनाव में भी उन्हें विधानसभा जैसी ही कामयाबी मिल जाएगी और अगर केंद्र में मिलीजुली सरकार बनने की नौबत आएगी तो वे अपना दावा पेश कर सकेंगे। लेकिन उनका यह सपना 2014 के लोकसभा चुनाव में बुरी तरह ध्वस्त हो गया। सूबे में पचास लोकसभा सीटें जीतने की हसरत महज पांच पर सिमट कर रह गई। इतना सब होने के बाद भी इतिहास ने मुलायम सिंह को बड़ा नेता बनने और बड़ी भूमिका निभाने का एक और अवसर दिया लेकिन वह भी उन्होंने जब शरद यादव की पहल पर जनता दल परिवार के पांच दलों के विलय का प्रयास हुआ। सभी ने एकमत से मुलायम सिंह को नई पार्टी का अध्यक्ष भी कुबूल कर लिया था लेकिन ऐनवक्त पर मुलायम सिंह ने अपने कदम पीछे खींच लिए। उन्होंने इस अवसर को किस मजबूरी के तहत रौंदा, यह अभी भी रहस्य ही है। अपनी पार्टी का विलय तो दूर उन्होंने बिहार में महागठबंधन का हिस्सा बनने से भी इनकार कर दिया। यही नहीं, महागठबंधन के खिलाफ अपने उम्मीदवार भी मैदान में उतारे। उनके इस रवैये के शिकार वामपंथी दल भी कई बार हुए। अब मुलायम सिंह भूमिका विहीन है- अपनी पार्टी में भी और पार्टी के बाहर भी। उनके राजनीतिक सूरज के अस्तांचल गामी होने का ऐलान उनके ही बेटे ने कर दिया है। </strong><br />
<strong>राजनीति के रंग मंच से ऐसी विदाई मुलायम सिंह के लिए जरूर दर्दनाक हो सकती है लेकिन वह किसी की भी सहानुभूति की पात्र नहीं हो सकती। सच पूछा जाए तो इतिहास मुलायम सिंह को उत्तर भारत में सामाजिक न्याय के संघर्ष को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाने वाले नेता के तौर पर ही याद करेगा। उनमें भरपूर क्षमता थी लेकिन वे उसका रचनात्मक इस्तेमाल नहीं कर सके। उन्हें इस बात के लिए भी याद किया जाएगा कि उन्होंने अपनी अपार संभावनाओं को बहुत ही तुच्छ इच्छाओं-आकांक्षाओं पर बेरहमी से कुर्बान कर दिया। </strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>बड़ी खबर: बाल-बाल बच गए थे मुलायम, गाड़ी में लगी थी 9 गोलियां</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%ac%e0%a5%9c%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a4%9a-%e0%a4%97%e0%a4%8f-%e0%a4%a5%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 17 Feb 2017 12:41:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[गाड़ी में लगी थी 9 गोलियां]]></category>
		<category><![CDATA[बड़ी खबर: बाल-बाल बच गए थे मुलायम]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=144477</guid>

					<description><![CDATA[दो दिन पहले कन्नौज में आयोजित चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि अखिलेश ने सत्ता के लालच में उन लोगों से भी हाथ मिला लिया जिन्होंने कभी उनके पिता पर जानलेवा हमला करवाया था। यूपी में गरजीं प्रियंका- किसी भी बाहरी युवा नेता को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div class="desc">
<div><strong>दो दिन पहले कन्नौज में आयोजित चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा था कि अखिलेश ने सत्ता के लालच में उन लोगों से भी हाथ मिला लिया जिन्होंने कभी उनके पिता पर जानलेवा हमला करवाया था।</strong></div>
<div>
<h3 class="entry-title"><a title="यूपी में गरजीं प्रियंका- किसी भी बाहरी युवा नेता को गोद लेने की जरूरत नहीं" href="http://dastaktimes.org/archives/144466" target="_blank" rel="bookmark">यूपी में गरजीं प्रियंका- किसी भी बाहरी युवा नेता को गोद लेने की जरूरत नहीं</a></h3>
</div>
<div><strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1486041636.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter wp-image-144478 size-full" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1486041636.jpeg" alt="बड़ी खबर: बाल-बाल बच गए थे मुलायम, गाड़ी में लगी थी 9 गोलियां" width="960" height="446" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1486041636.jpeg 960w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1486041636-300x139.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/mulayam_1486041636-768x357.jpeg 768w" sizes="auto, (max-width: 960px) 100vw, 960px" /></a></strong></div>
<div class="article-midad">
<div class="mrgB20 ctr">
<div id="taboola-mid-article-thumbnails" class=" trc_related_container trc_spotlight_widget trc_elastic trc_elastic_trc_31305 ">
<div class="trc_rbox_container">
<div>
<div id="trc_wrapper_31305" class="trc_rbox thumbnails-b trc-content-sponsored ">
<div id="trc_header_31305" class="trc_rbox_header trc_rbox_border_elm"></div>
<div class="trc-widget-footer"></div>
<div class="trc_clearer"><strong> </strong></div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
</div>
<div class="desc"><strong>मोदी के इस बयान के बाद से प्रदेश का राजनीतिक पारा एकदम चढ़ गया। इसके साथ ही 33 साल पुराना वो मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है जब सपा संस्&#x200d;थापक और तब लोकतांत्रिक मोर्चा के मुखिया रहे मुलायम सिंह यादव पर जानलेवा हमला किया गया ‌था, जिसमें उनकी जान बाल बाल बच पाई थी। </strong></p>
<p><strong>हमले में उनके वाहन के आगे चल रहा एक बाइक सवार मारा गया था और गाड़ी में उनके साथ बैठा एक सहयोगी गंभीर घायल हो गया था। मुलायम ‌सिंह की गाड़ी को भी नौ गोलियां लगी थीं, लेकिन मुलायम पूरी तरह सुरक्षित रहे थे। आइए आपको बताते हैं क्या था वो पूरा मामला।</strong></p>
<p><strong>इंडियन एक्सप्रेस ‌की खबर के अनुसार घटना 4 मार्च 1984 की है। जब मुलायम सिंह अपनी एक सभा समाप्त कर मैनपुरी जिले के कुर्रा थाने के माहीखेड़ा गांव से होकर वापस इटावा लौट रहे थे। </strong></div>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>शिवपाल की जीत के लिए मुलायम ने खुद कसी कमर, कर रहे ताबड़तोड़ सभाएं</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 12 Feb 2017 05:22:38 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव]]></category>
		<category><![CDATA[भूमिका]]></category>
		<category><![CDATA[महत्वपूर्ण]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<category><![CDATA[शिवपाल सिंह]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=143313</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310-768x512.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310.jpg 875w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />समाजवादी पार्टी में हाशिए पर चले जाने के बाद भी मुलायम सिंह यादव का भाई शिवपाल सिंह यादव के लिए प्रेम कम नहीं हुआ है. अब वे शिवपाल यादव की जीत तय करने के लिए हर जतन कर रहे हैं. यूपी के इटावा में जसवंतनगर विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी शिवपाल सिंह यादव के लिए &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310-768x512.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310.jpg 875w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" /><p><strong>समाजवादी पार्टी में हाशिए पर चले जाने के बाद भी मुलायम सिंह यादव का भाई शिवपाल सिंह यादव के लिए प्रेम कम नहीं हुआ है. अब वे शिवपाल यादव की जीत तय करने के लिए हर जतन कर रहे हैं.<a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="aligncenter size-full wp-image-143316" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310.jpg" alt="" width="875" height="583" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310.jpg 875w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/02/Untitled-design-310-768x512.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 875px) 100vw, 875px" /></a></strong></p>
<p><strong>यूपी के इटावा में जसवंतनगर विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी शिवपाल सिंह यादव के लिए ताखा ब्लॉक में मुलायम ने शनिवार को एक चुनावी जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान मुलायम ने ना तो अपने बेटे और यूपी के सीएम अखिलेश यादव का नाम लिया और ना ही सपा-कांग्रेस गठबंधन की बात की.</strong></p>
<p><strong>मुलायम ने कहा कि यह चुनाव जितना ज्यादा प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण है, उतना ही मेरे और शिवपाल सिंह के लिए भी. उन्होंने कहा कि विशेष परिस्थितियों में शिवपाल सिंह को जिता देना. सपा के बारे में जो भूमिका लिखी गई है, उस पर नहीं जाना.</strong></p>
<p><strong>मुलायम ने कहा कि आज नौजवान लोग ही सपा की असली ताकत हैं. सबसे ज्यादा नौजवान सपा के साथ हैं, इसलिए हमारी पार्टी कभी बूढ़ी नहीं हो सकती. पार्टी ने हमेशा महिलाओं को सबसे अधिक सम्मान दिया.</strong></p>
<p><strong><span style="color: #ff0000">यूपी में सात चरणों में वोटिंग</span></strong></p>
<p><strong>उत्तर प्रदेश में 11 फरवरी से 8 मार्च के बीच सात चरणों में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के अखिलेश धड़े के बीच गठबंधन के बावजूद बहुकोणीय मुकाबला देखने की उम्मीद है.</strong></p>
<p><strong>केंद्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के बाद जिस तरह से बीजेपी को दिल्ली और बिहार में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, वैसे में उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है.</strong></p>
<p><strong>मुख्यमंत्री चेहरे को सामने न लाकर एक बार फिर बीजेपी ने पीएम मोदी के चेहरे पर दांव खेला है. इसका कितना फायदा उसे इन चुनावों में मिलेगा वह 11 मार्च को सामने आ ही जाएगा.</strong></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>मुलायम से मिले पार्टी से निकाले गए नेता, जल्द हो सकती है वापसी!</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a8/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 20 Nov 2016 06:50:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=127906</guid>

					<description><![CDATA[<img width="272" height="185" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2016/11/mulayam.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />लखनऊ: समाजवादी पार्टी से 6 साल के लिए निकाले गए राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव की गुरुवार को पार्टी में वापसी हो गई. एसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने ना केवल उनका निष्कासन रद्द कर दिया बल्कि उनके तमाम पद उन्हें वापस भी कर दिए. जिसके बाद एसपी से निकाले गए नेताओं की पार्टी में वापसी की &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="272" height="185" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2016/11/mulayam.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><strong><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2016/11/mulayam.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft size-full wp-image-127937" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2016/11/mulayam.jpg" alt="mulayam" width="272" height="185" /></a>लखनऊ:</strong> समाजवादी पार्टी से 6 साल के लिए निकाले गए राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव की गुरुवार को पार्टी में वापसी हो गई. एसपी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने ना केवल उनका निष्कासन रद्द कर दिया बल्कि उनके तमाम पद उन्हें वापस भी कर दिए. जिसके बाद एसपी से निकाले गए नेताओं की पार्टी में वापसी की उम्मीदें बढ़ गई हैं. खबरों के मुताबिक एसपी से निकाले गए 6 नेताओं ने आज समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से मुलाकात की. जिसके बाद से ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इन नेताओं की जल्द पार्टी में वापसी हो सकती है.  आपको बता दें कि ये सभी नेता सीएम अखिलेश यादव के करीबी माने जाते हैं औऱ मुलायम कुनबे में मचे घमासान के बीच इन सभी 6 नेताओं को अनुशासनहीनता के चलते पार्टी से निकाल दिया गया था.</p>
<p><strong>शिवपाल यादव को लगने वाला है एक और झटका!</strong></p>
<p>उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता रामगोपाल यादव की वापसी से एसपी के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव को तगड़ा झटका लगा है. शिवपाल ने जिस रामगोपाल यादव पर कई गंभीर आरोप लगाकर पार्टी से बाहर कराने में कामयाबी हासिल की थी, वह अब नेताजी (मुलायम) के आशीर्वाद से एसपी में वापसी करने में सफल हो गए. शिवपाल को एक झटका और लगने वाला है, क्योंकि नेताजी जल्द ही सभी बर्खास्त विधान परिषद सदस्यों और युवा नेताओं की वापसी की घोषणा भी कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश में एसपी से जुड़े एक विधान परिषद सदस्य ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि जिन विधान परिषद सदस्यों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाकर पार्टी से छह साल के लिए बाहर किया गया है, उनकी जल्द ही वापसी होगी. उन्होंने कहा, “नेताजी को इस बात का अहसास हो चुका है कि पिछले दिनों एसपी के भीतर जो कुछ भी चला उससे पार्टी की काफी फजीहत हुई है और आम लोगों के बीच काफी खराब संदेश गया है. इससे चुनाव की तैयारियां भी प्रभावित हो रही हैं.” शिवपाल के दौरे के समय अखिलेश के करीबी एमएलसी सुनील सिंह यादव ‘साजन’ भी दिखाई दिए थे. संभावना है कि इन युवा नेताओं की जल्द पार्टी में वापसी होगी.</p>
<p><strong>रामगोपाल के भतीजे अरविंद की भी जल्द एसपी में वापसी</strong></p>
<p><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2016/11/sapa.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft size-full wp-image-127940" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2016/11/sapa.jpg" alt="sapa" width="291" height="173" /></a>एसपी के एमएलसी ने बताया कि एमएलसी सुनील साजन, एमएलसी आनंद भदौरिया, यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष मोहम्मद एबाद, समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष ब्रजेश यादव, एमएलसी संजय लाठर और यूथ ब्रिगेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव दुबे की वापसी जल्द हो सकती है. इसके अलावा रामगोपाल यादव के भतीजे अरविंद प्रताप यादव की भी जल्द एसपी में वापसी हो सकती है. समाजवादी पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, रामगोपाल को पार्टी में वापस लिये जाने के बाद अखिलेश यादव खेमा एक बार फिर मजबूती से उभरकर सामने आया है. शिवपाल पार्टी और सरकार के भीतर कमजोर साबित हुए हैं. उन्होंने रामगोपाल पर गंभीर आरोप लगाकर उन्हें बाहर करवाया था. अब रामगोपाल तो पार्टी के भीतर आ गए, लेकिन शिवपाल अभी भी मंत्रिमंडल से बाहर ही हैं.</p>
<p><strong>संगठन में भी कमजोर साबित हुए शिवपाल</strong></p>
<p>सूत्रों ने बताया कि मुलायम ने भले ही सार्वजनिक मंचों पर हमेशा शिवपाल की तारीफ की है और संगठन में उनके योगदान का जिक्र बार-बार किया है. लेकिन नेताजी के इस फैसले के बाद शिवपाल संगठन में भी कमजोर साबित हुए हैं. सूत्र यह भी बताते हैं कि यदि संगठन के भीतर शिवपाल की पकड़ ढीली हुई तो उनके चक्कर में अखिलेश का विरोध करने वाले उनके दर्जन भर समर्थक विधायक बीजेपी का दामन थाम सकते हैं, जिससे पार्टी को चुनाव से पहले बड़ा खामियाजा उठाना पड़ सकता है.</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>गांधी जी ने दुनिया को अहिंसा का रास्ता दिखाया : मुलायम</title>
		<link>https://dastaktimes.org/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%85%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Oct 2015 12:16:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[लखनऊ]]></category>
		<category><![CDATA[मुलायम]]></category>
		<guid isPermaLink="false">http://dastaktimes.org/?p=37715</guid>

					<description><![CDATA[<img width="275" height="183" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2015/10/download1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी, पं0 नेहरू, सरदार पटेल, लाल बहादुर शास्त्री, सुभाष चन्द्र बोस सहित तमाम वीर सेनानियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा है कि आजादी के लिए सर्वस्व निछावर करनेवालों को स्मृति की रक्षा करनी चाहिए। नौजवानों को स्वातंत्र्य &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="275" height="183" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2015/10/download1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" /><p><a href="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2015/10/download1.jpg"><img loading="lazy" decoding="async" class="alignleft size-full wp-image-37720" src="http://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2015/10/download1.jpg" alt="download" width="275" height="183" /></a>लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महात्मा गांधी, पं0 नेहरू, सरदार पटेल, लाल बहादुर शास्त्री, सुभाष चन्द्र बोस सहित तमाम वीर सेनानियों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा है कि आजादी के लिए सर्वस्व निछावर करनेवालों को स्मृति की रक्षा करनी चाहिए। नौजवानों को स्वातंत्र्य आंदोलन के इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। उन्होने कहा कि जितने स्वतंत्रता सेनानी अभी जीवित हैं उनका सम्मान किया जाना चाहिए। समाजवादी पार्टी इसमें पहल करेगी।पार्टी मुख्यालय, लखनऊ स्थित लोहिया सभागार में गांधी जी और  लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उनके चित्र पर माल्यार्पण के पश्चात उपस्थित कार्यकर्ताओं तथा पार्टी पदाधिकारियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने कहा कि गांधाजी का और शास्त्री जी का संयोग से एक ही दिन जन्म दिन पड़ता है। दोनों साधारण परिवारों में जन्मे और शिखर तक पहुॅचे। उन्होने गांव, गरीबी और शोषण को निकट से जाना था। अपने जीवन में उन्होने गांव और गरीब की उन्नति पर विशेष बल दिया।श्री यादव ने कहा कि गांधीजी ने दुनिया को अहिंसा का रास्ता दिखाया। उनका व्यक्तित्व चमत्कारिक था। वे लोगों को जोड़ने की कला जानते थे इसलिए जब 9 अगस्त,1942 को उन्होने अंग्रेजी शासन के खिलाफ युद्ध छेड़ते हुए ह्लकरो या मरोह्ल का नारा दिया तो पूरा देश आंदोलित हो उठा। उन्होने कहा कि जिन लक्ष्यों का लेकर आजादी की लड़ाई लड़ी गई वे अभी अधूरे हैं। गरीबी, बेकारी, गैर बराबरी, निरक्षरता और दूसरी बुराइयां अभी मिटाई नहीं जा सकी हैं। हिन्दी को राष्ट्रभाषा का जो पद और सम्मान मिलना चाहिए मिल नहीं सका है।श्री  यादव ने कहा कि हिन्दुस्तान जैसा लोकतंत्र कहीं नहीं है। यहां अभिव्यक्ति की आजादी है। एक व्यक्ति एक मत का अधिकार है। हमें इस हमें उनके इस आचरण से प्रेरणा लेनी चाहिए।इस अवसर पर  श्री बासु द्वारा तमिल भाषा में लिखित एक पुस्तक का विमोचन भी हुआ।<br />
इस कार्यक्रम में सर्व अहमद हसन, बलराम यादव, रामगोविन्द चैधरी, अरविन्द सिंह गोप, (मंत्रिगण) डा0 मधु गुप्ता,एस0आर0एस0यादव, रविदास मेहरोत्रा(विधायकगण) सहित राम आसरे कुशवाहा, राम आसरे विश्वकर्मा, राज किशोर मिश्र,  शतरूद्र प्रकाश, डा0 फिदा हुसैन अंसारी,जफर अहमद किछौछवी, श्री विजय यादव, सुरेश चैहान, रघुनन्दन सिंह काका  अरशद खान,शशिकला,  पुष्पा सिंह, रजिया नवाज,  संजीव मिश्र, सागर धानुक, चंद्रिका पाल, आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: dastaktimes.org @ 2026-06-25 04:28:30 by W3 Total Cache
-->