#राजनाथ सिंह – Dastak Times | दस्तक टाइम्स https://dastaktimes.org By Dastak Times Hindi News Network Tue, 27 Oct 2026 04:34:47 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2024/01/cropped-DT-ICon-copy.png #राजनाथ सिंह – Dastak Times | दस्तक टाइम्स https://dastaktimes.org 32 32 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आसियान रक्षा मंत्रियों की 13वीं बैठक एडीएमएम-प्लस में करेंगे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व https://dastaktimes.org/defense-minister-rajnath-singh-will-lead-the-indian-delegation-at-the-13th-asean-defense-ministers-meeting-admm-plus/ Tue, 27 Oct 2026 04:34:45 +0000 https://dastaktimes.org/?p=921102 नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : भारत और आसियान देशों के रक्षा और सामरिक संबंध एक दूसरे के क्षेत्रीय और साथ ही वैश्विक हितों के लिहाज़ से बेहद अहम है। ऐसे में प्रभावी डिफेंस मीटिंग्स और उनके तर्कसंगत परिणाम जरूरी हो जाते हैं। इसी उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आसियान रक्षा मंत्रियों की 13वीं …]]>

नई दिल्ली ( दस्तक डेस्क) : भारत और आसियान देशों के रक्षा और सामरिक संबंध एक दूसरे के क्षेत्रीय और साथ ही वैश्विक हितों के लिहाज़ से बेहद अहम है। ऐसे में प्रभावी डिफेंस मीटिंग्स और उनके तर्कसंगत परिणाम जरूरी हो जाते हैं। इसी उद्देश्य से रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आसियान रक्षा मंत्रियों की 13वीं बैठक (एडीएमएम-प्लस) में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। यह बैठक फिलीपींस के सेबू में 28 और 29 अक्टूबर को होनी है। यहां आतंकवाद के खिलाफ सहयोग में भी भारत की अहम भूमिका रहेगी।

भारत इस मंच पर केवल एक भागीदार देश के रूप में ही नहीं, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग बढ़ाने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2024 से 2027 के कार्यकाल के लिए भारत और मलेशिया आतंकवाद-रोधी विशेषज्ञ कार्यसमूह की सह-अध्यक्षता कर रहे हैं। अब फिलीपींस में होने वाली इस बैठक में क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। यहां राजनाथ सिंह सुरक्षा चुनौतियों पर भारत का पक्ष रखेंगे। इस दौरान वह विभिन्न देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता कर रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने के रास्ते भी तलाशेंगे।

एडीएमएम-प्लस बैठक का महत्व:

इस बैठक का महत्व इसलिए है, क्योंकि इसमें दक्षिण-पूर्व एशिया के 11 आसियान सदस्य देशों के साथ भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड शामिल होंगे। यह मंच इन देशों को रक्षा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर सीधे विचार-विमर्श करने का अवसर देता है। राजनाथ सिंह बैठक के दौरान ‘क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित करेंगे। इसके अलावा, वह भाग लेने वाले देशों के अपने समकक्षों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में मौजूदा रक्षा सहयोग की समीक्षा के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा होगी।

एडीएमएम-प्लस क्या है

आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक का विस्तारित स्वरूप एडीएमएम-प्लस क्षेत्रीय रक्षा सहयोग का प्रमुख मंच है। इसकी पहली बैठक 12 अक्टूबर 2010 को वियतनाम की राजधानी हनोई में हुई थी। भारत वर्ष 1992 में आसियान का संवाद साझेदार बना था। वर्ष 2017 से इस मंच के रक्षा मंत्री हर साल बैठक कर रहे हैं, ताकि सदस्य देशों और उनके साझेदारों के बीच रक्षा सहयोग को लगातार आगे बढ़ाया जा सके।

फिलीपींस वर्ष 2026 में इस बैठक की अध्यक्षता कर रहा है। भारत की भागीदारी दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत बनाने की उसकी ‘एक्ट ईस्ट’ नीति का हिस्सा है। इस नीति के तहत भारत क्षेत्र के देशों के साथ सहयोग बढ़ाने और शांति, स्थिरता तथा साझा विकास को प्रोत्साहित करने पर जोर देता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सेबू में होने वाली बैठक भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर अपना दृष्टिकोण रखने और विभिन्न देशों के साथ रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने का अवसर देगी।

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नौसेना के कमांडरों के सम्मेलन का पहला संस्करण 5 मार्च से होगा शुरू https://dastaktimes.org/the-first-edition-of-the-naval-commanders-conference-will-begin-from-march-5/ Mon, 04 Mar 2024 08:44:30 +0000 https://dastaktimes.org/?p=787965 नई दिल्ली ( दस्तक ब्यूरो) : भारत के आर्म्ड फोर्सेज में से एक प्रमुख इंडियन नेवी अपनी कुशलता दक्षता को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत रही है और इस संदर्भ में समय समय पर ऐसी बैठकों का आयोजन भी होता रहा है जिससे नौसेना चुनौतियों को समझ कर जरूरी कार्यवाही कर सके, जरूरी साझेदारियों को …]]>

नई दिल्ली ( दस्तक ब्यूरो) : भारत के आर्म्ड फोर्सेज में से एक प्रमुख इंडियन नेवी अपनी कुशलता दक्षता को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत रही है और इस संदर्भ में समय समय पर ऐसी बैठकों का आयोजन भी होता रहा है जिससे नौसेना चुनौतियों को समझ कर जरूरी कार्यवाही कर सके, जरूरी साझेदारियों को अंजाम दे सके । इसी कड़ी में साल 2024 में नौसेना के कमांडरों के सम्मेलन का पहला संस्करण 05 मार्च 2024 से प्रारंभ होने वाला है। इस बार यह सम्मेलन हाइब्रिड प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसका पहला चरण समुद्र में आयोजित किया जाएगा।

माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह इस तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान नौसेना कमांडरों को संबोधित करेंगे। सम्मेलन के दौरान चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ व भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना के प्रमुखों के अलावा नौसेना के कमांडरों के साथ भी सामान्य राष्ट्रीय सुरक्षा माहौल सुनिश्चित रखने में तीनों सेनाओं के सम्मिलन पर चर्चा करेंगे। वे देश में तथा भारत के राष्ट्रीय हितों की रक्षा में तीनों सेनाओं के बीच तालमेल और तत्परता बढ़ाने के अन्य उपाय भी ढूंढेंगे।

माननीय रक्षा मंत्री इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उन दोनों विमानवाहक पोतों को देखने के लिए समुद्र में उतरेंगे, जो भारतीय नौसेना की ‘ट्विन कैरियर ऑपरेशंस’ संचालित करने की क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। यह सम्मेलन वार्षिक रूप से आयोजित होने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जो नौसेना के कमांडरों के लिए समुद्री सुरक्षा से संबंधित रणनीतिक गतिविधियों, परिचालन एवं प्रशासनिक मामलों पर विचार-विमर्श करने के उद्देश्य से एक मंच के रूप में कार्य करता है। यह सम्मेलन उभरती हुई भू-राजनीतिक परिस्थितियों, आंचलिक चुनौतियों और इस क्षेत्र में मौजूदा अस्थिर समुद्री सुरक्षा स्थिति की पृष्ठभूमि में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन भारतीय नौसेना द्वारा भविष्य की कार्यप्रणाली को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

नौसेना कमांडरों का सम्मेलन भारतीय नौसेना का एक अभूतपूर्व कार्यक्रम है, जो तेजी से परिवर्तित हो रहे समुद्री माहौल के बीच नौसेना के भविष्य की दिशा तय करने के लिए एक निर्णायक भूमिका निभाता है। यह सम्मेलन रणनीतिक स्पष्टता, परिचालन उत्कृष्टता ( Operational excellence) तकनीकी नवाचार और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देकर भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने तथा क्षेत्र में एक जिम्मेदार समुद्री ताकत के रूप में अपनी स्थिति को बनाए रखने के लिए नौसेना की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।

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भारतीय तटरक्षक बल की क्षमताओं को बढ़ावा देने के महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी : https://dastaktimes.org/important-proposals-to-boost-capabilities-of-indian-coast-guard-approved/ Fri, 16 Feb 2024 11:14:29 +0000 https://dastaktimes.org/?p=784146 रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने सशस्त्र बलों और भारतीय तटरक्षक बल की क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए 84,560 करोड़ रुपये के पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। दी गई मंजूरी में भारतीय विक्रेताओं से विभिन्न उपकरणों की खरीद पर विशेष जोर दिया गया है। प्रस्तावों …]]>

रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में रक्षा अधिग्रहण परिषद (डीएसी) ने सशस्त्र बलों और भारतीय तटरक्षक बल की क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए 84,560 करोड़ रुपये के पूंजी अधिग्रहण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। दी गई मंजूरी में भारतीय विक्रेताओं से विभिन्न उपकरणों की खरीद पर विशेष जोर दिया गया है। प्रस्तावों में नई पीढ़ी के टैंक रोधी खदानें, वायु रक्षा सामरिक नियंत्रण रडार, भारी वजन वाले टॉरपीडो, मध्यम दूरी के समुद्री टोही और मल्टी-मिशन समुद्री विमान, उड़ान रिफ्यूलर विमान और सॉफ्टवेयर परिभाषित रेडियो शामिल हैं।

नौसेना की एंटी-शिप मिसाइलों, बहुउद्देश्यीय जहाजों और उच्च सहनशक्ति वाले स्वायत्त वाहनों की खरीद के लिए रक्षा मंत्रालय की मंजूरी मिलने से नौसेना की क्षमता और समुद्री ताकत और बढ़ जाएगी।

क्या मिलेंगे लाभ : डीएसी की इस अभूतपूर्व पहल से न केवल सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण होगा, बल्कि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए रक्षा उद्योग को भी पर्याप्त बढ़ावा मिलेगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय तट रक्षक के लिए अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती जहाजों की खरीद तटीय क्षेत्रों में निगरानी क्षमता को नई ऊंचाइयों तक बढ़ाएगी।

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