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	<title>वित्त मंत्री &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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	<title>वित्त मंत्री &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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		<title>बजटः कर राहत नहीं लेकिन कर प्रणाली को सरल बनाने पर जोर</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Admin]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 01 Feb 2021 09:57:56 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[व्यापार]]></category>
		<category><![CDATA[निर्मला सीतारमण]]></category>
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		<category><![CDATA[बजट 2021]]></category>
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		<category><![CDATA[वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="180" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2021/02/nirmala-sitaraman-300x180.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="बजटः कर राहत नहीं लेकिन कर प्रणाली को सरल बनाने पर जोर" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2021/02/nirmala-sitaraman-300x180.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2021/02/nirmala-sitaraman.jpg 752w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली : केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में केन्द्रीय बजट 2021-22 पेश करते हुए कर प्रणाली एवं वाद-विवाद प्रबंधन को और भी अधिक सरल बनाने तथा प्रत्‍यक्ष कर प्रणाली के अनुपालन को आसान बनाने की आवश्‍यकता पर बल दिया। आयकर में कोई नई छूट नहीं दी गई &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="180" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2021/02/nirmala-sitaraman-300x180.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="बजटः कर राहत नहीं लेकिन कर प्रणाली को सरल बनाने पर जोर" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2021/02/nirmala-sitaraman-300x180.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2021/02/nirmala-sitaraman.jpg 752w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />
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<p><strong>नई दिल्ली : केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में केन्द्रीय बजट 2021-22 पेश करते हुए कर प्रणाली एवं वाद-विवाद प्रबंधन को और भी अधिक सरल बनाने तथा प्रत्&#x200d;यक्ष कर प्रणाली के अनुपालन को आसान बनाने की आवश्&#x200d;यकता पर बल दिया। आयकर में कोई नई छूट नहीं दी गई है।</strong></p>
<p><strong>अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने वरिष्&#x200d;ठ नागरिकों को आयकर दाखिल करने से राहत प्रदान की है। उन्&#x200d;होंने आयकर दाखिल करने की प्रक्रिया में लगने वाले समय में कमी लाने का जिक्र किया। वित्त मंत्री ने विवाद समाधान समिति और फेसलेस (उपस्थिति रहित) आयकर अपीलीय ट्रिब्&#x200d;यूनल -आईटीएटी के गठन की घोषणा की। उन्&#x200d;होंने अप्रवासी भारतीयों को कर राहत प्रदान करने की बात कही और लेखा परीक्षा में छूट तथा लाभांश आय में राहत की घोषणा की।</strong></p>
<p><strong>सीतारमण ने विनिर्माण के क्षेत्र में प्रत्&#x200d;यक्ष विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों का उल्&#x200d;लेख किया। इसके अलावा, सस्&#x200d;ते मकानों और किराये के घरों की परियोजना को भी अतिरिक्&#x200d;त राहत प्रदान की। वित्त मंत्री ने आईएफएससी में कर प्रोत्&#x200d;साहन राशि और छोटे चैरिटेबल न्&#x200d;यासों के लिए राहत की घोषणा की। उन्&#x200d;होंने देश में स्&#x200d;टार्ट-अप्&#x200d;स को बढ़ावा देने में प्रोत्&#x200d;साहन के लिए किए गए कार्यों का जिक्र किया।</strong></p>
<p><strong>निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि कोविड महामारी के बाद एक नया विश्&#x200d;व हम सभी के सामने आएगा और भारत ऐसे में अग्रणी देश की भूमिका निभाएगा। उन्&#x200d;होंने कहा कि ऐसे परिप्रेक्ष्&#x200d;य में हमारी कर प्रणाली पारदर्शी और समर्थ होनी चाहिए, साथ ही यह निवेश को बढ़ावा देने वाली तथा देश में रोजगार उपलब्&#x200d;ध कराने वाली होनी चाहिए।</strong></p>
<p><strong>वित्त मंत्री ने कहा कि इन सभी के अलावा हमारी कर प्रणाली को करदाताओं के बोझ को कम-से-कम करना चाहिए। उन्&#x200d;होंने कहा&#x200d; कि अर्थव्&#x200d;यवस्&#x200d;था और करदाताओं को अधिकतम लाभ सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने सुधारों की एक विस्&#x200d;तृत श्रृंखला शुरू की है। इन महत्&#x200d;वपूर्ण सुधारों में कॉरपोरेट टैक्&#x200d;स दर में कमी लाना, लाभांश वितरण कर को समाप्&#x200d;त करना और छोटे करदाताओं को अधिकतम छूट तथा राहत प्रदान करना शामिल है। वित्त मंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 में आयकर दाखिल करने वालों की संख्&#x200d;या 6.48 करोड़ रही, जबकि 2014 में यह संख्&#x200d;या 3.31 करोड़ थी।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>वरिष्&#x200d;ठ नागरिकों को राहत</strong></h4>
<p><strong>स्&#x200d;वतंत्रता के 75वें साल के बजट में 75 वर्ष की आयु और उससे अधिक के वरिष्&#x200d;ठ नागरिकों को ज्&#x200d;यादा राहत प्रदान की गई है। ऐसे वरिष्&#x200d;ठ नागरिक जिन्&#x200d;हें पेंशन और ब्&#x200d;याज सहित आय प्राप्&#x200d;त होती है, उन्&#x200d;हें आयकर दाखिल करने से राहत प्रदान की गई है। उन्&#x200d;हें भुगतान करने वाला बैंक ही उनकी आय से आवश्&#x200d;यक कर की कटौती करके राशि अंतरित कर देगा।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>अप्रवासी भारतीयों को कर राहत और लाभांश में छूट</strong></h4>
<p><strong>स्&#x200d;वदेश लौटने वाले अप्रवासी भारतीयों के लिए आयकर से जुड़े कठिन प्रावधानों को सरल बनाने और विदेश से उनकी सेवानिवृत्ति होने के बाद भारत लौटने पर आय से संबंधित मुद्दों को आसानी से सुलझाने के लिए सरल नियमों का प्रावधान बजट में किया गया है। इनके अनुसार टीडीएस मुक्&#x200d;त लाभांश भुगतान आरईआईटी व आईएनवीआईटी को करने का प्रस्&#x200d;ताव किया गया है। विदेशी पोर्टफोलियो वाले निवेशकों के लिए बजट में कम संधि दर पर लाभांश आय में कर कटौती का प्रस्&#x200d;ताव किया गया है। </strong></p>
<p><strong>बजट में यह भी प्रावधान है कि लाभांश आय पर अग्रिम कर की देयता लाभांश का भुगतान या उसकी घोषणा के बाद ही उत्&#x200d;पन्&#x200d;न होती है। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसा पाया गया है कि शेयरधारकों द्वारा अग्रिम कर भुगतान करने के लिए लाभांश आय की सही गणना नहीं की जा सकती।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>सस्&#x200d;ते और किराये के घर</strong></h4>
<p><strong>वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सस्&#x200d;ते घर खरीदने के लिए मिलने वाले ऋण के ब्&#x200d;याज में 1.5 लाख रुपये तक की छूट का प्रावधान 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दिया जाएगा। सरकार द्वारा लोगों को सस्&#x200d;ते घर उपलब्&#x200d;ध कराने के लिए विशेष जोर दिया जा रहा है। उन्&#x200d;होंने सस्&#x200d;ते घर की योजना के तहत कर छूट का दावा करने के लिए पात्रता की समय-सीमा एक वर्ष और बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दी है। प्रवासी मजदूरों के लिए किराये के सस्&#x200d;ते मकान उपलब्&#x200d;ध कराने के प्रावधान में वित्त मंत्री ने सस्&#x200d;ते किराये वाली आवासीय परियोजनाओं के लिए कर राहत की नई घोषणा की है।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>स्&#x200d;टार्ट-अप्&#x200d;स के लिए कर लाभ</strong></h4>
<p><strong>देश में स्&#x200d;टार्ट-अप्&#x200d;स को बढ़ावा देने और उन्&#x200d;हें लाभ पहुंचाने के लिए सीतारमण ने स्&#x200d;टार्ट-अप्&#x200d;स के लिए कर छूट का दावा करने की समय-सीमा एक वर्ष और 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दी है। इस आदेश के अनुसार स्&#x200d;टार्ट-अप्&#x200d;स के लिए संदर्भित कोष में निवेश की पूंजी पर नियम आधारित छूट को प्राप्&#x200d;त करने के लिए समय-सीमा एक वर्ष बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 तक कर दी गई है।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>श्रम कल्&#x200d;याण निधियों में नियोक्&#x200d;ता का अंशदान समय पर जमा करना</strong></h4>
<p><strong>वित्त मंत्री ने कहा कि विभिन्न कल्&#x200d;याण निधियों में नियोक्&#x200d;ताओं का अंशदान जमा करने में हुई देरी के कारण कर्मचारियों को ब्&#x200d;याज व आय की स्&#x200d;थायी हानि होती है। नियोक्&#x200d;ता द्वारा इन निधियों में कर्मचारी का अंशदान समय पर जमा करने के लिए वित्त मंत्री ने यह घोषणा की कि कर्मचारी का अंशदान देरी से जमा करने के बारे में नियोक्&#x200d;ता को कभी भी कटौती की अनुमति नहीं दी जाएगी।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>आयकर कार्यवाही दोबारा शुरू करने के समय में कटौती</strong></h4>
<p><strong>इस वर्ष का बजट अनुपालन का भार कम करने के लिए आयकर कार्यवाही मौजूदा छह साल से तीन साल करने के लिए समय-सीमा में कटौती का प्रावधान करता है। कर प्रवंचना के गंभीर मामलों में जहां एक वर्ष में 50 लाख या उससे अधिक की आय को छुपाने के सबूत मिलते हैं, ऐसे मामलों में संबंधित आकलन को 10 साल तक दोबारा खोला जा सकता है लेकिन इसके लिए प्रधान मुख्&#x200d;य आयुक्&#x200d;त का अनुमोदन प्राप्&#x200d;त करना आवश्&#x200d;यक है।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>विवाद समाधान समिति एवं राष्&#x200d;ट्रीय फेसलेस आयकर अपीलीय ट्रिब्&#x200d;यूनल केन्&#x200d;द्र</strong></h4>
<p><strong>कराधान प्रणाली में वाद कम करने के लिए सरकार द्वारा लिए गए संकल्&#x200d;प का उल्&#x200d;लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित प्रत्&#x200d;यक्ष कर ‘विवाद से विश्&#x200d;वास’ योजना को अच्&#x200d;छी तरह अपनाया गया है। 30 जनवरी, 2021 तक 1 लाख 10 हजार से अधिक करदाताओं ने इस योजना के तहत 85,000 करोड़ रुपये से अधिक के कर विवाद को निपटाने का विकल्&#x200d;प चुना है। छोटे करदाताओं के वाद और कम करने के लिए सीतारमण ने एक विवाद समाधान समिति स्&#x200d;थापित करने का प्रस्&#x200d;ताव किया है। </strong></p>
<p><strong>इसके अनुसार 50 लाख रुपये तक की कर योग्&#x200d;य आय और 10 लाख रुपये तक की विवादग्रस्&#x200d;त आय के साथ कोई भी व्&#x200d;यक्ति इस समिति में पहुंचने के लिए हकदार होगा और उसे दक्षता, पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए समिति के सामने उपस्थित नहीं होना पड़ेगा। वित्त मंत्री ने राष्&#x200d;ट्रीय फेसलेस आयकर अपीलीय ट्रिब्&#x200d;यूनल केन्&#x200d;द्र स्&#x200d;थापित करने की घोषणा की।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>डिजिटल लेन-देन के लिए कर लेखापरीक्षा सीमा बढ़ाई गई</strong></h4>
<p><strong>डिजिटल लेन-देन करने को प्रोत्&#x200d;साहन देने और ज्&#x200d;यादातर लेन-देन को डिजिटल माध्&#x200d;यम से करने वाले व्&#x200d;यक्ति पर अनुपालन का भार कम करने के लिए बजट में कर लेखापरीक्षा की सीमा को बढ़ाने का प्रावधान किया गया है। इससे ऐसे व्&#x200d;यक्ति लाभान्वित होंगे जो 5 करोड़ रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक का 95 प्रतिशत लेन-देन डिजिटल माध्&#x200d;यम से करते हैं।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>विदेशी निवेशकों के लिए प्रोत्&#x200d;साहन राशि</strong></h4>
<p><strong>विनिर्माण के क्षेत्र में विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए बजट में निजी निधि के व्&#x200d;यय से जुड़ी स्थितियों, वाणिज्यिक गतिविधियों के प्रतिबंधों और विनिर्माण में सीधे निवेश से जुड़े नियमों को सरल बनाकर राहत प्रदान की गई है। आदेश के अनुसार विनिर्माण के लिए कोष इकट्ठा करने में जीरो कूपन बॉन्&#x200d;ड शुरू किया जाएगा। बजट में कर के तौर पर एक सक्षम जीरो कूपन बॉन्&#x200d;ड जारी करके धन जुटाने के तहत अधिसूचित बुनियादी ऋण निधि के लिए पात्र बनाने का प्रस्&#x200d;ताव किया गया है।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>अंतरराष्&#x200d;ट्रीय वित्त सेवा केन्&#x200d;द्र के लिए कर प्रोत्&#x200d;साहन राशि</strong></h4>
<p><strong>अंतरराष्ट्रीय वित्त सेवा केन्&#x200d;द्र (आईएफएससी) को बढ़ावा देने के लिए बजट में कर प्रोत्&#x200d;साहन राशि की घोषणा की गई है। बजट के उपायों में एयरक्राफ्ट लीजिंग कंपनियों की आय से पूंजी इकट्ठा करने में कर की छूट, इस क्षेत्र के विदेशी व्&#x200d;यवसायियों को विमानों के लिए दिए जाने वाले किराये में कर की राहत, आईएफएससी में विदेशी निधियों के निवेश पर प्रोत्&#x200d;साहन राशि और आईएफएससी में स्थित विदेशी बैंक की शाखाओं में निवेश करने पर कर राहत प्रदान करना शामिल है।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>छोटे न्&#x200d;यासों को राहत</strong></h4>
<p><strong>शैक्षणिक संस्&#x200d;थान और अस्&#x200d;पताल चलाने वाले छोटे चैरिटेबल न्&#x200d;यासों पर आयकर का भार कम करने के लिए बजट में राहत की घोषणा की गई है। इसके तहत एक करोड़ रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक की वार्षिक लेखा प्रविष्टियों पर राहत की सीमा बढ़ाने का प्रावधान किया गया है।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>फेसलेस (उपस्थिति रहित) आईटीएटी</strong></h4>
<p><strong>वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आयकर अपीलीय ट्रिब्&#x200d;यूनल फेसलेस की घोषणा की है। उन्&#x200d;होंने राष्&#x200d;ट्रीय फेसलेस आयकर अपीलीय ट्रिब्&#x200d;यूनल केन्&#x200d;द्र बनाने की घोषणा की है, जिसमें ट्रिब्&#x200d;यूनल और अपील करने वाले के बीच सभी संवाद इलेक्&#x200d;ट्रॉनिक माध्&#x200d;यम से होंगे।</strong></p>
<h4 style="text-align: center;"><strong>पूर्ववर्ती आयकर दाखिला</strong></h4>
<p><strong>आयकर दाखिल करने को और आसान बनाने के लिए बजट में समय से पूर्व आयकर दाखिल करने की घोषणा की गई है। पूंजीगत निवेश की कमाई जैसे प्रतिभूतियों से आय, लाभांश आय, बैंकों और पोस्&#x200d;ट ऑफिस से मिलने वाला ब्&#x200d;याज इत्&#x200d;यादि इसमें शामिल हैं। मासिक आय, कर का भुगतान और स्रोत पर कर कटौती पहले से ही आयकर दाखिले में शामिल होते हैं।</strong></p>
<p>[divider][/divider][divider][/divider]</p>
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<p>https://youtu.be/v5C04rQUCfI</p>
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