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	<title>शिव के इस धाम में बिजली गिरने से खंडित हो जाता है पूरा शिवलिंग और फिर… &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="180" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/12/शिव-के-इस-धाम-में-बिजली-गिरने-से-खंडित-हो-जाता-है-पूरा-शिवलिंग-और-फिर…-300x180.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="शिव के इस धाम में बिजली गिरने से खंडित हो जाता है पूरा शिवलिंग और फिर…" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/12/शिव-के-इस-धाम-में-बिजली-गिरने-से-खंडित-हो-जाता-है-पूरा-शिवलिंग-और-फिर…-300x180.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/12/शिव-के-इस-धाम-में-बिजली-गिरने-से-खंडित-हो-जाता-है-पूरा-शिवलिंग-और-फिर…-768x461.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2017/12/शिव-के-इस-धाम-में-बिजली-गिरने-से-खंडित-हो-जाता-है-पूरा-शिवलिंग-और-फिर….jpg 1000w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />भारत को मंदिरों का देश कहा जाए तो गलत नहीं होगा क्योंकि यहां ऐसे कई प्राचीन मंदिर स्थित हैं जिनके बारे में कई तरह की मान्यताओं और चमत्कार की कहानियां जुड़ी हुई हैं. कई मंदिरों से जुड़े चमत्कार की कहानियों को सुनकर लोग अपनी मुरादों की खाली झोली लेकर भगवान के दरबार में पहुंचते हैं और &#8230;]]></description>
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<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>बिजली महादेव मंदिर से जुड़े रहस्य</strong></span></h3>
<p><strong>हिमाचल प्रदेश के कुल्लू में स्थित बिजली महादेव मंदिर व्यास और पार्वती नदी के संगम के पास बसा है. समुद्र की सतह से करीब 2,450 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह मंदिर अपने आप में रहस्यों को समेटे हुए है. </strong><strong>बताया जाता है कि यह मंदिर जहां स्थित है वह घाटी एक विशालकाय सांप का रुप है जिसका वध स्वयं भगवान शिव ने किया था. इतना ही नहीं यहां जिस स्थान पर शिवलिंग की स्थापना की गई है वहां रहस्यमयी तरीके से बिजली गिरती है और पूरा शिवलिंग खंडित हो जाता है जिसके बाद मंदिर का पूजारी उसे इकट्ठा करके मक्खन से जोड़ देते हैं जो बाद में रहस्यमय तरीके से ठोस हो जाता है.</strong></p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>इस मंदिर से जुड़ी है ये खास मान्यता</strong></span></h3>
<p><strong>बिजली महादेव मंदिर को लेकर मान्यता है कि यहां पहले कुलांत नाम का एक दैत्य रहता था. वो दैत्य कुल्लू से अजगर का रुप धारण कर मंडी की घोग्घरधार से होता हुआ लाहौल स्पीति से मथाण गांव आ गया. </strong><strong>वो दैत्य अजगर के वेश में कुंडली मारकर व्यास नदी के प्रवाह को रोक कर इस जगह को पानी में डुबाना चाहता था. ताकि यहां रहनेवाले सभी प्राणी पानी में डूबकर मर जाएं. </strong><strong>भगवान शिव कुलांत दैत्य के इस कृत्य से चिंतित हो गए और उन्होंने इस दैत्य को अपने विश्वास में लेते हुए कहा कि तुम्हारी पूंछ में आग लग गई है.</strong></p>
<p><strong>भगवान शिव की इस बात को सुनते ही कुलांत पीछे मुडा और तभी शिव ने उसके सिर पर त्रिशूल से वार कर दिया. भगवान शिव के इस प्रहार से कुलांत मारा गया और उसकी मृत्यु होते ही उसका शरीर एक विशाल पर्वत में बदल गया. </strong><strong>उसका शरीर धरती के जितने हिस्से तक फैला हुआ था उतना हिस्सा पर्वत बन गया. माना जाता है कि कुल्लू घाटी के बिजली महादेव से रोहतांग दर्रा और मंडी के घोग्घरधार तक की घाटी कुलांत दैत्य के शरीर से बनी हुई है.</strong></p>
<h3><span style="color: #ff0000;"><strong>12 साल में शिवलिंग पर गिरती है बिजली</strong></span></h3>
<p><strong>माना जाता है कि कुलांत दैत्य के नाम से इस जगह का नाम कुल्लू पड़ा. कुलांत दैत्य की मौत के बाद भगवान शिव ने देवराज इंद्र से कहा कि वो 12 साल में एक बार इस जगह पर बिजली गिराया करें. </strong><strong>कहा जाता है कि तब से लेकर यहां हर 12 साल में आकाशीय बिजली गिरती है और इस बिजली से शिवलिंग पूरी तरह से चकनाचूर हो जाता है. जिसके बाद शिवलिंग के टुकड़े एकत्रित करके मंदिर का पुजारी मक्खन से जोड़कर स्थापित करता है जो कुछ समय बाद फिर से अपने पुराने स्वरुप में आ जाता है.</strong><strong>गौरतलब है कि इस बिजली महादेव मंदिर में हर 12 साल में रहस्यमय तरीके से बिजली गिरती है और शिवलिंग के टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं लेकिन बाद में फिर से शिवलिंग अपने पहले वाले स्वरुप में आ जाता है जो किसी चमत्कार से कम नहीं है.</strong></p>
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