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	<title>समर्थ सिंह &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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		<title>Twisha Case: हाईकोर्ट में MP सरकार का बड़ा दावा, ‘ट्विशा के शरीर पर चोट के निशान संघर्ष की ओर इशारा करते हैं’</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 May 2026 11:01:47 +0000</pubDate>
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<p><strong>भोपाल:</strong> मॉडल और पूर्व मिस पुणे ट्विशा शर्मा मौत मामले में बुधवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया। राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों के निशान यह संकेत देते हैं कि मौत से पहले किसी तरह का संघर्ष या हाथापाई हुई हो सकती है। सरकार की इस दलील के बाद अब तक आत्महत्या माने जा रहे मामले में नए सवाल खड़े हो गए हैं और जांच की दिशा भी बदलती नजर आ रही है।</p>



<p>सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि ट्विशा की कलाई, कोहनी और सिर पर चोट के निशान पाए गए थे। उन्होंने दलील दी कि ये चोटें शव को नीचे उतारने के दौरान आईं, ऐसा मानना उचित नहीं होगा। सरकार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट कई गंभीर परिस्थितियों की ओर संकेत कर रही है।</p>



<p>मामले की सुनवाई मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में उस याचिका पर हो रही थी, जिसमें ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह को निचली अदालत से मिली अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की गई है। राज्य सरकार ने कोर्ट में आरोप लगाया कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह द्वारा ट्विशा को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था।</p>



<p><strong>शादी के बाद तानों और प्रताड़ना का आरोप</strong></p>



<p>सरकार ने अदालत को बताया कि ट्विशा के परिवार द्वारा शादी में कथित तौर पर कम खर्च किए जाने को लेकर उसे लगातार ताने दिए जाते थे। आरोप है कि पति और सास दोनों मिलकर मानसिक दबाव बनाते थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।</p>



<p><strong>‘जांच में सहयोग नहीं किया गया’</strong></p>



<p>सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने गिरिबाला सिंह पर जांच एजेंसियों का सहयोग न करने का आरोप भी लगाया। तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि 13 और 14 मई को नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन आरोपी पक्ष जांच में शामिल नहीं हुआ। सरकार ने यह भी कहा कि जब पुलिस नोटिस देने उनके घर पहुंची, तब भी वह मौजूद नहीं मिलीं।</p>



<p>सरकार ने अदालत में दावा किया कि आरोपी पक्ष ने मामले को प्रभावित करने और संभावित रूप से साक्ष्यों पर असर डालने की कोशिश की। साथ ही यह भी कहा गया कि निचली अदालत ने अग्रिम जमानत देते समय आरोपी के प्रभावशाली पद और परिस्थितियों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया।</p>



<p><strong>मीडिया में बयानबाजी पर भी उठे सवाल</strong></p>



<p>ट्विशा केस में सुनवाई के दौरान मीडिया से लगातार बातचीत का मुद्दा भी अदालत में उठा। तुषार मेहता ने कहा कि जांच में सहयोग करने का समय नहीं था, लेकिन मीडिया के सामने बयान देने के लिए पर्याप्त समय था। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए एक विशेष नैरेटिव तैयार करने और गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की गई।</p>



<p><strong>व्हाट्सएप चैट्स का भी अदालत में जिक्र</strong></p>



<p>राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि गिरिबाला सिंह को उदार और सहयोगी महिला के रूप में पेश करने की कोशिश की जा रही है, जबकि व्हाट्सएप चैट्स कुछ अलग तस्वीर दिखाती हैं। कोर्ट में पेश दलीलों के अनुसार, ट्विशा और उसकी मां के बीच हुई बातचीत में बार-बार समझौता करने और सास के साथ रिश्ते संभालने की बात सामने आई।</p>



<p>सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि चैट्स से संकेत मिलता है कि सास के कारण पति-पत्नी के रिश्तों में दूरी बढ़ रही थी।</p>



<p><strong>ट्विशा के परिवार ने लगाए गंभीर आरोप</strong></p>



<p>ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने अदालत में कहा कि अग्रिम जमानत ऐसे बयान के आधार पर दे दी गई, जिसे संदर्भ से हटाकर पेश किया गया था। उन्होंने दलील दी कि एफआईआर दर्ज होने के शुरुआती चरण में ही बिना जांच की प्रकृति समझे राहत दे दी गई।</p>



<p>लूथरा ने अदालत में व्हाट्सएप चैट्स का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि ट्विशा के ससुराल पक्ष ने उसके बच्चे की पितृत्व तक पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा कि यह किसी भी महिला के लिए बेहद क्रूर स्थिति हो सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि ट्विशा का गर्भपात हुआ था।</p>



<p><strong>‘मेरा दम घुटता है यहां’ — कोर्ट में पढ़ा गया मैसेज</strong></p>



<p>सुनवाई के दौरान ट्विशा द्वारा अपनी मां को भेजा गया एक मैसेज भी अदालत में पढ़ा गया। लूथरा ने बताया कि ट्विशा ने लिखा था, “ये सब बहुत ज्यादा निर्दयी हैं, कोई दया नहीं है, मेरा दम घुटता है यहां।” परिवार की ओर से दावा किया गया कि अंतिम दिनों में ट्विशा मानसिक रूप से बेहद परेशान और डरी हुई थी।</p>



<p><strong>CBI ने पति समर्थ सिंह को हिरासत में लिया</strong></p>



<p>मामले में बुधवार को बड़ा घटनाक्रम तब सामने आया जब सीबीआई ने ट्विशा के पति समर्थ सिंह को हिरासत में ले लिया। राज्य सरकार ने सीबीआई की कस्टडी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि जमानत की शर्तों के बावजूद जांच में अपेक्षित सहयोग नहीं किया गया।</p>



<p>सरकार ने अदालत में कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मृतका पर आरोप लगाए गए, जबकि वह अब अपनी बात रखने के लिए इस दुनिया में नहीं है।</p>



<p><strong>12 मई को मिली थी ट्विशा की लाश</strong></p>



<p>गौरतलब है कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। एफआईआर के मुताबिक, 9 दिसंबर 2025 को हुई शादी में दिए गए दहेज से आरोपी पक्ष संतुष्ट नहीं था।</p>



<p>मामला उस समय और गंभीर हो गया जब ट्विशा के माता-पिता ने शुरुआती जांच पर सवाल उठाए। इसके बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर एम्स दिल्ली की टीम से दूसरा पोस्टमार्टम कराया गया। अब सभी की नजर हाईकोर्ट के उस फैसले पर टिकी है, जिसमें गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करने को लेकर आदेश सुनाया जाना है।</p>



<p></p>
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		<title>ट्विशा शर्मा केस में बड़ा झटका, हाईकोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द की</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 28 May 2026 10:53:22 +0000</pubDate>
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<p><strong>भोपाल:</strong> मध्यप्रदेश के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व जज गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत रद्द कर दी है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर बेंच ने कहा कि निचली अदालत ने मामले के तथ्यों, गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों पर पर्याप्त गंभीरता से विचार नहीं किया था।</p>



<p>हाईकोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि आरोप केवल समर्थ सिंह तक सीमित हैं।</p>



<p><strong>CBI की मांग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला</strong></p>



<p>इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि आरोपी गिरिबाला सिंह से हिरासत में पूछताछ जरूरी है और इसी आधार पर अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग की गई थी।</p>



<p>जबलपुर हाईकोर्ट में वैकेशन जज देव नारायण मिश्रा की अदालत ने 17 पन्नों के आदेश में भोपाल की 10वीं अतिरिक्त सत्र अदालत द्वारा 15 मई 2026 को दिए गए अग्रिम जमानत आदेश को निरस्त कर दिया।</p>



<p><strong>गर्भपात को लेकर दबाव बनाने के आरोप</strong></p>



<p>हाईकोर्ट ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं 80(2), 85, 3(5) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धाराओं 3 और 4 के तहत दर्ज मामले में यह फैसला सुनाया।</p>



<p>अदालत ने कहा कि यह स्वीकार तथ्य है कि मृतका ट्विशा शर्मा गर्भवती थीं और दो महीने के भीतर उनका गर्भपात कराया गया था।</p>



<p>शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह ने ट्विशा पर गर्भपात कराने के लिए दबाव बनाया था। हालांकि बचाव पक्ष का कहना था कि ट्विशा स्वयं गर्भपात चाहती थीं।</p>



<p><strong>गवाहों के बयान बने अहम आधार</strong></p>



<p>हाईकोर्ट ने अपने आदेश में रेखारानी शर्मा, मीनाक्षी शर्मा, नवनिधि शर्मा, हर्षित शर्मा और राशि अबरोल के बयानों का उल्लेख किया।</p>



<p>अदालत ने कहा कि 13 मई 2026 से ही गवाहों ने यह आरोप लगाए थे कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे द्वारा ट्विशा को प्रताड़ित किया जा रहा था और गर्भपात के लिए दबाव बनाया जा रहा था।</p>



<p>कोर्ट ने यह भी कहा कि 14 और 15 मई को दर्ज अन्य बयानों में भी दोनों आरोपियों के खिलाफ स्पष्ट आरोप सामने आए हैं।</p>



<p><strong>व्हाट्सएप चैट्स का भी हुआ जिक्र</strong></p>



<p>अदालत ने मामले से जुड़ी व्हाट्सएप चैट्स का भी उल्लेख किया और कहा कि इन चैट्स से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि आरोप केवल समर्थ सिंह के खिलाफ हैं।</p>



<p>हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि ट्रायल कोर्ट ने इन महत्वपूर्ण तथ्यों पर समुचित विचार नहीं किया था, इसलिए अग्रिम जमानत आदेश को रद्द किया जाना आवश्यक था।</p>



<p><strong>पीड़ित परिवार ने फैसले का किया स्वागत</strong></p>



<p>पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ट्विशा मामले में आखिरकार न्याय हुआ है।</p>



<p>उन्होंने यह भी कहा कि गिरिबाला सिंह 36 वर्षों तक न्यायिक सेवा में रही हैं, इसलिए उन्हें कानून का सम्मान करते हुए सीबीआई के सामने आत्मसमर्पण कर जांच में सहयोग करना चाहिए।</p>



<p><strong>पति समर्थ सिंह सीबीआई हिरासत में</strong></p>



<p>इस बीच भोपाल की एक अदालत ने ट्विशा शर्मा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई हिरासत में भेज दिया है। बाद में सीबीआई की टीम समर्थ को लेकर कटारा हिल्स स्थित गिरिबाला सिंह के घर भी पहुंची, जहां मामले में आगे की जांच की गई।</p>



<p>गौरतलब है कि पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में फंदे से लटकी मिली थीं। इसके बाद मामला पूरे प्रदेश में सुर्खियों में आ गया था।</p>



<p>सीबीआई ने हाल ही में मध्यप्रदेश पुलिस की एफआईआर को दोबारा दर्ज करते हुए समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है।</p>



<p></p>
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		<title>अजमेर ट्रिप को लेकर हुआ था विवाद, ट्विशा केस में पति समर्थ सिंह ने पूछताछ में खोले कई राज</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 24 May 2026 07:34:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4.jpg 1000w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />भोपाल: भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस पूछताछ में पति समर्थ सिंह ने दावा किया है कि 17 अप्रैल को गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद ट्विशा के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। यह बयान उन गंभीर &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4-768x432.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/05/Mp_News_01-1-4.jpg 1000w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>भोपाल:</strong> भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस पूछताछ में पति समर्थ सिंह ने दावा किया है कि 17 अप्रैल को गर्भावस्था की पुष्टि होने के बाद ट्विशा के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। यह बयान उन गंभीर आरोपों के बीच सामने आया है, जिनमें कहा गया था कि समर्थ सिंह ने गर्भ में पल रहे बच्चे को लेकर पत्नी से सवाल किए थे, जिससे वह मानसिक तनाव में थीं।</p>



<p><strong>अजमेर यात्रा को लेकर दोनों के बीच हुआ था विवाद</strong></p>



<p>पुलिस जांच और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी के महज पांच महीनों के भीतर ट्विशा शर्मा और समर्थ सिंह के बीच कई बार विवाद हुए थे। जांच में यह भी सामने आया है कि मौत से कुछ घंटे पहले दोनों के बीच राजस्थान के अजमेर जाने को लेकर तीखी बहस हुई थी। इसके कुछ समय बाद 12 मई को भोपाल स्थित घर में ट्विशा शर्मा मृत मिलीं।</p>



<p><strong>मां को भेजे संदेशों में बयां किया दर्द</strong></p>



<p>जांच के दौरान ट्विशा शर्मा और उनकी मां के बीच हुई बातचीत और संदेश भी सामने आए हैं। इन संदेशों में ट्विशा ने गर्भावस्था के दौरान ससुराल के माहौल को लेकर तनाव और घुटन महसूस होने की बात कही थी। एक संदेश में उन्होंने लिखा था, “मेरा दम घुट रहा है मां।” परिवार का आरोप है कि ट्विशा लगातार अपने माता-पिता से उन्हें वहां से ले जाने की अपील कर रही थीं।</p>



<p><strong>मौत से पहले मां को किया था फोन</strong></p>



<p>ट्विशा शर्मा के भाई मेजर हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में अधिकारी हैं, ने बताया कि 12 मई की रात करीब 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन किया था। फोन पर उन्होंने अपनी परेशानियों का जिक्र किया, लेकिन बातचीत के दौरान अचानक समर्थ सिंह कमरे में पहुंच गए, जिसके बाद कॉल कट गई।</p>



<p>परिवार का कहना है कि इसके बाद उन्होंने ट्विशा, समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। कुछ घंटों बाद समर्थ सिंह की मां गिरिबाला सिंह ने परिवार को ट्विशा की मौत की सूचना दी।</p>



<p><strong>सात दिन की पुलिस रिमांड पर समर्थ सिंह</strong></p>



<p>समर्थ सिंह फिलहाल सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। घटना के बाद वह लापता हो गए थे और बाद में जबलपुर पहुंचकर आत्मसमर्पण करने की कोशिश की थी। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर भोपाल ले आई। उनकी अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है।</p>



<p>वहीं उनकी मां गिरिबाला सिंह, जो सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, को अदालत से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने उन पर जांच में सहयोग नहीं करने और नोटिसों की अनदेखी करने के आरोप लगाए हैं।</p>



<p><strong>अदालत में समर्थ के व्यवहार पर भी उठे सवाल</strong></p>



<p>शुक्रवार को अदालत में पेशी के दौरान समर्थ सिंह का व्यवहार भी चर्चा का विषय बना रहा। मौजूद लोगों के मुताबिक वह अदालत में पूरी तरह शांत और आत्मविश्वास से भरे नजर आए। उनके चेहरे पर किसी तरह की घबराहट या पछतावे के संकेत दिखाई नहीं दिए।</p>



<p><strong>AIIMS की टीम करेगी दूसरा पोस्टमार्टम</strong></p>



<p>मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के निर्देश पर रविवार को नई दिल्ली स्थित AIIMS के चार वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंचकर ट्विशा शर्मा के शव का दूसरा पोस्टमार्टम करेगी। ट्विशा नोएडा की रहने वाली थीं और उनकी शादी दिसंबर 2025 में समर्थ सिंह से हुई थी।</p>



<p>मौत के बाद ट्विशा के परिवार ने पति और ससुराल पक्ष पर मानसिक प्रताड़ना और दहेज उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर व्यापक जनआक्रोश देखने को मिल रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग लगातार तेज होती जा रही है।</p>



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