<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>Drone Swarm &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<atom:link href="https://dastaktimes.org/tag/drone-swarm/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
	<lastBuildDate>Wed, 23 Sep 2026 12:26:41 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.9</generator>

<image>
	<url>https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2024/01/cropped-DT-ICon-copy.png</url>
	<title>Drone Swarm &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>5 किमी दूर तक ड्रोन को पलभर में निशाना बनाएगा भारत का 30 किलोवाट लेजर हथियार, उत्पादन के लिए जल्द होगी साझेदार की तलाश</title>
		<link>https://dastaktimes.org/indias-30-kilowatt-laser-will-target-drones-up-to-5-km-away-in-a-moment-will-soon-be-looking-for-a-partner-to-produce-the-weapon/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 12:26:39 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[करिअर]]></category>
		<category><![CDATA[30 किलोवाट लेजर हथियार]]></category>
		<category><![CDATA[5 KM Laser Weapon]]></category>
		<category><![CDATA[Anti Drone System]]></category>
		<category><![CDATA[Counter Drone Weapon]]></category>
		<category><![CDATA[Defence News]]></category>
		<category><![CDATA[DEW India]]></category>
		<category><![CDATA[Directed Energy Weapon]]></category>
		<category><![CDATA[DRDO]]></category>
		<category><![CDATA[DRDO Laser Weapon]]></category>
		<category><![CDATA[Drone Swarm]]></category>
		<category><![CDATA[ऑपरेशन सिंदूर]]></category>
		<category><![CDATA[काउंटर ड्रोन लेजर]]></category>
		<category><![CDATA[ड्रोन विरोधी हथियार]]></category>
		<category><![CDATA[भारतीय सेना]]></category>
		<category><![CDATA[स्वदेशी लेजर हथियार]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=908545</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dron-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dron-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dron-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dron.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: ड्रोन के बढ़ते खतरे के बीच भारत ने निर्देशित ऊर्जा हथियारों के क्षेत्र में एक अहम तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने करीब 30 किलोवाट क्षमता वाले काउंटर-ड्रोन लेजर हथियार की तकनीक को परीक्षणों के जरिए साबित कर दिया है। अब इस प्रणाली को विकास के अगले चरण &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dron-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dron-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dron-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/dron.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> ड्रोन के बढ़ते खतरे के बीच भारत ने निर्देशित ऊर्जा हथियारों के क्षेत्र में एक अहम तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन ने करीब 30 किलोवाट क्षमता वाले काउंटर-ड्रोन लेजर हथियार की तकनीक को परीक्षणों के जरिए साबित कर दिया है। अब इस प्रणाली को विकास के अगले चरण से निकालकर उत्पादन की दिशा में ले जाने की तैयारी है। इसके लिए अगले छह महीनों में औद्योगिक साझेदार की तलाश शुरू की जाएगी और रुचि पत्र जारी किया जाएगा।</p>



<p>यह ट्रक पर स्थापित किया जाने वाला लेजर हथियार है, जिसे मुख्य रूप से ड्रोन और दूसरे मानवरहित हवाई वाहनों से निपटने के लिए विकसित किया गया है। यह करीब पांच किलोमीटर की दूरी तक ड्रोन समूह, स्थिर पंख वाले मानवरहित विमान और निगरानी सेंसरों को निशाना बनाने में सक्षम है। डीआरडीओ के अनुसार, इस तकनीक का अंतिम परीक्षण अगस्त 2025 में पूरा किया गया था।</p>



<p><strong>एक साथ कई ड्रोन से निपटने की क्षमता</strong></p>



<p>इस लेजर प्रणाली की खासियत एक साथ कई ड्रोन से मुकाबला करने की क्षमता है। अप्रैल 2025 में आंध्र प्रदेश के कुरनूल स्थित राष्ट्रीय खुले क्षेत्र परीक्षण केंद्र में इसके परीक्षण किए गए थे। इस दौरान स्थिर पंख वाले ड्रोन को निशाना बनाने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया। इसके अलावा कई ड्रोन के हमले और निगरानी सेंसरों को निष्क्रिय करने की क्षमता भी प्रदर्शित की गई थी।</p>



<p>ड्रोन के झुंड से पैदा होने वाले खतरे को देखते हुए इस तरह की प्रणाली को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक साथ बड़ी संख्या में ड्रोन आने की स्थिति में पारंपरिक हथियारों के मुकाबले निर्देशित ऊर्जा आधारित प्रणाली अलग विकल्प उपलब्ध करा सकती है।</p>



<p><strong>मिसाइल नहीं, सीधे लेजर किरण से होगा वार</strong></p>



<p>निर्देशित ऊर्जा हथियार में उच्च ऊर्जा वाली लेजर किरण का इस्तेमाल लक्ष्य को नुकसान पहुंचाने या उसके इलेक्ट्रॉनिक तंत्र को निष्क्रिय करने के लिए किया जाता है। लेजर प्रकाश की गति से लक्ष्य तक पहुंचती है, इसलिए मिसाइल या पारंपरिक गोला-बारूद की तरह उसे लक्ष्य तक पहुंचने में अलग से उड़ान समय नहीं लगता।</p>



<p>इस तकनीक का एक संभावित फायदा यह है कि हर ड्रोन के लिए अलग अवरोधक मिसाइल की जरूरत नहीं पड़ती। पर्याप्त ऊर्जा उपलब्ध रहने पर प्रणाली लगातार अलग-अलग लक्ष्यों पर निशाना साध सकती है। बड़ी संख्या में कम लागत वाले ड्रोन के खिलाफ इसी वजह से निर्देशित ऊर्जा हथियारों को एक उपयोगी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।</p>



<p><strong>ऑपरेशन सिंदूर के बाद काउंटर-ड्रोन हथियारों की जरूरत बढ़ी</strong></p>



<p>हाल के संघर्षों में कम लागत वाले ड्रोन के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल ने काउंटर-ड्रोन प्रणालियों की जरूरत को बढ़ाया है। मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन के इस्तेमाल ने भी ऐसे हथियारों के विकास और तैनाती की आवश्यकता को सामने रखा। बड़ी संख्या में सस्ते ड्रोन के खिलाफ हर बार महंगी मिसाइल का इस्तेमाल करना खर्चीला साबित हो सकता है।</p>



<p>ऐसे में लेजर आधारित हथियार कम लागत वाले हवाई खतरों से निपटने के लिए अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध करा सकते हैं। हालांकि, इस तरह की प्रणालियों की प्रभावशीलता मौसम, ऊर्जा उपलब्धता और लक्ष्य की परिस्थितियों जैसे कारकों पर भी निर्भर करती है।</p>



<p><strong>छह महीने में औद्योगिक साझेदार की तलाश</strong></p>



<p>डीआरडीओ के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार प्रणाली महानिदेशक डॉ. बीके दास के अनुसार, अगले छह महीनों में इस प्रणाली के लिए औद्योगिक साझेदार चुनने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके लिए रुचि पत्र जारी करने की योजना है। इसके बाद फर्स्ट-ऑफ-प्रोडक्शन मॉडल तैयार किया जाएगा और उसका आगे परीक्षण किया जाएगा।</p>



<p>इसका मतलब यह है कि 30 किलोवाट वाली यह प्रणाली अभी बड़े पैमाने पर उत्पादन में शामिल नहीं हुई है। फिलहाल इसे विकास और परीक्षण से उत्पादन की दिशा में ले जाने की प्रक्रिया शुरू हो रही है।</p>



<p><strong>2 और 10 किलोवाट क्षमता की प्रणालियों पर भी काम</strong></p>



<p>डीआरडीओ कम क्षमता वाले निर्देशित ऊर्जा हथियारों पर भी काम कर रहा है। करीब 2 किलोवाट क्षमता वाली प्रणाली उत्पादन में है, जबकि 10 किलोवाट क्षमता वाली प्रणाली के लिए आगे की खरीद प्रक्रिया चल रही है। 30 किलोवाट प्रणाली इसी तकनीकी श्रृंखला में अधिक क्षमता वाला अगला चरण है।</p>



<p>उत्पादन में शामिल होने के बाद यह स्वदेशी लेजर प्रणाली भारतीय सशस्त्र बलों को ड्रोन और मानवरहित हवाई वाहनों जैसे खतरों से निपटने के लिए मिसाइलों के अलावा एक अतिरिक्त निर्देशित ऊर्जा विकल्प दे सकती है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: dastaktimes.org @ 2026-09-23 19:31:49 by W3 Total Cache
-->