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	<title>Iran China &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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		<title>होर्मुज संकट के बीच जेडी वेंस का बड़ा दावा, ईरान के खिलाफ अमेरिका के साथ खड़ा होगा चीन? ट्रंप प्रशासन ने खोले कई विकल्प</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 04 Sep 2026 11:08:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="184" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2-e1788507381698-300x184.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2-e1788507381698-300x184.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/2-e1788507381698.png 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान, चीन और अमेरिका की रणनीति को लेकर अहम संकेत दिए हैं। वेंस ने ईरान की तुलना में चीन को अधिक जिम्मेदार देश बताया और दावा किया कि बीजिंग ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अमेरिकी प्रयास में सहयोग &#8230;]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली:</strong> पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान, चीन और अमेरिका की रणनीति को लेकर अहम संकेत दिए हैं। वेंस ने ईरान की तुलना में चीन को अधिक जिम्मेदार देश बताया और दावा किया कि बीजिंग ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अमेरिकी प्रयास में सहयोग के लिए तैयार है। उनका बयान ऐसे समय आया है, जब होर्मुज क्षेत्र में समुद्री मार्गों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।</p>



<p>अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट शुरू किया है। इसी अभियान के बीच यह सवाल उठ रहा है कि चीन के सहयोग के बिना ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की अमेरिकी कोशिश कितनी प्रभावी हो सकेगी। इसी मुद्दे पर वेंस से चीन की भूमिका को लेकर सवाल किया गया था।</p>



<p><strong>ईरान के खिलाफ चीन के सहयोग पर वेंस का बड़ा दावा</strong></p>



<p>वेंस ने कहा कि चीन सरकार इस मामले में अमेरिका के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। हालांकि, उन्होंने माना कि वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच कई नीतिगत मतभेद हैं। इसके बावजूद उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच अच्छे संबंधों को अहम बताया।</p>



<p>वेंस ने चीन को ईरान से अधिक जिम्मेदार बताते हुए दोनों देशों के अंतरराष्ट्रीय विवादों में व्यवहार की तुलना की। उन्होंने कहा कि चीन ऐसा देश नहीं है जो किसी अंतरराष्ट्रीय विवाद में अपनी बात मनवाने के लिए लगातार वाणिज्यिक जहाजों पर गोलीबारी करता रहे। उनकी यह टिप्पणी होर्मुज क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर जारी तनाव के संदर्भ में सामने आई।</p>



<p><strong>तुर्किये से खाड़ी देशों तक, अमेरिका को मिल रहा सहयोग</strong></p>



<p>अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका को कई अन्य देशों से भी सहयोग मिल रहा है। उन्होंने तुर्किये, अजरबैजान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और अन्य खाड़ी देशों का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, ये देश अलग-अलग स्तर पर अमेरिकी प्रयासों में मदद के लिए कदम उठा रहे हैं।</p>



<p>वेंस ने कहा कि कुछ देश सार्वजनिक तौर पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने से बच सकते हैं, लेकिन निजी बातचीत में वे ईरान की गतिविधियों को लेकर चिंता जाहिर कर रहे हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी घटनाक्रम के बीच इन देशों से मिलने वाला सहयोग अमेरिका के लिए महत्वपूर्ण है।</p>



<p><strong>ईरान के खिलाफ सैन्य से गुप्त कार्रवाई तक, सभी विकल्प खुले</strong></p>



<p>ईरान के खिलाफ आगे की अमेरिकी कार्रवाई को लेकर वेंस ने कहा कि ट्रंप प्रशासन के पास कई विकल्प मौजूद हैं। इनमें आर्थिक, सैन्य और राजनयिक उपायों के अलावा गुप्त कदम भी शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि अमेरिका आगे कौन सी कार्रवाई करने वाला है।</p>



<p>वेंस ने कहा कि ईरान पर दबाव बनाने की अमेरिकी योजनाओं को पहले से सार्वजनिक करना उचित नहीं होगा। उनका कहना है कि यदि राष्ट्रपति की रणनीति और संभावित कदमों की जानकारी पहले ही सामने आ जाए तो इससे फैसले लेने की क्षमता प्रभावित हो सकती है।</p>



<p><strong>होर्मुज पर वेंस की चेतावनी, दुनिया पर पड़ सकता है असर</strong></p>



<p>होर्मुज क्षेत्र को लेकर वेंस ने विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यदि ईरान से जुड़े लोग इस क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखते हैं तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।</p>



<p>वेंस ने चेतावनी दी कि ऐसी स्थिति वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा कर सकती है। होर्मुज क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के दूसरे देशों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।</p>



<p><strong>चीन की भूमिका पर टिकी अमेरिका की रणनीति</strong></p>



<p>वेंस की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के साथ चीन और पश्चिम एशिया के दूसरे देशों का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहा है। चीन और अमेरिका के बीच नीतिगत मतभेद बने हुए हैं, लेकिन ईरान से जुड़े मुद्दे पर संभावित सहयोग को ट्रंप प्रशासन महत्वपूर्ण मान रहा है।</p>



<p>फिलहाल वेंस ने अमेरिका की अगली कार्रवाई का खुलासा नहीं किया है। ऐसे में ईरान पर आर्थिक दबाव, होर्मुज क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और चीन की संभावित भूमिका आने वाले समय में पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के प्रमुख मुद्दे बने रह सकते हैं।</p>



<p></p>
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