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	<title>Minority Education Authority &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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		<title>उत्तराखंड के मदरसों में अब जुमे की छुट्टी पर लगेगा ब्रेक? रविवार को अवकाश करने की तैयारी, धामी सरकार लेगी फैसला</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 21 Oct 2026 10:56:27 +0000</pubDate>
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<p><strong>देहरादून:</strong> उत्तराखंड के मदरसों में शुक्रवार यानी जुमे के दिन मिलने वाली साप्ताहिक छुट्टी को बदलकर रविवार करने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजा है। अब शिक्षा विभाग की ओर से इस पर आदेश जारी किया जाना है। प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी ने शिक्षा विभाग को पत्र भेजे जाने की पुष्टि की है। यदि इस प्रस्ताव पर फैसला होता है, तो प्रदेश के मदरसों में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था बदल सकती है।</p>



<p><strong>सीएम धामी बोले- सभी शिक्षण संस्थानों के लिए नियम एक जैसे</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मदरसों में शुक्रवार के बजाय रविवार को छुट्टी किए जाने की तैयारी पर कहा कि मदरसे अब शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं। ऐसे में उन पर भी वही नियम लागू होने चाहिए, जो अन्य स्कूलों के लिए निर्धारित हैं।</p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार तुष्टीकरण वाली शिक्षा नीति नहीं चाहती। सभी बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए नीति और नियम बनाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें प्रदेश में संचालित नहीं होने दिया जाएगा।</p>



<p><strong>मदरसा बोर्ड भंग होने के बाद बनाया गया अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण</strong></p>



<p>प्रदेश में एक जुलाई से मदरसा बोर्ड भंग होने के बाद अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन किया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड में पहले 452 मदरसे संचालित थे। इनमें से आधे से अधिक मदरसा संचालकों ने अपने संस्थान स्वयं बंद कर लिए हैं।</p>



<p>वर्तमान में 76 मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता मिली है, जबकि 100 से अधिक मदरसों के मान्यता संबंधी आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा 35 मदरसों ने प्राधिकरण से धार्मिक शिक्षा की मान्यता प्राप्त की है। ऐसे में प्रदेश में मदरसों की मान्यता और संचालन व्यवस्था में बदलाव का दौर जारी है।</p>



<p><strong>मदरसों में बच्चों को मिड-डे मील और किताबों का इंतजार</strong></p>



<p>मदरसों में साप्ताहिक अवकाश की व्यवस्था बदलने की तैयारी के बीच विद्यार्थियों को भोजन और पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। देहरादून, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और नैनीताल समेत प्रदेश के कई जिलों के मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को इन सुविधाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है।</p>



<p>अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी इस मामले में शिक्षा निदेशालय को पत्र लिख चुके हैं। मदरसों में विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रशासन के सामने उठाया गया है।</p>



<p><strong>पीएम पोषण योजना और एनसीईआरटी की किताबों को लेकर उठे सवाल</strong></p>



<p>केबीएन एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर सोसाइटी के सचिव निजाम अख्तर ने आरोप लगाया है कि मदरसों को पीएम पोषण योजना के तहत भोजन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उनका कहना है कि विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त एनसीईआरटी की किताबें भी नहीं मिल पाई हैं।</p>



<p>निजाम अख्तर ने इस मामले में अल्पसंख्यक आयोग और बाल अधिकार संरक्षण आयोग से हस्तक्षेप की मांग की है। ऐसे में मदरसों में साप्ताहिक अवकाश बदलने के प्रस्ताव के साथ-साथ बच्चों को भोजन और पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराने का मुद्दा भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।</p>



<p></p>



<p></p>
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		<title>26 मदरसों को CM धामी ने दिए मान्यता प्रमाण-पत्र, बोले- आधुनिक शिक्षा और AI से ही बनेगा बच्चों का भविष्य</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:39:05 +0000</pubDate>
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										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="188" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-300x188.jpeg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-300x188.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-1024x643.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM-768x482.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.54-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>देहरादून:</strong> मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आईआरडीटी सभागार, देहरादून में आयोजित अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान मान्यता प्रमाण-पत्र वितरण समारोह में प्रदेश के 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों (मदरसों) को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम की थीम “नई पहचान, नया सम्मान। आधुनिक शिक्षा से उज्ज्वल भविष्य” रही।</p>



<p><strong>आधुनिक शिक्षा को लेकर सीएम धामी का संदेश</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की ओर से 26 शिक्षण संस्थानों को मान्यता दिया जाना इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण और सकारात्मक शुरुआत है। राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं और यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने मान्यता प्राप्त करने वाले सभी संस्थानों के प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में काम करना समाज और राष्ट्र के भविष्य निर्माण से जुड़ी बड़ी जिम्मेदारी है।</p>



<p><strong>परंपराओं के साथ विज्ञान और तकनीक अपनाने पर जोर</strong></p>



<p>सीएम धामी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के गठन का मूल उद्देश्य सभी बच्चों को आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि परंपराओं का अपना महत्व है, लेकिन मौजूदा दौर ज्ञान-विज्ञान, साइंस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है। दुनिया तेजी से बदल रही है, ऐसे में बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे बदलती दुनिया की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर सकें।</p>



<p><strong>किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक और रोजगारपरक शिक्षा जरूरी</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को ऐसी शिक्षा मिलनी चाहिए, जिससे उनका व्यक्तित्व विकसित हो और उनकी प्रतिभा सामने आए। शिक्षा के माध्यम से कोई बच्चा डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासनिक अधिकारी, लेखक या वैज्ञानिक बन सकता है। कृषि के क्षेत्र में जाने वाले बच्चों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र में शोध और नवाचार हो रहा है, इसलिए बच्चों में नई तकनीकों और शोध को समझने, सीखने और व्यवहार में उतारने की क्षमता विकसित करना जरूरी है। केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक, आधुनिक और रोजगारपरक शिक्षा भी जरूरी है।</p>



<p><strong>सरकार का उद्देश्य किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और फैसलों का उद्देश्य किसी व्यक्ति या वर्ग को निशाना बनाना नहीं है। समान नागरिक संहिता का उल्लेख करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि इसे किसी वर्ग को लक्ष्य बनाने के लिए लागू नहीं किया गया है। इसी तरह अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण भी किसी वर्ग को निशाना बनाने के लिए नहीं बनाया गया है। सरकार का उद्देश्य सभी वर्गों को समान अवसर उपलब्ध कराना और हर बच्चे को आगे बढ़ने का अवसर देना है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="716" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM-1024x716.jpeg" alt="" class="wp-image-903293" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM-1024x716.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM-300x210.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM-768x537.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.55-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p><strong>अवैध अतिक्रमण पर भी बोले सीएम धामी</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने सरकारी भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा हुआ है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी गरीब व्यक्ति को परेशान करना सरकार का उद्देश्य नहीं है। यदि किसी व्यक्ति के पास विधिवत खरीदी गई जमीन, वैध दस्तावेज, रजिस्ट्री और स्वीकृत मानचित्र है तो उसे परेशान करने का कोई उद्देश्य नहीं है।</p>



<p><strong>युवाओं और बेटियों को आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर</strong></p>



<p>सीएम धामी ने कहा कि सरकार समाज के सभी वर्गों को हुनर और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है। युवाओं को ऋण और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि बेटियों को भी आगे बढ़ने के अवसर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसे लोगों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं, जिन्होंने कभी कल्पना नहीं की होगी कि उन्हें इतनी महत्वपूर्ण भूमिका मिलेगी।</p>



<p><strong>समान नागरिक संहिता पर सकारात्मक सोच की अपील</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लेकर समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई मुस्लिम देशों में भी यूसीसी लागू है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक समाज के कुछ वर्गों को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर नहीं मिले और उन्हें अच्छी शिक्षा से वंचित रखा गया। अब इस सोच को बदलने और शिक्षा तथा विकास के माध्यम से समाज को आगे ले जाने की आवश्यकता है।</p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="682" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM-1024x682.jpeg" alt="" class="wp-image-903295" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM-1024x682.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM-300x200.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM-768x512.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.57-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p><strong>बिना भेदभाव पात्र लोगों तक पहुंच रहा योजनाओं का लाभ</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव पहुंच रहा है। गरीबों को राशन, स्वास्थ्य सुविधाएं, पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर और गैस कनेक्शन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ देते समय जाति, वर्ग या समुदाय नहीं देखा जाता, बल्कि पात्रता को आधार बनाया जाता है।</p>



<p><strong>नई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सहयोग जरूरी</strong></p>



<p>सीएम धामी ने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में आज एक नई व्यवस्था की शुरुआत हुई है। इसे मजबूत करने की जिम्मेदारी सरकार और शिक्षण संस्थानों दोनों की है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आपसी सहयोग और विश्वास आवश्यक है। सरकार अपनी ओर से सहयोग करेगी और शिक्षण संस्थानों को भी सकारात्मक भूमिका निभाते हुए इस व्यवस्था को मजबूत करना होगा।</p>



<p><strong>कृषि का उदाहरण देकर समझाई आधुनिक तकनीक की जरूरत</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने शिक्षा को बच्चों के भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को अच्छी शिक्षा देना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। समय के साथ शिक्षा और काम करने के तरीकों में बदलाव जरूरी है। कृषि का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि पहले खेतों में हल के माध्यम से काम किया जाता था, जबकि आज आधुनिक मशीनों और तकनीकों ने कृषि को काफी आसान और प्रभावी बना दिया है।</p>



<p><strong>नई पीढ़ी की प्रतिभा पहचानने पर जोर</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि आज 14-15 वर्ष की उम्र के बच्चे ऐसी तकनीकी और डिजिटल जानकारी रखते हैं, जिसके बारे में कई बार बड़े लोग भी नहीं जानते। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी की क्षमताओं को स्वीकार करते हुए उन्हें सही दिशा और अच्छे संस्कार देने की जरूरत है। प्रत्येक बच्चे में प्रतिभा, योग्यता और क्षमता होती है और समाज तथा शिक्षण संस्थानों की जिम्मेदारी है कि इन क्षमताओं को पहचानकर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर दें।</p>



<p><strong>बच्चों की बात सुनना और उनकी भावनाएं समझना जरूरी</strong></p>



<p>सीएम धामी ने बच्चों की बात सुनने और उनकी भावनाओं को समझने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चे हमारे अपने हैं और उनके भविष्य को बेहतर बनाना सभी की जिम्मेदारी है। बच्चों को अच्छे संस्कार देने के साथ उनकी प्रतिभा और क्षमताओं को विकसित करने के लिए सकारात्मक वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए।</p>



<p><strong>शिक्षा और विकास को प्राथमिकता देने की अपील</strong></p>



<figure class="wp-block-image size-large"><a href="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM.jpeg"><img loading="lazy" decoding="async" width="1024" height="648" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM-1024x648.jpeg" alt="" class="wp-image-903296" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM-1024x648.jpeg 1024w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM-300x190.jpeg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM-768x486.jpeg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/WhatsApp-Image-2026-09-02-at-5.15.56-PM.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 1024px) 100vw, 1024px" /></a></figure>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को ऐसी सोच से बाहर निकलना होगा जिसमें लोगों से केवल राजनीतिक समर्थन, नारे या किसी विशेष उद्देश्य के लिए इस्तेमाल होने की अपेक्षा की जाती रही हो, जबकि उनकी शिक्षा और भविष्य की चिंता नहीं की जाती थी। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस सोच में बदलाव लाया जाए और बच्चों के भविष्य को केंद्र में रखते हुए शिक्षा तथा विकास को प्राथमिकता दी जाए।</p>



<p><strong>शिक्षक और शिक्षण संस्थान भविष्य निर्माण की अहम कड़ी</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को समाज का महत्वपूर्ण वर्ग बताया। उन्होंने कहा कि व्यापार, उद्योग और अन्य व्यवसाय अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में काम करना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि शिक्षक और शिक्षण संस्थान बच्चों के भविष्य का निर्माण करते हैं। इनके माध्यम से आने वाली पीढ़ियों को दिशा मिलती है और समाज का भविष्य तैयार होता है।</p>



<p><strong>गांव-गांव और घर-घर पहुंचे आधुनिक शिक्षा का संदेश</strong></p>



<p>सीएम धामी ने मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों से अपेक्षा की कि उनके माध्यम से आधुनिक शिक्षा का संदेश गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई पहल का वास्तविक परिणाम आने वाले समय में बच्चों की शिक्षा, उनकी प्रतिभा और उनके भविष्य में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिकता पूरी करने के बजाय धरातल पर वास्तविक परिवर्तन दिखाई देना चाहिए।</p>



<p><strong>अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को नई पहचान की उम्मीद</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आज विभिन्न क्षेत्रों में देश के सामने उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। राज्य में किए जा रहे अनेक नवाचार और बनाए जा रहे नियम-कानून अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में शुरू हुई यह पहल भी आगे चलकर देश के लिए एक उदाहरण बने और उत्तराखंड को इस क्षेत्र में नई पहचान दिलाए।</p>



<p><strong>भाईचारे और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने पर जोर</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की विशेषता आपसी भाईचारा और मिल-जुलकर रहने की रही है। यहां लोग एक-दूसरे के सुख-दुख में खड़े होते हैं और सामाजिक सौहार्द की भावना के साथ आगे बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा के क्षेत्र में शुरू हुई पहल केवल भाषणों और बातों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका प्रभाव शिक्षण संस्थानों के कामकाज, बच्चों की शिक्षा और उनके भविष्य में दिखाई देना चाहिए।</p>



<p><strong>26 संस्थानों को मिला मान्यता प्रमाण-पत्र</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री धामी ने देहरादून जनपद के छह शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए। इनमें मदरसा जामिया इस्लामिया, जूनियर हाईस्कूल, डॉटरगंज, विकासनगर; जामिया दारूल उलूम रमजानिया, ढकरानी, विकासनगर; जामिया सबीलुर्रशाद, जूनियर हाईस्कूल, उस्मानपुर, ढ़ाकी, सहसपुर; जामिया सय्यिदा फातिमातुज्जाहरा, जूनियर हाईस्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-सहसपुर (जोल बस्ती); जामिया रहीमिया प्राईमरी स्कूल, जाटोवाला, पोस्ट-सभावाला, विकासनगर तथा मदरसा अरबिया तालीमुल कुरआन, प्राथमिक विद्यालय, लक्खनवाला, विकासनगर शामिल हैं।</p>



<p>हरिद्वार जनपद के 19 संस्थानों को भी मान्यता प्रमाण-पत्र दिए गए। इनमें मदरसा इमामिया, पठानपुरा; मदरसा अरबिया रहमानिया, हाईस्कूल, रुड़की; पैरामाउन्ट कॉन्वेन्ट, हाईस्कूल, सुल्तानपुर, लक्सर; गोल्डन फ्युचर, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम-छापुर शेरपुर, अफगानपुर; मदरसा तमन्ना-ए-तालीम, सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक लक्सर; मदरसा गुलशन-ए-तालीम, ग्राम-नेहन्दपुर सुठारी, पोस्ट-सुल्तानपुर, ब्लॉक लक्सर; मदरसा जन्नतुन निशा, जूनियर हाई स्कूल, नगर पंचायत सुल्तानपुर आदमपुर, लक्सर; मदरसा नुर साबरी, जूनियर हाईस्कूल, सुल्तानपुर आदमपुर, लक्सर; मदरसा के. जी. एन. पब्लिक स्कूल, ग्राम जसौदरपुर, ब्लॉक बहादराबाद; मदरसा रशीदिया, जूनियर हाई स्कूल, मोहम्मदपुर कुन्हारी, ब्लॉक बहादराबाद; एम. टी. यू. जूनियर हाईस्कूल, नगर पंचायत-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सर; मदरसा बहार-ए-चमन, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-तिलकपुरी भोगपुर, ब्लॉक-लक्सर; एम. आई. टी., जूनियर हाईस्कूल, नगर पंचायत-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सर; मदरसा तालीम-ए-जदीद, जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-जसौदरपुर, पोस्ट-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-बहादराबाद, तहसील एवं जिला हरिद्वार; मॉर्डन आदर्श पब्लिक, जूनियर हाई स्कूल, ग्राम-सिकरौढ़ा, विकासखण्ड भगवानपुर; मदरसा फैज-ए-हिदायत, ग्राम एवं पोस्ट-सुल्तानपुर आदमपुर, ब्लॉक-लक्सर; आरजू पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-सलेमपुर महदूद, विकासखण्ड बहादराबाद; ड्रीम पैराडाइज पब्लिक जूनियर हाईस्कूल, ग्राम-धीरमजरा, डाक-हल्लूमजरा, ब्लॉक एवं तहसील-भगवानपुर तथा राव असगर अली मैमोरियल, पब्लिक जूनियर हाई स्कूल, ग्राम एवं पोस्ट-खेड़ीशिकोहपुर, भगवानपुर शामिल हैं।</p>



<p>इसी क्रम में ऊधमसिंहनगर जनपद के एम. जी. एन. पब्लिक स्कूल, केलाखेड़ा को नवीन मान्यता प्रदान की गई। इस प्रकार प्रदेश के कुल 26 अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मान्यता प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।</p>



<p><strong>समारोह में ये लोग रहे मौजूद</strong></p>



<p>कार्यक्रम में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री खजान दास, उत्तराखण्ड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह गांधी, विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते, अपर सचिव विक्रम सिंह यादव सहित विभागीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>



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