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	<title>MP Agriculture News &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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		<title>MP के किसानों को बड़ी राहत! मूंग खरीदी का दायरा बढ़ा, अब 25% नहीं 60% उपज खरीदेगी सरकार</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 30 Jul 2026 11:45:39 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-1-copy-464-768x432-1-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-1-copy-464-768x432-1-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-1-copy-464-768x432-1-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/Untitled-1-copy-464-768x432-1.jpg 768w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने मूंग उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए उपार्जन नीति में अहम बदलाव किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित मंत्री समूह की 29 जुलाई को किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में कई किसान हितैषी फैसले लिए &#8230;]]></description>
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<p><strong>भोपाल:</strong> मध्यप्रदेश सरकार ने मूंग उत्पादक किसानों को बड़ी राहत देते हुए उपार्जन नीति में अहम बदलाव किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित मंत्री समूह की 29 जुलाई को किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ मंत्रालय में बैठक हुई। बैठक में कई किसान हितैषी फैसले लिए गए। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बताया कि अब पात्र किसानों से मूंग की उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर उपार्जन किया जाएगा।</p>



<p><strong>भारत सरकार के नियमों के बीच लिया गया बड़ा फैसला</strong></p>



<p>कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने बताया कि भारत सरकार ने इस वर्ष ग्रीष्मकालीन मूंग उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश को 4.52 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया था। केंद्र सरकार की योजना के अनुसार राज्य के कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत उपार्जन किए जाने का प्रावधान है। इसी व्यवस्था के तहत पहले किसानों से उनकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत एमएसपी पर खरीदे जाने का निर्णय लिया गया था।</p>



<p><strong>अब 60 प्रतिशत तक होगी मूंग की खरीदी</strong></p>



<p>मंत्री ने बताया कि किसान प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद राज्य सरकार ने किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक उपार्जन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नर्मदापुरम, सीहोर और हरदा जैसे जिलों में यह मात्रा औसतन लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है और सरकार का प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।</p>



<p><strong>स्लॉट बुकिंग और उपार्जन की तारीख भी बढ़ाई गई</strong></p>



<p>किसानों की सुविधा को देखते हुए सरकार ने स्लॉट बुकिंग की अवधि 10 दिन बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। अब किसान 30 जुलाई के बजाय 10 अगस्त तक स्लॉट बुकिंग करा सकेंगे। वहीं मूंग उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है। कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उनकी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।</p>



<p><strong>ई-टोकन व्यवस्था पर बनेगी उच्चस्तरीय समिति</strong></p>



<p>खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था को लेकर मिल रही शिकायतों और व्यावहारिक समस्याओं के मद्देनजर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। यह समिति ई-टोकन प्रणाली से जुड़ी सभी समस्याओं का परीक्षण कर राज्य सरकार को अपनी अनुशंसाएं सौंपेगी। समिति की सिफारिशों के आधार पर आवश्यक सुधार किए जाएंगे। तब तक सुधार संबंधी सुझाव प्राप्त होने और व्यवस्था में बदलाव होने तक ई-टोकन के माध्यम से खाद वितरण की व्यवस्था तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी गई है।</p>



<p></p>
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		<title>धार से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बड़ा संदेश, प्राकृतिक खेती और वैल्यू एडिशन से बढ़ाएं किसानों की आय</title>
		<link>https://dastaktimes.org/chief-minister-dr-mohan-yadavs-big-message-from-dhar-increase-farmers-income-through-natural-farming-and-value-addition/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 18 Jul 2026 10:20:45 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A_1-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A_1-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A_1-768x512.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/07/18A_1.jpg 999w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और समृद्ध कृषि ही विकसित मध्य प्रदेश की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री ने यह बात धार जिले में कृषक कल्याण &#8230;]]></description>
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<p><strong>भोपाल :</strong> मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीकों और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन को अपनाकर अपनी आय बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और समृद्ध कृषि ही विकसित मध्य प्रदेश की मजबूत नींव है। मुख्यमंत्री ने यह बात धार जिले में कृषक कल्याण वर्ष-2026 के तहत आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कही।</p>



<p><strong>आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की अपील</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों को बलराम कृषि महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने, खेती में नवाचार को बढ़ावा देने और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को भविष्य की जरूरत बताते हुए किसानों से इस दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।</p>



<p><strong>यूसीसी पर भी दिया बड़ा बयान</strong></p>



<p>अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में यूसीसी लागू करने को लेकर व्यापक जनसंवाद किया गया है। विभिन्न राजनीतिक दलों, धर्मों और समुदायों के प्रतिनिधियों से चर्चा के बाद आगामी विधानसभा के वर्षाकालीन सत्र में आवश्यक विधायी प्रक्रिया पूरी कर इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों के लिए समान कानून और समान अधिकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाएंगे।</p>



<p><strong>किसानों को दी गई नई तकनीकों की जानकारी</strong></p>



<p>बलराम कृषि महोत्सव का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक खेती, कृषि यंत्रीकरण, मूल्य संवर्धन और कृषि एवं संबद्ध विभागों की योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना रहा। कार्यक्रम में कृषि आधारित और देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। साथ ही नशा मुक्ति अभियान के तहत उपस्थित किसानों और नागरिकों को नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया गया।</p>



<p><strong>सोलर पंप और प्राकृतिक खेती पर दिया गया जोर</strong></p>



<p>कार्यक्रम में किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने, कृषि उपज का मूल्य संवर्धन करने तथा प्रधानमंत्री कुसुम-बी योजना के तहत सोलर पंप स्थापित कर आत्मनिर्भर खेती की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।</p>



<p><strong>कृषि प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र</strong></p>



<p>महोत्सव में कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, प्राकृतिक खेती, बलराम तालाब, सूक्ष्म सिंचाई, जल संरक्षण, श्रीअन्न (मिलेट), पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग, इफको, कृभको और अन्य कृषि सहयोगी संस्थाओं द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों ने इन स्टॉलों का अवलोकन कर नई तकनीकों और विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।</p>



<p><strong>करीब दो हजार किसानों ने की भागीदारी</strong></p>



<p>बलराम कृषि महोत्सव में जिलेभर से लगभग दो हजार किसानों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), किसान संगठनों के प्रतिनिधि, कृषि आदान विक्रेता तथा कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। आयोजन कृषि नवाचार, वैज्ञानिक तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देने का प्रभावी मंच साबित हुआ। इस अवसर पर कलेक्टर राजीव रंजन मीना और पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा भी उपस्थित रहे।</p>



<p></p>
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		<title>MP किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब धान पर भी मिलेगा भावांतर योजना का लाभ, CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 03 Jul 2026 05:34:24 +0000</pubDate>
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<p><strong>भोपाल:</strong> मध्य प्रदेश के धान उत्पादक किसानों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। अब राज्य में धान की फसल को भी भावांतर योजना का लाभ मिलेगा। इसके तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार मूल्य के बीच जितना अंतर होगा, उसकी भरपाई राज्य सरकार किसानों को करेगी।</p>



<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार खेत से लेकर बाजार तक किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।</p>



<p><strong>धान उत्पादकों को मिलेगा बड़ा फायदा</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकौशल क्षेत्र देशभर में धान उत्पादन के लिए अपनी अलग पहचान रखता है। इस क्षेत्र की प्रसिद्ध छत्री धान को हाल ही में भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिलने से इसकी पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूत हुई है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि अब धान उत्पादक किसानों को एमएसपी और बाजार मूल्य के अंतर की राशि सरकार उपलब्ध कराएगी, जिससे किसानों को आर्थिक रूप से राहत मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।</p>



<p><strong>3,941 किसानों के खातों में भेजी गई बोनस राशि</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 जुलाई 2026 को रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना के तहत प्रदेश के 3,941 किसानों के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से 2 करोड़ 84 लाख रुपये की बोनस राशि ट्रांसफर की गई। इस योजना के तहत कोदो-कुटकी की फसल पर किसानों को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया गया।</p>



<p>उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार पहली बार शासकीय स्तर पर कोदो-कुटकी की खरीद कर रही है। श्रीअन्न उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के साथ बोनस का भी लाभ दिया जा रहा है।</p>



<p><strong>संबल योजना के तहत 365 करोड़ रुपये की सहायता</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना के तहत प्रदेश के 16,754 से अधिक श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि भी जारी की गई। इसके अलावा सिवनी जिले में 629 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया गया। इन परियोजनाओं पर लगभग 494.16 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।</p>



<p><strong>किसानों को फसल विविधीकरण की सलाह</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों से अपील की कि वे केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहें। धान और गेहूं के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन तथा अन्य आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को भी अपनाएं, ताकि पूरे वर्ष आय के अतिरिक्त स्रोत बने रहें।</p>



<p>उन्होंने कहा कि अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।</p>



<p></p>
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		<title>MP का ‘महाराजा आम’ बना आकर्षण का केंद्र! पपीते से भी बड़ा आकार, 5 किलो तक वजन और कीमत सुनकर चौंक जाएंगे आप</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 15 Jun 2026 05:53:19 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="178" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/001000000-300x178.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/001000000-300x178.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/001000000-768x456.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/001000000.jpg 800w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />अलीराजपुर: मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले का दुर्लभ ‘नूरजहां’ आम इन दिनों फिर चर्चा में है। अपने विशाल आकार, खास स्वाद और सीमित उत्पादन के कारण यह आम देशभर में अलग पहचान रखता है। पपीते जितना बड़ा दिखने वाला यह आम वजन में 3 से 5 किलोग्राम तक हो सकता है और इसकी कीमत एक &#8230;]]></description>
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<p><strong>अलीराजपुर:</strong> मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले का दुर्लभ ‘नूरजहां’ आम इन दिनों फिर चर्चा में है। अपने विशाल आकार, खास स्वाद और सीमित उत्पादन के कारण यह आम देशभर में अलग पहचान रखता है। पपीते जितना बड़ा दिखने वाला यह आम वजन में 3 से 5 किलोग्राम तक हो सकता है और इसकी कीमत एक फल के लिए 1500 से 3000 रुपये तक पहुंच जाती है।</p>



<p><strong>अलीराजपुर के कट्टीवाड़ा में ही मिलता है यह खास आम</strong></p>



<p>नूरजहां आम की सबसे बड़ी खासियत इसकी दुर्लभता है। बाग के मालिक शिवराज सिंह जाधव का दावा है कि यह अनोखी किस्म केवल अलीराजपुर जिले के कट्टीवाड़ा गांव स्थित उनके बाग में ही पाई जाती है। इसी वजह से आम के मौसम में दूर-दूर से लोग इस खास फल को देखने और खरीदने के लिए यहां पहुंचते हैं।</p>



<p><strong>5 किलो तक पहुंच जाता है एक आम का वजन</strong></p>



<p>सामान्य आमों की तुलना में नूरजहां आम का आकार बेहद बड़ा होता है। एक फल का वजन 3 किलोग्राम से लेकर 5 किलोग्राम तक हो सकता है। इसके आकार और स्वाद के कारण यह आम बाजार में विशेष पहचान रखता है और इसकी मांग हर साल बनी रहती है।</p>



<p><strong>एक फल की कीमत 3000 रुपये तक</strong></p>



<p>दुर्लभ उत्पादन और विशिष्ट स्वाद के चलते नूरजहां आम की कीमत काफी अधिक होती है। एक आम की कीमत 1500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक पहुंच जाती है। मांग अधिक होने के कारण कई ग्राहकों को पहले से बुकिंग करानी पड़ती है और लंबे समय तक इंतजार भी करना पड़ता है।</p>



<p><strong>50 साल पहले ग्राफ्टिंग से तैयार हुई थी यह किस्म</strong></p>



<p>नूरजहां आम की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है जितना इसका आकार। शिवराज सिंह जाधव के अनुसार, करीब 50 वर्ष पहले उनके पिता ने ‘जहांगीर’ और गुजरात की ‘राजापुरी’ आम की किस्मों की ग्राफ्टिंग कर इस नई प्रजाति को विकसित किया था।</p>



<p>इस विशेष किस्म का नाम प्रसिद्ध अभिनेत्री नूरजहां के नाम पर रखा गया था। तब से लेकर आज तक यह आम अपनी अनूठी पहचान बनाए हुए है।</p>



<p><strong>देशभर में सिर्फ तीन पेड़ों का दावा</strong></p>



<p>शिवराज सिंह जाधव का दावा है कि पूरे देश में नूरजहां आम के केवल तीन पेड़ हैं और ये तीनों उनके बाग में ही मौजूद हैं। बागवानी विभाग और स्वयं जाधव द्वारा इस किस्म का विस्तार करने के कई प्रयास किए गए, लेकिन अब तक इसकी संख्या नहीं बढ़ाई जा सकी है।</p>



<p><strong>राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुकी है पहचान</strong></p>



<p>जाधव के मुताबिक, नूरजहां आम केवल आकार में ही नहीं बल्कि स्वाद में भी बेहद खास है। इस किस्म को कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने बताया कि भारत के पूर्व राष्ट्रपतियों समेत कई प्रमुख हस्तियां भी इस आम का स्वाद चख चुकी हैं।</p>



<p><strong>देखने के लिए भी पहुंचते हैं पर्यटक</strong></p>



<p>इस दुर्लभ आम की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि आम का मौसम शुरू होते ही पर्यटक और फल प्रेमी कट्टीवाड़ा पहुंचने लगते हैं। कई लोग केवल इस विशालकाय आम को देखने के लिए यहां आते हैं, जबकि खरीदारों को इसे पाने के लिए पहले से बुकिंग करानी पड़ती है।</p>



<p></p>
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		<title>PM मोदी के किसान विजन को कैसे जमीन पर उतार रही मोहन सरकार? जानिए किसान कल्याण में मध्य प्रदेश की बड़ी उपलब्धियां</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 13 Jun 2026 10:13:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मध्य प्रदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Untitled-1-copy-184-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Untitled-1-copy-184-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Untitled-1-copy-184-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/Untitled-1-copy-184.jpg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />भोपाल: किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं तेजी से लागू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए शुरू की गई योजनाओं के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की &#8230;]]></description>
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<p><strong>भोपाल:</strong> किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक सुरक्षा देने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं तेजी से लागू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के लिए शुरू की गई योजनाओं के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की किसान-केंद्रित नीतियों ने प्रदेश में कृषि विकास को नई दिशा देने का दावा किया है।</p>



<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं को देशभर में लागू किया गया, जिसका लाभ मध्य प्रदेश के लाखों किसानों को भी मिल रहा है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।</p>



<p>राज्य सरकार की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना भी किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है। सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 84 लाख से अधिक किसानों के खातों में 20,878 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की जा चुकी है।</p>



<p><strong>गेहूं खरीदी में बढ़ाया गया लक्ष्य</strong></p>



<p>वित्त वर्ष 2026-27 में गेहूं उपार्जन के लिए प्रदेश के 19 लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों की सुविधा के लिए राज्यभर में 3,627 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं। सरकार ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य 78 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया है।</p>



<p>इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,625 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। राज्य सरकार का दावा है कि समर्थन मूल्य पर निर्बाध खरीदी, स्लॉट अवधि में विस्तार और सप्ताह में छह दिन खरीदी जैसी व्यवस्थाओं से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है।</p>



<p><strong>कृषि भूमि अधिग्रहण पर चार गुना मुआवजे का प्रावधान</strong></p>



<p>किसान कल्याण वर्ष के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि अधिग्रहण के मामलों में बाजार मूल्य के चार गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे विकास परियोजनाओं और किसानों के हितों के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी।</p>



<p>इसके अलावा उड़द पर समर्थन मूल्य के अतिरिक्त 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। सरसों को भी भावांतर योजना के दायरे में शामिल किया गया है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज भी जारी किए गए हैं।</p>



<p><strong>2026 को बनाया गया कृषि कल्याण वर्ष</strong></p>



<p>राज्य सरकार ने वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है। इसके तहत किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। खेती का रकबा बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।</p>



<p><strong>सिंचाई और आधुनिक कृषि पर जोर</strong></p>



<p>सरकार की योजनाओं में तीन नदी जोड़ो परियोजना के जरिए लगभग 16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य शामिल है। माइक्रो इरीगेशन को बढ़ावा देने, आधुनिक मंडियों की स्थापना, बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं के विस्तार और मौसम आधारित फसल सर्वे प्रणाली विकसित करने पर भी काम किया जा रहा है।</p>



<p><strong>कृषक मित्र योजना से सोलर सिंचाई को बढ़ावा</strong></p>



<p>कृषक मित्र योजना के तहत किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर सिंचाई पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसानों की बिजली पर निर्भरता कम होने और सिंचाई लागत घटने की उम्मीद जताई जा रही है।</p>



<p>इसके साथ ही दुग्ध उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी और तीसरी फसल को प्रोत्साहित कर कृषि आय के विविधीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।</p>



<p><strong>किसानों से सीधा संवाद बना रही सरकार</strong></p>



<p>सरकार किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए ट्रैक्टर रैली, कृषि प्रदर्शनी और किसान सम्मेलनों का आयोजन कर रही है। राज्य मंत्रिमंडल ने किसान कल्याण से जुड़ी कई बड़ी योजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।</p>



<p>सरकार का मानना है कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण, समर्थन मूल्य, आधुनिक सिंचाई, फसल विविधीकरण और राहत योजनाओं के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है। इसी दिशा में केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही हैं।</p>



<p></p>
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