<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0"
	xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
	xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/"
	xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
	xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom"
	xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
	xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/"
	>

<channel>
	<title>PoK Protest &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<atom:link href="https://dastaktimes.org/tag/pok-protest/feed/" rel="self" type="application/rss+xml" />
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
	<lastBuildDate>Tue, 09 Jun 2026 05:13:24 +0000</lastBuildDate>
	<language>en-US</language>
	<sy:updatePeriod>
	hourly	</sy:updatePeriod>
	<sy:updateFrequency>
	1	</sy:updateFrequency>
	<generator>https://wordpress.org/?v=6.9.4</generator>

<image>
	<url>https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2024/01/cropped-DT-ICon-copy.png</url>
	<title>PoK Protest &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
	<link>https://dastaktimes.org</link>
	<width>32</width>
	<height>32</height>
</image> 
	<item>
		<title>PoK में बवाल! प्रदर्शनकारियों पर चली गोलियां, 27 मौतों से मचा हड़कंप; चुनाव से पहले हालात बेकाबू</title>
		<link>https://dastaktimes.org/ruckus-in-pok-bullets-fired-on-protesters/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Tue, 09 Jun 2026 05:13:22 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[अन्तर्राष्ट्रीय]]></category>
		<category><![CDATA[Human Rights Commission]]></category>
		<category><![CDATA[Kashmir Protest News]]></category>
		<category><![CDATA[pakistan news]]></category>
		<category><![CDATA[Pakistan Occupied Kashmir News]]></category>
		<category><![CDATA[Pakistan Rangers Firing]]></category>
		<category><![CDATA[POK Clash]]></category>
		<category><![CDATA[PoK Election 2026]]></category>
		<category><![CDATA[PoK Protest]]></category>
		<category><![CDATA[POK Violence]]></category>
		<category><![CDATA[Rawalakot Violence]]></category>
		<category><![CDATA[इंटरनेट बंदी]]></category>
		<category><![CDATA[कश्मीर आंदोलन]]></category>
		<category><![CDATA[चुनाव से पहले तनाव]]></category>
		<category><![CDATA[पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर]]></category>
		<category><![CDATA[पाकिस्तान ताजा खबर]]></category>
		<category><![CDATA[पाकिस्तानी रेंजर्स]]></category>
		<category><![CDATA[पीओके समाचार]]></category>
		<category><![CDATA[पीओके हिंसा]]></category>
		<category><![CDATA[प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी]]></category>
		<category><![CDATA[मानवाधिकार आयोग]]></category>
		<category><![CDATA[राजनीतिक विरोध प्रदर्शन]]></category>
		<category><![CDATA[रावलकोट हिंसा]]></category>
		<category><![CDATA[सुरक्षा बल कार्रवाई]]></category>
		<guid isPermaLink="false">https://dastaktimes.org/?p=889982</guid>

					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/09-2-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/09-2-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/09-2-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/09-2.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। नागरिक संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। रावलकोट में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों के बाद क्षेत्र में व्यापक अशांति फैल गई है। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/09-2-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/09-2-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/09-2-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/06/09-2.jpg 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हालात एक बार फिर तनावपूर्ण हो गए हैं। नागरिक संगठन जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। रावलकोट में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों के बाद क्षेत्र में व्यापक अशांति फैल गई है। रिपोर्टों के अनुसार, गोलीबारी और हिंसा की घटनाओं में 27 लोगों की मौत हुई है, जबकि 70 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पूरे क्षेत्र में 9 जून को बंद का आह्वान किया गया था।</p>



<p><strong>मोर्चरी के बाहर जुटी भीड़ के बाद बिगड़े हालात</strong></p>



<p>जानकारी के मुताबिक, स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब संगठन के समर्थक एक अस्पताल की मोर्चरी के बाहर एकत्र हुए। यहां संगठन के एक कार्यकर्ता का शव रखा गया था, जिसकी पहले हुई गोलीबारी की घटना में मौत हुई थी। बड़ी संख्या में जुटे लोगों को हटाने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने कार्रवाई की, जिसके बाद टकराव हिंसक हो गया और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।</p>



<p><strong>मौतों और घायलों को लेकर अलग-अलग दावे</strong></p>



<p>पूंछ सेक्टर के प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, हिंसा के दौरान चार पुलिसकर्मियों और एक राहगीर की जान गई। प्रशासन का दावा है कि कुछ उपद्रवियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की थी, जिसके जवाब में कार्रवाई की गई और छह प्रदर्शनकारी मारे गए। वहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 23 सुरक्षाकर्मी और करीब 50 प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। कई लोगों को हिरासत में भी लिया गया है।</p>



<p>हालांकि स्थानीय लोगों और आंदोलन से जुड़े समर्थकों ने इन आंकड़ों पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि मृतकों और घायलों की वास्तविक संख्या आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक हो सकती है।</p>



<p><strong>12 आरक्षित सीटों के फैसले से भड़का आंदोलन</strong></p>



<p>ताजा विरोध प्रदर्शन की मुख्य वजह विधानसभा में 12 आरक्षित सीटों को लेकर लिया गया फैसला बताया जा रहा है। 45 सदस्यीय विधानसभा में ये सीटें उन शरणार्थियों के लिए आरक्षित की गई हैं जो कश्मीर से संबंध होने का दावा करते हैं, लेकिन वर्तमान में पाकिस्तान के अन्य क्षेत्रों में रह रहे हैं।</p>



<p>आंदोलनकारी संगठनों का आरोप है कि इस व्यवस्था से स्थानीय नागरिकों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व कमजोर होगा और बाहरी हस्तक्षेप बढ़ेगा। उनका कहना है कि क्षेत्र के भविष्य से जुड़े फैसलों पर अधिकार केवल स्थानीय निवासियों का होना चाहिए।</p>



<p><strong>महंगाई, बिजली संकट और बेरोजगारी भी बने मुद्दे</strong></p>



<p>विरोध प्रदर्शन केवल आरक्षित सीटों तक सीमित नहीं है। संगठन लंबे समय से महंगाई, बिजली संकट, बेरोजगारी, प्रशासनिक अव्यवस्था और राजनीतिक उपेक्षा जैसे मुद्दों को भी उठा रहा है। पिछले दो वर्षों के दौरान आटा और बिजली की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कई बड़े आंदोलन किए गए थे, जिनमें कई बार सुरक्षा बलों के साथ टकराव भी देखने को मिला था।</p>



<p><strong>प्रतिबंध, इंटरनेट बंदी और नेता की हत्या पर भी नाराजगी</strong></p>



<p>9 जून के बंद का आह्वान केवल आरक्षित सीटों के विरोध के लिए नहीं था। प्रदर्शनकारी संगठन पर लगाए गए प्रतिबंध, इंटरनेट सेवाओं पर रोक और संगठन के एक नेता की हत्या के विरोध में भी सड़कों पर उतरे थे। पिछले सप्ताह प्रशासन ने संगठन को आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित घोषित कर दिया था। प्रशासन का आरोप है कि उसकी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बन रही थीं।</p>



<p><strong>मानवाधिकार आयोग ने जताई गंभीर चिंता</strong></p>



<p>पूरे घटनाक्रम पर पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने भी चिंता व्यक्त की है। आयोग ने रावलकोट में हुई हिंसा और संगठन पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर सवाल उठाए हैं। आयोग का कहना है कि किसी राजनीतिक और सामाजिक आंदोलन को आतंकवाद-रोधी कानूनों के तहत प्रतिबंधित करना गंभीर विषय है और इसकी समीक्षा होनी चाहिए।</p>



<p>आयोग ने यह भी कहा कि क्षेत्र में राजनीतिक भागीदारी सीमित होने के कारण लोगों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे माहौल में संवाद और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। आयोग ने तनाव कम करने के लिए केंद्र और क्षेत्रीय प्रशासन से बातचीत शुरू करने की अपील की है तथा तथ्य जुटाने के लिए एक जांच दल भेजने की घोषणा की है।</p>



<p><strong>चुनाव से पहले सुरक्षा व्यवस्था सख्त</strong></p>



<p>संगठन के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा। संगठन के एक प्रमुख नेता ने वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बीच 27 जुलाई को प्रस्तावित चुनाव को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।</p>



<p>कई इलाकों में मोबाइल डेटा सेवाएं बंद कर दी गई हैं और बड़े सार्वजनिक आयोजनों पर रोक लगा दी गई है। साथ ही संगठन के केंद्रीय कार्यालय को भी सील किए जाने की खबरें सामने आई हैं।</p>



<p><strong>विदेशी देशों ने जारी की यात्रा चेतावनी</strong></p>



<p>बढ़ते तनाव को देखते हुए ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी चेतावनी जारी की है। इन देशों ने आशंका जताई है कि क्षेत्र में सड़कें बंद हो सकती हैं, संचार सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती के कारण सामान्य आवाजाही बाधित हो सकती है। नागरिकों को प्रदर्शन स्थलों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
	</channel>
</rss>

<!--
Performance optimized by W3 Total Cache. Learn more: https://www.boldgrid.com/w3-total-cache/?utm_source=w3tc&utm_medium=footer_comment&utm_campaign=free_plugin

Page Caching using Disk: Enhanced 

Served from: dastaktimes.org @ 2026-06-09 12:14:28 by W3 Total Cache
-->