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	<title>rahul gandhi &#8211; Dastak Times |  दस्तक टाइम्स</title>
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	<description>By Dastak Times Hindi News Network</description>
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		<title>बांसुरी स्वराज की वंदे मातरम पर राहुल गांधी को चुनौती, ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर फिर चर्चा</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 30 Sep 2026 10:14:11 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[मनोरंजन]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="186" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/3-21-e1790761357743-300x186.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" fetchpriority="high" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/3-21-e1790761357743-300x186.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/3-21-e1790761357743.png 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: वंदे मातरम को लेकर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज की ओर से राहुल गांधी को दी गई चुनौती पर अभिनेता ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया सामने आई है। करीब एक महीने पुराने वीडियो में बांसुरी स्वराज राहुल गांधी से कहती नजर आ रही हैं कि अगर वह वास्तव में पितृसत्ता को खत्म करना चाहते हैं &#8230;]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली:</strong> वंदे मातरम को लेकर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज की ओर से राहुल गांधी को दी गई चुनौती पर अभिनेता ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया सामने आई है। करीब एक महीने पुराने वीडियो में बांसुरी स्वराज राहुल गांधी से कहती नजर आ रही हैं कि अगर वह वास्तव में पितृसत्ता को खत्म करना चाहते हैं तो उन्हें पूरा वंदे मातरम गाकर दिखाना चाहिए। दिल्ली से बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज ने यह बात पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में कही थी। उनका यह बयान राहुल गांधी के उस भाषण के जवाब में था, जिसमें उन्होंने मनुस्मृति की मानसिकता की आलोचना करते हुए पितृसत्ता के खिलाफ लड़ने की बात कही थी।</p>



<p>वीडियो में बांसुरी स्वराज ने कहा था कि अगर राहुल गांधी पितृसत्ता को खत्म करना चाहते हैं तो यह ठीक है। उन्होंने कहा कि उन्हें क्रिसमस कैरल गाने, पूरा वंदे मातरम गाने और शिव तांडव का पाठ करने में कोई परेशानी नहीं है। इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वह सच में पितृसत्ता को खत्म करना चाहते हैं तो पूरा वंदे मातरम गाकर दिखाएं।</p>



<p>कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन की राष्ट्रीय संयोजक रुचिरा चतुर्वेदी ने करीब एक महीने पहले बांसुरी स्वराज के इस बयान का वीडियो साझा किया था। इसी पोस्ट पर ऋतिक रोशन ने प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, “Huh? क्या यह सच में हुआ है? वाह।” ऋतिक की टिप्पणी सामने आने के बाद बांसुरी स्वराज का पुराना बयान एक बार फिर चर्चा में आ गया।</p>



<p><strong>ऋतिक की टिप्पणी पर सोशल मीडिया में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं</strong></p>



<p>ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी अलग-अलग टिप्पणियां कीं। एक यूजर ने ऋतिक की सुपरहीरो फिल्म ‘कृष’ का जिक्र करते हुए लिखा कि किंग, अपने अंदर के कृष को बाहर लाओ। एक अन्य यूजर ने हिमाचल प्रदेश से बीजेपी सांसद कंगना रनौत का जिक्र करते हुए कहा कि उसी पार्टी की एक और नेता इस मामले में बांसुरी स्वराज से भी आगे हैं।</p>



<p>वहीं, एक यूजर ने ऋतिक रोशन की टिप्पणी की तारीफ करते हुए कहा कि उनके कमेंट ने दिन बना दिया। इस तरह अभिनेता की प्रतिक्रिया के बाद बांसुरी स्वराज का पुराना बयान सोशल मीडिया पर दोबारा चर्चा का विषय बन गया।</p>



<p><strong>राहुल गांधी के बयान के जवाब में दी गई थी चुनौती</strong></p>



<p>दरअसल, बांसुरी स्वराज की टिप्पणी राहुल गांधी के अगस्त में पुणे में महिलाओं को संबोधित करते हुए दिए गए बयान के संदर्भ में थी। राहुल गांधी ने कहा था कि महिलाओं को अक्सर बेटी, पत्नी या मां की भूमिका तक सीमित कर दिया जाता है, जबकि वे सिर्फ अपनी हैं।</p>



<p>राहुल गांधी ने कहा था कि पितृसत्ता महिलाओं को दबाती, डराती और नियंत्रित करती है और इसे खत्म करने के लिए मिलकर काम करना होगा। उन्होंने अपने संबोधन में मनुस्मृति का भी जिक्र किया था और महिलाओं को सीमित भूमिकाओं में रखने वाली व्यवस्था की आलोचना की थी। इसी बयान के जवाब में बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के सामने पूरा वंदे मातरम गाने की चुनौती रखी थी।</p>



<p><strong>पुराना वीडियो फिर बना चर्चा का विषय</strong></p>



<p>करीब एक महीने पुराने वीडियो पर ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया आने के बाद बांसुरी स्वराज का बयान फिर सुर्खियों में है। इस पूरे घटनाक्रम में राहुल गांधी का पितृसत्ता को लेकर बयान, बांसुरी स्वराज की वंदे मातरम को लेकर चुनौती और ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया प्रमुख बिंदु रहे। ऋतिक के कमेंट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने कृष और कंगना रनौत का जिक्र करते हुए भी अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं।</p>



<p></p>
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		<title>SIR विवाद में राहुल गांधी पर राजीव चंद्रशेखर का पलटवार, बोले- PM मोदी से माफी मांगें तो ‘फ्रॉड’ कहना छोड़ दूंगा</title>
		<link>https://dastaktimes.org/rajiv-chandrashekhar-hits-back-at-rahul-gandhi-in-sir-controversy-says-pm-if-he-apologizes-to-modi/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 27 Sep 2026 07:18:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-222-e1790492896412-300x169.png" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-222-e1790492896412-300x169.png 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-222-e1790492896412-390x220.png 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-222-e1790492896412.png 600w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी को लेकर अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री वी डी सतीशन पर पलटवार किया है। चंद्रशेखर ने कहा कि अगर राहुल गांधी &#8230;]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली:</strong> केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। केरल बीजेपी अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने राहुल गांधी को लेकर अपनी टिप्पणी का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री वी डी सतीशन पर पलटवार किया है। चंद्रशेखर ने कहा कि अगर राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग को लेकर की गई अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांगते हैं तो वह उन्हें ‘फ्रॉड’ कहना बंद कर देंगे। उनका यह बयान सतीशन की उस आलोचना के बाद आया, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणियों को राजनीतिक आलोचना मानने से इनकार किया था।</p>



<p><strong>SIR को लेकर चंद्रशेखर ने राहुल गांधी पर साधा निशाना</strong></p>



<p>विवाद की शुरुआत SIR और चुनावी राजनीति को लेकर राजीव चंद्रशेखर की राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी से हुई। चंद्रशेखर ने कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति पर सवाल उठाते हुए चुनावों में पार्टी की हार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने SIR का समर्थन करते हुए कहा कि मतदाता सूची से फर्जी या अवैध नामों को हटाना जरूरी है। उनके मुताबिक चुनावी प्रक्रिया की शुचिता बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।</p>



<p><strong>वी डी सतीशन ने व्यक्तिगत टिप्पणी पर जताई आपत्ति</strong></p>



<p>चंद्रशेखर की टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री वी डी सतीशन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर आपत्ति जताई। सतीशन ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ व्यक्तिगत और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक आलोचना नहीं माना जा सकता। उन्होंने SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों के संदर्भ में चंद्रशेखर के रुख की भी आलोचना की।</p>



<p><strong>चंद्रशेखर बोले- राहुल गांधी के मामले में टिप्पणी के लिए मजबूर हुआ</strong></p>



<p>सतीशन के बयान पर जवाब देते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि वह आमतौर पर राजनीतिक विरोधियों पर व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं करते, लेकिन राहुल गांधी के मामले में उन्हें ऐसा करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीति को लेकर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा चुनाव आयोग को लेकर राहुल गांधी की टिप्पणियों की निंदा की जानी चाहिए। ये चंद्रशेखर द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप और उनका व्यक्त किया गया नजरिया है, जिन्हें स्वतंत्र तथ्य के तौर पर नहीं माना जा सकता।</p>



<p><strong>राहुल गांधी से माफी की मांग, तभी ‘फ्रॉड’ कहना बंद करने की बात</strong></p>



<p>चंद्रशेखर ने अपने जवाब में वी डी सतीशन के सामने एक शर्त रखी। उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री राहुल गांधी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ की गई टिप्पणी पर माफी मांगने को कहते हैं और चुनाव आयोग के संबंध में लगाए गए आरोपों के लिए भी माफी मांगने को कहते हैं, तो वह राहुल गांधी को ‘फ्रॉड’ कहना बंद कर देंगे।</p>



<p>चंद्रशेखर ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांग स्वीकार नहीं की जाती और विपक्ष अपनी राजनीतिक रणनीति में झूठ, भ्रष्टाचार तथा तुष्टीकरण जैसे मुद्दों को शामिल रखता है तो वह अपनी टिप्पणी दोहराते रहेंगे।</p>



<p><strong>SIR पर बीजेपी-कांग्रेस के बीच लगातार बढ़ रहा विवाद</strong></p>



<p>मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है। बीजेपी इसे मतदाता सूची को व्यवस्थित और साफ करने की प्रक्रिया के तौर पर पेश कर रही है, जबकि विपक्षी दल इसके तौर-तरीकों और संभावित प्रभावों को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। केरल में भी SIR बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा बना हुआ है। चंद्रशेखर इससे पहले भी SIR के मुद्दे पर राहुल गांधी की आलोचना कर चुके हैं।</p>



<p>केरल में यह विवाद अब केवल मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया तक सीमित नहीं रह गया है। बीजेपी और कांग्रेस के राज्य स्तर के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तीखी बयानबाजी भी सामने आ रही है। फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रुख पर कायम हैं।</p>



<p></p>
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		<title>EC की सफाई- असहमति प्रक्रिया का हिस्सा, लेकिन सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए</title>
		<link>https://dastaktimes.org/ec-cleanup-disagreement-part-of-process-but-all-final-decisions-taken-unanimously/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 23 Sep 2026 12:30:37 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-257-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-257-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-257-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/Untitled-1-copy-257.jpg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच आयोग ने बुधवार को अपनी स्थिति स्पष्ट की। आयोग ने कहा कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय, सुझाव और आपत्तियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, आयोग के मुताबिक अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। यह सफाई ‘इंडियन एक्सप्रेस’ &#8230;]]></description>
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<p><strong>नई दिल्ली:</strong> चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच आयोग ने बुधवार को अपनी स्थिति स्पष्ट की। आयोग ने कहा कि आंतरिक विचार-विमर्श के दौरान अलग-अलग राय, सुझाव और आपत्तियां सामने आना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, आयोग के मुताबिक अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। यह सफाई ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट के बाद आई है, जिसमें दो चुनाव आयुक्तों की ओर से आयोग के भीतर कई मुद्दों पर आपत्तियां दर्ज किए जाने का दावा किया गया था।</p>



<p><strong>लिखित नोट और अलग राय को बताया सामान्य प्रक्रिया</strong></p>



<p>चुनाव आयोग ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत काम करने वाली संवैधानिक संस्था है। आयोग के भीतर लिखित नोट, आपसी चर्चा और आंतरिक जांच-परख की व्यवस्था सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। आयोग के मुताबिक किसी भी फैसले से पहले अधिकारी और चुनाव आयुक्त अपने सवाल, सुझाव या आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं।</p>



<p><strong>अलग राय का मतलब अंतिम फैसले से असहमति नहीं</strong></p>



<p>आयोग ने स्पष्ट किया कि तीनों चुनाव आयुक्तों में से प्रत्येक को अपनी राय और सुझाव रखने का अधिकार है। इसलिए किसी प्रस्ताव या मसौदे पर आंतरिक स्तर पर दर्ज की गई अलग राय को अंतिम फैसले से जोड़कर देखना उचित नहीं होगा। आयोग ने कहा कि पिछले 10 महीनों के कुछ चुनिंदा आंतरिक नोट्स के आधार पर उसके पूरे कामकाज की तस्वीर नहीं देखी जा सकती।</p>



<p><strong>करीब 40 नई पहल और चुनाव सुधारों का दावा</strong></p>



<p>चुनाव आयोग के अनुसार, पिछले एक साल में करीब 40 नई पहल और कई चुनाव सुधार किए गए हैं। इनमें देशभर में लागू किया गया विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR भी शामिल है। आयोग का कहना है कि इन सभी फैसलों को पूरे आयोग की सर्वसम्मति से लिया गया।</p>



<p><strong>आधिकारिक आदेश कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी होते हैं</strong></p>



<p>आयोग ने अपने आधिकारिक आदेशों और फैसलों को लेकर भी सफाई दी। उसने कहा कि सभी आधिकारिक आदेश निर्धारित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी किए जाते हैं। आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त अधिनियम, 2023 का भी हवाला दिया। आयोग के मुताबिक किसी प्रस्ताव या मसौदे पर आंतरिक स्तर पर सवाल उठना अलग बात है, जबकि अंतिम आदेश तय प्रक्रिया के तहत जारी किया जाता है।</p>



<p><strong>मतदाता सूची और ECINet पर भी आयोग का जवाब</strong></p>



<p>मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर उठे सवालों को लेकर आयोग ने कहा कि यह काम संबंधित निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी अपने कानूनी अधिकारों के तहत करते हैं। आयोग ने अपने डिजिटल मंच ECINet का जिक्र करते हुए कहा कि यह सख्त डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत संचालित होता है। वहीं, ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट में ECINet के जरिए मतदाता सूची के प्रबंधन और अधिकारियों की पहुंच को लेकर भी सवालों का उल्लेख किया गया है।</p>



<p><strong>Form 6 में बदलाव को लेकर सामने आई थी आपत्ति</strong></p>



<p>‘इंडियन एक्सप्रेस’ की रिपोर्ट के अनुसार, नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में SIR से जुड़े सवाल जोड़े गए थे। रिपोर्ट में दावा किया गया कि चुनाव आयुक्त विवेक जोशी ने मई में इस बदलाव पर आपत्ति जताई थी और कहा था कि वैधानिक Form 6 में बदलाव के लिए संबंधित नियमों में संशोधन जरूरी है। चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू ने भी इस आपत्ति से सहमति जताई थी।</p>



<p><strong>कांग्रेस ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल</strong></p>



<p>कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया था कि आयोग में फैसले बहुमत के आधार पर होते हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अपने सहयोगियों को भ्रमित करते हुए आयोग को अपने नियंत्रण में ले लिया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ये विपक्ष की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं, जबकि आयोग ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि उसकी आंतरिक प्रक्रिया में अलग-अलग राय रखना सामान्य है और अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।</p>



<p><strong>चुनाव आयोग ने संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने की बात कही</strong></p>



<p>चुनाव आयोग ने कहा कि वह अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी के साथ निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। आयोग ने अपने हालिया चुनावी कामकाज का उल्लेख करते हुए बिहार, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल में चुनाव कराए जाने की बात भी कही।</p>



<p></p>
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		<title>राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर संकट, इंदौर स्टेडियम की अनुमति को लेकर कांग्रेस-नगर निगम आमने-सामने</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 02 Sep 2026 12:56:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="229" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/rahul-gandhi-8-300x229-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />इंदौर: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 12 सितंबर को इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम फिलहाल अनुमति के पेंच में फंसता नजर आ रहा है। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और नगर निगम के बीच विवाद की स्थिति बन गई है। इस बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="229" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/09/rahul-gandhi-8-300x229-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" />
<p><strong>इंदौर:</strong> कांग्रेस नेता राहुल गांधी का 12 सितंबर को इंदौर के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम फिलहाल अनुमति के पेंच में फंसता नजर आ रहा है। कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस और नगर निगम के बीच विवाद की स्थिति बन गई है।</p>



<p>इस बीच मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम कार्यक्रम के लिए उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।</p>



<p><strong>पटवारी ने कार्यक्रम को बताया जनसंवाद</strong></p>



<p>मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में जीतू पटवारी ने कहा कि राहुल गांधी का प्रस्तावित कार्यक्रम कोई सामान्य राजनीतिक आयोजन नहीं है। उनके मुताबिक यह देश के भविष्य, युवाओं के सपनों, शिक्षा के अधिकार और शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्रित जनसंवाद है।</p>



<p>कांग्रेस की ओर से स्टेडियम उपलब्ध कराने की मांग ऐसे समय की गई है, जब 12 सितंबर को होने वाले कार्यक्रम की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। ऐसे में अब सबकी नजर प्रशासन और नगर निगम के अगले कदम पर है।</p>



<p><strong>राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर बढ़ी हलचल</strong></p>



<p>‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए कांग्रेस युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को सामने रखने की तैयारी में है। पार्टी का कहना है कि कार्यक्रम का केंद्र शिक्षा और युवाओं से जुड़े विषय होंगे। वहीं, स्टेडियम की अनुमति को लेकर बने गतिरोध ने कार्यक्रम की तैयारियों के बीच सस्पेंस बढ़ा दिया है।</p>



<p></p>
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		<title>साहिल की आंख की रोशनी गई, शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे&#8230; राहुल गांधी ने दिखाई पेलेट गन के छर्रों की डिब्बी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/sahil-lost-his-eyesight-more-than-200-pellets-in-his-body/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 12:32:29 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-329-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-329-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-329-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-329.jpg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को पेलेट गन से घायल बताए जा रहे साहिल के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे। राहुल गांधी ने साहिल की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पेलेट &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-329-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-329-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-329-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/Untitled-1-copy-329.jpg 700w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शुक्रवार को पेलेट गन से घायल बताए जा रहे साहिल के साथ संसद मार्ग थाने पहुंचे। राहुल गांधी ने साहिल की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की। उन्होंने दावा किया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान पेलेट गन चलाई गई थी, जिसमें साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे लगे हैं।</p>



<p>राहुल गांधी ने कहा कि साहिल की एक आंख में तीन छर्रे लगे हैं और उसकी रोशनी चली गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि साहिल के दिल के पास भी छर्रे मौजूद हैं, जिन्हें निकाला नहीं जा सकता। राहुल गांधी ने इस दौरान पेलेट गन के छर्रों की एक डिब्बी भी दिखाई।</p>



<p><strong>राहुल बोले- 13 अगस्त से शिकायत दर्ज कराने के लिए लगा रहे चक्कर</strong></p>



<p>राहुल गांधी ने कहा कि साहिल की शिकायत दर्ज कराने के लिए 13 अगस्त से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है। उन्होंने एम्स की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि साहिल के शरीर में 200 से ज्यादा छर्रे हैं और तीन छर्रे उसकी आंख में मौजूद हैं।</p>



<p>उन्होंने कहा कि साहिल की आंख की रोशनी चली गई है और उसके दिल के पास भी छर्रे हैं। राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि यदि दिल्ली पुलिस का कहना है कि उसने पेलेट गन का इस्तेमाल नहीं किया, तो फिर यह कार्रवाई किसने की।</p>



<p><strong>राहुल का आरोप- ऊपर से आदेश मिलने की बात कह रही पुलिस</strong></p>



<p>राहुल गांधी ने दावा किया कि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि उन्हें ऊपर से आदेश मिला है और वे प्राथमिकी दर्ज नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होती, वह थाने से नहीं हटेंगे।</p>



<p>राहुल गांधी ने कहा कि उनकी मांग केवल इस परिवार के लिए न्याय की है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस न्याय की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ने दे रहे हैं।</p>



<p><strong>साहिल के साथ डीसीपी कार्यालय पहुंचे राहुल गांधी</strong></p>



<p>राहुल गांधी साहिल को साथ लेकर संसद मार्ग स्थित डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे साहिल पर पुलिस ने पेलेट गन से हमला किया। राहुल ने इसे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के खिलाफ गंभीर अपराध बताया।</p>



<p>उन्होंने कहा कि इस घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री की ओर से छात्रों को कोई सफाई या माफी नहीं दी गई है। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अब साहिल जब न्याय के लिए प्राथमिकी दर्ज कराना चाहता है तो उसे भी रोका जा रहा है।</p>



<p><strong>राहुल बोले- एफआईआर होगी, न्यायिक जांच भी होगी</strong></p>



<p>राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि इस तरह संविधान और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाते हुए कहा कि न्याय की प्रक्रिया से डरने की वजह क्या है।</p>



<p>उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होगी और न्यायिक जांच भी होगी। राहुल गांधी ने दावा किया कि इस घटना के लिए ऊपर से नीचे तक जो भी लोग जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि साहिल समेत इस तरह प्रभावित हुए छात्रों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस संघर्ष करेगी।</p>



<p></p>
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		<title>पैलेट गन से घायल छात्र की शिकायत पर कार्रवाई नहीं, राहुल गांधी संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे</title>
		<link>https://dastaktimes.org/no-action-taken-on-complaint-of-student-injured-by-pellet-gun-rahul-gandhi-sits-on-dharna-outside-sansad-marg-police-station/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 12:30:59 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="181" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0222-1-300x181.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0222-1-300x181.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0222-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली। राहुल गांधी अपने साथ पैलेट गन से घायल बताए जा रहे छात्र साहिल लोहबच को भी लेकर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="181" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0222-1-300x181.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0222-1-300x181.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/0222-1.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> कांग्रेस नेता राहुल गांधी शुक्रवार को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल के मामले में पुलिस कार्रवाई की जानकारी ली। राहुल गांधी अपने साथ पैलेट गन से घायल बताए जा रहे छात्र साहिल लोहबच को भी लेकर पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र की शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस से मुलाकात के बाद राहुल गांधी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए।</p>



<p>राहुल गांधी ने दिल्ली पुलिस के ज्वाइंट सीपी नुपुर प्रसाद से भी मुलाकात की। बताया जा रहा है कि उन्होंने मामले से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई और जांच की स्थिति को लेकर पुलिस अधिकारियों से जानकारी मांगी। मुलाकात के बाद वह बाहर आए और वहीं धरने पर बैठ गए। मौके पर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, सुरक्षाकर्मी और मीडियाकर्मी मौजूद रहे।</p>



<p><strong>छात्र के मुद्दे पर कांग्रेस का प्रदर्शन</strong></p>



<p>राहुल गांधी के धरने के बाद कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी संसद मार्ग थाने पहुंच गए। रणदीप सिंह सुरजेवाला, कुमारी शैलजा समेत पार्टी के अन्य नेता उनके साथ मौजूद रहे। कांग्रेस इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रही है।</p>



<p>पार्टी नेताओं का कहना है कि छात्र आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल और घायल छात्र की शिकायत पर कार्रवाई होनी चाहिए। राहुल गांधी के थाने के बाहर धरने को इसी मांग के विरोध-प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।</p>



<p><strong>पैलेट गन मामले की जांच जानने थाने पहुंचे राहुल</strong></p>



<p>राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने पहुंचना जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े मामले की जांच को लेकर था। वह यह जानना चाहते थे कि पुलिस ने मामले में अब तक क्या कार्रवाई की है और जांच किस स्तर पर पहुंची है।</p>



<p>पुलिस की ओर से तत्काल कोई फैसला नहीं लिए जाने के बाद राहुल गांधी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए। इसके बाद मौके पर कांग्रेस नेताओं की संख्या भी बढ़ने लगी।</p>



<p><strong>क्या है पूरा मामला?</strong></p>



<p>कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में हुए आंदोलन के दौरान 20 जुलाई को संसद की ओर निकाले गए मार्च में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल का मामला सामने आया था। यह आंदोलन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर 20 जून को शुरू हुआ था और उनके इस्तीफे के बाद 25 जुलाई को समाप्त हुआ।</p>



<p>इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में हुए छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादती और पुलिसकर्मियों के खिलाफ हुई हिंसा की जांच के लिए पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की है।</p>



<p><strong>सुप्रीम कोर्ट ने बनाई पांच सदस्यीय समिति</strong></p>



<p>सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित समिति की अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी करेंगे। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची तथा वी. मोहना की पीठ ने 18 अगस्त को समिति गठित करने का आदेश दिया था, जिसे गुरुवार को अपलोड किया गया।</p>



<p>समिति में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा, दिल्ली हाईकोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस शालिंदर कौर, सीबीआई के पूर्व निदेशक ऋषि कुमार शुक्ला और मेघालय के सेवानिवृत्त डीजीपी एल. आर. बिश्नोई शामिल हैं।</p>



<p>समिति पैलेट गन के इस्तेमाल समेत पुलिस की ओर से अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों की जांच करेगी। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों की ओर से पुलिसकर्मियों के खिलाफ की गई हिंसा की भी जांच की जाएगी।</p>



<p></p>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>जंतर-मंतर पर पैलेट गन से घायल छात्र के समर्थन में हांसी में कांग्रेस का प्रदर्शन, थाने के बाहर धरने पर बैठे नेता</title>
		<link>https://dastaktimes.org/congress-protest-in-hansi-in-support-of-the-student-injured-by-pellet-gun-at-jantar-mantar-leaders-sitting-on-dharna-outside-the-police-station/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 21 Aug 2026 11:39:58 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[हरियाणा]]></category>
		<category><![CDATA[Ajay Kumar Lallu]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="197" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/2026_8image_14_46_259698598hansii3210-ll-300x197.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/2026_8image_14_46_259698598hansii3210-ll-300x197.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/2026_8image_14_46_259698598hansii3210-ll-768x503.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/2026_8image_14_46_259698598hansii3210-ll.jpg 914w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />हांसी: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए छात्र के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को हांसी सिटी थाने के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लुल्लू ने किया। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="197" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/2026_8image_14_46_259698598hansii3210-ll-300x197.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/2026_8image_14_46_259698598hansii3210-ll-300x197.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/2026_8image_14_46_259698598hansii3210-ll-768x503.jpg 768w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/2026_8image_14_46_259698598hansii3210-ll.jpg 914w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>हांसी:</strong> जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए छात्र के मामले में एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को हांसी सिटी थाने के बाहर धरना दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लुल्लू ने किया। कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।</p>



<p><strong>पैलेट गन से छात्र की आंख गंभीर रूप से घायल होने का दावा</strong></p>



<p>अजय कुमार लुल्लू ने कहा कि जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक समेत युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई में पैलेट गन और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने का आरोप है। इसी कार्रवाई के दौरान एक युवक की आंख पैलेट गन की गोली लगने से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई।</p>



<p><strong>राहुल गांधी से मुलाकात के बाद भी एफआईआर नहीं होने का आरोप</strong></p>



<p>लुल्लू ने बताया कि घायल युवक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इसके बाद राहुल गांधी ने युवक के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उसके लिए न्याय की मांग उठाई थी। इस मुद्दे को संसद में भी उठाया गया, लेकिन इसके बावजूद पीड़ित की एफआईआर दर्ज नहीं हुई।</p>



<p><strong>संसद मार्ग थाने पहुंचने का भी किया जिक्र</strong></p>



<p>कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी खुद संसद मार्ग थाने पहुंचे थे और संयुक्त पुलिस आयुक्त से एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। इसके बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर नेता प्रतिपक्ष की मांग पर भी एफआईआर दर्ज नहीं होती है, तो आम आदमी की आवाज किस तरह सुनी जाएगी, यह सवाल उठता है।</p>



<p><strong>दोषी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग</strong></p>



<p>अजय कुमार लुल्लू ने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जिस व्यक्ति ने पैलेट गन चलाई, उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।</p>



<p><strong>पेपर लीक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा</strong></p>



<p>लुल्लू ने पेपर लीक के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 152 पेपर लीक होना महज संयोग नहीं है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक के मामले में राहुल गांधी ने सड़क से लेकर संसद तक युवाओं की आवाज उठाई थी और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।</p>



<p><strong>बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता धरने में पहुंचे</strong></p>



<p>कांग्रेस नेता ने कहा कि जब तक पीड़ित छात्र को न्याय नहीं मिलता और एफआईआर दर्ज नहीं होती, तब तक कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। धरने में नारनौंद से विधायक, जिला अध्यक्ष, पूर्व मंत्री, पीसीसी ऑब्जर्वर, महिला कांग्रेस की पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।</p>



<p><strong>कांग्रेस की मांग</strong></p>



<p>कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पैलेट गन से घायल छात्र के मामले में एफआईआर दर्ज की जाए, पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।</p>



<p></p>
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		<title>रांची छात्र आंदोलन पर राहुल गांधी को BJP ने घेरा, ‘दोहरे रवैये’ का आरोप; कांग्रेस ने दिया जवाब</title>
		<link>https://dastaktimes.org/bjp-accused-rahul-gandhi-of-double-standards-on-ranchi-student-movement-congress-responded/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 12 Aug 2026 05:16:19 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राजनीति]]></category>
		<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/rahul-gandhi-2-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/rahul-gandhi-2-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/rahul-gandhi-2.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बीजेपी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने जिस तरह सक्रियता दिखाई थी, वैसा रुख रांची में हुए छात्र आंदोलन को लेकर नहीं अपनाया। &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="200" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/rahul-gandhi-2-300x200.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/rahul-gandhi-2-300x200.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/rahul-gandhi-2.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर बीजेपी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने जिस तरह सक्रियता दिखाई थी, वैसा रुख रांची में हुए छात्र आंदोलन को लेकर नहीं अपनाया। बीजेपी ने इसे राहुल गांधी का ‘दोहरा रवैया’ बताते हुए सवाल उठाए हैं।</p>



<p>बीजेपी नेताओं ने दिल्ली और झारखंड के छात्र आंदोलनों को लेकर राहुल गांधी की भूमिका की तुलना की है। पार्टी ने खास तौर पर 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि जब झारखंड में छात्र आंदोलन कर रहे हैं और कांग्रेस राज्य की सत्ता में शामिल है, तो राहुल गांधी ने उनके समर्थन में उसी तरह खुलकर हस्तक्षेप क्यों नहीं किया।</p>



<p><strong>बीजेपी ने राहुल गांधी से पूछे सवाल</strong><br>बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी ने झारखंड सरकार से प्रदर्शन कर रहे युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग करने के लिए कहा था। वहीं, राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने रांची के छात्र आंदोलन को लेकर राहुल गांधी पर ‘मूक दर्शक’ बने रहने का आरोप लगाया। बीजेपी नेताओं का कहना है कि राहुल गांधी को झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर भी उसी तरह सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी, जैसी उन्होंने दिल्ली के प्रदर्शन के दौरान निभाई थी।</p>



<p><strong>कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को किया खारिज</strong><br>कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राहुल गांधी लगातार प्रदर्शन कर रहे छात्रों के संपर्क में रहे हैं। पार्टी के मुताबिक, राहुल गांधी ने पुलिस की कथित कार्रवाई की निंदा की और छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत भी की। इसके अलावा उन्होंने झारखंड कांग्रेस के नेताओं को छात्रों से संवाद कर गतिरोध खत्म कराने के निर्देश दिए।</p>



<p>कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी राहुल गांधी का बचाव किया और कहा कि वह छात्रों के संपर्क में रहे हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने दावा किया कि राहुल गांधी ने उसी शाम छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की थी। उन्होंने बीजेपी पर रांची के आंदोलन की तुलना दिल्ली के प्रदर्शन से चुनिंदा तरीके से करने का आरोप लगाया।</p>



<p><strong>कांग्रेस बोली- दोनों प्रदर्शनों की तुलना सही नहीं</strong><br>कांग्रेस का कहना है कि दिल्ली और झारखंड में हुए छात्र प्रदर्शनों की परिस्थितियां अलग थीं, इसलिए दोनों की तुलना नहीं की जा सकती। कांग्रेस के एक सांसद ने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पेलेट गन और स्पाइक्स जैसे उपायों का इस्तेमाल किया गया था, जबकि झारखंड सरकार ने शुरुआत से ही छात्रों से बातचीत का रास्ता अपनाया।</p>



<p>कांग्रेस से जुड़े संगठनों एनएसयूआई और सेवा दल ने भी प्रदर्शन कर रहे छात्रों को समर्थन दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, टकराव के बाद करीब 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। कथित गड़बड़ी के आरोपों में अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।</p>



<p><strong>पी. चिदंबरम ने झारखंड पुलिस पर साधा निशाना</strong><br>कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने झारखंड पुलिस और उसके ‘राजनीतिक आकाओं’ की आलोचना की। उन्होंने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और मौजूदा गतिरोध का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाना चाहिए।</p>



<p><strong>राहुल गांधी की भूमिका पर बढ़ा सियासी विवाद</strong><br>रांची के छात्र आंदोलन को लेकर राहुल गांधी की भूमिका अब बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है। बीजेपी उनके रुख को ‘सुविधा की राजनीति’ के तौर पर पेश कर रही है। वहीं, कांग्रेस का कहना है कि राहुल गांधी छात्रों के समर्थन में हैं, लेकिन कांग्रेस के झारखंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार में शामिल होने के कारण वह सीधे आंदोलन में शामिल होने के बजाय राज्य नेतृत्व के माध्यम से हस्तक्षेप कर रहे हैं।</p>



<p><strong>झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन की स्थिति</strong><br>झारखंड में सरकार का नेतृत्व जेएमएम नेता हेमंत सोरेन कर रहे हैं। 81 सदस्यीय विधानसभा में जेएमएम के 34 और कांग्रेस के 16 विधायक हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन में आरजेडी और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन भी शामिल हैं। 2024 के विधानसभा चुनाव में इस गठबंधन ने 56 सीटों पर जीत दर्ज की थी।</p>



<p></p>
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		<title>JPSC-JSSC विवाद पर झारखंड में छात्रों का आंदोलन तेज, 14वें दिन भी नहीं निकला समाधान, देर रात सरकार से वार्ता बेनतीजा</title>
		<link>https://dastaktimes.org/students-agitation-in-jharkhand-intensifies-on-jpsc-jssc-dispute-solution-not-found-even-on-14th-day/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 07 Aug 2026 05:03:49 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[झारखण्ड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/07-1-2-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/07-1-2-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/07-1-2-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/07-1-2.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार 14वें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे धरने में छह छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। गुरुवार देर रात प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन प्रतिनिधिमंडल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="169" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/07-1-2-300x169.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/07-1-2-300x169.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/07-1-2-390x220.jpg 390w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/07-1-2.jpg 600w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>रांची:</strong> झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार 14वें दिन भी जारी रहा। राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे धरने में छह छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं। गुरुवार देर रात प्रशासन और छात्र प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई, लेकिन प्रतिनिधिमंडल की संरचना को लेकर सहमति नहीं बनने से वार्ता किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी।</p>



<p>इधर, जेपीएससी भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही सीआईडी ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक इस मामले में 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार दोपहर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच एक बार फिर बातचीत होने की संभावना है।</p>



<p><strong>25 जुलाई से जारी है आंदोलन</strong></p>



<p>जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच के बैनर तले 25 जुलाई से शुरू हुआ यह आंदोलन राज्य के हाल के वर्षों के बड़े छात्र आंदोलनों में शामिल हो गया है। प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने, मामले की स्वतंत्र जांच सीबीआई या राज्य से बाहर के सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीशों की समिति से कराने और जेपीएससी व जेएसएससी में व्यापक सुधार की मांग कर रहे हैं।</p>



<p><strong>प्रतिनिधिमंडल पर अटकी बातचीत</strong></p>



<p>गुरुवार रात करीब साढ़े दस बजे रांची के एसडीओ कुमार रजत और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर धनंजय कुमार आंदोलन स्थल पहुंचे। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल छात्र प्रतिनिधियों से बातचीत करेगी, जबकि छात्र अपने पहले से तय 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पर अड़े रहे। इस प्रतिनिधिमंडल में एक पत्रकार और एक वकील को भी शामिल करने की मांग की गई थी।</p>



<p>काफी देर तक चली बातचीत के बावजूद प्रतिनिधिमंडल के गठन पर सहमति नहीं बन सकी। छात्र नेता रविंद्र पासवान ने बताया कि प्रशासन की ओर से सकारात्मक रुख का भरोसा दिया गया, लेकिन अगली वार्ता का समय तय नहीं किया गया।</p>



<p><strong>विधानसभा तक पहुंचा आंदोलन का असर</strong></p>



<p>आंदोलन की गूंज झारखंड विधानसभा के मॉनसून सत्र में भी सुनाई दी। पहले दिन विपक्षी विधायकों ने विधानसभा परिसर में नारेबाजी की और मास्क पहनकर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा ने एक बार फिर पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग दोहराते हुए राज्य सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।</p>



<p>मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही कह चुके हैं कि पेपर लीक जैसी समस्या पूरे देश में सामने आ रही है और राज्य सरकार बातचीत के लिए तैयार है।</p>



<p><strong>विधानसभा के आसपास लागू किया गया प्रतिबंधात्मक आदेश</strong></p>



<p>छात्र संगठनों की ओर से 7 और 10 अगस्त को विधानसभा के पास प्रदर्शन की घोषणा के बाद प्रशासन ने विधानसभा भवन के 750 मीटर के दायरे में 6 अगस्त से 12 अगस्त तक धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिया है।</p>



<p><strong>भूख हड़ताल पर बैठे नेता की बिगड़ी तबीयत</strong></p>



<p>झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के नेता देवेंद्रनाथ महतो कई दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। बताया गया है कि उनका ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर काफी नीचे चला गया है। इस बीच, एनईईटी पेपर लीक मामले में पहले 26 दिन तक भूख हड़ताल कर चुके सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने फोन पर उनसे बात की और कम से कम पानी पीने की सलाह दी। इसके बाद महतो ने पानी पीना शुरू किया।</p>



<p><strong>राहुल गांधी ने छात्रों से की बातचीत, भाजपा ने साधा निशाना</strong></p>



<p>कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी फोन पर छात्रों से बातचीत कर हरसंभव मदद का भरोसा दिया। छात्र नेताओं ने कहा कि यदि कांग्रेस झारखंड सरकार पर दबाव बनाने में सफल नहीं होती है तो उसे गठबंधन से अलग हो जाना चाहिए। वहीं भाजपा ने राहुल गांधी के इस कदम को राजनीतिक दिखावा करार दिया।</p>



<p><strong>सीआईडी की जांच में तेजी, 2204 अभ्यर्थियों से मांगी गई ओएमआर शीट</strong></p>



<p>सीआईडी की जांच के तहत पूर्व जेपीएससी अध्यक्ष एल खियांगते से अब तक चार बार पूछताछ की जा चुकी है। मामले के मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे अभय तिवारी से जुड़े मामले में सीआईडी ने गिरिडीह के बेंगाबाद स्थित उसके ससुराल पर छापा मारकर उसके ससुर विकास पांडेय को हिरासत में लिया। तिवारी के दोनों साले फरार बताए जा रहे हैं, जबकि उसकी पत्नी का भी पता नहीं चल पाया है। जांच एजेंसी ने परीक्षा में सफल हुए सभी 2204 अभ्यर्थियों से 7 अगस्त तक कार्बन ओएमआर शीट जमा करने के निर्देश दिए हैं।</p>



<p><strong>आज सड़कों पर उतरेगा आईसा</strong></p>



<p>ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) ने भी शुक्रवार सुबह 11 बजे आंदोलन में शामिल होने की घोषणा की है। संगठन ने बताया कि उसका पहला पड़ाव बिरसा मुंडा चौक होगा। आईसा ने इस अभियान को ‘जेन-जी राइजिंग’ टूर नाम दिया है।</p>



<p></p>
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		<title>संसद में आज FCRA संशोधन बिल पर अमित शाह का संबोधन संभव, 15 दिन से जारी गतिरोध खत्म कराने की चुनौती भी बड़ी</title>
		<link>https://dastaktimes.org/amit-shahs-address-on-the-fcr-amendment-bill-in-parliament-today-is-possible-the-challenge-of-ending-the-deadlock-that-has-been-going-on-for-15-days-is-also-a-big-one/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Dastak Desk]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 06 Aug 2026 04:27:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[राष्ट्रीय]]></category>
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		<category><![CDATA[Delimitation Bill]]></category>
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					<description><![CDATA[<img width="300" height="183" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/amit-shah-3-300x183.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/amit-shah-3-300x183.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/amit-shah-3.jpg 634w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />नई दिल्ली: विदेशी चंदे के इस्तेमाल में पारदर्शिता बढ़ाने और कानूनी खामियों को दूर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार आज लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA), 2026 पेश कर सकती है। यह विधेयक मार्च में बजट सत्र के दौरान भी सदन में पेश किया गया था, लेकिन उस समय लोकसभा से पारित &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<img width="300" height="183" src="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/amit-shah-3-300x183.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/amit-shah-3-300x183.jpg 300w, https://dastaktimes.org/wp-content/uploads/2026/08/amit-shah-3.jpg 634w" sizes="auto, (max-width: 300px) 100vw, 300px" />
<p><strong>नई दिल्ली:</strong> विदेशी चंदे के इस्तेमाल में पारदर्शिता बढ़ाने और कानूनी खामियों को दूर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार आज लोकसभा में विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA), 2026 पेश कर सकती है। यह विधेयक मार्च में बजट सत्र के दौरान भी सदन में पेश किया गया था, लेकिन उस समय लोकसभा से पारित नहीं हो सका था। सूत्रों के अनुसार, जब यह विधेयक सदन में पेश होगा, तब गृह मंत्री अमित शाह इस पर अपना पक्ष रख सकते हैं।</p>



<p>इस बीच सबसे बड़ी चुनौती संसद में पिछले 15 दिनों से जारी गतिरोध को समाप्त करने की बनी हुई है। सरकार लगातार विपक्ष को सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए मनाने की कोशिश कर रही है।</p>



<p><strong>राहुल गांधी ने सरकार के सामने रखीं ये शर्तें</strong></p>



<p>संसद में गतिरोध खत्म कराने के प्रयासों के तहत संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। बैठक में उन्होंने मानसून सत्र के शेष समय के दौरान सदन को सुचारु रूप से चलाने के लिए विपक्ष से सहयोग मांगा।</p>



<p>सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री अमित शाह का सदन में बयान और अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मुद्दे पर चर्चा कराए बिना विपक्ष सरकार का सहयोग नहीं करेगा।</p>



<p><strong>करीब 50 मिनट चली बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा</strong></p>



<p>सूत्रों के अनुसार, संसद परिसर में राहुल गांधी के कार्यालय में हुई यह बैठक करीब 50 मिनट तक चली, जिसमें प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं। बैठक के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस के बल प्रयोग के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह का बयान आवश्यक है। इसके साथ ही अयोध्या के राम मंदिर में दान की गई राशि की कथित चोरी के मामले पर भी सदन में चर्चा की मांग की गई।</p>



<p>विपक्ष लगातार सदन की कार्यवाही के दौरान गृह मंत्री की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठा रहा है। पिछले 10 दिनों के भीतर किरेन रिजिजू और राहुल गांधी की यह दूसरी मुलाकात रही।</p>



<p><strong>महिला आरक्षण और परिसीमन पर भी हुई बातचीत</strong></p>



<p>बैठक के दौरान किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण और लोकसभा-विधानसभा सीटों के परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर भी राहुल गांधी का पक्ष जानने की कोशिश की। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि सहयोगी दलों से चर्चा करने के बाद ही वह अपनी राय साझा करेंगे।</p>



<p>सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने या विशेष सत्र बुलाने को लेकर कोई प्रस्ताव नहीं रखा गया।</p>



<p><strong>सरकार ने विशेष सत्र की अटकलों को किया खारिज</strong></p>



<p>राहुल गांधी से मुलाकात के बाद किरेन रिजिजू ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और गृह मंत्री अमित शाह से अलग-अलग मुलाकात कर बातचीत की जानकारी साझा की। इसके बाद संसद सत्र बढ़ाने या विशेष सत्र बुलाने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार के पास न तो सत्र विस्तार का प्रस्ताव है और न ही विशेष सत्र बुलाने की कोई योजना।</p>



<p><strong>परिसीमन को लेकर क्यों बढ़ी चर्चा</strong></p>



<p>लोकसभा और विधानसभा सीटों के परिसीमन को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज है। वर्ष 1973 में संविधान संशोधन के जरिए सीटों की संख्या पर रोक लगाई गई थी। बाद में वर्ष 2002 में 84वें संविधान संशोधन के दौरान इस विषय पर चर्चा हुई, लेकिन सहमति नहीं बनने के कारण इसे वर्ष 2026 तक के लिए टाल दिया गया।</p>



<p>अब यह समयसीमा समाप्त होने वाली है। ऐसे में सरकार को या तो सीटों की संख्या पर लगी रोक जारी रखने के लिए नया कानून लाना होगा या फिर इस प्रतिबंध को समाप्त करने का निर्णय लेना होगा। मौजूदा व्यवस्था में यदि प्रतिबंध जारी रहता है तो महिला आरक्षण लागू नहीं हो सकेगा, जिसे लेकर राजनीतिक स्तर पर भी चर्चा तेज है।</p>



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