आजाद भारत का पहला कप्तान, जिसने पाक को हरा कर जीती थी टेस्ट सीरीज

- in खेल

एक बल्लेबाज जिसने भारत के लिए टेस्ट में पहला शतक जड़ा, एक गेंदबाज जिसके नाम दिग्गज डॉन ब्रैडमैन को हिट विकेट आउट करने का रिकॉर्ड है। एक कप्तान जिसने भारत को पाकिस्तान के खिलाफ पहली टेस्ट सीरीज जिताई थी। वह खिलाड़ी जिसके नाम से भारतीय क्रिकेट आज भी टेस्ट मैच की नई गेंद की तरह चमक उठता है। वह खिलाड़ी जिसे आजाद भारतीय क्रिकेट टीम की कमान मिली और उसका नाम पूरे विश्व क्रिकेट में बड़े अदब के साथ लिया जाता है,

उस खिलाड़ी का नाम है लाला अमरनाथ, जो आजाद भारत के पहले कप्तान थे। वैसे तो सीके नायडू, महाराजकुमार और इफ्तिकार अली खान पटौदी भारत के पहले तीन कप्तान थे, लेकिन हिंदुस्तान की आजादी के बाद टीम इंडिया की कमान संभाली लाला अमरनाथ ने। 11 सितंबर 1911 को कपूरथला में जन्मे लाला अमरनाथ का आज जन्मदिन है, उनका पूरा नाम नानिक अमरनाथ भारद्वाज है। सुनाते हैं उनके कुछ किस्से।

पाकिस्तान को पटखनी दी

1947 में अखंड भारत के टुकड़े हुए, पाकिस्तान नाम का एक देश बना। आज भी दोनों देशों के बीच मुकाबला होता है, तो वह रोमांच की सारी हदें तोड़ देता है। लाला अमरनाथ भारत के पहले ऐसे कप्तान थे, जिन्होंने पाकिस्तान को पटखनी दी थी। देश बंटने के बाद धीरे-धीरे भारत-पाकिस्तान के बीच स्थितियां सामान्य होने लगी। साल 1952 में उनके नेतृत्व में टीम इंडिया ने पाकिस्तान को टेस्ट सीरीज में हराया। भारत के दौरे पर आई पाकिस्तान टीम की यह पहली टेस्ट सीरीज थी। पांच मैचों की सीरीज भारत ने 2-1 से सीरीज जीती थी। इस सीरीज में भारत ने पहला और तीसरा टेस्ट जीता था, जबकि पाकिस्तान ने दूसरा मैच जीता और आखिरी के दो टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म हुए थे। इस सीरीज से पहले भारतीय टीम ने आठ घरेलू सीरीज खेली थी, जिसमें से सात में उसे हार का सामना करना पड़ा था।

शोर बस एक ही नाम का था लाला अमरनाथ।
15 दिसंबर 1933 को लाला अमरनाथ ने अपने करियर के पहले ही टेस्ट मैच में शतक जड़ दिया था। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में मुंबई में लाला अमरनाथ ने मैच की दूसरी पारी में शतक जड़ा। उन्होंने यह शतक बॉम्बे के जेंटील ओल्ड जिमखाना ग्राउंड पर लगाया था। जिसमें उन्होंने 185 मिनटों में 21 चौको की मदद से 118 रन बनाए थे। सिर्फ 78 मिनट में 83 के स्कोर पर पहुंच गए थे, तेज गेंदबाज से लेकर स्पिनर्स सभी को कूट दिया था, 117 मिनट में शतक पूरा किया था। तब स्ट्राइक रेट मिनटों के हिसाब से कैलकुलेट होता था। उस समय तक भारत की ओर से किसी भी क्रिकेटर ने टेस्ट मैच में शतक नहीं लगाया था। इस मैच को इंग्लैंड ने जरूर जीता था, लेकिन शोर बस एक ही नाम का था लाला अमरनाथ।

बेमिसाल करियर

लाला अमरनाथ स्टाइलिश बल्लेबाज तो थे ही साथ ही आक्रमक गेंदबाज भी थे। एकदम सटीक लाइन लेंथ से गेंदबाजी करते थे, वह दुनिया के इकलौते गेंदबाज हैं जिन्होंने सर डॉन ब्रैडमैन को हिटविकेट करने का कारनामा किया है। 1947 में अमरनाथ ने ब्रिसबेन टेस्ट के दौरान ब्रैडमैन को हिटविकेट आउट किया था। अपने करियर में 70 बार आउट होने वाले ब्रैडमैन बस एक बार ही हिटविकेट आउट हुए थे। उस मैच में ब्रैडमैन ने 336 गेंदों में 185 रनों की पारी खेली थी।

अमरनाथ ने 24 टेस्ट मैचों में एक शतक और चार अर्धशतक के साथ 24.38 की औसत से 878 रन बनाए। वहीं 32.91 की औसत से 45 विकेट भी चटकाए, उन्होंने 186 फर्स्ट क्लास मैचों में 10,000 से अधिक रन बनाने के अलावा 22.98 की बेहतरीन औसत के साथ 463 विकेट भी अपने नाम किए।