ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ से मिलता है कई गुणा ज्यादा पुण्य, खुश हो जाते हैं भगवान

इस साल ऐसा संयोग बन रहा है, जब एक माह के भीतर तीन ग्रहण लगेंगे। इनमें दो चंद्र ग्रहण और एक सूर्य ग्रहण शामिल हैं। ये तीनों ग्रहण 5 जून से 5 जुलाई के बीच लगेंगे, जिनमें जून में दो और जुलाई में एक ग्रहण लगेगा। ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और दान का बड़ा महत्व है। ग्रहण के समय पूजा-पाठ करने से कई गुणा ज्यादा पुण्य मिलता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।

एक महीने में किस-किस दिन ग्रहण?
पहला ग्रहण आज है, जो चंद्र ग्रहण है। इसके बाद 21 जून को सूर्य ग्रहण और फिर 5 जुलाई को एक और चंद्र ग्रहण लगेगा। इसका मतलब इस मुश्किल दौर में आपके पास 5 जून को, यानी चंद्र ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ और उसके बाद दान करके पुण्य कमाने का मौका है।

ग्रहण के दौरान पूजा-पाठ करने का क्या महत्व?
ग्रहण के समय भगवान (चंद्रमा या सूर्य) को राहु ग्रसित करता है, जिससे भगवान अत्यंत कष्ट में रहते हैं। ऐसे समय में जब कोई भक्त पूजा-पाठ करता है, तो भगवान को इससे बल मिलता है और उनका कष्ट कम होता है। विद्वानों का कहना है कि ग्रहण के दौरान जितनी आराधना की जाए, उससे कई गुणा ज्यादा फल की प्राप्ति होती है। ग्रहण के समय जब आप पूजा-पाठ करते हैं, जो भगवान अत्यंत प्रसन्न होते हैं। वहीं, ग्रहण के बाद दान-दक्षिणा से दोष और पाप का नाश होता है।