घर में पूजा के स्थान पर इस प्रकार की मूर्तियां रखने से मिलता है अशुभ परिणाम

हर कोई घर के मंदिर को सुंदर मूर्तियों और तस्वीरों से सजाकर रखता है। मगर वास्तु के अनुसार ऐसी बहुत सी मूर्तियां हैं जिन्हें घर के मंदिर में रखना सही नहीं माना जाता। इन मूर्तियों को यदि आप अपने घर में रखते हैं तो आपके लिए ऐसा करना अशुभ माना जाएगा। यही नहीं आपके मन को अशांत करने के साथ-साथ यह मूर्तियां आपके घर में कभी भी लक्ष्मी को टिकने नहीं देंगी। तो चलिए जानते हैं वास्तु द्वारा वर्जित मूर्तियों के बारे में विस्तार से…

नटराज शंकर
भगवान शिव का मन जब अशांत हो जाता था तो वे तांडव यानि नृत्य किया करते थे। शास्त्रों के अनुसार जब भगवान शिव तांडव करते थे तो पूरा ब्रह्मांड हिल जाया करता था। ऐसे में यदि आप तांडव करते भगवान शिव की मूर्ति पूजा घर में रखेंगे तो आपके घर में भी लड़ाई झगड़े और तांडव जैसा माहौल पैदा हो जाएगा।

मां काली
मां दुर्गा ने राक्षसों का विनाश करने के लिए महाकाली का रुप धारण किया था। महाकाली सदैव क्रोध में रहती हैं। ऐसे में यदि आप पूजा घर में महाकाली की मूर्ति रखेंगे तो आपके घर में सदा गुस्से वाला माहौल बना रहेगा। घर में शांति और अच्छा माहौल बनाए रखने के लिए काली माता की मूर्ति या फिर तस्वीर पूजा घर में रखने से बचें।

महादेव शनि
शास्त्रों के मुताबिक शनि देव को उनकी पत्नि से श्राप मिला था कि उनकी नजर जिस इंसान पर पड़ेगी उसका सर्वनाश हो जाएगा। ऐसे में यदि आप शनि देव की मूर्ति घर या ऑफिस में रखते हैं तो इसका नेगेटिव असर आपके परिवार के सदस्यों पर पड़ता है।

भैरवनाथ
भैरवनाथ की पूजा पूरे मंत्र-तंत्र से की जाती है। मंत्र-तंत्र यानि दूसरे व्यक्ति को पूरी तरह अपने वश में करने का तरीका। यदि आप भैरवनाथ की मूर्ति मंदिर में स्थापित करते हैं तो आप हर वक्त किसी न किसी व्यक्ति के वश में रहेंगे। हो सकता है आपने जिस व्यक्ति से उधार लिया हो वो आपको पैसे लौटाने के लिए ब्लैकमेल करे। तो इन सब परेशानियों से बचने के लिए भैरवनाथ की मूर्ति घर में रखने से सख्त परहेज करें।

खड़े हुए मां लक्ष्मी
यदि आप चाहतें है कि आपके घर पर धन सदैव स्थायी रुप से बना रहे तो आज ही मां लक्ष्मी की खड़ी मुद्रा वाली मूर्ति को मंदिर से हटा दें। खड़ी हुई मां लक्ष्मी की मूर्त आपके घर में कभी भी लक्ष्मी टिकने नहीं देगी। लक्ष्मी घर में टिकाने के लिए बैठी हुई मां लक्ष्मी की मूर्ति की स्थापित घर में करें।

राहू ग्रह
राहू एक दैत्य था जिसका वध भगवान विषणु ने समुंदर मंथन के वक्त किया था। वध करते वक्त भगवान ने दैत्य के 2 टुकड़े किए थे। एक का नाम राहू रखा और एक का केतू। अगर आप मंदिर में नौ ग्रहों में से राहू-केतू की मूर्ति स्थापित करना चाहते हैं तो दोनों को एक साथ स्थापित करें। अकेले राहू ग्रह की मूर्ति की स्थापना मंदिर में कभी न करें।