चंदन तस्कर वीरप्पन की बेटी भाजपा में शामिल

चेन्नई : चंदन तस्कर वीरप्पन की बेटी विद्या रानी ने शनिवार को एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन कर ली. पार्टी के जनरल सिक्रेटरी मुरलीधर राव और पूर्व केंद्रीय मंत्री राधाकृष्णन इस कार्यक्रम में मौजूद थे. विद्या रानी ने कहा, ‘मैं अपनी जाति और धर्म के बावजूद गरीबों और वंचितों के लिए काम करना चाहती हूं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाएं लोगों के लिए हैं और मैं उन्हें लोगों तक ले जाना चाहती हूं.’ विद्या रानी के अलावा इस आयोजन में अन्य राजनीतिक दलों के 1,000 से अधिक सदस्य भाजपा में शामिल हुए. वीरप्पन की मौत के बाद उनकी पत्नी मुत्तुलक्ष्मी अब वो सलेम में सामाजिक कल्याण से कामों से जुड़ी हुई है. उन्होंने 2006 में तमिलनाडु का विधानसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन हार गईं. 2018 में उन्होंने ग्रामीणों का एक संगठन बनाने की घोषणा की थी. वीरप्पन के बारे में कई कहानियां प्रचलित हैं. ऐसा कहा जाता था कि उसने कुल दो हजार हाथी मारे, ताकि उनके दांतों की तस्करी की जा सके. हजारों चंदन के पेड़ काट डाले. ना जाने कितने लोगों की हत्या कर दी. वीरप्पन रबड़ के जूते में पैसे भर के जमीन में गाड़कर रखता था.

साल 1962 में वीरप्पन ने 10 साल की उम्र में एक तस्कर का कत्ल कर दिया था. ये उसका पहला अपराध था. उसी वक्त उसने फॉरेस्ट विभाग के भी तीन अफसरों को मारा. तब उसका नाम वीरैय्या हुआ करता था. वो बहुत गरीब था. उसके गांव वाले कहते हैं कि फॉरेस्ट विभाग के लोगों ने ही उसे स्मगलिंग के लिए उकसाया. वीरप्पन की शादी भी हुई थी. उसने अपनी पत्नी का हाथ अपने ससुर से बिल्कुल फिल्मी अंदाज में मांगा था. जंगल में भागने के बाद उसने पत्नी को एक शहरी इलाके में रहने भेज दिया. अब गरीब वीरप्पन पुलिस, राजनीति और भ्रष्टाचार के मकड़जाल में फंसकर तस्कर वीरप्पन बन चुका था.1987 में वीरप्पन ने देश को तब हिलाकर रख दिया जब उसने चिदंबरम नाम के एक फॉरेस्ट अफसर को किडनैप किया. कुछ वक्त बाद उसने नृशंसता की हद दिखाई. एक पुलिस टीम को उड़ा दिया. जिसमें 22 लोग मारे गए. फिर 2000 में वीरप्पन ने कन्नड़ फिल्मों के हीरो राजकुमार को किडनैप कर लिया. रिहाई के लिए फिरौती रखी 50 करोड़ की.