जांच में हुआ खुलासा: 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने की थी ट्रंप की मदद

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए साल 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में रूस ने डोनाल्ड ट्रंप की मदद की थी। इस बात का खुलासा ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन की एक जांच में हुआ है। सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी की 2016 चुनाव जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस के सेंट पीटर्सबर्ग स्थित इंटरनेट रिसर्च एजेंसी (आईआरए) ने सोशल मीडिया पर समर्थन जुटाया। आईआरए ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में रूस के पसंदीदा उम्मीदवार के लिए समर्थन जुटाया था।

इसके जरिए राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन को नुकसान पहुंचाया गया, क्योंकि उनके जीतने की संभावना ज्यादा थी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ये सब रूसी राष्ट्रपति के आदेश पर किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार आईआरए ने 2016 चुनाव में रिपब्लिकन उम्मीदवार रहे ट्रंप को अपनी सोशल मीडिया एक्टिविटी के जरिए भारी समर्थन दिलाया।

ट्रंप पर पहले से चल रहा है महाभियोग
अमेरिका में तीन कांग्रेस समितियों के प्रमुखों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने से जुड़ी जांच का कानूनी आदेश व्हाइट हाउस में पेश कर दिया है। इस बीच अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने इससे जुड़े एक मामले में यूक्रेन पर दबाव बनाने के लिए उपराष्ट्रपति माइक पेंस से उनकी संभावित भूमिका को लेकर दस्तावेज मांगे गए हैं।

बता दें कि ट्रंप पर उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यूक्रेन से जानकारियां साझा करने के आरोप हैं। हालांकि ट्रंप इससे इनकार करते रहे हैं जबकि चीन और यूक्रेन से उन्होंने सार्वजनिक रूप से बिडेन और उनके बेटे के खिलाफ जांच शुरू करने को लेकर मदद मांगी है। व्हाइट हाउस पर भी आरोप है कि उसने राष्ट्रपति से संबंधित आरोपों के दस्तावेजों को पलटा है।

महाभियोग से जुड़ी डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन प्रमुख सांसदों ने पेंस को लिखे एक पत्र में लिखा, ‘हाल ही में सार्वजनिक रिपोर्टों में यूक्रेन के राष्ट्रपति को ट्रंप का संदेश पहुंचाने या उसका समर्थन करने में आपकी संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अत: प्रतिनिधि सभा की महाभियोग की जांच के लिए, अनुरोध कर रहे हैं कि आप 15 अक्तूबर तक निर्धारित दस्तावेज पेश करें।’