पुष्पेंद्र मुठभेड़ कांड पर गरमाई राजनीति, अखिलेश यादव आज जा रहे झांसी

लखनऊ । यूपी के झांसी में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए पुष्पेंद्र यादव को लेकर राज्य में सियासत शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जमकर हमला बोला है। एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए समाजवादी पार्टी बडे आंदोलन की तैयारी में है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव झांसी जिले में स्थित पुष्पेंद्र के गांव कारगुआ खुर्द उनके परिवारीजनों से मिलने के लिए रवाना हो गए हैं। अखिलेश यादव पुष्पेंद्र के परिवारीजन को सांत्वना देंगे। इसके बाद वह सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे और गुरुवार को लखनऊ वापस रवाना होंगे।

मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने आरोप लगाया है कि सरकार की ठोंको नीति के चलते पुलिस बेकाबू हो गई। अपराध रोकने में नाकाम पुलिस निर्दोष लोगों को निशाना बनाकर आतंक फैलाने में लगी है। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर के नाम पर निर्दोष युवाओं को गोलियों का शिकार बनाया जा रहा है।

पुलिस मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग

सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मुठभेड़ कांड की हाई कोर्ट के न्यायाधीश से जांच कराने की मांग की है। अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार में सत्ता का दंभ अब सिर चढ़कर बोल रहा है। वह जनता की आवाज को बूटों तले रौंदते हुए मनमानी पर उतर आयी है। विजयादशमी की सुबह से पहले रात के अंधेरे में झांसी में सत्ता की ताकत झोंककर पुष्पेंद्र यादव का अंतिम संस्कार कर सरकार ने न्याय की चिता जलाई है। परिवारीजन और स्थानीय जनता मांग कर रही थी कि फर्जी मुठभेड़ करने वाले दारोगा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए, तभी शव लिया जाएगा। अखिलेश ने कहा कि पुलिस का यह रवैया झांसी के मामले में ही नहीं बदायूं में हिरासत में दम तोड़ने वाले बृजपाल के साथ भी नजर आया, जब उसका अंतिम संस्कार जबरन पुलिस ने करा दिया।

यूपी पुलिस ने दी सफाई, हो रही निष्पक्ष विवेचना

झांसी में पुष्पेंद्र यादव पुलिस मुठभेड़ मामले में एडीजी कानून व्यवस्था पीवी रामशास्त्री ने दी सफाई है। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष विवेचना हो रही है। डीजीपी मुख्यालय से दो अलग अलग मुकदमों की जांच की मॉनिटरिंग की जा रही है। पीड़ित पक्ष के आरोपों को भी विवेचना में शामिल किया गया है। परिवार के किसी अन्य एजेंसी से जांच की मांग किये जाने पर विचार होगा। उन्होंने कहा कि पुष्पेंद्र यादव पर पांच मुकदमें दर्ज थे।

उच्चस्तरीय जांच कराने व दोषियों पर कार्रवाई की मांग

राजनीतिक दलों का आरोप है कि एनकाउंटर के नाम पर विशेष वर्ग के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पुष्पेंद्र मुठभेड़ कांड की उच्चस्तरीय जांच कराने व दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। कांग्रेस ने तो भाजपा शासनकाल में हुई सभी पुलिस मुठभेड़ों की सीबीआइ जांच तक कराने की मांग कर दी है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव से पहले प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) की सात सदस्यीय टीम आठ अक्टूबर को पुष्पेंद्र के ग्राम करगुआ जिला झांसी जाकर उनके परिवारीजन से मिला। प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव के पुत्र और महासचिव आदित्य यादव के अलावा पूर्व मंत्री शारदा प्रताप शुक्ला, रामनरेश यादव, सुंदर लाल लोधी, वीरपाल सिंह यादव, दीपक मिश्रा, चौधरी छत्रपाल सिंह यादव, विष्णुपाल सिंह उर्फ नन्हू राजा व जर्रार हुसैन भी शामिल थे।

मोंठ इंस्पेक्टर पर हमले के बाद हुआ था एनकाउंटर

झांसी के थाना मोंठ के बमरौली तिराहा पर 5 अक्टूबर की रात मोंठ इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह चौहान पर बाइक सवार युवकों बाइक सवार विपिन, पुष्पेंद्र व रविंद्र ने हमला बोल दिया था। आरोपित कार और मोबाइल लूट कर ले गए थे। इंस्पेक्टर पर हमला और उनकी कार लूटने पर कई थानों की पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई थी। देर रात आरोपित गुरसरांय क्षेत्र के गांव फरीदा के पास मिल गए। इस दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में आरोपित पुष्पेंद्र घायल हो गया। घायल को गुरसरांय के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। दो आरोपित विपिन व रविंद्र भाग गए थे। पुलिस ने तीनों आरोपितों के विरुद्ध केस दर्ज किया था। पुष्पेंद्र यादव के पुलिस एनकाउंटर को परिवारीजन फर्जी बताया था। पुष्पेंद्र के भाई ने कहा कि यह एनकाउंटर नहीं बल्कि मर्डर है। मेरे भाई को साजिश के तहत मारा गया है। जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने घटना की मजिस्ट्रट जांच के आदेश दिये थे।