बच्चे देश का भविष्य, शिक्षक उन्हें बनाते हैं महान इन्सानः सुधांशु त्रिवेदी

सी.एम.एस. में ‘59वें आध्यात्मिक शिक्षा सम्मेलन’ का भव्य आयोजन
लखनऊ। सिटी मोन्टेसरी स्कूल अपनी स्थापना का 59वाँ वर्ष ‘आध्यात्मिक शिक्षा’ के रूप में मना रहा है। इसी उपलक्ष्य में आज विद्यालय के गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) सभागार में आज बड़े धूमधाम व हर्षोल्लास के साथ ‘59वाँ आध्यात्मिक शिक्षा सम्मेलन’ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सी.एम.एस. शिक्षकों ने चर्चा-परिचर्चा, अभिभाषण एवं विभिन्न शिक्षात्मक कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों व किशोरों के लिए नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा की उपयोगिता को रेखांकित किया एवं भौतिक शिक्षा के साथ ही नैतिक व आध्यात्मिक ज्ञान भी छात्रों को प्रदान करने की जोरदार वकालत की। इससे पहले, मुख्य अतिथि के रूप में पधारे भारतीय जनता के पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्री सुधांशु त्रिवेदी ने दीप प्रज्वलित कर ‘आध्यात्मिक शिक्षा सम्मेलन’ का विधिवत शुभारम्भ किया। उद्घाटन समारोह में बोलते हुए श्री सुधांशु त्रिवेदी ने शिक्षा में साँस्कृतिक मूल्यों, नैतिकता और मानवता के समावेश की जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति छात्रों को शिक्षा-दीक्षा प्रदान करने की है, जिसका तात्पर्य छात्रों को शिक्षा अर्थात भौतिक ज्ञान प्रदान करना एवं दीक्षा अर्थात जीवन मूल्यों, नैतिक व आध्यात्मिक ज्ञान प्रदान करना है। आज की पीढ़ी को अपनी साँस्कृतिक विरासत व उसके महत्व को जानने-पहचानने की महती आवश्यकता है। बच्चे देश का भविष्य हैं और शिक्षक ही उन्हें महान इन्सान बनाकर देश का भविष्य संवारते हैं।
   सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी एवं डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने विद्यालय के कर्तव्यपरायण शिक्षकों का हार्दिक स्वागत-अभिनंदन किया तथापि शिक्षा के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर विद्यालय का नाम रोशन करने वाले मेधावी छात्रों, उनके माता-पिता एवं टीचर-गार्जियन को सार्वजनिक रूप से पुरष्कृत कर सम्मानित किया गया। समारोह का विशेष आकर्षण मेधावी छात्रों का सम्मान रहा जिसके अन्तर्गत आई.एस.सी. (कक्षा-12) की  बोर्ड परीक्षा में 99.25 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रदेश में टॉप करने वाली एवं राष्ट्रीय मेरिट सूची में दूसरा स्थान अर्जित करने वाली सी.एम.एस. गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) की छात्रा आयुषी श्रीवास्तव एवं आई.सी.एस.ई. (कक्षा-10) की बोर्ड परीक्षा में 98.60 प्रतिशत अंको के साथ प्रदेश में टॉप करने वाले एवं राष्ट्रीय स्तर पर पाँचवा स्थान अर्जित करने वाले सी.एम.एस. महानगर कैम्पस के छात्र प्रांजल श्रीवास्तव को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इसके साथ ही, इन दोनों छात्रों की माताजी को फलों व फूलों से तौलकर एवं पिताजी एवं शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर आई.एस.सी. (कक्षा-12) की बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत से लेकर 99.25 प्रतिशत तक अंक अर्जित करने वाले मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया गया।    इसके अलावा, इस वर्ष आई.ए.एस. में चयनित होकर विद्यालय का गौरव बढ़ाने वाले पाँच मेधावी छात्रों ईला त्रिपाठी, विवेक रंजन मैत्रेय, पंकज कुमार मिश्रा, कृति पाण्डेय एवं शिल्पी कनौजिया को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही आई.आई.टी., क्लैट एवं यू.पी.एस.ई.ई. में चयनित होने वाले मेधावी छात्रों एवं विदेशों के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा हेतु चयनित होने वाले 59 मेधावी छात्रों को भी पुरष्कृत कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर यू.पी.एस.ई.ई. परीक्षा में लखनऊ में टॉप करने वाले एवं प्रदेश में दूसरा स्थान अर्जित करने वाले सी.एम.एस. गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) के छात्र रोहन गुप्ता को सम्मानित किया गया।
    इस अवसर पर सी.एम.एस. की शिक्षिकाओं ने ‘सर्व-धर्म एवं विश्व एकता प्रार्थना’ के शानदार प्रस्तुतिकरण से सम्पूर्ण ऑडिटोरियम को आध्यात्मिक प्रकाश से आलोकित कर दिया, तो वहीं दूसरी ओर सी.एम.एस. महानगर, राजाजीपुरम, इन्दिरा नगर एवं गोमती नगर (प्रथम कैम्पस) की शिक्षिकाओं ने क्रमशः आसाम, केरल, बिहार, हरियाणा आदि राज्यों का प्रतिनिधित्व करते हुए साँस्कृृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया।     सम्मेलन के दौरान अपरान्हः 1.30 बजे आयोजित एक प्रेस कान्फ्रेन्स में सी.एम.एस. संस्थापक व प्रख्यात शिक्षाविद् डा. जगदीश गाँधी ने पत्रकारों से विद्यालय के 59 वर्षीय स्वर्णिम सफर पर विस्तृत चर्चा की। पत्रकारों से बातचीत करते हुए डा. गाँधी ने कहा कि इन 59 सालों में सी.एम.एस. के छात्रों व शिक्षकों ने शैक्षिक क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता के झंडे गाड़े है तो वहीं दूसरी ओर सामाजिक उत्थान के कार्यों में भी अभूतपूर्व मिसाल प्रस्तुत की है। इन्हीं होनहार छात्रों व शिक्षकों के दम पर सी.एम.एस. यूनेस्को द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय शान्ति शिक्षा पुरस्कार के अलावा अनेकानेक पुरस्कारों व सम्मानों से नवाजा जा चुका है। डा. गाँधी ने आगे कहा कि सिटी मोन्टेसरी स्कूल की स्थापना पाँच बच्चों से शुरू हुई थी और पहले ही दिन पाँच बच्चों की स्लेट पर ‘जय जगत’ लिखवा कर विश्व एकता की नींव रखी थी और प्रण किया था कि यह स्कूल जाति, धर्म, क्षेत्रीयता व राष्ट्रीयता से ऊपर उठकर बच्चों को विश्व एकता व आध्यात्मिक शिक्षा से परिपूर्ण कर विश्व नागरिक बनायेगा। सी.एम.एस. उसी पथ पर लगातार अग्रसर होता जा रहा है और आज 5 बच्चों से शुरू हुए इस विद्यालय में 53000 बच्चे भौतिक, नैतिक व आध्यात्मिक तीनों प्रकार की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
    इस अवसर पर सी.एम.एस. प्रेसीडेन्ट प्रो. गीता गाँधी किंगडन ने कहा कि आज क्वालिटी एजुकेशन नितान्त आवश्यक है, साथ ही पर्यावरण आदि विभिन्न मुद्दों पर भी भावी पीढ़ी को जागरूक करने की आवश्यकता है। प्रत्येक शिक्षक को यह समझना चाहिए कि उन्हें ज्ञान बांटकर बच्चों की सेवा का अमूल्य अवसर मिल रहा है एवं उन्हीं के कंधों पर आगे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुनिश्चित करने का दारोमदार है। समारोह के अन्त में सी.एम.एस. संस्थापिका-निदेशिका डा. (श्रीमती) भारती गाँधी ने विद्यालय के कर्तव्यपरायण शिक्षकों के प्रति हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। सी.एम.एस. के मुख्य जन-सम्पर्क अधिकारी हरि ओम शर्मा ने बताया कि आज प्रातः विद्यालय के 3000 से अधिक शिक्षकों व कार्यकर्ताओं ने विशाल ‘क्लासरूम चलो, क्लासरूम चलो मार्च’ निकालकर भावी पीढ़ी के भावी पीढ़ी के सर्वांगीण विकास का अलख जगाया। सी.एम.एस. शिक्षकों का यह विशाल मार्च आज प्रातः 7.30 बजे गोमती नगर एक्सटेंशन स्थित मकदूमपुर पुलिस चौकी सेे सी.एम.एस. गोमती नगर (द्वितीय कैम्पस) ऑडिटोरियम तक निकाला गया।