ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने कहा- सुबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है नीरव मोदी, इसलिए नहीं दे सकते जमानत

ब्रिटेन के हाईकोर्ट ने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने बुधवार को उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी, जिसके बाद उसे जेल में ही रहना होगा। मामले की सुनवाई कर रहीं जज इनग्रिड सिमलर ने कहा कि इस बात का ठोस आधार है कि जमानत मिलने पर नीरव समर्पण नहीं करेगा। जमानत मिलना, मतलब वह पकड़ में नहीं आएगा। जज ने कहा कि वह गवाहों को प्रभावित कर कानूनी प्रक्रिया को बाधित कर सकता है। हाईकोर्ट से पहले वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट भी यही कहते हुए नीरव की जमानत अर्जी तीन बार खारिज कर चुका है।

लंदन के रॉयल कोर्ट ऑफ जस्टिस में सुनवाई के दौरान जज ने नीरव के वकील और भारत सरकार की ओर से पैरवी कर रही ब्रिटेन की अभियोजन सर्विस के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि अगर उसे छोड़ा जाता है तो वह सुबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। वह न्यायिक प्रक्रिया में बाधा पहुंचा सकता है। उन्होंने कहा कि जेल में होने के बावजूद नीरव की आर्थिक संसाधनों तक पहुंच बरकरार है।

हाईकोर्ट में मंगलवार की सुनवाई के दौरान नीरव की वकील क्लेर मोंटगोमरी ने कहा था कि जमानत मिलने पर उनका मुवक्किल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से निगरानी किए जाने के लिए तैयार है। उसका फोन भी ट्रैक किया जा सकेगा।

मोंटगोमरी ने कहा कि नीरव यहां पैसा कमाने आया है। अब तक ऐसी कोई बात सामने नहीं आई जिससे लगे कि वह भाग सकता है। उसके बेटे-बेटी भी यहां पढ़ाई के लिए आने वाले हैं। वकील ने जोर दिया कि नीरव का ब्रिटेन छोड़ने का इरादा नहीं है क्योंकि वह इसे सबसे सुरक्षित जगह (सेफ हेवन) मानते हैं।

इस पर जज ने कहा कि यह मानना मुश्किल है कि ब्रिटेन सुरक्षित जगह है क्योंकि दुनिया में कई ऐसे देश हैं, जहां भारतीय जांच एजेंसियों से बचा जा सकता है। वहीं, भारत की ओर से केस लड़ रही ब्रिटिश अभियोजन सर्विस (सीपीएस) ने कहा, नीरव पर आपराधिक और धोखाधड़ी के आरोप हैं। जज ने भी समझ लिया है कि इस मामले में डमी पार्टनर्स के जरिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग्स जारी किए गए।

हिरासत पर 27 जून को सुनवाई
पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में आरोपी हीरा कारोबारी का नीरव का प्रयास है कि उसे भारत को न सौंपा जाए। हाईकोर्ट के फैसले के बाद नीरव लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में हिरासत में रहेगा। उसकी हिरासत को लेकर अगली सुनवाई 27 जून को होनी है। लंदन पुलिस ने 19 मार्च को नीरव मोदी को गिरफ्तार किया था, जब वह बैंक अकाउंट खुलवाने गया था। इसके बाद से ही वह जेल में है।