ब्रेकफास्ट में किस रंग का अंडा खाते हैं आप, भूरा या सफेद

- in जीवनशैली
बचपन से आपने कई बार लोगों को ये कहते, सुनते और गुनगुनाते भी सुना होगा कि संडे हो या मंडे रोज खाएं अंडे। हालांकि अंड़ों को लेकर युवाओं के मन को एक नया सवाल परेशान कर रहा है; और ये सवाल है कि भूरा अंडा या सफेद अंडा; कौन सा अंडा सेहत के लिए बेहतर है। आइए जानते हैं किस रंग का अंडा आपकी सेहत के लिए वरदान हो सकता है।

ब्रेकफास्ट में किस रंग का अंडा खाते हैं आप, भूरा या सफेद

ये तो हम सब जानते हैं कि अंडे में भरपूर मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, लेकिन आपको बता दें कि अंडे में प्रोटीन के अलावा कैल्शियम और विटामिन डी भी मौजूद होता है जो हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि ब्राउन या व्हाइट कौन सा अंडा खरीदना चाहिए और कौन सा हमारी सेहत के लिए बेस्ट होता है। अक्सर कहा जाता है कि दोनों तरह के अंडों में पैसों के सिवा किसी और चीज का फर्क नहीं होता है। दोनों के फायदे, क्वॉलिटी, आकार सभी कुछ एक जैसा होता है। इतना ही नहीं दोनों से शरीर को पोषण भी एक जैसा ही मिलता है। हालांकि ब्राउन अंडे में व्हाइट अंडे से थोड़ा अधिक ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जो कि ना के बराबर ही होता है।

डाइटिशियन सिमरन सैनी का कहना है कि “अंडा 2 तरह का होता है देसी और दूसरा पोल्ट्री। देसी अंडे थोड़े मटमैले यानी कि ब्राउन रंग के होते है। जबकि पोल्ट्री के अंडे सफेद रंग के होते है। ब्राउन अंडा, व्हाइट अंडे से ज्यादा हेल्दी होता है, इसलिए लोग इन्हें खाना ज्यादा पसंद करते हैं। यही वजह है कि सफेद अंडे की तुलना में ब्राउन अंडा ज्यादा महंगा मिलता है। इसके अलावा ब्राउन अंडे में प्रोटीन, कोलेस्टॉल और कैलोरी की मात्रा सफेद अंडे की तुलना में ज्यादा होती है। हालांकि हाल ही में हुई रिसर्च का तो कुछ और ही कहना है।जानते हैं क्या कहती है ये नई रिसर्च।
लोगों का मानना है कि व्हाइट अंडों की तुलना में ब्राउन अंडे नेचुरल माने जाते है। लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च ने इस सोच को झुठला दिया है। इस रिसर्च के अनुसार, सभी अंडे साइज और कलर में अलग होने के बावजूद पौष्टिक रूप से एक जैसे होते हैं। सभी अंडों में लगभग उसी मात्रा में विटामिन, मिनरल, प्रोटीन और कैलोरी मौजूद होती है। अंडे के रंग से उसके पौष्टिक तत्वों पर कोई असर नहीं पड़ता है।
शोधकर्ताओं ने बताया कि अंडों के रंग से नहीं बल्कि मुर्गियों की डाइट से अंडों की पौष्टिकता पर असर पड़ता है। जो मुर्गियां हमेशा सूर्य के संपर्क में रहती हैं और अच्छा खाना खाती हैं उनके अंडों में सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं और वो ज्यादा हेल्दी होते हैं। वहीं ऐसी मुर्गियां जो किसी बंद कमरे में रहती हैं और जिन्हें खाने के लिए अच्छा आहार नहीं मिलता। उनके अंडे ज्यादा हाल्दी नहीं होते हैं।