रामनाथ कोविंद ने साइप्रस के सांसदों को किया सम्बोधित, कहा- निवेश और व्यापार के लिए अच्छा विकल्प है भारत


निकोसिया : राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने साइप्रस को निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि भारत व्यापार और निवेश के लिए खुला है। कोविंद ने साइप्रस के सांसदों को संबोधित करते हुए कहा, भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है। पिछली तिमाही में हमारा सकल घरेलू उत्पाद बढ़कर 8.2 प्रतिशत पहुंच गया है। भारत व्यापार और निवेश के लिए खुला है और भारत साइप्रस के लिए खुला है। उन्होंने कहा, आइए और जल्दी आइए। सभ्यताओं के तौर पर हम हजारों वर्षाें से खुले समाजों अौर व्यापारिक अर्थव्यव्स्थाओं के तौर पर रह चुके हैं अौर व्यापार, समुद्री क्षेत्र तथा वैश्विक समुद्री क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में नियम तथा प्रकिया आधारित प्रणाली की लगातार प्रासंगिकता हमारे लिए भरोसे का प्रतीक है। राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में साइप्रस से मदद की पेशकश भी की।

उन्होंने कहा, उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय जेनेरिक और टीकों की कीमतें कम कर दी गई हैं, स्वास्थ्य देखभाल की लागत कम कर दी गई है और दुनिया भर के समुदायों की मदद की है। हमें साइप्रस के साथ अपने अनुभव और क्षमताओं को साझा करने में खुशी होगी। इससे पूर्व साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस अनास्तासीआड्स के साथ बातचीत के बाद श्री कोविंद ने कहा कि भारत और साइप्रस आर्थिक संबंधों को और गहरा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वित्तीय सेवाओं और निवेश बैंकिंग में साइप्रस की विशेषज्ञता दोनों देशों की निवेश साझेदारी का विस्तार करने के लिए अच्छा है और दोनों पक्षों के बीच वित्तीय खुफिया जानकारी साझा करने से व्यापार संबंधों को बढ़ावा मिलेगा। दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के मुद्दों पर चर्चा की जिसमें आईटी और आईटी-समर्थ सेवाओं, पर्यटन, नौपरिवहन और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में व्यापार सहयोग को बढ़ावा देना शामिल है। कोविंद ने साइप्रस को अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन में शामिल होने के लिए भी आमंत्रित किया।