रोहित शेखर मर्डर केस में पत्नी अपूर्वा के फोन से मिले अहम सुराग

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पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी की मौत में हत्या का खुलासा होने के बाद पुलिस की तफ्तीश रोहित के परिवार तक पहुंच गई है. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम डिफेंस कॉलोनी स्थित रोहित के घर पहुंची है, जहां रोहित की मां उज्ज्वला तिवारी, पत्नी और उनके ससुर से पूछताछ हो रही है. इनके अलावा रोहित के भाई व नौकरों से भी सवाल किए जा रहे हैं. टीम में पूछताछ के लिए महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद हैं. शुक्रवार को रोहित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि उनकी मौत मुंह दबाने से हुई है, जिसके बाद हत्या का केस दर्ज किया गया है.

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, रोहित शेखर की पत्नी पर पहला शक है. शेखर के भाई सिद्धार्थ जो घर ही रहता था, कत्ल के वक्त घर में मोजूद था. उससे सख्ती से पूछताछ जारी है. इसके अलावा घर के नौकरों से भी सख्ती से पूछताछ की जा रही है. शेखर की मां से उसकी पत्नी के रिश्ते को लेकर सवाल किए जा रहे है. पत्नी अपूर्वा के कॉल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं. अपूर्वा ने 15-16 अप्रैल की रात जिन जिन लोगो को फोन किया उसकी पड़ताल की जा रही है. घर के तमाम लोग जो कत्ल के वक्त घर में मौजूद थे. सबके कॉल डीटेल्स खंगाले जा रहे है.
रोहित की मां उज्ज्वला ने कहा कि शादी के पहले दिन से ही रोहित और उसकी पत्नी के बीच तनाव था. यह एक प्रेम विवाह था. फिलहाल दिल्ली क्राइम ब्रांच रोहित शेखर तिवारी की पत्नी से पूछताछ कर रही है. वहीं, रोहित के ससुर ने क्राइम ब्रांच से अपनी बेटी को बेगुनाह बताया है. रोहित के ससुर ने कहा है कि उनकी बेटी ने कुछ गलत नहीं किया है और वो किसी की हत्या नहीं कर सकती है.

क्या है पूरा मामला

पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी राजधानी दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में अपनी मां उज्ज्वला तिवारी के साथ रहते थे, 16 अप्रैल को वो कमरे में संदिग्ध हालात में पाए गए थे. उन्हें फौरन साकेत मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया था. इस दौरान मां उज्ज्वला ने कहा था कि रोहित की मौत स्वभाविक है.वहीं, रोहित शेखर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी मौत गले में रुकावट यानि गला चोक होने से हुई. रिपोर्ट के हिसाब से मुंह किसी चीज़ से दबाया गया. जिसकी वजह से वो सांस नहीं ले पाए. उनका गला भी घोंटा गया. जिससे उनकी मौत हो गई. उनकी मौत का समय 15-16 अप्रैल की दरम्यानी रात 1:30 बजे का है. जबकि रोहित को 16 अप्रैल की शाम करीब 5 बजे अस्पताल ले जाया गया. इसका मतलब ये है कि वो करीब 15 घंटे तक घर में ही मृत पड़े थे.