लखनऊ से सपा प्रत्याशी पूनम सिन्हा ने किया नामांकन, भाजपा को हराने के लिए भरी हुंकार

पूनम सिन्हा बिहार की पटना की रहने वाली हैं और मुंबई में रह रही हैं

लखनऊ : लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए वैसे तो देश की 95 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। मतदान से अलग आज देश में चुनावी प्रचार और नेताओं का नामांकन जारी है। शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से अपना पर्चा दाखिल किया। इस दौरान उनके साथ सपा के अभिषेक मिश्रा, रविदास मल्होत्रा आदि नेता मौजूद थे। पूनम सिन्हा को हाल ही में अखिलेश यादव की पत्नी डिपंल यादव ने समाजवादी पार्टी में शामिल कराया था। जिसके बाद समाजवादी पार्टी प्रदेश कार्यालय में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूनम सिन्हा को लखनऊ से महागठबंधन का प्रत्याशी घोषित किया। लखनऊ के चुनावी रण में शत्रुधन सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा का मुकाबला केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता राजनाथ सिंह से है। राजनाथ लगातार दूसरी बार लखनऊ से चुनाव लड़ रहे हैं। लखनऊ लोकसभा सीट के जातिगत समीकरण को देखें तो बड़ी आबादी मुस्लिम समुदाय की है। मुस्लिम 20 फीसदी, अनुसूचित जाति 14.5 फीसदी, ब्राह्मण 8 फीसदी, राजपूत 7 फीसदी, ओबीसी 28 फीसदी, वैश्य 10 और अन्य 12 फीसदी मतदाता हैं। इसके इलावा लखनऊ की सीट पर कायस्थ और सिंधी वोटर भी अच्छी तादाद में है। लखनऊ लखनऊ संसदीय सीट पर पांच विधानसभा सीटें हैं और मौजूदा समय में सभी पर भाजपा का कब्जा है। राजनाथ सिंह ने 2014 में लखनऊ सीट से कुल 55.7 प्रतिशत मत हासिल किए थे। जबकि कांग्रेस की तरफ से उतरीं रीता बहुगुणा जोशी को 27 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे। सपा और बसपा प्रत्याशी को महज 6% के लगभग वोट मिले थे। कांग्रेस ने आचार्य प्रमोद कृष्णम को उतारकर लखनऊ की राजनीतिक लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है। टीवी डिबेट में अक्सर कांग्रेस का समर्थन करते दिखने वाले आचार्य प्रमोद कृष्णन 2014 में संभल सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतरे थे। लेकिन उन्हें शिकस्त झेलनी पड़ी थी। प्रमोद कृष्णम की मुसलमानों के बीच काफी अच्छी छवि है और वो खुद ब्राह्मण है इसलिए कांग्रेस इस सीट पर ब्राह्मण-मुस्लिम समीकरण बनाकर भगवा के मजबूत दुर्ग को भेदने की कवायद में लगी है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी इस सीट पर आज तक अपना खाता नहीं खोल पाए। आजादी के बाद लखनऊ पर कुल 16 बार लोकसभा चुनाव हुए इनमें भाजपा ने 7 और कांग्रेस ने 6 बार जीत हासिल की है। हालांकि तीनों ही प्रमुख राजनीतिक दल के उम्मीदवार लखनऊ के लिए बाहरी ही हैं। राजनाथ सिंह मूल रूप से चंदौली के रहने वाले हैं।