लगातार पिछड़ रहा है यूपी क्रिकेट

राघवेन्द्र प्रताप सिंह

एक वक्त था जब यूपी के क्रिकेटर टीम इंडिया में अपना जलवा दिखाते थे लेकिन अब ऐसा नहीं है भारतीय टीम में इक्का-दुक्का खिलाड़ी शामिल हो पा रहे हैं। आलम तो यह है कि अब यूपी के क्रिकेटरों को आईपीएल में भी जगह नहीं मिल पा रही है। आईपीएल की नीलामी में यूपी के क्रिकेटरों को खरीदार तक नहीं मिल पा रहे हैं। दरअसल हाल के वर्षों में यूपी क्रिकेट टीम का उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं रहा। इतना ही नहीं, कई बड़े खिलाड़ियों का पलायन भी अब यूपी रणजी टीम के प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है। मोहम्मद कैफ, रैना, आर.पी. सिंह, और प्रवीण कुमार जैसे अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटरों की बदौलत सूबे का खूब मान बढ़ा लेकिन इसमें केवल रैना और भुवी मौजूदा टीम इंडिया का हिस्सा हैं। यूपी की टीम लगातार घरेलू क्रिकेट में हार रही है। टीम में अब पहले जैसी बात नहीं देखी जा सकती है। कोच और कप्तानों में भी झगड़े की खबर आती रहती है। इतना ही नहीं रैना जैसे कप्तान भी प्रदेश की रणजी टीम को आगे बढ़ाने में कामयाब नहीं रहे हैं।
हाल के दिनों में कई बड़े क्रिकेटरों का यूपी से किनारा करने की भी टीम को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। मौजूदा रणजी सीजन से लेकर मुश्ताक अली ट्रॉफी में यूपी का प्रदर्शन सवालों के घेरे में है। खबरों की माने तो क्रिकेटरों में एकता की भी भारी कमी देखी जा सकती है। अभी हाल में यूपी के नये कोच मनोज प्रभाकर और खिलाड़ियों के बीच झगड़े की खबर से यूपी क्रिकेट में हलचल मच गई है। खबरों की माने तो कोच और खिलाड़ियों में दरार इतनी बड़ी थी कि प्रभाकर को कोच पद से जाना पड़ा। रैना और प्रवीण से प्रभाकर के रिश्ते ठीक नहीं चल रहे थे। खैर यह बात कोई नई नहीं है अक्सर टीम के स्टार खिलाड़ी के कोच से भिड़ने की खबर आती रहती है लेकिन ऐसी घटनाओं ये सूबे का क्रिकेट एकदम नीचे जा रहा है। लगातार चौथे सीजन में यूपी की टीम फिसड्डी साबित हुई।
ऐसा नहीं है कि यूपी में प्रतिभा की कमी है। करीब एक दर्जन खिलाड़ी भारतीय टीम का हिस्सा बन चुके हैं लेकिन कैफ और रैना ने यूपी क्रिकेट का खूब मान बढ़ाया। अगर देखा जाये तो कैफ के आने के बाद यूपी के कई और क्रिकेटरों में टीम इंडिया में जगह मिलती रही है। उनमें रैना, भुवी, प्रवीण कुमार और आरपी सिंह जैसे क्रिकेटर शामिल है। सुदीप त्यागी और पीयूष चावला को भी टीम इंडिया से खेलने का मौका मिला लेकिन यह कोर्ई खास छाप छोड़ने में कामयाब नहीं रहे। मौजूदा टीम इंडिया में रैना टी-20 में अपना दम-खम दिखा रहे है जबकि भुवी यानी भुवनेश्वर कुमार टीम इंडिया की गेंदबाजी की अहम कड़ी माने जाते हैं। वह लगातार भारतीय क्रिकेट को अपने प्रदर्शन से बुलन्दियों पर पहुंचा रहे हैं। अभी हाल में ही कुलदीप यादव को टेस्ट टीम में जगह दी गई। दूसरी ओर रैना का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा जिसके बाद उन्हें वन डे क्रिकेट से अपनी जगह गवानी पड़ी। हालांकि टी-20 के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में एक माने जाते हैं। इससे पूर्व कैफ ने यूपी क्रिकेट का खूब मान बढ़ाया। कैफ नेटवेस्ट फाइनल में अपने बल्ले के जौहर से स्टार बन गये लेकिन बाद में वह इस प्रदर्शन को आगे जारी नहीं रख सके। बतौर फिल्डिंग के मामले में उनका जोड़ नहीं था लेकिन खराब फॉर्म के चलते उनका क्रिकेटर करियर आगे नहीं बढ़ सका। इस बीच उन्होंने अपनी कप्तानी में यूपी क्रिकेट को खूब आगे बढ़ाया। यूपी को रणजी में एकलौता खिताब भी उनकी कप्तानी में मिला। साल 2005-06 के यूपी रणजी सत्र में विजेता बनी थी लेकिन इसके बाद यूपी के कई खिलाड़ी पलायन करने लगे।
मोहम्मद कैफ और आरपी सिंह के यूपी छोड़ने के बाद यह टीम कमजोर पड़ने लगी जबकि रैना के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में व्यस्त होने से टीम प्रदेश की टीम का प्रदर्शन प्रभावित होता गया। रैना और आरपी सिंह लखनऊ के स्पोट्र्स कॉलेज की देन है लेकिन मौजूदा समय में अब रैना और आरपी सिंह जैसे क्रिकेट स्पोट्र्स कॉलेज से नहीं निकलते हैं। दरअसल स्पोट्र्स कॉलेज में अब क्रिकेट नहीं बल्कि दूसरा दंगल देखने को मिलता है। जिस जगह से क्रिकेट का दम भरा जाता था वहां के छात्र आपस में भिड़ जाते हैं। हाल के दिनों में स्पोट्र्स कॉलेज में मारपीट की घटना ज्यादा बढ़ी है। यहां पर क्रिकेटरों को ट्रेनिंग देने की अच्छी सुविधायें प्रदान की जाती हैं। जिसकी वजह से क्रिकेट में दाखिला लेने की होड़ देखी जा सकती है जो सिफारिशों के कारण असली टैलेंट को अवसर न दे पाने का कारण बनता है।
वैसे जूनियर खिलाड़ियों में इसके बाद मोहम्मद सैफ का नाम सामने आया था जिसने जूनियर क्रिकेट के रूप में अपनी अच्छी पहचान बनायी। हालांकि यह बात भी सत्य है कि यूपी के आलावा कई और खिलाड़ी दूसरे राज्य से अपना भाग्य अजमा रहे हैं। शमी से लेकर उमेश यादव भले ही सूबे के हों लेकिन वह दूसरे राज्य से क्रिकेट खेलते हैं। अभी हाल में आईपीएल की नीलामी के दौरान यूपी के क्रिकेटरों को तव्वजो तक नहीं दी गई। एकलव्य और अक्षदीप नाथ को जगह तो मिल गई लेकिन अन्य कई बड़े खिलाड़ियों को निराशा देखने को मिली। आरपी और उमंग शर्मा जैसे क्रिकेटरों को कोई खरीदादार तक नहीं मिला जबकि मोहम्मद कैफ आईपीएल में इस बार नये रोल यानी गुजरात के लिए सहायक कोच की भूमिका में नजर आयेंगे। पर जो भी हो यूपी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उसे समय पर गढ़ने और तराशने की जरूरत है। अगर उत्तर प्रदेश क्रिकेट संघ ने वक्त रहते कोई कड़ा कदम नहीं उठाया तो यूपी का क्रिकेट गर्त में भी जा सकता है।